Category: state-news

  • खुलासा : कंप्यूटर ट्रेनिंग के नाम पर 150 करोड़ की ठगी, पढ़े पूरी स्टोरी

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    छात्रों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने पर कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर संचालकों से मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर 6 राज्यों में डेढ़ अरब ठगने वाले आईटीएसपीएल कंपनी के डायरेक्टर जगन्नाथ दास को बड़ी कंपनियों से मेलजोल कराने वाले कोलकाता निवासी सुब्रतो मंडल उर्फ बाबुन को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है।

    पुलिस की पूछताछ में जगन्नाथ और सुब्रतो ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ठगी करने के बाद जगन्नाथ ने सालभर बाद देश छोड़कर फरार होने की प्लानिंग कर रखी थी।

    वह भूटान में मकान बनवाकर वहीं सेटल होना चाहता था। वह इसकी तैयारी कर रहा था, लेकिन विदेश भागने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

    साथ ही उसने बताया कि सुब्रतो बड़ी कंपनियों और ट्रेनिंग सेंटरों से संपर्क कर सीएसआर फंड दिलाने का आश्वासन देता था। उसके बाद जगन्नाथ से मिलवाकर सौदा तय कराता था।

    उसके पास से पुलिस ने बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। बुधवार को पुलिस उसे कोलकाता से रिमांड पर लेकर गुरुवार को रायपुर पहुंची। शुक्रवार को उसे रायपुर की कोर्ट में पेश किया।

    आपको बता दें कि इससे पहले कंपनी के डायरेक्टर जगन्नाथ दास, अशोक जैन और स्टेट कोआर्डिनेटर योगेंद्र बारिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    उनके पास से 5 बैंक पासबुक, 80 करोड़ रुपए के चेक समेत अन्य दस्तावेज मिले थे। उसने 11 हजार 541 छात्र-छात्राओं के नाम से संचालकों से पैसे वसूले थे।

    आरोपी जगन्नाथ प्रसाद ने कोलकाता में स्वर्ण युग ह्यूमन रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड का दफ्तर खोल रखा था। इसका राजस्थान, मध्यप्रदेश में भी दफ्तर था।

    साथ ही 8 नामों से अलग-अलग राज्यों में ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन करा रखा था। ट्रेनिंग संचालकों को ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन का सर्टिफिकेट दिखाकर झांसे में लेता था।

    कोलकाता के गंजाम निवासी जगन्नाथ दास और ब्रम्हपुर ओडिशा निवासी अशोक जैन ने दुर्ग और रायपुर के कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर संचालकों को एक हजार से 1200 रुपए जमा करने पर प्रति छात्र 8 हजार रुपए के हिसाब से देने का झांसा देकर 6 राज्यों में 150 करोड़ रुपए की ठगी की थी।

    पुलिस के मुताबिक जगन्नाथ दास ने ओडिशा में साल 2008 में एक छोटा कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर खोला। इनकम टैक्स का बेहतर ज्ञान होने की वजह से कंपनियों को टैक्स बचाने का झांसा देकर विश्वास में लेता था।

    इस दौरान उसने कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड मैनेजमेंट की ओडिशा, राजस्थान, कोलकाता, दिल्ली, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में ट्रेनिंग सेंटर संचालकों से ठगी की।

    कंपनी के स्टेट कोआर्डिनेटर योगेंद्र बारिक ने कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर संचालकों से संपर्क कर हाईवेयर, बीपीया, सीएसीए, मल्टी मीडिया एनीमेश और ड्रेस मेकिंग कोर्स कराने पर छात्रों को सर्टिफिकेट देनी योजना बताई थी।

    इसके तहत संस्था को प्रति छात्र 8 हजार रुपए देने का अाश्वासन देकर उन्हें अपने जाल में फंसाया था।

  • जानिये एक करोड़ युवाओं के लिए नीतिश कुमार की अभिनव योजना !

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    पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2020 तक एक करोड़ युवाओं को हुनरमंद बनाया जायेगा. शुक्रवार को वेटनरी कॉलेज ग्राउंड पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि योजना के शुरुआती तीन वर्षों के दौरान काफी कठिनाइयां रहीं, लेकिन अब वर्ष 2020 तक इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं की आबादी सबसे अधिक है. इन्हें दक्ष  कर रोजगारपरक बनाया जा सकता है. इनका उपयोग देश के अंदर  अन्य राज्यों और विदेशों में हो सकता है.

    बिहार की आधी आबादी वर्किंग : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया का सपना स्किल बिहार के बिना पूरा नहीं हो सकता. बिहार की 50 फीसदी आबादी वर्किंग है. इनमें भी 15 से 30 उम्र के युवाओं की संख्या दो करोड़ से ज्यादा है. दूसरे राज्यों में कार्यशील आबादी की घटती संख्या और बिहार में कुशल कामगारों की उपलब्धता को देखते हुए इसका लाभ मिलेगा. श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रतिभा जाति, धर्म या भाषा के बंधन की मोहताज नहीं होती.

    कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से भारत स्वामी विवेकानंद के कथन को सार्थक करते हुए विश्वगुरु बनने का काम करेगा.  कार्यक्रम की शुरुआत के पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इस मौके पर हैंडबुक (प्रतियोगियों की प्रोफाइल) का विमोचन भी हुआ. सीडैक और कल्याण विभाग, आईएमसी वीमेन आईटीआई (ब्यूटी के क्षेत्र में) और जावेद हबीब के वुमेन आईटीआई, आईएमसी दीघा आईटीआई और ईडीआई के बीच तीन समझौता पत्रों का आदान-प्रदान किया गया.

    समोराह को मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. मौके पर विधायक संजीव चौरसिया, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के एमडी सह सीईओ मनीष कुमार, योजना परिषद की मुख्य परामर्शी हरजीत कौर, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, सीमैड के डायरेक्टर जेनरल डॉ हेमंत धारवाड़ी, जेएचग्रुप के चेयरमैन जावेद हबीब, आईएचएम के प्राचार्य सुदेश श्रीवास्तव, बीआईटी पटना के निदेशक बीके सिन्हा, नाइलेट के निदेशक आलोक त्रिपाठी, डीएम कुमार रवि सहित अन्य प्रतिभागीगण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे.

    तीन लाख से ज्यादा युवाओं को मिला प्रशिक्षण- सीएम ने कहा कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 240 घंटों में युवाओं को कंप्यूटर, संवाद कौशल, व्यवहार कौशल की जानकारी दी जा रही है. अब तक तीन लाख से ज्यादा युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है. युवाओं की उद्यमिता के लिए 500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है.

    स्वयं सहायता भत्ता के तहत रोजगार प्राप्त करने की तलाश में युवाओं को दो वर्ष तक 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता दी जा रही है. मुख्यमंत्री  ने कहा कि बिहार में इस साल 90 हजार करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च  होंगे. इन पैसों से शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण, उद्योग जैसे विभागों में  काम  होगा. इसलिए बिहार में स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार की काफी संभावनाएं हैं.

  • इस गाय के दूध से बने मावे से बने लड्डू का तिरुपति बालाजी मंदिर में चढ़ता है भोग

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    बिलासपुर । आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में लड्डू का भोग चढ़ाने की परंपरा है। इसे श्रीवारी कहते हैं। मान्यता है कि बिना यह भोग चढ़ाए दर्शन पूरे नहीं होते। प्रति दिन करीब दो लाख लड्डुओं का भोग तिरुपति को चढ़ता है। विशेष बात यह है कि ये लड्डू केवल और केवल पुंगनूर प्रजाति की गाय के दूध से बने मावे से बनाए जाते हैं। ऐसा सालों से होता आ रहा है। लेकिन अब जबकि इस प्रजाति की गायें गिनती की बची हैं, इस परंपरा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आंध्रप्रदेश सरकार और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की चिंता को छत्तीसगढ़ के युवा पशु चिकित्सक ने कम करने का प्रयास किया है।

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    आंध्र प्रदेश सरकार के सामने ये संकट है कि विशेष नस्ल की इस गाय की वंशवृद्धि नहीं हो पा रही है। आंध्र में मात्र 130 गाय ही बची है। इधर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार तिवारी ने सरोगेसी तकनीक के जरिए पुंगनूर गाय की वंशवृद्धि करने में कामयाबी हासिल की है। इस युक्ति से वे अब तक इस प्रजाति की 20 गायें तैयार कर चुके हैं।

    जांजगीर जिले के गोपालनगर स्थित जेके ट्रस्ट की लैब में उन्होंने पहला और सफल प्रयोग किया था। इसकी जानकारी मिलने पर आंध्र प्रदेश सरकार ने डॉ. तिवारी से संपर्क किया और चित्तूर, आंध्रप्रदेश के पलमनेर स्थित अत्याधुनिक लैब में सरोगेसी के जरिए पुंगनूर गाय की वंशवृद्धि की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी। बता दें कि सरोगेसी युक्ति में नर-मादा (डोनर) के अंडाणु व शुक्राणुओं का मेल परखनली विधि से करवा कर भ्रूण को अन्य कोख (सरोगेट मदर) में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। डॉ. तिवारी ने आंध्रप्रदेश पहुंच पलमनेर लैब में काम शुरू कर दिया है।

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    डॉ. तिवारी ने सबसे पहले पुंगनूर के अलावा एक अन्य विशिष्ट नस्ल की गाय पोंगुल का चयन किया। पुंगनूर को डोनर के रूप में इस्तेमाल करते हुए पोंगुल गाय को सरोगेट मदर बनाया। पोंगुल गाय पुंगनूर नस्ल को न केवल आत्मसात कर रही है वरन स्वस्थ बच्चे को जन्म भी दे रही है। बच्चे में पुंगनूर (डोनर) के ही शतप्रतिशत गुणसूत्र होते हैं। इस विधि से पुंगनूर की अब तक 20 बछिया पैदा की जा चुकी हैं।

    सरोगेसी के जरिए तैयार पुंगनूर नस्ल की गाय प्रतिदिन 18 लीटर दूध देती है। डॉ. तिवारी ने बताया कि विशिष्ट नस्ल की पुंगनूर से जन्मी छह महीने की बछिया की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये है। आंध्रप्रदेश में इस बछिया को हासिल करने के लिए लोगों को मिन्नतें करते हुए देखा जा सकता है। चित्तूर, आंध्र प्रदेश स्थित पलमनेर फार्म हाउस में कुल 130 पुंगनूर गाय हैं। यहीं से दूध रोजाना तिरुपति मंदिर को भेजा जाता है। अन्य गायों की अपेक्षा इसके दूध में वसा की मात्रा बहुत अधिक होती है।

  • तेजस्वी की 50 करोड़ की एक और बेनामी संपत्ति जब्त!

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    पटना. लालू परिवार पर इनकम टैक्स विभाग ने कार्रवाई की है. लालू के बेटे तजेस्वी यादव की जमीन और एयरपोर्ट के पास के एक मकान को विभाग ने जब्त कर लिया है. आयकर विभाग ने बेनामी सम्पत्ति अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति पर इश्तेहार चिपकाया है.

    आयकर विभाग ने गुरुवार को कथित शेल कंपनी फेयरग्लो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के स्वामित्व वाली बिल्डिंग को जब्त कर वहां इस संबंध में एक नोटिस चिपका दिया है. पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित इस बिल्डिंग का अनुमानित मूल्य लगभग 50 करोड़ बताया जा रहा है. कुल जमीन 5.22 कट्टा लगभग 7105 वर्ग फ़ीट है.

    आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार इस संपत्ति को लालू परिवार के फेयरग्लो कंपनी के नाम से हासिल करने का अंदेशा लगाया जा रहा है. यह कंपनी एक शेल कंपनी बतायी जाती है. इसी कंपनी के स्वामित्व वाले आलिशान भवन को आयकर अधिकारियों ने जब्त कर लिया है. फिलहाल इस भवन में कोई रहता नहीं है और इसका एक हिस्सा अब भी निर्माणाधीन है.

    आयकर सूत्र बताते हैं कि लालू प्रसाद के दोनों बेटे और दो बेटियां पूर्व में इस कंपनी के निदेशक रह चुके हैं. लालू परिवार की बेनामी संपत्ति के मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के विरुद्ध चार्जशीट दायर होने के सप्ताह भर बाद आयकर विभाग की यह कार्रवाई हुई है.

    उधर गुरूवार को भवन में नोटिस चिपकाने के बाद आयकर विभाग को उम्मीद है कि इस संपत्ति पर दावा करने के लिए उसके वास्तविक दावेदार विभाग के समक्ष अपने दस्तावेज पेश करेंगे. साथ ही विभाग ने इस कार्रवाई की लिखित सूचना दिल्ली स्थित आयकर प्राधिकार को भी दे दी है. बताते चलें कि इसके पूर्व आयकर विभाग ने लालू परिवार से जुड़ी फुलवारीशरीफ में एक और दानापुर के दो भूखंडों को जब्त किया था.

  • Bihar bus accident : बस हादसे में पांच लोगों की झुलसकर मौत, हुआ बड़ा खुलासा

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    पटना । मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही बस के एनएच-28 पर कोटवा क्षेत्र में पलट गई जिससे बस में आग लग जाने से उसमें बैठे पांच लोगों की झुलसकर मौत की आशंका है। इस दुर्घटना को लेकर बड़ा खुलासा यह हुआ है कि बस का परिचालन अवैध तरीके से हो रहा था। किसी भी राज्य से उसका परमिट निर्गत नहीं हुआ था।

    बस में लगा था मोटर कैब का नंबर

    बस का नंबर यूपी75एटी-2312 लिखा पाया गया है। वह मोटर कैब का नंबर है। इस श्रेणी में हल्के वाहन आते हैं। इटावा के परिवहन विभाग के यात्रीकर अधिकारी अरविंद कुमार जैसल ने बताया कि इस नंबर पर परिवहन विभाग में सचेंद्र कुमार सिंह पुत्र अंगद सिंह निवासी नगला रामसुंदर, इटावा का नाम दर्ज है। यह मोटर कैब श्रेणी में दर्ज है और महिंद्रा एण्ड महिंद्रा की गाड़ी है।

    नंबर कैब का, चलायी जा रही थी बस, होगी जांच

    उन्होंने बताया कि इस नंबर पर टैक्स व फिटनेस पूरा जमा है। उन्होंने बताया कि यह नंबर बस पर कैसे चलाया जा रहा है यह तो जांच का विषय है। मामले की जांच के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा। वहीं, बिहार के परिवहन मंत्री संतोष निराला ने भी कहा है कि मोतिहारी बस हादसे की जांच होगी।

    मोतिहारी के कोटवा में हुआ हादसा
    बता दें कि आज शाम मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए जा रही एसी बस मोतिहारी के कोटवा में पलट गई जिससे बस में आग लग गई, इसमें बस में बैठे पांच लोगों की झुलसकर मौत की आशंका है। घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।

    मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोतिहारी जिले के कोटवा थानान्तर्गत एनएच-28 पर बागरा के निकट मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही बस के गड्ढ़े में पलटने के कारण लगी आग से लोगों की हुई मौत पर गहरा दुख एवं संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को काफी दुखद बताया।

    सीेएम ने भाषण बीच में रोककर एक मिनट का रखा  मौन
    घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में एक मिनट का मौन रखकर दुर्घटना में मारे गये लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि एवं संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के जो भी लोग इस दुर्घटना में मृत होंगे, उनके परिजनों को नियमानुसार आर्थिक मदद उपलब्ध करायी जायेगी।

    मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में घायल लोगों के समुचित इलाज का भी निर्देष दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

    नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने भी बस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया
    नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी मोतिहारी के कोटवा में दिल्ली जा रही एक बस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की सूचना पर गहरी शोक संवेदना वयक्त की और कहा कि ऐसी दुर्घटना अत्यंत दुखदायी है। इस हादसे से मैं मर्माहत हूं। दुर्घटना में हताहत हुए लोगों की आत्मा को ईश्वर चिर शांति दे। परिजनों को इस दुख की घड़ी में शोक सहने की शक्ति दे।
    पूर्वमुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी, पुर्वमंत्री एवं विधायक तेजप्रताप यादव ने भी इस बस दुर्घटना में हताहत हुए लोगों की आत्मा की चिर शांति के लिये ईश्वर से प्राथना की।

  • पतियों की पिटाई सबसे अधिक इन शहरों में होती है !

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    नई दिल्ली।. भोपाल में हर महीने लगभग 13 पतियों की पिटाई के मामले दर्ज हुए हैं. दरअसल, पतियों की पिटाई का मामला तब सामने आया जब डायल 100 की टीम ने बीटिंग हस्बैंड इवेंट की नई कैटेगरी बनाई. इस कैटेगरी में जहां इंदौर पहले पायदान पर है तो वहीं भोपाल ने दूसरे पायदान पर जगह बनाई है.

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    भोपाल में पिछले 4 महीनों में 52 पतियों के पिटने के केस सामने आए हैं. जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2017 में डायल 10 की टीम ने डोमेस्टिक वायलेंस से बीटिंग वाइफ इवेंट और बीटिंग हस्बैंड इवेंट को अलग किया गया, जिसके बाद जनवरी 2018 से अप्रैल 2018 के बीच 772 पतियों ने पत्नियों द्वारा पिटाई की शिकायतें दर्ज कराई. पत्नियों द्वारा पीटे जाने वाले पतियों में सबसे अधिक पति इंदौर के रहे. इंदौर में 74 पतियों ने पिटाई की शिकायत दर्ज कराई.

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    महिलाओं से मारपीट के मामले मध्यप्रदेश में कितने अधिक होते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में पिछले 4 महीनों में पत्नी से मारपीट के 22 हजार मामले दर्ज हुए हैं. इस मामले में भी इंदौर ने बाकी के क्षेत्रों को पछाड़ते हुए 2115 मामलों के साथ पहले स्थान पर जगह बनाई है.

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    इसके अलावा भोपाल में 1546 शिकायतें दर्ज की गईं. इस कैटेगरी में जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों की महिलाओं ने भी पतियों द्वारा अत्याचार के मामले दर्ज कराए हैं.

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    डायल 100 पर सबसे अधिक कॉल्स महिलाओं के

    बता दें डायल 100 पर सबसे अधिक कॉल्स महिलाओं के होते हैं. डायल 100 पर रोजाना 25 हजार से ज्यादा कॉल आते हैं जिनमें सबसे अधिक कॉल महिलाओं के होते हैं. इन कॉल्स में केवल कुछ ही जगह ऐसी होती हैं जो पहुंचने लायक होती हैं. डायल 100 पर कई फेक कॉल्स भी आते हैं. जिसके चलते पुलिस को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

  • अभ्यर्थियों के भविष्य पर लटकी तलवार,भर्ती परीक्षा का डाटा लीक…….

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    जयपुर:  अभी तक प्रदेश में सिर्फ पेपर आउट होने के ही मामले सामने आते रहे हैं लेकिन अब भर्ती परीक्षा से पहले ही विद्यार्थियों का डाटा लीक होने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया हैं. मामला राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालिक सेवा चयन की तरफ से आयोजित की जाने वाली सूचना सहायक परीक्षा आईए 2018 से जुड़ा हुआ है. राज्य में 12 मई को सूचना सहायक की सीधी भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित होने वाली है. इसके लिए RSMSSB की तरफ से प्रवेश पत्रों को वेबसाइट पर अपलोड करने का काम किया जा रहा है.

    5 मई को डाउनलोड करने थे प्रवेशपत्र
    उम्मीदवारों को प्रवेशपत्र वेबसाइट से 5 मई को डाउनलोड करने थे. लेकिन डाटा लीक होने के बाद अभ्यर्थियों ने 3 मई को ही प्रवेशपत्र डाउनलोड कर लिए. इस जानकारी के सामने आने के बाद मामले की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में बेरोजगार RSMSSB कार्यालय पहुंचे और बोर्ड चैयरमैन से शिकायत की. यह जानकारी आरएसएमएसएसबी तक पहुंची तो चैयरमैन समेत अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए. आनन फानन में अधिकारियों ने मीटिंग की. मामले की शिकायत आईटी विभाग में कर दी गई है.

    दो चरणों में आयोजित होनी है परीक्षा
    आपको बता दें कि राजस्थान में सूचना सहायक भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जानी है. पहले चरण में लिखित परीक्षा होगी. लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों का दूसरे चरण में टाइपिंग टेस्ट होगा. लिखित परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट में पास होने वाले अभ्यर्थियों का वरीयता के आधार पर चयन किया जाएगा

  • पति अपनी पत्नी को भूल आया नेशनल हाईवे पर, लापता महिला मिली इस हाल में !

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    ओडिशा के अनुगुल जिले में एक शख्स की लापरवाही उसकी पत्नी पर भारी पड़ गई। वह भूलवश अपनी पत्नी को हाइवे में छोड़ आया लेकिन जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी। नेशनल हाईवे-55 में महिला को अकेला पाते ही दरिंदों ने उसे अपना शिकार बना लिया। 30 वर्षीय महिला के साथ 6 लोगों ने गैंगरेप किया। 3 दिन से लापता महिला रविवार शाम जगत सिंहपर जिले से मिली।

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    वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक संबलपुर जिले के रहने वाली दंपत्ति अपनी 6 साल की बेटी के साथ कार से कटक जा रहे थे। उन्होने रात 10 बजे अनुगुल के नकची गांव में कार रोकी। इस दौरान महिला ने गाड़ी का दरवाजा खोला तो उसके पति को लगा कि वह बैठ गई है और उसने कार चला ली।

    करीब 17 किमी का सफर तय करने के बाद उसे पता चला कि उसकी पत्नी हाइवे में छूट गई है। वह तुरंत उस जगह लौटा जहां आखिरी बार पत्नी से बात की थी। उसे व​हां भी महिला नहीं मिली इस दौरान उसने आस पास के इलाकों में भी उसे ढूंढने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा।

    इसके बाद उसने हडपा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने भी महिला को ढूंढने के लिए सर्च अभियान चलाया लेकिन तीन दिन तक महिला को कोई सुराग नहीं लगा। रविवार को वह अपने रिश्तेदारों के घर पहुंच गई। जिसके बाद उसने बताया कि 6 लोगों ने उसके साथ रेप किया।

    हाईवे पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक महिला रात को सड़क पर अकेले घूम रही थी। इसके बाद वह 6 लोगों के साथ ऑटो में बैठ गई। हालांकि अभी साफ नहीं हो पाया है कि वह अपने रिश्तेदार के घर कैसे पहुंची। पुलिस ने शक के आधार पर 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है उनसे पूछताछ की जा रही है।

  • यहां नौनिहालों की मौत की चीत्कार हर साल गर्मियों में गूंजती है एक Unknown-Disease से

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    मुजफ्फरपुर। हर साल गर्मियों में एक अज्ञात बीमारी बच्चों को निगलने लगती है। बुखार आने के साथ बच्चे बेसुध हो जाते और जांच व उचित चिकित्सा के पहले ही दम तोड़ देते हैं। केंद्र व राज्य सरकार के स्तर पर पुणे और दिल्ली के अलावा अमेरिका के अटलांटा में पीडित बच्चों के खून व नमूनों की जांच कराई गई, मगर बीमारी के कारणों का पता नहीं चला। नमूनों में कोई वायरस या सूक्ष्मजीवी नहीं मिला। बीमारी अज्ञात ही रह गई। हां, बारिश शुरू होते ही बीमारी खुद-ब-खुद गायब हो जाती है। इस बीमारी से हर साल मौत के आंकड़े भयावह होते हैं। साल 2012 में इससे यहां सर्वाधिक 120 मौतें हुईं थीं। इस साल भी गर्मी के आने के साथ एक मौत हो चुकी है।

    मुजफ्फरपुर में 1990 से यह सिलसिला शुरू हुआ। 2010 में स्थिति गंभीर हुई तो डाटा रखने का काम शुरू हुआ। अब तो हर साल मई आते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो जाता है। माताओं को भय सताने लगता है। बीमारी का पता लगाने के लिए एनसीडीसी (राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र) नई दिल्ली और एनआइवी (राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान) के विशेषज्ञों ने जांच की, लेकिन किसी वायरस का पता नहीं चला।

    सीडीसी (सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन), अटलांटा में भी पीड़ित बच्चों के खून व अन्य नमूनों की जांच कराई गई, मगर कारणों का पता नहीं चल सका। तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन जून, 2014 में यहां आए। विशेषज्ञों से विमर्श के बाद उन्होंने इस बीमारी को कामचलाऊ नाम एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) दिया। पीडित बच्चों का इलाज लक्षणों पर आधारित कर दिया गया। इंसेफेलाइटिस से मिलते-जुलते लक्षण को लेकर इसे एईएस कहा गया, लेकिन इसका कोई एकरूप इलाज तय नहीं किया जा सका। अब भी अलग-अलग तरीके से इलाज हो रहा है।

    स्थानीय अस्पताल में शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजमोहन कहते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देश पर इलाज का प्रोटोकॉल बना। हालांकि पीड़ित बच्चों में हाइपोग्लाइसेमिया के लक्षण मिलने से अब ग्लूकोज व सोडियम की मात्रा नियंत्रित करने पर काम हो रहा है। डॉ ब्रजमोहन ने बताया कि कुछ बच्चों में हाइपोग्लाइसेमिया पाया जा रहा है, जिसमें शरीर में शुगर का लेवल कम हो जाता है, लेकिन अब तक किसी भी पीड़ित में इंसेफेलाइटिस का वायरस नहीं मिला। बहरहाल, अप्रैल से जून माह में होने वाली यह बीमारी अब भी अज्ञात बनी हुई है।

    बीमारी के असली कारण तक पहुंचने के लिए जांच के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए और किए जा रहे हैं। मगर, ठोस नतीजा नहीं आया। साख बचाने के लिए एजेंसियां अंधेरे में तीर चला विवाद को जन्म दे रही हैं। कभी लीची को बीमारी का कारण माना गया। कभी टॉक्सिन और अब जंक फूड की बात कही जा रही है। हर साल एक नया शिगूफा सामने आ जाता है। बीमारी के कारणों में अब गांव, गरीबी व गर्मी को भी शामिल कर लिया गया है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय कहते हैं कि बिहार सरकार बच्चों की बीमारी व उसके कारण को लेकर भारत सरकार व बड़ी एजेंसियां जांच कर रही हैं। अब तक कारण का पता नहीं चल सका है। फिलहाल इस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग सचेत है।

  • पंचायत चुनाव में ‘दीदी’ का बजा डंका, दूसरे नंबर की पार्टी बनी बीजेपी

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    कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हुए चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रही है. अब तक घोषित नतीजों के अनुसार तृणमूल ग्राम पंचायतों में 19,394 सीटें जीत चुकी हैं. दूसरे स्थान पर भाजपा है लेकिन उसकी सीटों की संख्या तृणमल की तुलना में काफी कम है. राज्य चुनाव आयोग सूत्रों ने बताया कि तृणमूल 560 ग्राम पंचायत सीटों पर आगे चल रही है. भाजपा ने 5050 सीटें जीती हैं और वह 55 सीटों पर आगे चल रही है. कई सालों में यह पहला मौका है जब भाजपा ने हर जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर जीत हासिल की है.

    1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद भाजपा ने ग्रामीण चुनावों में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी थी. माकपा तीसरे स्थान पर आ गई है. पिछली बार वह दूसरे नंबर पर थी. सूत्रों के अनुसार उसे 1306 ग्राम पंचायतों में जीत मिली है और वह 27 में आगे है. कांग्रेस चौथे नंबर पर है और उसे 918 सीटों पर कामयाबी मिली है तथा 29 सीटों पर आगे चल रही है. तृणमूल ने पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया है और अन्य दलों से काफी आगे चल रही है.

    16 मई को हुगली में 10 मतदान केन्द्रों , पश्चिम मिदनापुर में 28 मतदान केन्द्रों, कूचबिहार में 52 मतदान केन्द्रों, मुर्शिदाबाद में 63 मतदान केन्द्रों, नादिया में 60 मतदान केन्द्रों, उत्तर 24 परगना में 59 मतदान केन्द्रों, मालदा में 55 मतदान केन्द्रों , उत्तर दिनाजपुर में 73 मतदान केन्द्रों और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान हुआ था.

    पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा से नाराज कई उम्मीदवारों ने आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर पुनर्मतदान की मांग की थी . इस हिंसा में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी और 43 लोग घायल हो गए थे. विपक्षी दलों ने तृणमूल के आतंक का राज उजागर होने का आरोप लगाया था. हालांकि तृणमूल ने इन आरोपों को निराधार बताया था.