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  • Coronavirus के इन 11 लक्षणों से जानें आपको कोरोना है या नहीं !

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    देश में कोरोना से रिकवरी की दर भी तेजी से बढ़ी है। भारत में राहत की बात ये है की कोरोना संक्रमण से ठीक होनेवाले मरीजों का प्रतिशत भी बढ़ रहा है।  वहीं दूसरी ओर समय के साथ कोरोना वायरस का म्यूटेशन भी होता रहा है यानी यह वायरस अपना रूप बदलता रहा है और इसी के साथ कोरोना संक्रमण के लक्षण भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी हो या ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी एनएचएस, सभी ने समय के साथ कोरोना के नए लक्षणों को इसमें जोड़ा है। भारत में भी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना वायरस के 11 लक्षणों की सूची जारी की है।

    कोरोना वायरस के लक्षण
    कोरोना संक्रमण की शुरूआत में इसके चार ही लक्षण सामने आए थे। ये चार लक्षण थे,
    तेज बुखार ,सूखी खांसी, गले में खराश होना ,सांस लेने में तकलीफ होना
    आइए, जानते हैं इसके नए लक्षणों में क्या-क्या शामिल किया गया है।

    डब्ल्यूएचओ समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और चिकित्सक कोरोना वायरस के अन्य लक्षणों की पहचान और अध्ययन करने में जुटे हुए हैं। कोरोना वायरस का म्यूटेशन यानी रूप बदलना भी वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के लिए चुनौती बना हुआ है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के बारे में भी लगातार लोगों को जागरुक किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इन उपायों में 15 जरूरी टिप्स को शामिल किया गया है।

    बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
    उचित दूरी रखते हुए दूसरों का अभिवादन करें
    सार्वजनिक स्थानों पर दो गज (6 फीट) की दूरी रखें
    दोबारा प्रयोग होने वाला घर पर बना मास्क या फेस कवर प्रयोग करें
    बिना वजह आंख, नाक व मुंह को छूने से बचें
    श्वसन क्षमता बनाए रखें, बार-बार हाथ धोएं
    तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें
    अक्सर छूई जाने वाली सतहों को नियमित साफ करें, कीटाणु रहित रखें

    इन व्यवहारों को अपनी आदत में शामिल करें
    अनावश्यक यात्रा न करें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं
    आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कर एक्टिव रखें
    सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें
    संक्रमित या देखभाल में जुटे लोगों से भेदभाव न करें
    विश्वसनीय सूचनाओं पर ही भरोसा करें

     

     

  • कुशीनगर में बकरीद पर पडरौना शहर के साथ गांव में बड़े पशुओं की दी कुर्बानी तो होगी कार्रवाई-सीओ

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    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर : रक्षाबंधन और ईदउल अजहा को लेकर रविवार को कोतवाली पडरौना थाने परिसर में शांति समिति की बैठक में रक्षाबंधन और बकरीद के त्योहार को शांति और शौहार्द से मनाने की अपील की गई। बैठक की अध्यक्षता इंस्पेक्टर पडरौना पवन सिंह ने की। इस मौके पर सीओ सदर फूलचंद कनौजिया ने कहा इस बार के बकरा ईद का त्यौहार पर बड़े पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी,अगर इसकी आवेलना करने वाले की कोशिश की गई तो पुलिस उसके साथ सख्ती बरतने के साथ पकड़े जाने पर सीधे जेल भेजने का काम करेंगे।

    जबकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इस त्योहार पर लोग सिर्फ पांच लोग ही एक साथ नमाज अदा कर सकेंगे। इतना ही नहीं बिना मास्क के इस त्यौहार के दिन कोई भी युवा बच्चे नौजवान बेवजह चौराहों पर झुंड की शक्ल में दिखाई दिए तो उससे भी पुलिस सख्ती से निपटने कार्य करेगी । इसके अलावा बारी बारी मस्जिद में केवल 5-5 की संख्या में ही नमाज पढ़ सकते हैं। मस्जिद के मस्जिद के इमाम ओ के पास सैनिटाइज व मास्क हर हाल में मौजूद रखेंगे। सिर्फ छोटे पशुओं का ही इस पर्व के दिन कुर्बानी दी जाएगी। घर से निकलने के दौरान मास्क व हेलमेट निकलने पर जोर दिया ।

    ईद उल अजहा का पर्व बलिदान का त्यौहार है। इस पर्व को अमन चैन के साथ मनाएं। इसमें अशांति का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर किसी तरह का कुछ ऐसा पोस्ट न करें जिससे कोई आहत हो। बैठक में लोगों से कहा गया कि कुछ युवा सोशल मीडिया का उपयोग समाज में अशांति फैलाने के लिए कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि वैसे लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले भी बख्शे नहीं जाएगें।
    बैठक में उपनिरीक्षक चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार,नागेंद्र सिंह आलोक यादव,जैदी खान, सभासद चंदन जयसवाल,लिंकन सिंह,जाहिद अली,आफताब सिद्दीकी,जलालु अंसारी, इसमोहम्मद बाबू खान,हसमुद्दीन, सलाउद्दीन,एबाब्दुल्लाह अहमद, साबिर अली,मौलाना मोहम्मद अनवर,गुलाम मुस्तफा,अहमद राजा,ग्राम प्रधान मोहम्मद सलीम, एजाज अहमद,शाहिद हाफि जी, मुमताज अहमद,सलाउद्दीन सिद्धकी,शाहबाद अंसारी समेत आदि लोग मौजूद रहे।

  • जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं, लगाया जय श्री कृष्णा का जयकारा

    जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं, लगाया जय श्री कृष्णा का जयकारा

    नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ‘श्री कृष्णा’ मंत्र के साथ देश के नागरिक को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर शुभकामनाएं। ‘जय श्री कृष्णा’।”

    इससे पहले, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी जन्माष्टमी पर लोगों शुभकामनाएं दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान कृष्ण की शिक्षा भारत के कोरोना योद्धाओं में महामारी के बीच स्पष्ट है।

    राष्ट्रपति ने कहा, ” ‘कर्मयोग’ का उनका संदेश पुरस्कारों के बजाय हमारी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान है। यह भावना हमारे सभी कोरोना योद्धाओं के काम में स्पष्ट है जो कोविड -19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में सबसे आगे काम कर रहे हैं।”

    अधिकारियों के अनुसार जन्माष्टमी त्योहार के एक दिन पहले, वृंदावन में इस्कॉन मंदिर में 22 लोगों को पॉजिटिव पाए जाने के बाद मंदिर को सील कर दिया गया है, जिसमें मंदिर के पुजारी भी शामिल हैं।

  • आयोग के सवालों से निकल गये पुलिस के पसीने, पूछा-क्या विकास पीछे के गेट से भागा! अच्छा… तो बेहोश थे आप

    कानपुर बिकरू कांड की जांच में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित न्यायिक आयोग की टीम ने उन स्थलों का निरीक्षण किया जहां मुठभेड़ में चार अभियुक्त मारे गए। कांशीराम नेवादा गांव में अतुल दुबे और प्रेमप्रकाश के एनकांउटर स्थल पर जांच के बाद दोपहर करीब तीन बजे सचेंडी में भौती बाईपास के पास विकास दुबे के मुठभेड़ की जगह पर जांच की। टीम के सवालों से पुलिस के पसीने छूटते नजर आए।

    आयोग के सवालों से निकल गये पुलिस के पसीने, पूछा-क्या विकास पीछे के गेट से भागा! अच्छा… तो बेहोश थे आप
    न्यायिक आयोग के सदस्य ने मुठभेड़ स्थल पर नवाबगंज थानाप्रभारी से पूछा- आप बाएं थे गाड़ी बाएं पलटी तो शरीर के नीचे दबी पिस्टल कैसे निकाल ली।

    आयोग ने लगाई सवालों झड़ी

    आयोग के सदस्य के सवालों की झड़ी लगा दी। पूछा, गाड़ी कहां-कैसे पलटी, कितने लोग सवार थे? इस सवाल कि विकास कहां बैठा था? जवाब मिला- पीछे सीट पर बीच में। किसकी पिस्टल लेकर भागा? नवाबगंज थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी बोले-सर, मेरी। आप किधर बैठे थे? थाना प्रभारी बोले-बाएं। आयोग के सदस्य ने अचरज जताया कि गाड़ी बायीं और ही पलटी थी, तब तो आपकी पिस्टल शरीर के नीचे दबी होगी, विकास दुबे ने इतनी जल्दी पिस्टल कैसे निकाल ली? थाना प्रभारी ने कहा- सर पता नहीं, मैं बेहोश हो गया था। अगला सवाल था कि विकास गाड़ी से बाहर कैसे आया? थाना प्रभारी ने तुरंत जवाब दिया-पीछे वाले दरवाजे से बाहर निकल कर भागा। इस पर आयोग के सदस्य बोले-अच्छा…आप तो बेहोश थे!

    टोल के बाद मीडिया के वाहन क्यों रोके

    आयोग ने ये भी सवाल किए कि उज्जैन से विकास को लेकर कब चले। गाड़ी कहां बदली। टोल के बाद मीडिया के वाहन क्यों रोके? एसटीएफ ने कहा कि टोल से जांच के बाद वाहन आगे बढ़ाए जाते हैं, इसमें पुलिस की भूमिका नहीं। न्यायिक आयोग के तीनों सदस्य सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज बीएस चौहान, उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एसके अग्रवाल ने इससे पहले दोपहर करीब 12 बजे काशीराम निवादा में 20 मिनट तक जांच की। यहां पर अतुल दुबे और प्रेम शंकर का एनकाउंटर हुआ था। टीम ने पूछा कि दोनों बदमाश कहां छिपे थे।

    अतुल और प्रेमशंकर का विकास से रिश्ता पूछा

    आइजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि सुनसान जंगल मे बने देवी मंदिर में छिपे थे। तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि घेराबंदी होते ही दोनों ने रायफल व पुलिस से लूटी पिस्टल से फायर करने शुरू कर दिए थे। दोनों का विकास दुबे से क्या रिश्ता था? एसएसपी प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि अतुल दुबे विकास का चचेरा भाई था और प्रेम शंकर रिश्ते में उसका मामा लगता था। आइजी ने अतुल के हिस्ट्रीशीटर और प्रेम शंकर के खिलाफ डकैती और हत्या के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी।

  • शासन के निर्देशानुसार जिलाधिकारी ने जनता दर्शन के दौरान आमजनों की सुनी समस्याएं

    शासन के निर्देशानुसार जिलाधिकारी ने जनता दर्शन के दौरान आमजनों की सुनी समस्याएं

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 01 सितम्बर/शासन के निर्देशानुसार जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने आज कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में पूर्वान्ह 11 बजे से जनता दर्शन के दौरान आये जन सामान्य की समस्याओं/शिकायतों को गम्भीरता पूर्वक सुनकर उनके निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को दूरभाष पर निर्देशित किया तथा प्राप्त प्रार्थना पत्र को सम्बन्धित अधिकारी के पास भेजने का निर्देश प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को दिये।जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में आये आमजनों से अपील की कि कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिये सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते रहें तथा साफ-सफाई व सेनेटाइजेशन पर नियमित रूप सभी ध्यान रखें। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कराते हुए जन समस्याएं सुनी। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित कोविड-19 हेल्प डेस्क के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कलेक्ट्रेट में आने वाले आमजनों को सर्वप्रथम सेनेटाइज किया जाये व सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए जागरूक भी किया जाय। जनता दर्शन के दौरान अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) उमाकान्त त्रिपाठी व जन सामान्य उपस्थित रहे।

  • 8 मिलियन गैलेक्सी जेड फोल्ड 2 स्मार्टफोन बनाएगा सैमसंग इस साल

    8 मिलियन गैलेक्सी जेड फोल्ड 2 स्मार्टफोन बनाएगा सैमसंग इस साल

    सोल/नई दिल्ली । सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा है कि वह इस साल 8 लाख गैलेक्सी जेड फोल्ड 2 फोल्डेबल स्मार्टफोन बनाएगा। कम्पनी ने साफ किया है कि वह एक्सपेंडेड लाइनअप के साथ इस स्मार्टफोन का प्रोडक्शन बढ़ाना चाहता है और इसी कारण उसने यह लक्ष्य रखा है।

    रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्री के अंदर के लोगों ने गुरुवार को कहा कि सैमसंग इस साल सात से आठ लाख गैलेक्सी जेड फोल्ड 2 स्मार्टफोन बनाएगा। सैमसंग ने इससे पहले गैलेक्सी फोल्ड लॉन्च किया था और उसके लॉन्च के पहले साल में इतने स्मार्टफोन्स का उत्पादन नहीं किया गया था।

    सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 2 स्मार्टफोन का उत्पादन न सिर्फ दक्षिण कोरिया में करेगा बल्कि उसने वियतनाम और ब्राजील में भी इसके उत्पादन का प्लान तैयार कर रखा है।

    सैमसंग ने मंगलवार को अपना तीसरा फोल्डेबल डिवाइस-गैलेक्सी जेड फोल्ड 2 लॉन्च किया था। इस शानदार फोन में 6.2 इंच का कवर स्क्रीन है। साथ ही इसका मेन स्क्रीन खुलने पर 7.6 इंच का है।

    सैमसंग के मुताबिक गैलेक्सी फोल्ड में 4.6 इंच का कवर स्क्रीन और 7.3 इंच का मुख्य स्क्रीन है और इस आधार पर गैलेक्सी जेड फोल्ड2 काफी उन्नत है। यह फोन 12जीबी रैम व 512जीबी मेमोरी और 12जीबी रैम व 256जीबी मेमोरी के साथ उपलब्ध है।

    गैलेक्सी जेड फोल्ड2 में 4500एमएएच की बैटरी है, जो गैलेक्सी फोल्ड (4380एमएएच) तुलना में शक्तिशाली है। गैलेक्सी जेड फोल्ड2 सैमसंग का तीसरा फोल्डेबल स्मार्टफोन है। इससे पहले कम्पनी गैलेक्सी फोल्ड और गैलेक्सी जेड फ्लिप लॉन्च कर चुकी है।

    गैलेक्सी जेड फोल्ड2 मिस्टिक ब्लैक और मिस्टिक ब्रांज रंगों में उपलब्ध है। यह फोन दुनिया भर के 40 बाजारों में उपलब्ध होगा, जिसमें अमेरिका और दक्षिण कोरिया प्रमुख है।

    फोन को अमेरिका और दक्षिण कोरिया में 18 सितम्बर से हासिल किया जा सकता है, जबकि इसकी प्री बुकिंग एक सितम्बर से शुरू हो गई है।

    नए डिवाइस में 10 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा है और रियर कैमरे में तीन सेंसर लगे हैं। रियर कैमरों में 12एमपी अल्ट्रा वाइड, 12एमपी वाइड एंगल और 12एमपी टेलीफोटो कैमरा है, जिसके साथ 10एक्स जूम उपलब्ध है।

  • बिहार को समझाने उतरा पूरा देश…

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    पटना। बिहार के लोगों को कैसे और किसे वोट देना है, यह समझाने के लिए देश के उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम हर हिस्से से नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हैं। राजद, जदयू और लोजपा अपवाद हैं, लेकिन भाजपा, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, रालोसपा जैसे दलों की ओर से विभिन्न प्रदेशों से नेता और कार्यकर्ता बिहार चुनाव के लिए पहुंच चुके हैं, या पहुंच रहे हैं। औवैसी, मायावती की पार्टी भी मैदान में हैं। तो जाहिर है उनके नेता भी पहुंचने लगे हैं।

    सबसे पहले भाजपा ने प्रचार में बड़े नेताओं को उतारा

    भाजपा ने सबसे पहले प्रचार में बड़े नेताओं को उतारा। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के प्रभारी बनाए गए देवेंद्र फडनवीस, भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा बिहार में डेरा डाल रहे हैं।

    बाहरी नेताओं की फौज उतारने में कांग्रेस भी पीछे नहीं

    बाहरी नेताओं की फौज उतारने में कांग्रेस भी पीछे नहीं हैं। कांग्रेस के चुनाव अभियान को परवान चढ़ाने हेतु जल्द ही राहुल गांधी की रैलियां होने जा रही हैं। बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रणदीप सिंह सूरजेवाला, छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रसाद, नेशनल मीडिया कोआर्डिनेटर डॉ.संजीव सिंह, यूपी से डॉ. हर्षवद्र्धन श्याम, झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ.अजय कुमार समेत अन्य प्रमुख नेता चुनाव प्रबंधन एवं प्रचार अभियान में हैं।

    बसपा व वाम दलों के कई दिग्‍गज भी पहुंचे बिहार

    इधर, यूपी से आए बसपा के दर्जन भर नेता अपने उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रबंधन के लिए यहां कैंप कर रहे हैं। वामपंथी दलों में भाकपा माले के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार हेतु कई राज्यों के नेता चुनाव प्रचार के लिए मैदान में सक्रिय हैं। माले के उम्मीदवारों के पक्ष में जेएनयू छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष गीता कुमारी और एन साईं बालाजी, पोलित ब्यूरो की सदस्य एवं केरल निवासी कविता कृष्णन, यूपी के पार्टी प्रभारी रामजी राय और मो.सलीम, ओडिशा से ओम जी तथा रवि राय समेत कई नेता चुनाव अभियान की कमान संभाले हैं।

     

  • एसपी कार्यालय में तोड़फोड़, थाने पर हमला

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    मुंगेर । बिहार के मुंगेर में दशहरे के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक की मौत के बाद गुरुवार को लोगों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा और लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा चलाई गई गोली में युवक की जान गई। आक्रोशित लोग पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आक्रोशित भीड़ गुरुवार को सड़कों पर उतर गई और वासुदेवपुर आउटपोस्ट (ओपी) तथा पूरबसराय ओपी पर पथराव किया और आग लगा दी। वासुदेवपुर ओपी में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि 150 से 200 लोगों ने अचानक थाने पर पथराव कर हमला कर दिया और आग लगा दी। उन्होंने बताया किसी तरह हम लोगोें ने जान बचाई।

    आक्रोशित लोगों ने थाने में लगे वाहनों को भी फूंक दिया। इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) आवास में जमकर तोड़फोड़ की।

    इसके बाद क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में दशहरा के मौके पर दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान लोगों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक अनुराग कुमार की मौत हो गई तथा कई लोग घायल हो गए। इसके बाद चुनाव के कारण कई राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर निशाना साधा।

    राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई के साथ ही उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से पूरे घटना की जांच की मांग की थी। उन्होंने तो इस घटना की तुलना जालियांवाला बाग से कर दी। लोजपा के चिराग पासवान ने भी इस मामले को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।

  • सीएम योगी आदित्‍यनाथ को भगवान की तरह क्‍यों पूजता है गोरखपुर का यह समुदाय

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    गोरखपुर, बीच जंगल में बसे गांव और वहां शहरी सुविधाओं की पूरी मौजूदगी से मंगल ही मंगल। सुनने में अटपटा लग रहा है ना। पर, यह सौ फीसद जमीनी हकीकत है। यकीन न हो तो चले आइये गोरखपुर जिले के घने कुसम्ही जंगल में। यहां पांच वनटांगिया गांवों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से आज वह हर जरूरी सुविधा मुहैया है जो शहरी बस्तियों में होती है। सांसद के रूप में योगी ने वनटांगिया समुदाय के लोगों के लिए जो संघर्ष किया, मुख्यमंत्री बनने के बाद सौगात में तब्दील कर दिया। वर्ष 2009 से योगी वनटांगिया लोगो के बीच दिवाली मनाते हैं, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सिलसिला बदस्तूर जारी है।

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    सांसद के रूप में योगी ने वनटांगिया समुदाय के लोगों के लिए जो संघर्ष किया मुख्यमंत्री बनने के बाद सौगात में तब्दील कर दिया। वर्ष 2009 से योगी वनटांगिया लोगो के बीच दिवाली मनाते हैं मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सिलसिला बदस्तूर जारी है।

    कौन हैं सौ साल तक उपेक्षित रहे वनटांगिया

    अंग्रेजी शासनकाल में जब रेल पटरियां बिछाई जा रही थीं तो बड़े पैमाने पर जंगलों से साखू के पेड़ों की कटान हुई। इसकी भरपाई के लिए अंग्रेज सरकार ने साखू के पौधों के रोपण और उनकी देखरेख के लिए गरीब भूमिहीनों, मजदूरों को जंगल मे बसाया। साखू के जंगल बसाने के लिए वर्मा देश की टांगिया विधि का इस्तेमाल किया गया, इसलिए वन में रहकर यह कार्य करने वाले वनटांगिया कहलाए। कुसम्ही जंगल के पांच इलाकों जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन, रजही खाले टोला, रजही नर्सरी, आमबाग नर्सरी व चिलबिलवा में इनकी पांच बस्तियां वर्ष 1918 में बसीं। 1947 में देश भले आजाद हुआ लेकिन वनटांगियों का जीवन गुलामी काल जैसा ही बना रहा। जंगल बसाने वाले इस समुदाय के पास न तो खेती के लिए जमीन थी और न ही झोपड़ी के अलावा कोई निर्माण करने की इजाजत।

    पेड़ के पत्तों को तोड़कर बेचने और मजदूरी के अलावा जीवनयापन का कोई अन्य साधन भी नहीं। और तो और इनके पास ऐसा कोई प्रमाण भी नहीं था जिसके आधार पर वह सबसे बड़े लोकतंत्र में अपने नागरिक होने का दावा कर पाते। समय समय पर वन विभाग की तरफ से वनों से बेदखली की कार्रवाई का भय।

    इन अहिल्या के लिए राम की भूमिका में आये योगी

    वर्ष 1998 में योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर के सांसद बने। उनके संज्ञान में यह बात आई कि वनटांगिया बस्तियों में नक्सली अपनी गतिविधियों को रफ्तार देने की कोशिश में हैं। नक्सली गतिविधियों पर लगाम के लिए उन्होंने सबसे पहले शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को इन बस्तियों तक पहुंचाने की ठानी। इस काम में लगाया गया उनके नेतृत्व वाली महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं एमपी कृषक इंटर कालेज व एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ और गोरखनाथ मंदिर की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ अस्पताल की मोबाइल मेडिकल सेवा को। जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन वनटांगिया गांव में 2003 से शुरू ये प्रयास 2007 तक आते आते मूर्त रूप लेने लगे। इस गांव के रामगणेश कहते है कि महराज जी (योगी आदित्यनाथ को वनटांगिया समुदाय के लोग इसी संबोधन से बुलाते हैं) हम लोगों के लिए उस राम की भूमिका में आये जिन्होंने अहिल्या का उद्धार किया था।

    जब योगी आदित्यनाथ पर हुआ मुकदमा

    वनटांगिया लोगों के बीच शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के योगी आदित्यनाथ के प्रयासों के खास सहयोगी एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ प्रदीप रॉव बताते हैं कि वन्यग्रामों के लोगों को जीवन की मुख्यधारा में जोड़ने के दौरान 2009 में योगी जी को मुकदमा तक झेलना पड़ा। वनटांगिया बच्चों के लिए एस्बेस्टस शीट डाल एक अस्थायी स्कूल का निर्माण योगी के निर्देश पर उनके कार्यकर्ता कर रहे थे, इस पर वन विभाग ने इस कार्य को अवैध बताकर एफआईआर दर्ज कर दी। योगी ने अपने तर्कों से विभाग को निरुत्तर किया और अस्थायी स्कूल बन सका।

    2009 में शुरू की वनटांगियों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा

    वनटांगियों को सामान्य नागरिक जैसा हक दिलाने की लड़ाई शुरू करने वाले योगी ने वर्ष 2009 से वनटांगिया समुदाय के साथ दिवाली मनाने की परंपरा शुरू की तो पहली बार इस समुदाय को जंगल से इतर भी जीवन के रंगों का अहसास हुआ। फिर तो यह सिलसिला बन पड़ा। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी योगी इस परंपरा का निर्वाह करना नहीं भूलते हैं। इस दौरान बच्चों को मिठाई, कापी-किताब और आतिशबाजी का उपहार देकर पढ़ने को प्रेरित करते हैं तो सभी बस्ती वालों को तमाम सौगात।

    तीन दिवाली में मिटा दी सारी कसक

    मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने महज तीन दिवाली में वनटांगिया समुदाय की सौ साल की कसक मिटा दी है। लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाने वाले योगी ने सीएम बनने के बाद अपने कार्यकाल के पहले ही साल वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दे दिया। राजस्व ग्राम घोषित होते ही ये वनग्राम हर उस सुविधा के हकदार हो गए जो सामान्य नागरिक को मिलती है। तीन साल के कार्यकाल में उन्होंने वनटांगिया गांवों को आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और आरओ वाटर मशीन जैसी सुविधाओं से आच्छादित कर दिया है। वनटांगिया गांवो में आज सभी के पास अपना सीएम योजना का पक्का आवास, कृषि योग्य भूमि, आधारकार्ड, राशनकार्ड, रसोई गैस है। बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, पात्रों को वृद्धा, विधवा, दिव्यांग आदि पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

    पिछली दिवाली रही बेहद खास

    पिछली दिवाली कुसम्ही जंगल के वनटांगियों के लिए बेहद खास रही। सीएम योगी ने जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में कई घरों में गृह प्रवेश कराया, उनके घर दिया जलाया, खीर हलवा खाया तो वनवासियों के चेहरों पर खुशी की लकीरें विस्तार पाती दिखीं। बच्चे अपने सिर पर अपने महराज जी का प्यार दुलार भरा स्पर्श पाकर आह्लादित थे। पिछली दिवाली तक इस वनटांगिया गांव में 85.876 हेक्टेयर खेती की जमीन, 9.654 हेक्टेयर आवासीय जमीन, 788 मुख्यमंत्री योजना के आवास, 895 शौचालय, 49 को निराश्रित पेंशन, 38 को दिव्यांग पेंशन, 125 को वृद्धा पेंशन, 647 को सौभाग्य योजना का बिजली कनेक्शन, 895 को अंत्योदय राशनकार्ड और 600 को उज्ज्वला योजना का रसोई गैस कनेक्शन मिल चुका था।

  • भगवान बदरीनाथ के दर्शन करेंगे UP CM योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

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    चमोली। योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत आज भगवान बदरीनाथ के दर्शन करेंगे। इसके बाद यूपी पर्यटन आवास गृह का भी शिलान्यास करेेंगे। बदरीनाथ धाम में 10 प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दोनों सीएम माणा में आइटीबीपी कैंप में जवानों से भी मिल सकते हैं।

    बता दें कि बीते रोज केदारनाथ में जबरदस्त बर्फबारी के कारण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आठ घंटे फंसे रहे थे। धाम में तड़के चार बजे शुरू हुई बर्फबारी शाम चार बजे तक जारी रही। 12 घंटे बाद हिमपात रुका तो शाम पांच बजे हेलीकॉप्टर ने चमोली जिले के गौचर के लिए उड़ान भरी। गौचर में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार को दोनों नेता बदरीनाथ जाएंगे।