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  • जानिए, जिया का फिटनेस फंडा उन्हीं की जुबानी

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    साउथ इंडियन एक्ट्रेस जिया शंकर इन दिनों हिंदी सीरियल ‘मेरी हानिकारक बीवी’ में डॉक्टर का रोल प्ले करते हुए नजर आ रही हैं। सीरियल में उनका कैरेक्टर हेल्थ को लेकर बहुत कॉन्शस रहता है। असल जिंदगी में भी जिया खुद को फिटनेस फ्रीक मानती हैं।

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    अब वह एंड टीवी पर टेलीकास्ट हो रहे सीरियल ‘मेरी हानिकारक बीवी’ में लीड रोल कर रही हैं। वह अपने रोल के लिए जितना डेडिकेटेड रहती हैं, उतना ही अलर्ट अपनी फिटनेस को लेकर भी रहती हैं। वह खुद को फिट रखने के लिए खास एक्सरसाइज, डाइट पैटर्न भी फॉलो करती हैं। जानिए, जिया का फिटनेस फंडा उन्हीं की जुबानी।।

    इससे मैं सारा दिन फ्रेश और एनर्जेटिक भी फील करती हूं और अपना काम अच्छे से कर पाती हंू। इसके अलावा मैं एक्सरसाइज के कुछ प्रोग्राम्स भी देखती हूं, जिसमें 5 मिनट, 7 मिनट या 10 मिनट में मैक्सिमम एक्सरसाइज कैसे करें? इस बारे में बताया जाता है। इन टिप्स को शामिल करने से मेरी रेग्युलर एक्सरसाइज में वैरायटी आ जाती है, जिससे एंज्वॉयमेंट के साथ एक्सरसाइज कर पाती हूं।

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    बिना हेल्दी-न्यूट्रीशस डाइट के फिगर मेंटेन करना नामुमकिन है। बेसिकली मैं नॉनवेजीटेरियन हूं, लेकिन अपनी डाइट को लेकर बहुत अलर्ट रहती हूं। अपनी डाइट में वही चीजें शामिल करती हूं, जो हेल्दी होती हैं। इन दिनों सीरियल ‘मेरी हानिकारक बीवी’ की शूटिंग में काफी समय देना होता है, बहुत एनर्जी की जरूरत होती है।

    यही वजह है कि स्पेशल डाइट फॉलो कर रही हूं। इन दिनों मेरी डाइट में ज्यादातर सलाद, हरी सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, ग्रीन टी और जूस शामिल हैं। ब्रेड अवॉयड कर रही हूं। खाने में कॉर्ब्स नहीं ले रही हूं। इसके साथ ही मैं खूब पानी भी पीती हूं, इससे डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम नहीं होती है।

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    स्क्रीन पर मुझे हमेशा हैवी मेकअप में रहना होता है। जबकि मैं घर पर लाइट मेकअप प्रेफर करती हूं। सिर्फ मस्कारा और लिपस्टिक लगाती हूं। मस्कारे से मेरी आंखें हाईलाइट होती हैं और लिपस्टिक से मेरे लिप्स अट्रैक्टिव नजर आते हैं। इससे मेरा लुक हमेशा अच्छा नजर आता है।

  • जब दुल्हन ने रखी ये शर्त, शौचालय बनने पर ही आऊंगी ससुराल

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    गाजीपुर । ससुराल में शौचालय नहीं बना तो भावी दुल्हन ने चौखट लांघने से इन्कार कर दिया। इससे वर पक्ष असमंजस में पड़ गया और दुल्हन को मनाने का दौर जारी है। मामला जैतपुरा गांव निवासी सुदामा निषाद का है। सुदामा का विवाह वीरपुर गांव निवासी जनार्दन निषाद की बेटी राजकुमारी से आठ फरवरी को होना तय हुआ है।

    वर व वधू दोनों दिव्यांग हैं लेकिन, पढ़े-लिखे हैं। सुदामा जहां स्नातक स्तर तक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं वहीं राजकुमारी स्नातक अंतिम वर्ष में हैं। दोनों का विवाह तय होने के दौरान वधू पक्ष ने सुदामा के घर में शौचालय न होने का सवाल खड़ा किया। इस पर वर पक्ष की तरफ से आश्वासन मिला कि विवाह से पहले प्रत्येक दशा में हम शौचालय बनवा लेंगे।

    दिव्यांग सुदामा के पिता प्यारेलाल ने ग्राम पंचायत के प्रधान, सेक्रेटरी, सदर विकासखंड के खंड विकास अधिकारी आदि के यहां शौचालय बनवाए जाने की गुहार लगाई किंतु अब तक शौचालय नहीं बन पाया। इधर, पढ़े-लिखे सुदामा और राजकुमारी में सोशल साइट के जरिये बातचीत भी शुरू हो गई। राजकुमारी की तरफ से बार-बार सुदामा से पूछा जा रहा है कि शौचालय के निर्माण की प्रगति क्या है? राजकुमारी ने यहां तक कह दिया कि शौचालय नही बना तो मैं ससुराल का चौखट नहीं लाघूंगी।

    सामाजिक संस्था से लगाई गुहार

    बात बिगड़ती देख सुदामा ने अपना संदेश समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजभूषण दुबे तक पहुंचाया। इस पर ब्रजभूषण दुबे सोमवार को सुदामा के घर अपने सहयोगियों सहित पहुंचकर पूरा हाल जाने। उन्होंने पूरा मामला जिलाधिकारी के बालाजी, केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा सहित उत्तर प्रदेश शासन व प्रधानमंत्री के पोर्टल पर भेजते हुए तत्काल सुदामा के घर स्तरीय शौचालय निर्माण कराए जाने की मांग की।

  • इंदिरा नूई बनीं ICC की पहली महिला स्वतंत्र निदेशक

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    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पेप्सिको की चेयरमैन और सीईओ इंदिरा नूई को आईसीसी बोर्ड की पहली स्वतंत्र महिला निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. शुक्रवार को हुई मीटिंग में इसकी घोषणा की गई. नूई इसी साल जून में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी. आईसीसी के चेयरमैन शशांक मनोहर ने कहा है कि आईसीसी में नूयी का स्वागत कर हमें खुशी हुई है. नूई ने कहा कि क्रिकेट को मैं हमेशा से ही पसंद करती रही हूं. इसे मैनें कॉलेज समय में खेला था. ये हमेशा ही टीमवर्क, सम्मान और एक अच्छी चुनौती देना सीखाता है.

    चेन्नई में पैदा हुईं इंद्रा नूई की आरंभिक शिक्षा दीक्षा भी चेन्नई में ही हुई है. विज्ञान विषयों से ग्रैजुएशन करने वाली इंदिरा ने बाद में कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मैनेजमेंट की पढ़ाई की और भारत में ही अपना करियर शुरु किया.

    कुछ वर्षों तक काम करने के बाद इंद्रा पढ़ाई करने के लिए अमरीका गईं और वहां येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से उन्होंने पढ़ाई की. कई कंपनियों में काम करने के बाद 38 वर्ष की उम्र में 1994 में इंद्रा ने पेप्सिको ज्वाइन किया.

    10 साल के बाद 2004 में कंपनी की मुख्य फाइनेंस अधिकारी और 2006 में वो कंपनी की सीईओ बनीं. वर्ष 2007 में उन्हें भारत का प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान भी मिल चुका है.

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  • आपको यह जानकर होगी हैरानी, इस युवती ने दो युवतियों से की शादी और बनाए शारीरिक संबंध

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    देहरादून, लड़का बनकर दो लड़कियों से शादी करने के मामले में एक लड़की को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने बाकायदा लड़कियों को दहेज के लिए प्रताडि़त किया और पैसे भी ठगे। मामले में पीडि़त लड़कियों की शिकायत पर चार महीने तक चली जांच के बाद पुलिस ने आरोपी लड़की को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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    इस मामले में एक और खुलासा ये हुआ है कि आरोपी अंधेरे में पत्नियों से सेक्स करती थी और सेक्स के लिए सेक्स टॉय का इस्तेमाल करती थी। आरोपी कृष्णा कथित पत्नियों को ना तो अपना शरीर छूने देती और ना ही उनके सामने कभी कपड़े बदलती थी। खुद को  पुरुष दिखाने के चलते वह शराब और सिगरेट पीती और बाइक पर घूमती। आरोपी उत्तर प्रदेश के धामपुर की रहने वाली कृष्णा सेन है।

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    इसने लड़के के नाम से फेसबुक आईडी बनाई हुई थी। इसी आईडी के दम पर उसने 2014 में काठगोदाम की लड़की को जाल में फंसाकर शादी रचाई और 2015 में कारोबार करने के बहाने 8.50 लाख रुपये ऐंठ कर चली गई। इस बीच एक दिन लड़की को पता चला कि कृष्णा किसी दूसरी लड़की से शादी कर हल्द्वानी में रह रहा है, जिसके बाद आरोपी की पहली पत्नी ने कृष्णा से तलाक देने की बात कही तो उसने मारपीट की और घरवालों को जान से मारने की धमकी दी।

    अक्तूबर 2017 में काठगोदाम निवासी लड़की ने आरोपी कृष्णा पर दहेज उत्पीडऩ का मुकदमा दर्ज करा दिया। करीब चार महीने की जांच के बाद आरोपी की पोल खुल गई।

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  • मिस्र के ब्यूटी सीक्रेट्स आपको कर सकते है और भी ख़ूबसूरत

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    मिस्र के लोग अपनी खूबसूरती और बेदाग त्वचा के लिए पूरे विशव में जाने जाते हैं. उनकी चेहरे पर अलग तरह का निखार होता है. मिस्र देश के लोगों को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. वहां 40 साल की महिलाओं के चेहरे पर 25 साल की जवां लड़की की तरह निखार होता है. इसके पीछे का कारण उनका लाइफस्टाइल और घर में बनी चिजों का इस्तेमाल करना है. आप भी उनकी तरह नैचुरल निखार पाना चाहते हैं तो मिस्र देश को लोगों के ब्यूटी सीक्रेट्स को कॉपी कर सकती हैं. तो आइए जानते हैं उनके सुंदरता के पीछे छिपे राज के बारे में :

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    1. बालों के नारियल तेल

    मिस्र की महिलाओं के बाल बहुत लंबे और सिलकी होती है. वह अपने बालों की देखभाल करने पर खासा ध्यान देती है. बालों को संपूर्ण पोषण देने के लिए वहां की अधिकतर महिलाएं नारियल तेल का ही इस्तेमाल करती है. उनका माना है कि बालों  नारियल तेल लगाने से बाल लंबे, घने और काले रहते हैं.

    2. स्क्रब के कॉफी का इस्तेमाल
    स्किन से डैड स्किन निकालने के लिए वह कॉफी से बने स्क्रब का इस्तेमाल करती हैं. इसके साथ ही वह घर में बने कॉफी स्क्रब का यूज करती है. कॉफी स्क्रब बनाने के लिए कॉफी पाउडर, 1चम्मच शहद और 1 चम्मच नारियल तेल लें. अब इसको अच्छे से मिक्स करें. इसके बाद तैयार स्क्रब से चेहरे की सफाई करें.

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    3. दूध और शहद से स्नान

    शहद में एक्सफोलेटिंग और हाइड्रेटिंग गुण पाएं जाते हैं. जो रंगत निखारे का काम करते हैं. बेदाग और ग्लोइंग स्किन पाने के लिए मिस्र की महिलाएं नहाने के लिए पानी का नहीं दूध और शहद का इस्तेमाल करती हैं. इस तरह नहाने से त्वचा में कसाव और चमक बनी रहती है.

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    4. नमक वाले पानी से नहाना
    शरीर की डैड स्किन को निकालने के मिस्र की महिलाएं नमक वाले पानी से नहाती है. नमक के पानी से नहाने से त्वचा की मृत कोशिकाओं हटाने के साथ ही त्वचा संबंधी विकारों से भी बचा जा सकता है.

    5. शुगर का इस्तेमाल

    शरीर के अनचाहे वालों को हटाने के लिए मिस्र की महिलाएं चीनी, नींबू और पानी से बने पेस्ट का इस्तेमाल करती है. इस पेस्ट को लगाने से बाल आसनी से निकल जाते हैं. इसके साथ ही दर्द भी कम होता है.

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    6. कसरत
    इस के अलावा मिस्र के लोग बॉडी शेप को ठीक रखने के लिए रोजाना कसरत करते हैं. वे रोइंग, फिशिंग, जंपिग जैसी एक्टिविटीज में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं, ताकि उनका शरीर फिट रहे.

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  • होली की रात बाथरूम में मिली DGM और उसकी पत्नी की लाश, सदमे में डूबा परिवार

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    गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद में उस वक्त सनसनी फैल गई जब होली की रात पति-पत्नी का संदिग्ध हालात में शव बाथरूम में मिला। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस मृतक के परिजनों से पूछताछ कर रही है। वहीं दोनों की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
    मायावती ने सपा को सीधे समर्थन देने से किया इनकार, कहा-बीजेपी को हराने वाले को दें वोट
    जानिए, क्या है पूरा मामला
    जानकारी के मुताबिक घटना इंदिरापुरम के ज्ञान खंड 1 स्थित फ्लैट नंबर 159 की है। जहां नीरज सिंघानिया और उनकी पत्नी रुचि सिंघानिया का शव टॉयलेट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। नीरज के पिता प्रेम प्रकाश सिंघानिया के अनुसार सभी लोग होली के आयोजन में शामिल होने के बाद घर लौटे थे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो दोनों ने दरवाजा नहीं खोला। जिसके बाद उनके छोटे बेटे ने स्टूल लगाकर बेडरूम के अंदर देखा। बाथरूम के अंदर उन्हें बहू का पैर नजर आया।
    लोकसभा उपचुनाव में सपा का साथ देगी बसपा
    2010 में हुई थी दोनों की शादी
    वह दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे जहां नीरज सिंघानिया और उनकी बहू रुचि सिंघानिया बाथरूम के अंदर पड़े थे। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि नीरज मोबाइल कंपनी मैट्रिक्स में डिप्टी जनरल मैनेजर थे और और बहू अमेरिका आधारित आईटी कंपनी की नोएडा शाखा में काम करती थी। दोनों की शादी 2010 में हुई थी और उनकी 4 साल की एक बच्ची है।

  • ढह गया याेगी का किला, फूलपुर में भी मुरझाया कमल

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    लखनऊः उत्तर प्रदेश की 2 लोकसभा सीट गाेरखपुर आैर फूलपुर पर हुए उपचुनावों के नतीजे आ चुके हैं। दाेनाें सीटाें पर सपा प्रत्याशी ने अप्रत्याशित जीत दर्ज की है। आगामी लाेकसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहे जाने वाले इस चुनाव में मिली करारी हार से बीजेपी के 2019 मिशन काे करारा झटका लगा है। सपा-बसपा गठबंधन की इस जीत ने बीजेपी के लाेकसभा चुनावी सफर को और भी मुश्किल बना दिया है।
    भाजपा को उमर अब्दुल्ला ने मारा ताना, आपने मुझे गलत साबित कर दिया, शुक्रिया
    गोरखपुर 
    गाेरखपुर सीट से सपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने 45,454 वाेट से जीत दर्ज की है। आैपचारिक एेलान में बताया गया है कि प्रवीण निषाद ने 21961 मतों से जीत हासिल की है।
    गाेरखपुर से सपा कैंडिडेट प्रवीण निषाद 4,05,870 वाेट के साथ पहले आैर बीजेपी कैंडिडेट उपेंद्र दत्त शुक्ल 384753 वाेट के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुरहिता करीम 17,720 के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
    BSP नेता लालजी वर्मा के बेटे ने खुद को गोली मारी
    फूलपुर
    वहीं एतिहासिक फूलपुर सीट से सपा कैंडिडेट नगेंद्र सिंह पटेल काे 3,42,796 वाेट आैर बीजेपी प्रत्याशी काैशलेंद्र प्रताप सिंह काे 2,83,183 मिले हैं जबिक कांग्रेस प्रत्याशी मनीष मिश्र काे 19, 334 वाेट प्राप्त हुए हैं। बाहुबली व निर्दलीय प्रत्याशी अतीक अहमद 48,087 वाेट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। बता दें कि ये सीट यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद माैर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बीजेपी के लिए काफी अहम मानी जानी वाली इस सीट काे भी केशव माैर्य नहीं बचा पाए जाे उनके खुद के लिए एक प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई थी।

    याेगी आदित्यनाथ काे बड़ा झटका
    जिस गाेरखपुर सीट पर बीजेपी का पिछले तीन दशक से कब्जा था उसे भी मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ नहीं बचा पाए। इस सीट पर भी बीजेपी प्रत्याशी काे करारी हार का सामना करना पड़ा है।

    पहली परीक्षा में ही फेल हुए याेगी आदित्यनाथ
    बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद याेगी की ये पहली बड़ी परीक्षा थी जिसमें वह फेल हाे गए हैं। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन को यूपी की 80 में से 73 सीटें हासिल हुई थीं, लेकिन चार साल बाद दो लोकसभा के उपचुनाव हुए और योगी जी के नेतृत्व में बीजेपी दोनों सीटें हार गई।

    गोरखपुर में हमेशा से रहा है गोरखपीठ का दबदबा
    गोरखपुर में शुरू से ही गोरखपीठ का दबदबा रहा है और यहां हमेशा से ही पीठ का मुख्य पुजारी चुनाव जीतता आया है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1998 से भाजपा के सांसद हैं। वह लगातार यहां से पांच बार सांसद रह चुके हैं।

    योगी आदित्यनाथ से पहले यहां गोरखपीठ के मुख्य पुजारी महंत अवेद्यनाथ यहां के सांसद थे। वह पहली बार 1989 में हिंदू महासभा की ओर से लोकसभा चुनाव जीते थे। अवेद्यनाथ यहां लगातार तीन बार चुनाव जीते और सांसद रहे।

    गोरखपुर में पहली बार गोरखपीठ मठ का दबदबा 1967 में देखने को मिला जब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर महंत दिग्विजयनाथ ने यहां चुनाव जीता था। उनके बाद यहां से महंत अवेद्यनाथ ने पहली बार 1970 में चुनाव जीता। हालांकि 1977 में यहां भारतीय लोकदल के उम्मीदवार हरिकेश बहादुर चुनाव जीते थे। जिसके बाद 1980 में वह कांग्रेस के टिकट पर दोबारा 1980 में पर चुनाव जीते। इसके बाद यहां मदन पांडे कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा पहुंचे थे। लेकिन 1989 में यहां पर एक बार फिर से मठ ने वापसी की और महंत अवेद्यनाथ हिंदू महासभा की सीट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। 1991 में महंत अवेद्यनाथ ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और फिर से जीतकर लोकसभा पहुंचे और इसके बाद से हमेशा यहां भाजपा का कब्जा रहा है।

    बिहार में भी बीजेपी काे मिली हार 
    बिहार की अररिया लाेकसभा की एक मात्र सीट पर हुए उपचुनाव में भी बीजेपी काे हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर राजद प्रत्याशी ने बीजेपी कैंडिडेट काे कड़े मुकाबले में हराया है। वहीं भभुआ आैर जेहानाबाद की विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में एक सीट बीजेपी आैर एक सीट राजद काे मिली है।

  • आज दोपहर 12 बजे पार्टी ऑफिस पर अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस

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    लखनऊः समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करने वाले हैं, जिसमें वह 2 बड़े नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे।

    उपचुनाव की जीत के बाद अखिलेश और मायावती के चित्रों वाले लगे होर्डिंग

    बता दें कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुजन समाज पार्टी से आओ कई नेता समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेंगे। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक इरशाद खान आज समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले हैं। इसके अलावा बसपा के पूर्व सांसद प्रदीप सिंह भी समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने जा रहे हैं। आज अखिलेश यादव इन दोनो नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे।

    मुठभेड़ में एक इनामी बदमाश गिरफ्तार, एक कांस्टेबल घायल

  • चार सालों से आजीवन प्रतिबंध झेल रहे हैं एस श्रीसंत, फैसला जुलाई के अंत तक

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    नई दिल्ली. आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को जुलाई के अंत तक फैसला सुनाने को कहा। साल 2013 में एस श्रीसंत और अन्य खिलाड़ी स्पॉट फिक्सिंग के चलते बैन झेल रहे हैं जिस पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को जुलाई के अंत तक फैसला देने के लिये कहा। स्पॉट फिक्सिंग के चलते श्रीसंत पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आजीवन प्रतिबंध लगाया था जिसे केरल हाईकोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को बरकरार रखा। श्रीसंत ने केरल हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट चुनौती दी थी।

    श्रीसंत पर 2013 आईपीएल में राजस्थान की तरफ से खेलते हुए एक मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप लगे थे। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि खिलाड़ियों के आजीवन प्रतिबंध की व्याकुलता को समझा जा सकता है, लेकिन आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में एस श्रीसंत समेत अन्य खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया था।

    श्रीसंत ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेलने की मांग की है। श्रीसंत का कहना है कि उन्हें स्पॉट फिक्सिंग मामले में बरी कर दिया गया है इसके बावजूद वो चार सालों से आजीवन प्रतिबंध झेल रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने साल 2013 में आइपीएल के दौरान श्रीसंत, अजीत चंडीला और अंकित चव्हाण को गिरफ्तार किया था।

    बीसीसीआइ ने साल 2013 आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार किये गये खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए श्रीसंत ने केरल हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसपर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने 7 अगस्त 2013 को श्रीसंत पर लगे आजीवन बैन को हटा दिया था।

    स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत समेत सभी 36 आरोपियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जुलाई 2015 में बरी कर दिया था। लेकिन इस फैसले के बाद भी बीसीसीआइ ने इन खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध नहीं हटाया।

  • 600 मोबाइल टॉवर के ‘अंडर करंट’ में पटना, सहूलियत की जगह स्वास्थ्य को नुकसान

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    पटना : राजधानी पटना मोबाइल टॉवर की कैद में है। घनी आबादी में भी नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। टॉवर लगाने के एवज में मिलने वाली राशि की वजह से लोग खुद अपने स्वास्थ्य के दुश्मन बन बैठे हैं। सिर्फ राजधानी पटना की नई बसावट में 200 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाए हैं। पटना के मोहल्लों में लगे मोबाइल टॉवर व मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन सेहत पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि पटना में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करीब 600 टॉवर हैं। गैरकानूनी रूप से ये आंकड़ा इससे भी भयावह होगा। यानी पूरा पटना सैंकड़ों मोबाइल टॉवर की कैद में है। आप अपने घर की छत पर खड़े होकर, जहां भी नजर दौड़ाएंगे, वहां आपको मोबाइल टॉवर दिख जाएंगे। मोबाइल टेलीकॉम कंपनियों ने नियम को ताक पर रखकर घनी आबादी में मोबाइल टॉवर लगा दिए हैं।

    पर्यावरणविद् बताते हैं, मोबाइल टॉवर ने हमारी जिंदगी की कितनी बदली है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि कुछ साल पहले तक हमारे घर की बालकनी में चें-चें करने वाली गौरैया अब गायब हो गई है। शहरों से मधुमक्खी की आबादी भी पलायन कर चुकी है।

    पिछले दो दशक में राजधानी पटना की नई बसावट यानी नूतन राजधानी में 215 मोबाइल टॉवर हैं। वहीं नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कंकड़बाग इलाके में 65 मोबाइल टॉवर हैं। राजधानी के बांकीपुर इलाके में 142 मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। पटना सिटी इलाका भी मोबाइल रेडिएशन की मार से अछूता नहीं है। यहां करीब 166 मोबाइल टॉवर हैं। अन्य को जोड़ते हुए शहर में कुल मिलाकर 600 मोबाइल टॉवर हैं। जो संभव है कि लोगों को मोबाइल पर बात करने व इंटरनेट आदि के इस्तेमाल में सहूलियत प्रदान करता हो, मगर इसका अंडर करंट लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।

    अपने मोहल्ले में तने मोबाइल टॉवर को देखकर हम भले ही खुश हो लें कि हमारा इलाका तरक्की कर रहा है, मगर सच्चाई तो यही है कि टॉवर और मोबाइल दोनों के रेडिएशन स्वीट प्वाइजन की तरह हैं। ये ऊपर-ऊपर भले ही नहीं दिखते हों, मगर स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालते हैं। जेनरल फिजिशयन डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा बताते हैं, शहर में कुकरमुत्ते की तरह लगे रहे मोबाइल टॉवर तेजी से ध्वनि प्रदूषण बढ़ा रहा है। इस वजह से लोगों में कान से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। यदि इसी तरह मोबाइल टॉवर तेजी से बढ़ता रहा तो और भी परेशानियां कम नहीं होने वाली हैं।

    मयंक चौधरी (बदला नाम)। पटेल नगर निवासी हैं। कुछ दिनों पहले डॉ. गोपाल प्रसाद के यहां इलाजरत थे। इन्हें मोबाइल मेनिया हो गया था। यानी मोबाइल के बिना के वे एक पल नहीं रह सकते थे। इस वजह से रात को नींद तक नहीं आती थी। सोते वक्त भी सीने से मोबाइल चिपका कर रखते थे। घर वालों को जब परेशानी समझ में आई तो वे डॉ. गोपाल प्रसाद के पास ले गए। करीब छह महीने तक इलाज होने के बाद अब मयंक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अब उनकी जिंदगी मोबाइल के बिना चंगी है।

    राहुल राज (बदला नाम)। कंकड़बाग इलाके के निवासी हैं। नवमी क्लास के छात्र हैं। आठवीं क्लास तक अपने स्कूल के टॉप छात्रों में इनकी गिनती की जाती थी, मगर नवमी क्लास में इनका प्रदर्शन एकदम से नीचे लुढ़क गया। घर वालों ने देखा की उनका लाल हमेशा मोबाइल में चिपका रहता है। वे मनोचिकित्सक डॉ. समीधा पांडे के पास लेकर गए। वहां डॉ. पांडे ने समझाया कि स्मार्ट फोन के अधिक इस्तेमाल से राहुल की एकाग्रता पर अधिक असर पड़ा है। उसका फोकस गड़बड़ हो गया है। आज काउंसलिंग व इलाज के बाद राहुल फिर से सामान्य हो गया है।

    मोबाइल फोन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, इससे तो सभी वाकिफ हैं। अब नया तथ्य सामने आया है कि यह सड़क से अधिक घर और दफ्तर में नुकसान पहुंचा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल का रेडिएशन मिलकर शरीर पर दोगुना नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अध्ययन में यह बात सामने आई है।

    मोबाइल टॉवर और मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन की वजह से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। मोबाइल फोन ने युवाओं के व्यक्तित्व व चरित्र को प्रभावित किया है। किशोरों को लगता है कि अब उन्हें पढऩे की जरूरत नहीं, सबकुछ मोबाइल में ही मिल जाएगा। इस वजह से युवा तेजी से डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं।

    मोबाइल फोन व मोबाइल टॉवर से निकलने वाले इलक्ट्रो मैगनेटिक रे की वजह से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पर रहा है। इस वजह से बच्चों की याददाशत पर गहरा असर पड़ा है। मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से युवाओं के ब्रेन के अंदर न्यूरो सेल को नुकसान हो रहा है। मोबाइल टॉवर व मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडियेशन की वजह से बच्चों व युवाओं की समझने की क्षमता भी प्रभावित हुई है।