Category: uttar-pradesh

  • ‘अगर करोगे खुले में शौच, तो जल्द दी जाएगी मौत’, इस जिले में लगवा दिये बैनर और होर्डिंग, पढ़े पूरी स्टोरी !!

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    मेरठ/बागपत । सरकार ने गांवों में घर-घर शौचालय बनवाने और खुले में शौच से मुक्त कराने का अभियान जोरों चला रखा है। शायद इसी उत्साह में बागपत नगर पालिका ने शहर में ऐसे होर्डिंग लगवा दिए जिन पर बवाल शुरू हो गया। होर्डिंग में लिखा था, ‘अगर करोगे खुले में शौच, तो जल्द दी जाएगी मौत’।

    पूरे शहर में ऐसे ही होर्डिंग लगा दिए गए। मगर जब इन पर बवाल शुरू हुआ तो नगर पालिका प्रशासन बैकफुट पर आ गया। प्रशासन ने दावा किया कि यह डिजाइनर की ओर से की गई गलती है। हालांकि मंगलवार शाम तक सारे बैनर उतार लिए गए थे।

    बागपत नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ललित आर्या ने कहा, पूरे शहर में करीब 45 बैनर और होर्डिंग लगवाए गए थे। उनमें से एक में यह विवादित लाइन लिखी थी। यह एक डिजाइनर की गलती की वजह से हुआ था। हमने उसके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।श्

    हालांकि लोगों में इसको लेकर काफी गुस्सा है। एक दुकानदार रियाजुद्दीन अहमद ने कहा,   हम सच में एक लोकतांत्रिक देश में रह रहे हैं? यह पूरी तरह तानाशाही है। कोई भी किसी को ऐसी धमकी नहीं दे सकता और यहां तो खुद नगर पालिका यह कर रही है और अधिकारी कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक भूल है।

    उधर एक स्थानीय बीजेपी नेता संजय प्रजापति ने कहा, यह मोदी सरकार के खिलाफ एक प्रायोजित कैंपेन है। बैनर के साथ छेड़छाड़ की गई है। इस वक्त बागपत नगर पालिका को गैर बीजेपी पार्षद चला रहे हैं, इसी वजह से ऐसी लापरवाही सामने आई है।

  • यूपी में पांच हजार से ज्यादा फर्जी शिक्षकों की नौकरियां खतरे में !

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    लखनऊ । बेसिक शिक्षा विभाग में पांच हजार से ज्यादा शिक्षकों की नौकरियां खतरे में हैं। आशंका जताई जा रही है कि यूपी में बड़े पैमाने पर शिक्षक फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्षों से नौकरी कर रहे हैं। एसटीएफ के पास लगातार फर्जी दस्तावेजों और दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहे शिक्षकों की सूचनाएं आ रही हैं। इसके साथ ही जिला स्तर पर बनी समितियां भी फर्जी शिक्षकों को चिह्नित करने का काम कर रही हैं।

    मथुरा, सीतापुर और अम्बेडकरनगर में एसटीएफ की कार्रवाई के बाद फर्जी शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। पकड़े जाने के डर से फर्जी शिक्षक इस्तीफा दे रहे हैं या फिर अपने पैन नंबर बदलवा रहे हैं

    । एसटीएफ ने बेसिक शिक्षा विभाग से ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है जिन्होंने बीते दिनों में प्रार्थना पत्र देकर अपने पैन नंबर बदलवाए हैं और प्रमाण पत्रों की द्वितीय प्रति दी है।

    दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहे सगे भाई
    सीतापुर और अम्बेडकरनगर में दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहे सगे भाइयों शत्रुघन और रामानन्द का फर्जीवाड़ा उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे पैन नंबर के चलते ही सामने आया है। दरअसल, इन दोनों ने नौकरी के लिए जिनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था उनका ही पैन नंबर इनके सैलरी अकाउंट में भी इस्तेमाल हो रहा था। जब असली दस्तावेज वाले अपना रिटर्न भरने गए तो उन्हें पता चला कि उनकी आय दोगुनी दर्ज है। जब पता किया तो खुलासा हुआ कि सीतापुर और अम्बेडकरनगर में उनके नाम से ही दो लोग नौकरी कर रहे हैं। इसके बाद यह मामला एसटीएफ के पास पहुंचा और फिर दोनों फर्जी शिक्षक पकड़े गए।

    एक माह में भी सूची तैयार नहीं कर पाईं जिले की कमिटी
    विधानसभा समिति के निर्देश पर फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए हर जिले में एडीएम, एएसपी और शिक्षा विभाग के मंडलीय स्तर के अधिकारी की जांच समितियां बनाई गई हैं। इन्हें एक माह के अंदर फर्जी शिक्षकों को चिह्नित कर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन ये अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई हैं।

    हर जिले में 50 से ज्यादा फर्जी शिक्षक
    शिक्षकों के फर्जीवाड़े की पड़ताल कर रही एसटीएफ को अनुमान है कि हर जिले में औसतन 50 से ज्यादा फर्जी शिक्षक हैं। अकेले मथुरा में ही 150 संदिग्ध शिक्षकों की सूची एसटीएफ के हाथ लगी थी। कौशांबी में भी 23 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। उधर, सीबीआई ने भी कासगंज व गाजियाबाद में चल रहे दो फर्जी बोर्ड के मामले में एफआईआर दर्ज की हैं। उसमें भी आशंका जताई गई है कि फर्जी बोर्ड के प्रमाण पत्र लगाकर बड़े पैमाने पर यूपी व एमपी में शिक्षक की नौकरी पाई गई हैं।

    फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र की भी जांच
    सूत्रों के मुताबिक शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाई गई है। खासतौर से बहरेपन का प्रमाण पत्र लगाकर। एसटीएफ की टीम गुपचुप तरीके से इसकी भी पड़ताल कर रही है। ये आंकड़ा जुटाया जा रहा है कि ऐसे कितने लोग हैं जिन्होंने बहरेपन का विकलांगता प्रमाण पत्र लगाया है।

  • कुशीनगर : पिता ने अपने ही लड़के के कारनामों से आजिज आकर तोड़ा नाता

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर। पडरौना कोतवाली के ग्राम देवरिया पांडे निवासी एक व्यक्ति ने अपने पुत्र की करतूतों से परेशान होकर उससे पिता पुत्र का सम्बन्ध समाप्त कर लिया है। उसे अपनी चल अचल संपत्ति से बेदखल करते हुए पुत्र का संबंध भी तोड़ दिया है।इस संबंध में पीड़ित पिता ने शपथ पत्र के साथ एसडीएम सहित आला अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र भेज दिया है।
    मिली जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी रोहिताश्व पुत्र हरिहर यादव ने एसडीएम पडरौना से लेकर अन्य आला अधिकारियों को भेजें शपथ प्रार्थना पत्र में जिक्र किया है कि उनका पुत्र आदर्श यादव जो मनबढ़ किश्म का निकल गया है, उसे बार-बार समझाने के बावजूद वह अपने मनमानी करने से बाज नहीं आ रहा है। असामाजिक कुकृत्य करने पर तुला रहता है । जिससे परेशान होकर उसे अपनी चल अचल संपत्ति उत्तराधिकारी से सदा के लिए वंचित कर दिया है ।

    वह किसी प्रकार का अपराधिक असामाजिक कुकृत्य करता है तो उसका जिम्मेदार वह स्वयं होगा। पिता ने यह कदम अपने पुत्र के द्वारा किए जा रहे समाजिक कृत्य से परेशान होकर किया गया है।परिजनों द्वारा समझाने के वावजूद अपने मनमानी पर तूला रहता हैं।शपथपत्र में यह भी जिक्र किया है कि उससें कभी भविष्य में भी कोई वास्ता सरोकार नहीं रहेगा।

  • BSP सुप्रीमो को मिली बड़ी राहत, HC ने खारिज की CBI जांच की मांग

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    इलाहाबाद। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गौतमबुद्धनगर के बादलपुर गांव में एक जमीन को अधिग्रहण से मुक्त कराने के मामले में अदालत ने सोमवार को मायावती के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया।

    बीएसपी सुप्रीमो के खिलाफ जनहित याचिका में गौतमबुद्धनगर (नोएडा) जिले के बादलपुर गांव की जमीन को अधिग्रहण मुक्त कराकर बेचने का आरोप था। इस जनहित याचिका में जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई थी। संदीप भाटी नाम के शख्स ने इस सिलसिले में जनहित याचिका दाखिल की थी। चीफ जस्टिस डी बी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की दो सदस्यों की बेंच ने मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच की मांग को नकारते हुए याचिका खारिज कर दी।

    क्या है पूरा मामला
    आरोप है कि पूर्व सीएम मायावती के गांव इबादुलपुर उर्फ बादलपुर दादरी (गौतमबुद्धनगर) के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से 47,433 वर्ग मीटर कृषि भूमि गलत तरीके से आबादी वाली घोषित की गई थी। इस मामले में जनहित याचिका दाखिल होने के बाद 15 फरवरी 2017 को मायावती, उनके भाई आनंद कुमार व कई अन्य को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा गया था। जनहित याचिका में उन अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया था, जिन्होंने कथित रूप से नियमों को दरकिनार कर मायावती और उनके परिवार के लोगों के पक्ष में खेती की जमीन को आबादी की जमीन के रूप में दिखाते हुए आदेश पारित किया।

    गौतमबुद्धनगर के संदीप भाटी की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी पक्षकारों को अपना पक्ष रखने को कहा था। याचिका में गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन एसडीएम के 30 मई 2006 को पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। अपील में कहा गया था कि एसडीएम ने अधिकारियों के दबाव में गलत तरीके से मायावती और उनके परिवार के लोगों के पक्ष में 47,433 वर्गमीटर कृषि भूमि को आबादी भूमि घोषित किया था। इस आदेश को गलत बताते हुए हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की गई थी।

  • सपा में फिर घमासान, शिवपाल ने बनाई नई पार्टी ‘समाजवादी सेक्युलर मोर्चा’

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    लखनऊ । सपा में लंबे समय से अनदेखी झेल रहे पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बना दिया है। शिवपाल ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ने का काम करेंगे। शिवपाल सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव भी समाजवादी सेक्युलर मोर्चे से जुड़ेंगे।

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    shivpal-yadav-mulayam-yadav

    शिवपाल ने कहा कि वह नेताजी को सम्मान न दिए जाने से आहत हैं और सेक्युलर मोर्चे के सहारे छोटे दलों को जोड़ेंगे। बता दें कि हाल ही में रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने के बाद शिवपाल ने कहा था, इंतजार करते डेढ़ साल हो चुके हैं, आखिर कितनी उपेक्षा बर्दाश्त की जाए। सहने की कोई सीमा होती है।

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    SamajwadiParty

    गौरतलब है कि मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी शिवपाल सिंह से मुलाकात की थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि राजभर भी इस मोर्चे में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक नई पार्टी बनाने के बाद शिवपाल यादव मुलायम सिंह यादव से मिलने उनके आवास पर जा सकते हैं।

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    Shivpal-Yadav-Akhilesh-Yadav- file Photo

    दरअसल शिवपाल यादव को उनके बड़े भाई मुलायम सिंह यादव ने पिछले साल ही भरोसा दिलाया था कि एसपी में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। पिछले साल जब एसपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई तो भी यह तय माना जा रहा था कि उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया जाएगा। हालांकि, उनके दूसरे बड़े भाई प्रफेसर रामगोपाल यादव को प्रधान महासचिव तो बना दिया गया, पर उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। इससे वह पहले निराश थे।

  • कुशीनगर : हियुवा कार्यकर्ताओं ने निकाली 20 किमी लंबी तिरंगा यात्रा

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को 20 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में शामिल सैकड़ों बाइक सवार युवा वंदे मातरम का नारा लगाते हुए चल रहे थे। जगह-जगह लोगों ने यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत करते हुए जलपान कराया। विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए कुबेरनाथ शिव मंदिर पहुंचे तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों ने रुद्राभिषेक कर देश की खुशहाली की कामना की।
    तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हियुवा के गोरखपुर संभाग प्रभारी राजेश्वर सिंह ने हरका चौराहे से किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य इसके लिए कुर्बानी देने वाले वीर शहीदों को याद करना है। तुर्कपट्टी चौराहे पर हियुवा के जिला संयोजक चन्द्रप्रकाश यादव चमन ने कहा कि तमाम कुर्बानियों के बाद हासिल यह तिरंगा देश के माथे का तिलक है। यह हमारी एकता और अखंडता को दर्शाता है। पांच किलोमीटर पैदल तथा 15 किलोमीटर बाइक रैली में हियुवा के जिलामंत्री फूलबदन कुशवाहा, महामंत्री नीरज सिंह बिट्टू , रतन श्रीवास्तव, दीपक मिश्र, विपीन सिंह, उदय खरवार, गोलू सिंह,कृष्णा तिवारी, बाबा अभिराम सहित हिन्दू युवा वाहिनी के नगर, ब्लाक एवं तहसील के वरिष्ठ पधिकारियों के अलावे नन्दकिशोर कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में हियुवा कार्यकर्ता शामिल रहे।

  • SP से पंखुड़ी पाठक ने इसलिए दे दिया इस्तीफा !

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    लखनऊ। समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता, पैनलिस्ट और युवा चेहरा पंखुड़ी पाठक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। खुद पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी है। इस्तीफा देने के साथ ही हैं। एसपी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए पंखुड़ी ने कहा है कि पार्टी के भीतर जिस तरह की राजनीति चल रही है ।

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    पंखुड़ी पाठक (फाइल फोटो)

    उससे उनका दम घुट रहा है और वह ऐसे माहौल में अपने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं कर सकतीं। उधर, सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि पार्टी की तरफ से सोमवार को टीवी चैनलों पर डिबेट के लिए पैनलिस्टों की जारी सूची में नाम नहीं होने से नाराज होकर पंखुड़ी ने यह कदम उठाया है।

    पार्टी नेता मंत्री बनने के लिये उच्च शिक्षा नही, बल्कि अनैतिक रास्तो , अपराधिक कार्यो और भ्रष्टाचार के माध्यम से की गयी कमाई ही काम आती है।

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    पंखुड़ी पाठक (फाइल फोटो)

    समाजवादी पार्टी में युवा चेहरा और अध्यक्ष अखिलेश यादव की करीबी नेताओं में शुमार पंखुड़ी पाठक के अचानक इस्तीफे ने सियासी गलियारों में सभी को चैंका दिया है। एक के बाद एक ट्वीट के जरिए पंखुड़ी ने एसपी नेतृत्व पर जमकर निशाना भी साधा है।

  • पडरौना के श्रीकृष्ण डोल मेला में अश्लील गीतों पर नहीं नृत्य करेंगी नर्तकियां : नितेश प्रताप सिंह

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : पडरौना शहर में आगामी 4 सितंबर को श्री कृष्ण डोल मेला त्योहारों को लेकर नगर के कस्बा चौकी पर आयोजित पीस कमेटी के बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह ने कहा कि कृष्ण डोल मेला सभी अखाड़ा के आयोजक के लोगों को आपसी मेल जोल के साथ मनाएं । त्योहारों में खलल डालने वाले अवांछित तत्वों के खिलाफ प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा ।

    सीओ सदर श्री सिंह ने कहा कि किसी भी धर्म का त्यौहार आपस में प्रेम का संदेश देता है । इसलिए किसी की भावनाओं को ठेस न पहुचाएं । त्यौहारों के मद्देनजर साफ- सफाई , बिजली की व्यवस्था , पानी , प्रकाश पर भी उनके द्वारा

    विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया ।उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के मद्देनजर डोल मेला के दिन डीजे के धोनी पर नियंत्रण रखते हुए किसी अन्य दूसरे धर्म के लोगों को भावनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें ढोल मेले के दिन शहर के रोड के किनारे कटने वाले मीट मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाई जाएगी वे उस दिन में खुले में नहीं काटेंगे इस पर पहले ही पाबंदी लगा दी जाएगी । उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर डोल मेला के दिन मदिरा का सेवन कर अखाड़ा से जुड़े लोग अपने हुनर का प्रदर्शन नहीं करेंगे ।

    कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बिजय राज सिंह ने कहा सभी वर्गों से त्योहारों को आपसी मेल- मिलाप के साथ मनाने की अपील की और कहा कि डोल के अवसर पर कदापि अश्लील गीत या ध्वनि प्रदूषण करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी । त्यौहार को देखते हुए पडरौना शहर में रात्रि गश्त तेज करने और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी उन्होंने निर्देश दिया। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न दें , समय रहते उसका खण्डन करना चाहिए |

    श्री सिंह ने आगे कहा कि डोल मेला के दिन नर्तकियों के डांस पर पूर्णतया रोक रहेगी | धर्म ढोल अखाड़ा से जुड़े लोगों ने डोल मेला के दिन बिजली से जुड़ी समस्याओं को भी अवगत कराया | इस अवसर पर कस्बा चौकी प्रभारी यसवन्त सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक नागेंद्र सिंह, कांस्टेबल हिमांशु सिंह ,कांस्टेबल अनील सिंह, कांस्टेबल विकास, यादव के अलावा चंदन जायसवाल, रवि श्रीवास्तव ,राजन जायसवाल, गौरव तिवारी,रवि श्रीवास्तव ,पप्पू सोनी ,मोनू सिंह ,राजीव पांडे, राजन वर्मा, अभिषेक बंका, सहित आदि लोग मौजूद रहे |

  • औद्योगिक स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा -डीएम

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    ब्यूरो चीफ- कामेश्वर पाण्डेय

    रिपोर्टर- मन्नान अहमद

    देवरिया । जिलाधिकारी अमित किशोर उद्योग बंधु समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभाग को औद्योगिक स्थानो में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देने के साथ ही उद्यमियों के हर संभव समस्याओं के समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया है। उक्त निर्देष कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु समिति की बैठक जिलाधिकारी श्री किषोर ने दिया।

    इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र उसरा बाजार के भूखण्ड संख्या 15 के उपर से जा रहे हाईटेन्षन पोलो को हटाये जाने की प्रगति समीक्षा करते हुए निर्देष दिया कि यह कार्य तकनीकी रुप से विधुत विभाग से संबंधित है। इस विभाग से इस कार्य को कराया जाना उचित होगा।इसके लिये उन्होने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर इसके कराये जाने को कहा। वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत लक्ष्य 150 के सापेक्ष 69 आवेदन बैको को अभी तक भेजा गया है, जिसमें 6 की धनराषि स्वीकृत पायी गयी। उन्होने अवषेश लक्ष्य पूर्ति के निर्देष दिये। उसरा बाजार औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के दृश्टिगत पुलिस चौकी स्थापित करने, रोड लाईट, नाली निर्माण सहित बैंक षाखा खोले जाने का निर्दे संबंधित विभाग को दिया।

    उद्यमियो द्वारा यह षिकायत की गयी कि पूर्व में यहां नाली निर्माण में अनियमितता बरती गयी है। जिलाधिकारी ने इसकी जॉच करने को कहा। औद्योगिक क्षेत्रो सरकल रेट को कम किये जाने की मांग के क्रम में उन्होने इसके लिये ए0आई0जी0 स्टांप ए0डी0एम0 प्रषासन, महाप्रबंधक उद्योग को सम्मिलित कर कमेटी गठित कर इस समस्या का समाधान कराये जाने को कहा। बैठक में नवागत अपरजिलाधिकारी प्रषासन राकेष कुमार पटेल, अपर पुलिस अधीक्षक गणेष षाह, अग्रणी बैंक प्रबंधक बी0एस0मीना, अपर सांख्यिकी अधिकारी जितेन्द्र कुमार गौतम एवं अन्य संबंधित अधिकारी गण, पूर्व विधायक रविन्द्र प्रताप मल्ल, उद्यमी जे0पी0 जायसवाल, प्रताप नारायण जायसवाल,षक्ति कुमार गुप्ता, विज्ञान क्लब समन्यक अनिल कुमार त्रिपाठी, श्रम प्रर्वतन अधिकारी कौषलेष षुक्ला आदि उपस्थित रहे।

  • तो काली रात मानकर कुशीनगर के पुलिस 24 वर्ष से नहीं मनाती है यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : भगवान कृष्ण का जन्म बंदी गृह में होने के कारण प्रदेश के थानों में कृष्ण जन्माष्टमी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन कुशीनगर जनपद के थानों के लिये जन्माष्टमी अभिशप्त मानी जाती है। करीब 24 साल से किसी भी थाने पर जन्माष्टमी नहीं मनाई जाती है। सबब यह कि लगभग 24 वर्ष पूर्व अष्टमी की काली रात को कुबेरस्थान थाने के पचरूखिया घाट पर जंगल पार्टी के डकौतों से मुठभेड़ में दो इंस्पेक्टर सहित 7 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। तभी से जन्माष्टमी को कुशीनगर की पुलिस मनहूस मानती है । एक साथ सात सात साथियों के खोने का दर्द आज भी जनपद पुलिस को सालती रहती है।

    गौरतलब हो कि देवरिया जनपद से अलग होकर कुशीनगर जनपद के अस्तित्व में आने के बाद सरकारी महकमों में जश्न का माहौल था। 1994 में पुलिस महकमा पहली जन्माष्टमी पडरौना कोतवाली में बड़े धूमधाम से मनाने में लगा हुआ था । जहां पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ ही सभी थानों के थानेदार और पुलिस कर्मी मौजूद थे। पुलिस को कुबेरस्थान थाने के पचरूखिया घाट के पास उस समय आतंक पर्याय बन चुके जंगल पार्टी के आधा दर्जन डकैतों के ठहरने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए योजना बनाने की सूचना मिली।
    इस सूचना के आधार पर कुबेरस्थान थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेन्द्र यादव और उस समय के इंकाउन्टर स्पेश्लिस्ट तरयासुजान थाने के एसओ अनिल पाण्डेय आठ पुलिस के जवानों के साथ पचरूखिया घाट के लिये रवाना हो गये । उस समय नदी को पार करने के लिये कोई पुल नहीं था नाव ही एक मात्र साधन था। एक प्राईवेट नाव की सहायता से बांसी नदी को पार कर डकैतों के छिपने की जगह पर पुलिस पहुंची तो डकैत वहां से फरार हो कर नदी के किनारे छिप गये थे।
    अपराधियों के नहीं मिलने पर पुलिस टीम फिर से नाव के सहारे नदी पार कर वापस लौट रही थी । नाव जैसे ही नदी की बीच धारा में पहुंची तभी डकैतों ने पुलिस पर अंधाधुध फायर झोंक दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग किया लेकिन इस बीच नाविक को गोली लगने से नाव बेकाबू हो गयी और नदीं में पलट गयी। नाव पर सवार सभी 11 लोग नदी में डूबने लगे । डूब रहे लोगों में से तीन पुलिसकर्मी तो तैर कर बाहर आ गये लेकिन दो इंस्पेक्टर,सहित 7 पुलिसकर्मी और नाविक शहीद हो गये । इस घटना के बाद कुशीनगर पुलिस के लिये जन्माष्टमी अभिशप्त हो गयी । इस दर्दनाक घटना की कसक आज भी पुलिसकर्मियों के जेहन में है जिसके कारण किसी थाने और पुलिस लाइन्स में जन्माष्टमी नहीं मनाई जाती है।