Category: state-news

  • एक बार फिर से चर्चा में गिरिराज सिंह, सरकारी अधिकारी को फटकार लगाते आये नजर

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    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक बार फिर से चर्चा में हैं। अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में बने रहने वाले गिरिराज सिंह इस बार सरकारी अधिकारी को फटकार लगाते नजर आ रहे हैं। अपने संसदीय क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे गिरिराज ने लापरवाही बरतने के लिए एसडीओ को फटकार लगाई।

    बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। वह अपने संसदीय क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बछवाड़ा क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों की शिकायत उनसे की। मुआयने के दौरान अधिकारियों से सामना होने पर गिरिराज बीच सड़क पर ही उनपर बरस पड़े।

    गाड़ी से नहीं उतरे एसडीओ
    दरअसल केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह यहां के तेघड़ा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने पहुंचे। लोगों ने उनसे कहा कि अधिकारी भेदभाव कर रहे हैं। तभी वहां के एसडीओ डॉक्टर निशांत और डीएसपी आशीष रंजन भी मौके पर पहुंचे। गिरिराज सिंह को देखकर भी एसडीओ साहब ने अपनी गाड़ी से नीचे उतरना उचित नहीं समझा। यह देखकर गिरिराज सिंह का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

    ‘फिर नहीं मिलनी चाहिए भेदभाव की शिकायत’
    तेज बारिश में भीगते हुए भी सांसद ने अपना दौरा जारी रखा। एसडीएम गाड़ी में बैठे-बैठे ही उनसे बात करने लगे। इसके बाद नाराज गिरिराज ने कहा, ‘अरे आप क्यों नीचे उतरेंगे, आप तो बाबू हैं। एक बात कान खोलकर सुन लीजिए आप सरकारी अधिकारी हैं और भेदभाव की शिकायत फिर नहीं मिलनी चाहिए। आसपास के सभी पंचायतों में कैंप लगना चाहिए।’

  • Karva Chauth पर पर्यटकों के लिए राजस्थान की यात्रा के लिए विशेष डीलक्स ट्रेन

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    आईआरसीटीसी ने करवा चौथ के मौके पर पर्यटकों के लिए राजस्थान के विभिन्न स्थानों की यात्रा कराने के लिए विशेष डीलक्स ट्रेन शुरू की है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने एक बयान जारी कर बताया कि यह आलीशन ट्रेन अपनी पहली यात्रा पर 14 अक्टूबर को रवाना होगी और 18 अक्टूबर तक चलेगी। बयान के मुताबिक यह ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग से रवाना होगी और जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर झील, मेहराणगढ़ किला, जसवंत थड़ा, आमेर किला एवं सिटी पैलेस जैसे राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कराएगी।

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    Karva Chauth 2019-विशेष डीलक्स ट्रेन

    जोड़े जैसलमेर में रेत के टीलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच 17 अक्टूबर को करवा चौथ मना सकते हैं। इस साल 17 अक्टूबर को ही करवा चौथ है। आईआरसीटीसी की ओर से पेश पैकेज में साथी को किराए में 50 फीसद छूट की पेशकश की जा रही है। वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में 1,02,960 रुपये और वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी में 90,090 रुपये प्रति जोड़ा किराया निर्धारित किया गया है। आईआरसीटीसी यात्रियों को विभिन्न भाषाओं में सेवाएं देगी। इसके साथ ही वह यात्रा कार्यक्रम के अनुसार स्मारकों और स्थानों का प्रवेश शुल्क और 10 लाख रुपये का बीमा मुहैया कराएगा।

  • सियासी हलचल तेज हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही

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    हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का ऐलान होते सियासी हलचल तेज हो गई है। 21 अक्टूबर को दोनों राज्यों में वोटिंग होगी और 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। 2014 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने हरियाणा में पहली बार सरकार बनाई थी। पांच साल सत्ता पर काबिज रहने के बाद अब उसके सामने दोबारा वापसी की चुनौती है। भले ही विपक्ष बिखरा दिख रहा हो पर रोजगार जैसे मुद्दे बीजेपी को भी टेंशन दे रहे हैं। माना जा रहा है कि हरियाणा चुनाव में जॉब्स एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। ऐसे में बीजेपी के लिए ‘मिशन 75 प्लस’ पूरा करना आसान नहीं होगा।

    अब 90 उम्मीदवार चुनने की चुनौती

    चुनाव के ऐलान के साथ ही सभी पार्टियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती 90 उम्मीदवार चुनने की है। कहा जा रहा है कि मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है क्योंकि इंडियन नैशनल लोकदल (आईएनएलडी), जननायक जनता पार्टी (जेजेपी), आम आदमी पार्टी (आप), बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और स्वराज इंडिया जैसे दल आपस में कोई तीसरा मोर्चा नहीं बना पाए हैं। ये सभी अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

    बेरोजगारी और वादाखिलाफी को मुद्दा बनाएगा विपक्ष
    चुनाव में बेरोजगार युवा, किसान, पानी की समस्या और मौजूदा सरकार के वादा पूरा करने या ना करने को मुद्दा बनाया जाने वाला है। विपक्ष भी इन्हीं मुद्दों को लेकर मौजूदा बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। वहीं, सत्ताधारी बीजेपी पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, मेरिट के आधार पर नौकरी, एनआरसी और राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की सफलताओं पर भी चुनावी मैदान में उतरेगी।

    370 बनेगा मुख्‍य मुद्दा
    शुरुआती माहौल से ही यह स्पष्ट है कि बीजेपी अनुच्छेद 370 के खात्मे को मुख्य मुद्दा बनाएगी। बीजेपी के कार्यकर्ता इसलिए भी उत्साहित हैं कि लोकसभा चुनाव में पार्टी को सभी 10 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, मौजूदा समय में विपक्ष बेहद कमजोर और बिखरा हुआ है। पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की आईएनएलडी को एक के बाद एक झटके लगे हैं। पहले पार्टी दो फाड़ हुई, फिर एक-एक करके कई बड़े नेता और विधायक सत्ताधारी बीजेपी में शामिल हो गए। पार्टी में अभय सिंह चौटाला अब अकेले पड़ गए हैं।

    गुटबाजी की शिकार कांग्रेस उबर पाएगी?
    वहीं, 2014 से पहले सत्ताधारी रही कांग्रेस गुटबाजी के चलते मुश्किलें झेल रही है। गुटबाजी खत्म करने के लिए चुनाव से ठीक पहले हाई कमान ने हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर को हटाकर उनकी जगह पर कुमारी शैलजा को नियुक्त कर दिया। इसके अलावा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता और किरन चौधरी को चुनावी मैनिफेस्टो समिति की चेयरमैन बनाया गया।

    दिल्ली की सत्ता पर आसीन आम आदमी पार्टी, मायावती की बीएसपी और दुष्यंत चौटाला की जेजेपी अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। हाल ही में जेजेपी और बीएसपी का गठबंधन टूटा है। जेजेपी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ चुनाव लड़ी थी लेकिन अब सब अलग-अलग लड़ रहे हैं। योगेंद्र यादव की स्वराज इंडिया भी कुछ सीटों पर उतर सकती है।

    खट्टर बोले- 75 से ज्यादा सीटों पर होगी जीत
    दूसरी ओर, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का दावा है बीजेपी 90 में से 75 से ज्यादा सीटें ले आएगी। जब खट्टर से पूछा गया कि बीजेपी की लड़ाई किससे है तो उन्होंने कहा, ‘विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ है लेकिन कुछ सीटों पर मुकाबला जरूर होगा। गढ़ी सांपला किलोई (भूपेंद्र हुड्डा की सीट) में कांग्रेस से मुकाबला होगा। एलनाबाद (अभय चौटाला की सीट) पर आईएनएलडी से मुकाबला होगा। इसके अलावा कुछ गिनी-चुनी सीटों पर जेजेपी और निर्दलीयों से मुकाबला होगा।’

    ‘जल्‍द तय होंगे प्रत्‍याशियों के नाम’
    खट्टर ने यह भी कहा कि बीजेपी सभी 90 सीटों पर मजबूत है और जल्द ही उम्मीदवारों के नाम तय हो जाएंगे। वैसे बीजेपी के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करना ही टेढ़ी खीर साबित होने वाला है क्योंकि दूसरी पार्टियों से आए मौजूदा विधायक भी टिकट के दावेदार हैं। ऐसे में आखिरी 90 चुनना बड़ा सिरदर्द होने वाला है।

    2014 में बीजेपी को मिली थीं 47 सीटें

    गौरतलब है कि 2014 में बीजेपी को 90 में से 47 सीटें मिली थीं और वह अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब रही थी। 2009 के विधानसभा चुनाव में उसे महज 9.05 पर्सेंट वोट मिले थे जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 33.2 पर्सेंट वोट मिले। इससे पहले बीजेपी आईएनएलडी की सहयोगी के रूप में काम करती रही थी।

  • इस बार के विधानसभा चुनाव बीजेपी-शिवसेना के साथ एनसीपी-कांग्रेस के लिए भी परीक्षा

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    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर जहां बीजेपी खेमे में उत्साह का माहौल है, वहीं कांग्रेस-एनसीपी खेमे में निराशा छाई हुई है। विरोधी दलों के ज्यादातर दिग्गज नेता या तो कमल के साथ हो लिए हैं, या शिवसेना के बंधन में बंध गए हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार राज्य में घूम रहे हैं, लेकिन खेमों में बटी कांग्रेस अभी भी भ्रम की स्थित में है। इस बार का चुनाव कांग्रेस और एनसीपी के लिए राज्य में अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई है।

    बीजेपी तीन तलाक और आर्टिकल 370 को बनाएगी प्रमुख मुद्दा

    तीन तलाक और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद देश में यह पहला बड़ा चुनाव होने जा रहा हैं। इन चुनाव के माध्यम से जनता का सही मूड भांपने का अवसर मिलेगा, क्योंकि अबतक भाजपा सरकार दावा करती रही है कि दोनों निर्णयों से जनता में खुशी का माहौल है। अगर महाराष्ट्र में भाजपा की सीटें बढ़ती हैं, तो निश्चित ही भाजपा का दावा सही साबित होना, वर्ना उनके दावों की पोल खुल जाएगी।
    कई प्रमुख मुद्दों पर खामोश नजर आ रहा है विपक्ष
    लोकसभा चुनावों में मिली हार से कांग्रेस और राकांपा उबरी ही नहीं थी कि उनकी पार्टी में ही विरोधी इस कदर शुरू हुआ कि मजबूत से मजबूत नेता भी पार्टी छोड़ गए। दोनों पार्टियों में पूरी तरह से अविश्वास का माहौल है। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि कब कौन पार्टी छोड़ दे, इसका भरोसा नहीं है। ऐसे में दोनों दलों को अब अपने अस्तित्व को बचाए रखने की चुनौती होगी।

    मुख्यमंत्री फडणवीस के लिए अधिक सीटें जीतने की चुनौती
    महाराष्ट्र की राजनीतिक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बेहद मजबूत होकर उभरे हैं। पिछले पांच साल में उन्होंने अपनी पार्टी के दिग्गजों को जहां चित कर दिया, वहीं विरोधी दल कांग्रेस-राकांपा को भी धूल चटा दी। विधानसभा में विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील जैसे दिग्गज नेता को सरकार में शामिल कर लिया। शिवसेना के लिए भी एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आलम यह है कि मुख्यमंत्री जिसे भाजपा में शामिल नहीं कर सके, उसे शिवसेना में एडजस्ट करा दिया। मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद से कांग्रेस के दिग्गज विधायक अब्दुल सत्तार के साथ बैठक की, लेकिन उन्हें शिवसेना में भर्ती करा दिया। अब मुख्यमंत्री के लिए चुनौती है कि वे भाजपा के लिए पिछले विधानसभा चुनाव से ज्यादा सीटें जीतकर लाएं। पिछले चुनाव में भाजपा ने 122 सीटों जीती थी।

    2014 विधानसभा चुनाव का आंकड़ा

    वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना और कांग्रेस-राकांपा का गठबंधन टूट गया था। सभी दलों ने अपने-अपने दम पर चुनाव लड़ा था। भाजपा ने 260 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 122 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने को 27.81 प्रतिशत वोट हासिल मिला था। वहीं शिवसेना ने 282 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 19.35 प्रतिशत वोट के साथ 63 सीटें जीती। कांग्रेस ने राज्य की एक सीट छोड़कर 287 सीटों पर चुनाव लड़ा और 42 सीटों पर जीती। कांग्र्रेस को 17.95 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं राकांपा ने 278 सीटों पर उम्मीदवार उतारा और 41 सीटों पर जीती। राकांपा को 17.24 प्रतिशत वोट मिले थे।

  • आम आदमी पार्टी के 22 उम्मीदवारों की सूची में महिलाएं भी शामिल, जानिए पूरी लिस्ट

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    आम आदमी पार्टी (आप) ने अगले महीने होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिये रविवार को यहां 22 उम्मीदवारों की एक सूची जारी की। आप की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने सूची जारी की, जिसमें तीन महिलाओं के नाम शामिल हैं। लोकसभा चुनाव में आप ने इंडियन नेशनल लोकदल से टूटकर बनी जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया था। लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाने के बाद दोनों पार्टियों ने राहें जुदा कर ली थीं।

    आम आदमी पार्टी ने योगेश्वर शर्मा (पंचकूला), अंशुल कुमार अग्रवाल (अंबाला सिटी) गुरुदेव सिंह सूरा (लाडवा), अनूप संधू (असंध), राजकुमार पहल (जुलाना), लक्ष्य गर्ग (फतेहाबाद), मंजीत रंगा (उकलाना), संदीप लोहड़ा (नारनौंद), मनोज राठी (हांसी), अनूप सिंह (बरवाला) और पवन हिंदुस्तानी (तोशाम) को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके अलावा मुनिपाल अत्री (गढ़ी सांपला किलोई), अनीता छिकारा (बहादुरगढ़), अश्वनी दुल्हेरा (बेरी), अजय शर्मा (महेन्द्रगढ़), रणबीर सिंह राठी (गुरुग्राम), करन सिंह डागर (होडल), कुलदीप कौशिक (पलवल), संतोष यादव (फरीदाबाद एनआईटी), धर्मवीर भड़ाना (बड़खल), हरेन्द्र भाटी (बल्लबगढ़) और कुमारी सुमनलता वशिष्ठ (फरीदाबाद) से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार होंगी। आम आदमी पार्टी ने 2014 का हरियाणा विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, जहां भाजपा पहली बार सत्ता में आई थी। 90 सदस्यीय विधानसभा के लिये 21 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे।

  • ‘1965 और 71 की गलतियों को ना दोहराए पाक- राजनाथ सिंह

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को 1965 और 1971 की गलतियों को न दोहराने की चेतावनी देते हुए रविवार को कहा कि जिस तरह से वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और आतंकवाद पनप रहा है, उसे विघटित होने से कोई नहीं रोक सकता है।

    बीजेपी द्वारा पटना में आयोजित जन जागरण सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि अनुच्छेद 370 एक कैंसर की तरह था जो कि वहां खून बहा रहा था। रक्षा मंत्री ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को 1965 और 1971 की गलतियों को न दोहराने की चेतावनी देते हुए रविवार को कहा कि जिस कदर वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और वहां आतंकवाद पनप रहा है, उससे पाक को विघटित होने से कोई नहीं रोक सकता है।

    उन्होंने पड़ोसी देश को जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम के मद्देनजर सीमापार से आतंकवाद को बढ़ावा देने के खिलाफ आगाह किया और कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी शुरू होगी जब वह आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद कर देगा। राजनाथ ने कहा कि पाक को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर हो सकती है।

  • मुंबई के एक व्यक्ति की नागपुर में झील में डूबकर मौत

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    नागपुर की अम्भाजारी झील में डूबने से मुंबई के एक निवासी की रविवार सुबह मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के माटुंगा में रहने वाले आनंद द्विवेदी यहां एक आईटी कंपनी में काम करते थे। अम्भाजारी थाने के प्रभारी ने बताया कि वह 6-7 दोस्तों के साथ झील पर गए थे। उन्हें तैरना नहीं आता था। झील में उतरने के कुछ ही देर बाद वह डूब गए। घटना सुबह करीब सात बजे की है। उन्होंने बताया कि द्विवेदी का शव आसपास तैर रहे लोगों ने बाहर निकाला।

  • बेखौफ अपराधियों का एक और कारनामा, सुरक्षित नहीं विधायकों के भी परिवारीजन

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    म़ुंगेर जिले के बेखौफ अपराधियों ने शुक्रवार की देर रात को सदर ब्लाक के समीप मुंगेर विधायक विजय कुमार विजय की भतीजी सहित दो की गोली मारकर हत्या कर दी।

    जानकारी के अनुसार अज्ञात अपराधियों ने सदर ब्लाक के समीप विधायक के भाई स्वर्गीय मनोज यादव की बेटी ट्विंकल और युवक मोहम्मद आसिफ की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने दोनों को कनपटी में सटाकर गोली मारी। इसी कारण दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    सदर ब्लाक के समीप स्थानीय लोगों और मुफस्सिल पुलिस के सहयोग से मृत युवक और युवती को सदर अस्पताल लाया गया है। जहां पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। कोतवाली थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक युवक व युवती की गोली मारकर हत्या कर दी पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

    हालांकि स्थानीय लोग प्रेम प्रसंग दोनों की हत्या का कारण बता रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि हत्या का कारण कुछ भी हो लेकिन लगातार दूसरे दिन मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अपराधियों ने पुलिस को चुनौती दी है। एक तरफ जहां अपराधियों ने पैसे मांगने के कारण व्यवसायी को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। तो वहीं दूसरी तरफ विधायक की भतीजी और एक अन्य युवक को गोली मारकर हत्या कर दी है।

     

  • नहीं लिखी पुलिस ने पुलिस की रिपोर्ट तो क्या सलूक होता होगा जनता के साथ, पढ़िए पूरी रिपोर्ट …

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    धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी को पकड़ने पहुंची राजस्थान पुलिस के सिपाहियों के साथ मारपीट की गई। जब राजस्थान पुलिस इसकी शिकायत करने धलौना थाने पहुंची तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में विडियो वायरल होने पर पुलिस ने किरकिरी होने के बाद मुख्य आरोपित सहित 50-60 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस इस मामले में 6 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

    हापुड़ के रफीक नगर निवासी मुनीश खान की धौलाना के UPSIDC क्षेत्र में फैक्ट्री है। मुनीश खान पर राजस्थान के रामगढ़ सैठान थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी प्रभुदयाल से लाखों रुपये की ठगी की एफआईआर दर्ज है। शनिवार शाम राजस्थान के थाना रामगढ़ सैठान से हेड कॉन्स्टेबल सलीम खान, सिपाही दुर्गा प्रसाद व वादी प्रभुदयाल के साथ गांव खिचरा शेखपुर पहुंचे।

    वहां इन्हें मुनीश खान दिखाई दिया तो इन्होंने आरोपियों की कार के आगे अपनी कार को लगा कर उन्हें रोक लिया। इसके बाद सलीम खान आरोपी को अपने साथ ले जाने लगे तो आरोपी ने यह शोर मचा दिया कि ये बदमाश हैं और उसका अपहरण कर रहे हैं। इसके बाद वहां भीड़ व आरोपी के सहयोगी ने राजस्थान पुलिस को घेर लिया और मारपीट की। इसके बाद आरोपित को छुड़ा लिया। इस दौरान किसी ने धौलाना पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची। राजस्थान पुलिस के सिपाही वहां से भाग कर अपनी जान बचाए। इसके बाद थाने पहुंचे लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

    मारपीट का विडियो वायरल

    पुलिस की किरकिरी होते देख आधी रात को हेड कॉन्स्टेबल सलीम खान की तहरीर पर मुनीश खान और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एएसपी सर्वेश मिश्र ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने छापे की सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी। विडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। फिलहाल तहरीर पर एक नामजद सहित 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

  • ममता ने फिर साधा बीजेपी पर निशाना कहा – धिक्कार है

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को लेकर उसने भय का माहौल बनाया है। सोमवार को बनर्जी ने दावा किया कि इस वजह से राज्य में छह लोगों की मौत हुई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ने कोलकाता में व्यापार संघों की बैठक को संबोधित किया। ममता ने इस दौरान जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए बीजेपी पर हमला बोला।

    पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा, ‘एनआरसी बंगाल या देश के किसी भी हिस्से में नहीं होगा। असम में यह असम समझौते की वजह से हुआ।’ असम समझौता 1985 में तत्कालीन राजीव गांधी सरकार और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के बीच हुआ था।

    ममता बनर्जी ने कहा, ‘बंगाल में एनआरसी को लेकर भय पैदा करने वाली बीजेपी पर धिक्कार है, इसके कारण राज्य में छह लोगों की जान चली गई। मुझ पर भरोसा रखिए, बंगाल में एनआरसी को कभी मंजूरी नहीं मिलेगी।’

    बीजेपी पर देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमतर करने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र है लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों में यह खतरे में है।’ उन्होंने कहा कि बीजेपी रोजगार छीनने या भारत की अर्थव्यवस्था के नीचे जाने की कोई बात नहीं कर रही, वह तो बस अपने राजनीतिक हितों को साधना चाहती है।

    ममता बनर्जी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने देखा कि उन्होंने (एबीवीपी, बीजेपी) जादवपुर विश्वविद्यालय में क्या किया, वे हर जगह सत्ता हासिल करना चाहते हैं।’

    बता दें कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो और वामपंथी छात्र संगठनों के छात्रों के बीच झड़प हो गई थी। इस दौरान सुप्रियो को वहां से बाहर निकालने के लिए राज्यपाल जगदीप धनखड़ खुद पहुंचे थे, जिसकी टीएमसी ने कड़ी आलोचना की थी।