Category: state-news

  • कौन बनेगा मुख्यमंत्री : पहले फडणवीस पर शिवसेना ने किया पलटवार, फिर रद्द की बैठक

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    मुंबई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यमंत्री चेहरे देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि वे अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उनके इस बयान पर शिवसेना व भाजपा के बीच नाजुक चल रहे संबंध और बिगडऩे की संभावना है। अब शिवसेना ने फडणवीस पर पलटवार किया है।

    50-50 फॉर्मूले को लेकर सख्त तेवर अपना रही शिवसेना ने फडणवीस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री ने क्या कहा है। अगर वे यह कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूले पर कभी चर्चा ही नहीं हुई तो मुझे लगता है कि हमें सत्य की परिभाषा को बदलने की जरूरत है। सीएम जिस मुद्दे के बारे में बात कर रहे हैं उसके बारे में सबको पता है।

    मीडिया भी वहां मौजूद था। खुद फडणवीस ने 50-50 फॉर्मूले का जिक्र किया था। शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने भी इसके बारे में बोला था। यह सब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने हुआ था। अगर अब ये कहते हैं कि ऐसी कोई बात हुई ही नहीं तो मैं प्रणाम करता हूं ऐसी बातों को। पहले जिस बात को वे कैमरे पर बोल चुके हैं अब उससे इनकार कर रहे हैं।

    इधर खबर आई है कि आज भाजपा के साथ होने वाली बैठक शिवसेना ने रद्द कर दी है। शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सरकार गठन को लेकर बैठक होनी थी, लेकिन फडणवीस के बयान के बाद ठाकरे ने इसे रद्द कर दिया। बैठक में भाजपा नेता प्रकाश जावडेकर, भूपेंद्र यादव, शिवसेना के संजय राउत, सुभाष देसाई सहित कई नेताओं को हिस्सा लेना था।

    राउत ने आज सुबह भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि यहां कोई दुष्यंत चौटाला नहीं है, जिनके पिता जेल में हैं। हम महाराष्ट्र में सच्चाई की राजनीति करते हैं। अगर कोई हमें सत्ता से दूर रखने की कोशिश करता है, तो इसे सच्चाई की राजनीति नहीं कहा जाता है। हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है।

    इससे पहले शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले का करार चुनाव से पहले होने के दावों को खारिज करते हुए फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बनेगी। लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन की औपचारिकता की गई थी, उस समय शिवसेना से ढाई साल मुख्यमंत्री का पद उसके पास रहने का वादा नहीं किया गया था।

    इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मीडिया से कहा है कि हमारा अभी तक शिवसेना की ओर से कोई संवाद स्थापित नहीं हुआ है। अगर यह होता है, तो हम इस मामले को निर्णय करने के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पहले ही विपक्ष में बैठने की बात कह चुकी है।

  • MAHARASHTRA: BJP पर शिवसेना के सांसद राउत का तंज, कोई दुष्यंत नहीं है महाराष्ट्र में, जिसके पिता जेल में हों

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    मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच मुख्यमंत्री के पद को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसी बीच शिवसेना के दिग्गज नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में कोई दुष्यंत नहीं है जिसके पिता जेल में हों, हमारे पास भी विकल्प माैजूद हैं।

    शिवसेना नेता संजय राउत ने आगे कहा कि कहा उद्धव ठाकरे जी ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं, लेकिन हम उस विकल्प को स्वीकार करने का पाप नहीं करना है क्याेंकि शिवसेना ने हमेशा सच्चाई की राजनीति की है, हम सत्ता के भूखे नहीं हैं।

    भाजपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के बाद भी सरकार बनाने में समय क्यों लग रहे सवाल पर संजय राउत ने कहा कि यहां कोई दुष्यंत नहीं है जिनके पिता जेल में हैं। यहां हम हैं जो ‘धर्म और सत्य’ की राजनीति करते हैं, शरद पवार जिन्होंने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया है जो कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।

    शिवसेना सांसद ने कहा कि हम सत्ता के भूखे नहीं हैं। हम उन पार्टियों के साथ नहीं जा सकते हैं जिन्होंने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा है। यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि कोई हमें सत्ता से दूर रखना चाहता है। अगर आपका गठबंधन सहयोगी आपको सत्ता से दूर रखने के लिए षड्यंत्र रचता है तो यह सही नहीं है।

  • RAJASTHAN: नाबालिग की सिकराय में गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों रोष

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    जयपुर। दौसा जिले के सिकराय उपखंड मुख्यालय पर सोमवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के दौरान अस्पताल में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।

    मिली जानकारी के अनुसार, हत्या की वारदात सिकराय पुलिस चौकी के पास हुई है। कस्बे में 16 वर्षीय दिलीप कुंडेरा घर के बाहर खड़ा हुआ था। इसी दौरान तीन बदमाश गाड़ी से आए और दिलीप के सीने में गोली मार दी। इसके बाद घटना से फरार हो गए। वहां मौजूद लोगों ने घायल दिलीप को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    इस बीच कस्बे में वारदात की सूचना आग की तरह फैलने से बड़ीसंख्या में लाेग अस्पताल में एकत्रित हो गए। तनाव को देख्रते हुए मेहंदीपुर बालाजी, मानपुर और सिकंदरा पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही दौसा से भी अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया।

    पुलिस ने आरोपियों की बाइक, हेलमेट और रिवाल्वर बरामद कर ली है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।हत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

  • JHARKHAND : पूर्व CM मरांडी- JVM अकेले लड़ेगी चुनाव

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    रांची। झारखंड के पहले मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों के महागठबंधन में शमिल नहीं होगी और अकेले चुनाव लड़ेगी। चुनाव बाद के गठबंधन के विषय को उन्होंने चुनाव बाद के लिए टाल दिया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव के पहले ही भाजपा डरी और सहमी हुई है।

    पूर्व मुख्यमंत्री मरांडी ने शनिवार को आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा कि गठबंधन का मामला नहीं बन पा रहा है। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने प्रयास किया कि गठबंधन बना रहे, पर सभी पार्टियों को सीटों को लेकर अपनी-अपनी समस्याएं हैं। छोटा राज्य है, कम सीटें हैं। दावेदार अधिक हैं, ऐसे में गठबंधन संभव होता नहीं दिख रहा था।

    इसके बाद हमने एकला चलो रे की राह को अपनाते हुए अकेले ही लडऩे का फैसला किया। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर कटाक्ष करते हुए इशारों ही इशारों में कहा, कई लोगों की पुरखों की पार्टी है, विरासत में उन्हें सीटें मिली हैं, परंतु हमारी पार्टी नई है। हम दिहाड़ी मजदूर हैं।

    संघर्ष कर सीट जीतेंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को इससे लाभ होने के सवाल पर मरांडी ने उदाहरण दिया, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी ने भी अकेले चुनाव में उतरकर जीत दर्ज की थी। जीत दिलाना जनता का काम है। उनका विश्वास जनता पर है।

    पिछले चुनाव की तरह इस चुनाव के बाद झाविमो के विधायकों के टूट जाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उस स्थिति में इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) रहेगी ही नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा अबकी बार 65 पार की बात कर रही है, परंतु इस बार भाजपा डरी और सहमी हुई है। अन्य दलों के विधायकों को पार्टी में लाकर टिकट देने जा रही है।

    कभी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे मरांडी ने कहा, अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की इतनी ही लोकप्रियता है तो अपनी ही पार्टी के किसी कार्यकर्ता को टिकट देकर जितवा कर दिखाते, दूसरी पार्टी के विधायकों को तोडऩे की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा कि भाजपा जितने भी विधायकों को अपने पाले लाई है, उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा तक नहीं दिया है। उन्होंने इसे कानून के विरुद्घ कार्य बताया।

    मरांडी ने कहा, राज्य में नक्सल समस्या समाप्त करने और विधि-व्यवस्था की स्थिति सुधारने के भाजपा के दावे की हवा निर्वाचन आयोग ने ही निकाल दी है। निर्वाचन आयोग ने पांच चरणों के चुनाव कराकर खुद हकीकत बयां कर दी है। आयोग ने कहा भी है कि 19 जिले नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं।

    लेकिन सवाल उठता है कि मरांडी किन मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में जाएंगे? उन्होंने कहा, हमारी पार्टी का मुद्दा गांव का विकास होगा। गांवों का विकास, किसानों का विकास, स्कूलों की स्थिति में सुधार और बेरोजगार को रोजगार के मुद्दे को लेकर हम मतदाताओं के बीच जाएंगे।
    उन्होंने कहा, पिछले पांच वर्षो में राज्य में दो दर्जन से अधिक लोगों की भूख से मौत हो गई।

    किसानों के लिए सरकार ने डोभा का निर्माण कराया, आज सभी डोभा समाप्त हो गए। किसानों को नकद राशि भेजी जा रही है, परंतु इससे किसानों का भला नहीं होने वाला। झारखंड में जद (यू) के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनने की संभावना को नकारते हुए मरांडी ने कहा कि जनता दल (युनाइटेड) बिहार में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहा है और यहां भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ेगा, तो हमलोग जनता को इसका क्या जवाब देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि झाविमो अकेले चुनाव में उतर रहा है और मजबूती से उतर रहा है। चुनाव बाद के गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह काल्पनिक प्रश्न है और जब ऐसा समय आएगा तब देखा जाएगा।

  • CHHATH PUJA 2019: सूर्य मंदिर का भगवान विश्वकर्मा ने किया था निर्माण, यहां पूजा करने से होती मनोकामना पूरी

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    औरंगाबाद । बिहार के औरंगाबाद जिले का देव सूर्य मंदिर सूर्योपासना के लिए सदियों से आस्था का केंद्र बना हुआ है। आमतौर पर सूर्य मंदिर पूर्वाभिमुख होता है, लेकिन इस मंदिर के पश्चिमाभिमुख होने के कारण त्रेतायुगीन इस मंदिर की महत्ता अधिक है। इस मंदिर की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रतिवर्ष चैत्र और कार्तिक माह में होने वाले छठ व्रत के लिए यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    अभूतपूर्व स्थापत्य कला वाले इस प्रसिद्ध मंदिर के बारे में मान्यता है कि इसका निर्माण खुद भगवान विश्वकर्मा ने स्वयं अपने हाथों से किया है। काले और भूरे पत्थरों से निर्मित मंदिर की बनावट ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से मिलती-जुलती है। मंदिर के निर्माणकाल के संबंध में मंदिर के बाहर लगे एक शिलालेख के मुताबिक, 12 लाख 16 हजार वर्ष पहले त्रेता युग बीत जाने के बाद इला पुत्र ऐल ने इस देव सूर्य मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था।

    शिलालेख से पता चलता है कि इस पौराणिक मंदिर का निर्माण काल एक लाख पचास हजार वर्ष से ज्यादा हो गया है। देव मंदिर में सात रथों से सूर्य की उत्कीर्ण प्रस्तर मूर्तियां अपने तीनों रूपों- उदयाचल, मध्याचल और अस्ताचल सूर्य के रूप में विद्यमान हैं। कहा जाता है कि पूरे भारत में सूर्यदेव का यही एक मंदिर है जो पूर्वाभिमुख न होकर पश्चिमाभिमुख है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, किवदंतियों को सत्य मानें तो इस मंदिर का द्वार पहले पूर्व की दिशा की ओर ही था, लेकिन एक बार लुटेरों का एक दल देव सूर्य मंदिर को लूटने यहां पहुंचा था, तब पुजारियों ने इसकी महत्ता बताते हुए ऐसा करने से मना किया। तब लुटेरों ने कहा कि यदि तुम्हारे देवता में इतनी शक्ति है तो रातभर में इस मंदिर की दिशा पूर्व से पश्चिम हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो इस मंदिर को नहीं लूटा जाएगा और न क्षति पहुंचाया जाएगा। लुटेरे रातभर वहीं प्रतीक्षा करते रहे। रात में पुजारियों ने भगवान भास्कर से प्रार्थना की और सुबह जब यहां लोग पहुंचे, तो मंदिर का द्वार पश्चिम की ओर हो चुका था। यह चमत्कार देखकर लुटेरे दंग रह गए और वहां से भाग गए।

    इस मंदिर परिसर में दर्जनों प्रतिमाएं हैं। करीब एक सौ फीट ऊंचे इस सूर्य मंदिर का निर्माण आयताकार, वर्गाकार, गोलाकार, त्रिभुजाकार आदि कई रूपों और आकारों में काटे गए पत्थरों को जोड़कर बनाया गया है।

    जनश्रुतियों के आधार पर इस मंदिर के निर्माण के संबंध में कई किवदंतियां प्रसिद्ध हैं, जिससे मंदिर के अति प्राचीन होने का स्पष्ट पता चलता है। इसके निर्माण के संबंध में हालांकि कोई स्पष्ट तिथि नहीं मिलती।

    सर्वाधिक प्रचारित जनश्रुति के अनुसार, राजा ऐल श्वेतकुष्ठ रोग से पीड़ित थे। एक बार शिकार करने देव के वनप्रांतर में पहुंचने के बाद वह राह भटक गए। भूखे-प्यासे राजा को एक छोटा-सा सरोवर दिखाई पड़ा, जिसके किनारे वह पानी पीने गए और अंजलि में भरकर पानी पिया।

    पानी पीने के क्रम में वह यह देखकर घोर आश्चर्य में पड़ गए कि उनके शरीर के जिन हिस्सों पर पानी का स्पर्श हुआ, उन हिस्सों से श्वेतकुष्ठ के दाग चले गए। शरीर में आश्चर्यजनक परिवर्तन देख प्रसन्नचित राजा ऐल ने यहां एक मंदिर और सूर्यकुंड का निर्माण करवाया था।

    मंदिर के मुख्य पुजारी सच्चिदानंद पाठक ने बताया कि भगवान भास्कर का यह मंदिर सदियों से लोगों को मनोवांछित फल देनेवाला पवित्र धर्मस्थल है। वैसे तो यहां सालभर देश के विभिन्न जगहों से लोग आते हैं और मनौतियां मांगते हैं, लेकिन छठ के मौके पर यहां लाखों की भीड़ जुटती है। यहां आने वाले लोग सूर्यकुंड में स्नान कर मंदिर पहुंचते हैं और भगवान भास्कर की आराधना करते हैं।

  • HARYANA: हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल के नेता बने भूपेन्द्र सिंह हुड्डा

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    चंडीगढ़/नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा को राज्य में पार्टी विधायक दल का नेता नियुक्त कर दिया है। पार्टी महासचिव एवं हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने यहां संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में नेता नियुक्त करने संबंधी निर्णय सोनिया गांधी पर छोड़ दिया गया था। पर्यवेक्षक मधुसूदन मिस्त्री ने सोनिया को रिपोर्ट देने के बाद उन्होंने हुड्डा को विधायक दल का नेता नियुक्त कर दिया।

    आपको बताते जाए कि हरियाणा विधानसभा के लिए निर्वाचित कांग्रेस विधायकों की बैठक चंडीगढ़ में शुक्रवार को हुई। इसमें कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अधिकृत किया गया था।

    सूत्रों के मानें तो विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और पूर्व सीएलपी नेता किरण चौधरी का नाम प्रस्तावित किया था। इसे लेकर दोनों गुटों में खींचतान शुरू हो गई।

  • MAHARASHTRA LIVE: रामदास अठावले सरकार बनाने पर बोले, शरद पवार से बात करेंगे NCP को साथ लाने के लिए

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    मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री पद और मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना में चल रही खींचतान चरम पर पहुंच गया है। उनके नेता एक-दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग लड़ रहे हैं। कांग्रेस और एनसीपी ने विपक्ष में बैठने की घोषणा कर दी है।

    LIVE अपडेट…

    -केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया(अठावले) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कहा है कि अगर भाजपा-शिवसेना सरकार बनाने में फेल होती है तो वह एनसीपी को साथ लाने के लिए शरद पवार से बात करेंगे। मुख्यमंत्री भाजपा का ही होना चाहिए।

    • भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने चन्द्रपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि 5 साल तक हमने संयम से युति की सरकार चलाई, लेकिन अब कुछ लोगों को राई (सरसो) का पहाड़ नहीं राई के फोटो का पहाड़ बनाना है तो क्या करें? आपको बताते जाए संजय राऊत ने कहा था कि राष्ट्रपति क्या भाजपा की जेब में है। जो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा।

    -कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि महाराष्ट्र में किसी के साथ सरकार बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

    -महाराष्ट्र कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद हुसैन दलवई ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने पर चिट्ठी लिखी दी है। हुसैन दलवई ने सोनिया गांधी से अपील की है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), कांग्रेस और शिवसेना को मिलकर सरकार गठन करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि जहां महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी में सरकार गठन पर सहमति नहीं बन पा रही है, ऐसे में कांग्रेस, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, गठबंधन में हमारी सहयोगी एनसीपी और शिवसेना साथ मिलकर सरकार बनाएं।

    इस पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले बोलते हुए लिखा है कि वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार का राष्ट्रपति शासन की धमकी देना जनादेश का अपमान है।

    सामना में लिखा कि महाराष्ट्र की राजनीति फिलहाल एक मजेदार शोभायात्रा बनकर रह गई है। शिवराय के महाराष्ट्र में ऐसी मजेदार शोभायात्रा होगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? वर्तमान झमेला ‘शिवशाही’ नहीं है। राज्य की सरकार तो नहीं लेकिन विदा होती सरकार के बुझे हुए जुगनू रोज नए मजाक करके महाराष्ट्र को कठिनाई में डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

    धमकी और जांच एजेंसियों की जोर-जबरदस्ती का कुछ परिणाम न हो पाने से विदा होती सरकार के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने नई धमकी का शिगूफा छोड़ दिया है। 7 नवंबर तक सत्ता का पेंच हल नहीं होने पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाएगा।

    आगे लिखा है कि मुनगंटीवार और उनकी पार्टी के मन में कौन-सा जहर उबाल मार रहा है, ये इस वक्तव्य से समझा जा सकता है। कानून और संविधान का अभ्यास कम हो तो ये होता ही है । एक तो राष्ट्रपति हमारी मुट्ठी में हैं या राष्ट्रपति की मुहरवाला रबर स्टैंप राज्य के भाजपा कार्यालय में ही रखा हुआ है तथा हमारा शासन नहीं आया तो स्टैंप का प्रयोग करके महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का आपातकाल लाद सकते हैं, इस धमकी का जनता ये अर्थ समझे क्या?’

  • हनीप्रीत को मिली हिंसा मामले में बड़ी राहत, देशद्रोह के आरोप से हुई मुक्त

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    चंडीगढ़। हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा हिंसा मामले की सुनवाई कर रही एक अदालत ने शनिवार को डेरा प्रमुख की दतक पुत्री हनीप्रीत और अन्यों को देशद्रोह और इसी बारे में कथित तौर पर षड्यंत्र रचने संबंधी धाराओं 121 और 121ए के तहत लगे आरोपों से मुक्त कर दिया।

    अतिरिक्त सत्र जज संजय संधीर ने हनीप्रीत समेत सभी आरोपियों पर से देशद्रोह संबंधी धाराएं हटा दीं लेकिन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अन्य धाराओं 216, 145,151,152,153, 120बी के तहत इन सभी पर आरोप तय किए हैं।

    उल्लेखनीय है कि साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त 2017 को डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सजा होने के बाद पंचकूला सहित अन्य हिस्सों में हुई हिंसा मामले की सुनवाई पिछले शनिवार को हुई थी। इसमें पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कथित तौर पर देशद्रोह के पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाने तथा ये आरोप साबित नहीं कर पाने पर जज ने देशद्रोह संबंधी धाराएं हटा दीं।

    हनीप्रीत अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई जबकि अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। हिंसा में 36 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने शुरुआत में 1200 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। हनीप्रीत घटना के 38 दिन बाद पकड़ में आई थी। हनीप्रीत ने जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।

  • 8 नवंबर से चंडीगढ़ साहित्योत्सव

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    चंडीगढ़ । आठवां चंडीगढ़ साहित्योत्सव यहां 8 से 10 नवंबर तक चलेगा। इसकी घोषणा शुक्रवार को की गई। आयोजक संस्था अदब फाउंडेशन के अध्यक्ष मितुल दीक्षित ने बताया कि साहित्योत्सव की थीम ‘पठन सामग्री में शुद्धता या अशुद्धता’ है। इस विषय पर उत्कृष्ट लेखक व समालोचक चुनिंदा पुस्तकों के संदर्भ में चर्चा करेंगे।

    उन्होंने कहा, “हर साल की तरह इस बार भी साहित्य प्रेमियों के लिए कुछ नया-ताजा होगा। हिंदी और अंग्रेजी की 13 किताबों पर चर्चा होगी।”

    दीक्षित ने बताया कि साहित्योत्सव में अंग्रेजी के जाने माने भारतीय कथाकार किरण नागरकर को श्रद्धंजलि भी दी जाएगी। उनका निधन सितंबर में हुआ था।

  • नए-नए दावपेच महाराष्ट्र की ‘माया’ में! भाजपा पर लगाए संजय राउत ने ये गंभीर आरोप

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    मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन करने वाले भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी जारी है। दोनों ही अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। महाराष्ट्र में 288 सीटों पर चुनाव हुए थे। इनमें से भाजपा को 105, शिवसेना को 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) को 54 और कांग्रेस को 44 पर जीत मिली थी।

    इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को भाजपा का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए अपराधियों और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो दलों में बातचीत केवल मुख्यमंत्री के पद को लेकर ही होगी, अगर ऐसा नहीं होता है तो शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा।

    महाराष्ट्र के विधायकों को अपने साथ करने के लिए भाजपा केंद्रीय एजेंसियों, गुडों और अन्य संसाधन काम ले रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 24 अक्टूबर से ही जिस तरह से चुप्पी साधे हुए हैं, वह एक रहस्यमयी चीज है। मैं जल्द ही इस बात का खुलासा करूंगा कि कैसे भाजपा गुंडों और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विधायकों को पक्ष में करने के लिए कर रही है।

    मुझे जानकारी मिली है कि शपथ ग्रहण के लिए गेस्ट हाउस, वानखेड़े स्टेडियम, महालक्ष्मी रेसकोर्स बुक किया गया है। लेकिन भाजपा ने अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश क्यों नहीं किया? मैं दावा करता हूं कि शिवसेना के एक मुख्यमंत्री मुंबई के दादर क्षेत्र में शिवाजी पार्क में शपथ लेंगे और हमें 170 से अधिक विधायकों का समर्थन मिलेगा। इस बीच, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य में मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक में राउत के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे क्या बोल रहे हैं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है।