Category: Uncategorized

  • सुल्तानपुर हत्याकांड: 11 साल के बच्चे की निर्मम हत्या से मचा कोहराम

    सुल्तानपुर हत्याकांड: 11 साल के बच्चे की निर्मम हत्या से मचा कोहराम

    सुल्तानपुर में 11 साल के बच्चे की निर्मम हत्या: पड़ोसी ने की थी हत्या, फिरौती के लिए किया था अपहरण

    क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक मासूम बच्चे को उसके ही पड़ोसी ने अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी? जी हाँ, ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सामने आया है जहाँ 11 साल के बच्चे ओसामा की हत्या कर दी गई और उसके शव को पड़ोसी के घर में छुपा दिया गया. ये खबर सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. आइये जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में.

    बच्चे का अपहरण और फिरौती की मांग

    नगर कोतवाली के गांधी नगर मोहल्ले में रहने वाले मोहम्मद शकील का 11 साल का बेटा ओसामा 25 नवंबर की शाम को घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने मामला हल्के में लेते हुए बच्चे की गुमशुदगी दर्ज कर दी.

    बाद में परिजनों को 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई. परिवार इतने पैसे नहीं दे पा रहा था, लेकिन आरोपी ने फिरौती की मांग में बारगेनिंग भी की. फिरौती की जानकारी मिलने पर पुलिस की नींद उड़ गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी. आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई.

    पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

    आज सुबह पुलिस को जानकारी मिली कि ओसामा शकील के पड़ोसी के घर में मृत अवस्था में पाया गया. पुलिस ने तुरंत छापेमारी की और आरोपी युवक आसिफ उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया. ओसामा का शव बिस्तर के नीचे छुपा हुआ मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    आरोपी ने कबूला अपना जुर्म

    पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कुछ ऑनलाइन लोन लिए थे जो वह चुका नहीं पा रहा था. ओसामा से दोस्ती बढ़ाकर उसने उसे चॉकलेट खिलाने के बहाने बुलाया, अपहरण किया और फिरौती की मांग की. फिरौती नहीं मिलने पर उसने ओसामा का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को अपने घर में छुपा दिया. घटना को छुपाने के लिए आरोपी परिवार के साथ मिलकर बच्चे को खोजने का नाटक कर रहा था. इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है.

    इस घटना से सबक

    ये घटना बेहद दुखद है और हमें सोचने पर मजबूर करती है. बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे अहम है. हमें अपने आसपास के लोगों पर नजर रखनी चाहिए और बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने के लिए शिक्षित करना चाहिए. इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं क्योंकि शुरुआत में पुलिस ने मामले को हल्के में ले लिया.

    क्या आप इस घटना से संबंधित किसी और जानकारी को जानते हैं? हमसे शेयर करें.

    सुरक्षा के उपाय और सावधानियां

    इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए, हमें कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को अपनाना होगा. बच्चों को सिखाएं कि अजनबियों से सावधान रहें, और उनको अकेले न जाने दें, खासकर शाम के समय या सुनसान जगहों पर. अपने बच्चों को मोबाइल फोन या अन्य संपर्क जानकारी उपलब्ध कराएँ ताकि वे आपसे तुरंत संपर्क कर सकें. अपने बच्चों के दोस्तों और उनके परिवारों के बारे में जानकारी रखें. शक होने पर तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें. हमेशा अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सतर्क रहें, और अपने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें.

    समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

    Take Away Points:

    • 11 साल के ओसामा की निर्मम हत्या से सबक सीखना होगा
    • बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है
    • अजनबियों से बच्चों को सावधान रहने को सिखाएँ
    • पुलिस को समय पर शिकायत को गंभीरता से लेना चाहिए
    • बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
  • 5 दिसंबर 2024 का पंचांग: जानें शुभ और अशुभ समय

    5 दिसंबर 2024 का पंचांग: जानें शुभ और अशुभ समय

    5 दिसंबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ समय जानें

    क्या आप जानते हैं कि 5 दिसंबर 2024, बुधवार को कौन से शुभ और अशुभ योग बन रहे हैं? इस लेख में हम आपको 5 दिसंबर 2024 का संपूर्ण पंचांग प्रदान करेंगे, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, शुभ और अशुभ समय, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी। इस जानकारी से आप अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं और शुभ कार्यों के लिए सबसे उपयुक्त समय चुन सकते हैं।

    तिथि, नक्षत्र और योग

    5 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि होगी। यह तिथि दोपहर 12:49 पर शुरू होगी और अगले दिन 12:08 पर समाप्त होगी। इस दिन का प्रमुख नक्षत्र श्रवण होगा, जो शाम 5:26 बजे शुरू होकर अगले दिन शाम 5:18 बजे तक रहेगा। ध्रुव योग दिन भर में प्रबल रहेगा जो सुबह 12:27 बजे शुरू होगा और अगले दिन सुबह 10:42 बजे तक जारी रहेगा।

    शुभ योग का महत्व

    ध्रुव योग एक शुभ योग माना जाता है, जिसका प्रभाव जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता की अधिक संभावना होती है। धार्मिक अनुष्ठान, नए कार्य प्रारंभ करना, यात्रा और अन्य शुभ कार्य इस योग में करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

    सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

    5 दिसंबर 2024 को सूर्योदय सुबह 6:58 बजे और सूर्यास्त शाम 5:36 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 10:28 बजे और चंद्रास्त रात 9:25 बजे होगा। इन समयों को ध्यान में रखकर आप अपने दिनचर्या को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकते हैं।

    दिनचर्या का महत्व

    पंचांग के अनुसार दिनचर्या का आयोजन करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और शांति आती है। इससे जीवन में सफलता प्राप्त करने और समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है।

    शुभ और अशुभ समय

    इस दिन कई शुभ और अशुभ समय भी हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है। अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल शुभ समयों में शामिल हैं। राहाू काल, यमगंड, गुलिक और दुर्मुहूर्त अशुभ काल के उदाहरण हैं। इन कालों में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।

    शुभ समयों का उपयोग

    अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल में किए गए कामों में सफलता की अधिक संभावना होती है। इसलिए, इन समयों का उपयोग महत्वपूर्ण कामों को पूरा करने के लिए करना चाहिए।

    अशुभ समय से बचें

    राहू काल, यमगंड, गुलिक और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ कालों में महत्वपूर्ण काम करने से बचना चाहिए क्योंकि इन समयों में गलतियाँ होने और नकारात्मक परिणाम मिलने की आशंका बढ़ जाती है।

    सर्वार्थसिद्धि योग

    6 दिसंबर 2024 को सुबह 6:59 से शाम 5:18 तक सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। यह एक बेहद शुभ योग है जिसमें हर तरह का कार्य करने के लिए अनुकूल समय माना जाता है। यह योग आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

    सर्वार्थसिद्धि योग का उपयोग

    इस अद्भुत योग का लाभ उठाने के लिए योजना बनाना न भूलें। नए कार्य आरंभ करने, यात्रा पर जाने, पारिवारिक समारोह आयोजित करने, व्यापारिक समझौते करने और ऐसे अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सर्वार्थसिद्धि योग आदर्श होता है।

    Take Away Points

    • 5 दिसंबर 2024 का पंचांग जानने से आप अपने दिन को और अधिक योजनाबद्ध तरीके से बिता सकते हैं।
    • शुभ समयों का उपयोग करके आप अपनी सफलता की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं।
    • अशुभ समयों से बचकर आप नकारात्मक परिणामों से खुद को बचा सकते हैं।
    • सर्वार्थसिद्धि योग का उपयोग करने का अवसर न चूकें।
  • जेन जेड और उनके वर्कप्लेस कम्युनिकेशन स्टाइल: क्या है नई  चुनौती?

    जेन जेड और उनके वर्कप्लेस कम्युनिकेशन स्टाइल: क्या है नई चुनौती?

    जेन जेड की वर्कप्लेस कम्युनिकेशन स्टाइल: क्या यह एक समस्या है?

    क्या आप जानते हैं कि आज की नई पीढ़ी, जेन जेड, ऑफिस में अपनी बातचीत के अंदाज से कई लोगों को हैरान कर रही है? यह नई पीढ़ी अपने अनौपचारिक और दोस्ताना अंदाज से कामकाजी माहौल में एक नया तूफान ला रही है! क्या यह एक समस्या है या आने वाले कल का भविष्य? आइए जानते हैं इस दिलचस्प पहलू के बारे में।

    जेन जेड का अनोखा कम्युनिकेशन स्टाइल

    जेन जेड की पीढ़ी, अपनी अनोखी बातचीत की शैली से पहचानी जाती है। वे ‘यार’, ‘मस्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल बेझिझक करते हैं और फॉर्मल भाषा से दूर रहना पसंद करते हैं। यह अनौपचारिकता कुछ लोगों को अच्छी लगती है तो कुछ को परेशान करने वाली लग सकती है। लेकिन यह अनौपचारिक भाषा वास्तव में कुछ खास बातों की ओर इशारा करती है: आरामदायक माहौल बनाना और संबंधों को मजबूत करना।

    क्या है जेन जेड के वर्कप्लेस भाषा शैली के पीछे का कारण?

    जेन् जेड के लोगों की वर्कप्लेस में भाषा शैली के कई कारण हैं. सबसे प्रमुख कारण है रिमोट वर्क का बढ़ता चलन और काम और निजी जीवन के बीच रेखाओं का धुंधलापन। सोशल मीडिया का प्रभाव, अनौपचारिकता को और बढ़ावा देता है। इस पीढ़ी ने कोविड महामारी के दौरान घर से काम करना सीखा है, इसलिए वे काम के माहौल में भी कुछ अधिक आरामदायक रवैया रखना पसंद करते हैं। कुल मिलाकर, वे ऐसे माहौल में काम करना पसंद करते हैं जो अधिक आरामदायक, सहयोगी और खुलेपन पर आधारित हो।

    क्या ये अनौपचारिक भाषा कार्यक्षमता में बाधा बनती है?

    कुछ लोगों का मानना है कि जेन जेड की अनौपचारिक भाषा कार्यक्षमता में बाधा बन सकती है, जबकि कई लोगों का मानना है कि यह एक और बात है। प्रत्येक पीढ़ी अपनी भाषा का विकास करती है और इससे कामकाजी वातावरण भी विकसित होते रहते हैं। कई बड़ी कंपनियां अब इस पीढ़ी को अपनाने की कोशिश कर रही हैं, कम से कम इस लिहाज से कि कार्यस्थल में औपचारिकता कम कर दिया जाय और कार्यकर्ताओं को एक दुसरे के प्रति आराम से बात करने की सुविधा दी जाए। लेकिन इसके लिए एक बेहतर प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करना ज़रूरी होगा।

    जेन जेड को लेकर व्यापारिक और मानसिक विश्लेषण

    कुछ व्यापारिक विश्लेषकों का कहना है कि यह एक वास्तविक चुनौती है, क्योंकि पारंपरिक कामकाजी संस्कृति में औपचारिकता को बहुत महत्व दिया जाता था। इसलिए प्रबंधकों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपनी टीम को साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करें, यह समझकर कि जेन जेड अपनी संचार शैली को बदलने के लिए तैयार नहीं है। उन्हें आत्मविश्वास और अपनी पसंद के तरीके से बात करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

    क्या जेन जेड के कम्युनिकेशन स्टाइल का कोई फायदा है?

    यह अनौपचारिकता काम को मज़ेदार बना सकती है, सहयोग को बढ़ावा दे सकती है, और टीम में एक अच्छी बॉन्डिंग बना सकती है। जेन जेड की टीम एक-दूसरे से सहजता से बात करती है जिससे उनकी काम करने की गति और सटीकता दोनों में सुधार हो सकता है। नयी पीढ़ी अक्सर विचारों के साथ आगे बढ़ती है, एक सहयोगी माहौल पैदा करती है, और अधिक रचनात्मक विचारों को प्रोत्साहित करती है।

    आगे बढ़ने का सही तरीका

    अगर हम इस मामले में एक अग्रदूत बनना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि हम अपने संचार के तरीके और वर्कप्लेस कल्चर में परिवर्तन को अपनाने की कोशिश करें। दोनों पीढ़ियों के लिए समझौता करना और पारस्परिक सम्मान बनाये रखना बेहद आवश्यक है। हमें दोनों पीढ़ियों को अपनी खासियतों के साथ मिलकर काम करना सिखाना होगा।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • जेन जेड का वर्कप्लेस संचार अनोखा है और कई बार पारंपरिक संस्कृति से अलग।
    • अनौपचारिक भाषा हमेशा नकारात्मक नहीं होती, इससे काम में बेहतर बॉन्डिंग और सहयोग बढ़ता है।
    • दोनों पीढ़ियों के लिए अनुकूल काम करने का माहौल बनाने से मिलकर काम करना आसान हो जाएगा।
    • बदलते समय के अनुसार वर्कप्लेस कल्चर में बदलाव ज़रूरी है।
  • बरेली में छेड़छाड़ का विरोध: दो भाइयों पर जानलेवा हमला!

    बरेली में छेड़छाड़ का विरोध: दो भाइयों पर जानलेवा हमला!

    बरेली में छेड़छाड़ का विरोध करने पर दो भाइयों पर जानलेवा हमला: क्या है पूरा मामला?

    क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान कर देने वाली घटना घटी है? दो भाइयों ने जब एक शख्स को महिलाओं से छेड़छाड़ करते देखा, तो उन्होंने उसका विरोध किया। नतीजा? उन पर जानलेवा हमला! इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और लोगों में गुस्सा है। आइए, जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे छिपे सच को।

    घटना का विवरण

    यह घटना बरेली जिले के मीरगंज कस्बे में मंगलवार रात करीब 9 बजे हुई। मनोज और प्रमोद नाम के दो भाई अपनी डेयरी बंद करके घर लौट रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि रईस कुरैशी नाम का एक शख्स सिरौली चौराहे पर महिलाओं से छेड़छाड़ कर रहा था। इंसानियत की मिसाल बनते हुए, दोनों भाइयों ने उसका विरोध किया। लेकिन, इस विरोध की कीमत उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ी।

    आरोपी का गुस्सा और भीड़ का हमला

    छेड़छाड़ करने वाले शख्स के विरोध करने पर आग बबूला हो गया। उसने अपने साथियों को बुला लिया और दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। करीब 40 लोगों की भीड़ ने मनोज और प्रमोद की बुरी तरह पिटाई की। घायल अवस्था में दोनों भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुँचाया और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का बयान

    पुलिस ने इस मामले में चार नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। क्षेत्रीय उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) तृप्ति गुप्ता ने बताया कि इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। यह घटना पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्या महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमारे कानून और प्रशासन पर्याप्त हैं?

    ऐसी ही घटनाएँ और चिंता का विषय

    यह पहली घटना नहीं है जब छेड़छाड़ का विरोध करने पर लोगों को जान से मारने की धमकी मिली हो या उन पर हमला किया गया हो। इस साल अक्टूबर में उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जिसमें एक लड़की से छेड़छाड़ करने पर उसके भाई के विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई थी। ये घटनाएँ बताती हैं कि महिलाओं और उनका विरोध करने वालों की सुरक्षा कितनी ज़रूरी है। हमें अपने समाज में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

    Take Away Points

    • बरेली में हुई यह घटना महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।
    • छेड़छाड़ का विरोध करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है।
    • पुलिस और प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
    • हमें अपने समाज में जागरूकता फैलाकर महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा का माहौल बनाना होगा।
  • दिल्ली MCD में भ्रष्टाचार का खुलासा: 60,000 रुपये की रिश्वत लेता हुआ अधिकारी गिरफ्तार

    दिल्ली MCD में भ्रष्टाचार का खुलासा: 60,000 रुपये की रिश्वत लेता हुआ अधिकारी गिरफ्तार

    दिल्ली नगर निगम में भ्रष्टाचार की पोल! 60,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ MCD अधिकारी

    क्या आप जानते हैं कि दिल्ली की जीवन रेखा कही जाने वाली MCD में भी भ्रष्टाचार के अंधेरे बादल छाए हुए हैं? जी हाँ, हाल ही में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस घटना ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर से सवाल उठा दिए हैं और आम जनता में रोष की लहर पैदा कर दी है। आइये, इस मामले के हर पहलू पर विस्तार से नज़र डालते हैं और जानते हैं आखिर कैसे हुआ यह सब?

    दिल्ली MCD में रिश्वतखोरी का खुलासा: 60,000 रुपये में बिका दुकान का सील

    यह मामला शाहदरा इलाके से जुड़ा हुआ है, जहाँ MCD के एक लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर देविंदर कुमार ने एक दुकानदार से उसकी दुकान को सील से मुक्त कराने के एवज में 60,000 रुपये की रिश्वत मांगी। दुकानदार ने इस मामले की शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद सीबीआई ने एक जाल बिछाया और देविंदर कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    सीबीआई की कार्रवाई

    सीबीआई ने पहले ही शुरुआती जांच में पाया था कि देविंदर कुमार रिश्वतखोरी के आदी हैं और यह कोई पहला मामला नहीं है। जांच में यह बात सामने आई है कि उसने दुकान को डी-सील करने के लिए यह राशि मांगी थी। जिस समय दुकानदार ने रिश्वत की राशि सौंपी, उस समय ही CBI ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    दिल्ली MCD में भ्रष्टाचार का मुद्दा

    यह घटना दिल्ली MCD में भ्रष्टाचार के व्यापक होने का एक बड़ा सबूत है। ऐसा नहीं लगता की यह एक अकेला मामला होगा। दिल्ली MCD में भ्रष्टाचार कई सालों से आम बात है जिसके कई आरोप और मामले सामने आए हैं। हालांकि अब तक इस पर कोई कार्रवाई नही होती आई। दिल्ली के नागरिको को कई वर्षो से नगर निगम की सेवाओ से जुडी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ रहा है। यह घटना जनता के हितों के खिलाफ एक बड़ा हमला है और जनता में गुस्सा दिखाई दे रहा है। ऐसे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जल्द कार्रवाई की मांग जनता कर रही है।

    इस मामले से जुड़ी प्रमुख बातें

    • 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ MCD अधिकारी।
    • शाहदरा इलाके में एक दुकान को सील से मुक्त करने के एवज में मांगी गई रिश्वत।
    • दुकानदार ने सीबीआई में की शिकायत।
    • सीबीआई ने बिछाया जाल और किया रंगे हाथों गिरफ्तार।
    • गिरफ्तारी के बाद रिश्वत की राशि हुई बरामद।
    • भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता में बढ़ा गुस्सा।

    रिश्वतखोरी का असर

    इस मामले से यह साफ जाहिर होता है कि MCD में किस तरह रिश्वतखोरी फल-फूल रही है। जनता को इस रिश्वतखोरी से बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग बढ़ती जा रही है ताकि आम जनता को आसानी से सरकारी सेवायें मिल सके। ऐसे में जनता को खुद को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए कुछ कदम उठाने की भी आवश्यकता है ताकि उनकी इस तरह से धोखा ना हो।

    क्या है आगे की कार्रवाई?

    सीबीआई इस मामले की पूरी तरह से जांच कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस अधिकारी का किसी अन्य मामले में भी हाथ है या नहीं। जांच एजेंसी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी ताकि ऐसे मामलों पर रोक लग सके।

    आम जनता के लिए संदेश

    सीबीआई और अन्य संबंधित विभागों ने जनता से अपील की है कि अगर वे किसी भी तरह की रिश्वतखोरी का शिकार हुए हैं या उन्हें इसकी जानकारी है, तो वे बेझिझक इसकी शिकायत करें। दिल्ली की जनता अब आशा करती है कि सरकार ऐसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल दिखना भी बहुत जरुरी है।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • दिल्ली नगर निगम में रिश्वतखोरी का एक और बड़ा मामला सामने आया है।
    • भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता में गुस्सा और निराशा है।
    • सीबीआई इस मामले की गहन जांच कर रही है।
    • आम जनता को रिश्वतखोरी के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए आगे आना होगा।
    • सरकार और नगर निगम को भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की जरुरत है।
  • खुलासा: धर्मनगरी में देह व्यापार

    अयोध्या-फैजाबाद। धार्मिक नगरी अयोध्या में देह व्यापार का एक मामला प्रकाश में आया है। अयोध्या के नयाघाट क्षेत्र मे पुलिस ने एक गेस्ट हाउस पर छापा मारकर लगभग एक दर्जन लड़कें एवं लड़कियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इस गेस्ट हाउस में देह व्यापार चलाने की शिकायत मिलती रही है जिस पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार रात लगभग १ बजे पुलिस टीम ने जब गेस्ट हाउस में छापा मारा तो गेस्ट हाउस के अंदर लड़कें और लड़कियां पाए गए। गेस्ट हाउस के कमरों में शराब की बोतलें, सिगरेट, खाने पीने के सामान के साथ आपत्तिजनक वस्तुए बरामद हुई हैं। पुलिस ने जब छापा मारा तो उस समय कुछ लड़कें और लड़कियां आपत्तिजनक स्थिति में भी पाई गईं।

    पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि कई दिनों से नयाघाट स्थित कृष्णा गेस्ट हाउस में देह व्यापार की शिकायत मिल रही थी, जिस पर टीम बनाकर छापेमारी की गई। बताया कि छापेमारी में विनय निवासी राजस्थान, दिव्यांशु निवासी फैजाबाद, अंकित सिंह निवासी नई दिल्ली, योगेन्द्र मिश्रा निवासी बहराइच व नवनीत गुप्ता निवासी अयोध्या के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है। जबकि हिरासत में ली गईं लड़कियों को महिला थाना भेजा गया है जहां उनके नाम पते की तस्दीक की जा रही है। सीओ अयोध्या ने बताया कि होटल संचालक को भी जबाब तलब किया गया है, जांच पड़ताल के बाद उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस छापेमारी अभियान में कोतवाली प्रभारी अरविंद पाण्डेय, एसओ रामजन्मभूमि सुनील कुमार मिश्र सहित नयाघाट चैकी प्रभारी संतोष त्रिपाठी शामिल रहे।

    इसे भी पढ़े:

    40 सालों से विकास की राह देख रहा है फतेहपुर का एक गांव

    जब हेमा मालिनी कर रही थी रेलवे का निरीक्षण, सांड हुआ बेकाबू

  • जेसीओ राजपत्रित अधिकारी, सेना ने पिछले नोट को निरस्त किया

    जेसीओ राजपत्रित अधिकारी, सेना ने पिछले नोट को निरस्त किया

     

    नयी दिल्ली। सेना ने जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर (जेसीओ) को ‘गैर-राजपत्रित’ अधिकारी बताने वाले अपने एक पिछले नोट को खारिज करते हुए कहा कि जेसीओ राजपत्रित (गजेटेड) अधिकारी होते हैं। इस कदम से 64 हजार से अधिक जवानों को फायदा होगा। सेना ने दो दिन पहले यह निर्णय लिया जो बड़ी संख्या में इसके जवानों के बीच वेतन-असमानता तथा रैंकिंग से संबंधित मुद्दों को लेकर उपजे असंतोष के बीच लिया गया। सेना मुख्यालय ने एक आधिकारिक प्रपत्र में 2011 में एक आरटीआई अर्जी के जवाब में जारी अपने एक पत्र को रद्द कर दिया है।

    इस पत्र में कहा गया था कि जेसीओ गैर-राजपत्रित अधिकारी होते हैं। उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सेना ने जेसीओ के दर्जे पर 2011 में बड़ी त्रुटि की थी और अब सेना मुख्यालय ने अस्पष्टता को समाप्त करते हुए साफ कर दिया है कि जेसीओ राजपत्रित अधिकारी हैं। इस नये फैसले से नायब सूबेदार, सूबेदार और सूबेदार मेजर की तीन श्रेणियों में बंटे 64 हजार से अधिक जेसीओ को लाभ होगा।

    2011 के नोट से जेसीओ के बीच व्यापक नाराजगी देखने को मिली थी। जब पूछा गया कि सेना मुख्यालय ने 2011 में गलती कैसे कर दी, तो एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि सैन्य कानून के मैनअुल में अधिकारियों और जेसीओ की अलग अलग परिभाषाएं हैं और यह नियम पुस्तिका की गलत व्याख्या का मामला हो सकता है। पत्र जारी करना सेना द्वारा सरकार को यह संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है कि जवानों के एक वर्ग की शिकायतों पर ध्यान दिया जाए।

  • कामकाजी महिलाएं अब यौन उत्पीड़न की कर सकती हैं ऑनलाइन शिकायत

    कामकाजी महिलाएं अब यौन उत्पीड़न की कर सकती हैं ऑनलाइन शिकायत

     

     

    केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए आज ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली ‘एसएचई बॉक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) शुरू किया. उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने के दिन से ही उस पर कार्रवाई शुरू होगी.

    ‘एसएचई बाक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर होगा. मेनका ने बताया कि उनके मंत्रालय के तहत एक प्रकोष्ठ ऑनलाइन दर्ज करवाई गई प्रत्येक शिकायत को देखेगा. वह इसे संबद्ध संगठन की आतंरिक शिकायत समिति के साथ साझा करेगा. कानून के तहत ऐसी समिति बनाना अनिवार्य है.

    शिकायतकर्ता इस समिति द्वारा की जारी जांच की स्थिति पर भी नजर रख सकेगी. उन्होंने कहा कि अभी तक मंत्रालय ने सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की थी. इस पर मंत्रालय को 346 शिकायतें मिलीं.

    मेनका गांधी ने कहा कि उनका मंत्रालय शिकायत मिलने के दिन से ही उस पर कार्रवाई करने लगता है. उन्होंने कहा कि इन शिकायतों पर कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस और गृह मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ समन्वय किया जाता है.उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपनी वास्तविक समस्याओं की ऑनलाइन शिकायत अवश्य कराएं. लेकिन वे इसका उपयोग किसी ‘हल्की शिकायत’ के लिए नहीं करें. उन्होंने कहा कि ‘हल्की शिकायत’ करने से इसका उद्देश्य ही विफल हो जाता है.

    मेनका ने बताया कि उनके मंत्रालय ने पहले भी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वेब पेज शुरू किया था, जिसका विस्तार अब निजी क्षेत्र के लिए भी किया गया है. एसएचई बॉक्स का इस्तेमाल करने वालों के पास पोर्टल के जरिए महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों से संवाद करने का विकल्प होगा. उन्हें निश्चत समयावधि में जवाब दिया जाएगा.

    इस पोर्टल में उन 112 संगठनों की जानकारी भी दी गई है, जिन्हें महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न मुद्दे पर कार्रवाई के लिए प्रशिक्षण (कार्यशाला चलाने) के लिए सूचीबद्ध कर रखा है.

    कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कानून 2013 के तहत 10 या अधिक कर्मचारी वाले किसी भी संगठन के लिए आतंरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है, जो यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों का निस्तारण कर सके.

  • दिल्ली, सियोल ने ‘दोस्ती समझौते’ को मंजूरी दी

    दिल्ली, सियोल ने ‘दोस्ती समझौते’ को मंजूरी दी

     

     

    दिल्ली सरकार के बयान के अनुसार, ‘दोस्त’ बनने की दिशा में पहला कदम में, दिल्ली और सियोल की सरकारों ने बुधवार को एक “दोस्ती शहर समझौते” के मसौदे को मंजूरी दी थी।

    सियोल मेट्रोपॉलिटन सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल, जो मेयर पार्क के नेतृत्व में चला गया, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिला। मसौदा समझौते के अनुसार, दोनों शहरों में स्मार्ट सिटी, ई-गवर्नेंस, परिवहन, संस्कृति, पर्यटन, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के क्षेत्र में एक्सचेंजों को सहयोग और बाहर ले जाना होगा।

    इससे पहले कि आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए जा सकें, इससे पहले विदेश मंत्रालय द्वारा इस समझौते को मंजूरी देनी होगी। हालांकि उनके शहर औपचारिक रूप से अभी भी दोस्त नहीं हो सकते हैं, लेकिन केजरीवाल और श्री पार्क को यह पता चला कि वे पहले मिले थे। दोनों को 2006 में रमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और समारोह के लिए मनीला में मिले थे।

  • फ्रीज में रखा आटा भूत-प्रेत को निमंत्रण देता है ,जानिए कैसे

    अगर आप फ्रिज में आटा रखते है तो ये खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। आपको बता दे कि फ्रिज में आटा रखने से आप अपने घर में प्रेत आत्माओं को निमंत्रण देते है। यह बात तो हम सब ने कई बार सुनी है। फिर भी फ्रीज में आटा रखते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि बासी भोजन भूत भोजन होता है और इसे ग्रहण करने वाला व्यक्ति जीवन में रोग और कठिनाइयों से घिरा रहता है। जिन भी घरों में लगातार या अक्सर गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखने की परंपरा है वहां पर भूत, प्रेत तथा अन्य ऊपरी हवाएं भोजन करने के लिए आने लग जाती है।
    इनमें अधिकतर वे आत्माएं होती है जिन्हें उनके घरवालों ने भुला दिया या जिनकी अब तक मुक्ति नहीं हो सकी है। घ्सी आत्माओं के घर में आने के साथ ही घर में अनेकों समस्याएं उत्पन होनी शुरू हो जाती हैं। जिस कारण घर में किसी न किसी प्रकार के, रोग-शोक और क्रोध तथा आलस्य का डेरा हो जाता होता है। शास्त्रों के अनुसार घ्से किसी भी चीज को घर में स्थान नहीं देना चाहिए जो मृतात्माओं का भोजन हो अथवा उन्हें किसी भी प्रकार से आमंत्रित करने की क्षमता रखती हो।
    इसके साथ ही रात के बासी बचे आटे से रोटी बनाना शरीर के लिए भी नुकसानदेह होता है। घ्सा भोजन परेशानियों को तो बढ़ावा देता ही है साथ में शरीर को भी रोगों का घर बना देता है जबकि ताजा बना भोजन शरीर को स्फूर्ति, शक्ति और स्वास्थ्य देता है। इन सभी चीजों को देखते हुए हमें फ्रीज में बासी आटा नहीं रखना चाहिए।

    यह भी पढ़ेे : अपना फोटो खूबसूरत बनाकर शेयर करते रहने से डिप्रेशन में आ जाएंगे