बस्ती. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश विसर्जन के दौरान कुआनो नदी में नाव पलट गई. नाव पर राज्यमंत्री, सांसद, पांच विधायक, एसपी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता सवार थे, जो पानी में गिर गए. हालांकि, इन सभी को तत्काल पानी से निकाल लिया गया.
कुआनो के अमहट घाट पर अस्थि कलश लेकर राज्यमंत्री सुरेश पासी, भाजपा प्रदेश मंत्री त्रयम्बक तिवारी, सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक अजय सिंह, संजय जयसवाल, रवि सोनकर, दयाराम चौधरी, एसपी दिलीप कुमार, हियुवा जिलाध्यक्ष अज्जू हिन्दुस्तानी, जिलाध्यक्ष पवन कसौधन समेत अन्य भाजपा नेता एक-एक कर चढ़ने लगे. नाव चढ़ने के दौरान ही नाव अनियंत्रित होकर पलट गई और यह सभी नदी के पानी में चले गए.
हालांकि, वहां पर मौजूद लोगों ने भाजपा नेताओं को एक-एक कर पानी से बाहर सुरक्षित निकाल लिया. एसपी को सीओ सिटी आलोक सिंह ने निकाला. लगभग एक घंटे तक मौके पर अफरा-तफरी मची रही. हालांकि 6.30 बजे पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों का विसर्जन कुआनो नदी में किया.
हादसे के वक्त मौके पर कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. नाव के नदी में गिरने पर वहां मौजूद पुलिस और प्रशासनिक टीम में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने नदी में गिरे मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य अधिकारियों को बाहर निकाल लिया. बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां सभी राज्यों की प्रमुख नदियों में विसर्जित किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश सौंपे थे.
पडरौना,कुशीनगर : जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के लमकन गांव में बीती रात पशु तस्करों द्वारा गुरुवार की सुबह भोर में दो पिकअप पर आधा दर्जन से अधिक तस्करी के लिए ले जा रहे गायों को गांव के ही निकट गन्ने की खेत की बीच छोड़कर फरार हो जाने का मामला प्रकाश में आया है | वहीं पुलिस ने अपने जांच पड़ताल में एक गाय को मृत पाई जबकि सात जीवीत गाय के बछड़ों को गांव के लोगों को पालने के लिए सुपुर्द कर दिया।
बताते चलें कि कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के ग्राम लमकन में गुरुवार को सुबह में कुछ तस्करों द्वारा आधा दर्जन से अधिक गायों को छोड़कर फरार हो गए | इस घटना के बाद ग्रामीणों की सूचना पर प्रधान सुशील श्रीवास्तव मौके पर पहुंच संबंधित थाने की सूचना देने के अलावा मरी हुई गाय को ग्रामीणों व पुलिस के सहयोग से दफना दिया जबकि आधा दर्जन पशुओं को गांव के लोगों को पालने के लिए सुपुर्द कर दिए गए |
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बीते 24 घंटे के भीतर बारिश के कारण हुए हादसों में 10 लोगों की मौत हुई है। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी सूचना के मुताबिक प्रदेश के बहराइच जिले में बारिश के कारण 2 लोगों की जान गई है। इसके अलावा लखीमपुर खीरी, बस्ती, कानपुर देहात, कुशीनगर, उन्नाव, बरेली और इलाहाबाद जिलों में बारिश के कारण एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
उत्तर प्रदेश के आंचलिक मौसम केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी मानसून की सक्रियता की वजह से बीते 24 घंटे के भीतर प्रदेश के तमाम हिस्सों में भारी बारिश हुई है। इस दौरान कन्नौज में सबसे ज्यादा 24 सेंटीमीटर बारिश हुई है। बारिश के कारण प्रदेश के तमाम हिस्सों में नदियों के जलस्तर में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। वाराणसी, इलाहाबाद और फैजाबाद जिलों की अलग-अलग नदियों में जलस्तर में वृद्धि के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण अब तक 204 लोगों की मौत मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से के अलग-अलग जिलों में आगामी दो दिन के भीतर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इस वर्ष मॉनसून के दौरान हुई बारिश में कुल 204 लोगों की मौत हुई है। इस वर्ष बारिश की घटनाओं के कारण करीब 2.4 लाख लोगों को बाढ़ जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। वहीं करीब 10,800 लोगो को बाढ़ के हालात के बीच राहत कैंपों में शरण भी लेनी पड़ी।
पडरौना,कुशीनगर : बरेली शरीफ के रहने वाले मौलाना अख्तर रजा खां के इंतकाल के बाद आज 40 दिन पूरे होने पर कुशीनगर में मरहूम जनाब अख्तर रजा खां का चहल्लुम मनाया गया | इस दौरान मरहूम मौलाना अख्तर रजा खां के जन्नत के लिए अहले सुन्नत मजरे इस्लाम मदरसा बसहिया बनवीरपुर से जुड़े लोगों ने फातियाखानी व कुरानखानी का यहतमाम करने के बाद उनके प्रति तिलावत की | मालूम हो कि बरेली शरीफ मरहूम मौलाना अख्तर रजा खां गत वर्ष पूर्व यहां बसहिया बनवीरपुर गांव में हुए जलसे के प्रोग्राम में शरीक हुए थे |
चेहलुम के दौरान बसहिया मदरसे से जुड़े मोदररेसिंन कारी, इश्तियाक अहमद सुब्हानी, हाफिज मोहम्मद अहसन रजा कादरी,महफूज आलम, मोहम्मद रेहान,शफीकुर्रहमान,फैसल,सैफ अली,के अलावे मदरसे के जुमला तलवा आदी लोग मौजूद रहे |
इलाहाबाद मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों से सरेआम रैगिंग की जा रही है। आलम यह है कि करीब सौ छात्रों के सिर मुड़वा दिए गए हैं। वे कमर तक झुककर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक को सलाम ठोक रहे हैं। सब कुछ खुलेआम हो रहा है, फिर भी कॉलेज प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।
कॉलेज प्रशासन की चुप्पी से छात्रों में इस कदर खौफ है कि वे सिर मुड़वाने की घटना को कॉलेज का नियम बताते हैं। हालांकि, उनके चेहरे पर दहशत साफ नजर आती है। रैगिंग का शिकार छात्राएं भी हो रही हैं। उन्हें भी फरमान सुनाया गया है कि बालों में तेल लगाने के बाद जूड़ा बांधकर ही आएं। बाल खुला न मिलने की ताकीद के बाद डरी सहमी छात्राएं जूड़ा बांधकर आती हैं।
नवप्रवेशी विद्यार्थी जब हॉस्टल से क्लास के लिए जाते हैं तो उन पर सीनियर बराबर नजर बनाए रखते हैं। बताया जाता है कि सिर मुड़वाने की घटना चंद रोज पहले हुई है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में 150 सीटों के सापेक्ष 149 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इसमें करीब 40 छात्राएं हैं। इनमें से करीब सौ छात्रों को सीनियर्स ने सिर मुड़वाने की सजा सुना दी है।
मजबूरन इन छात्रों ने सिर तो मुड़वाए ही, साथ ही दूसरी सजाएं भी भुगत रहे हैं। यही नहीं, दो दिन पहले रैगिंग का विरोध करने वाले कई छात्रों की पिटाई तक हुई है। न छापने की शर्त पर पीडिघ्तों ने बताया कि उन्हें अनेक यातनाएं दी गई हैं और शिकायत करने पर कॅरिअर बर्बाद करने की चेतावनी दी गई है। इस कारण कोई छात्र एंटी रैगिंग सेल में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। उधर, कॉलेज प्रशासन भी उन्हें ऐसा सुरक्षित माहौल नहीं दे रहा या फिर काउंसलिंग नहीं करवा रहा है कि वह सच बोलने की हिम्मत जुटा सकें।
रैगिंग को रोकने के लिए मेडिकल कॉलेज में पांच जनवरी को एंटी रैगिंग कमांडो का गठन किया गया है। इसमें प्रधानाचार्य डॉ. एसपी सिंह, डॉ. देवाशीष शर्मा, डॉ. सचिन जैन, डॉ. आरबी कमल, डॉ. शबी अहमद, डॉ. संतोष कुमार व डॉ. एके वर्मा हैं। प्रधानाचार्य डॉ. एसपी सिंह, डॉ. देवाशीष शर्मा और डॉ. आरबी कमल अवकाश पर हैं। डॉ. संतोष कहते हैं कि किसी को कोई शिकायत नहीं है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा ने कहा कि रैगिंग की शिकायत अभी तक हमारे पास नहीं आई है। मौखिक रूप से जांच के निर्देश डॉ. संतोष को दिए हैं। यदि कोई भी रैगिंग में संलिप्त मिला तो कार्रवाई होगी।
लखनऊ। योगी सरकार ने लेखपालों के आग्रह पर गृह मंडल के किसी भी जिले में स्थानांतरण संबंधी मांग को मानते हुए शासनादेश जारी कर दिया है।
हालांकि, वे गृह मंडल के बाहर से गृह जिले में तबादले की मांग नहीं कर सकेंगे। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया।
लेखपालों की हड़ताल के बाद जुलाई में मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय के साथ वार्ता में कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी।
इसके तहत लेखपालों का काडर पूर्व की तरह मंडल स्तरीय रहेगा और पूरे सेवाकाल में एक बार उनके निजी अनुरोध पर गृह जिला छोड़कर गृह मंडल के किसी जनपद में भेजा जा सकेगा।
अपर मुख्य सचिव राजस्व ने आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। परिषद रिक्तियों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए स्थानान्तरण की कार्यवाही करेगा। इसके साथ लेखपालों की आंदोलन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मांग पूरी हो गई है।
इसका सर्वाधिक लाभ नए लेखपालों को मिलेगा। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि अब राजस्व परिषद लेखपाल सेवा नियमावली में लेखपालों के स्थानान्तरण से जुड़ी व्यवस्था में सरकार के इस निर्णय को शामिल करने की कार्यवाही करेगा।
अलीगढ़ । अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव तथा हिंदू कोर्ट की जज डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी की राह पर चलने वालों को बड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने महात्मा गांधी पर बंटवारे का आरोप लगाया है। अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव, महंत व हिंदू न्यायपीठ की न्यायधीश डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय ने महात्मा गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने देश का बंटवारा कराया था।
यदि नाथूराम गोडसे से पहले मैं जन्म लेती तो मैं ही महात्मा गांधी की हत्या कर देती। उन्होंने कहा कि आज भी यदि कोई गांधी जैसा काम करेगा तो मैं उसकी हत्या करने से पीछे नहीं रहूंगी। यह भी सुन लीजिए, अगर आज भी कोई गांधी पैदा होगा जो देश बांटने की बात करेगा तो नाथू राम गोडसे भी इसी पुण्य भूमि पर पैदा होगा।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देश के राष्टपिता नहीं हो सकते। हमको तो पता नहीं उन्हें इतनी बड़ी उपाधि कैसे मिल गई। डॉ. शकुन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे में 32 लाख लोगों से अधिक मारे गए। इन हत्याओं का आरोपी गांधी नहीं तो और कौन है।
उन्होंने कहा था कि पिता कभी भी अपने दो बेटों में बंटवारा नहीं करता है। इतने सारे लोगों को निर्मम तरीके से मारा गया था। इनमें सबसे अधिक हिंदू ही थे। नाथूराम गोडसे सबसे बड़े राष्ट्र भक्त भक्त हैं। यदि इस देश में गोडसे से पहले मैं होती तो गांधी की हत्या कर देती।
उन्होंने कहा कि मेरा संकल्प हिंदू राष्ट्र की स्थापना करना है। पूजा ने देश की शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है। अब बहुत हो चुका महात्मा गांधी का महिमामंडन। अब यह बंद होना चाहिए। मैं तो नाथूराम गोडसे की पुजारी हूं, उनके पथ चिन्हों पर ही चलती रहूंगी।
मेरठ में गठित पहली हिंदू अदालत की पहली नियुक्त जज डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वो और उनका संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा नाथू राम गोडसे को पूजता है। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और गणित की प्रोफेसर बताने वाली पूजा शकुन ने कहा कि मुझे गर्व है कि हम नाथू राम गोडसे को पूजते हैं। वो गांधी के हत्यारे नहीं थे। उन्हें भारतीय संविधान लागू होने से पहले सजा दे दी गई थी। जाइए पढिघ्ए।
उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं और मेरा संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा नाथू राम गोडसे की पूजा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहकर मैंने कोई विवादित बयान नहीं दिया है। हिंदू अदालत बनाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले पर जानकारी मांगी है। वहीं कोर्ट ने डीएम मेरठ और हिंदू कोर्ट की कथित जज पूजा शकुन पांडे को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए भी नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितम्बर को होगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हंगामे के बीच पहला अनुपूरक बजट सोमवार को विधानसधा में पेश किया। लगभग 34 हजार, 833 करोड़ का बजट पेश किया गया। बता दें कि, यह बजट प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं को रफ्तार देने वाला होगा। प्रदेश मंत्रिपरिषद से अनुपूरक बजट का मसौदा पहले ही मंजूर हो चुका है।
-कुंभ के लिए 800 करोड़ अतिरिक्त बजट -कान्हा गौशाला की स्थापना के लिए 20 करोड़ -गौ-संरक्षण केंद्रों के लिए 34 करोड़ का बजट -जेवर एयरपोर्ट के लिए 80 करोड़ का प्रवाधान
किए जाने के बाद सदन की बैठक मंगवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधान परिषद की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही समाजवादी पार्टी(सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के सदस्य कानून-व्यवथा, गन्ना भुगतान एवं अन्य मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। इस बीच कांग्रेस और सपा के सदस्य वेल में आ गए। बसपा के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर पेट्रालियम पदार्थों की बढ़ी कीमत आदि मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते रहे ।
सभापति रमेश यादव के सभी सदस्यों को अपने स्थान बैठने के लिए कहा, लेकिन जब शोर-शराबा जारी रहा तो उन्होंने सदन की बैठक आधे घंटे के लिए स्थागित कर दी। बाद में सदन का समय पहले 12 बजे और उसके बाद 12 बजकर 15 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया। इस दौरान सपा के सदस्य वेल में बैठ गए। सदन की कार्यवाही सवा 12 बजे प्रारम्भ होने से पूर्व ही सपा के सभी सदस्य वेल में मौजूद थे। सदन की कार्यवाही प्रारम्भ होते ही सपा के सभी सदस्य सरकार विरोधी नारे लगाने लगे।
इसी शोर-शराबे के बीच राज्यपाल द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के संबंध में दिए गए पत्र को सभापति यादव ने पढ़कर सुनाया। शोर-शराबे के बीच 12ः20 बजे नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इस बीच प्रमुख सचिव विधान परिषद डॉ. राजेश सिंह ने 11 अधिनियमों को सदन में रखा। उसके बाद शोर-शराबे के मध्य अनुसूची की सभी मदों को सदन में रखा गया। उसके बाद सदन की बैठक 28 अगस्त पूर्वाह्न 11ः00 बजे तक के लिए स्थागित हो गई।
पडरौना,कुशीनगर। गुरुवार की सुबह में हुई मूसलाधार बारिश से पडरौना शहर में जगह-जगह जलजमाव के चलते लोगों की परेशानियां भी बढ़ गईं। पानी लगने से तालाब जैसा दिख रहे रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गुरुवार के दिन में तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश हुई। करीब दो घंटे तक लगातार बरसने के कारण पडरौना शहरवासियों को मुश्किल में डाल दिया। जलनिकासी का प्रबंध न होने के चलते सुबह पडरौना का रोडवेज बस स्टेशन तालाब जैसा दिखने लगा। उदित नारायण इंटर कालेज और जूनियर हाईस्कूल का खेल मैदान भी पानी से लबालब थे।
नालियां उफनाई तो बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया था। बस स्टेशन परिसर तो पूरा दिन पानी में डूबा रहा। इसके चलते न सिर्फ यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं बल्कि रोडवेज के कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि यही हाल बेलवा चुंगी, तिलक नगर,पडरौना,दुदही मार्ग टैक्सी स्टैंड मोड, नौका टोला, सुमित कई मोहल्ले में जल निकासी नहीं होने के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया जिससे पडरौना शहरवासी काफी परेशान रहे |