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  • व्हाट्स एप कॉल रिकार्डिंग की जांच से छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल

    व्हाट्स एप कॉल रिकार्डिंग की जांच से छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल

    रायुपर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्मार्ट फोन की व्हाट्स एप कॉल रिकार्डिंग की जांच के लिए समिति बनाए जाने से राज्य में एक बार फिर सियासी उबाल आ गया है। भाजपा ने जहां इस फैसले को हास्यास्पद करार दिया है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार पर लोगों की जासूसी कराने का आरोप लगाया है। पिछले दिनों इजरायल की पेगासस स्पाई वेयर द्वारा दुनिया के 1400 लोगों, जिसमें भारत के 40 और उसमें छत्तीसगढ़ के चार लोगों के, व्हाट्स एप कॉल हैक करने का मामला सामने आया था। इसके बाद से राज्य में हलचल है। इसे छत्तीसगढ़ सरकार ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

    आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में कुछ लोगों के स्मार्ट फोन काल को अवैध रूप से टेप किए जाने की जानकारी को गंभीर मसला मानते हुए स्मार्ट फोन टेप करने संबंधी शिकायतों को नागरिकों की स्वतंत्रता के हनन से जुड़ा सवाल बताया है।

    उन्होंने इन शिकायतों की जांच के लिए प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति के अन्य सदस्यों में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर एवं संचालक जनसंपर्क होंगे। समिति संपूर्ण घटना की विस्तृत जांच कर एक माह में तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। पुलिस महानिदेशक समिति को जांच के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।

    व्हाट्स एप कॉल रिकार्डिंग की जांच के लिए समिति बनाने के ऐलान से राज्य की सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया है। भाजपा जहां हमलावर है, वहीं कांग्रेस भाजपा को पूर्ववर्ती सरकार को लेकर घेर रही है।

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्मार्टफोन कॉल को अवैध रूप से टेप कराने के मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने के निर्णय को हास्यास्पद कवायद करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल शायद सुप्रीम कोर्ट से फोन टैपिंग मामले में शासन को मिली फटकार के बाद अपना दामन बचाने के लिए ऊल जुलूल हरकत कर रहे हैं। ऐसी अनावश्यक कवायदों से सीएम अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

    कौशिक ने आगे कहा, “प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए मिले जनादेश की अनदेखी कर तमाम गैरजरूरी मुद्दों में सीएम अपनी हाजिरी दे रहे हैं। यह तमाम कवायद सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के हास्यास्पद हथकंडे हैं।”

    कौशिक ने सवाल किया, “मुख्यमंत्री बघेल किस मुंह से नागरिक स्वतंत्रता के हनन पर क्षोभ जता रहे हैं? वस्तुत: मुख्यमंत्री बघेल को भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के नाम का फोबिया हो गया है। उन्हें एक तरह का अज्ञात राजनीतिक भय हमेशा सताता है और वे इसके चलते हर बात को भाजपा के कार्यकाल से जोड़कर पार्टी को बदनाम करने की कोशिशें करते हैं।”

    वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूर्ववर्ती रमन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “जिन-जिन राज्यों में भाजपा की सरकार रहती है उन राज्यों में अक्सर विपक्षी दल के नेताओं, मानवाधिकार संगठन के कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, बड़े उद्योगपतियों, व्यापारियों की जासूसी कराने का काम भाजपा की सरकारें करती रही हैं। छत्तीसगढ़ में 15 साल तक रमन सिंह की सरकार सत्ता में रही है और इस दौरान भी इस प्रकार की घटनाएं निश्चित रूप से हुई हैं।”

    त्रिवेदी का दावा है कि “विश्व स्तर पर इजरायली स्पाईवेयर पेगासस के जरिए नामचीन लोगों की व्हाट्सएप की टेपिंग का मामला सामने आने के बाद इजरायली कंपनी के छत्तीसगढ़ में आकर बैठक करने की भी जानकारी प्रकाश में आई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के नागरिकों की निजता पर गंभीर संकट उत्पन्न हुए होंगे, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान इजरायली कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आकर किससे मिले हैं? किसने उनको बुलाया था? और किन-किन व्हाट्स एप नंबरों की टेपिंग की गई है? इसकी जानकारी के लिए राज्य सरकार ने जांच समिति गठित की है।”

    कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय का स्वागत करते हुए निजता का हनन कर फोन टैपिंग मैसेज एवं व्हाट्स एप टाइपिंग के इस अवैधानिक कृत्य में शामिल व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    गौरतलब है कि राज्य में डेढ़ दशक बाद हुए सत्ता बदलाव के बाद से सियासत में कई मुद्दों को लेकर गर्माहट बनी हुई है। पूर्व में अंत:गढ़ टेप कांड, उसके बाद नान घोटाला जैसे मामलों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक-दूसरे पर हमले करने का भरपूर मौका दिया, वहीं अब व्हाट्स एप कॉल रिकार्डिंग की जांच से राज्य की सियासत में एक बार फिर उबाल लाने का काम किया है।

  • BJP पर बोला शिवसेना नेता संजय राउत ने हमला, कहा- नहीं करें हमें डराने का प्रयास

    BJP पर बोला शिवसेना नेता संजय राउत ने हमला, कहा- नहीं करें हमें डराने का प्रयास

    मुंबई। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी से कहा कि वह उन्हें डराने या धमकाने की कोशिश न करें और शिवसेना को अपना राजनीतिक रास्ता चुनने दें। राउत ने मीडिया में कहा कि हम लड़ने और मरने के लिए तैयार हैं, लेकिन धमकी या जबरदस्ती की रणनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    राउत भाजपा के अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीते लोकसभा चुनाव से पहले बंद दरवाजों के पीछे सत्ता के बंटवारे के फामूर्ले पर की गई टिप्पणियों का जिक्र कर रहे थे।

    राउत ने कहा कि मैंने सुना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि देवेंद्र फणनवीस ही महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे..यहां तक की सेना भी बार-बार दोहरा रही है कि उनका मुख्यमंत्री ही शपथ लेगा।

    वहीं शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मुख्यमंत्री के पद के साथ ही सेना को 50:50 की सत्ता-साझेदारी मिलने की बात हुई थी।

    हालांकि, शाह और फडणवीस ने इसे खारिज कर दिया और ठाकरे को झूठा बता कर उन पर भाजपा के साथ गठबंधन खत्म करने का आरोप लगा दिया।

    राउत ने बताया कि आपने बंद दरवाजे के पीछे लिए गए फैसलों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी क्यों नहीं दी? चुनाव परिणाम आने तक साझेदारी से मना करने के लिए आप अब तक चुप क्यों रहे?”

    उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से बंद दरवाजों के पीछे लिए गए फैसलों को जनता के सामने लाने से मना करती है, लेकिन अगर उन्होंने अपने शब्द और वादे पूरे किए होते, तो मामला कभी भी खुलकर सामने नहीं आता। सोमवार को एंजियोप्लास्टी कराने के बाद राउत ने पहली बार मीडिया से बातचीत की।

  • MAHARASHTRA LIVE UPDATES : सरकार बनाने के लिए NCP ने बनाई कमेटी, सरकार बनाने के लिए सक्रिय हुुुई भाजपा

    MAHARASHTRA LIVE UPDATES : सरकार बनाने के लिए NCP ने बनाई कमेटी, सरकार बनाने के लिए सक्रिय हुुुई भाजपा

    मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार नहीं बना पाने के बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। महाराष्ट्र में जैसे ही राष्ट्रपति शासन लगा तो शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। शिवसेना की अर्जी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। शिवसेना की ओर से अभी SC में राज्यपाल के द्वारा अधिक समय नहीं दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गई है, हालांकि राष्ट्रपति शासन लगाने के खिलाफ शिवसेना एक और याचिका दायर कर सकती है।

    LIVE UPDATES…
    -NCP नेता अजीत पवार ने बताया कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद हम आगे की रणनीति पर बात करेंगे। शरद पवार समेत कुछ अन्य नेता अब संसद के सत्र के लिए दिल्ली जाएंगे। हमने 5-6 लोगों की कमेटी बनाई है, जो आगे की रणनीति पर काम करेगी। इस दौरान शिवसेना पर भी चर्चा होगी। हम जल्द से जल्द सरकार बनाना चाहते हैं, क्योंकि किसान काफी परेशानी में है।

    – भाजपा भी सरकार बनाने के लिए सक्रिय हाे गई है। भाजपा नेता नारायण राणे ने मोर्चा संभाल लिया है। उनको जोड़-तोड़ में माहिर माना जाता है।

    – शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। इनसे मिलने के लिए एनसीपी के नेता नवाब मलिक पहुंच गए हैं।

    -शिवसेना के वकील सुनील फर्नांडिस ने बताया कि हम आज शिवसेना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर नहीं कर रहे हैं। यह कब दर्ज किया जाए, इस पर निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। मंगलवार की याचिका का कोई उल्लेख नहीं है, महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ है जो उन्हें 3 और दिन देने से इनकार किया था।

    -एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा कि एनसीपी ने राज्यपाल को एक पत्र देकर तीन दिनों की मोहलत मांगी थी क्योंकि कांग्रेस के नेता यहां नहीं थे और सुबह की स्थिति अलग थी। हम पूरी प्रक्रिया के लिए अधिक समय चाहते थे

    – एनसीपी के अजित पवार ने कहा कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना तीनों दल सरकार बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

    • शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे सोनिया गांधी के सलाहकार अहमद पटेल से होटल में सरकार बनाने को लेकर बैठक की है।

    महाराष्ट्र कांग्रेस के 44 विधायक जो पिछले कुछ दिनों से जयपुर में रुके हुए थे, वह आज वापस महाराष्ट्र रवाना होंगे। होर्स ट्रेडिंग से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी विधायकों को 5 दिनों से जयपुर में रखा हुआ है। महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन लग गया है और अभी भी एनसीपी-कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही है।

  • महाराष्ट्र – सीएमपी पर बनाई कांग्रेस, राकांपा ने कमेटी

    महाराष्ट्र – सीएमपी पर बनाई कांग्रेस, राकांपा ने कमेटी

    मुंबई । कांग्रेस व शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने बुधवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को अंतिम रूप देने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया, जिससे महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ गठबंधन पर चर्चा की जा सके। उधर भाजपा नेताओं के बयानों से संकेत मिलते हैं कि शिवसेना के साथ अब भी सरकार बनाने की पार्टी ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को लगे राष्ट्रपति शासन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य को जल्द स्थिर सरकार मिलने की उम्मीद जताई थी। वहीं उद्धव ठाकरे भी प्रेस कांफ्रेंस में कह चुके हैं कि विकल्प खत्म नहीं हुए हैं, भाजपा संपर्क कर रही है।

    कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, राज्य इकाई के प्रमुख बालासाहेब थोरात, माणिकराव ठाकरे व विजय वडेट्टीवार को कमेटी में नामित किया है, जबकि राकांपा ने कमेटी में जयंत पाटील, अजीत पवार, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और नवाब मलिक को शामिल किया है।

    न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा के लिए कमेटी के गठन का फैसला वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल द्वारा मंगलवार को शरद पवार के साथ मुंबई में हुई बैठक के दौरान लिया गया था।

    कांग्रेस और राकांपा की कोशिशों के बीच भाजपा भी खामोश नहीं बैठी है। दिल्ली और मुंबई में पार्टी की इस मसले को लेकर कई बैठकें हो चुकीं हैं। मंगलवार शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जिस तरह से भाजपा को लेकर रुख नरम रखते हुए कहा कि अब भी उधर से संपर्क किया जा रहा है, वहीं देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्य को जल्द स्थिर सरकार मिलने की बात कही। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने भी दावा किया कि सरकार तो भाजपा ही बनाएगी। इससे माना जा रहा है कि राष्ट्रपति शासन लगने की अवधि के बीच भाजपा शिवसेना के साथ सरकार बनाने की संभावनाओं में जुटी रहेगी।

    उल्लेखनीय है कि भाजपा-शिवसेना ने गठबंधन के तहत 21 अक्टूबर का विधानसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग करने के बाद गठबंधन टूट गया। भाजपा ने शिवसेना के रोटेशनल मुख्यमंत्री पद की मांग को ठुकरा दिया।

    महाराष्ट्र में मंगलवार शाम राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया।

  • राजस्थान – सीकर में टैंपों और मिनी बस की भिड़ंत में 8 लोगों की मौत

    राजस्थान – सीकर में टैंपों और मिनी बस की भिड़ंत में 8 लोगों की मौत

    जयपुर । सीकर के खाटूश्यामजी सड़क मार्ग पर मिनी बस और टैंपों की आमने-सामने की भिड़ंत में आठ लोगों की मौत हो गई । वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस सड़क हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है।
    गहलोत ने इस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।
    मामले के मुताबिक जयपुर से एक निजी मिनी बस खाटूश्यामजी जा रही थी। इस दौरान एक सडक के घुमाव पर श्रद्धालुओं से भरे एक टैंपों से इस बस की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई । इस हादसे में टैंपों में बैठे 7 श्रद्धालुओं और निजी बस में बैठे एक यात्री की मौत हो गई।

  • RAJASTHAN:बायतु में पथराव केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी और सांसद हनुमान बेनीवाल की गाडियों के काफिले पर पथराव

    RAJASTHAN:बायतु में पथराव केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी और सांसद हनुमान बेनीवाल की गाडियों के काफिले पर पथराव

    जयपुर। केन्द्रीय मंत्री मंत्री कैलाश चौधरी और सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर बायतु में पथराव किया गया। आपको बताते जाए कि दोनों नेता बायतु उपखंड मुख्यालय पर आयोजित वीर तेजाजी और खेमाबाबा की जागरण में भाग लेने जा रहे थे। इस दौरान ये हादसा घटित हुआ।

    मिली जानकारी के अनुसार, बाड़मेर में हनुमान बेनीवाल ने राजस्व मंत्री हरीश चौधरी पर टिप्पणी से कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हाे गए थे। कांग्रेस कार्यकर्ता हनुमान बेनीवाल का विरोध करने फलसूंड चौराहे पर पहुंच गए। करीब आधा घंटे तक वहां नारेबाजी करते रहे। जैसे ही हनुमान बेनीवाल का काफिला बायतु पहुंचा तो अज्ञात लोगों ने बेनीवाल के काफिले पर पत्थरबाजी करना प्रारंभ कर दिया। इस अवसर पर हनुमान बेनीवाल, केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी की गाड़ी में बैठे थे। पत्थरबाजी से गाड़ी के शीशे टूट गए। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया।

  • शिवसेना भाजपा से काटने लगी कन्नी

    शिवसेना भाजपा से काटने लगी कन्नी

    महाराष्ट्र साकार बनाने को लेकर लंबे समय से खीचातानी के बीच अब सरकार बनाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। शिवसेना अब बीजेपी से दूरी बनाने में लगी है। मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच सरकार बनाने को लेकर समझौता हो गया है। समझौते के तहत शिवसेना को पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद मिलेगा।

    कांग्रेस और एनसीपी के खाते में एक-एक उपमुख्यमंत्री पद आएगा। तीनों दलों के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (सीएमपी) को लेकर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत शिवसेना को पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद मिलेगा, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को 14 और कांग्रेस को 12 मंत्रीपद मिलेगा। खुद शिवसेना के खाते में भी मुख्यमंत्री पद के अलावा 14 मंत्री पद भी आएंगे।

  • MAHARASHTRA LIVE: प्रक्रिया शुरू सरकार बनाने की,चलेगी पूरे 5 साल ,कल करेंगे राज्यपाल से मुलाकात- शरद पवार

    MAHARASHTRA LIVE: प्रक्रिया शुरू सरकार बनाने की,चलेगी पूरे 5 साल ,कल करेंगे राज्यपाल से मुलाकात- शरद पवार

    मुंबई। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बाद लगातार राजनीति की चौसर बदलती जा रही है। कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की बैठक हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर ही महाराष्ट्र में सरकार बनाने का ऐलान किया जा सकता है। यह सरकार कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी मिलकर बनाएंगे। शिवसेना का मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एनसीपी -कांग्रेस के दो बनाए जाएंगे।
    LIVE अपडेट…
    -महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, सरकार पूरे 5 साल चलेगी। इससे पहले एनसीपी नेता नवाब मलिक ने यह साफ किया था कि राज्य का मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा।

    -एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा कि शिवसेना का मुख्यमंत्री बनता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम तीनों दलों के नेता कल राज्यपाल से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि कल तीनों दलों (कांग्रेस,एनसीपी, शिवसेना) के नेता सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

    -सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार, बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर ही महाराष्ट्र में सरकार बनाने का ऐलान किया जा सकता है। यह सरकार कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी मिलकर बनाएंगे। शिवसेना का मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एनसीपी -कांग्रेस के दो बनाए जाएंगे।

    – शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि शिवसेना के नेतृत्व में ही सरकार बनेगी। कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत सरकार आगे चलेगी। इस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर उद्धव ठाकरे निर्णय लेंगे। मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा।
    -इसमें तीनों पार्टियों के नेताओं ने साझा बयान में कहा है कि तीनों दलों के बीच साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई। इसके बाद भाजपा नेता आशीष शेल्लार बाहर आए तो उन्होंने मीडिया से सिर्फ इतना कहा कि जय श्री राम, हो गया काम।

    मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा कोर कमेटी की इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, आशीष शेल्लार, पंकजा मुंडे, गिरीश महाजन समेत पार्टी के कई नेता शामिल हुए थे। अधिकतर नेता बैठक खत्म होने के बाद खुश दिखाई दे रहे थे लेकिन आशीष शेल्लार के बयान ने सुर्खियां बटोर रही है। ऐसी स्थिति में आशीष शेल्लार के इस बयान से कई कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या भाजपा को जादुई नंबर की जरूरत थी, वह मिल गया है? क्या भाजपा सरकार बनाने की ओर कदम को आगे बढ़ा रही है।

  • महाराष्ट्र का घमासान : इसलिए लिया शिवसेना के संजय राउत ने आडवाणी का नाम

    महाराष्ट्र का घमासान : इसलिए लिया शिवसेना के संजय राउत ने आडवाणी का नाम

    मुंबई। महाराष्ट्र में सत्ता की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझी है। हालांकि शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा कर ली, लेकिन उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है।

    महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है। इस बीच शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने शनिवार को एक बार फिर सरकार गठन के सिलसिले में बयान दिया। उन्होंने कहा कि बेशक महाराष्ट्र में अगली सरकार शिवसेना के नेतृत्व में बनने जा रही है और मुख्यमंत्री हमारा ही होगा।

    समाचार एजेंसी के अनुसार राउत ने आगे कहा कि पुराने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की तुलना में नया एनडीए बहुत अलग है। आज के एनडीए का संयोजक कौन है? आडवाणीजी इसके संस्थापकों में से एक थे, जिन्होंने या तो इसे छोड़ दिया है या फिर वे सक्रिय नहीं हैं।

    इस बीच, मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी से अलग हुई शिवसेना के 2 सांसदों ने अब राज्यसभा में विपक्ष में बैठने का फैसला किया है। संसद में उनके दो सांसदों संजय राउत और अनिल देसाई की सीट में बदलाव किया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव बीजेपी के साथ लडऩे के बाद शिवसेना ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद के फॉर्मूले पर अड़ी रही थी। मांग नहीं माने जाने पर शिवसेना के केंद्र में एकमात्र नेता अरविंद सावंत ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

  • राजस्थान: मतदान जारी 49 नगर निकायों के लिए, चुनावी मैदान में 7942 उम्मीदवार

    राजस्थान: मतदान जारी 49 नगर निकायों के लिए, चुनावी मैदान में 7942 उम्मीदवार

    जयपुर। प्रदेश के 24 जिलों की 49 नगर निकायों में आज सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है। मतदान में ईवीएम का प्रयोग किया जा रहा है। नाम वापसी के बाद कुल 7942 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। इनमें से 2832 महिलाएं, 5109 पुरुष और हनुमानगढ़ से एक तृतीय लिंग प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाया है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव श्यामसिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रदेश के कुल 2105 वार्डों पर 3510 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। सदस्य पदों के लिए 19 नवम्बर को स्थानीय स्तर पर मतगणना करवाई जाएगी। अध्यक्ष का चुनाव 26 नवंबर व उपाध्यक्ष का 27 नवंबर को होगा। मतगणना प्रातः 8 बजे से आरंभ होगी।

    प्रदेश के 49 नगर निकाय क्षेत्रों के लिए कुल 33 लाख 6 हजार 919 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिनमें से 17 लाख 5 हजार पुरुष, 16 लाख 1 हजार 872 महिलाएं और 47 अन्य मतदाता शामिल हैं। इसमें 18 से 25 वर्ष की उम्र के 5 लाख 77 हजार 768, 26 से 35 उम्र के 8 लाख 30 हजार 325 मतदाता, 36 से 59 वर्ष की उम्र के 14 लाख 471 और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 4 लाख 98 हजार 355 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।