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  • शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे “स्वास्थ्य मंत्री”

    शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे “स्वास्थ्य मंत्री”

    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : शनिवार को स्वास्थ्यमंत्री सह क्षेत्रीय विधायक-रामचंद्र चंद्रवंशी कांडी प्रखंड परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे। उक्त विषय की जानकारी विधायक प्रतिनिधि-अजय सिंह ने दी।उन्होंने बताया की मंत्री के आगमन का समय तिन बजे दिन निर्धारित है।

    साथ ही अजय सिंह ने भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध जनों व आम-आवाम से उक्त निर्धारित समय पर पधारने का अनुरोध किया है।उन्होंने कहा कि काफी संख्या में लोग उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

  • बिहार: नवादा में आकाशीय बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत, 13 घायल

    बिहार: नवादा में आकाशीय बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत, 13 घायल

    बिहार में हो रही बारिश के कारण राज्य के 12 जिले में बाढ़ का कहर कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को बिहार के नवादा जिले में बड़ा हादसा हुआ है। नवादा में आकाशीय बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में 13 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा काशीचक प्रखंड के धानपुर गांव में हुआ है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों में अधिकतर बच्चे हैं। लोग आंधी-बारिश के दौरान पीपल के एक पेड़ के नीचे जमा हो गए थे। इसी बीच पेड़ पर बिजली गिर गई। इस हादसे के बाद गांव में कोहराम में मचा है।

    केंद्रीय मंत्री और बिहार के बेगूसराय से बीजेपी के सांसद गिरिराज सिंह ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, ‘काशीचक प्रखंड के धानपुर ग्राम, नवादा में वज्रपात की घटना से स्तब्ध हूं, इस घटना में दलित परिवार के 9 लोगो की मृत्यु हो गई और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, महादेव से प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द स्वास्थ्य हो और हताहत हुए लोगो के परिवारों को सहनशक्ति प्रदान करें।

    इससे पहले जून महीने में बिहार के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से करीब 30 लोगों की मौत हो गई थी। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि वज्रपात से सबसे अधिक भागलपुर में छह लोगों की मौत हुई जबकि बेगूसराय में चार लोग इसकी चपेट में आ गए। इसके अलावा सहरसा, पूर्णिया, अररिया, जमुई, दरभंगा, मधेपुरा, खगड़िया, कटिहार, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, शिवहर, नवादा और गया में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हुई।

  • “पंद्रह फिट” लंबा व एक “किवंटल” वजन का दिखा विशाल “अजगर”

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    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : जिले के बरडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ओबरा गांव से 50 मीटर की दुरी पर नदी के किनारे सोमवार को शुबह के ग्यारह बजे खेत में एक विशाल अजगर दिखा। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार उक्त अजगर 15 फिट लंबा है,जिसका वजन तकरीबन एक किवंटल का बताया जा रहा है। उक्त गांव निवासी- छोटे कुमार उर्फ़ गोपाल मेहता नदी के पास खेत में गया था,वहां देखा तो भयानक अजगर था। खेत में विशाल अजगर होने की खबर धीरे-धीरे गांव में आग की तरह फ़ैल गयी।उक्त विशाल व भयानक अजगर को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    बताया जा रहा है की उस अजगर ने जंगली बिल्ली को निगल गया था,जिससे की वह ठीक से चल नहीं पा रहा था। ग्रामीणों की मदद से फिलहाल उसे एक ड्राम में रखा गया है।छोटे कुमार ने तत्काल थाना को सूचित किया।साथ ही वन विभाग को भी सूचित किया गया है।ड्राम में सुरक्षित रखे गए अजगर की सुचना पाकर थाना एसआई-बन्ने उरांव मंगलवार को शुबह में पहुंचे।उन्होंने बताया की वन विभाग को पुलिस के द्वारा सूचना दे दी गयी है।

  • दो लाख में मां ने ही कर दिया अपने कलेजे के टुकड़े का सौदा

    दो लाख में मां ने ही कर दिया अपने कलेजे के टुकड़े का सौदा

    उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक मां ने अपने ही दो माह के बेटे का सौदा कर दिया। अबोध को दाई और एक व्यक्ति की मदद से बिलासपुर निवासी एक दंपति को बेचा गया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुये पांच लोगों को गिरफ्तार कर दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी मां ने एक लाख रुपये के लालच में अबोध को बेचने की बात कबूल कर ली है।

    शनिवार को पुलिस कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह और एसपी सिटी रुद्रपुर देवेंद्र पींचा ने बताया कि शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से एक दो महीने के अबोध को अगवा कर लिया गया है। इस पर तत्काल तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मां लता गंगवार से सख्ती से पूछताछ की तो उसने एक लाख रुपये में मासूम को बेचने की बात स्वीकार कर ली।

    आरोपी लता की निशानदेही पर पुलिस ठाकुरनगर ट्रांजिट कैंप निवासी दाई ममता विश्वास के घर पहुंची और फिर आवास विकास निवासी कुलजीत सिंह के घर। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ने अबोध को दो लाख रुपये में ग्राम इंदरपुर बिलासपुर निवासी कुलजीत सिंह और और उसकी भाभी रमनदीप कौर को बेचने की बात कही।

    पुलिस ने बिलासपुर पहुंच कर अबोध श्रेयांश को बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों बिचौलियों के पास से एक लाख रुपये और आरोपी मां लता के पास से एक लाख रुपये बरामद कर लिए। एसएसपी ने बताया कि अबोध को दो लाख रुपये में बेचा गया था। इसमें से एक लाख रुपये आरोपी मां लता और एक लाख रुपये दोनों बिचौलियों ने बांट लिए थे। तीनों के पास से दो लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। पुलिसकर्मी ले जाने लगे तो पति को देख माफी मांगने लगी आरोपी पत्नी पुलिस कार्यालय में खुलासे के समय आरोपी मां लता रोने लगी और अपने पति की ओर देख माफी मांगने लगी। बाद में पुलिस उसे अपने साथ ले गयी। डीआईजी कुमाऊं जेआर जोशी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

     

  • गठबंधन की खबरों को लेकर भड़के कुमारस्वामी, कहा-भाजपा से कभी नहीं मिलाएंगे हाथ

    गठबंधन की खबरों को लेकर भड़के कुमारस्वामी, कहा-भाजपा से कभी नहीं मिलाएंगे हाथ

    नयी दिल्ली लंबे समय तक चली उठक पठक के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने को मजबूर हुए एचडी कुमारस्वामी की पार्टी में अभी भी कुछ ठीक होता दिखाई नहीं दे रहा है। खबर है कि जनता दल (सेक्यूलर) के कुछ विधायक भाजपा सरकार का समर्थन करने की मांग उठा रहे हैं।

    हालांकि कुमारस्वामी ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पूर्व सीएम ने ट्वीट कर कहा कि मुझे बीजेपी से हाथ मिलाने (गठबंधन) की खबरों के बारे में पता चला है और इनका कोई भी आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, जो सच्चाई से दूर हों। हमने जनसेवा से पार्टी बनाई है और जनता के लिए हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं कुमारस्वामी के पिता एचडी देवगौड़ा ने कहा कि हम राज्य में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने जा रहे हैं। एक क्षेत्रिय दल होने के नाते हमें अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभानी है। उन्होंने कहा कि यदि येदियुरप्पा राज्य के लिए कुछ अच्छा करते हैं, तो हम इसका स्वागत करेंगे। बता दें कि कर्नाटक में कई दिनों तक चले नाटक के बाद जेडीएस और कांग्रेस की सरकार विधानसभा में विश्वासमत हासिल नहीं कर सकी थी। भाजपा ने सरकार के अल्पमत में आ जाने का दावा करते हुए राजभवन से लेकर विधानसभा तक, आक्रामक अभियान चलाया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों का इस्तीफा स्वीकार न किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा और आखिरकार कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया। वह विश्वास हासिल करने में विफल रहे और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

  • कलंक कथा: यूपी पुलिस हरियाणा से कुशीनगर तक ‘रिश्वत’ की ‘नींद’ में

    कलंक कथा: यूपी पुलिस हरियाणा से कुशीनगर तक ‘रिश्वत’ की ‘नींद’ में

    बिहार में शराब बंदी का फायदा उठाकर शराब माफियाओं ने काली कमाई का एक नया कारोबार खोल दिया है। मोटी रकम के बूते पुलिस को सुलाने के बाद वह हरियाणा से लेकर बिहार तक फर्राटा भरती गाड़ियों से शराब पहुंचा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक महीने में करोड़ों की शराब बिहार पहुंचाई जा रही है। यही नहीं कार्रवाई के नाम पर पुलिस भी माफियाओं की मर्जी से कुछ गाड़ियां चलान कर देती है जिसकी संख्या भी कम नहीं है।

    ‘‘कलंक कथा
    गोरखपुर जोन में छह महीने में 76 गाड़ियों में पकड़ी गई चार करोड़ की शराब
    हर गाड़ी में मिली हरियाणा की शराब,  बिहार में शराब खपाने को बड़ा तस्करी रैकेट सक्रिय
    हरियाणा से पूर्वांचल तक दर्जनों जिले, तमाम थाने पार करती कैसे फर्राटा भर रहीं शराब लदी गाड़ियां’’

    हरियाणा से लेकर गोरखपुर के रास्ते बिहार तक दर्जनों जिलों से शराब लदी गाड़ियां पार कराई जाती है। यह वह शराब लदी गाड़ियां हैं जो यूपी में भी प्रतिबंधित हैं उसके बाद भी इन गाड़ियों की जांच ना के बराबर ही होती है। अगर कुछ गाड़ियां पकड़ी भी जाती हैं तो उसमें भी माफिया की मर्जी ही होती है क्यों कि बड़ी गाड़ियों को पार कराने के लिए वह छोटी गाड़ियां पकड़वाकर पुलिसवालों को भी खुश करते रहते हैं।

    ‘‘पुलिस-तस्कर गठजोड़ का कई बार खुलासा
    -कुशीनगर में थाना प्रभारी की गाड़ी ढो रही थी शराब, उसी ने फरार करा दिया पकड़ा गया तस्कर।
    -देवरिया में चौकी इंचार्ज ने एसपी द्वारा सौंपे गए तस्कर को फरार कराया, अंतत: सस्पेंड हुआ।
    -परिक्षेत्र में 22 पुलिसकर्मी शराब तस्करी रैकेट से संपर्क रखने की वजह से शक के दायरे में।
    -शराब माफिया इन्हें ही देते हैं अपनी शराब लदी गाड़ियों को जिलों की सीमा पार कराने का ठेका।’’

    पुलिस और माफिया की गठजोड़ से हरियाणा की शराब बिहार भेजी जा रही हैं। शराब वाले रूट के कई थाने और चौकियां बिकी हैं। अगर कुछ शराब पकड़ी भी जाती है तो वह भी माफियाओं की मर्जी से ही। शराब के खिलाफ कार्रवाई दिखाने के लिए पुलिसवाले कुछ गाड़ियों को बरामद दिखाते और उनके चालक और खलासी कुछ दिन के लिए जेल जाने के बाद फिर बाहर आ जाते। शराब माफिया तक पहुंचने का पुलिस कभी प्रयास ही नहीं करती है। जिन गाड़ियों से शराब पकड़ी जाती उन गाड़ियों को छुड़ाने भी कोई थाने या पुलिस के पास नहीं पहुंचता है। पुलिस तह तक जाने की जगह गिरफ्तारी और बरामदगी दिखाकर फाइल बंद कर देती है। कभी यह जांच करने की कोशिश ही नहीं होती कि शराब का असली माफिया कौन है? गाड़ियों के मालिक कौन है? इनका पूरा नेटवर्क कैसे चलता है।

    करोड़ों का धंधा, चौकी थाना पार कराने को बंधी है रकम 
    बिहार में शराब बंदी के बाद यूपी के रास्ते बिहार में शराब पहुंचाने का धंधा करोड़ों का है। हरियाणा से ट्रक, डीसीएम या फिर छोटी गाड़ियों से शराब बिहार तक पहुंचाई जाती है। हरियाणा की शराब इस वजह से क्योंकि टैक्स फ्री होने से वह काफी सस्ती होती है। हालांकि यूपी में भी उसकी बिक्री पर प्रतिबंध है पर शराब माफियाओं का अब यूपी में शराब बेचने का बहुत जोर नहीं है वह बिहार तक शराब पहुंचाने में लगे हैं। इससे उन्हें भारी मुनाफा हो रहा है।

    शराब की गाड़ी पार कराते हैं खास सिपाही 
    माफियाओं ने शराब को थाने और चौकी की सीमा से निकालने के लिए खास सिपाहियों को जिम्मेदारी सौंपी है। वह अपनी सेटिंग से अन्य पुलिसवालों को इसमें शामिल करते हैं और वही पुलिसवाले माफिया से बात करके कुछ गाड़ियों को इस वजह से पकड़वा देते हैं जिससे बड़े अफसरों को यह लगे कि कार्रवाई हो रही है। असल में कार्रवाई के पीछे का बड़ा खेल बड़ी गाड़ियों को इलाके से पार करना होता है।

    लखनऊ के रास्ते ही गोरखपुर होते हुए बिहार जाती गाड़ी 
    हरियाणा से चलने वाली शराब लदी गाड़ियां लखनऊ तक तो अलग-अलग रास्ते से आती है पर उसके बाद वह फोरलेन से बेधड़क होकर चलती है। लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर और कुशीनगर के बाद बिहार सीमा में प्रवेश करा दिया जाता है।

    दो थानों में सबसे ज्यादा पकड़ी जाती शराब  
    गोरखपुर में सहजनवा और खोराबार इलाके में सबसे ज्यादा शराब लदी गाड़ियां पकड़ी जाती हैं। इन दोनों थानों में फोरलेन का एक बड़ा हिस्सा आता है। संतकबीरनगर जिले से गोरखपुर जिले में प्रवेश करने के बाद जहां सहजनवा थाने की सीमा शुरू होती है वहीं एक बड़े हिस्से में खोराबार थाने की सीमा आती है और फिर कुशीनगर की सीमा में गाड़ी चली जाती है।

    ’’दिखावे के लिए पकड़ी गई कुछ गाड़ियां पर गैंग तक नहीं पहुंची पुलिस
    फोरलेन के रास्ते ट्रकों को पार कराते माफिया, हर जगह बंधी है रकम
    दिखावे के लिए कुछ गाड़ियों में शराब पकड़ कर पीठ ठुकवाती पुलिस’’ 

    सहजनवां में पकड़ी गई शराब  
    16 जून 2018 को 222 पेटी देशी शराब
    29 जून 2018 को एक ट्रक में 208 पेटी अंग्रेजी शराब और दो कार में 404 सीसी शराब पकड़ी गई।
    4 जुलाई 2018 को 1100 पेटी अंग्रेजी शराब
    28 जुलाई 2018 को दो कार से 736 सीसी शराब
    31 जुलाई 2018 को एक ट्रक से 170 पेटी अंग्रेजी शराब पकड़ी गई
    6 अगस्त 2018 को 135 पेटी शराब,
    26 अगस्त 2018 को 295 पेटी शराब साथ ही बिना नम्बर के दो कार से 656 सीसी शराब पकड़ी गई।
    12 सितम्बर 2018 को एक ट्रक से 140  पेटी शराब पकड़ी गई ।
    11 अक्टूबर 2018 को एक गाड़ी से 8400 सीसी शराब
    22 अक्टूबर 2018 को एक ट्रक से 200 पेटी शराब
    25 अक्टूबर 2018 को दो पिकप गाड़ी से 105 पेटी शराब पकड़ी गई ।
    7 नवम्बर 2018 को एक ट्रक से 250 पेटी शराब पकड़ी गई।
    8 दिसम्बर 2018 को एक ट्रक से 170 पेटी अंग्रेजी शराब पकड़ी गई है ।
    21 जनवरी 2019 को एक मारुति अर्टिगा गाड़ी से 2.30 लाख की अंग्रेजी शराब बरामद ।
    25 जनवरी 2019 पुलिस ने 12 लाख की अंग्रेजी शराब पकड़ी, 190 पेटी एक डीसीएम से साथ में 263 बोतल एक लग्जरी कार से।
    जनवरी 2019 में ही आबकारी ने 15 लाख की कीमत की अंग्रेजी शराब एक ट्रक के साथ तेनुआ टोल प्लाजा के पास पकड़ा
    12 फरवरी 2019 को पौने दस लाख रु0 की लागत की हरियाणा की शराब 195 पेटी बरामद।
    16 फरवरी 2019 को गीडा सेक्टर 13 में स्थित आकाश इंजीनियरिग वक्र्स में 50 लाख 40 हजार रु0 कीमत की हरियाणा की बनी देशी शराब 2100 पेटी बरामद ।  24 मई 2019 को 460 बोतल अंग्रेजी शराब हरियाणा की बनी हुई सीहापार के पास एक कार से बरामद हुई।
    21 जून 2019 को 895 सीसी हरियाणा की बनी देशी शराब एक अदद पिकअप वाहन दो अभियुक्त पकड़े गए तीन भागने में सफल रहे यह गीडा सेक्टर 22 के पास से पकड़े गए थे।
    19 जुलाई 2019 को 165 सीसी और बोतल अंग्रेजी शराब हरियाणा की बनी हुई  साथ में एक कार और एक अभियुक्त ग्राम चकिया फोरलेन के पास पकड़े गए।

    चौरीचौरा में पकड़ी गई शराब
    10 मार्च 2019 टाटा सफारी गाड़ी में 283 पौवा व 54 अद्धा की इम्पीरियल ब्लू अंग्रेजी शराब सोनबरसा चौकी पुलिस ने पकड़ी

    झंगहा में पकड़ी गई शराब
    26 नवंबर, 2018 को झंगहा पुलिस ने दुबौली गांव से लाल रंग की पंजाब के नंबर की टाटा सफारी गाड़ी व 680 पेटी में 33830 हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब बरामद किया है।

    खोराबार में पकड़ी गई शराब
    22 सितम्बर 2018  19 पेटी रायल स्टेट 432 सीसी पौवा,240 सीसी अद्धा टोटल 162 लीटर।स्थान कोनी तिराहा। बरामदगी एक टाटा मैजिक माजा कार से बिहार जा रही थी।
    12 अक्टूबर 2018 हरियाणा निर्मित 200 पेटी कुल 9600 सीसी शराब पकड़ी गई। रामनगर कड़जहा फोरलेन से पकड़ी गई।
    23 अम्टूबर 2018, 13 पेटी 750 ऐमेल की 156 बोतल कुल 117 लीटर शराब  फोरलेन पर बिष्णु ढाबा से गाड़ी बरामद हुई।
    22 जनवरी 2019 14 पेटी मे 180 ऐमेल की 636 सीसी शराब पकड़ी गई।
    12 जुलाई 2019 को 512 बोतल हरियाणा निर्मित शराब रामनगर कड़जहा के समीप चार पहिया महेंद्रा क्वांटो से पकड़ी गई।

     

  • हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों मे इंग्लिश किट बढ़ाएगी अंग्रेजी ज्ञान

    हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों मे इंग्लिश किट बढ़ाएगी अंग्रेजी ज्ञान

    प्रदेश के सरकारी स्कूलो में पढ़ने वाले बच्चे अब छोटी कक्षाओं में ही इंग्लिश सीख सकेंगे। पहली से तीसरी कक्षा वाले सूबे के साढ़े 10 हजार स्कूलों में विशेष किट बांटी जाएंगी। 30 जुलाई को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शिमला से इस योजना का शुभारंभ करेंगे।
    ई-संवाद ऐप और शिक्षा-साथी ऐप भी लांच किए जाएंगे। राज्य अतिथिगृह पीटरहॉफ में होने वाले कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहेंगे।अंग्रेजी की पढ़ाई सरल और प्रभावी बनाने को संपर्क फाउंडेशन विशेष इंग्लिश किट बांटेगी।पहली से तीसरी कक्षा के शिक्षक किट के अनुसार इंग्लिश प्रशिक्षण के गुर सिखाएंगे। किट के जरिये अध्यापक आसानी से छोटी कक्षा से विद्यार्थियों का अंग्रेजी विषय में बेस बना सकेंगे।इंग्लिश किट विशेषकर छोटे बच्चों के लिए तैयार की गई है। इसमें एक साउंड बॉक्स होगा, इससे शब्दों का उच्चारण होगा। इस बॉक्स को संपर्क दीदी नाम दिया गया है

    । किट में रोचक पुस्तकें और कुछ विजुअल सीडी भी होंगी। कान्वेंट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की हर गतिविधि उनके अभिभावकों तक एसएमएस से पहुंचाने के लिए ई-संवाद मोबाइल ऐप तैयार किया गया है पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंडी जिले में इसे शुरू किया जाएगा। अभिभावकों को बच्चों की अनुपस्थिति, परीक्षा के आंकलन, पीटीएम, परीक्षा की सूचना, छुट्टियों की सूचना, होमवर्क नहीं करने की सूचना सहित खूबियों व कमियों से संबंधित एसएमएस भेजे जाएंगे।यह है शिक्षा साथी ऐपसरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षा साथी ऐप तैयार किया है। इसे बीआरसीसी, डीपीओ और बीओ इस्तेमाल करेंगे। स्कूलों के निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को मौके से ही निरीक्षण की रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करनी होगी। इसमें फोटो के साथ लिखित जानकारी देनी होगी। मौके पर गए बिना फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट भेजने वालों पर एप शिकंजा कसेगा। इस ऐप के चलते संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी।

  • 40 हजार गांवों को एक वर्ष में कनेक्ट करें ऑपरेटर: प्रसाद

    40 हजार गांवों को एक वर्ष में कनेक्ट करें ऑपरेटर: प्रसाद

    नई दिल्ली दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि देश के 40 हजार गांव अभी भी दूरसंचार सेवाओं की पहूंच से दूर हैं और टेलीकॉम ऑपरेटरों को एक वर्ष में इन गांवों को कनेक्ट करना चाहिए। प्रसाद ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के तीसरे संस्करण की घोषणा करते हुए कहा कि मोबाइल क्रांति के इस युग में भी देश में 40 हजार गांव इन सेवाओं की पहुंच से दूर हैं। उन्होंने बताया कि टेलीकॉम ऑपरेटरों के प्रमुखों के साथ बैठक में इस मुद्दे को उठा गया है और इस पर उनसे काम शुरू करने के लिए कहा गया है। प्रसाद ने कहा कि टेलीकॉम ऑपरेटरों को एक वर्ष या उससे कम समय में ही इन गांवों को कनेक्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले इस देश में 120 करोड़ मोबाइल फोन, 70 करोड़ स्मार्टफोन्स और 70 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन है। टेलीकॉम कंपनियों के शीर्ष संगठन सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने कहा कि एक वर्ष से कम समय में ही इन गांवों को कनेक्ट कर दिया जाएगा।

  • तीन छात्र बने लुटेरे गर्लफ्रेंड को वीडियो कॉल करने के लिए , छोटी सी उम्र में कर दिया बड़ा कांड

    तीन छात्र बने लुटेरे गर्लफ्रेंड को वीडियो कॉल करने के लिए , छोटी सी उम्र में कर दिया बड़ा कांड

    राजधानी के प्रतिष्ठित स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले तीन नाबालिग गर्लफ्रेंड से वाट्सएप में वीडियो कॉलिंग पर बात करने के लिए लुटेरे बन गए। पंडरा पुलिस ने तीनों को पकड़कर रिमांड होम भेज दिया। पुलिस ने तीनों के पास से लूटे हुए तीन मोबाइल और अन्य सामान बरामद कर लिये। पूछताछ के क्रम में तीनों आरोपियों ने बताया कि उनके पास मोबाइल फोन पहले से था, पर सस्ता वाला था। तीनों नाबालिगों की गर्लफ्रेंड है। वे गर्लफ्रेंड से वीडियो कॉलिंग पर बात नहीं कर पाते थे। तीनों छात्रों ने अपनी गर्लफ्रेंड को बताया था कि वे तीनों काफी अमीर घर के लड़के हैं। तीनों छात्रों ने योजना बनाई कि ऑनलाइन आईफोन मंगाया जाए। कुरियर मैन जब मोबाइल लेकर आएगा तो उसे लूट लिया जाएगा।

    गलत नाम और पता पर मंगवाया था आईफोन

    पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि तीनों आरोपियों ने आईफोन गलत नाम-पता पर मंगवाए थे। चार जुलाई को कुरियर मैन मोबाइल लेकर पंडरा इलाके में पहुंचा तो उसे वह पता नहीं मिला, जहां मोबाइल डिलिवरी करना था। कुरियर मैन ने एक नाबालिग को फोन किया। नाबालिगों ने कुरियर मैन को बार-बार अलग अलग जगह पर बुलाया और अंत में उसे डैम की ओर बुलाकर चाकू के बल पर उसका बैग लूट लिया। बैग में तीन मोबाइल के साथ 75 हजार रुपए के सामान थे। आरोपियों ने मोबाइल निकालकर बैग डैम के समीप फेंक दिया। पुलिस ने बैग बरामद कर लिया है।

    जिस नंबर से आर्डर दिया गया था उसी से पकड़ में आये आरोपी

    कोतवाली डीएसपी अजीत कुमार विमल का कहना है कि नाबालिगों ने जिस मोबाइल नंबर से आईफोन का ऑर्डर दिया था, पुलिस ने उस नंबर का लोकेशन और कॉल डिटेल निकाला। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने एक नाबालिग को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर तीनों छात्र पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

    घरवाले छोड़ने की लगा रहे थे गुहार

    तीनों नाबालिगों के पकड़े जाने के बाद परिजन पंडरा थाना पहुंच गए। परिजनों का कहना था कि वे काफी मेहनत कर नाबालिगों को पढ़ा रहे हैं। एक बार उन्हें छोड़ दिया जाए, लेकिन पुलिस ने किसी को नहीं छोड़ा।

     

  • “श्रद्धालुओं” व “भक्तों” के “आस्था” के साथ कर दिया गया “खिलवाड़”,”सावन” के “पवित्र” महीने में “शिव लिंग” को उखाड़ फेंक दिया गया “आहर” में

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    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : “सावन” के पवित्र महीने में शिव लिंग पर जलार्पण कर “मनोकामना” पूरी करने की मन्नत मांगते हैं।कोई श्रद्धालु भोले बाबा के नगरी यानि बाबा धाम तो कोई श्रद्धालु कहीं और अन्य स्थानों पर भोले बाबा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर जाते हैं।वहीँ जो श्रद्धालु दूर नहीं जा पाते,वे भी पूर्ण आस्था के साथ अपने गांव या अपने घर के ही चबूतरे पर स्थापित शिवलिंग पर “जलाभिषेक” करते हैं।दूर व नजदीक की कोई तुलना न करते हुए पूर्ण विश्वाश के साथ जलाभिषेक हृदय से करते हैं।श्रद्धालुओं व बाबा के भक्तों के लगन व उत्साह में कोई कमी नहीं होती।

    वहीँ लोग कहावत भी कहते हैं की मन सच्चा तो कठौती में ही गंगा।यदि मन,आत्मा व दिल पाक हो तो भगवान के प्रति कभी स्नेह में कोई कमी नहीं आती।लोग चबूतरे पर ही स्थापित शिव लिंग की पूजन अर्चना कर मन्नत पूरी होने की कामना सच्चे दिल से करते हैं।

    आज जो “घटना” घटी,उसे जानकर कोई भी हैरान व दंग रह जाएगा

    इतना बड़ा “कुकृत्य” कर दिया गया की “शिव लिंग” को ही उखाड़ फेंक दिया गया।

    आइए,आपको “विस्तार” पूर्वक बताएं

    कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्रामपंचायत-पतीला की ही तो घटना है। पतीला गांव स्थित हनुमान मंदिर के बगल में चबूतरे पर मंगलवार को ही एक “शिव लिंग” स्थापित किया गया था।लेकिन चबूतरे पर नहीं बल्कि रात्रि में शिवलिंग को उखाड़ कर आहर में फेंका हुआ पाया गया।

    आखिर कौन ऐसा कर सकता है “कुकृत्य”,सोचनीय तथ्य

    शिवलिंग को आहर में उखाड़ फेंकने की कुकृत्य तो अराजक तत्वों के द्वारा ही कहा जा सकता है।वहीँ स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसी कुकृत्य हरिजनों का ही हो सकता है।ऐसी घटना को लेकर तनाव का तो माहौल बना हुआ ही है।साथ हीं लोगों में काफी आक्रोश भी दिख रहा है।

    आखिर आक्रोश भी क्यों न हो ?

    जिसने भी ऐसा कुकृत्य किया है,किसी भी कोण से उसने ठीक नहीं किया है।

    ग्रामीणों को जब इस घटना की जानकारी मिली की चबूतरे पर स्थापित शिव लिंग को आहर में फेंक दिया गया है तो आक्रोश के साथ आहर के पास सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।