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  • गोभी उत्तपम बनाने की सबसे आसान रेसिपी, नाश्ते में जरुर करें ट्राई

    Gobhi uttapam Recipe: अगर आप साउथ इंडियन फूड पसन्द करते हैं और नाश्ते में कुछ हल्का और टेस्टी भी खाना पसंद करते हैं तो ट्राई करें ये झटपट बनने वाली रेसिपी गोभी उत्तपम को।
    इस रेसिपी को बनाने के लिए फूलगोभी का इस्तेमाल भी किया जाता है। वहीं जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है। ये रेसिपी न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होती है बल्कि बनने में भी बेहद आसान लगती है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाया जाता है टेस्टी गोभी का उत्तपम।
    Gobhi Uttapam Recipe: गोभी उत्तपम बनाने के लिए सामग्री-
    -1 कप सूजी
    -2 टेबल स्पून दही
    -4-5 कढ़ी पत्ता
    -1/2 कप फूलगोभी , कद्दूकस
    -2 हरीमिर्च
    -1 टी स्पून अदरक
    -2 टेबल स्पून प्याज
    -2 टी स्पून हरा धनिया
    -स्वादानुसार नमक
    -1/2 टी स्पून काली मिर्च
    -फ्रूट सॉल्ट
    -तेल
    जानिए गोभी उत्तपम बनाने की वि​धि-
    गोभी उत्तपम बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में सूजी, दही, नमक, हरी मिर्च, अदरक, कढ़ीपत्ता, प्याज, कालीमिर्च पाउडर डालकर मिक्स करके पानी की मदद से बैटर तैयार करें। अब इसके बाद बैटर को कुछ देर के एक तरफ रख दें। वहीं थोड़ी देर बाद बैटर में कददूकस की हुई गोभी डालकर डालकर मिक्स करने के बाद इसमें फ्रूट सॉल्ट मिक्स कर दीजिए। अब गैस पर एक पैन रखकर उसमें तेल लगाकर उसे चिकना करते हुए गर्म कर लें। वहीं अब बैटर को पैन पर डालकर गोलाकार में फैलाकर ढक्कन लगाकर सेक लीजिए। ऐसा ही कुछ देर बाद दूसरी तरफ से भी सेक लें और आपका टेस्टी गोभी उत्तपम बनकर तैयार है, इसे गरमागरम ही सर्व करें।

  • जानें क्या है सामाजिक-आर्थिक सर्वे की साइकिल

    देश- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करने जा रहीं हैं। आम आदमी से लेकर व्यापारी वर्ग तक के सभी लोगों के मन मे बजट से काफी उम्मीदें हैं। वही इस समय नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) काफी सुर्खियां बटोर रहा है। असल मे यह देशभर में कई नमूना आंकड़े जुटाता है।
    इसे अलग-अलग राउंड में जुटाया जाता है. अलग-अलग सामाजिक मुद्दों और पृष्ठभूमि से जुटाए जाने वाले इन आंकड़ों के दो राउंड के बीच की अवधि करीब 6 महीने से 1 साल होती है। इससे अलग-अलग समय पर देश में आर्थिक हालात क्या हैं और उसका सामाजिक स्तर पर क्या असर पड़ रहा है। ये समझने में मदद मिलती है। इसी के बलबूते सरकार अलग-अलग तबकों के लिए नीतियां बनाती हैं।
    देश में इस तरह का पहला सर्वे 1950-51 के दौरान किया गया. तब एनएसएसओ का नाम नेशनल सैंपल सर्वे ही था. एनएसएसओ जिन मुद्दों को लेकर सर्वे करता है, इनके राउंड को 10 साल की साइकिल में किया जाता है.

    सामाजिक-आर्थिक सर्वे की साइकिल:-

    एनएसएसओ अपने सामाजिक-आर्थिक सर्वे में एक साल भूमि और पशुधन होल्डिंग्स एवं कर्ज और निवेश की साइकिल होती है. इसी तरह सामाजिक उपभोग (शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल इत्यादि) के लिए 1 साल, हाउसहोल्ड कंज्यूमर एक्सपेंडिचर, रोजगार और बेरोजगारी के हालात के लिए 2 साल से 5 साल एवं गैर-कृषि उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, संगठित क्षेत्र में ट्रेड एवं सर्विसेस इत्यादि के लिए 4 साल की साइकिल होती है।
    इसके अलावा एनएसएसओ केंद्र सरकार के मंत्रालयों, राज्य सरकारों और शोध संस्थानों की मांग पर भी एनएसएसओ विशेष सर्वे करता है. बाकी अन्य तरह के ओपन राउंड के लिए उसकी साइकिल 2 साल की होती है।

  • जानें क्या है PM-VIKAS योजना और किसे मिलेगा इसका लाभ

    देश- बजट में आम आदमी के हित हेतु वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इसी कड़ी में कारीगरों और शिल्पकार के लिए विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की घोषणा की गई है। इस योजना का नाम PM-VIKAS योजना है। 
    इस योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ सामान्य तौर पर बढई, मूर्तिकार, सोनार, लोहार जैसे कारीगरों को प्राप्त होगा। वहीं इस योजना के तहत कारीगरों को करोड़ों का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
    इस योजना के माध्यम से सरकार ने कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है। लोगों को MSME श्रृंखला से जोड़ा जाएगा। वहीं जिनके पास व्यापार करने के लिए पूंजी नहीं है उनके सरकार की ओर से पूंजी भी दी जाएगी। शिल्पकारों और कारीगरों को ट्रेडिंग दी जाएगी और इस योजना के माध्यम से कई रोजगार उत्पन्न होंगे।
    यह योजना अभी लागू नहीं हुई है। जल्द ही केंद्र सरकार इसे लागू करेगी। इसके तहत महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए और उनके व्यापार से जोड़ने के लिए प्रयास किया जाएगा।

  • जॉइंट होम लोन पर कम पड़ेगा ब्याज

    बिजनेस- अपना घर बनाने का सपना हर कोई देखता है। कई बार हम सोचते हैं कि हम होंम लोन लेकर अपना घर बनवा सकते हैं। लेकिन हमारी सैलरी कम होने की वजह से हमें लोन नहीं मिल पाता। इस समस्या से निपटने के लिए हम जॉइंट होंम लोग का सहारा लेते हैं और अपने पति या किसी सगे संबंधी के साथ मिलकर लोन लेते हैं।
    क्योंकि जॉइंट लोन के व्यक्ति को कई फायदे होते हैं। व्यक्ति को किसी तरह की समस्याओं से नहीं जूझना पड़ता है और कम ब्याज दर के साथ अधिक लोन अप्रूवल मिल जाता है। लेकिन अगर आप अपनी पत्नी के साथ जॉइंट होम लोन लेते हैं तो आप कम ब्याज दर के लिए क्लेम भी नहीं कर सकते हैं।
    वहीं अगर आप 5 लाख का लोन लेते हैं तो आप दोनों लोग टैक्स छूट के लिए भी क्लेम कर सकते हैं और आपको ब्याज पर पांच बेसिक पॉइंट की छूट भी मिलती है। अब मोटा मोटा समझे तो अगर आप महिला को जॉइंट लोन का पार्टनर बनाते हैं तो आपको कई फायदे मिल सकते हैं।

  • सेक्स से पहले पूछे ये दो सवाल

    लाइफस्टाइल– जब आप अपने पार्टनर के साथ सेक्स करते हैं तो उससे पूर्व अपके मस्तिष्क में कई सवाल आते हैं। कई बार सेक्स से पूर्व हम यह भी सोचते हैं कि हमारे पार्टनर को हम सेक्स के दौरान सन्तुष्ट कर पाएंगे या नहीं। वहीं कई बार हमें लगता है कि हम दोनों सेक्स के लिए अभी रेडी हैं या नहीं। क्योंकि अगर कोई एक भी सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है तो सेक्स का एन्जॉयमेंट कम हो जाता है।

    वहीं आज हम आपको उन दो सवालों के विषय मे बताने जा रहे हैं। जो आपको सेक्स के दौरान खुद और अपने पार्टनर से अवश्य पूछना चाहिए। क्योंकि यह सवाल आपके रिश्ते को सही दिशा देते हैं।

    भावनात्मक लगाव-

    अगर आप किसी व्यक्ति के साथ सेक्स करने जा रहे हैं। तो आपको स्वयं से यह सवाल जरूर पूछना चाहिए कि आप उसके साथ भावनात्मक रूप से जुड़े हैं या नहीं। वहीं वह व्यक्ति आपके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ा है या नहीं। क्योंकि सेक्स के बाद दो लोग आपसे में एक दूसरे के हो जाते हैं। वहीं यदि आप किसी के साथ बिना लगाव के सेक्स करते हैं तो यह आपके लिए तकलीफ बनता है।

    क्या आप सेक्स करना चाहते हैं-

    सेक्स के पूर्व स्वयं से यह सवाल जरूर पूछना चाहिए कि आप सेक्स के लिए रेडी हैं या नहीं। क्योंकि कई बार हम दुनिया को देखते हुए सेक्स करते हैं। वहीं सेक्स के बाद हमें पूरी उम्र अफसोस करना पड़ता है कि यार मैंने गलती कर दी। अगर आपको एक बार भी यह महसूस हो की आप अभी सेक्स के लिए रेडी नहीं हैं तो आपको कभी भी सेक्स नहीं करना चाहिए।

  • शमी ने कहा, टॉस जीतने या हारने से पूरी टीम की मानसिकता प्रभावित नहीं होती

    भारत के सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि टॉस जीतने या हारने से टीम की मानसिकता प्रभावित नहीं होती है। साथ ही कहा कि खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों को बेहतरीन तरीके से पूरा करने पर ध्यान देते हैं। शुक्रवार को अरुण जेटली स्टेडियम में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट के पहले दिन, भारत को पहले गेंदबाजी करने के लिए बुलाया गया था। वहीं, भारत ऑस्ट्रेलिया को 263 रनों पर समेटने में कामयाब रहा, जिसमें पहला टेस्ट नागपुर की तुलना में अधिक टर्न और बाउंस था।

    उन्होंने कहा, ”टॉस जीतना या हारना हमारे हाथ में नहीं है। मन में यह मानसिकता रखनी होगी कि पहले जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, हम उसे बहुत अच्छे से निभाएंगे।” शमी ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, हम हमेशा इस तरह की मानसिकता रखते हैं और हर समय सकारात्मक रहते हैं। सभी लड़के अच्छे मूड में हैं और साथ ही एक-दूसरे से बात कर रहे हैं। हमारी मानसिकता यह है कि हम टॉस जीतें या हारें, हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।

    शमी भारत के लिए गेंदबाजों में से एक थे, जिन्होंने बेहतरीन लाइन और लेंथ से 14.4 ओवरों में 60 रन देकर 4 विकेट चटकाए। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को पूरी तरह से उखाड़ कर रख दिया। उन्होंने कहा, यदि आप विशेष रूप से देखें, तो भारतीय विकेटों में बहुत अंतर नहीं है। यहां केवल आपको नई गेंद से मदद मिलती है और पुरानी गेंद से अगर आप रिवर्स स्विंग प्राप्त करने में सक्षम होते हैं, तो बेहतर है।

    उन्होंने कहा, “लेकिन भारतीय परिस्थितियों में, एक तेज गेंदबाज के रूप में, आपको क्षेत्रों में अच्छी गेंदबाजी करनी होती है और अपनी गति बनाए रखनी होती है।” यह पूछने पर कि क्या रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के संयुक्त रूप से छह विकेट लेने के बावजूद पिच स्पिनरों की तुलना में तेज गेंदबाजों की अधिक मदद करती है, शमी ने कहा, मेरे अनुसार, जब हम घरेलू मैच खेलकर आते हैं, तो मुझे लगता है कि सभी तेज गेंदबाज यहां अच्छा प्रदर्शन करके आए हैं और घरेलू परिस्थितियों को अच्छी तरह से जानते हैं। यह कहना गलत होगा कि पिचें तेज गेंदबाजों या स्पिनरों के अनुकूल होती हैं।

    उन्होंने आगे कहा, हाल के घरेलू सीजन के रिकॉर्ड को लें, तो तेज गेंदबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन लाइन और लेंथ पर ध्यान देना, गति बनाए रखना और फिटनेस में सुधार करना आवश्यक है। भले ही भारतीय तेज गेंदबाजों के लिए कुछ न हो, लेकिन हम विकेट प्राप्त करने की कोशिश करेंगे। अंत में शमी ने नाथन लियोन और मैथ्यू कुहनमैन को बोल्ड करने रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी सोचा कि भारतीय परिस्थितियों में शॉर्ट बॉल चाल का उपयोग एक अच्छा विचार होगा। मोहम्मद सिराज के साथ उनकी गेंदबाजी साझेदारी की सफलता के बारे में पूछे जाने पर, शमी ने कहा कि भारत पिछले कुछ वर्षों में जोड़ियों में गेंदबाजी करने में अच्छा रहा है।

    उन्होंने कहा, तुलना करना अच्छा नहीं होगा क्योंकि गेंदबाज आते हैं और चले जाते हैं। हम यहां हैं और एक दिन चले भी जाएंगे। लेकिन भारतीय टीम में पिछले छह-सात साल में जोड़ी गेंदबाजों बेहतर किया है।

  • नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने पत्नी के आरोपों को किया खारिज

    मनोरंजन- बॉलीवुड एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी( Bollywood actor Nawazuddin Siddiqui) बीते दिनों से अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। वहीं बीते दिन उनकी पत्नी आलिया सिद्दीकी(Alia Siddiqui viral video) ने एक वीडियो साझा करते हुए उनपर आरोप लगाया है कि उन्होंने उन्हें बच्चों के साथ घर से बाहर निकाल दिया है। आधी रात में नवाज ने उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा किया है।

    लेकिन सूत्रों का दावा है कि नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी(Nawazuddin Siddiqui) ने उनके बयानों को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि उनके पास यह पावर नहीं है कि वह किसे घर में घुसने दें और किसे नहीं। महरुनिसा सिद्दीकी(Mehrunnisa Siddiqui) की देखभाल करने वाली कहती हैं कि, संपत्ति में केवल उनके पोते-पोतियों को ही रहने की अनुमति है और कोई नहीं क्योंकि संपत्ति अब उनकी है।

  • मध्यप्रदेश में मिलेगा 500 रुपये में सिलेंडर

    देश- मध्यप्रदेश में चुनावी हलचल तेज हो गई है। जनता से वादों का सिलसिला उफना गया है। कांग्रेस सत्ता में आने के लिए जनता को लुभाने की कवायद में जुट गई है। वहीं अब कांग्रेस पार्टी ने महिला वोट बैंक को अपने खेमे में करने के लिए बड़ा एलान किया है।

    कांग्रेस पार्टी की ओर से एलान किया गया कि अगर मध्यप्रदेश में हमारी सरकार बनती है। तो हम महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करेंगे। महिलाओं को प्रति माह आर्थिक सहायता प्रदान करवाने के लिए 1500 रुपये का भुगतान किया जाएगा। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर 500 रुपये में मिलेगा।
    मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर हमला करते हुए कहा उन्हें सत्ता से मतलब है। सत्ता में बने रहने के लिए वह खोखले वादों की झड़ी लगा रहे हैं। यह बयान उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई लाडली बहन योजना को इंगित करते हुए दिया है।

  • अब केदारनाथ धाम का बदलेगा नजारा, परिक्रमा के लिए बनेगी चारदीवारी

    डेस्क। चारधाम यात्रा में इस बार केदारनाथ मंदिर के पास तक श्रद्धालु जूते-चप्पल पहनकर नहीं जा पाएंगे। मंदिर के चारों ओर परिक्रमा के लिए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से तांबे या पीतल की चारदीवारी बनाने की योजना भी बनाई जा रही है।
    केदारनाथ मंदिर में अभी तक परिक्रमा के लिए कोई निश्चित दूरी निश्चित नहीं है। इससे श्रद्धालु जूते चप्पल पहनकर मंदिर के करीब तक पहुंच जाते हैं। यहां तक मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर नंदी की मूर्ति तक श्रद्धालु जूते पहन कर ही दर्शन करते हैं। 
    पिछले वर्ष भी बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पर्यटन विभाग को पत्र भेजकर केदारनाथ मंदिर परिक्रमा पथ का निर्धारण एवं सीमांकन करने के लिए बोला है। जिससे मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना को ठेस भी न पहुंचे।
    चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या पर नियंत्रण और राज्य के लोगों को पंजीकरण में छूट देने मुद्दे पर 26 मार्च को हितधारकों की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता भी हो सकती है। तीर्थ पुरोहितों, चारधाम यात्रा से जुड़े कारोबारियों के विरोध से बना गतिरोध अब समाप्त करने के लिए गंगोत्री के विधायक सुरेश चौहान ने वार्ता की पहल भी की है।
    चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या सीमित करने के साथ ही राज्य के स्थानीय लोगों के लिए पंजीकरण अनिवार्य करने का तीर्थ पुरोहित और पर्यटन तीर्थाटन गतिविधि से जुड़े कारोबारी विरोध भी कर रहे हैं।
    साथ ही 21 मार्च को चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के आह्वान पर यात्रा के मुख्य पड़ावों में हितधारकों ने धरना प्रदर्शन भी किया था।
    चारधाम महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने बताया कि बुधवार को गंगोत्री के विधायक सुरेश चौहान से मुलाकात कर महापंचायत व चारधाम होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपना पक्ष भी रखा। विधायक ने इस बात का आश्वासन दिया है कि जल्दी ही मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्या का समाधान भी निकाला है। और इस मौके पर महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरी, गंगोत्री धाम के रावल मुकेश सेमवाल, उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूडा आदि को भी शामिल किया था।

  • माइक्रोसॉफ्ट ने वर्कफोर्स एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए ‘को-पायलट फॉर वाइवा’ की घोषणा की

    माइक्रोसॉफ्ट ने संगठनों को अधिक व्यस्त और उत्पादक कार्यबल बनाने में मदद करने के लिए ‘वाइवा ग्लिंट’ की शुरुआत के साथ ‘वाइवा के लिए को-पायलट’ की घोषणा की है। वाइवा माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी अनुभव प्लेटफॉर्म है, जो लक्ष्यों, कर्मचारियों के संचार, शिक्षण, कार्यस्थल विश्लेषण और प्रतिक्रिया को एकीकृत करता है। माइक्रोसॉफ्ट वाइवा में को-पायलट 2023 में बाद में ग्राहकों के लिए रिलीज करना शुरू कर देगा, जबकि कंपनी जुलाई 2023 में वाइवा ग्लिंट को रिलीज करना शुरू कर देगी।

    को-पायलट के साथ, माइक्रोसॉफ्ट वाइवा इस नए प्रदर्शन समीकरण को गति देने के लिए अगली पीढ़ी के एआई का लाभ उठाता है, जहाँ जुड़ाव और उत्पादकता मिलकर बेहतर व्यावसायिक परिणाम और सफलता प्रदान करते हैं। वाइवा ग्लिंट के अलावा, वाइवा गोल्स, वाइवा एंगेज, वाइवा लनिर्ंग, वाइवा टॉपिक्स आदि में कोपिलॉट पेश किया जा रहा है। वाइवा ग्लिंट एक सर्वेक्षण उपकरण है जो कर्मचारियों की व्यस्तता को मापने और सुधारने में मदद करता है।

    इसके अलावा, ‘वाइवा गोल्स’ उद्देश्यों और प्रमुख परिणामों (ओकेआर) को उत्पन्न करने की प्रक्रिया के साथ-साथ पूरी कंपनी में लक्ष्य प्रबंधन के माध्यम से लीडरों की सहायता करके लक्ष्य निर्धारण को सरल बनाता है। इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि कर्मचारी महत्वपूर्ण विषयों के बारे में अधिक जानने के लिए ‘वाइवा टॉपिक्स’ का उपयोग कर सकते हैं और संवादात्मक इंटरफेस के माध्यम से संबंधित विषयों और परियोजनाओं को देख सकते हैं। उत्तरों में सह-पायलट उपयोगकर्ताओं को उपयुक्त विशिष्टता और पूर्णता के साथ प्रश्नों के निर्माण में मदद करेगा और साथ ही प्रश्नों को वर्गीकृत करने में मदद करने के लिए प्रासंगिक विषयों को निकालेगा।