Category: state-news

  • पटना: चार बच्चों की मौत दरधा नदी में स्नान करने के दौरान डूबने से

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    राजधानी पटना से सटे धनरुआ के कादिरगंज थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में मंगलवार की दोपहर दरधा नदी में स्नान करने के दौरान पानी में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई। घटना के जानकारी मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।

    धनरुआ सीओ जितेंद्र सिंह और कादिरगंज थाना अध्यक्ष मो शोयेब अक्तर दल बल के साथ मौके पर पहुंच। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिये पटना पीएमसीएच भेज दिया।

    घटना के बारे में बताया जा रहा है कि कादिरगंज के दौलतपुर गांव स्थित दरधा नदी में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर गांव के कुछ ग्रामीण अपने-अपने वाहन को नदी में साफ कर रहे थे। तभी ग्रामीण को देख गांव के 4 बच्चे नदी में पहुँच गए, और नहाने लगे। नहाने के क्रम में दो बच्चे डूबने लगे, इस दौरान दो और बच्चे उनको बचाने लगे। तभी चारों बच्चे गहरे नदी के पानी के पानी में देखते-देखते डूब गए। जब ग्रामीणों की सूचना मिली तो बच्चों को नदी में खोजने लगे। एक-एक कर चारों बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया । उसके बाद उसे निजी नर्सिंग होम में उपचार के भर्ती कराया गया, जहां  डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक बच्चों की पहचान दौलतपुर गांव निवासी आठ वर्षीय शशिकांत कुमार, 12 वर्षीय आकाश कुमार, 8 वर्षीय अमित कुमार, 7 वर्षीय अंकित कुमार के रुप में हुई है। इस संबंध में अंचलाधिकारी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि खबर की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा दिया जाएगा।

     

  • मदरसा टीचर की जमुई में हत्या, एक-एक कर 4 गोलियां उतार दीं बेखौफ अपराधियों ने चेहरे पर

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    जमुई में बेखौफ अपराधियों ने मदरसा टीचर की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने मदरसा शिक्षक के चेहरे पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ चार गोलियां उतार दी। मदरसा शिक्षक की पहचान झाझा थाना के बाराजोर गांववासी मो. अब्दुल कलाम (42) के रूप में हुई है।

    जानकारी के अनुसार अपराधियों ने बीती शाम फोन करके उसे अपने ठिकाने पर बुलाया था जहां उसकी हत्या कर दी गई। युवक मलयपुर के करीब के एक गांव में स्थित मदरसा में टीचर है। मदरसा शिक्षक का शव स्थानीय रेलवे वाशिंग पिट के करीब की झाड़ियों से बरामद हुआ है। घटना से गुस्साए लोगों ने खलासी मोहल्ला के करीब सड़क जाम भी लगाया लेकिन पुलिस के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने आश्वासन पर जाम कुछ ही देर में हटा लिया गया।

    मृतक की पत्नी ने बताया कि बुधवार की शाम करीब सात बजे झाझा के खलासी मोहल्ला निवासी एक शख्स का फ़ोन आया था। बात करने के बाद उसके पति बाइक से निकल गए थे। रात 10 बजे तक भी नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस को इत्तिला की। पुलिस ने जब तुरंत कार्रवाई की तो पहले स्थानीय रेलवे हाई स्कूल के करीब से मृतक की बाइक और फिर घटनास्थल से कुछ दूरी पर उसका मोबाइल बरामद हुआ। हत्यारों ने मोबाइल को भी तोड़ दिया था। गुरुवार की सुबह जब लोग घटनास्थल की ओर शौच को गए तो वहां झाड़ियों के बीच उन्होंने शव देख पुलिस को इसकी सूचना दी। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।

     

  • दिग्विजय सिंह के खिलाफ मध्‍य प्रदेश में मंदिरों के बाहर लगाए गए ‘नो एंट्री’ के पोस्‍टर

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    विवादास्‍पद बयानों के मशहूर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह की मंदिर में दुष्‍कर्म के बयान के बाद आलोचना हो रही हैं। मध्‍य प्रदेश में उनके बयान की निंदा करते हुए कई मंदिरों के बाहर दिग्विजय सिंह के खिलाफ पोस्टर लगा दिए गए हैं। इसमें उन्हें मंदिरों में प्रवेश न देने की मांग की गई है। ज्ञात हो कि दिग्विजय सिंह ने दुष्‍कर्म के मामलों में भगवाधारियों के लिप्त होने पर सवाल उठाया था। बाद में दिग्विजय सिंह ने बैकफुट पर आते हुए अपने बयान पर सफाई दी है।

    भोपाल में लगाए गए गए पोस्‍टर

    भोपाल के परशुराम मंदिर के बाहर लगे पोस्टर में लिखा गया है, ‘हिंदू समाज की यही पुकार, हिंदू विरोधी दिग्विजय सिंह के लिए मंदिरों के दरवाजे बंद हों बंद हों। निवेदक- हिंदू समाज’। इस पोस्‍टर में क्रास किया दिग्विजय सिंह का फोटो है। यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि यह पोस्‍टर किसने लगाया है।

    संत समागम में दिया था बयान

    ज्ञात हो कि भोपाल में मंगलवार को एक संत समागम के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा था कि भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं। भगवा वस्त्र पहनकर दुष्‍कर्म हो रहे हैं। मंदिरों में दुष्‍कर्म हो रहे हैं। ऐसे कृत्यों को माफ नहीं किया जा सकता।

    दिग्विजय सिंह ने कुछ ऐसे दी सफाई

    लोगों की प्रतिक्रि‍या सामने आने के बाद दिग्विजय सिंह को भी अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि हिंदू संत हमारी सनातन आस्था का प्रतीक हैं, इसलिए उनसे उच्चतम आचरण की अपेक्षा है। अगर संत वेश में कोई भी गलत आचरण करता है तो उसके खिलाफ आवाज उठनी ही चाहिए। सनातन धर्म, जिसका मैं स्वयं पालन करता हूं, उसकी रक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।

    भाजपा का पलटवार

    दिग्विजय के बयान पर भाजपा हमलावर हो गई है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी दिग्विजय पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी अब कांग्रेस में भी कोई नहीं सुनता है। जावड़ेकर ने कहा कि दिग्विजय सिंह जो बोलते हैं, उस पर कांग्रेस में भी कोई प्रतिक्रिया नहीं देता, तो हम क्यों कुछ बोलेंगे। जावड़ेकर ने आगे कहा कि उनकी मानसिकता हमेशा से ऐसी ही रही है मुंबई ब्लास्ट के बाद भी, यह ऐसे ही बोलते रहते हैं।

    उनके विवादास्‍पद बयान ‍

    1 सितंबर को दिग्विजय सिंह ने भिंड में दावा किया था कि मुसलमानों से अधिक यह गैर-मुस्लिम हैं जो आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे हैं। बजरंग दल, भाजपा आईएसआई से पैसे ले रहे हैं। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। गैर-मुस्लिम पाकिस्तान के आईएसआई के लिए मुसलमानों से ज्यादा जासूसी कर रहे हैं। इसे समझा जाना चाहिए।

     

  • आरोपियों पर चलेगा हत्या का केस तबरेज अंसारी मौत मामले में

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    सरायकेला-खरसावां जिले के बहुचर्चित तबरेज अंसारी मौत मामले में हत्या के आरोपियों पर अब हत्या का मुकदमा चलेगा। इस संबंध में पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में आरोपी विक्रम मंडल व अतुल माहली के विरुद्ध चार्जशीट दायर की। पुलिस ने इससे पूर्व 11 आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में दायर चार्जशीट में भादवि की धारा 304 को बदलकर पुनः पूरक चार्ज शीट दाखिल करते हुए भादवि की धारा 302 कर दिया है। अब सभी 13 आरोपियों पर भादवि की धारा 147/149/341/342/323/302/295अ के तहत मुकदमा चलेगा।

    तबरेज अंसारी की मौत के मामले में प्रकाश मंडल उर्फ पप्पू, भीमसेन मंडल, कमल महतो, सोनामो प्रधान, प्रेमचंद माहली, सुमन्त महतो, मदन नायक,चामू नायक, महेश माहली, कुशल माहली, सत्यनारायण नायक, विक्रम मंडल व अतुल माहली गिरफ्तार हुए हैं। जबकि अब भी कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं जो घटना के दौरान मौजूद थे या घटना में शामिल थे।

    वायरल वीडियो में छेड़छाड़ नहीं
    पुलिस द्वारा बताया गया कि धातकीडीह मामले में मृतक तबरेज अंसारी की ग्रामीणों द्वारा की जा रही पिटाई व जय श्री राम का नारा लगाते हुए जो वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो की जांच की गयी जिसमें वीडियो के अखंडता में कोई छेड़छाड़ नहीं पाया गया। यानी घटना को लेकर जारी वीडियो पूर्णत: सच है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 302 को किया गया था 304
    तबरेज अंसारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया था और बिसरा रिपार्ट भी नेगेटिव था। तबरेज की मौत घटना स्थल पर नहीं हुई थी बल्कि उसकी गिरफ्तारी के चार दिन बाद जेल में हुई थी। इन सभी रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने न्यायालय में भादवि की धारा 304 के तहत चार्ज शीट दायर की थी जिसे पूरक चार्ज शीट दाखिल करते हुए 302 कर दिया गया।

    एमजीएम के विशेषज्ञों से करायी जांच
    मामले पर पुलिस प्रशासन ने तीसरे पक्ष के रूप में एमजीएम के विशेषज्ञ डॉक्टरों से तबरेज की मौत के कारणों की मांग की। जिस पर रिपोर्ट मिली कि तबरेज अंसारी को क्षतिकारक घातक चोट लगी थी।

    क्या है मामला
    धातकीडीह गांव में ग्रामीणों ने 17-18 जून 2019 की रात चोरी के आरोप में कदमडीहा के तबरेज अंसारी को पकड़कर ग्रामीणों ने पिटाई की जिसका वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने 18 जून को तबरेज को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। जहां तबरेज की तबियत बिगड़ने पर 22 जून को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पत्नी ने दर्ज कराई हत्या की प्राथमिकी
    तबरेज की मृत्यु के बाद पत्नी सहस्तिा परबीन ने थाना में धातकीडीह के पप्पू मंडल व अन्य 100 ग्रामीणों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने भादवि की धारा 147/149/341/342/323/302/295अ के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए 11 आरोपियों को 72 घन्टे के अंदर गिरफ्तार कर जेल भेज जबकि अन्य दो आरोपी ने आत्मसमर्पण किया।

    पुलिस ने सभी 11 आरोपियों के विरुद्ध अनुसंधान कर चार्ज शीट दाखिल कर दिया है। सभी आरोपियों पर भादवि की धारा 302 दर्ज है। पुलिस आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने का काम करेगी। राज्य पुलिस भीड़ हिंसा मामले में 66 आरोपियों को सजा दिलवा चुकी है। –कार्तिक एस, पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां

     

  • पटना: गाड़ी ने मारी स्कूल वैन को टक्कर, कई बच्चे घायल

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    राजधानी पटना में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होने से बच गया। स्कूली बच्चों को ले जार रही वैन को गाड़ी ने टक्कर मार दी। इस हादसे में वैन के अंदर बैठे कई बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने आनन फानन में स्कूली बच्चों को वैन से उतारा और पास में ही मौजूद निजी क्लिनीक में ले जाकर इलाज करवाया। वैन में मौजूद बच्चों ने बताया कि ड्राइवर सही तरीके से वैन को नहीं चला रहा था। वहीं इस हादसे की खबर जब बच्चों के अभिभावकों को मिली तो वो तुरंत मौके पर पहुंच गए।

     

  • पंजाब में सेवानिवृत्ति के बाद भी काम कर सकते हैं अब विशेषज्ञ डॉक्टर

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    पंजाब में विशेषज्ञ डॉक्टर अब 60 साल की उम्र में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद पांच और वर्षों के लिए अपनी सेवाएं दे सकते हैं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सेवा दे सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट आदि जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक रिक्त 384 पदों के लिए सलाहकार के रूप में काम करेंगे, जब तक कि नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को केवल चिकित्सीय कार्य के लिए नियुक्त किया जाएगा और किसी भी मामले में कोई प्रशासनिक कार्य नहीं सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सलाहकारों को विभाग में सेवाएं देने के दौरान अपनी निजी क्लीनिक चलाने की अनुमति नहीं होगी।

  • भूकंप के झटके महसूस किए गए महाराष्ट्र के पालघर जिले में, दहशत में लोग

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    महाराष्ट्र के पालघर जिले के कुछ इलाकों में शुक्रवार दोपहर एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। पालघर में दोपहर 3.30 बजे भूकंप के झटकों के कारण आम लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस भूकंप के कारण कुछ मकानों को भी नुकसान होने की खबरें हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
    स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पालघर के तालसारी, डहाणू और दापचरी इलाकों में शुक्रवार दोपहर नागरिकों ने भूकंप के झटके महसूस किए। अचानक आए भूकंप के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़क पर भागते दिखे। वहीं झटकों के बाद कुछ देर तक इन इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

    जुलाई में भी आया था भूकंप
    भूकंप के कारण इन इलाकों में कुछ मकानों में नुकसान होने की सूचना है, हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया गया है। बता दें कि इससे पहले जुलाई महीने के अंत में भी पालघर के कुछ इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 रेकॉर्ड की गई थी।

  • तेजस्वी बोले नीतीश से,’15 साल से सीएम, अकेले चुनाव लड़ने का नहीं है फिर भी आप में माद्दा’

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    बिहार में सीएम नीतीश कुमार और पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव के बीच एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। एक ओर जहां नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की एक बैठक में विरोधियों को राजनीतिक सूझबूझ वाला बताते हुए इशारों में कटाक्ष करने की कोशिश की, वहीं तेजस्वी ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार शाम कई ट्वीट किए। तेजस्वी ने अपने एक ट्वीट में नीतीश से यह भी कहा कि आप 15 साल से सीएम हैं, फिर भी आप में अकेले चुनाव लड़ने का माद्दा नहीं है।

    नीतीश कुमार ने अपनी बैठक में विरोधियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिन लोगों में ‘राजनीतिक सूझबूझ की कमी’ है वह उन पर निजी हमले करके प्रचार पाने की कोशिश करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उनमें से कुछ लोगों ने बेशर्मी से यह स्वीकार किया है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि यह उनकी यूएसपी (खासियत) है।’

    इस बयान की प्रतिक्रिया में तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए लिखा,’मुख्यमंत्री जी कहते है मुझे कुछ नहीं आता? ठीक है चाचा, कुछ नहीं आता फिर क्यों मुझे उपमुख्यमंत्री बनाया? मेरे विभागीय कार्यों को देखकर क्यों बेचैनी होने लगी थी? अगर आपको नेता प्रतिपक्ष के प्रति ऐसी अशोभनीय टिप्पणी करने में मानसिक सुख प्राप्त होता है तो कृपया आप ऐसा प्रतिदिन करिए।’

    नीतीश को दी खुली बहस की चुनौती
    इसके आगे तेजस्वी ने लिखा,’नीतीश जी, मैं नेता प्रतिपक्ष हूं और आप सीएम। अगर आपके कुप्रबंधन, लूट और नाकामियों को जनता के समक्ष रखना आपको मेरा अज्ञान लगता है तो यह आपका अज्ञान है। ससम्मान कहता हूं जितनी मेरी उम्र है उससे ज़्यादा आपका अनुभव। फिर भी आपकी पसंद के किसी भी विषय पर खुली बहस की विनम्र चुनौती देता हूं।’

    ‘नीति, सिद्धांत और विचार का सौदा नहीं सीखा’
    नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने एक अन्य ट्ववीट में उनपर कई आरोप भी लगाए। इस दौरान तेजस्वी ने लिखा,’माफ करिए चाचा जी, मेरी उम्र भले ही कम हो लेकिन आपकी तरह मैंने नीति, सिद्धांत और विचार का सौदा करना नहीं सीखा। आप 15 साल से CM है फिर भी आप में अकेले चुनाव लड़ने का माद्दा नहीं है। आप विचार कीजिए क्या कमी है कि सदैव आपको बैसाखी की जरूरत होती है? इस पर भी जनता का ज्ञानवर्धन कीजिए।’

    जारी है आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति
    बता दें कि कभी नीतीश कुमार की ही सरकार में डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव बीते कई दिनों से सरकार के रुख की आलोचना कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने तेजस्वी के तमाम बयानों के बीच ही अपनी पार्टी की बैठक में उनपर और अन्य विरोधियों पर निशाना साधा था। इसी के जवाब में तेजस्वी ने ट्वीट कर एक बार फिर राज्य सरकार और जेडीयू की आलोचना की।

  • 200 से अधिक सीटें जीतेंगे 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में: CM नीतीश

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    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में जो गठबंधन सरकार चल रही है उसमें कोई दिक्कत नहीं है। दिक्कत पैदा करने वालों को राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद बुरा हाल होने वाला है। शुक्रवार को जदयू के राज्य परिषद की बैठक में सीएम ने ये बातें कहीं।

    सीएम नीतीश ने आगे कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में हम 200 से अधिक सीटें जीतेंगे। कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए सीएम ने कहा कि वो केवल अपने काम पर ध्यान दें। सीएम ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति का क ख नहीं जानने वाले मेरे बारे में अनाप शनाप बोलते हैं।

    ट्वीट कर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीएम नीतीश पर किया पलटवार
    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए कहा है कि ना तो मैं किसी के आगे बोलता हूं और ना ही पीछे बोलता हूं। जो मुझे सही लगता है वही बोलता हूं, और जो बोलता हूं उसपर अडिग रहता हूं। बता दें कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के राज्य परिषद की बैठक में बिना किसी का नाम लिए कहा कि राजनीति का क-ख नहीं जानने वाले मेरे बारे में अनाप शनाप बोलते हैं।

     

  • बिहार का ये लाल उड़ा रहा था उस तेजस को जिसमे रक्षामंत्री ने भरी उड़ान…

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    बिहार के सीवान जिले के गुठनी प्रखंड के श्रीकरपुर गांव निवासी नर्वदेश्वर तिवारी ने गुरुवार को बेंगलुरु स्थिति हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। उनकी इस सफलता के बाद उनके पैतृक गांव श्रीकरपुर में खुशी का माहौल है।

    ग्रामीणों का कहना है कि तेजस लड़ाकू विमान में किसी भी रक्षा मंत्री द्वारा भरी गयी यह पहली उड़ान है और उससे भी बड़ी बात यह है कि उसको नर्वदेश्वर तिवारी उड़ा रहे थे। उनके परिजनों ने बताया कि नर्वदेश्वर तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा बोकारो के सेंट जेवियर स्कूल से पूरी हुई। उसके बाद एमबीए की पढ़ाई पूरी कर एयरफोर्स ज्वाइन किया और देहरादून स्थिति आईएमए से पास आउट होकर एयरफोर्स में फ्लाइंग लेफ्टिनेंट के पद पर योगदान दिया। उनके पिता चन्द्रमौलि तिवारी भी बोकारो में जीएम थे। उनके बड़े भाई मेजर डॉ. कस्तूरी तिवारी और निगम तिवारी हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी डॉ. अर्चना तिवारी, एक पुत्र और एक पुत्री है।

    उन्होंने बातचीत में बताया कि जब रक्षा मंत्री के साथ गुरुवार को तेजस के साथ उड़ान भरने की तैयारी चल रही थी। उस समय वह इसको लेकर काफी उत्सुक थे। उन्होंने बताया कि तीस मिनट तक हवा में उड़ने के बाद वह सुरक्षित अपनी उड़ान से उतर गए। इस समय नर्वदेश्वर तिवारी एयर वाइस मार्शल के पद पर तैनात हैं। अधिवक्ता इष्टदेव तिवारी, अमित ओझा, विजय शंकर तिवारी, दयाशंकर तिवारी, मुक्तेश्वर तिवारी, रघुराज तिवारी, किट्टू मिश्रा, पिन्टू ने खुशी जाहिर की है।