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  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू।

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    ब्यूरो चीफ:सैय्यद मकसूदुल हसन

    *जिलाधिकारी ने की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की बैठक।*

    *अधिक से अधिक श्रमिकों के पंजीकरण कराने के दिए निर्देश।*

    अमेठी ।। जिलाधिकारी राम मनोहर मिश्र ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की बैठक किया। बैठक में उन्होंने कहा कि असंगठित श्रमिकों यथा गृह आधारित कर्मकार (घरेलु श्रमिक, फेरी लगाने वाले, सिर पर बोझा उठाने वाले, ईंट भट्टे, मोची, कचरा बीनने वाले, धोबी, रिक्शा चालक, ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक कृषि कर्मकार, बीडी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, संनिर्माण श्रमिक आदि के लिए केंद्र सरकार ने 15 फरवरी 2019 से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना लागू की गई।

    सहायक श्रम आयुक्त ने बैठक में बताया गया कि योजना के तहत ऐसे असंगठित श्रमिक जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपए है, जिनका बैंक में बचत खाता व आधार कार्ड तथा उनकी आयु 18 से 40 वर्ष है वे सभी इस योजना के लाभ के लिए पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे श्रमिकों द्वारा अपनी आयु के अनुरूप योजना में निर्धारित मासिक अंशदान जमा कराने पर केंद्र सरकार के द्वारा अंशदान के बराबर राशि जमा कराई जाएगी। ऐसे सभी श्रमिक अपना पंजीयन नागरिक सेवा केंद्रों पर जाकर ऑनलाईन करवा सकेंगें।

    जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 5 मार्च 2019 को इस योजना का शुभारंभ किया जाएगा उससे पहले अधिक से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने -अपने विभाग से संबंधित जितने भी लाभार्थी हैं।

    उनका आज ही पंजीकरण करा ले। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने- अपने विभागों में अधिनस्थ लोगों को नोडल अधिकारी बनाकर अधिक से अधिक श्रमिकों, रसोइयों, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, रोजगार सेवकों के पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
    बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर एम श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

  •  UP में BJP के गले की फांस बन सकता है यह विवाद !

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    नई दिल्ली। इनमें ब्राह्मण और ठाकुर सामाजिक तौर पर प्रतिस्पर्धी जातियां हैं।   इसके समानांतर प्रदेश में ठाकुर बड़े नेता केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ब्राह्मणों की एक बड़ी आबादी ठाकुर राजनाथ के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी मान रही है। राज्य से वैसे भी 14 सांसद, 78 एमएलए 10 मंत्री ठाकुर हैं। संतकबीर नगर में सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल के विवाद ने पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं तक को हिला दिया है।

    केन्द्र सरकार के एक मंत्री इस घटना को बेहद निंदनीय मान रहे हैं और उनका अनुमान है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने खुद प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडे से बात की है और इस प्रकरण में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है। इसी के साथ-साथ भाजपा को उत्तर प्रदेश में जातिगत गणित ने परेशान करना शुरू कर दिया है।

    उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेताओं को बड़ा डर ब्राह्मण बनाम ठाकुर का लग रहा है। उ.प्र. में सवर्णों का प्रतिशत 18-20 प्रतिशत है। 2014 और 2017 के विधानसभा चुनाव में यह भाजपा का मूल बेस वोट था। कांग्रेस की प्रदेश में दुर्दशा और बसपा के घटते जाने का कारण भी इस वर्ग का छिटकना है। इसमें सबसे अधिक 8-9 प्रतिशत ब्राह्मण और 4-5 प्रतिशत ठाकुर हैं। वैश्य 3-4 प्रतिशत, त्यागी या भूमिहार दो प्रतिशत के करीब हैं।

    ब्राह्मण का बड़ा चेहरा मुरली मनोहर जोशी हैं। वह एक सांसद भर रह गए हैं। दूसरा बड़ा चेहरा कलराज मिश्र हैं और मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वह भी सांसद हैं। उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने पर भी 75 साल के उम्र की तलवार लटकी है। कलराज मिश्र को मंत्रिमंडल से बाहर करने के बाद ब्राह्मण चेहरे की भरपाई के लिए भाजपा अध्यक्ष के रूप में महेन्द्र नाथ पांडे को जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन अभी वह इतनी बड़ी जगह नहीं बना पाए हैं। उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग करीब 41-43 फीसदी है।

    सबसे बड़ी 10 प्रतिशत की आबादी यादव,4-5 प्रतिशत कुर्मी, 4-5 प्रतिशत मौर्य, 3-4 प्रतिशत लोधी की है। राजभर समेत अन्य 21 प्रतिशत छोटी-छोटी जातियां हैं। साक्षी महाराज से कल्याण सिंह की मौजूदगी भाजपा को लोध मतों को दिलाती है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वामी प्रसाद मौर्य समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कुर्मी को अनुप्रिया पटेल का अपना दल बांधे रखता है।

    वहीं यादव समेत अन्य का करीब-करीब एक मुश्त वोट समाजवादी पार्टी के पाले में जाता रहा है। भाजपा ने 2014 के बाद 2017 में सामाजिक समीकरण को ठीक करके इसमें भी बड़ी सेंध लगा दी थी। इस बार इस समीकरण को साधना भी एक चुनौती है।

    उत्तर प्रदेश में यह संख्या 22-23 प्रतिशत है। बसपा की मायावती अपना दावा अब 25 प्रतिशत वोटों तक कर लेती है। इसमें 14-15 प्रतिशत जाटव, आठ प्रतिशत गैर जाटव हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुछ सेंध इधर भी लगाया था। इस बार यह राह भी थोड़ा मुश्किल भरी लग रही है। हालांकि भाजपा के पास इन सबको बांधे रखने के लिए मजबूत तर्क हैं। बाल्मिकी समाज के सफाई कर्मियों का प्रधानमंत्री द्वारा संगम तट पर पैर धोना इसी कड़ी में देखा जा रहा है।

    17-18 प्रतिशत अल्पसंख्यक मतदाता हैं। रामपुर से मुख्तार अब्बास नकवी भाजपा सांसद रह चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी छवि में थोड़ा सॉफ्ट कार्नर दिखाया है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि अल्पसंख्यक समाज को छकाती है। मोदी सरकार का नारा सबका साथ, सबका विकास है। हालांकि भाजपा के कुछ बड़े नेता नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि वह अल्पसंख्यकों के वोट को हटाकर अपने सफलता की सीढ़ी बनाते हैं।

  • कांग्रेस प्रत्याशी डॉ संजय सिंह ने किया 60 किलोमीटर रोडशो,दिखाई ताकत,उमड़ा जनसैलाब।

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुल्तानपुर।। कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी,पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सदस्य डॉक्टर संजय सिंह ने आज अपने प्रचार की शुरुआत करते हुए जिले में अपनी ताकत के जनसैलाब से 60 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। उन्होंने 17 प्रमुख स्थानों पर रुककर लोगों से भेंट की। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा के पास झाडू भी लगाई। संजय सिंह ने कहा कि देश के साथ पांच साल बड़ी बेइमानी हुई, बड़ा झूठ बोला गया। इसका जवाब जनता चुनाव में देगी। कांग्रेस की जीत होगी।।

    उन्होंने हाथों में झाड़ू उठाकर वहां सफाई भी किया। अपने रोड शो के दौरान सिंह ने गोसाईगंज दरगाह पर चादर चढ़ाया तो बिजेथुआ महाबीरन में हनुमान जी का आशीर्वाद लिया और अंत में करौदी के रानी सती मंदिर पर रोड शो खत्म किया। उनके साथ जिलाध्यक्ष कृष्णकुमार मिश्र,बल्दीराय अरविंद सिंह “बबलू” ,विनय विक्रम सिंह,सिराज भोला,आदि हजारो की संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • कुशीनगर : बोलेरो सवार बदमाश व्यापारी की आंख में केमिकल पाउडर डाल डेढ लाख रुपये लूट फरार 

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    कुशीनगर।  जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र के ढाढ़ा स्थित फोरलेन सड़क के ओवरब्रिज पर मंगलवार को दिन दहाड़े बोलेरो सवार बदमाश व्यापारी की आंख में केमिकल युक्त पाउडर डालकर डेढ लाख रुपये लूट कर फरार हो गये। घटना की जानकारी होने पर आसपास के लोगों में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस व्यापारी से घटना के बारे में जानकारी लेने के बाद बदमाशों की तलाश में जुट गयी।
    सुकरौली बाजार निवासी राजू कसौधन किराने का थोक विक्रेता है। मंगलवार को दोपहर बाद वह दुकान का बिक्री का रुपया बैंक को जमा करने बाइक से हाटा जा रहा था। वह अभी ढाढ़ा स्थित फोरलेन सड़क के ओवरब्रिज पर पहुंचा था कि पीछे से आ रही एक सफेद बोलेरो सवार बदमाशों ने उसके उपर केमिकल युक्त पाउडर फेंक दिया। इससे वह अपनी बाइक तुरंत रोक दिया। इतने में बोलेरो में सवार एक बदमाश ने बाइक में रखे रुपये से भरे बैग को लूट लिया। व्यापारी जब तक संभाल पाता, इससे पहले ही बदमाश मौके से फरार हो गए।
    इस घटना से घबराए व्यापारी ने पुलिस व अपने परिचितों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर हाटा कोतवाल कमलेश सिंह मय फोर्स व डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंच गयी। व्यापारी से घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई। इस संबंध में कोतवाल कमलेश सिंह ने कहा कि घटना में शामिल बदमाश जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे।

  • कुशीनगर : गलत आपरेशन से जिन्दगी और मौत से जंग लड रहा शैलेंद्र

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    कुशीनगर । जनपद के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में अप्रशिक्षित डाक्टरों द्वारा गलत आपरेशन से एक व्यक्ति पीजीआई पहुंच गया है। जहां वह जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है तो वहीं गांव में परिजनों ने स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन को शिकायत पत्र सौपकर सहित डाक्टरो के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
      जानकारी के मुताबिक उक्त थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव निवासी शैलेन्द्र यादव को बीते 17 जनवरी सुबह अचनाक पेट दर्द करने लगा।जिन्हें उपचार के लिए परिजन बगल के कोटवा बाजार सरकारी अस्पताल के समीप स्थित एक निजी अस्पताल मे गए। जहां चेकअप के दौरान डाक्टरों ने हालत गम्भीर बताते हुए पेट मे पत्थरी का अपरेशन करवाने की सलाह दी। और 18n हजार रूपयों का इंतजाम करने की सलाह दी। उसी दिन शाम को नगद रुपया जमा कराकर अपरेशन कर दिया गया।दूसरे दिन घर जाने के लिए छुट्टी दे दी गई। घर पर 22 जनवरी को पुनः दर्द होने पर परिजनो ने शैलेन्द्र को लेकर अस्पताल पहुचे जहां चेकअप के दौरान डाक्टरो ने हालत गम्भीर बताते हुए गोरखपुर ले जाने की सलाह दी। गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल मे डॉक्टर द्वारा उपचार के दौरान बताया गया कि पत्थरी अभी भी अन्दर है । अपरेशन गलत होने के वजह से अन्य अंग प्रभावित हो गए हैं।जिससे जान खतरे मे है।वहांं के भी डाक्टरो ने फौरन हालत गंभीर बताते हुए पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। पीजीआई मे भी उपचार के दौरान डाक्टरों ने भर्ती करते हुए बताया की उसका कोई उपचार नही है। अब शैलेंद्र की जान भगवान ही बचा सकते है। इस बात की जानकारी गांव मे जब परिजनो को हुई तो उनके बीच मातम सी स्थिति बन गई। परिजनो ने स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन को शिकायत पत्र भी सौप दिया है। और अप्रशिक्षित डाक्टरो के खिलाफ कार्यावाही की मांग की है ।

  • महिलाओ को आत्मनिर्भर होने के लिये मार्शल आर्ट सहायक -रवि

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    (देवरिया कार्यालय)

    रिपोर्ट- मन्नान अहमद लारी

    स्कूल,महिला कालेजो में निःशुल्क प्रशिक्षण

    देवरिया,

    महिलाओें व युवतियों पर होने वाले अत्याचार की घटनाओं को देखते हुए ताइक्वांडो प्रषिक्षक ने महिला कालेजो व स्कूलों में पढ़ने वाले महिलाओं व युवतियों को निःषुल्क ताइक्वांडो मार्षल आर्ट प्रषिक्षण देने की ठान ली है। जिससे महिलाओं पर हो रहे अत्याचार व छेड़खानी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए वे स्वयं आत्मनिर्भर हो सके।
    उक्त बाते षहर के सिविल लाइन रोड स्थित एक रेस्तरां में पत्रकारों से वार्ता के दौरान ताइक्वांडो प्रषिक्षक रवि त्रिपाठी ने कही। उन्होने कहां कि आज कल के समय में बढ़ते महिला उत्पीड़न व उनपर होने वाले दुर्घटनाओं को देखते हुए यह मन बना लिया कि जो महिलाएं व युवतियां अगर ताइक्वांडो मार्षल आर्ट का प्रषिक्षण लेगी तो वे अपनी सुरक्षा स्वयं तो करेगी ही साथ ही साथ सरकारी नौकरियों में भी उन्हे वरियता मिलेगी। श्री त्रिपाठी ने कहां कि मेरे द्वारा निःषुल्क प्रषिक्षण दिए जाने के लिए सभी कालेजो के प्रधानाचार्यो से मिलकर उनके विद्यालय में अध्ययनरत लड़कियों को निःषुल्क मार्षल आर्ट प्रषिक्षण दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है।श्री त्रिपाठी ने कहां कि वैसे तो सिविल लाईन स्थित एक आवास में इंडोर हाल लेकर कुछ युवक व युवतियों केा ताइक्वांडो का निःषुल्क प्रषिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। षीघ्र ही कालेजो में पढ़ने वाली युवतियों को भी मार्षल आर्ट से प्रषिक्षित किया जायेगा।

  • समस्त मास्टर ट्रेनर्स का पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण का आयोजन 23 अप्रैल को।

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2019 के निर्वाचन को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सफलतापूर्वक सम्पादित कराये जाने हेतु जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि के आदेशानुसार मतदान कार्मिकों (पीठासीन एवं मतदान अधिकारी) को ईवीएम व वीवी पैट एवं सामान्य सैद्धान्तिक कुशल प्रशिक्षण देने के लिये ईवीएम एवं सामान्य सैद्धान्तिक प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। समस्त मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण कराया जाना है।

    जिसके पूर्व समस्त मास्टर ट्रेनर्स के पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण 23 अप्रैल को अपरान्ह 03ः00 बजे से विकास भवन सभागार, सुलतानपुर में आयोजित होगा, जिसमें 40 ईवीएम प्रशिक्षक तथा 40 सामान्य प्रशिक्षक को मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण दिये जाने हेतु परिपक्य किया जायेगा।
    यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी/नोडल-प्रभारी अधिकारी(म0का0) मधुसूदन हुल्गी ने देते हुए बताया कि उक्त प्रशिक्षण प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व समस्त मास्टर ट्रेनर्स को उपस्थित होने के निर्देश दिये गये हैं।

  • CJI रंजन गोगोई को क्लीनचिट, महिला के आरोपों को इन हाउस कमेटी ने किए खारिज

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    नई दिल्ली। एक पूर्व महिला कर्मचारी ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. इसके बाद गठित की गई तीन सदस्यीय इन हाउस समिति के जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के पैनल ने यह फैसला सुनाया।

    CJI रंजन गोगोई पर एक पूर्व महिला कमर्चारी के लगाए गए आरोपों को इन हाउस कमेटी ने खारिज कर दिया है. जांच समिति ने कहा है कि महिला के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। इसके साथ ही इनहाउस कमेटी की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी. समिति का कहना है कि महिला अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिए अपेक्षित सबूत पेश नहीं कर सकी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इन हाउस पैनल की जांच के तथ्यों को सुप्रीम कोर्ट के 2003 के नियमों के तहत सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।.

    बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप को खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इन आरोपों का खंडन करने के लिए मुझे इतना नीचे उतरना चाहिए। सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा था कि न्यायपालिका खतरे में है।

    अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होनी है, इसीलिये जानबूझकर ऐसे आरोप लगाए गए. सीजेआई ने कहा कि क्या चीफ जस्टिस के 20 सालों के कार्यकाल का यह ईनाम है? 20 सालों की सेवा के बाद मेरे खाते में सिर्फ 6,80,000 रुपये हैं. कोई भी मेरा खाता चेक कर सकता है।

  • BJP प्रत्‍याशी भारती घोष की गाड़ी से जब्त हुए 1.13 लाख

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    खड़गपुर। घाटाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार भारती घोष की गाड़ी से 1.13 लाख रुपये जब्त किये जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पिंगला थाना अंतर्गत डाकबंग्ला के मंगलबाड़ नाका इलाके से पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान घाटाल लोकसभा सीट की भाजपा उम्मीदवार भारती घोष की गाड़ी से एक लाख तेरह हजार रुपये बरामद किये।  इसके खिलाफ तृणमूल समर्थकों ने पहले सड़क जाम किया, फिर पिंगला थाना का घेराव किया।

    रुपये की जब्ती के बाद पुलिस ने भारती घोष को हिरासत में लिया, लेकिन चार घंटे के अंदर ही उन्हें रिहा कर दिया। गौरतलब है कि भारती घोष गुरुवार की देर रात भाजपा नेताओं के साथ चार गाड़ियों का काफिला लेकर पिंगला के मुंडमारी इलाके से जलचक गांव की ओर जा रही थीं। डाकबंग्ला के मंगलबाड़ नाका इलाके में तलाशी अभियान चला रही पुलिस ने भारती घोष के काफिले को रोका और तलाशी अभियान के दौरान रुपये बरामद किये।

    पुलिस ने रुपये सहित भारती घोष और भाजपा नेताओं को पिंगला थाना मे लाकर हिरासत में लिया, लेकिन भारती घोष ने बरामद किये गये रुपयों के सीजर लिस्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। भारती घोष का कहना कि यह पुलिस और तृणमूल की साजिश है. उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।

    उन्हें सूचना मिली थी कि जलचक गांव में दो भाजपा समर्थकों का मकान तृणमूल समर्थकों ने तोड़ डाला है, लेकिन जब वह जा रही थीं, तो पुलिस ने उनकी गाड़ी की तलाशी ली. उन्होंने बैंक से पैसे निकाले थे. इसका प्रमाण भी था, लेकिन पुलिस केवल उनसे ही हस्ताक्षर करवाना चाहती थी, जबकि गाड़ी में अन्य लोग भी उपस्थित थे. इस कारण उन्होंने सीजर लिस्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया।

    पुलिस चारो गाडि़यों में मौजूद लोगों के पैसे को इकट्ठा करके दिखाकर बदनाम करने की कोशिश कर रही है, जबकि यह चुनाव आयोग के नियम के अनुरूप ही था. दूसरी ओर भाजपा के राज्य अध्यक्ष व मेदिनीपुर लोकसभा सीट के उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा।

  • चौंकाने वाला खुलासा : PM किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि किसानों के खाते में आई और वापस भी हो गई

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    मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिम बजट में किसान सम्मान निधि की घोषणा की थी। इसके तहत दो हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों को प्रत्येक वर्ष छह-छह हजार रुपये उनके बैंक खातों दिए जाते हैं।
    आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले आनन-फानन में इस योजना को लागू किया गया था। किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि किसानों के खाते में आई और वापस भी हो गई। इस तरह के अब तक करीब दो हजार मामले सामने आ चुके हैं।

    बैंक और कृषि विभाग के अधिकारी भी हतप्रभ हैं कि ऐसा कैसे हुआ। लगातार शिकायतें आ रही हैं। धनराशि कहां गई और ऐसा क्यों हुआ? इस संबंध में कोई कुछ नहीं बता पा रहा। सीडीओ एवं प्रभारी डीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है।

    किसानों का चयन कर सूची ऑनलाइन फीड की गई और भारत सरकार से ही सीधे पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से  किसानों के खातों में दो-दो हजार की धनराशि भेजी गई। जनपद से योजना के तहत दो लाख 20 हजार किसानों का डाटा फीड हुआ था। इसमें से एक लाख तीन हजार किसानों के खातों में फरवरी माह और अप्रैल माह में दो-दो हजार रुपये भेजे गए।

    इनमें से बहुत से किसान ऐसे हैं जिनके खातों में धनराशि आई तो, लेकिन फिर वापस हो गई। किसानों ने पासबुक में एंट्री भी करा रखी है। ग्राम अलीपुरा के भूपेंद्र और ब्रजपाल ने बताया कि उनके एसबीआई के खाते में दो हजार रुपये आए थे। मगर, जब उन्होंने निकालने चाहे तो बैंक कर्मियों ने बताया कि खाते में रुपये नहीं हैं।

    पता करने पर बताया गया कि धनराशि वापस हो गई है। पीनना के महेश कुमार, राजपाल सिंह, तितावी के विनोद और मंसूर के खातों से रुपये वापस हुए हैं। कृषि विभाग में इस तरह की लगभग दो हजार शिकायतें आई हैं।

    किसानों के खाते में आए थे 41 करोड़

    किसान सम्मान निधि के तहत जिले में दो लाख 20 हजार किसानों का डाटा भारत सरकार को भेजा गया था। इनमें से एक लाख तीन हजार किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की दो किश्तों में 41 करोड़ 20 लाख रुपये भेजे गए। किसानों के खातों में रुपये भेजे जाने के बाद से ही वापस होने की शिकायतें मिलने लगी थीं।

    किसने क्या कहा

    -किसानों के खातों से रुपये वापस हुए हैं। किसान लगातार इस तरह की शिकायतें कर रहे हैं। अगली बार होने वाले किसान दिवस में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया जाएगा।

    – राजू अहलावत, जिलाध्यक्ष, भाकियू-राशि वापस होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऐसा क्यों हुआ? इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। राशि सीधे दिल्ली से किसानों के खातों में भेजी गई थी। जिला स्तर पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि यहां देखकर कुछ बताया जा सके।

    – नरेंद्र कुमार, उप निदेशक कृषि

    -मेरे पास इस तरह की शिकायत नहीं आई है। यदि मेरे पास इस तरह का कोई मामला आता है तो उसकी जांच कराई जाएगी। पता लगाया जाएगा कि किसानों के खातों से रुपये कहां गए।
    – अमित बुंदेला, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक 

    किसान सम्मान निधि की धनराशि खाते में आते ही वापस होने की शिकायतें आने लगी थी। यह कोई तकनीकी खामी है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा जा चुका है।
    – अर्चना वर्मा, प्रभारी डीएम