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  • जब केंद्रीय मंत्री ने आदिवासियों को प्रेरित करने के लिए कहा, ‘विजय माल्या जैसे स्मार्ट बनो‘

    हैदराबाद । केंद्र सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने आदिवासियों को प्रेरित करने के लिए देश के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या से प्रेरित होने की सलाह दी है। शुक्रवार को जुएल उरांव एक कार्यक्रम में आदिवासियों को संबोधित करते हुए उन्हें उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जनजातीय लोगों से कहा, सिर्फ हार्ड वर्कर मत बनो, स्मार्ट वर्कर बनो।

    इस दौरान मंत्री जी ने लोगों के प्रेरित करने के लिए भारतीय बैंकों के हजारों करोड़ रुपये लेकर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या का उदाहरण पेश किया। उरांव ने कहा कि विजय माल्या ने गलत कामों में फंसने से पहले अपने बिजनेस को सफल बनाया था। उसकी उस सफलता से प्रेरित होना चाहिए।

    जुएल उरांव हैदराबाद में आयोजित पहली राष्ट्रीय जनजातीय उद्यमी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा, आप विजय माल्या को गाली देते हैं। लेकिन कौन है विजय माल्या? वह एक कुशल (स्मार्ट) व्यक्ति है। उसने कुछ बुद्धिमान लोगों को काम पर रखा और फिर बैंकों, राजनीतिज्ञों, सरकार… को अपने प्रभाव में लिया। ऐसा करने (स्मार्ट बनने से) से आपको कौन रोकता है? आदिवासियों से किसने कहा है कि सिस्टम पर अपना प्रभाव मत दिखाओ। आपको किसने रोका है कि आप बैंकों को प्रभावित मत करो।

    इस सम्मेलन में उन्होंने आदिवासियों को बताया कि अगर आदिवासी होने का कुछ नुकसान है, तो इसके कुछ फायदे भी हैं। जैसे आदिवासियों के लिए शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा है। वे इसका लाभ उठा कर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

    उरांव के मुताबिक, आदिवासी होने का नुकसान यह है कि अगर कोई आदिवासी अपने जीवन में सफल भी होता है, तो उसे वह पहचान नहीं मिलती, जिसका वह हकदार है। उनकी कामयाबी को भी लोग आरक्षण से जोड़कर देखते हैं और इस नजरिए के कारण उनके साथ अलग व्यवहार करते हैं। इसके कारण ज्यादातर आदीवासी खुद के साथ भेदभाव महसूस करते हैं। उरांव ने कहा कि इस कारण कई आदिवासी अपना सरनेम भी छिपाने लगे हैं।

    अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उरांव ने कहा, श्हमें उद्यमी बनना चाहिए, हमें इंटेलिजेंट बनना चाहिए। हमें स्मार्ट बनना चाहिए। हमें जानकारियां प्राप्त करनी चाहिए। जानकारी ही ताकत है। जिसके पास सही जानकारी है, उसी के पास ताकत है। बता दें इस कार्यक्रम में 1000 से ज्यादा आदिवासाी उद्यमी मौजूद थे।

    इस कार्यक्रम में तेलंगाना के वित्त मंत्री इटाला राजेंद्र भी मौजूद थे। इस मौके पर इटाला ने कहा कि बैंक भी आदिवासियों के साथ भेदभाव करते हैं। आदिवासियों को ऋण देने में वह आनाकानी करते हैं उन्हें अपनी नीतियों में सुधार करना चाहिए। उन्होंने भी माल्या का उदाहरण देते हुए कहा कि बैंक माल्या जैसे कारोबारी को हजारों करोड़ का ऋण देते हुए कुछ नहीं सोचते, लेकिन ईमानदार आदिवासी को वह 1 करोड़ का ऋण देने में भी हिचकिचाते हैं। बैंकों को अपना रवैया बदलना चाहिए।

  • स्वामी अग्निवेश को BJP के युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पीटा

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    झारखंड के पाकुड़ जिले में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश की पिटाई कर दी. बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के दौरे का विरोध कर रहे थे और ‘अग्निवेश गो बैक’ के नारे लगा रहे थे.

    विरोध प्रदर्शन और काला झंडा दिखाने से शुरू हुआ मामला सिर्फ धक्का-मुक्की तक ही नहीं, बल्कि लात-जूतों तक पहुंच गया. स्वामी अग्निवेश को धकेल कर नीचे गिरा दिया. उनके कपड़े फाड़ दिए गए, पगड़ी खोल दी गई. इस दौरान बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश के खिलाफ नारे लगाए- जय श्री राम, अग्निवेश भारत छोड़ो, अग्निवेश पाकुड़ में नहीं रहना होगा ।

    दरअसल स्वामी अग्निवेश मंगलवार को पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा में पहाड़िया समुदाय की एक सभा को संबोधित करने वाले थे. यह सभा अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति दामिन दिवस के 195वें वर्षगांठ पर आयोजित की गयी थी.

    इस सभा के पहले उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया. इसमें उनके दिए बयानों से नाराज कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश के होटल से बाहर निकलते ही उनपर हमला कर दिया. इससे पहले उनके पाकुड़ पहुंचते ही आरएसएस और बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओ ने उनका विरोध किया था और काले झंडे दिखाए थे.

    प्रेस वार्ता के दौरान दिए गए बयानों से नाराज थे कार्यकर्त्ता

    बताया जा रहा है कि इस सभा में अग्निवेश के भाषण से युवा मोर्चा के कार्यकर्त्ता खफा थे. उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निवेश ईसाई मिशनरी के इशारे पर आदिवासियों को भड़काने का काम कर रहे हैं. भगवा कार्यकर्ताओं ने अग्निवेश गो बैक के नारे लगाए. ये कार्यकर्त्ता बाद में होटल के सामने धरने पर भी बैठे.

    दोषियों पर कार्रवाई होगी : पुलिस

    स्वामी अग्निवेश पर हमले की खबर मिलते ही पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्वामी अग्निवेश को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया. पुलिस का कहना है कि स्वामी अग्निवेश पर हमले के दोषी लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र बरनवाल ने कहा कि जो दोषी पाए जायेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उधर स्वामी अग्निवेश ने अपने ऊपर हमले की न्यायिक जांच की मांग की है.

  • शहनाई की धुन के बीच रसगुल्ले की वजह से मचा बवाल, बिना शादी के लौटी बारात, जानिए

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    नालंदा । धूमधाम से बारात पहुंची और शहनाई की धुन के बीच शादी की रस्में निभाई जा रही थीं कि शादी में आए बारातियों ने खाने के बाद रसगुल्ला नहीं परोसे जाने को लेकर ऐसा बवाल मचाया कि लाठी-डंडे निकले और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना की भगदड़ मचने के बाद शादी भी कैंसिल हो गई।

    घटना नालंदा जिले के बिहार थानाक्षेत्र की है जहां खाने में मिठाई नहीं मिलने से नाराज बारातियों ने लड़की वालों की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना में लड़की के माता-पिता समेत करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

    वधू पक्ष ने बताया कि बारात शेखपुरा जिले के मड़पसौना गांव से आई थी। दरअसल, बारातियों को खाना परोसने के दौरान कुछ युवक बार-बार रसगुल्ले की मांग कर रहे थेद्य कई बार मिठाई देने के बावजूद वे लोग नहीं माने तो लकड़ी पक्ष के लोगों ने उन्हें और मिठाई देने से इनकार कर दिया। बस क्या था बारातियों ने इसे लेकर हंगामा मचा दिया।

    इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई जिसके बाद बाराती के कुछ लोग चले गए। उधर शादी की रस्में की जा रही थीं। कुछ ही देर में हंगामा और भगदड़ मच गई। करीब दो दर्जन युवक लाठी-डंडे और रॉड लेकर शादी समारोह में पहुंचे और जो भी मिला उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा।

    इस मारपीट की सूचना वधूपक्ष ने पुलिस को दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए। इस घटना में लड़की के माता-पिता समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन को गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया है। वहीं, इस घटना के बाद वधू पक्ष ने शादी कैंसिल कर दी और दूल्हे को वापस जाना पड़ा।

  • जानिये वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की मौत के पीछे का सच !

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    इंदौर। वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने उनकी एक महिला पत्रकार के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया। अडिशनल एसपी शैलेंद्र सिंह चैहान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि याग्निक के परिजनों के बयान और मामले की शुरुआती जांच के आधार पर एक महिला पत्रकार के खिलाफ शहर के एमआईजी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 386, 503 में केस दर्ज किया गया है। सलोनी अरोरा याग्निक से पांच करोड़ रुपये की मांग पूरी नहीं किए जाने पर दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकियां देती थी। कॉल अटेंड नहीं करने पर यूट्यूब पर अपलोड सेक्स स्कैंडल की वीडियो-ऑडियो की लिंक वाट्सएप कर मानसिक दबाव बनाती थी। यह पर्दाफाश एमआइजी पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कडिघ्या जोड़ लीं और परिजनों के बयान के बाद शुक्रवार को सलोनी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली।

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    याग्निक, प्रमुख हिन्दी अखबार के समूह संपादक थे। उन्होंने इस अखबार की शहर के एबी रोड स्थित तीन मंजिला इमारत की छत से 12 जुलाई की रात छलांग लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। चैहान ने बताया कि यह महिला पत्रकार पहले याग्निक के अखबार में ही काम करती थी। आरोप है कि अखबार की नौकरी से निकाले जाने के बाद वह याग्निक को मानसिक तौर पर परेशान कर रही थी जिससे वह तनाव में चल रहे थे।

    शैलेंद्र सिंह चैहान ने बताया, महिला पत्रकार को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है। हम मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि याग्निक ने अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले इंदौर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अजय कुमार शर्मा से मिलकर उन्हें आपबीती सुनाई थी कि महिला पत्रकार उन्हें कथित तौर पर धमका रही है। शर्मा इस बात की पहले ही तसदीक कर चुके हैं। अजय कुमार शर्मा ने कहा कि मुलाकात के दौरान याग्निक ने उन्हें बताया था कि महिला पत्रकार उन्हें धमकी दे रही है कि अगर उन्होंने उसे अखबार की नौकरी पर बहाल नहीं कराया, तो वह उन्हें झूठे मामले में फंसाकर बदनाम कर देगी।

    एडीजी के मुताबिक मुलाकात के दौरान याग्निक ने उनसे यह अनुरोध भी किया था कि अगर महिला पत्रकार पुलिस को उनके खिलाफ कोई शिकायत करती है, तो इस शिकायत पर किसी तरह का कानूनी कदम उठाये जाने से पहले एक बार उनका पक्ष भी सुना जाये। शर्मा ने कहा कि याग्निक ने अपने इस अनुरोध को लेकर उन्हें हालांकि एक औपचारिक आवेदन पत्र भी सौंपा था। लेकिन तब उन्होंने संबंधित महिला पत्रकार के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की मांग पुलिस से नहीं की थी।

  • भाजपा सांसद की बेटी सहित 19 लोग गिरफ्तार , जानिये क्या है मामला

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    गुवाहाटी । विशेष अदालत ने असम में नौकरी के लिए पैसा लेने के मामले में भाजपा सांसद आर पी शर्मा की बेटी सहित 19 लोगों को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    गिरफ्तार किये गए लोगों में असम सिविल सर्विसेज (एसीएस) के 13, असम पुलिस सेवा के तीन और सहायक सेवा के तीन अधिकारी शामिल हैं।

    अदालत ने 2016 बैच के 19 अधिकारियों को 11 दिन की हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने 14 दिन की हिरासत की मांग की थी।

    एपीएस अधिकारियों में गुलशन दाओलागपू , भार्गव फूकन और पल्लवी शर्मा हैं। पल्लवी शर्मा असम से भाजपा के लोकसभा सदस्य आर पी शर्मा की बेटी हैं।

  • डीएसपी कविता दास गिरफ्तार, जानिये इनका गोरखधंधा !

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    असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) में जॉब फॉर कैश स्कैम मामले में एक आरोपी को सलाखों के पीछे लिया गया है। सरकारी नौकरी दिलाने के लिए डीएसपी द्वारा चलाए जा रहे गोरखधंधा की आरोपी डीएसपी को गिरफ्तार किया गया है।

    डिब्रूगढ़ पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह का कहना है कि दुलियाजन डीएसपी कविता दास को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    वह असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) में जॉब फॉर कैश स्कैम मामले की आरोपी है। पुलिस इस मामले की आगे की जांच में लगी है। संभावना है कि इस मामले में और भी अधिकारी जुड़े हो सकते हैं।

  • सनसनीखेज खुलासा : सरकारी अल्पावास गृह में 29 नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म

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    मुजफ्फरपुर अल्पावास गृह में यौन शोषण मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मेडिकल जांच रिपोर्ट में 29 नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। हालांकि किसी लड़की के गर्भवती होने की पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

    वैसे मुजफ्फरपुर की एसएसपी हरप्रीत कौर ने भी बताया कि अब तक कुल 21 लड़कियों की रिपोर्ट मिली है जिसमें 16 लड़कियों के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई है, शेष आठ लड़कियों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। संबंधित रिपोर्ट पुलिस के जरिए कोर्ट भेज दी गई है। वहीं पटना मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल के उपाधीक्षक रंजीत कुमार जमियार ने कहा कि रिपोर्ट स्तब्ध करने वाली है। एक सात साल की बच्ची का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है।

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    file photo HOUSE-ACCUSED

    मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत अल्पावास गृह का संचालन होता है। अल्पावास गृह मे पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा व बेहतर माहौल देने का काम करता है. जानकारी के मुताबिक अल्पावास गृह में घरेलु हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानव गणन, दहेज अत्याचार सहित अन्य वजहों से प्रताड़ित महिलाओं को अल्पावास गृह में रखा जाता है। गृह को महिला हेल्पलाइन से जोड़ा गया।. जिससे पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श, चिकित्सकीय सुविधा के साथ कानूनी सहायता प्रदान की सके।

    बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि यह घिनौनी हरकत है, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है, ताकि ऐसी वारदात नहीं हो।

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  • जानिये इस भाजपा अभीनेत्री का अश्लील वीडियो वायरल करने की कौन दे रहा है धमकीे !

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    धनबाद। मनईटांड़ क्षेत्र में रह रही एक भाजपा अभीनेत्री को मोबाइल पर अश्लील वीडियो वायरल कर देने की धमकी मिल रही है। धमकी पीड़िता को उसके कथित प्रेमी द्वारा दिया जा रहा है। पीड़िता ने घटना को लेकर पुलिस के अलावा मीडिया से भी गुहार लगाई है। शनिवार को पीड़िता ने गांधी सेवा सदन में प्रेस कांफ्रेस कर पत्रकारों को बताया कि मनईटांड़ के दीपक कुमार गुप्ता से उसका प्रेम संबंध था।

    2006 से दीपक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा है। कहा कि हमलोगों ने देवघर बाबा मंदिर शादी भी की थी। शादी की रसीद भी दीपक के पास है। दीपक ने उन्हें जीवन भर साथ देने का भरोसा दिलाया था, परंतु दिसंबर 2017 से वह अलग रहने की कोशिश करने लगा। जब उसने दीपक से इस मुद्दे पर बात की तो उसने खुलकर विरोध शुरू कर दिया। यहां तक कि सोशल मीडिया, फेसबुक तक में उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। अश्लील वीडियो वायरल कर देने की धमकी देना लगा।

    12 जुलाई को दीपक के खिलाफ धनसार थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। दीपक व उसके साथी उसे केस उठाने की धमकी दे रहे हैं। दीपक ने उसे धमकी दी है कि अगर वह केस नहीं उठाती है तो उसका पुराना वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर देगा। महिला नेत्री ने यह भी कहा कि 2006 में उसके पहले पति ने उसे कानूनी तौर पर छोड़ दिया था। उसके तीन बच्चे भी हैं, पति के छोड़ने के बाद दीपक ने ही उसे सहारा दिया और लंबे समय तक उसके साथ पति की तरह रहा।

  • इस राज्य में शादी से पहले दूल्हे का होगा डोप

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    नई दिल्ली. पंजाब में नशा की ओवरडोज के कारण मरने वाले की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. पंजाब सरकार ने भी नशे के खिलाफ अपनी कमर कस  ली है. हाल ही में कैप्टन सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए नशे का कारोबार करने के लिए मौत की सजा का प्रावधान करने के साथ ही पंजाब में सभी सरकार कर्मचारियों के लिए डोप टेस्ट को भी अनिवार्य कर दिया है.

    इसी कड़ी में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी शादी से पहले दूल्हों का डोप टेस्ट कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, जिसके लिए अब केंद्र शासित चंडीगढ़ भी तैयार हो गया है.

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    चंडीगढ़ की ओर से वकील सुकांत गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि इस तरह के टेस्ट कराने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन इसके लिए दूल्हे की सहमति होनी चाहिए. अब अगर यह व्यवस्था चंडीगढ़ में शुरु होती है तो ऐसा करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला क्षेत्र बन जाएगा.

    गौरतलब है कि पिछले साल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा था कि हर सिविल अस्पताल में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें दूल्हों का डोप टेस्ट किया जा सके. ताकि शादी से पहले इस बात की जानकारी हो सके कि दूल्हे को नशे की लत तो नहीं है.

  • 21 बच्चियों से Rape , अब कंकाल ढूंढने के लिए खुदाई शुरू , लोकसभा में उठी सीबीआई से जांच कराने की मांग

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    मुजफ्फरपुर। इस मामले से जुड़ी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिला में बालिका गृह में 21 बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। पटना मेडिकल अस्पताल एवं कॉलेज (पीएमसीएच) ने बालिका गृह की बच्चियों के शोषण की पुष्टि कर दी है। एक बच्ची ने अपनी सहेली को मारकर गाड़ने का आरोप भी लगाया है। इस खुलासे के बाद से बालिका गृह की गहन जांच शुरू हो गई है। बच्ची के दावे पर फोरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंच गई है।

    इस मामले को लेकर विपक्ष बिहार सरकार पर आरोप लगा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव ने बालिका गृह के मालिक को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी होने का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा, जो एनजीओ बालिका गृह चलाता है उसका मालिक सीएम नीतीश कुमार का करीबी है। उसने उनके लिए चुनाव में प्रचार भी किया था।

    मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को लोकसभा में उठाया और सीबीआई से इसकी जांच कराने की मांग की। बालिका गृह के अंदर खुदाई का काम शुरू हो गया है। एक बच्ची ने दावा किया था कि स्टाफ कर्मचारियों के साथ असहमति होने की वजह से उसकी सहेली को पीट-पीटकर मारकर गाड़ दिया गया था। फिलहाल यहां रहने वाली सभी बच्चियों को दूसरे बालिका गृह में हस्तांतरित कर दिया गया है।

    बता दें कि मेडिकल जांच में बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि होने के बाद पिछले महीने पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 10 हो गई है। यह मामला उस समय सामने आया था जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस ने बच्चियों से बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की थी। जिसके बाद बिहार सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने एफआईआर दर्ज की थी। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

    मुजफ्फरपुर की एसएसपी हरप्रीत कौर ने कहा, हमने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। हम जल्द ही उनके खिलाफ चार्जशीट दायर करेंगे। किसी भी लड़की ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उन्हें कभी हॉस्टल से बाहर ले जाया गया है। खुदाई चालू है अभी तक परिसर में कुछ नहीं मिला है। हम गहन जांच कर रहे हैं। पुलिस स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही है।