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  • नए शिक्षकों की नियुक्ति होने तक सेवानिवृत्त शिक्षकों से फिक्स मानदेय पर सेवाएं ले: सीएम योगी

    लखनऊ। सीएम योगी ने शुक्रवार को लोकभवन में मिशन रोजगार के तहत यूपी लोक सेवा आयोग की ओर से चयनित 219 प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य शिक्षण संस्थान की रीढ़ होते हैं। अगर प्रधानाचार्य अनुशासित रहकर कॉलेज में नई गतिविधियों और नवाचारों को बढ़ावा देते हैं तो उसके सार्थक परिणाम सामने आते हैं। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानाचार्यों को विद्यालयों को रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनाकर अभिभावकों से संवाद करना चाहिए। 

    विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ देश-दुनिया और युवा कल्याण एवं महिला कल्याण से जुड़ी सरकार की योजनाओं के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए। इससे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ जागरुकता भी आती है और प्रधानाचार्य का कार्यकाल भी यादगार बनता है। सीएम योगी ने कहा कि यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां पिछली सरकारों में सुरक्षा में सेंध लगती थी। प्रदेश के नागरिक अपने आपको सुरक्षित नहीं महसूस कर पाते थे। अव्यवस्था और अराजकता का वातावरण होता था। 

    दंगे और भ्रष्टाचार यहां की पहचान थे। निवेशक प्रदेश छोड़कर जा रहे थे। हमारी सरकार ने जब सुरक्षित माहौल दिया तो प्रदेश को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 38 लाख करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। इससे एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि विगत छह वर्ष में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हमारी सरकार छह लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने में सफल रही है। इसमें 1,64,000 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए शिक्षकों की नियुक्ति होने तक सेवानिवृत्त शिक्षकों से ही सेवाएं लेने का निर्देश दिया है। इसके लिए रिटायर्ड शिक्षकों को एक फिक्स मानदेय दिए जाने की बात सीएम ने कही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में माध्यमिक शिक्षा के कॉलेज नकल के अड्डे बन गए थे, जिनमें ठेके पर नकल कराई जाती थी। पिछले 6 वर्षों में इसमें सुधार हुआ है। पिछले साल माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संपन्न हुई हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा देश में एक नजीर बनी है। परिषद ने 15 दिन के अंदर 56 लाख विद्यार्थियों की नकल विहीन परीक्षा कराई और 15 दिन के अंदर ही परिणाम भी दे दिया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। देश में सबसे ज्यादा आध्यात्मिक पर्यटन यहीं है, जिसमें भारी बढ़ोतरी हुई है। 

    2017 के पहले तक उत्तर प्रदेश में सिर्फ डेढ़ से दो करोड़ पर्यटक ही आते थे। आज यह संख्या बढ़कर एक वर्ष में 30 करोड़ पर्यटकों की हो चुकी है। प्रदेश में एक पर्यटक के आने से विभिन्न तरह के रोजगार सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सामूहिक रूप से प्रयास किए जाएं तो उत्तर प्रदेश देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके हर क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति को अपने स्तर पर कार्य करने होंगे। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा का केंद्र रहा है। आजादी के समय देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षकों की आपूर्ति उत्तर प्रदेश करता था। हमें फिर से उस दिशा में प्रयास करते हुए अनुशासित और राष्ट्र भक्त नागरिकों की फौज खड़ी करनी होगी। कार्यक्रम में माध्यमकि शिक्षा राज्यमंत्री गुलाबो देवी, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा दीपक कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • Fake Birth Certificate Case : आजम खां का पूरा परिवार 7 साल के लिए जेल की सलाखों के पीछे

    लखनऊ/रामपुर। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। रामपुर की एमपी-एमएलएल कोर्ट ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (Fake Birth Certificate Case) मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने तीनो दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया।

    मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक बता दें कि फेक बर्थ सर्टिफिकेट(Fake Birth Certificate Case) का यह केस 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। तब अब्दुल्ला आजम ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उनकी जीत भी हुई थी, हालाकिं चुनावी नतीजों के बाद उनके खिलाफ हाई कोर्ट में केस दाखिल कर दिया गया। आरोप लगा कि अब्दुल्ला आजम ने चुनावी फार्म में जो उम्र बताई है, असल में उनकी उम्र उतनी नहीं है।
    

    

    तत्कालीन लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक एवं भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में गंज थाने में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जन्म प्रमाणपत्र होने का मामला दर्ज कराया था, जिसमें सपा नेता आजम खां और उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा को भी आरोपी बनाया गया था।

    मिली जानकारी के अनुसार शैक्षणिक प्रमाण पत्र में अब्दुल्ला का डेट ऑफ बर्थ 1 जनवरी 1993 है, जबकि बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर उनका जन्म 30 सितंबर 1990 को बताया गया है। यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचने के बाद इस पर सुनवाई शुरू हुई थी और अब्दुल्ला की तरफ से पेश किए गए जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी पाया गया था। इसके बाद स्वार सीट से उनका चुनाव रद्द कर दिया गया था।

    इसके अलावा अब्दुल्ला आजम पर पहले जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने और विदेशी दौरे करने के साथ ही सरकारी उद्देश्य के लिए दूसरे प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। इसके अलावा उन पर जौहर विश्वविद्यालय के लिए भी इसका उपयोग करने का आरोप है।

    आरोप है कि अब्दुल्ला आजम के पास दो अलग-अलग बर्थ सर्टिफिकेट हैं. एक 28 जून 2012 को रामपुर नगर पालिका ने जारी किया गया है, जिसमें रामपुर को अब्दुल्ला के जन्मस्थान के रूप में दिखाया गया है. वहीं दूसरा बर्थ सर्टिफिकेट जनवरी 2015 में जारी किया गया, जिसमें लखनऊ को उनका जन्मस्थान बताया गया है। इस फैसले के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दायर की गई थी, जिसे एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। मंगलवार को अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ताओं ने लिखित बहस दाखिल की। इसके बाद कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया।

  • CRIME NEWS : 90 साल की बुजुर्ग महिला की बेरहमी से गला रेतकर हत्या

    लखनऊ। यह घटना अलीगंज थाना क्षेत्र के त्रिवेणी नगर की है। यहां एक बेहद ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला की जब हत्या हुई तो वह घर में अकेली थी। पुलिस के मुताबिक, सिर पर वार कर और चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या की गई। एक पड़ोसी ने उसे घायल अवस्था में देखा और पुलिस को सूचना दी। 

    यह घर महिला के छोटे बेटे मुकेश चंद्र शर्मा (62) का था। मुकेश अपने परिवार के साथ जानकीपुरम में अलग रहता था। वह फॉरेंसिक विभाग से रिटायर्ड है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे मृत पाया। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) कासिम आबिदी ने कहा, एक फोरेंसिक टीम को बुलाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इस महिला का कौन दुश्मन हो सकता है. बुजुर्ग महिला उस घर में अकेली रहती थीं। जानकारी के मुताबिक परिजनों की सुबह उनकी महिला से फोन पर बात हुई. लेकिन शाम को उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया. 

    कई बार काल की गई, जिसके बाद पड़ोसियों को फोन किया गया और जब पड़ोसी घर में गए तो देखा कि शैल कुमार जमीन पर खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं. उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। अपराध कैसे किया गया और इसके पीछे कौन है हत्या का अभी तक पता नहीं चल सका है. पुलिस की टीम जानकारी एकत्र कर रही है और मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

  • UP News : यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभियान शुरू किया ’स्वच्छ त्यौहार, स्वस्थ त्यौहार’

    लखनऊ। लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक योजना शुरू की है। ’स्वच्छ त्यौहार, स्वस्थ त्यौहार’ के नाम पर विशेष सफाई अभियान (स्वच्छ महोत्सव, स्वस्थ महोत्सव) त्योहारी सीजन को देखते हुए विशेष रूप से मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ त्योहार, स्वस्थ त्योहार अभियान चला रही है।

    नगरीय विकास एवं ऊर्जा विभाग ने नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली त्यौहारों को ’स्वच्छ त्यौहार, स्वस्थ त्यौहार’ के रूप में मनाने का संदेश दिया है। स्वच्छता ही ईश्वरत्व के बगल में है का मूल मंत्र देकर राज्य के सभी नगर निकायों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए अभियान शुरू किया है।

    नौ दिवसीय महोत्सव के पहले दिन गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में । विभाग ने सभी नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़कों और गलियों, धार्मिक स्थलों, मठों, मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास के क्षेत्रों की बेहतर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

    सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक नगर विकास विभाग की ओर से सभी नगर निकायों को स्ट्रीट लाइट की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो. साथ ही निर्देशों में यह भी शामिल है कि कहीं भी स्वच्छ पेयजल आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए. श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद एवं कूड़े-कचरे का समुचित निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाए। लोगों को प्रसाद और कूड़ा-कचरा नहीं फैलाना चाहिए और पूजा स्थलों के आसपास कूड़ेदान रखना चाहिए। 

    इसमें जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाये। लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ त्यौहार मनाने के प्रति भी जागरूक किया जाए। उन्हें प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए कहा जाना चाहिए और इसके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

     प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सड़कों के साथ-साथ नालियों और सीवरों की भी पूरी सफाई सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने अधिकारियों से साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा और लोगों को इन बीमारियों से बचाने के लिए संचारी रोगों और मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए दवाएं वितरित की जानी चाहिए।  

  • VIDEO : बंदर ने पहले दुर्गा माता को हाथ जोड़कर किया प्रणाम, उसके बाद लिया मनचाहा प्रसाद

    कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सरिसवा गांव में बने पंडाल में बंदर के पहुंचने का वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो मेंप्रसाद का आनंद लेने से पहले बंदर को देवी दुर्गा के सामने अपना सिर झुकाते हुए देखा जा सकता है.

    

    दुर्गा पंडाल में एक बंदर ने देवी दुर्गा की मूर्ति के सामने झुककर और प्रसाद लेकर स्थानीय लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया. इस घटना ने लोगों का व्यापक ध्यान आकर्षित किया है, कई लोग जानवर के भक्तिपूर्ण व्यवहार से चकित हैं.

  • Lok Sabha Election 2024: बीजेपी नेता ने क्यों समाजवादी और कांग्रेस को कहा मौका परस्त

    Lok Sabha Election 2024: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के कांग्रेस को लेकर दिए बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया आना आरम्भ हो गई हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री और बीजेपी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा- अखिलेश यादव का कांग्रेस को लेकर जो बयाना आया वह इंडि गठबंधन के संदर्भ में सिर्फ ट्रेलर है अभी पूरी पिक्चर बाकी है। समाजवादी और कांग्रेस पार्टी दोनों मौका परस्त हैं दोनों अपने लाभ के लिए एक हुए हैं। किसी के बीच कोई आपसी मेल नहीं है। गठबंधन का अस्तित्व जल्द ही मिटेगा। 

    उन्होंने आगे कहा- साल 2024 का चुनाव आने से पहले ही इंडि गठबंधन बिखर जाएगा। दोनों दल अवसरवादी हैं स्वार्थ के लिए एक दूसरे से जुड़े हैं। चुनाव में एकता दिखाने वालों का मन मैला है। एकता का मंत्र अधूरा है जल्द ही एकता में विखंडन देखने को मिलेगा। उन्होंने आगे दावा किया की मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी पुनः केंद्र में सरकार बनाएगी। विपक्ष की नीतियों से जनता वाकिफ है। 

    2019 में बीजेपी ने 300 से ज्यादा सीटें जीती थीं लेकिन 2024 में एक बार फिर से बीजेपी और उसके सहयोगी दल 400 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। वही की 80 सीटों पर बीजेपी की विजय पताका लहराएगी। पीएम मोदी एक बार पुनः देश का नेतृत्व करेंगे और विपक्ष को लोकसभा चुनाव में मुँह की खानी पड़ेगी। 

  • UP News: मुस्लिम कौन तो है बहाना, अखिलेश को अपनी नाकामी छुपानी: मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी

    UP News: लोकसभा चुनाव की तैयारी जमीनी स्तर पर शुरू हो गई हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए के माध्यम से मुस्लिम वोट बैंक पर अपनी धाक जमाना चाहते हैं। वैसे तो समाजवादी पार्टी को मुस्लिम हितैसी पार्टी कहा जाता है। राजनीति के जानकर समाजवादी पार्टी को मस्लिम की पार्टी कहते हैं लेकिन अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने अखिलेश यादव को लेकर ऐसा बयाना दिया जिससे यह साफ़ पता चल रहा है कि मुस्लिम समाज समाजवादी पार्टी से नाराज है और आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। 

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा- आजम खान का परिवार मुसीबत झेल रहा है। वह मुस्लिम समाज के बड़े नेता हैं। उनके और उनके परिवार के साथ मुस्लिम का पूर्ण समर्थन है। हम इस बुरे वक्त में आजम खान के साथ हैं। लेकिन अखिलेश यादव ने जो आजम खान को लेकर बयाना दिया उससे साप है कि वह अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए मुस्लिम कौन को बदनाम कर रहे हैं। 

    उन्होंने कहा – अखिलेश यादव कह रहे हैं कि आजम खान को सजा इसलिए मिल रही है कि वह मुसलमान हैं। लेकिन सत्य यह है की उनको सजा इसलिए मिल रही है क्योंकि वह समाजवादी हैं। अखिलेश यादव अपनी नाकामियों को छुपा रहे हैं और जब आजम खान का समर्थन नहीं कर पा रहे हैं तो यह बता रहे हैं की उनको मुस्लिम होने की सजा मिल रही है। वह अपनी नाकामी छुपाने के लिए पूरी मुस्लिम कौन में बदनाम करने पर तुले हुए हैं। 

    वह आगे बोले अब यूपी में मुसलमान अखिलेश के दोहरे चरित्र को समझ रहा है। आजम खान उनकी बिरादरी के नहीं हैं तो उन्होंने उनके मसले पर मौन धारण कर लिया। लेकिन देवरिया में वह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच गए। क्यों क्योंकि पीड़ित परिवार उनकी जात – बिरादरी का है। उसके लिए वह योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी बयाना देते हैं। लेकिन आजम खान के मसले पर चुप रहते हैं। आज मुसलमान अखिलेश की नीतियों से वाकिफ है। समय बदल गया है अब मुसलमान अपने लिए भविष्य की राह स्वयं निर्धारित करेगा। 

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा मुसलमान अपने लिए अन्य विकल्प तलाश लें। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीति समझें वह मुसलमान के साथ तब ही खड़े हुए जब उनको मुसलमान का वोट चाहिए हुआ। 

  • UP News: मुस्लिम कौम तो है बहाना, अखिलेश को अपनी नाकामी छुपानी: मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी

    UP News: लोकसभा चुनाव की तैयारी जमीनी स्तर पर शुरू हो गई हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए के माध्यम से मुस्लिम वोट बैंक पर अपनी धाक जमाना चाहते हैं। वैसे तो समाजवादी पार्टी को मुस्लिम हितैसी पार्टी कहा जाता है। राजनीति के जानकर समाजवादी पार्टी को मस्लिम की पार्टी कहते हैं लेकिन अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने अखिलेश यादव को लेकर ऐसा बयाना दिया जिससे यह साफ़ पता चल रहा है कि मुस्लिम समाज समाजवादी पार्टी से नाराज है और आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। 

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा- आजम खान का परिवार मुसीबत झेल रहा है। वह मुस्लिम समाज के बड़े नेता हैं। उनके और उनके परिवार के साथ मुस्लिम का पूर्ण समर्थन है। हम इस बुरे वक्त में आजम खान के साथ हैं। लेकिन अखिलेश यादव ने जो आजम खान को लेकर बयाना दिया उससे साप है कि वह अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए मुस्लिम कौम  को बदनाम कर रहे हैं। 

    उन्होंने कहा – अखिलेश यादव कह रहे हैं कि आजम खान को सजा इसलिए मिल रही है कि वह मुसलमान हैं। लेकिन सत्य यह है की उनको सजा इसलिए मिल रही है क्योंकि वह समाजवादी हैं। अखिलेश यादव अपनी नाकामियों को छुपा रहे हैं और जब आजम खान का समर्थन नहीं कर पा रहे हैं तो यह बता रहे हैं की उनको मुस्लिम होने की सजा मिल रही है। वह अपनी नाकामी छुपाने के लिए पूरी मुस्लिम कौम में बदनाम करने पर तुले हुए हैं। 

    वह आगे बोले अब यूपी में मुसलमान अखिलेश के दोहरे चरित्र को समझ रहा है। आजम खान उनकी बिरादरी के नहीं हैं तो उन्होंने उनके मसले पर मौन धारण कर लिया। लेकिन देवरिया में वह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच गए। क्यों क्योंकि पीड़ित परिवार उनकी जात – बिरादरी का है। उसके लिए वह योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी बयाना देते हैं। लेकिन आजम खान के मसले पर चुप रहते हैं। आज मुसलमान अखिलेश की नीतियों से वाकिफ है। समय बदल गया है अब मुसलमान अपने लिए भविष्य की राह स्वयं निर्धारित करेगा। 

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा मुसलमान अपने लिए अन्य विकल्प तलाश लें। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीति समझें वह मुसलमान के साथ तब ही खड़े हुए जब उनको मुसलमान का वोट चाहिए हुआ। 

  • Pramod Tiwari on RSS Chief Mohan Bhagwat Speech: मोहन भागवत ने मोदी को उतारा सवालों के घेरे में

    Pramod Tiwari on RSS Chief Mohan Bhagwat Speech: कांग्रेस – बीजेपी के मध्य शाब्दिक कटाक्ष जारी है। एक – दूसरे को नीचा दिखाने में कोई भी नहीं चूक रहा है। वही अब कांग्रेस नेता राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण का जिक्र करते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी बोले संघ प्रमुख ने मणिपुर जैसे ज्वलंत मुद्दे का जिक्र अपने भाषण में किया। उनका भाषण मोदी सरकार को आईना दिखा रहा है। उन्होंने कम शब्दों में मोदी सरकार के काम-काज को सवालों के कटघरे में उतार दिया है। 

    क्या बोले राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी:

    राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी कहते हैं मोहन भागवत का विजय दशमी का भाषण मोदी की नाकामियों को उजागर करता है। उनके भाषण में नेहरू से लेकर पीएम मोदी के कार्यकाल का जिक्र है। मणिपुर का मुद्दा बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने अपने भाषण में मणिपुर का जिक्र किया। जो बताता है कि वह मोदी के कामकाज और मणिपुर में शांति बदलाव व्यवस्था से व्यथित हैं। 

    उन्होंने आगे कहा- संघ प्रमुख ने सीधे तौर पर पीएम मोदी का नाम नहीं लिया। लेकिन गृह मंत्री अमित शाह को मणिपुर जाने के लिए कहा। जिससे स्पष्ट है कि वह मोदी सरकार की नीतियों से असंतुष्ट हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा- सरहद की रक्षा करना और बाहरी ताकतों को हिंसा फैलाने से रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है। प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय सरकार की कानून व्यवस्था बनाने रखने की जिम्मेदारी कहकर नहीं बच सकते। 

  • मंच पर छात्र ने बोला जय श्री राम, मचा बवाल प्रोफेसर सस्पेंड

    उत्तरप्रदेश राम मय है। जय श्री राम बोलना आम बात है। लेकिन जब एक आम बात पर किसी को तिस्कार सहना पड़े तो कई सवाल खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ यूपी के गाजियाबाद में। गाजियाबद के एक कॉलेज में कल्चरल प्रोग्राम चल रहा था एक छात्र मंच पर माइक के साथ परफॉर्मेंस दे रहा था उसमें मंच पर जय श्री राम बोला और उसका ऐसा करना एक प्रोफेसर को रास नहीं आया। प्रोफेसर ने छात्र कोसे नीचे उतारा दिया। प्रोफेसर के इस रवैया का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और कॉलेज में प्रोफेसर को उसके पद से बर्खास्त कर दिया।