चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन के सम्बन्ध में हरियाणा राज्य में अब तक 5249 शिकायतें सी-विजल मोबाइल एप पर प्राप्त हुई हैं, जिनका निश्चित समय में समाधान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि आमजन ‘सीविजिल’ मोबाइल एप के माध्यम से सिस्टम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं, यह गौरव की बात है।
उन्होंने बताया कि अब तक प्राप्त शिकायतों में से डीसीसी स्तर पर एक भी शिकायत लंबित नहीं है। 126 शिकायतों की जांच अभी चल रही है, जिसमें रोहतक जिले की 85 और फरीदाबाद जिले की 21 शिकायतें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जिला अंबाला से 249, जिला भिवानी से 82, चरखी दादरी से 6, फरीदाबाद से 518, फतेहाबाद से 54, गुरुग्राम से 821, हिसार से 535, झज्जर से 121, जींद से 30, कैथल से 461, करनाल से 158, कुरुक्षेत्र से 233, महेन्द्रगढ़ से 2, मेवात से 18, पलवल से 23, पंचकूला से 40, पानीपत से 33, रेवाड़ी से 55, रोहतक से 767, सिरसा से 419, सोनीपत से 184 और जिला यमुनानगर से 440 शिकायतें सीविजल एप पर प्राप्त हुई हैं।
श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि विधान सभा आम चुनाव- 2019 में आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो और किसी भी स्थिति में आचार संहिता का उल्लंघन न हो, इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आम जनता की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे आमजन भी ‘सीविजिल’ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सीधे शिकायत कर सकते हैं।
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हरियाणा विधानसभा चुनाव – अब तक 5249 शिकायतें दर्ज सी-विजल मोबाइल एप पर
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हाईकोर्ट के 5 मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश
[object Promise]नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मेघालय, झारखंड, मद्रास, मध्य प्रदेश और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. पी. साही को मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने और राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश मोहम्मद रफीक को मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।
मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश वी. के. ताहिलरमाणी ने मेघालय हाईकोर्ट में तबादला करने का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद न्यायमूर्ति विनीत कोठारी को मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया, जबकि न्यायमूर्ति ए. के. मित्तल को मेघालय हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
अब कॉलेजियम ने न्यायाधीश मित्तल को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जिम्मेदारी सौंपने की सिफारिश की है। इसके साथ ही त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।
इसके अलावा कॉलेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश रवि रंजन को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने की भी सिफारिश की है। यह निर्णय 15 अक्टूबर को हुई कॉलेजियम की एक बैठक में लिया गया जहां 28 अगस्त की पूर्ववर्ती सिफारिशों पर पुनर्विचार और संशोधन किया गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 अगस्त को मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश ताहिलरमाणी के मेघालय हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया और इस्तीफा दे दिया।
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मध्य प्रदेश : घर में टाखा बनाते समय धमाका, दो की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल
[object Promise]गुना। मध्य प्रदेश के गुना के कैंट इलाके में एक घर में धमाका हुआ है। इस धमाके में दो लोगों की मौत हो गई है और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह धमाका उस वक्त हुआ जब लोग घर में पटाखा बना रहे थे।
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MAHARASHTRA ASSEMBLY ELECTION : 8.97 करोड़ मतदाता हैं महाराष्ट्र में , सबसे ज्यादा सीटों पर लड़ रही BSP
[object Promise]नई दिल्ली। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान और 24 अक्टूबर को इसके नतीजे आएंगे। राज्य में कुल 8 करोड़ 97 लाख 22 हजार 19 मतदाताओं के वोट डालने के लिए 96 हजार 661 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है। विधानसभा चुनाव में कुल 3237 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसमें निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 1400 है।
चुनाव आयोग की ओर से गुरुवार को जारी सूचना के मुताबिक, सबसे ज्यादा सीटों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) चुनाव लड़ रही है। बसपा 262 सीटों पर व भाजपा 164 सीटों पर लड़ रही है। हालांकि भाजपा के निशान पर 14 गठबंधन उम्मीदवार भी लड़ रहे हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16, माकर््सवादी कम्युनिस्ट पाटी आठ सीटों पर लड़ रही है। इसी तरह कांग्रेस 147, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 101 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) 121 सीटों पर लड़ रही है। शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 3001 पुरुष और 235 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं।
उम्रवार मतदाताओं की बात करें तो 18 से 25 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 10676013 है। 25 से 40 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 31313396 और 40-60 वर्ष के वोटर्स की संख्या 32539026 है। जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 15193584 है। मतदाताओं की संख्या के हिसाब से सबसे बड़ी विधानसभा सीट पनवेल है जहां 554827 मतदाता हैं। वर्धा सबसे छोटी विधानसभा सीट है, जहां पर 277980 मतदाता हैं।
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‘‘राजस्थान पर्यटन पाण्डाल’’सजा मुम्बई के बीकेसी में
[object Promise]जयपुर। राजस्थान के पर्यटन निदेशक डॉ. भंवरलाल ने दो दिवसीय ‘‘दा वेडिंग जंक्शन शो-2019’’ का शुक्रवार को दीप प्रज्जवलित् कर विधिवत् शुभारम्भ किया। उन्होंने आगामी ‘‘विवाह सीजन’’ में भारतीय परम्परा के अनुसार विवाह रचाने वालो के लिए इस ‘‘मेगा शो’’ को अत्याधुनिक, किफायती एवं स्मरणीय बताया।
महानगर मुम्बई के बान्द्रा-कुर्ला काम्पलेक्स(बीकेसी) स्थित ‘‘शैफिटल हाटेल’’ में ‘‘वेडिंग जक्शन संगठन’’ द्वारा आयोजित इस इवेन्ट में देश भर से लगभग 80 भागीदार अपने-अपने उत्पादो के साथ हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम में ‘‘डेस्टिनेशन वेडिंग’’ सम्बन्धित राजस्थान के विभिन्न लोकप्रिय स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए ‘‘राजस्थान पर्यटन पाण्डॉल’’ को भी सजाया गया है।
पर्यटन निदेशक ने भारतीय परम्परागत विवाह सम्बन्धित विभिन्न उत्पादो से सजे स्टालो का फीता काट कर उद्घाटन् भी किया। उन्होंने सभी स्टालो का अवलोकन किया तथा उत्पादो के निर्माण, डिजायन, कारीगरी बाबत् जानकारी भी विस्तार से प्राप्त की। इस अवसर पर अनौपचारिक चर्चा में पर्यटन निदेशक ने भारतीय परम्परा विवाहोत्सव में आवश्यक सभी सुविधाओ की एक ही स्थान पर उपलब्धता की सराहना भी की।
इस दो दिवसीय इवेन्ट में मुम्बई वासियो के लिए राजस्थान के सभी संभागो में अवस्थित ‘‘पर्यटक विवाह स्थालो’ को आकर्षक चित्रो, फाल्डरो, हैण्डबिलो, पोस्टरो एवं ‘‘स्क्रीन प्ले’’ पर दर्शाया गया है। इवेन्ट की स्टालो पर दुल्हे-दुल्हन की परम्परागत् पोशाकों में शेरवानियां-अचकन, लहंगे-ओढ़णियां(वेश), दुलहन श्रृंगार, अत्याधुनिक मेकप सामग्री, ज्वैलरी, सजावटी सामग्री का प्रदर्शन भी किया गया है।
राजस्थान पर्यटन विभाग के उप निदेशक मधुसुदन सिंह देथा ने आगामी समय में विवाह करने जा रहे मुम्बई वासियो से अनुरोध किया है कि वे राजस्थान सरकार के इस पाण्डाल में आ कर सम्पर्क करे एवं राजस्थान के विवाह डेस्टिनेशन से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करे। पाण्डाल प्रातः 11 से सांय 7 बजे तक आगन्तुको के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। इस इवेन्ट के दूसरे दिन शनिवार को विशाल ‘‘फैशन शो’’ का आयोजन भी रखा गया है।
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MAHARASHTRA POLLS : मूसलाधार बारिश में भीगते हुए पवार ने दिया भाषण
[object Promise]राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने यहां शुक्रवार शाम मूसलाधार बारिश के बीच एक रैली को संबोधित किया, जिससे संबंधित वीडियो और तस्वीरें शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। रैली शुक्रवार शाम विलंब से शुरू हो सकी। भारी बारिश ने आयोजन स्थल की व्यवस्था को बिगाड़ दिया और संचालक व वहां आए लोग भौचक्के रह गए। कुछ लोग इस महत्वपूर्ण रैली को रद्द करने के बारे में विचार करने लगे।
अचानक आई मूसलाधार बारिश से बिना घबराए पवार मंच पर चढ़ गए और केंद्र व राज्य की भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना सरकार पर उन्होंने जमकर निशाना साधा।
मंच पर मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेता, जो शुरुआत में तितर-बितर हो गए थे, दोबारा संभले और मूसलाधार बारिश में पवार की ओर से भाजपा पर किए गए हमले पर उनका साथ देने लगे।
बारिश के ठंडे पानी से पवार का ट्रेडमार्क सफेद शर्ट और पैंट भींग गया और कई बार, 78 वर्षीय पवार की आवाज में लड़खड़ाहट देखी गई।
उन्होंने बादलों की गरज और जोरदार हौसलाआफजाई के बीच कहा, “यह राकांपा के लिए वरुण राजा का आशीर्वाद है..इससे राज्य में चमत्कार होगा और यह चमत्कार 21 अक्टूबर से शुरू होगा..मुझे इसका विश्वास है।”
सतारा राकांपा के लिए महत्वपूर्ण सीट है, जहां लोकसभा उपचुनाव और विधानसभा चुनाव एकसाथ होने वाले हैं।
दोनों जगहों पर राकांपा को अपने पूर्व दिग्गज नेताओं से ही चुनौती मिल रही है। भाजपा ने लोकसभा सीट के लिए वर्तमान सांसद उदयनराजे भोसले और विधानसभा सीट के लिए शिवेंद्र राजे भोसले को खड़ा किया है। दोनों चचेरे भाई हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज हैं।
राकांपा ने लोकसभा के लिए श्रीनिवास पाटील और विधानसभा सीट के लिए यहां दीपक साहेबराव पवार को खड़ा किया है।
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‘अपनों’ से परेशान बिहार उपचुनाव में दोनों गठबंधन , बागी बिगाड़ सकते हैं खेल
[object Promise]पटना। बिहार में 21 अक्टूबर को पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में दोनों गठबंधन ‘अपनों’ से परेशान हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) हो या विपक्षी दलों का महागठबंधन, दोनों ओर बागी अपने-अपने गठबंधन का खेल बिगाड़ने में लगे हुए हैं।
सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा सीट से राजग के अधिकृत प्रत्यशी जद (यू) के नेता और सीवान की सांसद कविता सिंह के पति अजय सिंह भाग्य आजमा रहे हैं, लेकिन भाजपा नेता कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास यहां निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के सभी नेता हालांकि अजय सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं, लेकिन कर्णजीत के चुनावी मैदान में उतर जाने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
इस बीच, हालांकि मतदाताओं में गलत संदेश नहीं जाने को लेकर भाजपा नेतृत्व ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कर्णजीत को पार्टी से निलंबित कर दिया है। फिर भी कहा जा रहा है कि सिंह भाजपा के नाम पर ही वोट मांग रहे हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल कहते हैं कि भाजपा संगठन और विचारधारा की पार्टी है और भाजपा के सभी नेता व कार्यकर्ता सभी चुनाव क्षेत्रों में राजग प्रत्याशी की जीत के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि राजग के प्रत्याशी सभी सीटों पर विजयी होंगे।
इधर, महागठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी भी ‘अपनों’ से परेशान दिख रहे हैं। महागठबंधन में शामिल दलों में सीटों को लेकर तालमेल नहीं बन सका। भागलपुर के नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राबिया खातून को चुनावी मैदान में उतारा है, लेकिन महागठबंधन के घटक दलों में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) भी अजय राय के रूप में अपना प्रत्याशी उतारकर महागठबंधन का खेल बिगाड़ने में जुटा है।
इसी तरह, उपचुनाव में सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र में भी महागठबंधन में शामिल दो घटक दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। महागठबंधन की ओर से राजद ने यहां जफर आलम को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन यहां भी महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने दिनेश यादव को चुनावी मैदान में उतार दिया है। दोनों गठबंधनों के अलावा वामपंथी दलों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बनी हुई है।
सीवान जिले की दरौंदा विधानसभा सीट पर भाकपा-माले और भाकपा अपने-अपने प्रत्याशी उतारकर एक-दूसरे के खिलाफ खम ठोंक रहे हैं।
इस उपचुनाव में भाकपा ने दरौंदा में भरत सिंह, नाथनगर में सुधीर शर्मा और किशनगंज में फिरोज आलम को अपना उम्मीदवार बनाया है। इन तीनों सीटों को छोड़कर शेष के दो सीटों- सिमरी बख्तियारपुर और बेलहर में उसने राजद के उम्मीदवारों को समर्थन देने का फैसला लिया है।
इधर, भाकपा माले ने भी दरौंदा से जयशंकर पंडित को अपना प्रत्याशी बनाया है।
सभी सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान और 24 अक्टूबर को मतगणना होनी है।
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झाबुआ में आमने-सामने कांतिलाल-भानू, कमलनाथ-शिवराज की मानी जा रही टक्कर!
[object Promise]भोपाल। मध्य प्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट का उपचुनाव, मतदान की तारीख करीब आते-आते दो दिग्गजों के बीच आकर ठहर गया है। यह चुनाव वैसे तो कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया और भाजपा के भानु भूरिया के बीच है, मगर वास्तव में यह चुनाव मुख्यमंत्री कमलनाथ बनाम शिवराज सिंह चौहान के बीच बनकर रह गया है। झाबुआ में सोमवार को मतदान होना है।
यहां से भाजपा के जी. एस. डामोर विधानसभा का चुनाव जीते थे, बाद में सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। इस उपचुनाव में दोनों दलों ने जीत के लिए जोर लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। रविवार शाम तक चुनाव प्रचार जोरों पर चला।
चुनाव प्रचार में भाजपा ने जहां शिवराज सिंह चौहान के चेहरे को बतौर पूर्ववर्ती सरकार के 15 साल के कामकाज को सामने रखा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने कमलनाथ सरकार के 10 माह के कार्यकाल के फैसलों को गिनाया। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर 15 साल के शासन को लेकर हमला किया तो भाजपा ने 10 माह को सियासी हथियार बनाया।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कहा कि उपचुनाव में तो सिर्फ उम्मीदवार के तौर पर ही है कांतिलाल भूरिया। उन्होंने कहा, झाबुआ में नाम के वास्ते तो भूरिया चुनाव मैदान में हैं और काम के वास्ते कमलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा के तमाम नेताओं ने इस चुनाव को शिवराज सिंह चौहान से जोड़ा। नेताओं ने यहां तक कह दिया कि इस चुनाव में जीत मिली तो राज्य में मुख्यमंत्री तक बदल सकता है।
शिवराज ने राज्य की कमलनाथ सरकार के 10 माह के कार्यकाल को असफल करार दिया। उन्होंने कहा, चुनाव से पहले तरह-तरह के वादे किए, किसान कर्जमाफी की बात की, मकान बनाकर देने, बेटियों को शादी में 51 हजार रुपये देने के वादे किए। इनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। इस चुनाव में कांग्रेस को हराकर हिसाब बराबर करने का मौका है।
वैसे दोनों दलों ने इस चुनाव को गंभीरता से लड़ा है। कांग्रेस और भाजपा ने प्रचार के लिए नेताओं की फौज उतारने में कसर नहीं छोड़ी। दोनों ओर से अपनी सरकारों के काम गिनाए गए तो दूसरी ओर खामियां गिनाकर हमले किए गए। यह चुनाव आने वाले समय की राज्य की सियासत के हिसाब से ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि सरकार पूर्ण बहुमत वाली नहीं है।
वहीं समर्थन दे रहे कई विधायक सरकार को परोक्ष रूप से धमकाते भी रहते हैं। राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं और भाजपा के 108 विधायक। यही कारण है कि भाजपा इस विधानसभा उपचुनाव को जीतकर वर्तमान सरकार के सामने संकट खड़ा करने की तैयारी कर सकती है। वहीं कांग्रेस का प्रयास है कि भाजपा से इस सीट को छीनकर वह अपनी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर लगवा सकती है।
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पंजाब : सुखबीर से CM अमरिंदर सिंह ने कहा, तैयार रहिए दूसरी हार के लिए
[object Promise]चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से राज्य में सोमवार को चार विधानसभा सीटों के लिए हो रहे उपचुनावों में मतदाताओं के हाथों दूसरी हार के लिए तैयार रहने को कहा है। सुखबीर ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के शासनकाल में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।
इसकी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य जानता है कि अकालियों ने अपने 10 साल के कुशासन में सिर्फ बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि शिअद-भाजपा ने जो 10 साल में किया है, उससे ज्यादा उनकी सरकार ने ढाई सालों में किया है। उन्होंने कहा, आप (सुखबीर) विकास का मतलब भी नहीं जानते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठ फैलाकर अकाली नेता अपनी सरकार की विफलताओं पर से ध्यान भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने 2017 के विधानसभा चुनाव से बार-बार अकालियों के झूठ को नकार दिया है और वे ऐसा करने के लिए फिर तैयार हैं। अमरिंदर ने सुखबीर द्वारा उनकी सरकार के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह की टिप्पणी को लेकर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा, मेरी सरकार को बीते ढाई सालों में किए गए कार्यो का समर्थन करने के लिए जनमत संग्रह की जरूरत नहीं है और लोगों के कल्याण व राज्य के लिए काम जारी हैं।
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RAJASTHAN BYPOLL ELECTION : चल रहा है मतदान मंडावा और खींवसर सीट के लिए
[object Promise]जयपुर। प्रदेश की मंडावा (झुन्झुनू) एवं खींवसर (नागौर) में विधानसभा के उप चुनाव के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा।
उप चुनाव में मंडावा में कुल 2,27,414 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें से 1,17,742 पुरुष और 1,09,672 महिला मतदाता शामिल हैं। इस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 2970 सेवा नियोजित मतदाता भी हैं, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र मंडावा में कुल 259 मतदान केन्द्र हैं।
इसी तरह खींवसर में कुल 2,50,155 मतदाताओं द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया सकेगा। इनमें से 1,30,908 पुरुष और 1,19,247 महिला मतदाता सम्मिलित हैं। इस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 608 सेवा नियोजित मतदाता हैं, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र खींवसर में कुल 266 मतदान केन्द्र हैं।