जयपुर । राजधानी पुलिस का शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती जारी है। पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक के निर्देशन में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चले रात्रिकालीन अभियान में पुलिस ने तीन सौ दो शराबी वाहन चालकों को पकड़ा और उनके वाहनों को जब्त किया है।
पुलिस ने 50 कार/ जीप,237 दुपहिया वाहन, 1 मिनी बस, 2 ट्रक,4ऑटो रिक्शा, 1 विक्रम टेंपो ,3 मैजिक, 2 ई रिक्शा,1 ट्रैक्टर एवं 1पिक अप को जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक शराबी वाहन चालकों के तीन महीने के लिए लाइसेंस निलंबित होंगे।
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पुलिस की सख्ती जारी शराबी वाहन चालकों पर, 302 वाहन चालकों को पकड़ा
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पर्यावरण मंत्री को CM मनोहर लाल ने लिखा पत्र, प्रदूषण के मुद्दे पर कही ये बड़ी बात
[object Promise]चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भयंकर प्रदूषण के मुद्दे पर कुछ हितधारकों द्वारा ओच्छी राजनीति करने की बढ़ती प्रवृत्ति की निंदा करते हुए, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखकर जल्द से जल्द और जहां तक सम्भव हो कल ही, दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने का आग्रह किया है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के साथ दूरभाष पर बातचीत में उनसे यह बैठक बुलाने का अनुरोध किया ताकि एनसीआर में इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए विभिन्न संगठनों और सरकार के समन्वित प्रयासों से एक कारगर रणनीति तैयार की जा सके।
मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जारी जन स्वास्थ्य आपातकाल हम सब के लिए गम्भीर चिंता का विषय है। लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए, इस समस्या के समाधान के लिए सभी हितधारकों द्वारा एक अति संवेदनशील और उत्तरदायी ढंग से समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चूंकि एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार करना किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार के वश की बात नहीं है, इसलिए इस गम्भीर स्थिति पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह अपने आप में चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से व्याप्त भयंकर प्रदूषण से पीडि़त लोगों को जल्द राहत पहुंचाने पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए।
इस बातचीत को एक पत्र के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए, मनोहर लाल ने कहा कि सम्बन्धित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों और पर्यावरण मंत्रियों की बैठक से इस गम्भीर स्थिति से निपटने के लिए कार्य योजना और संयुक्त रणनीति बनाने तथा लोगों की पीड़ा और कठिनाई को दूर करने में मदद मिलेगी।
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JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION : बीजेपी है आक्रामक प्रचार की तैयारी में, बनाएगी इन्हें बड़ा मुद्दा
[object Promise]नई दिल्ली। झारखंड में 65 प्लस सीटों का आंकड़ा लेकर चल रही भाजपा को उम्मीद है कि वह पांच महीने पूर्व हुए लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन विधानसभा चुनाव में भी दोहराएगी। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपानीत राजग ने 14 में से 12 सीटें जीती थी। राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में होना है और भाजपा आक्रामक चुनाव प्रचार की तैयारी में है।
इस चुनाव में एनआरसी और धर्मातरण को भाजपा बड़ा मुद्दा बनाएगी। झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से तीन बार के सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को आईएएनएस से कहा कि उनकी पार्टी 65 नहीं, 70 सीटें जीतेगी।
विपक्षी दलों की एकजुटता के सवाल पर उन्होंने कहा कि 2014 के मुकाबले विपक्ष साफ है। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में विकास के साथ भाजपा एनआरसी और धर्मांतरण को भी बड़ा मुद्दा बनाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और स्थानीय दोनों मुद्दों पर पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
निशिकांत दुबे ने कहा, झारखंड में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं पहली बार गरीबों तक पहुंचीं। मधु कोड़ा का भ्रष्टाचार आज तक लोग भूले नहीं हैं। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव अपनी ही पार्टी की महिला नेता के यौन शोषण में फंसे हैं। भ्रष्टाचार और चारित्रिक पतन के शिकार विपक्षी नेता कौन-सा चेहरा लेकर जनता के बीच जाएंगे। दुबे के मुताबिक, उनके गोड्डा संसदीय क्षेत्र की कुल छह में से फिलहाल चार सीटें भाजपा के पास हैं। इस विधानसभा चुनाव में वे सभी सीटों को पार्टी की झोली में डालने की कोशिश करेंगे।
धर्मांतरण के लिए बदनाम झारखंड में भाजपा ने इसे विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनाने की तैयारी की है। भाजपा को लगता है कि इस मुद्दे से वह वोटों का ध्रुवीकरण कर सकती है। आदिवासियों के बीच जाकर पार्टी बताने की तैयारी में है कि उनकी संस्कृति की रक्षा के लिए ही राज्य में पहली बार धर्मांतरण कानून लागू हुआ। भाजपा की रघुबर दास सरकार ने 2017 से राज्य में धर्म स्वतंत्र कानून (झारखंड धर्म स्वतंत्र विधेयक 2017) कानून लागू किया है।
इसमें जबरन या लालच देकर धर्मांतरण को अपराध घोषित किया गया है। इस कानून के तहत चार साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। भाजपा का कहना है कि आदिवासी संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए धर्मांतरण पर सख्ती जरूरी है। धर्मांतरण के मुद्दे पर विपक्ष की खामोशी को भाजपा हथियार बनाने की कोशिश में है।
झारखंड विधानसभा चुनाव में एनआरसी के मुद्दा होने का संकेत मुख्यमंत्री रघुबर दास भी पहले दे चुके हैं। उन्होंने असम की तरह झारखंड में भी एनआरसी लिस्ट तैयार करने की सितंबर में मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार केंद्र के सामने एनआरसी का प्रस्ताव रखेगी। बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को राज्य से भगाया जाएगा। गौरतलब है कि 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में 81 में से 37 सीटे जीतने वाली भाजपा बाद में झाविमो के छह विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने में सफल हुई थी।
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MAHARASHTRA : मैसेज राजनीति शिवसेना-NCP में, अजित पवार को संजय राउत ने लिखा- जय महाराष्ट्र
[object Promise]मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम आए दस दिन हो गए हैं। इसके बाद भी महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस जारी है। लेकिन राज्य में किसकी सरकार बनेगी यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। शिवसेना 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है तो वहीं भाजपा इस पर राजी होने को तैयार नहीं है।
अपडेट…
– राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार ने दावा किया है कि उन्हें शिवसेना नेता संजय राउत ने मैसेज भेजा है। मैसेज के बारे में बताते हुए पवार ने बताया कि संजय राउत ने ‘जय महाराष्ट्र’ का मैसेज भेजा है। अब हम आपस में बातचीत करेंगे।अजित पवार ने कहा कि एनसीपी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा है। एक पक्ष यह निर्णय नहीं ले सकता। शिवसेना के गठबंधन का निर्णय कांग्रेस-एनसीपी को संयुक्त रूप से करना है, लेकिन भाजपा और शिवसेना का गठबंधन एक साथ लड़ा और उन्हें बहुमत मिला है। अब उन्हें सरकार बनानी चाहिए।
-महाराष्ट्र में सियासी हलचल के बीच शिवसेना के नेता संजय राउत ने बताया है कि शिवसेना को 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। उनके इस बयान से हलचल और तेज हो गई है। महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए 145 विधायकों की आवश्यकता है। जाहिर उनके इस बयान से बीजेपी के में खलबली मच गई है।
-मुंबई में एनसीपी मुख्यालय में पार्टी नेताओं की बैठक हो रही है। यह बैठक सोमवार को पार्टी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच होनी वाली मुलाकात से पहले हो रही है। इस बीच एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर शिवसेना कहती है कि उनका मुख्यमंत्री बनेगा तो यह बिल्कुल मुमकिन है।- शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री तो शिवसेना का ही बनेगा।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने आज सामना अखबार में लिखा है कि बीजेपी को ईडी, पुलिस, पैसा, धाक के दम पर अन्य पार्टियों के विधायक तोड़कर सरकार बनानी पड़ेगी। उन्होंने साफ करते हुए लिखा है कि बीजेपी के सामने शिवसेना घुटने नहीं टेकेगी और शिवसेना की ओर से बीजेपी पर बयानों का तीर नतीजों के बाद से जारी है। शिवसेना ने बीजेपी के राष्ट्रपति शासन वाले बयान पर पलटवार करते हुए पूछा है कि राष्ट्रपति आपकी जेब में हैं क्या।
आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को कहा था कि अगर राज्य में सात नवंबर तक नई सरकार नहीं बनती है तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। इसके अलावा शिवसेना बीजेपी को यह भी बताती रही है कि उसके पास और भी विकल्प हैं। शिवसेना अगर विकल्प की बात कर रही है तो जाहिर है पार्टी की ओर से खिचड़ी पक रही है।
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में शून्य के करीब पहुंचा न्यूनतम तापमान
[object Promise]शिमला। हिमाचल प्रदेश में नवंबर के पहले हफ्ते में ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी होने से ठंड बढ़ गई है। हिमाचल के रोहतांग पास में जमकर बर्फबारी हई है तो उत्तराखंड के बद्रीनाथ में भी बर्फ गिरी है। बद्रीनाथ में रविवार शाम से रुक-रुक कर बर्फबारी शुरू हो गई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद यात्रियों में भारी उत्साह बना हुआ है।
बद्रीनाथ के आसपास ऊंची पहाड़ियां सफेद हो गई हैं। बर्फबारी के बाद न्यूनतम तापमान भी शून्य के करीब पहुंच गया है और आने वाले दिनों में अब इसमें और गिरावट दर्ज की जाएगी। नवंबर महीने का पहला सप्ताह भी नहीं बीता है लेकिन उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी प्रारंभ हो गई है। हर साल नवंबर के आखिरी सप्ताह तक बर्फबारी होती है, वहीं इस बार बर्फबारी जल्दी शुरू हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में भी बर्फ पड़ रही है और बर्फबारी की वजह से स्थानीय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बर्फबारी के बाद हाईवे पर गाड़ियों का लंबा काफिला लग गया है। फंसी गाड़ियों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा है।
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आजसू ने झारखंड में BJP से मांगी ‘डबल डिजिट’ सीटें!
[object Promise]रांची। झारखंड में चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों ने संग्राम के लिए राजनीतिक ‘योद्धाओं’ की तलाश तेज कर दी है। अभी तक जो स्थिति उभरी है, उसमें यह माना जा रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी दलों के महागठबंधन के बीच आमने-सामने की लड़ाई होगी। लेकिन दोनों गठबंधन सीटों की दावेदारी से परेशान है। सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) ने भी ‘डबल डिजिट’ का दावा कर भाजपा को चुनाव के पूर्व ‘भंवर’ में डाल दिया है।
भाजपा के सूत्रों की मानें तो भाजपा पिछले विधानसभा की तर्ज पर सीट बंटवारा चाहती है, जिसे आजसू ने सीधे तौर नकार दिया है। आजसू के नेता कहते हैं कि पिछले पांच सालों के बीच काफी कुछ बदलाव आया है।
आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो कहते हैं कि 2014 में स्थिर सरकार देने के लिए आजसू ने बड़ी कुर्बानी दी थी। इस बार भाजपा से नए सिरे से सीटों को लेकर बातें करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस बार सीट बंटवारे को लेकर प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ उनका मंथन जारी है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अभी तक बात नहीं बनी है, अब सीटों के बंटवारे को लेकर दिल्ली के साथ बात होनी है।
इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि भाजपा पिछले चुनाव की तर्ज पर 72 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गौरतलब है कि भाजपा और आजसू में पेच कई दूसरे दलों के विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद ज्यादा फंसा है। सूत्रों का कहना है कि लोहरदगा, सिसई, चंदनकयारी, टुंडी, हटिया, मांडु जैसी कई सीटें हैं, जहां दोनों दलों की दावेदारी है। ऐसे में स्थिति फंस गई है।
आजसू सूत्रों का दावा है कि पार्टी विधानसभा की 12 से 15 सीटों पर दावेदारी की है। पार्टी भाजपा के साथ ‘पोस्ट पोल एलायंस’ का प्रस्ताव भी दे सकती है।
हाल के दिनों में भाजपा ने दूसरे दलों के विधायकों को जिस तरह अपने पाले में किया है, उससे आजसू खुद को असहज महसूस करने लगा है। विपक्ष के जो विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं, उनमें से कम से कम दो सीटों पर आजसू की मजबूत दावेदारी है।
लोहरदगा विधनसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में आजसू के कमल किशोर भगत ने सुखदेव भगत को हराया था। हालांकि बाद में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद कमल किशोर की सदस्यता चली गई थी और लोहरदगा में उपचुनाव हुआ था। उसमें सुखदेव भगत जीते थे। अब सुखदेव भगत भाजपा में चले गए हैं, जबकि आजसू इसे अपनी सीट समझती है।
ऐसी ही एक सीट है चंदनकियारी है। यहां वर्ष 2009 में आजसू के उमाकांत रजक जीते थे, जबकि पिछली बार वहां से झाविमो के टिकट पर अमर बाउरी जीते और बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। इस बार उमाकांत रजक फिर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
आजसू को डर है कि इन दोनों सीटों पर समझौता किया, तो कमल किशोर भगत और उमाकांत रजक अलग रास्ता अपना सकते हैं।
आजसू के प्रवक्ता देवशरण भगत भी कहते हैं कि हर हाल में इस चुनाव में विधायक ‘डबल डिजिट’ में होंगे। पार्टी ने तैयारी पूरी कर ली है। ‘अकेले चुनाव लड़ने के सवाल’ पर उन्होंने इशारों ही इशारों में भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि दो दल के सम्मानजनक सीट बंटवारे से ही पार्टी का गठबंधन चल पाता है। उन्होंने यह भी कहा पार्टी राजग की घटक दल है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सीट तय करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा ने खेती खरीदी है, खेत नहीं। लोहरदगा या चंदनकियारी में खेत तो हमारा ही है। सीट शेयरिंग का फैसला तो पंचों की राय से होगा।”
पिछले चुनाव में भाजपा 72 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 31.26 प्रतिशत मत प्राप्त कर 37 सीटों पर कब्जा जमाया था जबकि उसके घटक दल आजसू ने आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और 3़ 68 प्रतिशत मत प्राप्त कर पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इधर, भाजपा इस मामले को लेकर अब खुलकर कुछ भी नहीं बोल रही है। भाजपा के प्रवक्ता दीपक प्रकाश कहते हैं, “राजग एकजुट है और एकजुट रहेगी। चुनाव तक सबकुछ तय कर लिया जाएगा। आजसू हमारी पुरानी सहयोगी है।”
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शेयर बाजार: सेंसेक्स 40 हजार के पार, निफ्टी ने भी मारी उछाल
[object Promise]मुंबई। शेयर बाजार में सोमवार को भी तेजी बरकरार रही। सोमवार को सेंसेक्स 250 अंकों की उछाल के साथ 40, 407.27 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 अंकों की बढ़त के साथ 11,967.60 पर खुला है। वोडाफोन आईडिया और इंडोस्टार कैपिटल के शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिली है। इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 40,165.03 और निफ्टी 11,899.50 पर बंद हो गया है।
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नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में, पोस्टर लगे इमरान खान की तारीफ वाले
[object Promise]अमृतसर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ कांग्रेस के विधायक नवजोत सिंह सिद्धू की तस्वीर वाले पोस्टर और होर्डिंग्स रहस्यमयी तरीके से अमृतसर में सामने आए हैं, जिसमें दोनों को पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को भारतीय क्षेत्र से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ‘असली नायक’ बताया गया है। मंगलवार को दिखाई देने वाले होडिर्ंग्स में से एक में लिखा था कि करतारपुर साहिब गलियारे के पीछे के असली नायक। हम, पंजाबी, स्वीकार करते हैं कि इसका श्रेय नवजोत सिंह सिद्धू और इमरान खान को जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, नगर निगम ने कुछ घंटों के भीतर होडिर्ंग्स को हटवा दिया।
माना जाता है कि भारत से लगी सीमा से करीब 4 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित करतारपुर गुरुद्वारा का निर्माण उस स्थल पर हुआ, जहां 16 वीं शताब्दी में गुरु नानक की मृत्यु हुई थी। इसे 4.2 किलोमीटर लंबे करतारपुर साहिब गलियारे से जोड़ा जाने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को करतारपुर गलियारा का उद्घाटन करेंगे और 12 नवंबर को पड़ने वाले गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती समारोह के अवसर पर करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे।
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विद्यालय में घुसकर बेटी को छात्रवृत्ति नहीं मिली तो मां ने शिक्षक पर किया हसिये से वार
मसौढ़ी. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या पांच स्थित प्राथमिक विद्यालय कैलाश नगर में पढ़ने वाली पांचवीं की एक छात्रा को छात्रवृत्ति की राशि नहीं दिए जाने पर उसकी मां ने विद्यालय के प्रभारी शिक्षक के साथ गाली-गलौज करते हुए अपने हाथ में लिए हंसुआ से उसके अंगूठे पर वार कर दिया, जिससे प्रभारी शिक्षक जख्मी हो गए। घटना मंगलवार की दोपहर की है।
इस संबंध में जख्मी शिक्षक थाना के मलिकाना मोहल्ला निवासी मो. शाकिब नजीर ने आरोपी महिला कैलाश नगर मोहल्ला निवासी गणेश राय की पत्नी पतिया देवी के खिलाफ मसौढ़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, पतिया देवी की छोटी पुत्री उक्त विद्यालय में पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। उसे अबतक छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है, जिसे लेकर उसकी मां मंगलवार को स्कूल पहुंची और विद्यालय के प्रभारी शिक्षक के साथ बकझक करने लगी। इस दौरान प्रभारी शिक्षक ने उसे यह कहते हुए वहां से जाने को कहा कि उसकी पुत्री की विद्यालय में उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है, इस कारण उसे छात्रवृत्ति की राशि नहीं दी जा सकती।
तीन माह पहले ही शिक्षक ने लिया है विद्यालय का प्रभार
इधर, इतना सुनते ही छात्रा की मां पतिया देवी आक्रोशित हो गई और अपने हाथ में लिए हंसुआ से प्रभारी शिक्षक के अंगूठे पर वार कर दिया। इससे वे जख्मी हो गए। इस बीच विद्यालय में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। इस दौरान प्रभारी शिक्षक भयभीत हो गए और वहां से अपनी बाइक लेकर भागे-भागे मसौढ़ी थाने पहुंचे। बाद में उन्होंने इस संबंध में आरोपी महिला के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में प्रभारी शिक्षक ने बताया कि तीन माह पूर्व ही उन्होंने विद्यालय का प्रभार लिया है। छात्रा की छात्रवृत्ति की राशि पहले से लंबित है। -
नवरूणा हत्याकांड: खड़े किए सीबीआई ने हाथ, 10 लाख का इनाम गुत्थी सुलझाने में मदद करने वाले को
मुजफ्फरपुर. बहुचर्चित नवरूणा कांड की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार की दोपहर में मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में नवरूणा अपहरण व हत्या की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई की मदद करने वालों को 10 लाख का इनाम देने का पोस्टर चस्पा किया। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी द्वारा पौने 6 साल की जांच व नवरूणा कांड में 6 लोगों को जेल भेजने के बाद इस तरह के पोस्टर चस्पा करने की खूब चर्चा रही।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 14 फरवरी 2014 को सीबीआई ने कांड में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार जांच के लिए मोहलत दी। तीन माह पहले सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर 2019 को सीबीआई को जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था। डेडलाइन के महज 15 दिन पहले सीबीआई ने गुत्थी सुलझाने में मदद करने वाले को इनाम देने की घोषणा की है।
2012 काे घर के सामने नाले से मिली थी लाशनवरूणा चक्रवर्ती, उम्र 12 वर्ष, पुत्री अतुल्य चक्रवर्ती, जवाहर लाल राेड, मुजफ्फरपुर का अपहरण 18/19 सितंबर 2012 की रात में खिड़की ताेड़ कर किया गया। 26 नवंबर 12 काे घर के सामने नाले से लाश मिली।
जिला पुलिस और सीअाईडी भी कर चुकी है जांच
नवरूणा कांड में जिला पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं हाेने की स्थिति में भारी दबाव के बाद राज्य सरकार ने सीअाईडी काे जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। सीआईडी जांच में भी जब काेई निष्कर्ष नहीं निकला ताे राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की। राज्य सरकार की अनुशंसा पर सीबीआई ने पहले से कई केस का दबाव बताते हुए जांच से इनकार कर दिया। इसी बीच नवरूणा से जुड़े लाॅ के छात्र अभिषेक रंजन ने सुप्रीम काेर्ट में याचिका दाखिल की। सुप्रीम काेर्ट के आदेश के बाद सीबीआई पाैने 6 साल से मामले की जांच कर रही है।सीबीआई की पोस्टर में अपील : यदि कोई भी व्यक्ति नवरूणा अपहरण व हत्या की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई की मदद करेगा, उसे 10 लाख का इनाम दिया जाएगा। सूचना सीबीआई के एसपी कार्यालय स्थित विशेष अपराध शाखा के माेबाइल, ई-मेल व पता पर दिया जा सकता है…।
नवरूणा के पिता ने कहा- सीबीआई काे सबसे पहले मुझे 10 लाख रुपए देना चाहिए
सीबीआई की अपील से ताज्जुब हाे रहा है। सीबीआई जांच में मदद करने वाले काे 10 लाख देने की बात कह रही है। सीबीआर्ई काे सबसे पहले मुझे 10 लाख का इनाम देना चाहिए। क्योंकि सीबीआई काे हमने सबूत, सुराग, साक्ष्य बहुत कुछ में मदद की है।
अतुल्य चक्रवर्ती का आरोप-सीबीआई नवरूणा केस काे खत्म करना चाहती है
मीडिया से बातचीत में नवरूणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती ने कहा कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी नवरूणा कांड में असहाय नजर अा रही है। लाेगाें में इसका क्या संदेश जाएगा। मेरा मानना है कि सीबीअाई केस काे खत्म करना चाहती है।
घटनाक्रम
- 18/19 सितंबर 12- जवाहर लाल राेड से खिड़की ताेड़ कर नवरूणा का अपहरण
- 16 नवंबर 12 – नवरूणा के घर के सामने नाले से कंकाल मिला
- 14 फरवरी 14 – सुप्रीम काेर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज की प्राथमिकी
- 18 फरवरी 14 – पहली बार सीबीआई जांच करने मुजफ्फरपुर पहुंची
- 24 दिसंबर 14 – सीबीआई ने नवरूणा जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने का किया दावा