Category: uttar-pradesh

  • बेरोजगारी इतनी है कि 3700 पीएचडी धारक चपरासी बनने की कतार में

    [object Promise]

    लखनऊ । देश में बेरोजगारी इतनी है कि लोगों में कोई भी सरकारी नौकरी पाने की चाह किस कदर बढ़ रही है इस बात का अंदाजा इस बात से लागाया जा सकता है कि पुलिस विभाग में चपरासी/संदेशवाहक के 62 पदों पर नियुक्ति के लिए करीब 50 हजार ग्रैजुएट, 28 हजार पोस्ट ग्रैजुएट्स ने आवेदन किया है। इतना ही नहीं चपरासी बनने की कतार में 3700 पीएचडी (डॉक्टरेट) धारक भी हैं। जबकि इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता सिर्फ पांचवी पास रखी गई थी। मगर जिन लोगों ने आवेदन किया, उसे देख सिलेक्शन बोर्ड के लोग भी हैरान हैं।

    गौरतलब है कि 62 पद पिछले करीब 12 सालों से खाली हैं. इसमें चयनित उम्मीदवार का काम डाकिये के जैसे पुलिस टेलिकॉम डिपार्टमेंट से पत्र और डॉक्यूमेंट एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस पहुंचाना होगा.
    एडीजी (टेलिकॉम) पीके तिवारी ने बताया कि यह अच्छा है कि इन पदों पर ओवर एजुकेटेड लोगों ने आवेदन किया है. कम से कम हम उन्हें किसी अन्य टेक्निकल काम पर लगा सकेंगे.हालांकि इतनी बड़ी संख्या में ओवर एजुकेटेड लोगों के आवेदन करने के बाद हमें मजबूरन सेलक्शन टेस्ट करवाना पड़ेगा.

    सीनियर अधिकारियों ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में आवेदन का बड़ा कारण है मार्केट में जॉब का ना होना. यह पद फुल टाइम सरकारी नौकरी का है और शुरुआती सैलरी भी 20 हजार के आसपास है, शायद यही वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है.

    एक अधिकारी ने बताया, अब तक चयन के लिए हम आवेदकों से एक स्वघोषणा करवाते थे कि उन्हें साइकिल चलाना आता है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में ओवर एजुकेटेड लोगों के आवेदन करने के बाद हमें मजबूरन सिलेक्शन टेस्ट करवाना पड़ेगा। सीनियर अधिकारियों ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में आवेदन का बड़ा कारण है मार्केट में जॉब का ना होना।

    यह पद फुल टाइम सरकारी नौकरी का है और शुरुआती सैलरी भी 20 हजार के आसपास है, शायद यही वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है। हालांकि एडीजी (टेलिकॉम) पीके तिवारी का कहना है कि, श्यह अच्छा है कि इतनी बड़ी संख्या में बड़ी डिग्री धारकों ने आवेदन किया है। हम उन्हें अन्य कामों में भी लगा सकेंगे। टेक्निकल कैंडिडेट्स को जल्दी प्रमोशन भी मिलेंगे और वह हमारे विभाग के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।श् उन्होंने बताया कि इस बार से टेस्ट का पैटर्न बदला जा रहा है। टेस्ट में जनरल नॉलेज, बेसिक मैथ्स और रीजनिंग के सवाल होंगे।

  • असहाय लोगो की मदद करना  एक पुनीत कार्य-डीएम

    [object Promise]
    ब्यूरोचीफ – कामेश्वर पाण्डेय
    रिपोर्टर- मन्नान अहमद
    कुछ दिन पूर्व  मिश्रौलिया गांव में मार्ग दुर्घटना में घायल हुए रवि कुमार निवासी ग्राम मीठा बेल थाना झंगहा जनपद गोरखपुर के ईलाज के लिए  20 हजार रुपये का चेक दिया गया।
    यह धनराशि भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की ओर से जिलाधिकारी अमित किशोर द्वारा आज घायल की पत्नी  पूजा देवी को प्रदान किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में असहाय लोगो की सहायता करना सबसे बड़ा पुनीत कार्य है।असहाय लोगो की सहायता करके जो ख़ुशी मिलती है वह ख़ुशी सबसे बड़ी होती है।
    इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाईटी के शासकीय सचिव/अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0डी0वी0शाही, लिपिक कौशल कुमार,बाल जी भारती आदि उपस्थित रहें।

  • इलाहाबाद में कुंभ से पहले दस रुपये में योगी की थाली की पेशकश

    [object Promise]

    इलाहाबाद । कुंभ से पहले संगमनगरी इलाहाबाद में दस रुपए में योगी आदित्यनाथ थाली पेश की गई है। इलाहाबाद की मेयर तथा कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कल दस रुपए की इस थाली का कूपन वितरित किया। गरीबों की थाली मुफ्त में दी जाएगी।

    इलाहाबाद में इस योगी थाली की शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रशंसक बाबा ढाबा चलाने वाले दिलीप अरोड़ा उर्फ काके भाई ने की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों से ही प्रभावित होकर उन्होंने गरीबों की सेवा के लिए योगी थाली शुरू की है।

    प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए अन्नपूर्णा योजना चलाने की घोषणा की थी। सरकार बनने के डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद राजधानी को छोड़कर कहीं परवान नहीं चढ़ सकी। ऐसे में संगम नगरी इलाहाबाद में सीएम योगी के एक प्रशंसक ने गरीबों के लिए योगी थाली की शुरुआत की है।

    एक सितम्बर को योगी थाली का उद्घाटन इलाहाबाद की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने किया। उन्होंने गरीबों को 10 रुपये में भरपेट भोजन कराने के लिए योगी थाली शुरु करने की पहल का स्वागत किया है। हर महीने की पहली तारीख को लोगों को दस रुपये में भरपेट भोजन कराने के लिए योगी थाली की शुरुआत हुई है। गरीबों, दिव्यांगों और साधु-संतों को नि:शुल्क भोजन कराया जायेगा।

    अखिल भारतीय खत्री युवा महासभा के सहयोग से शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रशंसक बाबा ढाबा चलाने वाले दिलीप अरोड़ा उर्फ काके भाई ने की है। उन्होंने दस रुपये की थाली के लिए टोकन भी छपवाया है। जिसमें स्लोगन दिया है कि आप सोच बदलिये, समाज बदलेगा। योगी थाली की शुरु करने को लेकर लोगों की भी सराहना मिल रही है।

    मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि खत्री समाज की तरफ से यह काम अच्छी सोच के साथ किया जा रहा है। इन्होंने भूखे गरीब शहरवासियों के लिए काम किया है, हम उनकी सोच को सलाम करते हैं। दिलीप अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वह काफी प्रभावित हैं। जिस तरह से वह प्रदेश में कार्य कर रहे हैं, पूरी जनता उनसे खुश है। इस थाली का नाम इसीलिए हमने योगी थाली रखा है। इसमें 10 रुपए में भरपेट भोजन मिलेगा। वहीं गरीब, विकलांग आदि को हम नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराएंगे। थाली में रोटी, दाल, चावल, सब्जी दी जाएगी। उन्होंने कहाकि हम बिना किसी सहायता के अभियान शुरू कर रहे हैं। अभी हर महीने की पहली तारीख को व्यवस्था रहेगी।

  • वृंदावन में विकासोत्सव का आयोजन, CM योगी देंगे 402 करोड़ की सौगात

    [object Promise]
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मथुरा जिले को 402 करोड़ की सौगात देने आ रहे हैं। इसमें 294 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और 108 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। इसके लिए वृंदावन में विकासोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

    यहां मुख्यमंत्री योगी केंद्र सरकार द्वारा 56 करोड़ की लागत से बनाए गए कृष्ण कुटीर महिला सदन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी, प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और राज्यमंत्री स्वाति सिंह भी मौजूद रहेंगी।

    इसके बाद मुख्यमंत्री अश्रयपात्र में आयोजित ब्रज विकासोत्सव प्रतिभाग करेंगे। यहां 346 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियों पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

    लोकार्पण  

    10.89 करोड़ की ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की योजनाएं।

    41.50 करोड़ की राजकीय निर्माण निगम की योजनाएं।

    शिलान्यास    
    94.87 करोड़ की ब्रज तीर्थ विकास परिषद की योजनाएं।
    35.9 करोड़ की नगर निगम की योजनाएं।
    180 करोड़ की जल निगम की योजनाएं।
    14.53 करोड़ की जल निगम निर्माण शाखा की योजनाएं।
    1.35 करोड़ की यूपी स्टेट कंसट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन की योजनाएं।

    मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम    

    लखनऊ से प्रस्थान                            –          सुबह 11: 30 बजे

    वृंदावन आगमन हैलीपैड कृष्णाकुटी      –          दोपहर 12:50 बजे

    कृष्णा कुटीर कार्यक्रम स्थल                –          दोपहर 1:00 बजे

    कृष्णा कुटीर से प्रस्थान हैलीपैड को       –          दोपहर 1:55 बजे

    कृष्णा कुटीर हैलीपैड पर आगमन         –          दोपहर 2:00 बजे

    अश्रय पात्र हैलीपैड आगमन                 –          दोपहर 2:10 बजे

    अश्रय पात्र परिसर में आरक्षित समय     –          दोपहर 2:15 बजे से 3:05 बजे तक

    अश्रय पात्र में कार्यक्रम स्थल आगमन   –           दोपहर 3:10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी लीला सांस्कृतिक कार्यक्रम  – दोपहर 3:20 बजे से 5:10 बजे तक

  • जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हुई दो महिलाओं की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

    [object Promise]
    ब्यूरो चीफ कामेश्वर पाण्डेय
    रिपोर्टर- मन्नान अहमद
    देवरिया । जिला अस्पताल में इलाज के दौरान आज सुबह दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझ-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान करीब दो घंटे तक अस्पताल में इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही। मिली जानकारी के अनुसार खामपार थाना क्षेत्र के नारायणपुर तिवारी गांव की रहने वाली मैना देवी(80) पत्नी रामशरण यादव की तबीयत पिछले दिनों खराब हो गई थी। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तीन दिनों से जिला अस्पताल के महिला वार्ड के बेड नम्बर 3 पर भर्ती थी।
    शुक्रवार की सुबह महिला की मौत हो गई। उधर सदर कोतवाली क्षेत्र के माधवपुर गांव के रहने वाली रमावती देवी(55) पत्नी चन्द्रबली की तबीयत शुक्रवार की सुबह खराब हो गई। परिजनों ने उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां कुछ घंटो बाद उसकी भी मौत हो गई। दोनों के परिजनों ने ऑक्सीजन के अभाव में मौत की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ये लोग स्वास्थ्यकर्मियों पर ऑक्सीजन नहीं लगाने का आरोप लगा रहे थे। हंगामे के कारण करीब दो घंटे तक इमरजेंसी सेवा बाधित रही।  मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों परिवारों को समझाबुझाकर मामला शांत कराया। सीएमएस छोटे लाल ने कहा कि दो महिलाओं के मौत के बाद लोगों ने हंगामा किया था। समझाबुझाकर मामला शांत कर दिया गया है। तब जाकर दो घंटे बाद इमरजेंसी सेवा चालू हो पायी।

  • कुशीनगर : मिश्रौली डोल मेला को लेकर चल रही बैठक में एसडीएम पडरौना के भारत-पाकिस्तान के संबोधन पर भड़के लोग

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : जिले के चर्चित मिश्रौली डोल मेला के मद्देनजर शनिवार को पडरौना कोतवाली के मिश्रौली चौकी पर डोल मेला को लेकर आयोजित रही पीस कमेटी की बैठक में शामिल हुए संभ्रांत लोगों की डोल मेला से जुड़ी समस्याओं को सुनने के बाद यहां के पडरौना एसडीएम गुलाबचंद राम ने

    समस्याओं का निदान करने का भरोसा दिलाते हुए डोल मेला को सकुशल संपन्न कराने का भरोसा दे ही रहे थे कि अचानक एसडीएम सदर ने अपने ही संबोधन के दौरान भारत पाकिस्तान से जुड़ी बातों का जिक्र कर दिया एसडीएम के इतना कहते ही इस कमेटी में बैठे लोग भड़क उठे काफी हो हल्ला मचाने के बाद बैठक में अफरा-तफरी का माहौल बन गया इतना ही नहीं डोल मेला से जुड़े आयोजकों ने एसडीएम सदर के इस तरह का शब्द का उपयोग करने को लेकर प्रशासनिक अमला से भिड़ गए कुछ देर के लिए काफी देर तक नोकझोंक भी हुई हालांकि डोल मेला से जुड़े आयोजकों ने एसडीएम को विश्राम पट्टी गांव तक पैदल निरीक्षण करवाया |

    गौरतलब हो कि किसी चर्चित मिश्रौली डोल मेला को लेकर बैठक मे पूर्व में तैनात यहां के अधिकारियों की मौजूदगी न होने के कारण लोग नाराज दिखे थे। उधर अभी दो दिन पहले ही जनसंदेश टाइम अखबार ने अपने 31- 8- 2018 के अंक में इसी डोल मेला से जुड़ी समस्याओं पर लापरवाही बरतने के मामले में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी | हालाकि इस वर्ष बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीओ पडरौना नितेश प्रताप सिंह ने सभी आयोजकों को संतुष्ट करने की कोशिश किया और बैठक मे आयी समस्याओं को डोल मेला से पूर्व निदान का भरोसा दिलाया।
    सीओ पडरौना नितेश प्रताप सिंह ने कहा कि मेले मे अश्लील गाने व लेडिस डांस प्रतिबंधित रहेगा। मेले मे शराब पीकर हुडदंग करने वाले दंडित होंगे। प्रशासन डोल मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है ,मेले मे खलल डालने वाले अराजक तत्वो के विरूद्ध कार्यवाही मे किसी तरह की कोताही नही बरती जायेगी। उन्होंने गांव गांव से आये डोल आयोजकों से अपील किया कि डोल मेला से पूर्व गांव की समस्या को यथाशीघ्र निदान की व्यवस्था की समय से हो जाएगा ।
    उधर इसी फीस कमेटी के दौरान मिश्रौली विश्राम पट्टी के पिंटू मिश्र ने डोल मेला के दिन स्वास्थ्य सेवाएं व पानी टंकी की व्यवस्था करने की मांग की है । जबकि वहां के पूर्व प्रधान अनवर हुसैन ने विजली के ढीले तार ठीक कराने व मिश्रौली गांव के मुख्य मार्ग पर लगे पानी के निकास की मांग किया । कोतवाल पडरौना बिजय राज सिंह ने डोल मेला से पूर्व संबंधित विभाग से वार्ता कर ढीले तार ठीक कराने व जलनिकास की व्यवस्था करने के लिए आश्वासन भी दिए | इस दौरान पडीपीआरओ, भाजपा नेता बिजय दीक्षित, महेंद्र दीक्षित , सुनील दीक्षित, आबताब सिदृिकी,चौकी प्रभारी मिश्रौली, प्रधान प्रतिनिधि मिश्रौली डा. समीउल्लाह, पूर्व प्रधान अनवर हुसैन, प्रधान अधार छपरा धर्मेंद्र जायसवाल, शंभू मिश्र, आफताब आदि मौजूद रहे।

  • नौकरशाही में बड़ा बदलाव, 16 आईएएस व 106 पीसीएस अधिकारियों का ट्रांसफर

    [object Promise]
    Lucknow. प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान से पहले 16 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इनमें चार मंडलों में नए कमिश्नर व दो जिलों में नए डीएम तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही 106 पीसीएस अधिकारी भी इधर से उधर किए गए हैं। इनमें सात वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी जबकि 99 डिप्टी कलेक्टर हैं। शासन ने डिप्टी कलेक्टर की सूची सार्वजनिक नहीं की है। सभी अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    शासन ने गुरुवार को गोरखपुर, बस्ती, आगरा और बरेली के मौजूदा मंडलायुक्तों क्रमश: अनिल कुमार-तृतीय, डॉ. अलका टंडन भटनागर, के. राम मोहन राव और डॉ. पीवी जगनमोहन को हटा दिया। इनमें बस्ती, आगरा और बरेली के मंडलायुक्तों को वेटिंग में डाला गया है। सिर्फ गोरखपुर के मंडलायुक्त रहे अनिल को आगरा का नया कमिश्नर बनाया गया है।

    अनिल को 25 जुलाई 2016 को सपा सरकार में गोरखपुर का मंडलायुक्त बनाया गया था। योगी सरकार बनने के बाद गोरखपुर छोड़कर सभी मंडलों के कमिश्नर बदले जा चुके हैं। लेकिन अनिल ने योगी सरकार का भरोसा हासिल किया और दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा किया।

    सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण अनिल कुमार सागर को बस्ती, सचिव नगर विकास रणवीर प्रसाद को बरेली और सचिव लोक निर्माण समीर वर्मा को गोरखपुर का नया मंडलायुक्त बनाया गया है। शासन ने 15 आईएएस और 99 डिप्टी कलेक्टर के तबादले शाम को किए जबकि एक आईएएस व 7 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को तबादले आधी रात करीब साढ़े 11 बजे किए गए।

    हीरालाल बांदा और अविनाश संभल के नए डीएम

    शासन ने बांदा के डीएम दिव्य प्रकाश गिरि और संभल के डीएम आनंद कुमार सिंह-द्वितीय को भी हटा दिया है। इन्हें शासन में तैनाती दी गई है। लघु उद्योग निगम के एमडी हीरालाल को बांदा और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह को संभल का नया डीएम बनाया गया है।

    विदेश से लौटे प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी अनुराग यादव को नगर विकास विभाग में नया सचिव बनाया गया है। दीर्घकालीन विदेश प्रशिक्षण पर चल रहे रंजन कुमार को सचिव पीडब्ल्यूडी बनाया है। रंजन को प्रशिक्षण से लौटते के बाद कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।

    देवरिया के डीएम के पद से हटाए गए सुजीत कुमार को पिछले दिनों राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक पद पर तैनाती दी गई थी। अब उन्हें सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद के पद पर तैनाती दी गई है। खास बात ये है कि अब तक बाहर से आने वाले अफसरों को काफी प्रतीक्षा के बाद तैनाती मिलती थी। लेकिन योगी सरकार ने ऐसे अफसरों को अग्रिम तैनाती देकर अच्छा संदेश दिया है।

    योगी सरकार ने चुनाव आयोग के निर्देश से पहले ही मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर अपने स्तर से कार्यवाही पूरी कर ली है। शासन ने सीधे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऐसे सभी प्रशासनिक  अफसरों के तबादले की कार्यवाही करीब पूरी कर ली है जिनके कार्यकाल तीन वर्ष या इससे अधिक के हैं। जो अधिकारी संभावित चुनाव आचार संहिता तक यह अवधि पूरी करने वाले हैं उन्हें भी वहां से हटा दिया गया है।

    दिसंबर तक जो अधिकारी रिटायर हो रहे हैं, उनके स्थान पर अतिरिक्त अधिकारी संबंधित जिलों में भेज दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि पीसीएस अधिकारियों के तबादले इस नई व्यवस्था को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आमतौर पर केंद्रीय निर्वाचन आयोग चुनाव के पहले ऐसे अफसरों को हटाने का निर्देश देता है।

    एक सितंबर को मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू होने के बाद चार जनवरी तक तबादले नहीं किए जा सकेंगे। इसके बाद आम चुनाव की आचार संहिता लागू होने की अटकलें हैं।

  • कुशीनगर : श्रीकृृृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी से शुरू होता हैै डोल मेला,दो महीने तक रहती है धूम

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली क्षेत्र में पडरौना-रामकोला मार्ग पर स्थित मिश्रौली बाजार में 17 गांवों से डोल जुलूस एक साथ पहुंचता है। इस बार यहां डोल मेला 3 सितंबर को आयोजित है। इसके ठीक अगले दिन 4 सितंबर बड़हरागंज एवं पडरौना में श्रीकृष्ण भगवान का डोल निकाला जाता है। यहां के बाद 5 एवं 6 सितंबर को कसया में डोल निकाला जाएगा। 14 एवं 15 सितंबर को खड्डा के कोहरगड्डी गांव में डोल मेला का आयोजन होगा। इस तरह विभिन्न जगहों पर डोल मेला का यह क्रम लगातार दशहरा तक चलता है। दशहरा के बाद शरद पूर्णिमा को पडरौना से पूरब दिशा में करीब 9 किमी पर बिहार बार्डर के नजदीक स्थित कठकुइयां बाजार में डोल मेला के साथ ही इसका समापन कर दिया जाएगा।
    डोल मेला के दौरान ही पहली बार कुशीनगर के 13 गांवों में लगा था कर्फ्यू
    कुशीनगर को वैसे तो शांति का प्रतीक माना जाता है। मगर यहां भी वर्ष 2004 में प्रशासनिक चूक से हालात बिगड़े और नौबत यहां तक आ पड़ी कि पडरौना और रामकोला क्षेत्र के 13 गांवों में पहली बार कर्फ्यू लगानी पड़ी थी। इन 13 गांवों में पडरौना क्षेत्र के मिश्रौली विश्राम पट्टी, सिरसिया दीक्षित, अधार छपरा, चन्दरपुर, बड़हरागंज, सुसवलिया, सउआडीह, बहादुरगंज, रामकोला क्षेत्र के पटेरा मंगलपुर, पकड़ियार, सवनहां, मेहदीगंज व सनेरामल छपरा गांव शामिल रहे।

  • कुशीनगर : पड़रौना एसडीएम सहित कई अफसर इधर से उधर,सीओ मयफोर्स के साथ पहुंचे मिश्रौली

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर। पडरौना कोतवाली के मिश्रौली विश्राम पट्टी डोल मेले को  लेकर प्रशासन द्वारा शिथिलता बरता जा रहा है। जबकि यह डोल मेला सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील माना जाता है,और प्रशासन को इसे सकुशल सम्पन्न करना चुनौती पूर्ण होता है। लेकिन अबतक मेला स्थल का साफ-सफाई नहीं हो सका है वही जिस रास्ते डोल आते हैं जाते है उस रास्ते पर बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं और और गन्दगी से पटा हुआ है। इस को लेकर प्रकाशित खबर शीर्षक प्रशासनिक चूक से हुआ था मिश्रौली में बवाल, फिर हो रही लापरवाही को संज्ञान में लेते हुये जिलाधिकारी ने SDM पडरौना, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के लापरवाही बरतने के आरोप में पडरौना से हटा दिया है। वहीं क्षेत्राधिकारी नितीश प्रताप सिंह कोतवाल विजय राज सिंह पहुंच जायजा लिया।
    उप जिलाधिकारी रहे अजय नारायण सिंह को अपर उप जिलाधिकारी चकबंदी बंदोबस्त बनाया गया है, तो तहसीलदार मनोज तिवारी व नायब तहसीलदार को यहां से दूसरे जगह भेज दिया गया है। बताया जाता है कि यह कार्यवाही जिला प्रशासन विश्राम पट्टी मिश्रौली व  डोल मेला को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में उठाया है। ज्ञातव्य हो कि मिश्रौली विश्राम पट्टी डोल मेले को लेकर  2004 में दो समुदायों के लोग रास्ते के विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद वहां बवाल की स्थिति उत्पन्न हो गई और दर्जनभर गांव में कर्फ्यू लगा प्रशासन ने हालात पर काबू पाया था।
    जिसे लेकर  प्रशासन मुस्तैद रहता है लेकिन इस बार डोल मेले को लेकर अभी तक मेला स्थल पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है वही जिन गांवों से डोल निकलता है उस रास्ते विजली के तार जो लटके हुये है उन्हे ठीक नहीं किया गया है साथ ही समस्याओं का निराकरण भी नही हुआ है।प्रशासन ने कड़े तेवर अपनाते हुए हाटा से गुलाब चन्द्र राम को पडरौना का एसडीएम  वहीँ संजय राय को कप्तागंज से पडरौना तहसीलदार, रामनाथ को कसया से पडरौना नायब तहसीलदार, पडरौना के अमीत शेषर को खड्डा का नायब तहसीलदार कार्य भार सौंपा  है।

  • देवरिया सेल्टर होम से कुशीनगर के बृद्धाश्रम में लाई गई महिला घायल हालात में मिली

    [object Promise]
    पडरौना,कुशीनगर : लापरवाही का जीता जागता प्रमाण आज कुशीनगर में देखने को मिला है. देवरिया सेल्टर होम से जिले के कसया बृद्धाश्रम लायी गयी एक महिला काफी गंभीर रुप से घायल हालत में जिला मुख्यालय से पाँच किमी. दूर पकड़ी गाँव मे मिली है. घायल महिला को गाँव के ही एक सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर पाण्डेय की सूचना पर जिला अस्पताल लाया गया है. छानबीन का विषय है कि क्या महिला बृद्धाश्रम की ही है ? और किस प्रकार वो लावारिस हालत में इस गाँव तक कैसे पहुँची ।

    फिलहाल जिला प्रशासन इस महिला को लेकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है वही सूत्रों की माने तो वृद्धाश्रम से निकली अर्धविक्षीप्त दो महिलाओं का कुशलक्षेम लेने राजेश्वर सिंह सम्भाग प्रभारी गोरखपुर बस्ती हिन्दू युवा वाहिनी जिला अस्पताल पहुंचें साथ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिचरण सिंह, अपर चिकित्सा अधिकारी एवं जिला अस्पताल के डाक्टर राजेश सिंह,नीरज सिंह बिट्टू,कृष्णा तिवारी,धन्नजय राव, अंशु त्रिपाठी, विपीन सिंह,रतन श्रीवास्तव आदी उपस्थित रहे ।