Category: state-news

  • कौन होगा कर्नाटक का किंग , अाज अाएगा चुनाव परिणाम

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    बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती मंगलवार को होगी। उसके बाद यह बात साफ हो जाएगी कि कर्नाटक का किंग कौन होगा। चुनाव बाद के सर्वेक्षणों में राज्य में त्रिशंकु विधानसभा का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। ऐसे में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जनता दल (एस) ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकता है। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। जिसके मद्देनजर मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

    बता दें कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। आर.आर. नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था।

    किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए कांग्रेस ने काउंटिंग से एक दिन पहले यानी सोमवार को अपने दो वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत और गुलाम नबी आजाद को कर्नाटक भेज दिया है।

    वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने इस चुनाव में जमकर प्रचार किया था। मोदी ने इस चुनाव में भी तय रणनीति के हिसाब से रैलियां की थीं। उन्होंने 10 दिनों में कुल 21 रैलियां कीं। राज्य में मोदी की रैलियों को जैसा रिस्पॉन्स मिला, उससे बीजेपी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है।

  • जस्टिस कर्णन ने बनाई ‘एंटी करप्शन डायनामिक पार्टी’ , लड़ेगी 2019 में लोकसभा चुनाव

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    कोलकाता. हाईकोर्ट के पूर्व जज सी एस कर्णन ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। जस्टिस कर्णन ने एंटी करप्शन डायनामिक पार्टी नाम से राजनीतिक दल बनाया है। जस्टिस कर्णन ने राजनीतिक दल की घोषणा के साथ ही यह भी ऐलान किया कि उनकी पार्टी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी हिस्सा लेगी।

    कर्णन ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी केवल महिला उम्मीदवारों को ही चुनाव में उतारेगी। इसके साथ ही कर्णन ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से चुनाव लड़ेगी।

    जज कर्णन ने कहा कि हमारी पार्टी 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ेगी। कर्णन ने कहा कि उनके राजनीतिक दल बनाने के पीछे देश में बढ़ते भ्रष्टाचार को मुख्य वजह बताया।

  • युवक ने फेंकी स्याही CM मनोहर लाल खट्टर पर

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    चंडीगढ़. हरियाणा के हिसार में गुरुवार को एक युवक ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर स्याही फेंक दी, जिससे सार्वजनिक कार्यक्रम में हंगामा मच गया.

    इस घटना से उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल पैदा हो गये. एक युवक ने नारेबाजी शुरू कर दी और इसके बाद खट्टर के साथ के सुरक्षाकर्मी के साथ उसकी हाथापाई हुई.

    बाद में उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया. ज्यादातर स्याही सुरक्षाकर्मी पर गिरी लेकिन कुछ स्याही खट्टर के चेहरे और बालों पर गिरी. खट्टर को अपनी जेब से रुमाल निकालकर चेहरा पोंछते देखा गया.

    यह घटना गुरुवार को हिसार में प्रदेश सरकार के एक रोडशो के पहले हुई. खट्टर ने बाद में कार्यक्रम में भाग लिया और राज्य के वित्त मंत्री अभिमन्यु के साथ एक खुली जीप में सवार हुए.

    हिरासत में लिये जाने के पहले युवक ने नारेबाजी की और दावा किया कि वह इंडियन नेशनल लोकदल का कार्यकर्ता है. हिसार रेंज के महानिरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि युवक को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

  • High profile Crime : इस हसीना ने लव, सेक्स और अपहरण के बाद कर दी कारोबारी युवक हत्या

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    जयपुर. टिंडर एप के जरिए एक कारोबारी युवक को जाल में फंसाकर अपहरण करने और फिर हत्या केस में गिरफ्तार प्रिया सेठ और उसके दोनों साथियों को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। ये तीनों पिछले 12 दिनों से झोटवाड़ा थाने में पुलिस रिमांड पर चल रहे थे। गत 4 मई को झोटवाड़ा थाना पुलिस ने आरोपी प्रिया सेठ, उसके ब्वॉयफ्रेंड दीक्षांत कामरा और साथी लक्ष्य वालिया को गिरफ्तार किया था।

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    -गौरतलब है कि प्रिया व दीक्षांत बजाज नगर में अनिता कॉलोनी स्थित ईडन गार्डन एनक्लेव में एक लक्जरी फ्लैट में पति पत्नी बनकर रह रहे थे। करीब तीन चार माह पहले प्रिया और झोटवाड़ा निवासी दुष्यंत शर्मा की टिंडर एप के जरिए पहचान हुई थी। आपसी चेटिंग के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरु हो गई।

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    – तब दुष्यंत ने अपनी पहचान छिपाकर खुद को दिल्ली का करोड़पति कारोबारी बताया। तब प्रिया सेठ ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए दुष्यंत को फंसाने के लिए जाल में फंसाया। उसे फ्लैट पर बुलाकर प्रिया ने शारीरिक संबंध बनाए। वहीं छिपे उसके दोस्तों ने मोबाइल से एमएमएस बना लिया।

    – फिर दुष्यंत को ब्लेकमेल कर प्रिया ने दुष्कर्म केस में फंसाकर 10 लाख रुपयों की मांग की। 2 मई की रात को दुष्यंत का अपहरण कर टॉर्चर किया। फिर उसके पिता से 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की।

    – तीन लाख दुष्यंत के अकाउंट में जमा होने पर प्रिया व उसके दोनों साथियों ने दुष्यंत की गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर चाकू से ताबड़ताेड़ वारकर चेहरा बिगाड़ दिया। इसके बाद लाश को एक सूटकेस में डालकर कार में रखा और आमेर इलाके में सड़क किनारे फेंक आए थे।

    – वहीं, दुष्यंत के अपहरण का पता चलने पर तलाश में जुटी झोटवाड़ा थाना पुलिस ने 4 मई को प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पहले 7 दिन और फिर कोर्ट से 5 दिन का रिमांड प्राप्त किया। आज रिमांड पूरा होने पर तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था।

  • जानिये कैसे फिर हुई गुजरात में नोटों की बारिश

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    वलसाड. सब पैसे की माया है और कार्यक्रमों में नोट उड़ाना कोई नई बात नहीं है। ऐसी खबरों में गुजरात का नाम अक्सर सामने आता है। इस बार फिर गुजरात में एक और ऐसी ही घटना हुई। यहां के वलसाड जिले में आयोजित एक चैरिटी प्रोग्राम में में लोगों ने करीब 50 लाख रुपये बरसा दिए। लोक गायक गीता और ब्रिजदान गाधवी यहां अपनी प्रस्तुति दे रहे थे।

    इस दौरान लोगों ने दोनों पर 10, 200 और 500 के नोट बरसाए। कलवाडा गांव के सरपंच आशीष पटेल की ओर से ये कार्यक्रम जालाराम मानव सेवा ट्रस्ट के लिए एंबुलेंस खरीदने की खातिर पैसा इकट्ठा करने के लिए किया गया था।

    पटेल ने बताया कि इस दौरान जो भी पैसा आएगा वह सब ट्रस्ट को दान में दिया जाएगा। अभी तक करीब 50 लाख रुपये इकट्ठा किए जा चुके हैं। इससे पहले गुजरात के ही नवसारी में आयोजित एक कार्यक्रम ने खूब चर्चा बटोरी थी। उस वक्त देश नोटबंदी के बाद नकदी संकट से जूझ रहा था। तब एक म्यूजिकल इवेंट में गायकों पर करीब 40 लाख रुपये की बारिश हुई थी।

  • 100 करोड़ का घोटाला तिरुपति बालाजी मंदिर में , मुख्य पुजारी हटाए गए

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    दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक तिरुपति बालाजी मंदिर में 100 करोड़ रुपए का घोटाला करने का मामला सामने आया है। यह खुलासा खुद मंदिर के मुख्य पुजारी रमन्ना दीक्षितुलू ने किया है। पुजारी के अनुसार आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू मंदिर के पैसों का दुरूपयोग करते हैं। हालांकि इस खुलासे के बाद पुजारी को हटा दिया गया।

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    रमन्ना दीक्षितुलु ने आरोप लगाया था कि तिरुपति मंदिर प्रशासन मंदिर में चढ़ावे का दुरुपयोग कर रहा है।  उन्होंने कहा कि आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री ही मंदिर के प्रशासकों को नियुक्त करते हैं इसलिए यहां वे मनमानी करते हैं। पुजारी के अनुसार मन्दिर के रसोईघर जहां वर्षों से प्रसाद बन रहा था उसे तुड़वाकर करोड़ों के प्राचीन आभूषण और जेवर-जवाहरात गायब कर दिये गये। उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू ने मन्दिर की सौ करोड़ की राशि अपने राजनीतिक खर्चों के लिए इस्तेमाल कर दी। रमन्ना ने बताया कि भक्तों द्वारा भगवान को चढ़ाए गए कई पुराने आभूषणों का भी कुछ अता-पता नहीं है।

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    वहीं पुजारी के इस खुलासे के बार राजनीति भी गरमा गई। आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जगमोहन रेड्डी ने कहा कि यह सब पैसे और ताकत के लिए सीएम की भूख को दर्शाता है। बता दें कि तिरुपति मंदिर दुनिया का दूसरा सबसे धनी मंदिर है। उसकी संपत्ति 50,000 करोड़ है और सालाना आय करीब 650 करोड़ रुपये है। तिरुपति बोर्ड नई दिल्ली, ऋषिकेश, गुवाहाटी, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कन्याकुमारी समेत कई शहरों और कस्बों में मंदिरों का संचालन करता है।

  • 600 मोबाइल टॉवर के ‘अंडर करंट’ में पटना, सहूलियत की जगह स्वास्थ्य को नुकसान

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    पटना : राजधानी पटना मोबाइल टॉवर की कैद में है। घनी आबादी में भी नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। टॉवर लगाने के एवज में मिलने वाली राशि की वजह से लोग खुद अपने स्वास्थ्य के दुश्मन बन बैठे हैं। सिर्फ राजधानी पटना की नई बसावट में 200 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाए हैं। पटना के मोहल्लों में लगे मोबाइल टॉवर व मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन सेहत पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि पटना में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करीब 600 टॉवर हैं। गैरकानूनी रूप से ये आंकड़ा इससे भी भयावह होगा। यानी पूरा पटना सैंकड़ों मोबाइल टॉवर की कैद में है। आप अपने घर की छत पर खड़े होकर, जहां भी नजर दौड़ाएंगे, वहां आपको मोबाइल टॉवर दिख जाएंगे। मोबाइल टेलीकॉम कंपनियों ने नियम को ताक पर रखकर घनी आबादी में मोबाइल टॉवर लगा दिए हैं।

    पर्यावरणविद् बताते हैं, मोबाइल टॉवर ने हमारी जिंदगी की कितनी बदली है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि कुछ साल पहले तक हमारे घर की बालकनी में चें-चें करने वाली गौरैया अब गायब हो गई है। शहरों से मधुमक्खी की आबादी भी पलायन कर चुकी है।

    पिछले दो दशक में राजधानी पटना की नई बसावट यानी नूतन राजधानी में 215 मोबाइल टॉवर हैं। वहीं नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कंकड़बाग इलाके में 65 मोबाइल टॉवर हैं। राजधानी के बांकीपुर इलाके में 142 मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। पटना सिटी इलाका भी मोबाइल रेडिएशन की मार से अछूता नहीं है। यहां करीब 166 मोबाइल टॉवर हैं। अन्य को जोड़ते हुए शहर में कुल मिलाकर 600 मोबाइल टॉवर हैं। जो संभव है कि लोगों को मोबाइल पर बात करने व इंटरनेट आदि के इस्तेमाल में सहूलियत प्रदान करता हो, मगर इसका अंडर करंट लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।

    अपने मोहल्ले में तने मोबाइल टॉवर को देखकर हम भले ही खुश हो लें कि हमारा इलाका तरक्की कर रहा है, मगर सच्चाई तो यही है कि टॉवर और मोबाइल दोनों के रेडिएशन स्वीट प्वाइजन की तरह हैं। ये ऊपर-ऊपर भले ही नहीं दिखते हों, मगर स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालते हैं। जेनरल फिजिशयन डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा बताते हैं, शहर में कुकरमुत्ते की तरह लगे रहे मोबाइल टॉवर तेजी से ध्वनि प्रदूषण बढ़ा रहा है। इस वजह से लोगों में कान से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। यदि इसी तरह मोबाइल टॉवर तेजी से बढ़ता रहा तो और भी परेशानियां कम नहीं होने वाली हैं।

    मयंक चौधरी (बदला नाम)। पटेल नगर निवासी हैं। कुछ दिनों पहले डॉ. गोपाल प्रसाद के यहां इलाजरत थे। इन्हें मोबाइल मेनिया हो गया था। यानी मोबाइल के बिना के वे एक पल नहीं रह सकते थे। इस वजह से रात को नींद तक नहीं आती थी। सोते वक्त भी सीने से मोबाइल चिपका कर रखते थे। घर वालों को जब परेशानी समझ में आई तो वे डॉ. गोपाल प्रसाद के पास ले गए। करीब छह महीने तक इलाज होने के बाद अब मयंक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अब उनकी जिंदगी मोबाइल के बिना चंगी है।

    राहुल राज (बदला नाम)। कंकड़बाग इलाके के निवासी हैं। नवमी क्लास के छात्र हैं। आठवीं क्लास तक अपने स्कूल के टॉप छात्रों में इनकी गिनती की जाती थी, मगर नवमी क्लास में इनका प्रदर्शन एकदम से नीचे लुढ़क गया। घर वालों ने देखा की उनका लाल हमेशा मोबाइल में चिपका रहता है। वे मनोचिकित्सक डॉ. समीधा पांडे के पास लेकर गए। वहां डॉ. पांडे ने समझाया कि स्मार्ट फोन के अधिक इस्तेमाल से राहुल की एकाग्रता पर अधिक असर पड़ा है। उसका फोकस गड़बड़ हो गया है। आज काउंसलिंग व इलाज के बाद राहुल फिर से सामान्य हो गया है।

    मोबाइल फोन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, इससे तो सभी वाकिफ हैं। अब नया तथ्य सामने आया है कि यह सड़क से अधिक घर और दफ्तर में नुकसान पहुंचा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल का रेडिएशन मिलकर शरीर पर दोगुना नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अध्ययन में यह बात सामने आई है।

    मोबाइल टॉवर और मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन की वजह से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। मोबाइल फोन ने युवाओं के व्यक्तित्व व चरित्र को प्रभावित किया है। किशोरों को लगता है कि अब उन्हें पढऩे की जरूरत नहीं, सबकुछ मोबाइल में ही मिल जाएगा। इस वजह से युवा तेजी से डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं।

    मोबाइल फोन व मोबाइल टॉवर से निकलने वाले इलक्ट्रो मैगनेटिक रे की वजह से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पर रहा है। इस वजह से बच्चों की याददाशत पर गहरा असर पड़ा है। मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से युवाओं के ब्रेन के अंदर न्यूरो सेल को नुकसान हो रहा है। मोबाइल टॉवर व मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडियेशन की वजह से बच्चों व युवाओं की समझने की क्षमता भी प्रभावित हुई है।

  • जिस एक्सप्रेस वे का मोदी ने उद्घाटन किया उसका 69 प्रतिशत काम अधूरा है!

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    दिल्ली। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बनाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक आरपी सिंह के मुताबिक 82 किमी लंबी इस परियोजना पर अभी केवल 31 प्रतिशत काम हुआ है। उन्होंने बताया, ‘परियोजना का पहला चरण पूरा हो गया है। दूसरा चरण 15 प्रतिशत पूरा है। जबकि तीसरे चरण का 60 प्रतिशत और चौथे चरण का तीन प्रतिशत काम हुआ है।’

    यानी कि कुल नियोजित एक्सप्रेसवे का केवल 25.57 किमी या 31 प्रतिशत काम पूरा हुआ है जब मोदी ने इस एक्सप्रेसवे को देश को समर्पित किया। यानी अभी लगभग 69 प्रतिशत काम पूरा होना बाकी है। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रोड शो किया। उनका यह रोड शो दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होकर छह किलोमीटर तक चला।

    इस दौरान प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मिलेनियम पार्क से लेकर गाजीपुर तक के बीच छह किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनाई गई। कई समाचार चैनलों और मीडिया के दूसरे माध्यमों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस रोड शो का सीधा प्रसारण किया और इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के तमाम फायदे गिनाए गए।

    हालांकि जब इसके फायदे बताए जा रहे थे तब चालाकी से यह बात छिपा ली गई कि दिल्ली से मेरठ को जोड़ने वाली इस 82 किलोमीटर परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत अभी तक शुरू नहीं हुआ है। मोदी ने 7,500 करोड़ रुपये लगत की इस परियोजना के पहले चरण (लागत 841 करोड़ रुपये) जिसकी लंबाई 8.36 किमी है, का उद्घाटन किया है। यह चरण दिल्ली के निजामुद्दीन पुल से शुरू होकर दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर खत्म हो जाता है। इसके बाद मेरठ का सफर तय करने वाले यात्री नेशनल हाईवे 34 को इस्तेमाल कर रहे हैं जो मात्र चार लेन का है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी दावा किया कि इस परियोजना के पहले चरण को रिकॉर्ड 18 माह में पूरा कर लिया गया जबकि सच्चाई यह कि करीब 30 महीने पहले दिसंबर 2015 में खुद मोदी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे के तीन चरण-यूपी बॉर्डर से डासना, डासना से हापुड़ और डासना से मेरठ का पूरा होना अभी बाकी है।

  • पुणे के आनंद ललवानी ने नासा का सैटलाइट बनाने में की मदद

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    मुंबई: पुणे के 22 वर्षीय आनंद लालवानी उन 17 होनहार स्टूडेंट्स में शामिल हैं, जिन्होंने नासा के सैटलाइट EQUiSat के लिए सोलर पावर और बैटरी सिस्टम का डिजाइन तैयार करने और सिस्टम को बनाने का काम किया है। इस सैटलाइट को नासा ने पिछले ही हफ्ते लॉन्च किया। आनंद फिलहाल ब्राउन यूनिवर्सिटी में इंजिनियरिंग रिसर्च असिस्टेंट के रूप में काम कर रहे हैं और हाल ही में फिजिक्स में बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है। वह ताऊ बेटा पाई सोसायटी की भी सदस्य हैं। उन्हें नासा के स्टूडेंट प्रोग्राम के लिए ग्रुप लीडर चुना गया था।

    आनंद ने अपने बयान में कहा कि इस प्रॉजेक्ट को क्यूबसैट लॉन्च इनिशिएटिव द्वारा फंडिंग की गई, जोकि स्टूडेंट्स के लिए नासा का एक स्पेशल प्रोग्राम है। 20 मई को भेजे गए सैटलाइट में इन स्टूडेंट्स का बनाया एक 4 इंच क्यूब सैटलाइट भी है। स्टूडेंट्स की इस टीम ने बैटरी-सोलर सिस्टम बनाने के साथ-साथ इसे सुरक्षित करने के लिए कोटिंग भी की। आनंद ने कहा, ‘EQUiSat स्टूडेंट्स द्वारा डिवेलप किए गए सबसे इकनॉमिकल सैटलाइट्स में से एख है। इसकी ऐवरेज कॉस्ट 50 हजार से 1 लाख डॉलर है लेकिन हमारी टीम ने इसे सिर्फ 4 हजार डॉलर से कम में ही बना डाला। हमने 12 महीने तक इस पर काम किया लेकिन फेल गए लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी और अंतत: इसे बना ही डाला।

  • डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम देशद्रोह का आरोपी घोषित

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    पंचकूला. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को देशद्रोह का आरोपी बनाया गया है. गुरमीत को आरोपी बनाने का फैसला राकेश इंसा के बयानों के आधार पर किया गया है. पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को हुई हिंसा की जांच कर रही एसआईटी ने सप्लीमेंट्री चालान पेश किया है. इसमें गुरमीत को आरोपी नंबर-50 बनाया गया है.

    हिंसा के 10 महीने बाद गुरमीत को आरोपी बनाने का फैसला राकेश इंसा के बयानों के आधार पर हुआ. राकेश भी डेरे की कोर कमेटी में था, अब जेल में है. चालान में एसआईटी ने दावा किया है कि साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में डेरा मुखी ने अपने खिलाफ आने वाले कोर्ट के ऑर्डर से पहले आदित्य से पूछा था कि पंचकूला के प्लान पर काम कैसा चल रहा है? आदित्य ने इसके जवाब में कहा था कि सब प्लान के मुताबिक है.

    एसआईटी का कहना है कि पंचकूला में लाखों लोगों को जुटाने की प्लानिंग सिरसा डेरे में हुई थी. हिंसा भड़काने की साजिश में जुटे डेरे के लोग गुरमीत की रहनुमाई में काम कर रहे थे. चार्जशीट के मुताबिक, गुरमीत के खास रहे राकेश इंसा ने बयान दिया कि 17 अगस्त 2017 को डेरा सच्चा सौदा सिरसा में 45 मेंबर्स की कमेटी की एक मीटिंग हुई थी. इसमें तय किया गया था कि पंचकूला में हिंसा फैलाने के लिए किसकी क्या भूमिका होगी.

    डेरा मुखी को अब तक आरोपी न बनाने वाली एसआईटी पर सवाल उठ रहे थे. लेकिन, जांच टीम के पास उसके खिलाफ न तो कोई सबूत था, न ही गवाह. अब एसआईटी को राकेश इंसा के रूप में गवाह मिल गया है. एसआईटी जेल जाकर उससे पूछताछ करेगी. इसके लिए डीजीपी ऑफिस से इजाज़त मांग ली गई है.