Category: state-news

  • इस अखबार का मालिक है बिहार सेक्स स्केंडल कांड का सरगना, नेता अधिकारी और पुलिस उसकी करते थे दरबारी, पढ़े पूरी स्टोरी

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    पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के शेलटर हाउस में नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुषकर्म मामले की आवाज संसद तक पहुंच गई. कांग्रेस सांसद ने इस मुद्दे की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने लोकसभा में इसे सीबीआई जांच की मांग की है. जिसपर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार सीबीआई मांग की सिफारिश करती है तो इसपर विचार किया जाएगा।

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    मुजफ्फरपुर बालिका गृह का संचालक और रेप का आरोपित ब्रजेश ठाकुर प्रातः कमल अखबार के तीन एडिसन का मालिक है. साथ ही वह दो बार विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है और मुख्यमंत्री के साथ साथ उपमुख्यमंत्री ने भी इस दरिंदे के लिए चुनाव प्रचार किया. ठाकुर का रसूख ऐसा है कि नेता अधिकारी और पुलिस उसकी दरबारी करते थे. तभी तो बालिका गृह के बारे में नकारात्मक रिपोर्ट आने के बाद भी समाज कल्याण विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मुजफ्फरपुर शहर का एक ऐसा नाम जिसका रुतबा पूरे शहर में था. प्रातः कमल अखबार के तीन एडिसन का मालिक है. पुलिस और अधिकारी अखबार के ठसक से शांत रहते थे. अधिकारियों के बीच ठसक ऐसी थी कि 2013 में सभी नियम कानून को ताक में रखकर अपने प्राइवेट मकान में सरकारी बालिका गृह खोल दिया. नेताओं के बीच जान पहचान ऐसी थी कि ब्रजेश ठाकुर हमेशा या तो मुख्यमंत्री या फिर उपमुख्यमंत्री के चैम्बर में बैठा रहता था. ब्रजेश भले ही 1995 और 2000 में विधानसभा का चुनाव एक दूसरे क्षेत्रीय पार्टी से लड़ा हो, लेकिन उसके प्रचार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी हिस्सा लिया।

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    ब्रजेश ठाकुर के प्राइवेट मकान में सरकारी बालिका गृह पिछले पांच सालों से चल रहा था जबकि सरकारी नियम के अनुसार यह नियम नहीं है. हर महीने समाज कल्याण विभाग के तरफ से जांच होती थी. कई बार विभाग ने नकारात्मक रिपोर्ट दी, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नही। मुजफ्फरपुर मामले में सरकार बैकफुट पर है. भले ही सरकार की तरफ से ही जांच की गई और उसके बाद मामला उजागर हुआ, लेकिन अब सरकार सीबीआई जांच से भाग रही है. सरकार की माने तो वह हर तरह की जांच और कार्रवाई कर रही है. सत्ता रूढ़ नेताओं से सम्बद्ध के बारे में सरकार का कहना है कि ब्रजेश का किसी पार्टी से कोई सम्बंध नहीं था, लेकिन राजभल्लभ यादव राजद के विधायक थे जिनपर बलात्कार का आरोप लगा है. बिहार में सुशासन की सरकार है जो ना किसी को बचाती है और ना ही किसी को फंसाती है।

    मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में लडकियों के शोषण की कहानी2013 में ही शुरू हो गई थी जब इसकी शुरुवात हुई थी. अल्पावास गृह में रह रही एक लड़की गर्भवती हो गई थी और तब हंगामे के बाद थाने में नाईट गार्ड और अधीक्षक के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था लेकिन कोई कारवाई नहीं हुई. ताजा मामले में भी कुछ यही हो रहा है इसे ब्रजेश ठाकुर का रसूख ही कहेंगे की गिरफ्तारी के एक महीने के बाद भी पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं कर सकी है।

    इस अल्पावास गृह में 2013 में भी ऐसी घटनाये हो चुकी है । मली जानकारी के अनुसार बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में बच्चियों की सुरक्षा और अस्मत पर गिद्दों की नजर वर्ष 2013 में ही पड़ गई थी. वर्ष 2013 में भी यहां की बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बहुत हंगामा हुआ था. दरअसल मामले का खुलासा तब हुआ जब यहां की एक लड़की गर्भवती हो गई थी. मामला सामने आने के बाद जमकर बवाल हुआ और तब लड़की का आरोप था कि पैसा लेकर उसे बाहर भेजा जाता है. मामले ने जब जोड़ पकड़ लिया तो बाल संरक्षण आयोग का छापा भी पड़ा था।

    महिला थाने में कांड संख्या 23ध्13 के तौर पर दर्ज किया गया. लेकिन सत्ता के गलियारों तक पहुच ,पैसा पैरवी और स्थानीय प्रशासन पर पकड़ की बदौलत मामले के असली गुनहगार साफ साफ बच गये और दो नाइट गार्ड समेत तात्कालिक अधीक्षक पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच के नाम पर मामले को भुला दिया. वही, दोनों गार्ड और अधीक्षक पर अब भी मामला कोर्ट में चल रहा है।

    इससे पहले नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म मामले को लेकर राजद ने आवाज उठाई है. राजद नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शेल्टर हाउस रेप प्रकरण को लेकर राज्य सरकार पर घटना में शामिल नेताओं और अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया है. राजद नेता ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर शेल्टर हाउस में खुदाई शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहाता है कि इस मामले की सीबीआई हाईकोर्ट मोनिटर जांच करें।

    बहरहाल, बिहार सरकार ने कल विधानसभा में स्वीकार कर लिया कि 29 बालिकाओं के साथ दुष्कर्म हुआ है। सरकार की तरफ से मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बालिका गृह को ब्रजेश ठाकुर की संस्था सेवा संकल्प एवं विकास समिति को 24 अक्टूबर 2013 में दी गई थी। सरकार ने जून 2017 में टीम को सोशल आडिटिंग की जिम्मेवारी सौंपी थी जिसकी रिपोर्ट 27 अप्रैल इस वर्ष मिली। रिपोर्ट में यौन शोषण का उल्लेख था। अब सवाल उठता है कि आखिर केस दर्ज करने में एक महीना 3 दिन क्यों लग गया? बालिका गृह के रख रखाव और देख रेख के लिए सरकारी स्तर कम से कम आधा दर्जन यूनिट हैं। मसलन असिसटेंट डाईरेक्टर, चाईल्ड प्रोटेक्शन तथा इनके अंडर में दो चाईल्ड प्रोटेक्शन आफिसर होते हैं। किसी के खिलाफ सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। क्यों?

  • थानेदार से है महिला सिपाहियों को इज्जत आबरू का खतरा, एसपी से लगायी न्याय की गुहार

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    कटिहार. बिहार में कटिहार के डंडखोरा थाने में पदस्थापित महिला पुलिस बलों ने थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत जांच के आदेश दे दिये हैं. डंडखाेरा थानाध्यक्ष पर महिला बलों ने आरोप लगाया है कि वे खुलकर बात करने को कहते हैं. ऐसे में इज्जत आबरू पर बन आयी है. महिला सिपाही दहशत के साये में ड्यूटी करने को विवश हैं. पीड़ित महिला जवानों ने एसपी से अपनी इज्जत आबरू बचाने की शिकायत की है. पीड़ित सिपाही का लिखित आवेदन सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है.

    सनद हो कि राज्य सरकार ने सूबे में महिला पुलिस बलों की कमियों को दूर करने के लिए महिला जवान की बहाली की है. अब ये ही अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. पीड़िता तीनों महिला जवानों की ओर से एसपी को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि वे थानाध्यक्ष रामचंद्र मंडल के नेतृत्व में थाना के आगे चेकिंग पोस्ट पर चेकिंग कार्य में लगी थी. इसी दौरान थानाध्यक्ष ने उनसे कहा कि हम थाना के बड़ा बाबू हैं. हमसे तुमलोग खुलकर बातें क्यों नहीं करती हो. मुझसे खुलकर बात करोगी तो फायदे में रहोगी.

    उन्होंने यह भी कहा कि बिहार महिला पुलिस बल में तुम लोगों के साथ क्या-क्या होता है. यह बात मुझसे छिपी नहीं है. इसलिए खुलकर सामने आओ. अन्यथा तुम लोगों के विरुद्ध कोई आरोप लगाकर तुम्हारे बारे में रिपोर्ट कर निलंबित कर देंगे. तीनों थानाध्यक्ष की बात से डरी सहमी हैं. साथ ही पीड़ित सिपाहियों ने यह भी कहा है कि कहीं उनकी इज्जत आबरू पर कोई ठेस न लग जाये.

    एसपी विकास कुमार ने कहा कि आरोप गंभीर है. शिकायत मिलने के साथ ही मामले के जांच के आदेश नगर अंचल ब के इंस्पेक्टर को दे दिया है. जांच में यदि आरोप सत्य पाया जाता है तो कार्रवाई होगी.

  • कॉलेज के रंगीले प्रोफ़ेसर ने छात्रा से फर्स्ट डिवीज़न पास करने के लिए कहा वो बातें …..

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    बिहार के गया कॉलेज के एक प्रोफेसर इन दिनों खूब चर्चाओं में है. जनाब अंग्रेजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर हैं. लड़कियों पर इनकी खास इनायत के किस्से काफी चर्चेओं में हैं. दरअसल, गया कॉलेज गया के प्रोफेसर बकार अहमद ने पीजी फोर्थ सेमेस्टर (अंग्रेजी) में पढ़ने वाली एक छात्रा को उसके प्रोजेक्ट में मदद करने के बहाने फोन किया और उससे अश्लील बातें कीं. और उसे अच्छे नंबर से पास कराने के नाम पर यौन संबंध बनाने के लिए कहा.

    फोन पर की अश्लील बातें

    प्रोफेसर ने छात्रा को फर्स्ट क्लास मार्क्स के लिए घर पर आकर उनकी तमन्ना पूरी करने के लिए कहा. परेशान होकर छात्रा ने रंगीले प्रोफेसर की शिकायत पुलिस से कर दी और उनका एक ऑडियो पुलिस तक पहुंचा दिया. इस ऑडियो क्लिप में प्रोफेसर साहब ने कबूल किया है कि वो पहले भी लड़कियों की ऐसी मदद कर चुके हैं. जैसे ही यह मामला सामने आया छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया पुलिस को सौंपा ऑडियो क्लिप छात्रा और प्रोफेसर की बातचीत का ऑडियो अब पुलिस के पास है, जिसमें प्रोफेसर को उससे अच्छा नंबर देने की एवज में लिए अश्लील बातें करते हुए सुना जा सकता है. छात्रा ने पुलिस को बताया कि अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर वकार अहमद ने प्रोजेक्ट में मदद करने के नाम पर उससे उसका मोबाइल नंबर लिया था ।

    प्रोफेसर ने छात्रा को दी धमकी पहले भी छात्राओं की खास मदद कर चुके प्रफोसर बकार अहमद साहब कॉन्फीडेंस में थे इसलिए छात्रा का नंबर लेने के बाद वो फिर से अपने कैरेक्टर में आ गए और नंबर बढ़ाने की एवज में छात्रा को अकेले में घर पर बुलाने लगे. अश्लील बातें करने लगे, जबकि उसने प्रोफेसर को फोन पर ही बताया कि आपकी बातचीत फोन में रिकॉर्ड कर रही हूं. इसकी शिकायत थाने में करूंगी. छात्रा ने बताया कि प्रोफेसर ने उसकी लाइफ बर्बाद करने की भी धमकी दी.

  • 2 साल की सजा मिलने के बाद हार्दिक पटेल ने BJP पर साधा निशाना, हार्दिक बोले – भाजपा की ‘हिटलरशाही’ मुझे नहीं रोक सकती

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    नई दिल्ली : युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की मुश्किलों में लगातार इजाफ़ा हो रहा है. आए दिन हार्दिक रैलियों और भाषणों के दौरान कई प्रकार के बुरे बर्ताव से गुजरते रहते है. अब उन पर विसनगर कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें 2 साल जेल की सजा सुनाई है. यहां उनके साथ ही उनके चाहने वालों के लिए भी एक बहुत बड़ा झटका है. हार्दिक पटेल के अलावा कोर्ट ने 3 अन्य लोगों को भी इस ममले में सजा सुनाई है.

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    पाटीदार नेता हार्दिक पटेल

    अदालत के फैसले के तुरंत बाद हार्दिक ने ट्वीट किया कि सामाजिक न्याय और सामाजिक अधिकार के लिए लडऩा अगर गुनाह हैं तो हां मैं गुनहगार हूं। सत्य और अधिकार की लड़ाई लडऩे वाला अगर बागी है तो हां मैं बागी हूं। सलाखों के पीछे सत्य, किसान, युवा और गरीबों के लिए लडऩे वाली मेरी आवाज को भाजपा की हिटलरशाही सत्ता नहीं दबा सकती।

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    पाटीदार नेता हार्दिक पटेल

    पाटीदार नेता ने कहा कि वह अदालत द्वारा सजा सुनाये जाने से भयभीत नहीं हैं क्योंकि वह पहले ही सर पर कफन बांध चुके हैं। सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की अगुवाई कर रहे 25 वर्षीय हार्दिक  पर राजद्रोह सहित कई आरोपों में मामले दर्ज हैं। उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि मेरी फितरत में है जालिमों से मुकाबला करना और हक के लिए लडऩा। जितना दबाओगे उतना ही चुनौती बन के उभरूंगा।

    प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, हार्दिक को 3 साल पुराने मेहसाणा दंगा मामले में सजा सुनाई गई है. उन पर बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप लगे थे. इसमें और भी कई अन्य लोग शामिल थे. जिसमे हार्दिक के साथ 3 और लोगों को दोषी पाया गया है. जबकि इस ममले में 14 लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया है.

    पाटीदार नेता हार्दिक पटेल

    गौरतलब है कि साल 2015 में हार्दिक पटेल द्वारा पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग की गई थी. जहां आरक्षण की मांग मेहसाणा के विषनगर में दंगों में बदल गयी थी. हार्दिक पर आरोप लगे थे कि उन्होंने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोड़फोड़ की थी. जिस पर अब कोर्ट ने फैसला सुनते हुए उन्हें 2 साल जेल की सजा सुनाई है.

  • उग्र भीड़ का पुलिस स्टेशन पर हमला, इंस्पेक्टर और कांस्टेबल जमकर की पिटाई !

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    हैदराबाद । कैमरे में कैद वीडियो के अनुसार, आंध्र प्रदेश में एक चैंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें पुलिस स्टेशन के भीतर ही सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल की पिटाई की गई है। दरअसल, बुधवार शाम नेल्लोर जिले के पुलिस स्टेशन में जमा हुई भीड़ ने वहां के कांस्टेबल और इंस्पेक्टर को जमकर पीटा। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।

    लोगों की भीड़ पुलिस स्टेशन के बंद गेट को जबरन खोल परिसर में घुस गई। भीड़ में काफी नाराजगी व गुस्सा था क्योंकि सब इंस्पेक्टर ने तीन लोगों को रापुरु पुलिस स्टेशन पूछताछ के लिए बुलाया था और उन्हें पीटा था। नेल्लौर पुलिस थाना में स्थानीय व्यक्ति को नशे में ड्राइविंग के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद देर शाम इन लोगों ने पुलिस थाने पर हमला कर दिया। इस हमले में चार जवान घायल हैं। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि लक्ष्मण राव ने पिच्चाईयाह, लक्ष्मम्मा और कनकम्मा को रवि की शिकायत पर बुलाया था। उसने उन सबको पीटा। जिसके बाद उनके परिजन और स्थानीय लोग पुलिस स्टेशन गए और गुस्से में सब-इंस्पेक्टर को पीट दिया।

    डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस राम बाबू ने स्थानीय रिपोर्टरों से बताया, ‘भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला किया और सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण राव को खींचकर बाहर ले गए और उनकी पिटाई की। सब इंस्पेक्टर के सिर पर चोट है वहीं 3 कांस्टेबल भी जख्मी हैं। इन्हें अस्पताल भेजा गया है।‘ उन्होंने आगे बताया कि हम इस मामले की जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि इस पूरी घटना के लिए जिम्मेवार कौन है। दोषी को दंडित किया जाएगा।

  • उम्र 33 वर्ष की 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोवर, अरबों की मालकिन,जानिये कौन ये !

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    नई दिल्ली। संत निरंकारी मिशन की आध्यात्मिक प्रमुख रहीं माता सविंदर हरदेव (61) का रविवार शाम 5. 05 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं। उन्होंने छोटी बेटी सुदीक्षा को संत निरंकारी मिशन के प्रमुख के पद पर आसीन किया था।अरबों रुपये की संपत्ति वाले संत निरंकारी मिशन की कमान संभालना सुदीक्षा के लिए किसी बड़ी चुनौती की तरह ही होगा, क्योंकि वर्तमान में दुनिया भर में मिशन के एक करोड़ से ज्यादा भक्त हैं। दुनिया भर के 27 देशों में निरंकारी मिशन है और इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।

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    बताया जा रहा है कि विदेशों में मिशन के 100 से ज्यादा केंद्र हैं। भारत में भी करीब हर राज्यों में लाखों की संख्या में उनके अनुयायी हैं। जुलाई महीने में ही निरंकारी मिशन के पूर्व सतगुरु स्वर्गीय बाबा हरदेव सिंह की छोटी बेटी सुदीक्षा को गया सद्गुरु बनाया गया था। बुराड़ी के समागम मैदान में माता सविंदर हरदेव सिंह ने तिलक लगा कर इस बात की औपचारिक घोषणा की थी। निरंकारी मिशन के प्रेस इंचार्ज कृपा सागर ने बताया था कि मिशन में दोनों बड़ी बहनों को कोई जगह नहीं मिली। बताया जाता है कि सुदीक्षा को साल 2016 में पिता हरदेव की मृत्यु के बाद ही गद्दी मिलने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका था।

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    सुदीक्षा का जन्म 13 अप्रैल, 1985 को दिल्ली में हुआ और 2006 में एमिटी यूनिवर्सिटी से मोनो चिकित्सा में स्नातक करने के बाद 2010 मिशन के लिए विदेश का काम देखने लगीं। सुदीक्षा की शादी दो जून 2015 को दिल्ली में पंचकूला निवासी अवनीत से हुई थी। 33 वर्षीय सुदीक्षा के पति अवनीश सेतिया की भी कनाडा में बाबा हरदेव सिंह के साथ सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। बाबा हरदेव सिंह का कोई पुत्र नहीं है, उनकी तीन पुत्रियां है, जिनमें सुदीक्षा सबसे छोटी है। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज की मृत्यु के बाद वह मिशन की आध्यात्मिक प्रमुख रहीं। उनकी तीन बेटियां हैं। मिशन के प्रवक्ता कृपा सागर ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए निरंकारी ग्राउंड संख्या आठ में रखा गया है और अंतिम संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट पर बुधवार दोपहर किया जाएगा।

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    संत निरंकारी मिशन की आध्यात्मिक प्रमुख सविंदर हरदेव के निधन की खबर सुनकर उनके अनुयायियों को गहरा सदमा लगा है। निरंकारी कॉलोनी स्थित संत निरंकारी मंडल के मुख्यालय में बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंच रहे हैं। बाबा हरदेव सिंह का जन्म 23 फरवरी, 1954 को दिल्ली में हुआ था। 1980 में पिता की मौत के बाद उन्हें निरंकारी मंडल का मुखिया बनाया गया था। इसके पूर्व वह 1971 में निरंकारी सेवा दल में शामिल हुए थे। 1975 में उन्होंने फर्रुखाबाद की सविंदर कौर से शादी की थी।

    संत निरंकारी मिशन की 1929 में स्थापना हुई थी। इस मिशन की 27 देशों में 100 शाखाएं चल रही हैं। भारत में भी तकरीबन हर राज्यों में लाखों की संख्या में उनके अनुयायी हैं। बाबा हरदेव सिंह को विश्व में मानवता की शांति के लिए कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ भी सम्मानित कर चुका है। निरंकारी मंडल की ओर से बुराड़ी स्थित मैदान में हर साल नवंबर में वार्षिक समागम का आयोजन किया जाता है। इसमें भारत समेत दुनिया भर के लाखों भक्त भाग लेते हैं।

  • Indigo airlines के विमान में ब्लैक कोबरा यात्री के सीने पर आ गिरा, पढ़ें पूरी खबर

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    चंडीगढ़इंडिगो एयरलाइंस के विमान में सफर कर रहे एक व्यक्ति के सीने पर अचानक ब्लैक कोबरा सांप आ गिरा. इसके बाद यात्री के आस-पास अफरा-तफरी का माहौल हो गया. हालांकि, पीड़ित यात्री के शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद पीड़ित यात्री अश्वनी गुप्ता ने इंडिगो को लीगल नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

    दरअसल, संगरूर के कपड़ा व्यापारी अश्ननी गुप्ता ने अपने बेटे नमन गुप्ता के साथ चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मुंबई के लिए इंडिगो एयरलाइंस के विमान में उड़ान भरी. उड़ान भरने के बाद उन्होंने खाना खाया और एक घंटे बाद ब्लैक कोबरा सांप का बच्चा उनके सीने पर आ गिरा. इसके बाद उनके बगल में बैठे मोगा के मुसाफिर नवीन बंसल और नमन गुप्ता ने उनकी मदद की और सांप को झटककर नीचे फेंक दिया. इसके बाद कोबरा रेंगकर सीट के नीचे चला गया.

    घबराए अश्वनी ने कोबरा की फोटो ली और एयर होस्टेस को इस बारे में जानकारी दी, जिसके बाद एयर होस्टेस ने उनसे फोटो अपने फोन में ट्रांसफर किया और विमान के कैप्टन को दिखाने की बात कही. हालांकि, जहाज में डर न फैल जाए इसलिए उन्होंने पीड़ितों को चुप रहने को कहा. इसके बाद डर से सहमे अश्वनी गुप्ता, उनके बेटे नमन गुप्ता और बगल में बैठे नवीन बंसल आगे के सफर में सीट पर पैर समेटकर बैठे रहे.

    हालांकि, पीड़ित को दुख तब हुआ जब मामले पर विमान कर्मचारियों ने किसी प्रकार का एक्शन नहीं लिया. यहां तक कि मांगने के बाद भी उन्हें मेडिकल किट नहीं दी गई. और तो और विमान से उतरने के बाद भी घटना को लेकर कोई सुनवाई नहीं हुई. जिसके बाद इंडिगो के इस व्यवहार के विरोध में गुप्ता ने अपने लीगल एडवाइजर के जरिये इंडिगो को लीगल नोटिस भेजकर मुआवजे की मांग की है.

  • Bihar लोक सेवा : 1255 नियुक्तियां, ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

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    बिहार लोक सेवा आयोग (पीएससी) 64वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा-2018 का आयोजन करने जा रहा है. इसके जरिए विभिन्न विभागों में अलग-अलग सेवाओं के लिए 1255 नियुक्तियां होंगी. हर तरह के आरक्षण का लाभ केवल बिहार के मूल निवासियों को मिलेगा. अन्य राज्यों के सभी वर्गों के अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी में ही आवेदन कर सकेंगे. आयोग ने इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी इन पदों के लिए 20 अगस्त 2018 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. पूर्ण रूप से ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2018 है.

    रिक्तियों का वर्गीकरण (सेवा/ पद के अनुसार)

    – पुलिस उपाधीक्षक, गृह विभाग (आरक्षी शाखा), पद : 40 (अनारक्षित : 2

    – कारधीक्षक, गृह विभाग (कारा), पद : 02 (अनारक्षित : 01)

    – वाणिज्य कर पदाधिकारी, पद : 10 (अनारक्षित : 03)

    – अवर निबंधक/संयुक्त अवर निबंधक, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, पद : 08 (अनारक्षित : 01)

    – अवर निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, पद : 08 (अनारक्षित : 04)

    – नियोजन पदाधिकारी/जिला नियोजन पदाधिकारी, श्रम संसाधन विभाग, पद : 13 (अनारक्षित : 06)

    – जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियां, सहकारिता विभाग, पद : 04

    – सहायक निबंधक, सहयोग समितियां, सहकारिता विभाग, पद : 24 (अनारक्षित : 08)

    – प्रशाखा पदाधिकारी, बिहार विधान सभा, पद : 25 (अनारक्षित : 13)

    – जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पद : 06 (अनारक्षित : 03)

    – बिहार प्रोबेशन सेवा, पद : 34 (अनारक्षित : 17)

    – ईख पदाधिकारी, गन्ना उद्योग विभाग, पद : 02 (अनारक्षित)

    – सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण विभाग, पद : 14 (अनारक्षित : 09)

    – ग्रामीण विकास पदाधिकारी, ग्रामीण विकास विभाग, पद : 21 (अनारक्षित : 13)

    – श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, श्रम संसाधन विभाग, पद : 53 (अनारक्षित : 27)

    – राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पद : 571 (अनारक्षित : 314)

    – आपूर्ति निरीक्षक, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, पद : 223 (अनारक्षित : 110) – प्रखंड अनु. जाति एवं अनु. जनजाति कल्याण पदाधिकारी, पद : 122 (अनारक्षित : 60)

    – प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पद : 75 (अनारक्षित : 38) योग्यता (उपरोक्त सभी के लिए)

    – मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री हो. वेतनमान : 9,300 से 34,800 रुपये. ग्रेड पे पद या सेवा के अनुसार 5,400, 4,800 और 4,200 रुपये मिलेगा. आयु सीमा (पद/ सेवा के अनुसार)

    – बिहार प्रोबेशन सेवा, ग्रामीण विकास पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और प्रखंड अनु. जाति एवं अनु. जनजाति कल्याण पदाधिकारी के लिए न्यूनतम आयु 21 साल है.

    – पुलिस उपाधीक्षक के लिए न्यूनतम आयु 20 साल है.

    – शेष पदों और सेवाओं के लिए न्यूनतम आयु 22 साल है.

    – सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 साल है.

    – बिहार के एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट मिलेगी. यह छूट राज्य की सामान्य वर्ग की महिलाओं, बीसी और ईबीसी उम्मीदवारों के लिए तीन साल होगी.

    – आयु का निर्धारण 01 अगस्त 2018 के आधार पर किया जाएगा. न्यूनतम शारीरिक मापदंड (बिहार पुलिस सेवा) – कद (पुरुष) : 5 फुट 5 इंच – कद (महिला) : 5 फुट 2 इंच

    – कद (बिहार के एससी/ एसटी के लिए) : 5 फुट 3 इंच

    – सीना (सिर्फ पुरुष) : बिना फुलाए 32 इंच – सीना (बिहार के एससी/ एसटी पुरुष के लिए) : बिना फुलाए 31 इंच आवेदन शुल्क

    – बिहार के अनारक्षित/ओबीसी और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए 600 रुपये.

    – बिहार के एससी/एसटी, दिव्यांगों और सभी वगार्ें की महिलाओं के लिए 150 रुपये.

    – शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा. चयन प्रक्रिया योग्य उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा (प्रारंभिक और मुख्य) और व्यक्तित्व परीक्षण के आधार पर किया जाएगा. प्रारंभिक परीक्षा का प्रारूप

    – यह परीक्षा सामान्य अध्ययन विषय की होगी. इसमें सभी प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार के होंगे.

    – प्रश्नपत्र में कुल 150 सवाल दिए जाएंगे. प्रश्नों को हल करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा. प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में होगा.

    – इस परीक्षा में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, भारत का इतिहास और बिहार के इतिहास की प्रमुख विशेषताएं, सामान्य भूगोल, बिहार के प्रमुख भौगोलिक प्रभाग और यहां की महत्वपूर्ण नदियां, भारत की राज्य व्यवस्था और आर्थिक व्यवस्था, आजादी के पश्चात बिहार की अर्थव्यवस्था के प्रमुख परिवर्तन, भारत का राष्ट्रीय आंदोलन और इसमें बिहार का योगदान के अलाव सामान्य मानसिक योग्यता को जांचने वाले प्रश्न पूछे जाएंगे.

    – परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना जाएगा. आवेदन प्रक्रिया

    – ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी करनी होगी. पहले चरण में रजिस्ट्रेशन करना होगा. दूसरे चरण में आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा. तीसरे चरण में आवेदन फॉर्म भरना होगा.

    – सबसे पहले वेबसाइट http://www.bpsc.bih.nic.in/ पर लॉगइन करें. यहां होमपेज पर आपको Important Notice, Advertisement and Instructions for filling Online Application for 64th Combined (Preliminary) Competitive Examination लिंक नजर आएगा. इसमें एडवर्टाइजमेंट विकल्प पर क्लिक करें.

    – ऐसा करने पर पद से संबंधित विज्ञापन खुल जाएगा. इसे ध्यान से पढ़ें और अपनी योग्यता जांच लें. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जानने के लिए Instructions for filling Online Application विकल्प पर क्लिक करें. दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ लें.

    – ऑनलाइन आवेदन के लिए अब होमपेज पर बाईं तरफ मौजूद अप्लाई ऑनलाइन टैब पर क्लिक करें. अब नया वेबपेज खुलगा. यहां दिए गए ‘बीपीएससी ऑनलाइन एप्लिकेशन’ लिंक पर क्लिक करें.

    – इस तरह से ऑनलाइन से संबंधित वेबपेज खुलेगा. यहां आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और लॉगइन टैब नजर आएंगे. सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करें. अब आवेदित पद के सामने मौजूद अप्लाई ऑनलाइन’ बटन पर क्लिक करें.

    – ऐसा करने पर रजिस्ट्रेशन पेज खुल जाएगा. यहां विज्ञापन नंबर जांच लें. फिर मांगी गई व्यक्तिगत जानकारियां दर्ज करें. फिर ओटीपी के जरिए ई-मेल और मोबाइल नंबर को वेरिफाई करें. इसके बाद सब्मिट रजिस्ट्रेशन फॉर्म बटन पर क्लिक करें.

    – अब आवेदक को एक ई-मेल प्राप्त होगा. इसमें आवेदक का यूजर नेम, पासवर्ड और लॉगइन लिंक होगा. इसके बाद यूजर नेम और पासवर्ड की सहायता से ‘लॉगइन’ करें. आवेदन जिस दिन रजिस्ट्रेशन करेगा, उसके अगले दिन सुबह 11 बजे के बाद आवेदन शुल्क भुगतान के लिए ऑनलाइन लिंक उपलब्ध होगा. श्रेणी के अनुसार शुल्क का भुगतान करें.

    – फिर अगले दिन 11 बजे यूजर नेम और पासवर्ड से लॉगइन करें. इससे आवेदन फॉर्म खुल जाएगा. अब यहां शेष जानकारियां दर्ज करें. साथ ही अपनी पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (25 केबी) और सिग्नेचर (15 केबी) स्कैन करके अपलोड करें. ये दोनों फाइल जेपीजी/ जेपीईजी फॉर्मेट में होनी चाहिए.

    – इसके बाद पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन को जांचने के लिए प्रीव्यू बटन पर क्लिक करें. अगर फॉर्म में कुछ सुधार करना है तो कर सकते हैं. सभी जानकारियां सही होने पर अंत में सब्मिट बटन पर क्लिक करें.

    – इसके बाद आवेदक दोबारा लॉगइन कर यह सुनिश्चित कर लें कि डैशबोर्ड से क्लिक फॉर एप्लिकेशन फॉर्म बटन हट गया हो.

    – अब यहां मौजूद डाउनलोड फॉर्म टैब पर क्लिक करें. ऐसा करने पर आपका भरा हुआ फॉर्म डाउनलोड हो जाएगा. इसका प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें. महत्वपूर्ण तारीखें

    – ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख : 20 अगस्त 2018

    – शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि : 24 अगस्त 2018

    – ऑनलाइन आवेदन फॉर्म सब्मिट करने की अंतिम तिथि : 31 अगस्त 2018 अधिक जानकारी यहां

    फोन : 0612-2215795/

    मोबाइल : 9297739013

    शुल्क भुगतान के लिए : 0612-2215102

  • झारखंड: 76 छात्राएं कस्तूरबा विद्यालय से भागी, मचा हड़कंप

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    चाईबासा । पश्चिम सिंहभूम के मझगांव प्रखंड में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 76 छात्राएं बुधवार की अहले सुबह 5.30 बजे विद्यालय से चुपचाप भाग गई हैं। एक साथ 76 लड़कियों के बिना किसी को कुछ बताए निकल जाने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

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    विद्यालय की वार्डन संगीता कुमारी ने लड़कियों के भागने की सूचना मझगांव थाना, बीडीओ और जिला शिक्षा विभाग को दे दी है। पुलिस की मदद से 18 छात्राएं वापस विद्यालय पहुंच गई हैं। शेष छात्राएं अपने-अपने घर चली गई हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग ने मैट्रिक के खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार अनुबंधित शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया है। इसी के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मझगांव के 4 शिक्षक-शिक्षिकाओं को हटाने का नोटिस विद्यालय प्रबंधन को मिला है। छात्राएं संबंधित शिक्षकों के समर्थन में हैं। इस फरमान का विरोध करते हुए छात्राएं अपने अपने घर चली गई हैं।

    विद्यालय लौटी एक छात्रा ने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। लेकिन शिक्षा विभाग ने चार शिक्षक-शिक्षिकाओं को हटाने का आदेश दे दिया। जिसके चलते कई शिक्षकों ने विद्यालय आना बंद कर दिया है। इस वजह से विद्यालय में पढ़ाई नही हो रही है। जब पढ़ाई नहीं हो रही है तो विद्यालय में रहने क्या मतलब है।

    शिक्षा विभाग से दो दिन पूर्व लिखित आवेदन भेजा गया है। इसमें आदेश है कि अनुबंधित शिक्षक शम्स तबरेज, पूनम मौलिक, मंजू बिरुवा व बंजा तेलंगना हो हटाकर नए शिक्षक-शिक्षिकाओं की बहाली की जाए। कुछ शिक्षकों ने विद्यालय उसी दिन से आना बंद कर दिया। बुधवार की सुबह छात्राएं बिना सूचना दिए सुबह 5-30 जब विद्यालय का गेट खुला तो दौड़ते हुए निकलकर भागने लगीं। 11 छात्राओं को वापस विद्यालय किसी प्रकार लाया गया है। सभी दसवीं की छात्राएं हैं। 76 छात्राओं ने भागने का निर्णय सामूहिक तौर पर लिया। सभी छात्राओं को खोजकर वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।