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  • मैहर की रानी जोरों से चल रहे हैं पेड़ की अवैध कटाई शासन प्रशासन की कोई अधिकारी नहीं ले रहे सुंध ,,,

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    बलौदा जांजगीर चांपा

    बलौदा तहसील अंतर्गत ग्राम रसौटा स्थित नहर के पारों का अवैध खनन हो रहा है वहीं पारों में लगे पेड़ो को भी धराशाही कर अवैध कटाई कर रहें हैं ।

    ग्रामीणों का ये भी कहना हैं कि ये क्षेत्र पहले पेड़ों से घिरा रहता था अब वो नष्ट होते जा रहा । सिंचाई विभाग के अधिकारीयों को इसकी सूचना भी दी गई थी फिर भी वो मौके पर अभी तक नहीं पहुंचे तब‌ तक आधे से ज्यादा लकड़ी चोरी हो चुके हैं । खबर देने के बाद भी समय से पहुचना, आधे से ज्यादा लकड़ी का चोरी हो जाना, कही ना कही ऐसा प्रतीत होता है, ये मीले जुले तो नही है। सिंचाई विभाग के अधिकारी सबकुछ जानकर भी अनजान बन बैठे हैं ।

    खबर मिलते ही मौकें पर तहसीलदार को बुलाया गया , मौके पर सभी अवैध कार्य हो रहे स्थल का जायजा लेते हुए सिचाईं विभाग के अधिकारीयों से इसकी जांच कराने की बात कहीं ।

    ग्रामीणो से मिली जानकारी के अनुसार अवैध कटाई के दौरान ट्रेक्टर सहित लकड़ी जप्त भी किया गया था लेकिन सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी इसे अपना आदमी समझकर आपस में ही मामले सुलझा लेते हैं ।

    ऐसे में अवैध कटाई करने वालों के हौसले बुलंद हैं ।

  • यूपी के इन पांच शहरों में नहीं लगेगा लॉकडाउन, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

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    नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पांच शहरों में 19 अप्रैल की रात से लॉकडाउन के इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर देश की शीर्ष अदालत ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाकर उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी राहत दी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर तत्काल रोक लगाने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से कोरोना वायरस संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए सभी कदम की दो हफ्ते में रिपोर्ट भी मांगी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार से कहा आप इलाहाबाद हाई कोर्ट के ऑब्जर्वेशन को ध्यान दें, फैसले पर हम रोक लगा रहे हैं।

     

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में स्थिति बदतर होते देख लखनऊ, कानपुर शहर, प्रयागराज, वाराणसी तथा गोरखपुर में लॉक डाउन का निर्देश दिया था। इसके विरोध में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। एसजी तुषार मेहता ने उत्तर प्रदेश सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख किया था।

    हाई कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह निर्देश कार्यपालिका के क्षेत्र में अतिक्रमण है। सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण काल में बेहतर से बेहतर करने का प्रयास कर रही है। अगर सरकार को लगता है कि बिना लॉकडाउन के बात नहीं बनेगी तो लॉकडाउन भी होगा। जैसा पहले भी किया गया था।

    इससे पहले दिन पर दिन बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में 19 अप्रैल की रात से सात दिन के लिए लॉकडाउन के निर्देश पालन का इनकार करने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन का निर्देश दिया था।

    न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में बेहद खतरनाथ ढंग से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी व गोरखपुर में 19 अप्रैल की रात से 26 अप्रैल तक आवश्यक सेवा को छोड़कर लॉकडाउन का निर्देश दिया था।

    योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रवक्ता ने हाई कोर्ट के इस निर्देश को मानने से सरकार के साफ इनकार करने के निर्णय के साथ ही अवगत कराया कि सरकार लॉकडाउन को लेकर बेहद गंभीर है। लोग स्वेच्छा से जगह-जगह पर प्रतिष्ठान व बाजार बंद कर रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने इन पांच शहरों के साथ अन्य दस जगह पर रात आठ बजे से अगली सुबह सात बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा रखा है।

  • बैरागी अखाड़ों की घोषणा – चैत्र पूर्णिमा स्नान में कुंभ समाप्ति की घोषणा करने वाले हुए शामिल तो होगा आंदोलन

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    हरिद्वार। बैरागी अखाड़ों ने घोषणा की है कि कुंभ समाप्ति की घोषणा करने वाले, कुंभ का विसर्जन करने वाले अखाड़ों को वह चैत्र पूर्णिमा के स्नान में अपने साथ शामिल नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि यह स्नान केवल सात अखाड़े ही करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कुंभ समाप्ति की घोषणा करने वाले अखाड़ों ने चैत्र पूर्णिमा स्नान की कोशिश की तो आंदोलन किया जाएगा। इसको लेकर उन्होंने कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल को बैरागी कैंप क्षेत्र में बुलाकर इससे अवगत करा दिया है। साथ ही उनसे इसके मुताबिक ही चैत्र पूर्णिमा स्नान की व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।

    बैरागी कैंप क्षेत्र में बुधवार को बैरागी अणियों की ओर से पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान निर्मोही अणि के अध्यक्ष श्री महंत राजेंद्र दास और निर्वाणी अणि के सचिव श्रीमहंत गौरी शंकर दास ने कहा कि जब जूना अग्नि, आह्वान निरंजनी, आनंद और अटल अखाड़े ने अपने-अपने कुंभ समाप्ति की घोषणा कर दी है। साथ ही कुंभ का विसर्जन कर दिया तो अब उनका चैत्र पूर्णिमा के स्नान से क्या लेना-देना। उन्होंने महानिर्वाणी अखाड़े की प्रशंसा करते हुए कहा कि अखाड़े के पदाधिकारियों ने इस मामले में उचित फैसला लिया है और वह चैत्र पूर्णिमा के स्नान में उनके साथ शामिल होता है तो  उसका स्वागत करते हैं।

  • भाजपा नेता और तकनीकी सहायक के मिलीभगत से जैतपुरी में 16 लाख की लागत से बने गौठान चढ़गया भ्रष्टाचार की भेंट।

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    ग्राम पंचायत जैतपुरी की गौठान निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल तब खुली जब पानी की समस्या को लेकर गौठान में काम कर रही दो महिला समूह की आपस में मनमुटाव हो कर मीडिया के सामने आए। ग्राम पंचायत जैतपुरी के गौठन में एक ही बोर खनन हुआ है जिसमें पानी का लेवल कम होने की वजह से आए दिन पानी की समस्या बनी रहती है जिसमें क्रेडा विभाग के द्वारा सौर पैनल लगाकर पंप चालू किया गया है। गौठान में दो महिला समूह कार्य करते हैं। चंदा के अंजोर महिला स्व सहायता समूह को खाद बनाने के लिए जिम्मेदारी मिली है तो वही गौठान में सब्जी की खेती के लिए तुलसी महिला स्व सहायता समूह को जवाबदारी सौंपा गया है। सब्जी की खेती करने वाली तुलसी महिला स्व सहायता समूह के लोगों ने सौर ऊर्जा से चलित पंप पर कब्जा करके रखे हुए हैं और खाद निर्माण करने वाली चंदा के अंजोर महिला समूह को पानी उपयोग करने नहीं देते जिसके कारण आय दिन दोनों महिला समूहों में विवाद की स्थिति बनी रहती है। जिसके कारण जैतपुरी के गौठान में खाद बनाने के लिए जो तकनीकी तैयार किए गए हैं सही रूप में तैयार नहीं हो पा रहा है जिसके कारण शासन प्रशासन के साथ-साथ महिला समूह को भी काफी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही गौठान में असामाजिक तत्वों के लोग शराब खोरी व अन्य नशीली पदार्थ लेकर गौठान को अपना अड्डा बनाए रहते हैं।

    0 तकनीकी सहायक और ठेकेदार भाजपा नेता की पार्टनरशिप में हुआ था निर्माण कार्य ।

    0 पूर्व पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने लगाया तकनीकी सहायक पर आरोप अभी तक गौठान निर्माण में काम किए हुए लोगों का पूर्ण रूप से नहीं मिला है राशि।

    0 गौठान में कार्य कर रहे समुहो का पानी की समस्या को लेकर होती है आए दिन मनमुटाव।

    0 असामाजिक तत्व के लोगों का नशा करने के लिए बना हुआ है अड्डा।

    इस विषय पर क्या कहते हैं जवाबदार अधिकारी ग्राम पंचायत जैतपुरी के गौठन में समस्या की मुख्य वजह पानी की है ग्राम पंचायत जैतपुरी में गर्मी के दिनों में अक्सर पानी की समस्या बनी रहती है जिसके कारण पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। गौठान में कार्य कर रहे समूह वालों के आपस में मनमुटाव थे उसे सुलझा लिया गया है। अब सुचारू रूप से वहां समूह वाले कार्य करेंगे।

    कुमार सिंह लहरें
    CEO जनपद पंचायत मस्तूरी

    ग्राम पंचायत में गर्मी के मौसम में हमेशा पानी की समस्या बनी रहती है इसको देखते हुए गौठान के बोर में पंचायत के द्वारा पाइप डलवाया गया था, फिर भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रही है, गौठान में काम कर रहे महिला समूह में आपसी मनमुटाव है जिसके कारण आए दिन दोनों में वाद विवाद होते रहते हैं। जिसकी सूचना हमने उच्च अधिकारियों को पहले से दे दिऐ थे।

    पूरन सिंह केवट
    सरपंच ग्राम पंचायत जैतपुरी

  • राजाजी टाइगर रिजर्व में आग लगाकर चुरा रहे थे शहद, एक को पकड़ा

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    डोईवाला (देहरादून)। राजाजी टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र (Rajaji Tiger Reserve) के जंगल में आग लगाकर पेड़ से शहद निकाल रहे दो आरोपित व्यक्तियों खिलाफ वन एक्ट (Forest Act) में मुकदमा दर्ज किया गया है। राजाजी नेशनल पार्क के गश्ती टीम को देखकर आरोपित फरार हो गए। इस बीच मधुमक्खियों के हमले में दो वन कर्मी जख्मी हो गए। राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) रामगढ़ रेंज के रेंज अधिकारी सत्य सिंह बिष्ट ने बताया कि रविवार सुबह फोरेस्ट गार्ड भूपेंद्र सिंह दैनिक कर्मी सुमित के साथ पार्क इलाके में गश्त कर रहे थे। इस बीच बुलंदावाला वन बीट क्षेत्र के जंगल से धुआं उठता देख वह मौके पर पहुंचे। वहां पर दो व्यक्तियों ने आग लगा रखी थी पेड़ से शहद निकाल रहे थे। गश्ती टीम को देखकर आरोपित मौके से फरार हो गए। तभी मधुमक्खियों ने धुएं के बीच गश्ती दल पर हमला कर उन्हे जख्मी कर दिया। वन कमियों ने इसकी जानकारी फॉरेस्टर ब्रह्मानंद सती को दी। सूचना पर मौके पर वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर ने दोनों कर्मचारियों को हॉस्पिटल पहुंचाया। रामगढ़ रेंज अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपितो में से एक की पहचान अफजल पुत्र मोहम्मद हनीफ बुल्लावाला के रूप में हुई है, जबकि दूसरे आरोपित की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि वन एक्ट के तहत दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही  डोईवाला कोतवाली में भी इस मामले में तहरीर दी गई है।

  • वीकेंड लॉकडाउन का दिया योगी सरकार ने फैसला, जानिए क्या है छूट-क्या पाबंदी

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए लगातार नए जतन कर रही है। सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक हफ्ते के कंपलीट लॉकडाउन के निर्देश को मानने से भले ही इनकार कर दिया, लेकिन सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन का फैसला दिया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को टीम-11 के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा के बाद प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन यानी शुक्रवार रात नौ बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक लॉकडाउन का फैसला लिया है। इस दौरान अतिआवश्यक सेवा जारी रहने के साथ ही शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन का भी वृहद अभियान चलेगा।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हम प्रत्येक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश में लॉकडाउन के कारण किसी के भी सामने आजीविका का संकट उत्पन्न न हो इसी कारण हमने वर्तमान की प्रदेश की परिस्थितियों के आधार पर कोरोना कर्फ्यू को पूरी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।

    उत्तर प्रदेश सरकार ने अब हर शुक्रवार रात 9 बजे से सोमवार प्रात: सात 7 बजे तक कोरोना कर्फ्यू और साप्ताहिक बंदी का निर्णय लिया है। इस दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में फॉगिंग, सैनिटाइजेशन तथा स्वच्छता अभियान चलेगा। अब उत्तर प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन लगाया गया है। प्रदेश अब सप्ताह में दो दिन बंद रहेगा। अब यहां पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा।

    टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

    – कोविड-19 की इस विभीषिका के बीच संयम और धैर्य हमारा सबसे बड़ा हथियार है। प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेश में  साप्ताहिक बंदी (कोरोना कर्फ्यू) प्रभावी रहेगा। इसके अतिरिक्त जिन जिलों में 500 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां हर दिन रात्रि 08 बजे से अगले दिन प्रातः 07 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

    – कोरोना कर्फ्यू को सफल बनाने में हर नागरिक का योगदान है। जहां तक जरूरी हो, घर से बाहर न निकलें। पर्व और त्योहार घर पर ही मनाएं। निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ न हो। इसे कड़ाई से लागू किया जाए।

    – महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली से प्रवासी जनों की वापसी हो रही है। सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरते जाते की आवश्यकता है। इन प्रवासी कामगार/श्रमिक जनों के सुगमतापूर्ण आवागमन की व्यवस्था की जाए। गृह विभाग और परिवहन विभाग समन्वय बनाकर आवश्यक कार्यवाही करें। इन प्रवासी श्रमिक जनों की टेस्टिंग और आवश्यकतानुसार ट्रीटमेंट की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।

    – कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने में टीकाकरण सर्वाधिक कारगर है। उत्तर प्रदेश में अब तक कोविड टीकाकरण अभियान बेहतर ढंग से संचालित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक मई से 18 वर्ष की आयु से अधिक के सभी लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था लागू की है। उनका यह निर्णय स्वागतयोग्य है। टीकाकरण का यह नया चरण कोविड से लड़ाई में निर्णायक सिद्ध होगा। एक मई से शुरू हो रहे वृहद टीकाकरण के लिए सभी जरूरी प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाए

    – कोविड संक्रमण को कम करने के लिए राज्य सरकार बदलती परिस्थितियों के बीच लगातर कदम उठा रही है। सभी जिलों में कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों को बढ़ाया जा हा है। आईसीयू और आइसोलेशन बेड में हर दिन इजाफा हो रहा है। प्रदेश में ऑक्सीजन सहित सभी मेडिकल आवश्यकताओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अपवाहों के फेर में न आएं।

    – लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी,झांसी, गोरखपुर, मेरठ जनपदों सहित प्रदेश के भी जिलों में कोविड बेड की संख्या को दोगुना करने की आवश्तर पर सभी जिलों में 200-200 बेड का विस्तार किया जाए। यह बेड ऑक्सीजन की सुविधा से लैस हों। इस प्रकार से 75 जिलों में तत्काल करीब 15,000 बेड का इजाफा हो सकेगा। सचिव स्तर के एक अधिकारी की तैनाती प्रदेश में बेड विस्तार के कार्य के लिए लगाई जाए। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इस संबंध में सभी जिला प्रशासनों से संवाद स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

    – लखनऊ के केजीएमयू तथा बलरामपुर चिकित्सालय को पूरी क्षमता के साथ डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के तौर पर पूरी क्षमता के साथ संचालित करें। इसी प्रकार, एरा, टीएस मिश्रा, इंटीग्रल, हिन्द तथा मेयो मेडिकल काॅलेज को पूरी क्षमता के साथ डेडिकेटेड कोविड हाॅस्पिटल के रूप में क्रियाशील रखा जाए। यहां इलाजरत नॉन कोविड मरीजों को यथासंभव शिफ्ट किया जाए। वर्तमान में 4500 से अधिक बेड लखनऊ में उपलब्ध हैं। और नए हॉस्पिटल को एल-2 और एल-3 श्रेणी में जोड़कर बेड्स बढ़ाये जाएं। लखनऊ में सभी हॉस्पिटलों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त की जाए। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से यहां की स्थितियों पर लगातार नजर रखी जाए।

    – प्रयागराज के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज और यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज में 800 से अधिक बेड उपलब्ध हैं। इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। निजी अस्पतालों के बेड इसके अतिरिक्त हैं। वाराणसी में आरटीपीसीआर का पॉजिटिविटी रेट अधिक है, यहां और अधिक टेस्ट किए जाने की जरूरत है। कोविड संक्रमण की रफ्तार जिस प्रकार बढ़ रही है, उस दशा में यहां और अधिक आइसोलेशन और आईसीयू बेड्स की आवश्यकता पड़नी तय है। कानपुर में जीएसवीएम, रामा, नारायणा मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निजी अस्पतालों के संसाधनों का भी कोविड के लिए उपयोग में लाया जाए।

    – यह सुखद है कि जिन मरीजों को कोविड टीकाकरण के दो डोज लग चुके हैं, यदि कतिपय कारणों से पुनः संक्रमित हुए हैं, तो भी चार से पांच दिनों में स्वस्थ हो जा रहे हैं। अस्पतालों की डिस्चार्ज पॉलिसी इसी के अनुरूप तैयार की जानी चाहिए।

    – एल-1, एल-2 और एल-3 हॉस्पिटल की अलग-अलग मॉनिटरिंग करते ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जाए। ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति के लिए यह जरूरी है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति संस्थागत रूप से प्रत्येक अस्पताल में न्यूनतम 36 घंटों का ऑक्सीजन बैकअप जरूर रहे।

    – वर्तमान समय की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश स्थित एमएसएमई सहित सभी छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में उत्पादित होने वाली ऑक्सीजन का इस्तेमाल केवल मेडिकल कार्य के लिए हो। इन ऑक्सीजन प्लांट को इनके निकटतम हॉस्पिटल से जोड़ा जाए। इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना आज ही तैयार कर ली जाए। जो निजी इकाइयां ऑक्सीजन रीफिलिंग के क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं के लाइसेंस के  स्वतः नवीनीकरण करने के संबंध में तत्काल आदेश कर दिया जाए।

    – सभी ऑक्सीजन प्लांट पर पुलिस सुरक्षा हो। ऑक्सीजन वाले वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग की जाए। ऑक्सीजन व अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए हर संभव कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।

    – प्रदेश में पांच नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही प्रारंभ हो गई है। इसे शीघ्रता से क्रियाशील किया जाए। भविष्य के दृष्टिगत 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना को अनिवार्य किया जाए। एयर सेपरेशन यूनिट जैसी आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश में इसकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।

    – उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी तथा भविष्य की सम्भावित स्थिति का आकलन करते हुए भारत सरकार को समय से ऑक्सीजन आपूर्ति की मांग भेजी जाए। प्रयास करें कि हमें मोदीनगर, पानीपत, रुड़की आदि उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती शहरों से ही आपूर्ति हो। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ऑक्सीजन के डिमांड और सप्लाई के संतुलन को सुनिश्चित करें। किसी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता हो, यो तत्काल सूचित करें।

    – होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों के साथ नियमित संवाद जरूरी है। होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को दिए जाने वाले मेडिकल किट में 07 दिन की दवा होनी चाहिए। वर्तमान में दवाओं की कोई कमी नहीं है। इसकी हर दिन समीक्षा की जाए।

    – रेमिडेसीवीर सहित किसी भी प्रकार के जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जा रही है। जुबिलियंट फार्मा, कैडिला, माइलान और सिप्ला जैसी निर्माता कंपनियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए।जुबिलियंट फार्मा की ओर से आज रेमेडेसीवीर की आपूर्ति कर दी जाएगी। जबकि कैडिला से परसों तक अहमदाबाद से 20,000 वॉयल और प्राप्त हो जाएंगे। शेष कम्पनियों से सतत संवाद बनाकर प्रदेश में रेमेडेसीवीर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

    – जनपदों से सम्पर्क बनाकर ऑक्सीजन, रेमडेसिविर एवं अन्य जीवनरक्षक औषधियों का सुचारु एवं पारदर्शितापूर्ण वितरण कराया जाए। ऑक्सीजन तथा जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी में संलिप्त तत्वों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करें।

    – एम्बुलेंस के रिस्पाॅन्स टाइम को कम करने पर विशेष ध्यान दें। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग अभियान के दौरान जनपदों में की जा रही गतिविधियों की फोटोग्राफ्स सहित रिपोर्ट प्राप्त की जाए।

    – कोविड में ड्यूटी करते हुए दिवंगत हुए कोरोना वॉरियर्स की बीमा राशि का लंबित भुगतान तत्काल कराया जाए। यह संवेदना राशि उनके परिवारों के लिए बड़ा संबल होगी।

    – प्रदेश में 104 निजी प्रयोगशालाएं तथा 125 सार्वजनिक क्षेत्र की प्रयोगशालाएं कोविड टेस्ट कार्य में संलग्न हैं। इस संदर्भ में अब तक कुल 03 करोड़ 84 लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। 18 अप्रैल, 2021 को निजी प्रयोगशालाओं द्वारा लगभग 19 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए हैं। टेस्टिंग क्षमता में और बढ़ोतरी आवश्यक है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

    – मास्क की महत्ता के बारे में लोगों को जगरूक किया जाए। अपील से न मानने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई हो। कंटेनमेंट जोन और क्वारन्टीन सेंटर के प्राविधानों को सख्ती से लागू करें। निगरानी समितियों से संवाद बनाकर उनसे फीडबैक प्राप्त किया जाए।

    – अस्पतालों एवं ऑक्सीजन उत्पादन व रीफिलिंग से जुड़ी इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

    – गेहूं खरीद के दौरान कोविड प्रोटोकाॅल पर विशेष ध्यान दिया जाए। गेहूं खरीद प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। भुगतान में विलंब न हो।

    – पंचायत चुनावों में कार्यरत पुलिस बल व अन्य कार्मिकों की सुरक्षा के सभी जरूरी इंतज़ाम किए जाएं। पंचायत चुनाव में एक साथ 05 से अधिक लोग एकत्रित न हों।

  • दिल्ली से मजदूरों को लेकर एमपी आ रही बस पलटी, मंजर देख कांप जाएगी रूह, तीन की मौत

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    ग्वालियर । कोरोना संक्रमण के चलते दिल्ली में लगे लॉकडाउन के कारण घरों को वापस लौट रहे मजदूरों की बस ग्वालियर के पास हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, वहीं छह घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार की सुबह ग्वालियर-झांसी हाईवे पर जौरासी के पास मजदूरों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और छह घायल हुए है, उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    बताया गया है कि बस में छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों के मजदूर सवार थे। यह मजदूर दिल्ली में मजदूरी करने गए थे, बीते दिनों कोरोना संक्रमण बढ़ने पर लॉकडाउन लगा, जिससे उन्हें आशंका थी कि वे कई माह तक यहां फंसे रह सकते है। इन स्थितियों में मजदूरों घरों क लौट रहे थे,तभी यह हादसा हो गया।

  • रुड़की में एक शख्स ने दिव्यांग बच्चे के उपचार के नाम पर उसके हाथ-पांव मोड़े औ ज्यादा जोर से पेट दबाकर की हत्या

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    रुड़की। हरिद्वार जिले के रुड़की में एक शख्स ने दिव्यांग बच्चे के उपचार के नाम पर उसके हाथ-पांव  ज्यादा जोर से दबा दिए। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। रुड़की के खेमपुर निवासी दिलशाद ने बताया कि उसका 12 साल का बेटा अब्दुल कलाम दिव्यांग था। उसके हाथ-पांव काम नहीं करते थे। यही नहीं वह ठीक से बोल भी नहीं पाता था। सोमवार शाम को एक व्यक्ति वहां आया। व्यक्ति उनकी पत्नी से मिला। उसकी पत्नी बच्चे को लेकर काफी परेशान रहती है। इसी के चलते उसने बच्चे की दिव्यांगता के बारे में उसे बताया। व्यक्ति ने बताया कि वह बच्चे को ठीक कर देगा। इस पर वह व्यक्ति को घर के अंदर ले आई। उसने बच्चे के उपचार के नाम पर उसके हाथ-पांव मोड़े साथ ही उसका पेट भी दबा दिया। कुछ ही देर में बच्चे की मौत हो गई। यह देख वो मौके से फरार हो गया। मामले की जानकारी मंगलौर कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

  • भवन निर्माण के लिए सीमेंट की जानकारी लेने के चक्कर में गवां दिए करीब पौने दो लाख रुपये

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    देहरादून। भवन निर्माण के लिए सीमेंट की जानकारी लेने के चक्कर में एक व्यक्ति ने करीब पौने दो लाख रुपये गवां दिए। अज्ञात ने खुद को सीमेंट कंपनी का कर्मचारी बता खाते से रकम उड़ा दी। साइबर क्राइम पुलिस को मिली शिकायत में प्रीत विहार निवासी अमित सूरी ने बताया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। बताया कि तीन मार्च को मकान बनाने के लिए सीमेंट खरीदने के उद्देश्य से उन्होंने इंटरनेट पर अंबुजा सीमेंट का नंबर खोजा। सर्च रिजल्ट में आए एक नंबर पर कॉल करने पर उन्हें एक अज्ञात ने खुद को अंबुजा सीमेंट कंपनी का कर्मचारी बताया।

    आरोपित ने 600 बैग सीमेंट खरीदने के लिए उन्हें वाट्सएप के माध्यम से बैंक खाता नंबर भेजा। जिस खाते पर उन्होंने निरंजनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में एक लाख, 69 हजार, आठ सौ रुपये का चेक लगाया। पीड़ित ने कहा कि उन्हें दो से तीन दिन के भीतर सीमेंट की डिलीवरी का वादा किया गया था, लेकिन जब तीन दिन बाद भी उन्हें सीमेंट नहीं भेजा गया तो उन्होंने उक्त व्यक्ति से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपित ने फोन नहीं उठाया। जिस पर उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने बैंक जाकर पता किया। पता चला कि आरोपित की ओर से दिया गया बैंक खाता कोलकाता के बुर्रा बाजार का है और उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    कस्टमर केयर प्रतिनिधि बन डेढ़ लाख रुपये ठगे

    वसंत विहार क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति को साइबर ठग ने करीब डेढ़ लाख रुपये का चूना लगा दिया। खुद को बीएसएनएल का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर आरोपित ने खाते से रकम उड़ा दी। पुलिस को मिली तहरीर के अनुसार, जीएमएस रोड निवासी ललित कुमार को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। अज्ञात ने खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और फोन पर एक एप डाउनलोड करने को कहा। टीम व्युअर क्विक स्‍पोर्ट एप के जरिये आरोपित ने धोखे से उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली और खाते से एक लाख, 47 हजार रुपये निकाल लिए।

  • जिला प्रशासन ने समझाईश देकर रुकवाया बाल-विवाह

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    जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट

    जिला कार्यक्रम अधिकारी एल.आर कच्छप ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल कसडोल के महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेश क्षीरसागर के नेतृत्व में टीम आज गांव में पहुंची । टीम ने कन्या तथा लड़के का दोनों की अंकसूची तथा अन्य दस्तावेजों का मिलान किया । जिसमें वर का उम्र 21 साल से कम पाए जाने पर वधू पक्ष वालों को समझाईश देकर उपस्थित पंच लोगों के समक्ष पंचनामा किया गया। समझाईश में बताया गया है कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है तथा इनके सामाजिक एवं शारीरिक बुराई के बारे में परिवारजनों एवं समाज को समझाया गया । समझाईश पर परिवार विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए।

    उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा रामनवमी एवं अक्षय तृतीया के अवसर पर बड़ी संख्या में होने वाले विवाह को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस कड़ी में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा टीम गठित कर बाल विवाह को रोकने का सख्त निर्देश दिया गया ।प्रशासन की टीम में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री राजेश क्षीरसागर संबंधित पुलिस थाना के आरक्षक ग्राम के सरपंच तथा महिला बाल विकास के अधिकारी कर्मचारी बाल विवाह रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जिला प्रशासन ने अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। इसे सम्बन्धित पक्षों को समझा-बुझा कर रोका जाए।