Category: state-news

  • छठ व्रतियों ने भगवान भाष्कर को दिया अर्घ्य

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    रिपोर्टर – विवेक चौबे

    कांडी- गढ़वा जिला में कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल पर छठ व्रतियों की उमड़ी भीड़। दृश्य देखने योग्य था । बताते चलें कि छोटी छठ यानी खढ़ना के अवसर पर सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल में तकरीबन 45 से 50 हजार व्रतियों की भीड़ देखने को मिली। इस मौके पर व्रतियों के द्वारा छठ माई की गीत गाई।

    छठ माई की गीत से मेला क्षेत्र गूँजमान रहा।श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ सतबहिनी का और भी अधिक शोभा बढ़ा रहे थे।

    श्रद्धालुओं ने शाम के समय भगवान भाष्कर को दिया अर्घ्य्य। बताते चलें कि सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल सालों भर झर झर झरते झरना के कारण अति प्रसिद्ध व सौन्दर्यवान स्थल है।झारखण्ड राज्य के सभी जिलों के साथ साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु छठ पर्व करने के लिए पहुंचते हैं। इसी प्रकार ग्राम-भिलमा में प्रखण्ड प्रमुख- नीतू पाण्डेय के साथ साथ सैकड़ों महिलाओं ने सूर्य को अधर्य दिया। प्रमुख पति-पिंकू पाण्डेय ने जानकारी देते हुए कहा कि इस पर्व के अवसर पर प्रखण्ड में चहुं ओर प्रसन्नता दिख रही है।

    हर्षोल्लास के साथ आस्था का महा पर्व छठ में व्रत किया जा रहा है। छठ पर्व ही नहीं महापर्व है , इस पर्व में लोग लगभग 36 घंटे उपवास रखते हैं। इसी प्रकार पुरे प्रखंड छेत्र के साथ घटहुआँ कला सहित अन्य पंचायतों,गांव में सूर्य को अर्घ्य दिया गया।

  • Video : बीजेपी उम्मीदवार ने क्यों छुए कांग्रेस प्रत्याशी के पैर, जानें हैरान करने वाली वजह

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    रायपुर. आमतौर पर चुनावी मैदान में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों में एक- दूसरे के साथ 36 का आंकड़ा होता है, ऐसे में एक उम्मीदवार का दूसरे उम्मीदवार के पैर छूना  दरअसल दोनों ही उम्मीदवारों के बीच आपसी रिश्ता गुरु और चेले का था. यह विधानसभा सीट इसलिए चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इस पर गुरु और चेले के बीच कांटेदार मुकाबला है. गुरु पिछली बार बीजेपी प्रत्याशी से हार गए थे लिहाजा इस बार वो चुनावी प्रचार में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं. लेकिन बीजेपी भी उतनी ही चालाक निकली और इस बार उसने अपनी इस सीट के मौजूदा विधायक को टिकट ना देकर ‘गुरु’ के खिलाफ उनके चहेते ‘चेले’ को मैदान में उतार दिया, जिसके चलते मुकाबला दिलचस्प हो गया.

    शुक्रवार को सतनामी समुदाय के धर्म गुरु रुद्र कुमार अपने दलबल के साथ चुनावी प्रचार पर थे. स्थानीय बस स्टैंड के करीब स्थित मुख्य मार्ग पर वो लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे. इस दौरान दूसरी ओर से बीजेपी प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे भी बीजेपी के प्रचार में जुटे हुए थे. वो गुरुगद्दी के प्रति हमेशा निष्ठावान रहे हैं. उन्होंने जैसे ही गुरु रुद्र कुमार को देखा, वैसे ही उनकी ओर बढ़कर उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया.

    सांवलाराम डाहरे ने अपने गुरु से यह भी निवेदन किया कि उन्हें जीतने का आशीर्वाद दें. गुरु भी अपने चेले के इस निवेदन को टाल नहीं पाए. उन्होंने सांवलाराम डाहरे के सिर पर हाथ रखते हुए ‘विजयी हो’ का आशीर्वाद दिया. मौके पर दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं के अलावा कई स्थानीय लोग भी मौजूद थे. जिन्होंने भी गुरु और चेले के इस मिलन को देखा वो अभिभूत हो गए.

  • BJP विधायक का महिलाओं को नोट बांटते Video Viral

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    देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव से पहले मसूरी विधायक गणेश जोशी का नोट बांटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वे महिलाओं को रुपये देते दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रिटर्निंग ऑफिसर ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। विधायक की ओर से नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। ये वीडियो छठ पूजा के दौरान का है।

    मसूरी से भाजपा विधायक गणेश जोशी अक्सर चर्चाओं में रहने वाले इस बार निकाय चुनाव के दौरान महिलाओं को नोट बांटते वीडियो वायरल होने से चर्चाओं में आ गए हैं। यह वीडियो फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छठ पूजा के एक कार्यक्रम में विधायक जोशी तिलक लगाने के बाद महिलाओं को एक-एक कर हाथों में रखे नोट बांट रहे हैं।

    विधायक का यह वीडियो वायरल हुआ तो राज्य निर्वाचन आयोग ने इसका आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में संज्ञान लेकर देहरादून के जिला निर्वाचन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन के निर्देश पर राजपुर क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर ने विधायक को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।

    विधायक गणेश जोशी ने बताया कि छठ पूजा पर जब बहनें तिलक लगाती हैं, तो भाई पैसा देता है। यह परंपरा सदियों से चल रही है। इसको चुनाव आचार संहिता से जोड़ना गलत है। इस मामले में जो भी जांच होगी, मैं उसके लिए तैयार हूं।

    भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि मसूरी विधायक गणेश जोशी हिंदू रीति के अनुरूप छठ पर्व पर शगुन की परंपरा को निभा रहे थे। इसे कांग्रेसी और कुछ अन्य लोग चुनाव में पैसे बांटने से जोड़ रहे हैं, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हिंदू रीति के अनुसार, छठ पर्व में महिलाएं अपने भाई को तिलक लगाती हैं तो भाई उन्हें दक्षिणा देते हैं।

    यह परंपरा पूर्व क्षेत्र में ठीक उसी प्रकार प्रचलित व लोकप्रिय है, जैसे रक्षाबंधन पर्व पर बहन द्वारा भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के बाद भाई द्वारा बहन को दक्षिणा स्वरुप भेंट दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र रीति के निभाए जाने को गलत रूप देने का प्रयास कर रहे लोगों को नैतिकता के आधार पर माफी मांगनी चाहिए।

  • सुंडिपुर छठ घाट पर आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया

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    रिपोर्टर – विवेक चौबे

    कांडी- प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्रामपंचायत-सुंडीपुर में आर्केस्ट्रा का आयोजन छठ महापर्व के अवसर पर किया गया है। बताते चलें कि इस अवसर पर सत्यनारायण ठाकुर व मुखिया प्रतिनिधि-नीरज सिंह ने फीता काट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। व्रतियों व दर्शकों को संबोधित करते हुए कि छठ पर्व ही नहीं बल्कि महापर्व है।

    वहीं कलाकार डाईरेक्टर -राजू रंगीला,वीडियोग्राफर-धर्मेन्द्र चौधरी,गीतकार-उपेंद्र बादल, रवि राजा सहित अन्य कलाकार शामिल रहे।बता दें कि यह आर्केस्ट्रा प्रोग्राम के लिए निश्चित स्थान-छठ घाट सुंडिपुर,कोयल नदि के किनारे पर रखा गया ।आर्केस्ट्रा का लुफ्त रात भर लोगों ने उठाया।

  • MP विधानसभा चुनाव: BJP के पूर्व मंत्री सहित 60 से अधिक नेता पार्टी से निष्कासित

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    मप्र विधानसभा चुनाव के लिए नामवापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी पार्टी लाइन को नहीं मानने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लगभग पांच दर्जन नेताओं को प्रदेश संगठन ने छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया. बीजेपी  के सूत्रों के अनुसार  कल नामवापसी के  अंतिम दिन पार्टी ऐसे नेताओं को पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ने के लिए मना रही थी, जिन्होंने किसी अन्य दल के टिकट पर या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकनपत्र दाखिल किया है. लगभग 13  नेताओं ने नाम वापस ले लिया, लेकिन 60 से अधिक  नेता नहीं माने.

    सूत्रों के अनुसार कल देर रात प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की मौजूदगी में हुई  वरिष्ठ नेताओं की बैठक में बगावती तेवर दिखाने वाले ऐसे सभी नेताओं को 6  वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया. इनमें मुख्य रूप से दमोह और पथरिया से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में डटे रहने वाले पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया, गुना जिले के बामोरा से पूर्व मंत्री के एल अग्रवाल शामिल हैं. वहीं कांग्रेस ने झाबुआ जिले में जेवियर मेड़ा और एक अन्य नेता को निष्कासित किया है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि शेष स्थानों पर पार्टी प्रत्याशी मान गए हैं या फिर वे निर्दलीय नहीं होकर अन्य दलों के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए वे स्वत: ही पार्टी से निष्कासित हो गए हैं.

    राज्य में सभी 230 सीटों के लिए नामांकनपत्र दाखिले का कार्य 02 नवंबर को शुरू हुआ था और 09 नवंबर तक 4157 प्रत्याशियों की ओर से नामांकनपत्र दाखिल किए गए. नाम वापसी के अंतिम दिन बुधवार को 556 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए और अब लगभग 2900 प्रत्याशी मैदान में हैं. शेष लगभग सात सौ प्रत्याशियों के नामांकनपत्र जांच के दौरान तकनीकी खामियों के कारण निरस्त कर दिए गए थे.

    राज्य में अब भाजपा और कांग्रेस समेत विभिन्न दलों का चुनाव प्रचार अभियान तेज पकड़ रहा है. सभी 230 सीटों पर एक ही चरण में 28 नवंबर को मतदान होगा और 11 दिसंबर को नतीजे आएंगे. भाजपा ने सभी 230 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने जतारा सीट लोकतांत्रिक जनता दल को गठबंधन के तहत छोड़कर शेष 229 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं. भाजपा लगातार चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में है, तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में फिर से सत्ता हासिल करने के प्रयास में जुटी है.

  • यहां एक क्लब के मेडिकल बॉक्स में मिली 10 कटी हुई मानव हथेलियां , जांच में जुटी पुलिस

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    भुवनेश्वर। ओडिशा के जाजपुर में पुलिस ने रविवार को 10 कटी हुई इंसानी हथेलियां बरामद की हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मानव अंग के ये अवशेष एक क्लब के मेडिकल बॉक्स में सुरक्षित रखे गए थे. जांच टीम को शक है कि ये हाथ 2006 में हुई एक फायरिंग में मारे गए आदिवासी समुदाय के लोगों के हैं।

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मानव अंग के ये अवशेष एक क्लब के मेडिकल बॉक्स में सुरक्षित रखे गए थे. जांच टीम को शक है कि ये हाथ 2006 में हुई एक फायरिंग में मारे गए आदिवासी समुदाय के लोगों के हैं।

    जनवरी 2006 में कलिंगा नगर में बनने वाले एक स्टील प्लांट को लेकर सरकार आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण कर रही थी. आदिवासी समुदाय ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे।

    जाजपुर के सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस सीएस मीणा ने जानकारी दी कि पुलिस ने क्लब के मेडिकल बॉक्स से 10 कटी हथेलियां (पांच जोड़े) बरामद की हैं. पहली नजर में ये हथेलियां पुरुषों की लग रही हैं। इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है. मामले में अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है. बता दें कि 2006 में हुई फायरिंग में जिन 13 लोगों की मौत हुई थी, उनमें से पांच लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाई. पुलिस को शक है कि ये कटे हाथ इन्हीं पांच लोगों के हैं, जो फायरिंग में मारे गए थे। (पीटीआईइनपुट)

  • कांग्रेस के पास ना तो नेता है ना ही नेतृत्व क्षमता : CM योगी आदित्यनाथ

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    धार. MP में विधानसभा चुनाव को लेकर अब कुछ ही दिन बचे हैं. जिसके चलते सभी पार्टियों के स्टार प्रचारक मैदान में उतर चुके हैं. इसी बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार में एक सभा को संबोधित किया. जहां उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश को 15 सालों में बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने का एवं प्रदेश में 24 घंटे बिजली देने का काम भाजपा की शिवराज सरकार ने किया है.

    धार के बदनावर में योगी ने कहा कि राहुल गांधी अपने को हिंदू दिखाने के चाहे जितने प्रयास कर लें, लेकि न असलियत जनता के सामने आ ही जाती है. कांग्रेस ने हिंदू समाज को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ा और अब हिंदुत्व को अपनाने की बात कर रही है. राहुल के कथित सॉफ्ट हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले देश का विभाजन कि या और समाज को बांटती रही. पहले जब भी हिंदुओं के त्योहार आते थे तो भय और दहशत का माहौल बन जाता था, लेकि न भाजपा के राज में कहीं कोई दंगा-फसाद नहीं हुआ.

    खंडवा के नगर निगम तिराहे पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए योगी ने कहा कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस एक भी चुनाव नहीं जीती. उन्होंने उत्तरप्रदेश में अपने कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि हमने राम जन्मभूमि का नाम अयोध्या और जहां कुंभ लगता है उसका नाम प्रयागराज कर दिया. प्रदेश के सारे अवैध बूचड़खाने बंद करवा दिए.

    भाषण के दौरान उन्होंने खंडवा के माखनलाल चतुर्वेदी को याद कर ‘पुष्प की अभिलाषा” की पंक्ति दोहराई. योगी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद की जननी बताया. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सबसे अधिक कार्यकर्ता मध्यप्रदेश से ही गए थे.

  • दो दिसम्बर को माननीय- हेमंत शोरेन का होगा आगमन : पिंकू

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    रिपोर्टर – विवेक चौबे

    कांडी- प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत स्थित शोणभद्र आदर्श इंटर महाविद्यालय के खेल के मैदान में माननीय पुर्व मुख्य मंत्री- हेमंत शोरेन का आगमन दिनांक 2/12/208 दिन रविवार को होने जा रहा है। उक्त विषय की जानकारी देते हुए कांडी प्रमुख प्रतिनिधि-सत्येंद्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पाण्डेय ने बताया कि भारी से भारी संख्या में लगभग 25 से 30 हजार तक जनता उपस्थित होंगे।

    साथ ही पिंकू पाण्डेय ने आम ग्रामीण जनता से 2/12/2018 को भारी से भारी संख्या में उपस्थित होने को अपील किया है।साथ ही कहा है कि क्षेत्र में हर समस्या को आप हेमंत सोरेन से बता सकते हैं। माननीय के साथ-साथ मिथलेश ठाकुर,कन्हैया चौबे,जिला अध्यक्ष-तनवीर आलम एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

  • कांग्रेस और बीजेपी में बगावत की आग, पूर्व मंत्री नागर, MLA वर्मा व हुड़ला भी हुए बागी।

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    जयपुर. टिकट वितरण के बीच कांग्रेस व बीजेपी में भड़क रही बगावत आग की तरह लगातार फैलती जा रही है. बड़े दिग्गजों के दल बदलने या फिर बागी हो जाने के इस दौर में तीन बड़े नाम और इस सूची में जुड़ गए हैं. कांग्रेस में जहां पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर ने बगावत कर दी है, वहीं बीजेपी में सिकराय विधायक गीता वर्मा ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है. वे भी निर्दलीय मैदान में उतरेंगी. बीजेपी विधायक संसदीय सचिव ओमप्रकाश हुड़ला ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा की है.

    पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर दूदू से टिकट की मांग कर रहे थे. नागर ने इसके लिए भरपूर प्रयास किए. लेकिन शनिवार को टिकट कट जाने से खफा हुए नागर ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी. कांग्रेस ने अपनी दूसरी सूची में दूदू से रितेश बैरवा को टिकट दिया है. नागर ने कहा कि कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के चलते उन्हें उनकी मां (पार्टी) से दूर करने का प्रयास किया है. टिकट वितरण में धांधली की गई है.

    Big Fight: कांग्रेस ने खेला बड़ा ‘गेम’, सीएम राजे के सामने उतारा मानेवन्द्र सिंह को गीता वर्मा ने थामा भारत वाहिनी पार्टी का दामन
    दौसा जिले के सिकराय से बीजेपी विधायक गीता वर्मा ने भी टिकट कटने से खफा होकर बगावत कर दी है. गीता ने भारत वाहिनी पार्टी का दामन थाम लिया है. वे भारत वाहिनी पार्टी से चुनाव लड़ेंगी. गीता वर्मा ने पिछला चुनाव राजपा की टिकट पर लड़ा था. बाद में पिछले दिनों डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के साथ बीजेपी ज्वॉइन की थी.

    संसदीय सचिव हुड़ला ने भी की बगावत

    दौसा के ही महुवा से विधायक संसदीय सचिव ओमप्रकाश हुड़ला भी टिकट कट जाने से नाराज हो गए. उन्होंने ट्वीट कर रविवार को पार्टी छोड़ने की घोषणा की. हुड़ला के महुवा से निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि उन्होंने अभी तक इसकी घोषणा नहीं की है.

  • जम्मू-कश्मीर : राज्यपाल ने भंग की विधानसभा , सरकार बनाने की संभावनाओं को लगा झटका

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    जम्मू. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि यह पूरा घटनाक्रम निराश करने वाला है. मुफ्ती ने कहा कि राज्यपाल को पहले सरकार बनाने की संभावनाओं पर गौर करना चाहिए था. आदर्श स्थिति यह होती कि वह सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते. उन्होंने आगे कहा कि अगर सज्जाद लोन अपने साथ 18 विधायकों के होने का दावा कर रहे हैं तो इसका मतलब खरीद-फरोख्त हो रही है. हम आगे की संभावनाओं को तलाशेंगे. एक लोकतंत्र में ऐसे फैसलों की उम्मीद नहीं की जा सकती है. वहीं, कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस घटनाक्रम पर कहा है कि बीजेपी नहीं चाहती है कि उसके अलावा कोई और सरकार बनाए.

    उन्होंने आगे कहा कि अब राज्य में तीन से चार महीनों में चुनाव हो जाने चाहिए, क्योंकि हम नहीं चाहते कि वहां पर राज्यपाल शासन लागू रहे. उन्होंने कहा कि बीजेपी का तानाशाही रवैया एक बार फिर से सबके सामने आ गया है. आजाद ने कहा कि अभी पार्टियों में बात भी नहीं हुई थी और विधायकों की बैठक बुलाई गई थी लेकिन बीजेपी नहीं चाहती जम्मू कश्मीर में कोई सरकार बने. गुलाम नबी आजाद ने इस बात को स्वीकारा कि 23 नवंबर को वहां कांग्रेस के विधायकों की बैठक होने वाली थी जिसमें हम सरकार बनाने की संभावनाओं पर विचार करने वाले थे क्योंकि तीन चार महीनों से ऐसी बातें चल रही थी कि वहां पर सरकार बनाने की संभावनाओं को टटोला जाए.

    लेकिन पेंच यहां फंस रहा था कि इस तरह के हालात में ना तो कांग्रेस का कोई नेता मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार था ना ही नेशनल कॉन्फ्रेंस से कोई मुख्यमंत्री बनने के लिए राजी हो रहा था और ना ही पीडीपी अपना मुख्यमंत्री वहां चाह रही थी. इसमें वहां सरकार बनना संभव नहीं हो पा रहा था. हां रिबेल जरूर वहां चाह रहे थे कि सरकार बने. बीजेपी को जैसे ही पता चला कि सरकार बनने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है उन्होंने आनन-फानन में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया.