Category: state-news

  • सांसद स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप, 5 करोड़ DM ने वापस मांगे

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    नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं. गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने राज्यसभा सांसद स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.
    इस संबंध में आंकलव सीट से विधायक अमित चावड़ा ने एक-साथ कई ट्वीट किए हैं. जिसमें उन्होंने स्मृति ईरानी को लेकर गंभीर इल्जाम लगाए हैं.

    उन्होंने ट्वीट में लिखा है, ‘स्मृति ईरानी ने आणंद जिले के माघरोल गांव को मॉडल बनाने के लिए गोद लिया था और उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का बेहतरीन मॉडल बनाने का काम किया है.’

    सांसद निधि का दुरुपयोग
    अमित चावड़ा ने एक और ट्वीट में स्मृति ईरानी पर अपनी सांसद निधि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है. गुजरात से राज्यसभा सांसद स्मृति ईरानी पर चावड़ा ने आरोप लगाया, ‘स्मृति ईरानी और उनके स्टाफ ने शारदा मजूर कामदार सहकारी मंडली को ठेका देने के लिए अधिकारी को मजबूर किया.’

    नियमों का उल्लंघन

    अमित चावड़ा ने अपने एक और ट्वीट में स्मृति ईरानी पर योजना के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘PMLAD स्कीम के तहत एक ग्रुप को 50 लाख रुपये से ज्यादा के ठेके नहीं दिए जा सकते, इस नियम का भी उल्लंघन किया गया और उसे तय सीमा से ज्यादा रकम के ठेके दिए गए.’

    2017 में उठाया था मुद्दा

    अमित चावड़ा ने एक ट्वीट में ये भी बताया कि उन्होंने 2017 में यह मुद्दा उठाया था. चावड़ा ने ट्वीट किया, ‘मैंने गुजरात हाई कोर्ट में 2017 में एक जनहित याचिका दायर की थी और धन व सत्ता के दुरुपयोग का यह मामला सामने लाया था.’

    ‘अब मैं खुश’

    इस संबंध में अपने अंतिम ट्वीट में अमित चावड़ा ने मामले में कार्रवाई का जिक्र किया. चावड़ा ने ट्वीट में लिखा, ‘आज मैं बहुत खुश हूं कि आणंद जिला कलेक्टर ने स्मृति ईरानी के प्रतिनिधि शारदा माजूर कामदार सहकारी मंडली को 4.8 करोड़ रुपये 18% ब्याज की दर से जमा कराने का आदेश जारी किया है.’ चावड़ा ने गुजराती भाषा में लिखा एक पत्र भी ट्वीट के साथ शेयर किया है.

  • पेट्रोल-डीजल: मोदी सरकार के १ पैसे के सामने केरल सरकार ने १ रुपया सस्ता किया

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    नई दिल्ली : पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का बोझ कम करने के लिए केरल सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले स्टेट टैक्स को खत्म कर दिया है। राज्य की कैबिनेट बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि, इसमें यह साफ नहीं किया गया कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कितना घटाया जाएगा। केरल में फिलहाल पेट्रोल के दाम 82.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 75.19 रुपए प्रति लीटर हैं।

    मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि कैबिनेट बैठक में पेट्रोल-डीजल से टैक्स हटाने पर आपसी सहमति बनी. पेट्रोल-डीजल की नई दरें गुरुवार से लागू कर दी जाएंगी। केरल में फिलहाल पेट्रोल पर 32.02 फीसदी टैक्स वसूला जाता है। वहीं, डीजल पर 25.58 फीसदी टैक्स लगता है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल पर 1 फीसदी सेस भी लगाया गया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में सरकार को पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से 7795 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल हुआ। लगभग हर राज्य के साथ ही केरल में भी पेट्रोल के दाम पर एक चौथाई वैट लगता है।

    केरल में अगर स्टेट टैक्स को हटाया जाता है तो करीब 20 रुपए पेट्रोल सस्ता हो सकता है। अगर एक कैलकुलेशन के हिसाब से समझें तो करीब 20 रुपए वैट पर लगते हैं। अगर राज्य पूरा स्टेट टैक्स हटा लेती है तो पेट्रोल की कीमत 62 रुपए के आसपास आ जाएगी। हालांकि, केरल सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि स्टेट टैक्स में कितनी कटौती की जाएगी।

  • निपाह वायरस के आतंक से छत्तीसगढ़ में Red अलर्ट

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    रायपुर.  केरल में फैले निपाह वायरस के आतंक व केरल से राजधानी के जुड़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार देर शाम राज्य महामारी नियंत्रक की ओर से जारी आदेश में इसके संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव संंबंधी निर्देश जारी किए गए हैं।

    जारी निर्देश में अचानक किसी परिवार या समुदाय में अचानक बुखार के साथ मानसिक बदलाव अथवा झटके की स्थिति में जिले या राज्य के सर्वेलेंस अधिकारी को सूचित करने के साथ उनके गले, ब्लड, यूरिन अथवा सीएसएफ सैंपल राष्ट्रीय वायरोलॉजी संस्थान, पुणे भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं किसी व्यक्ति में लक्षण दिखने पर 21 दिनों तक सर्वेलेंस पर रखने कहा है। इस वायरस के कारण केरल में अब तक आधा दर्जन लोग जान गंवा चुके हैं।

    क्या है निपाह वायरस

    राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से जारी एडवाइजरी में इसका प्राकृतिक स्रोत चमगादड़ों की विशेष प्रजाति को बताया गया है, ऐसे में इनके द्वारा खाए गए फलों को किसी व्यक्ति या जानवर द्वारा उपभोग करने पर संक्रमण फैल सकता है। साथ ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी इसके संक्रमण का खतरा बताया गया है।

    इस तरह दिखाता है असर

    – 4-18 दिन तक तेज बुखार और सिरदर्द।

    – बुखार के साथ मानसिक बदलाव या झटके।

    – इंफेक्शन के शुरुआत में सांस लेने में समस्या, न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी।
    – दिमाग में सूजन।

    – मांसपेशियों में दर्द।

    पर्यटकों के आवागमन से फैल सकता है संक्रमण
    छत्तीसगढ़ के पर्यटक गर्मी की छुट्टियों में केरल जाना पसंद करते हैं। ऐसे में लोगों के वहां से संक्रमित होकर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। साथ ही कुछ चुनिंदा फलों सहित खाद्यान्न का आयात भी प्रभावित क्षेत्र से होता है।

    अलर्ट जारी
    सोमवार को बीएमओ की बैठक में निपाह वायरस के प्रभाव से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। इस पर गुरुवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
    डॉ. केएस शांडिल्य, सीएमएचओ, रायपुर

  • फिर भाजपा को लगा झटका, कांग्रेस की सौम्या रेड्डी ने दर्ज की जीत

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    नई दिल्ली. कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार के लिए अच्छी खबर आई है. राजधानी बेंगलुरु की जयनगर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की जीत हुई है. सुबह 8 बजे से वोटों को गिनती शुरू हुई थी. 16 राउंड तक कांग्रेस ने 54457 और बीजेपी को 51568 वोट मिले थे. इसके बाद कांग्रेस ने ये सीट जीत ली. कांग्रेस को मिली शुरुआती बढ़त के बाद ही कांग्रेस समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था.

    इस सीट पर 11 जून को मतदान हुआ था. चुनाव आयोग के मुताबिक, जयनगर के कुल 216 पोलिंग बूथों पर 55 फीसद मतदान दर्ज किया गया था.

    बता दें, इस सीट से चुनाव लड़ रहे बीजेपी के नेता और मौजूदा विधायक बीएन विजय कुमार का मतदान से कुछ दिन पहले ही निधन हो गया था. इसकी वजह से चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था. इसी बीच कर्नाटक में एमएलसी चुनाव का नतीजा भी आ गया है. इसमें बीजेपी को 3, जेडीएस को 2 और कांग्रेस को 1 सीट मिली है.

    जयनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने सिद्धारमैया सरकार में गृह मंत्री रहे रामालिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी को उतारा है. सौम्‍य के पक्ष में जेडीएस ने इस सीट पर अपना उम्‍मीदवार नहीं उतारा. वहीं, बीजेपी ने अपने दिवंगत विधायक बीएन विजयकुमार के भाई बी.एन प्रहलाद को टिकट दिया है. जयनगर सीट पर कुल 19 उम्‍मीदवार अपना भाग्‍य आजमा रहे हैं. हालांकि इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही टक्‍कर है.

  • तेज प्रताप का शंखनाद एनडीए से मोर्चा लेने का या फिर बगावत करने का !

    आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव पार्टी पर अधिकार को लेकर अब एक दूसरे के खिलाफ हो सकते है. इस और इशारा किया है लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप के शनिवार को कहे उन शब्दों ने जिनके अनुसार पार्टी में उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है. शनिवार को तेज प्रताप का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो इस बात को लेकर नाराज दिख रहे हैं कि पार्टी में उनकी कोई नहीं सुन रहा है.

    इस वायरल वीडियो में तेज प्रताप यादव आरजेडी नेता राजेंद्र पासवान, राजेंद्र राम को लेकर शिकायत कर रहे हैं कि उनकी मांग की पार्टी के द्वारा अनदेखी की जा रही है. वायरल वीडियो में तेज प्रताप यादव आरजेडी के अंदर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पार्टी को कमजोर करने की बात भी कर रहे है. उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग बल्कि उन्हें तेजस्वी के साथ लड़वाने की कोशिश कर रहे हैं. तेज प्रताप इस वीडियो में शिकायत कर रहे हैं कि अगर वो किसी भी नेता को फोन करते हैं, तो कोई रिस्पांस नहीं देता है. तेज प्रताप वीडियो में पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता की भी बात कहते हैं.।

    बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यह भी कहते हैं कि उनकी उनके भाई के साथ टकराव की जो खबरें आ रही हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं. वो तेजस्वी को अपने जिगर का टुकड़ा बता रहे हैं. तेज प्रताप कह रहे हैं कि पार्टी के अंदर जो असामाजिक तत्व है, वो आरजेडी को तोड़ने की और लालू प्रसाद यादव को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. तेजप्रताप इस वीडियो में मांग कर रहे हैं कि पार्टी के अंदर जो असामाजिक तत्व घुस गए हैं, उन्हें आलाकमान तुरंत बाहर निकालें.।

    तेज प्रताप के मुताबिक जब उन्होंने पार्टी में अपनी अनदेखी की बात अपनी पत्नी ऐश्वर्या को बताई, तो यह सुनकर वो सदमे में आ गईं. वही खबर यह भी है आरजेडी के अगले प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तेज प्रताप और तेजस्वी यादव आमने सामने है. तेज प्रताप राजेंद्र पासवान तो तेजस्वी यादव पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते है यही से मनमुटाव की शुरुआत भी हो रही है. इससे पहले तेज प्रताप यादव ने एक ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने खुद को कृष्ण और तेजस्वी को अर्जुन बताया था. इस ट्वीट में तेज प्रताप ने कहा, श्मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं. अब कुछेक

    चुगलखोरों को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं.श् तेजप्रताप के इस वायरल वीडियो के सामने आने और विवाद शुरू होने के बाद तेजस्वी ने फिर एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, आरजेडी और गठबंधन सहयोगियों के सामने साल 2019 के लिए एक नई सरकार बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन हम उन असामाजिक तत्वों से सावधान रहना है, जो इस एकता में सेंध लगाना चाहते हैं. मामला गंभीर है और जल्द ही कुछ और खुलासे होने की संभावना है. ।

  • ट्रेन में हंगामा कर रहे शराब के नशे में धुत मजिस्ट्रेट को यात्रियों ने ट्रेन से उतारा

    जबलपुर । शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भोपाल से जबलपुर आ रही ओवरनाइट एक्सप्रेस के एसी कोच में मजिस्ट्रेट ने नशे की हालात में जमकर हंगामा मचाया। पहले तो उन्होंने यात्रियों से विवाद किया और फिर कोच की बाथरूम के बाहर कपलिंग के पास लघुशंका करने लगा। वहां से निकल रहे यात्री यह देखकर भड़क गए। उन्होंने पहले तो मजिस्ट्रेट को ऐसा करने से मना किया, लेकिन उनकी हालत देखकर तत्काल इसकी जानकारी कोच अटेंडेंट को दी।

    जानकारी के मुताबिक बी-2 कोच की 27 नंबर सीट पर सफर कर रहे मजिस्ट्रेट का हंगामा देख यात्री भी भड़क गए। उन्होंने इसकी जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी। पिपरिया स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही आरपीएफ पहुंची, लेकिन जैसे ही उन्होंने सुना कि हंगामा कर रहा व्यक्ति मजिस्ट्रेट है तो वह भी वहां से निकल गई और ट्रेन रवाना हो गई।

    आरपीएफ का यह व्यवहार देखकर यात्री भड़क गए और उन्होंने चेन पुलिंग कर दी। यात्रियों ने एक साथ कई कोचों की चेन खींची और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इधर, नशे में धुत मजिस्ट्रेट और यात्रियों के बीच बहस के बाद घटना की जानकारी रेलवे बोर्ड को ट्वीट करने से लेकर सोशल मीडिया में फैल गई।

    ट्रेन में सफर कर रहे पूर्व मंत्री हरेन्द्र सिंह बब्बू ने बताया कि मजिस्ट्रेट शराब के नशे में इतना धुत था कि उसने बुजुर्ग महिलाओं से भी दुर्व्यवहार किया। कोच में जबलपुर के कई डॉक्टर्स और अधिकारी भी थे, जो मजिस्ट्रेट की हरकत से नाराज हुए। पूर्व मंत्री के बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। साथ ही दूसरे यात्रियों ने भी इसकी जानकारी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई।

    पिपरिया से रवाना होते ही चेन पुलिंग कर दी, जिससे तकरीबन 30 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। इसके बाद वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर आरपीएफ और जीआरपी का अमला ट्रेन में पहुंचा और उन्होंने हंगामा कर रहे मजिस्ट्रेट को वहीं उतार दिया। पीड़ित महिला और टीटी ने मजिस्ट्रेट के खिलाफ लिखित शिकायत आरपीएफ कर्मियों को दी, फिर ट्रेन रवाना हुई।

  • जानिये क्यों रात भर श्मशान में सोये विधायक ?

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    अकसर लोग भूत-प्रेत के नाम से बहुत डरते हैं। वहीं वैज्ञानिक तौर पर यह भी कहा जाता है कि भूत जैसी कोई चीज नहीं होती। लेकिन बहुत कम लोग ही होते हैं जो इस बात को मानते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है आंध्र प्रदेश के तेलुगूदेशम जिले में भी। दरअसल श्मशान के नवीनीकरण के काम में लगे मजदूरों को यहां काम करने से डर लग रहा था। उनका डर दूर करने के लिए तेलूगुदेशम पार्टी के विधायक ने एक साहसी कदम उठाया।

    विधायक निम्माला रामा नायडू ने पूरी रात श्मशान में ही बिताई। वह मजदूरों को यह बताना चाहते थे कि बुरी आत्माओं जैसी कोई चीज नहीं होती है। पूरी रात श्मशान में सोने के बाद वह सुबह उठकर अपने घर गए। मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि वह अभी दो से दिन दिन और यहीं सोएंगे। ऐसा उन्होंने मजदूरों को हिम्मत देने के लिए किया है ताकि वह यहां काम करने से डरे नहीं।

    जानकारी के मुताबित लोगों द्वारा की गई शिकायत के बाद नायडू को श्मशान के नवीनीकरण के लिए राशि दी गई थी। लेकिन परेशानी उस वक्त खड़ी हो गई जब कोई वहां काम करने को तैयार नहीं हुआ। आखिर में बड़ी मुश्किलों के बाद एक ठेकेदार ने काम करने के लिए हामी भरी लेकिन फिर मजदूर काम पर आने से डरने लगे।

    विधायक ने आगे बताया कि एक मजदूर ने कुछ दिनों पहले एक जला हुआ शव देख लिया था जिससे वह काफी डर गया। उसका ये डर बाकि मजदूरों के काम पर ना आने की वजह बन रहा था। उन्होंने बताया कि श्मशान  में रात बिताने से उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई बस वहां मच्छरों ने बहुत काटा। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने मच्छरदानी लगा ली थी।

  • सरकार इन अलगाववादियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में

    New Delhi . घाटी में आतंकवादियों के साथ टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग में कथित तौर पर शामिल अलगाववादी नेताओं की अब खैर नहीं है। जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार अब इन अलगाववादी नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। राज्यपाल शासन लागू होने के बाद केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में इस पर एक एक्‍शन प्‍लान तैयार किया जा रहा है। एनआइए और ईडी मिलकर इस काम काे अंजाम देंगे।

    घाटी में अलगाववादियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी नीति का विस्‍तार किया है। इसके लिए अब सरकार ने अपनी 4D नीति तैयार की है। इसके पहले 2D डिफेंड और डिस्ट्रॉय की नीति को आगे बढ़ाते हुए अब केंद्र ने तीसरे D यानि डिफीट और चौथा D डीनाई के तहत पाकिस्तान से फंडिंग पूरी तरह से बंद करने के लिए और सख्‍त कदम उठाने का फैसला लिया है। इसके पीछे सरकार की मंशा हुर्रियत नेताओं की अलगावादी सोच को युवाओं तक पहुंचने से पहले ही पस्‍त करने की है।

    इस प्‍लान के तहत अब हुर्रियत के बड़े नेताओं से न सिर्फ पूछताछ होगी, बल्कि पुख्ता सबूतों के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और विदेशी मुद्रा क़ानून के उल्लंघन के तहत मुकदमा चला कर हुर्रियत नेताओं को जेल की हवा खिलाने की तैयारी कर रही है। आपको बता दें कि घाटी में कथित तौर पर टेरर फंडिंग के एक मामले में एनआइए ने पहले ही दिल्ली की एक अदालत में 26/11 का मास्टरमाइंड्स हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन समेत 10 कश्मीरी अलगाववादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

    अंतिम रिपोर्ट में हुर्रियत लीडर सैयद शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह, गिलानी के निजी सहायक बशीर अहमद, आफताब अहमद शाह, नईम अहमद खान और फारूक अहमद डार आदि के नाम शामिल हैं।

  • उबर कैब में महिला पत्रकार पर हमला

    Mumbai . मोबाइल ऐप टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े कैब में आपत्तिजनक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में ओला कैब्स के सांप्रदायिक भेदभाव के बाद अब उबर कैब में मारपीट का मामला सामने आया है। कैब में साथी महिला यात्री ने पत्रकार पर हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित पत्रकार उष्नोता पॉल ने मुंबई के लोअर परेल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

    उष्नोता ने बताया कि यह घटना मुंबई के लोअर परेल इलाके की है। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने उबर की पूल सिस्टम से कैब बुक कराई थी। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बताया कि साथी महिला यात्री उन्हें सबसे आखिर में उतारने को लेकर कैब ड्राइवर से लगातार शिकायत कर रही थी। इस पर उष्नोता ने महिला को रूट समझाने का प्रयास किया। इस पर आरोपी महिला ने उनसे गाली-गलौच शुरू कर दी। महिला पत्रकार ने बताया कि आरोपी महिला ने ऐसे-ऐसे शब्दों का प्रयोग किया कि उन्हें सार्वजनिक तौर पर नहीं लिखा जा सकता और न ही सार्वजनिक तौर पर बताया जा सकता है।

    उष्नोता पॉल ने बताया कि इसके बाद वह अपने कार्य में व्यस्त हो गई, लेकिन महिला लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती रही। पॉल का आरोप है कि कैब के लोअर परेल पहुंचते ही महिला ने पहले नस्ली टिप्पणी की और धमकी दी। इसके बाद उसने पॉल पर हमला कर दिया।

    पीड़ित महिला पत्रकार ने बताया कि आरोपी महिला ने उनके बाल नोंच लिए और चेहरे और हाथ पर नाखून भी मारे, जिससे वह घायल हो गईं। इस दौरान वहां खड़े लोगों ने उन्हें बचाने की बिल्कुल कोशिश नहीं की। उष्नोता कैब से उतरकर सीधे लोअर परेल थाने पहुंचीं। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ढांढस बंधाया और फिर शिकायत दर्ज की। पीड़ित महिला पत्रकार ने आरोपी महिला का उबर को फोन कर नाम-पता मांगा। लेकिन कंपनी ने निजता का हवाला देकर पता देने से मना कर दिया।

  • जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू , गवर्नर वोहरा को कमान

    नई दिल्ली: मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफा देने के बाद जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है। बीते एक दशक में यह चौथी बार है जब राज्य में राज्यपाल शासन लगा है। कल भाजपा ने अपनी गठबंधन सहयोगी पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था।

    ह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लगाने की मंजूरी दे दी है।’’ जम्मू-कश्मीर में कल रातभर राजनीतिक घटनाक्रम जारी रहा। जब राज्यपाल एनएन वोहरा ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति भवन को भेजी उस वक्त राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद विमान में थे। राज्यपाल की रिपोर्ट का ब्यौरा तुरंत ही सूरीनाम भेजा गया जहां राष्ट्रपति अपने पहले दौरे पर जा रहे थे और उनका विमान भारतीय समयानुसार तड़के तीन बजे वहां उतरना था।

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    राज भवन के एक प्रवक्ता ने कल रात श्रीनगर में बताया, ‘‘सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ विचार विमर्श करने के बाद राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज दी है जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 92 के तहत राज्यपाल शासन लागू करने की सिफारिश की है।’’ राष्ट्रपति ने रिपोर्ट को देखने के बाद अपनी मंजूरी दे दी और इस बाबत सुबह छह बजे केंद्रीय गृह मंत्रालय को सूचित किया गया। इसके बाद राज्यपाल शासन लगाने की प्रक्रिया तैयार की गई और इसे श्रीनगर भेजा गया।

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    • बीते चार दशक में यह आठवीं बार है जब राज्य में राज्यपाल शासन लगाया गया है।
    • वर्ष 2008 से वोहरा के कार्यकाल में चौथी बार राज्य में राज्यपाल शासन लागू किया गया है।
    • भाजपा ने कल दोपहर अचानक ही राज्य में पीडीपी के साथ तीन साल पुराने सत्तारूढ़ गठबंधन से समर्थन वापस ले लिया था और यहां राज्यपाल शासन लगाने की मांग की थी।
    • भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने घोषणा की थी कि पार्टी गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले रही है।
    • गठबंधन में कटु राजनीतिक कलह और बदतर होती सुरक्षा स्थितियों की वजह से दरारें पडऩे लगी थी।
    • माधव ने कल कहा था, ‘‘ जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में बने रहना भाजपा के लिए मुश्किल हो गया है।’’

    वोहरा के कार्यकाल में राज्य में पहली बार राज्यपाल शासन वर्ष 2008 में 174 दिन के लिए लगाया गया था जब गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में कांग्रेस और पीडीपी की गठबंधन सरकार से पीडीपी ने अमरनाथ भूमि विवाद के चलते समर्थन वापस ले लिया था। उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही राज्यपाल शासन पांच जनवरी 2009 को समाप्त हुआ था।