Category: state-news

  • हथियारबंद बदमाशों ने ONGC के तीन कर्मचारियों को किया किडनैप, नागालैंड बॉर्डर के पास जंगल में मिली गाड़ी

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    कोलकाता । एक निजी तेल कंपनी के दो कर्मचारियों को रिहा करने के एक पखवारे के अंदर संदिग्ध यूएलएफए के उग्रवादियों ने बुधवार को तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) के तीन कर्मचारियों को असम के शिवसागर जिले के लकवा से कथत रूप से अपहरण कर लिया।

    ओएनजीसी के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें अपहरण में प्रतिबंधित यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (इंडिपेंडेंट) (यूएलएफए-आई) की संलिप्तता पर संदेह है।

    बुधवार की सुबह ट्वीट्स की एक श्रृंखला में ओएनजीसी ने कहा कि कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर ओएनजीसी से संबंधित एक वाहन में “अज्ञात सशस्त्र बदमाशों” द्वारा अपहरण किया गया था।

    वाहन को बाद में असम-नागालैंड सीमा के करीब निमोनागढ़ जंगलों के पास छोड़ दिया गया था।

    शिवसागर एसपी अमिताव सिन्हा ने आईएएनएस को बताया, “अगवा किए गए तीनों लोग असम के स्थानीय निवासी हैं।”

    नागालैंड पुलिस और असम-नागालैंड सीमा पर तैनात सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

    सिन्हा ने कहा, “नागालैंड का मोन जिला अपहरण की घटना से दूर नहीं है और कार को नागालैंड सीमा के पास छोड़ दिया गया। इसलिए वहां की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।”

    तीनों कर्मचारियों की पहचान शिवनगर जिले के मोहिनी मोहन गोगोई, (जूनियर टेक्नीशियन प्रोडक्शन), जोरहाट जिले के अलोकेश सैकिया (असिस्टेंट जूनियर इंजीनियर, प्रोडक्शन) और गोलाघाट जिले के रितुल सैकिया (असिस्टेंट जूनियर इंजीनियर, प्रोडक्शन) के रूप में की गई है।

    पुलिस अधीक्षक सिन्हा ने कहा, “जिस तरह से अपहरण हुआ, वह यूएलएफए का ट्रेडमार्क है, जो इस क्षेत्र में सक्रिय एकमात्र उग्रवादी समूह है।”

    पिछले साल दिसंबर में यूएलएफए (आई) और एनएससीएन (के) के म्यांमार-गुट ने अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के इन्नाओ के पास कुमचिखा ड्रिलिंग साइट से क्विपो ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्च र लिमिटेड के दो कर्मचारियों का अपहरण कर लिया था।

    लंबी बातचीत के बाद अप्रैल में उन्हें छोड़ दिया गया। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस एक्सप्लोरेशन और उत्पादन कंपनी है।

  • भाजपा नेता ने किया स्टिंग ऑपरेशन और मानवता की सेवा करने वालो को किया बेनकाब

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    काउंटर मे सभी बात करने के बाद नर्स ने कोंटा मे ले जाकर सारा रेट का तिक्डम समझाया और हम भी चैक देने को तैय्यार हुए फ़िर शुरु हुआ अंडर ग्राउंड सौदे का खेल जहा डॉक्टर मोहतरमा ने कैसे और रेट बढाकर सब पैसा नकद मे लेना स्वीकारा टैक्स मे लूट अलग और सीधा गला काटने की प्रतिस्पर्धा। थोडा भी गैरत है तो सरकार स्पैशल सेल का गठन कर ऐसे अस्पतालो मे कार्यवाही करने का साहस दिखाये और इन सफेद कोर्ट वालो को जिन्हे देश मे भगवान का दर्जा देते है ऐसे धनलोभियो को जेल भेजे। जय छत्तीसगढ़ महतारी हम सबकी रक्षा करना। मामला लक्ष्मी केयर भाटागावँ रायपुर का है ।

  • बाप-बेटे समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत, बदरीनाथ हाईवे पर दर्दनाक हादसा

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    चमोली। संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के पास बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक कार के खाई में गिरने से उसमें सवार सभी पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। विवाह समारोह से लौट रहे ये सभी लोग रिश्तेदार थे। हादसे का पता सुबह चला। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खाई से शव निकाले।

    पुलिस के अनुसार चमोली जिले की नीती घाटी के कौडिय़ा गांव के रहने वाले प्रताप नैथवाल (50), उनका बेटा रजत नैथवाल (23), भतीजा प्रवीन नैथवाल (22) और रिश्तेदार गणेश लाल (29) व शैलेंद्र ङ्क्षहदवाल (32) एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए चमोली के पास भीमतला गांव आए थे। शाम को सात बजे ये सभी स्विफ्ट कार से वापसी के लिए रवाना हुए, लेकिन गांव नहीं पहुंचे। रातभर स्वजन उन्हें फोन करते रहे, मगर कोई जवाब नहीं मिला। इस पर पुलिस को सूचना देने के साथ ही सुबह ग्रामीणों के साथ स्वजन उनकी तलाश में निकले।

    चमोली के निकट पीपलकोटी में उन्हें पता चला कि शनिवार शाम उनकी कार यहां से गुजरी थी। इस बीच चमोली से करीब 16 किलोमीटर दूर पाखी नामक स्थान के पास निर्माणाधीन पुल से आगे खाई में कार नजर आई। हादसे की सूचना पर जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और खाई से शव निकालने का कार्य शुरू किया। छह घंटे की मशक्कत के बाद सभी शव निकाल लिए गए। पुलिस को आशंका है कि रात में चालक पुराने पुल की बजाय निर्माणाधीन पुल की ओर मुड़ गया और कार हादसे का शिकार हो गई।

    बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चमोली से 16 किलोमीटर दूर पाखी नामक स्थान पर एक नया पुल बनाया जा रहा है। आवाजाही अभी पुराने पुल से की जा रही है। बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट का आरोप है कि यदि नए पुल को जाने वाले मार्ग पर बैरीकेडिंग लगे होते तो हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है अंधेरा होने के कारण चालक पुराने पुल के बजाय नए पुल को जाने वाले मार्ग पर मुड़ गया। विधायक ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को इससे अवगत करा दिया है।

  • 26 अप्रैल सुबह 6 बजे तक सम्पूर्ण बालोद और राजनांदगांव जिले में पुनः लॉक डाउन

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    हेमंत कुमार साहू

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने कोरोना वायरस (कोविड-19) पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए 26 अप्रैल 2021 प्रात: 6 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इस अवधि में बालोद व राजनांदगांव जिले की सभी सीमाएं पूर्णत: सील रहेगी। आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंधों एवं सम्पूर्ण जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के बावजूद कोविड-19 पॉजिटिव प्रकरणों की बढ़ती संख्या एवं इससे होने वाली मौतों की संख्या चिन्ताजनक है। ऐसी स्थिति में मुक्त आवागमन से आम जनता की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होने की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जिले में कंटेनमेंट जोन की अवधि को बढ़ाया जाना आवश्यक है।

    कलेक्टर ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए लिया निर्णय

    सुबह 6 बजे से अपरान्ह 12 बजे तक राजनांदगांव जिला व प्रातः 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक बालोद जिले में, फल, सब्जी विक्रय की अनुमति केवल ठेले वालों को

    सुबह 6 बजे से अपरान्ह 12 बजे तक किराना व्यवसायी कर सकेंगे होम डिलिवरी

    पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहन, शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, एटीएम, कैश वैन, अस्पताल, मेडिकल इमरजेन्सी से संबंधित निजी वाहन, एम्बुलेंस, एलपीजी परिवहन कार्य में प्रयुक्त वाहन, एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड से संचालित ऑटो, टैक्सी, विधिमान्य ई-पास धारित करने वाले वाहन, एडमिट कार्ड, कॉल लेटर दिखाने पर परीक्षार्थी, उनके अभिभावक, परिचय पत्र दिखाने पर मिडियाकर्मी, प्रेस वाहन, न्यूज पेपर हॉकर, दुग्ध-वाहन तथा छत्तीसगढ़ में नहीं रूकते हुए एक राज्य से सीधे अन्य राज्य जाने वाले वाहनों को पीओएल प्रदान किया जायेगा। अन्य सभी वाहनों के लिए पीओएल प्रदान करना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। दुग्ध पार्लर व दुग्ध-वितरण तथा न्यूज पेपर हॉकर द्वारा समाचार पत्रों के वितरण की समयावधि प्रात: 6 बजे से प्रात: 8 बजे तक एवं संध्या 6 बजे से संध्या 7.30 बजे तक ही होगा। साथ ही यह स्पष्ट किया जाता है कि दुग्ध व्यवसाय हेतु कोई भी दुकान, पार्लर नहीं खोले जायेंगे। केवल दुकान, पार्लर के सामने फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए समयावधि में केवल दुग्ध विक्रय की अनुमति होगी।

    पैट शॉप, एक्वेरियम को केवल पशुओं को पशुचारा देने के लिए प्रात: 6 बजे से प्रात: 8 बजे तक एवं संध्या 5 बजे से संध्या 6.30 बजे तक शॉप खोलने की अनुमति होगी। एलपीजी गैस सिलेण्डर की एजेंसियां केवल टेलीफोनिक या ऑनलाईन ऑर्डर लेंगे तथा ग्राहक को सिलेण्डरों की घर पहुंच सेवा उपलब्ध करायेंगे। औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर मजदूरों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था रखते हुए उद्योगों के संचालन व निर्माण कार्यों की अनुमति होगी। इस अवधि के दौरान सम्पूर्ण जिला अंतर्गत संचालित समस्त शराब दुकानें बंद रहेगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णत: बंद रहेंगे। दोनों जिला अंतर्गत सभी केन्द्रीय, शासकीय, सार्वजनिक, अद्र्ध-सार्वजनिक एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे तथापि टेलीकॉम, रेल्वे के रख-रखाव से जुड़े कार्यालय, वर्कशॉप, रेक प्लाइंट पर लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य, खाद्य सामग्री के थोक परिवहन, धान मिलिंग हेतु परिवहन एवं शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी किन्तु अस्पताल एवं एटीएम पूर्ववत् संचालित रहेंगे। बैंकों को केवल एटीएम कैश रि-फिलिंग एवं कार्यालय प्रयोजन के लिए खोलने की अनुमति होगी। किन्तु दवा, चिकित्सालय, पेट्रोल एवं एलपीजी गैस प्रयोजन को छोड़कर अन्य किसी प्रकार के लेन-देन हेतु बैंक, शाखा संचालन की अनुमति नहीं होगी। इस हेतु शाखा प्रबंधक संबंधित व्यक्तियों से विधिवत् आवेदन प्राप्त कर अभिलेख संधारित करेंगे।

    सभी प्रकार की सभा, जुलुस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। किन्तु विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधू के निवास-गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की जाती है। इसी प्रकार अंत्योष्टि दशगात्र इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की गई है। कोविड-19 संक्रमण के रोकथाम के लिए जिले में समस्त कार्य जैसे कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आईसोलेशन, दवाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेंगे। इन कार्य में संलग्न सभी कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिहवन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों में राजनांदगांव जिले से अन्यत्र आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा तथापि प्रतियोगी एवं अन्य परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के लिए उनका एडमिट कार्ड तथा रेल्वे, टेलीकाम रख-रखाव कार्य ेया हॉस्पिटल या कोविड-19 ड्यूटी में संलग्न कर्मचारियों, चिकित्सकों की दशा मेें नियोक्ता द्वारा जारी आईडी कार्ड ई-पास के रूप में मान्य किया जायेगा। इस अवधि में रेल, बस व हवाई यात्रा हेतु रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड आने-जाने वाले यात्रियों को कोई पास की आवश्यक नहीं होगी। इन यात्रियों को निवास, स्टेशन तक आने-जाने हेतु उनके पास उपलब्ध यात्रा टिकट ही इनका ई-पास मान्य किया जायेगा।

    कोविड-19 टीकाकरण हेतु पंजीयन, कोविड-19 जांच हेतु, मेडिकल दस्तावेज या आधार कार्ड, विधिमान्य परिचय-पत्र दिखाने पर कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र अस्पताल पैथोलाजी लैब अथवा आने-जाने की अनुमति होगी, किन्तु अनावश्यक भ्रमण सख्त प्रतिबंधित रहेगा। आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 4 पहिया वाहन एवं ऑटो में ड्रायवर सहित अधिकतम 3 व्यक्तियों को यात्रा की अुनमति होगी। रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड, हॉस्पिटल आवागमन हेतु ऑटो, टैक्सी परिचालन की अनुमति रहेगी। किन्तु अन्य प्रयोजन हेतु परिचालन पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इस निर्देश का उल्लंघन किये जाने पर 15 दिवस हेतु वाहन जप्त करते हुए चालानी व अन्य कानूनी कार्रवाई की जायेगी। मीडियाकर्मी यथासंभव वर्क फ्राम होम द्वारा कार्य सम्पादित करेंगे। अत्यावश्यक स्थिति में कार्य हेतु बाहर निकलने पर अपना आई कार्ड साथ रखेंगे तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे।

    आदेश कार्यालय पुलिस उप महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस आधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर व ग्रामीण), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील कार्यालय, थाना एवं पुलिस चौकी पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित अधिकारी विद्युत, पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवाएं जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल हैं तथा अग्निशमन सेवाओं के संचालन हेतु संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी, किन्तु इन शासकीय कार्यालयों में इस अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। राज्य शासन के विशेष आदेश द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सेवा के संचालन की अनुमति होगी। इस बिन्दुओं को छोड़कर जिले में समस्त गतिविधियां पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगी।
    आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठानों पर भारतीय दण्ड सहिता 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्रवाई की जायेगी। आदेश अल्प समयावधि में लागू किया जाना आवश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सम्यक समय में तामीली संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है।

  • कोविड-19 पाॅजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि

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    जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट

    1. बलौदाबाजार-भाटापारा जिला अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र दिनांक 29.04.2021 प्रातः 6.00 बजे तक पूर्ववत कंटेनमेंट जोन रहेगा।
    2. उपरोक्त दर्शित अवधि में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सभी सीमाएं पूर्णतः सील रहेगी।
    3. उपरोक्त अवधि में सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लिनिक एवं पशु-चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे।
    4. शासकीय उचित मूल्य दुकानों को कलेक्टर (खाद्य शाखा), बलौदाबाजार द्वारा निर्धारित समयावधि में खुलने की अनुमति होगी। मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग, नियमित सेनिटाईजेशन एवं भीड़ भाड़ नहीं होने देने की शर्त का कड़ाई से पालन कराने के अधीन, टोकन व्यवस्था के साथ अलग-अलग निर्धारित तिथियों में उचित मूल्य दुकानों को खोलने हेतु कलेक्टर (खाद्य शाखा), बलौदाबाजार द्वारा पृथक से आदेश प्रसारित किये जायेंगे।
    5. सभी प्रकार की मंडियां, थोक/फुटकर एवं ग्राॅसरी दुकानें बंद रहेगी किन्तु सीधे किसानों/उत्पादकों से सप्लाई की शर्त के साथ फल, सब्जी, अंडा एवं ग्राॅसरी (चावल, दाल, आटा, खाद्य तेल एवं नमक) को गली-मुहल्लों एवं काॅलोनियों में विक्रय की अनुमति केवल स्ट्रीट वेण्डर्स अर्थात् ठेले वालों को प्रातः 06.00 बजे से अपरान्ह 11.00 बजे तक ही होगी किन्तु मास्क धारण करना एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित क्षेत्र के सक्षम प्राधिकारी इसकी निगरानी करेंगे एवं उपरोक्त निर्देशों के उल्लंघन की दशा में ठेले को जब्त करने/अर्थदण्ड या चालान की कार्यवाही करेंगे।
    6. पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहन/शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, एटीएम कैश वेन, अस्पताल/मेडिकल इमरजेंसी से संबंधित निजी वाहन/एम्बुलेंस, ग्राॅसरी होम डिलीवरी/एल.पी.जी. परिवहन कार्य में प्रयुक्त वाहन, एयरपोर्ट/रेल्वे स्टेशन/अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड से संचालित आटो/टैक्सी, विधिमान्य ई-पास धारित करने वाले वाहन, एडमीट कार्ड/काॅल लेटर दिखाने पर परीक्षार्थी/ उनके अभिभावक, परिचय पत्र दिखाने पर मिडियाकर्मी/प्रेस वाहन/न्यूज पेपर हाॅकर, दुग्ध वाहन तथा छत्तीसगढ़ में नहीं रूकते हुए एक राज्य से सीधे अन्य राज्य जाने वाले वाहनों को पी.ओ.एल. प्रदान किया जावेगा। अन्य सभी वाहनों हेतु पी.ओ.एल. प्रदान करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    7. दुग्ध पार्लर व दुग्ध-वितरण तथा न्यूज पेपर हाॅकर द्वारा समाचार पत्रों के वितरण की समयावधि प्रातः 6.00 बजे से प्रातः 8.00 बजे तक एवं संध्या 5.00 बजे से संध्या 6.30 बजे तक ही होगी। साथ ही यह स्पष्ट किया जाता है कि दुग्ध व्यवसाय हेतु कोई भी दुकान/पार्लर नहीं खोले जायेंगे। केवल दुकान/पार्लर के सामने फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए उपरोक्त समयावधि में केवल दुग्ध विक्रय की अनुमति होगी।
    8. पेट शाॅप/एक्वेरियम को केवल पशुओं को पशुचारा देने हेतु प्रातः 6.00 बजे से प्रातः 8.00 बजे तक एवं संध्या 5.00 बजे से संध्या 6.30 बजे तक शाॅप खोलने की अनुमति होगी।
    9. एल.पी.जी. गैस सिलेण्डर की एजेंसियां केवल टेलीफोनिक या आॅनलाईन आर्डर लेंगे तथा ग्राहकों को सिलेण्डरों की घर पहुंच सेवा उपलब्ध करायेंगे।
    10. औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर (वदेपजम) मजदूरों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योगों के संचालन व निर्माण कार्यों की अनुमति होगी। अनवरत उत्पादन प्रक्रिया अपनाने वाले, जिले में स्थित औद्योगिक संस्थान अथवा फैक्ट्री (जिसमें ब्लास्ट फर्नेश, बायलर आदि हो) सीमेंट, स्टील, शक्कर, फर्टिलाईजर एवं खान( माईन्स) कोरोना संक्रमण विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों के द्वारा महामारी से सुरक्षा हेतु दिये जा रहे या दिये गये निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की शर्ताें पर संचालित रहेंगे।
    11. उक्त अवधि के दौरान संपूर्ण जिला अंतर्गत संचालित समस्त शराब दुकानें बंद रहेगी।
    12. सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे।
    13. उपरोक्त अवधि में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला अंतर्गत सभी केन्द्रीय/शासकीय /सार्वजनिक/अर्द्ध सार्वजनिक एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे तथापि टेलीकाॅम, रेल्वे एवं एयरपोर्ट संचालन व रख-रखाव से जुड़े कार्यालय/वर्कशाॅप, रेक पाईंट पर लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य, खाद्य सामग्री के थोक परिवहन, धान मिलिंग हेतु परिवहन एवं शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी किन्तु अस्पताल एवं ए.टी.एम. पूर्ववत् संचालित रहेंगे। उपरोक्त अवधि के दौरान बैंको को केवल ए.टी.एम. कैश रि-फिलिंग एवं कार्यालयीन प्रयोजन हेतु खुलने की अनुमति होगी किन्तु दवा एवं चिकित्सीय प्रयोजन को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के लेन-देन हेतु बैंक/शाखा संचालन की अनुमति नहीं होगी। इस हेतु शाखा प्रबंधक संबंधित व्यक्तियों से विधिवत आवेदन प्राप्त कर अभिलेख संधारित करेंगे।
    14. सभी प्रकार की सभा, जुलूस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। किन्तु विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधू के निवास-गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है। इसी प्रकार अंत्येष्टि, दशगात्र इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है।
    15. कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु जिले में समस्त कार्य जैसे कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आईसोलेशन, दवाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेंगे। इन कार्य में संलग्न सभी शासकीय कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेंगे।
    16. उपरोक्त अवधि में रेल, बस व हवाई यात्रा हेतु रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड व एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी। यात्रियों को निवास/स्टेशन तक आने-जाने हेतु उनके पास उपलब्ध यात्रा टिकट ही उनका ई-पास माना जावेगा। अपरिहार्य परिस्थतियों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से अन्यत्र आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा तथा प्रतियोगी/अन्य परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थीयों हेतु उनका एडमिट कार्ड तथा रेल्वे/टेलीकाॅम/एयरपोर्ट संचालन एवं रख-रखाव कार्य, या हाॅस्पिटल या कोविड-19 ड्यूटी में संलग्न कर्मचारियों/चिकित्सकों की दशा में नियोक्ता द्वारा जारी आई.डी. कार्ड, ई-पास के रूप में मान्य किया जायेगा।
    17. कोविड-19 टीकाकरण हेतु पंजीयन, कोविड-19 जांच हेतु, मेडिकल दस्तावेज या आधार कार्ड/विधिमान्य परिचय-पत्र दिखाने पर कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र अस्पताल/पैथालाॅजी लैब आने-जाने की अनुमति होगी किन्तु अनावश्यक भ्रमण सख्त प्रतिबंधित रहेगा।
    18. आपात स्थिति में यात्रा के दौरान चार पहिया वाहनों में ड्राईवर सहित अधिकतम 02, आॅटो में ड्राईवर सहित अधिकतम 02 एवं दो पहिया वाहन में अधिकतम 02 व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति होगी। रेल्वे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैण्ड, हाॅस्पिटल आवागमन हेतु आॅटो/टैक्सी परिचालन की अनुमति रहेगी किन्तु अन्य प्रयोजन हेतु पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। इस निर्देश का उल्लंघन किये जाने पर 15 दिवस हेतु वाहन जप्त करते हुए चालानी व अन्य कानूनी कार्यवाही की जावेगी।
    19. मिडिया कर्मी यथासंभव वर्क फ्राम होम द्वारा कार्य संपादित करेंगे। अत्यावश्यक स्थिति में कार्य हेतु बाहर निकलने पर अपना आई-कार्ड साथ रखेंगे तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे।
    20. यह आदेश कार्यालय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक(शहरी/ग्रामीण), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं पुलिस चैकी पर लागू नही होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से सम्बधित अधिकारी, विद्युत, पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवायें जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाओं के संचालन हेतु संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी किन्तु इन शासकीय कार्यालयों में उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
    21. राज्य शासन के विशेष आदेश द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सेवा के संचालन की अनुमति होगी।
      उपरोक्त बिंदुओं को छोड़कर जिले में समस्त गतिविधियों पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
      इस आदेश का उलंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठानों पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जावेगी।
      यह आदेश अल्प समयावधि में लागू किया जाना आवश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में इस आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सम्यक समय में तामिली संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है। आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे।
      यह आदेश दिनांक 21.04.2021 प्रातः 6.00 बजे से लागू होगा।

  • बिहार के पूर्व मंत्री व जनता दल यूनाइटेड विधायक मेवालाल चौधरी की मौत का सच जान चौंक जाएंगे आप, एक अस्‍पताल ने लौटाया तो दूसरे ने इलाज में किया विलंब

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    शुभम सिंह कहते हैं कि मेवालाल चौधरी को बीते कुछ दिनों से बुखार था। कोरोनावायरस संक्रमण की आशंका होने पर उन्‍होंने मुंगेर में आरटीपीसीआर टेस्‍ट कराया, जिसकी रिपोर्ट के लिए उन्‍होंंने तीन दिन तक इंतजार किया। इस बीच 15 अप्रैल को जब उनकी स्थिति बिगड़ी, तब भी उन्‍होंने आरटीपीसीआर रिपोर्ट की मांग की, लेकिन वह नहीं मिली। बाद में यह रिपोर्ट 16 अप्रैल को मिली।

    तबीयत बिगड़ी तो 15 अप्रैल को मुंगेर से लाए गए पटना

    शुभम सिंह के अनुसार, इसके पहले मेवालाल को सांस लेने में कठिनाई होने पर उन्‍हें 15 अप्रैल को ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर पर रखकर पटना लाया गया। रास्ते में उन्हें खांसी का दौरा पड़ा। रास्‍ते में उन्‍हें अदरक चबाने के लिए दिया गया, जाकि खांसी कम हो।

    आइजीआइएमएस ने भर्ती करने से कर दिया इनकार

    15 अप्रैल की रात 12.30 बजे उन्‍हें पटना के सरकारी आवास पर ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर रखा गया। अगली सुबह पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्‍थान (IGIMS) ने रैपिड एंटीजन टेस्‍ट की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर भर्ती करने से इनकार कर दिया। वहां मेवालाल ने खुद सांस लेने में परेशानी की स्थिति बताते हुए डॉक्‍टरों से आरटीपीसीआर टेस्‍ट कराने का आग्रह किया, लेकिन डॉक्‍टरों ने कहा कि इसकी रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाएंगे और रिपेार्ट पॉजिटिव आने के पहले वे उन्‍हें भर्ती नहीं कर सकते हैं।

    पटना डीएम के कहने पर मिली पारस अस्‍पताल में एंट्री

    शुभम सिंह ने बताया कि पूर्व मंत्री ने अपने सभी स्रोतों से सहायता मांगी, लेकिन आइजीआइएमएस में बेड नहीं पा सके। इसके बाद पटना के पारस अस्‍पताल ने भी बेड के अभाव में भर्ती करने से इनकार कर दिया। तब मेवालाल चौधरी ने पटना के जिलाधिकारी (Patna DM) चंद्रशेखर को फोन किया। जिलाधिकारी के कहने पर पारस अस्‍पताल ने बेड दिया।

    पारस अस्‍पताल में घंटों बाद मिला आइसीयू में बेड

    पारस अस्‍पताल में डॉक्‍टरों ने सीने की सीटी-स्‍कैन कराने पर गंभीर कोरोना संक्रमण पाया। आइसीयू में बेड नहीं रहने के कारण उन्‍हें फिलहाल इमरजेंसी वार्ड में रखकर इलाज शुरू किया गया। घंटों बाद 16 अप्रैल को रात्रि 11 बजे जब तक आइसीयू में बेड मिला, तब तक मेवालाल केवल ऑक्‍सीजन सपोर्ट व सेलाइन पर रखे गए थे। आगे 18 अप्रैल को डॉक्‍टरों ने बताया कि फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्‍हें वेंटिलेटर पर रखना होगा।

    18 अप्रैल की रात वेंटिलेटर पर गए, 19 की सुबह मौत

    मेवालाल 18 अप्रैल की रात में वेंटिलेटर पर रखे गए और 19 अप्रैल की सुबह करीब 4.30 बजे उनकी मौत की सूचना दी गई। शुभम सिंह ने सवाल किया है कि जब एक सत्‍ताधारी दल के बड़े विधायक के साथ अस्‍पतालों में ऐसा हो सकता है, तब आम आदमी के साथ क्‍या होगा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

  • बिना कोविड जांच के अस्पताल में भर्ती होंगी गर्भवती महिलाएं, जारी किया गया आदेश

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    लखनऊ। गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी रोशन जैकब ने कहा है कि ऐसी महिलाओं को अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा और अनिवार्य कॉविड रिपोर्ट का इंतजार किए बिना चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। जिलाधिकारी की ओर से यह आदेश उन खबरों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि गर्भवती महिलाओं को कॉविड रिपोर्ट के अभाव में अस्पतालों के बाहर स्ट्रेचर पर और एंबुलेंस में इंतजार कराया जा रहा है।

    जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि सभी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के लिए एक आरक्षित क्षेत्र बनाने की जरूरत है और मरीजों को तत्काल देखभाल की जरूरत है।

    भर्ती होने के बाद अस्पताल कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर सकता है, मरीज की जांच कर सकता है और आवश्यक चिकित्सा सहायता शुरू कर सकता है।

    आदेश में कहा गया है कि गर्भवती महिलाओं को स्वीकार करने में नाकाम रहने पर अस्पतालों पर महामारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई होगी।

  • कोरोना के साथ-साथ साइबर ठग भी जनता के लिए चुनौती बन गए हैं, 12 व्यक्तियों से ठगे साढ़े 23 लाख

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    देहरादून: कोरोना के साथ-साथ साइबर ठग भी जनता के लिए चुनौती बन गए हैं। मंगलवार को साइबर ठगों ने 12 व्यक्तियों से 23 लाख, 66 हजार रुपये की ठगी कर दी। साइबर थाने में सभी मामलों में दर्ज किया गया है। 12 में से आठ मामलों में पुलिस ने आर्थिक अपराध की धारा लगाई है।

    इंदर रोड निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर खुद को इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। ठग ने पूर्व में की गई इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम भुगतान व पॉलिसी को रिन्यू करने के नाम पर फर्जी दस्तावेज भेजकर कुल 13 लाख, 54 हजार रुपये की ठगी कर दी। वहीं मातावाला बाग निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसने ओएलएक्स पर बेड बेचने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने क्यूआर कोड स्कैन करवाकर खाते से 89 हजार रुपये ठग लिए।

    दूसरी ओर आकाशदीप कालोनी निवासी व्यक्ति ने बताया कि उन्हें एक फोन आया। शातिर ने खुद को अमेजन कंपनी का अधिकारी बताकर लक्की ड्रॉ जीतने की बात बात कही। ठग ने खाते की जानकारी हासिल करते हुए खाते से 51300 रुपये निकाल लिए। उधर, डोभालवाला निवासी एक व्यक्ति को फोन आया। जिसमें फोन करने वाले ने खुद को एसबीआइ का मैनेजर बताया और कहा कि एटीएम कार्ड बंद हो गया है। कार्ड को दोबारा चालू करने की बात कहकर पीडि़त के खाते की पूरी जानकारी ले ली और खाते से 74367 रुपये उड़ा लिए

    आर्थिक अपराध में यह मुकदमे हुए दर्ज 

    किच्छा निवासी एक व्यक्ति को फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को रिलायंस का कर्मचारी बताया। रिलायंस पॉलिसी का प्रीमियम जमा करने की बात कहते हुए 99 हजार रुपये ठग लिए। वहीं रुद्रपुर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसने फ्लिपकार्ट कंपनी से जूतों का आर्डर किया था। बाद में उन्होंने आर्डर कैंसिल कर दिया। पैसे वापस करने के लिए उन्होंने कंपनी को फोन किया, तो जवाब मिला कि पैसे पेटीएम खाते में वापस कर दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने गूगल से पेटीएम का कस्टमर केयर नंबर तलाश कर फोन किया। व्यक्ति ने खुद को पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बताते हुए एनी डेस्क एप डाउनलोड करने के लिए कहा और खाते से एक लाख, पंद्रह हजार, चार सौ रुपये उड़ा दिए।

    खाता हैक कर उड़ाए 1.60 लाख

    किच्छा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने अपनी कंपनी के नाम से मुंबई की एक ब्रांच से ऑनलाइन खाता खुलवाया था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने बैंक खाते को हैक कर उनके खाते से एक लाख, साठ हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह रुद्रपुर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को फोनपे वॉलेट का अधिकारी बताकर गिफ्ट वाउचर के नाम पर एनी डेस्क एप डाउनलोड करने की बात कह खाते से 65,179 रुपये निकाल लिए। रुद्रपुर निवासी एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उन्हें अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को वोडाफोन-आइडिया कस्टमर केयर अधिकारी बताते हुए सिम एक्टिवेट करने के नाम पर एक लाख सैंतीस हजार ठग लिए। रुद्रपुर के ही एक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने ओएलएक्स पर एक्टिवा का विज्ञापन देखा।

    विज्ञापन पर दिए नंबर संपर्क करने पर ठग ने कोरियर चार्ज, बीमा व अन्य टैक्स के रूप में कुल 90 हजार रुपये ठग लिए। सितारंगज निवासी एक व्यक्ति ने फेसबुक पर 20 लाख रुपये का लोन दिए जाने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर दिए नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने लोन देने के एवज में रजिस्ट्रेशन फीस एवं अन्य टैक्स के रुप में 56,658 रुपये ठग लिए। वहीं रुद्रपुर के एक व्यक्ति ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उन्हें अपना रिश्तेदार बताया। पीडि़त के खाते में आनलाइन पैसे जमा कराने की बात कह 75 हजार रुपये निकाल लिए।

  • राम मंदिर से राष्ट्र निर्माण का मार्ग होगा प्रशस्त – मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, भगवान राम पूरे विश्व के आदर्श

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    देहरादून: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि भगवान राम पूरे विश्व के आदर्श हैं। करुणा, त्याग और मर्यादा की प्रतिमूर्ति श्रीराम ने संसार को मानवता के मार्ग पर चलना सिखाया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मानवता, विश्व कल्याण और बंधुत्व में विश्वास रखता है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने रविवार को संस्कार भारती और रामकृष्ण सेवा समिति की ओर से वर्चुअली आयोजित विचार कुंभ को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि हरिद्वार कुंभ के साथ इसी समय वर्षों के संघर्ष और लाखों रामभक्तों के त्याग व बलिदान के पश्चात अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विचार कुंभ में राम मंदिर से राष्ट्र निर्माण और विश्व कल्याण पर की जा रही परिचर्चा से जो वैचारिक अमृत निकलेगा, वह समाज का पथ प्रदर्शन करेगा। उन्होंने हरिद्वार में बाल कुंभ, कवि कुंभ, विचार कुंभ व दीप कुंभ के आयोजन के लिए संस्कार भारती उत्तराखंड को शुभकामनाएं भी दीं।

    कोरोना संक्रमण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकट परिस्थितियों में हमें एकजुट होकर अनुशासन का परिचय देना होगा। हरिद्वार कुंभ के स्नान सभी के सहयोग से आवश्यक सावधानियां रखते हुए संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुंभ को अब प्रतीकात्मक रखे जाने के आह्वान पर संतों का सहयोग भी मिल रहा है। विचार कुंभ से इंद्रेश कुमार, डा.महेश शर्मा, अमीरचंद, सहस्रबुद्धि, सुरेश सुयाल, प्रो महावीर आदि प्रबुद्धजन भी जुड़े।

  • जिले की औद्योगिक इकाईयाँ संवेदनशून्य ,कोरोना काल में सहयोग के लिए सामने न आना निंदाजनक – प्रशांत सिंह ठाकुर

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    लव कौशिक की रिपोर्ट

    जांजगीर. जांजगीर-चाम्पा जिले में कोरोना सम्बन्धी आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं । जिले के चारों नगर पालिका क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हैं । प्रतिदिन सैकड़ों प्रकरण सामने आ रहे हैं।

    उनके असहयोगात्मक और अमानवीय रवैये के विरोध में भाजपा नेता प्रशांत सिंह ठाकुर ने पुतला जलाकर विरोध जताया

    लॉकडाउन होने के कारण उन्होंने अपने निवास में ही औद्योगिक संगठनों का प्रतीक स्वरूप पुतला जलाकर विरोध किया।

    इन विषय पर उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “जांजगीर -चाम्पा जिले से सर्वाधिक मजदूर कमाने -खाने के लिए बाहर जाते हैं। अभी उनका आना शुरू हुआ है। ऐसे में पहले से ही बदहाल व्यवस्था में महामारी का सामना यह जिला कैसे करेगा।
    जिले में कोरोना के सक्रिय मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मौत के मामले में यह जिला प्रदेश में पांचवे स्थान पर है। संक्रमण सम्बन्धी गम्भीर और लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच हमारी तैयारी अपर्याप्त है। जिले में ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या मात्र 185 है। व्यवस्था सम्बन्धी परेशानी को दूर करने जिले की औद्योगिक इकाइयों को सामने आना चाहिए, परन्तु यह खेद का विषय है कि दो दर्जन से अधिक बड़े उद्योग होने के बाद भी सहयोग के मामले में ये सब लापता हैं।

    जिला मुख्यालय जांजगीर में ही दिन भर कोयले लदी सैकड़ों गाड़ियां चलती है। रेक प्वांइट, कोल वाशरी,डोलोमाइट, खदान, सीमेंट,पावर प्लांट,आयरन, पेपर जैसी बड़ी महत्वपूर्ण इकाइयां इन जिले का शोषण ही कर रही हैं। पैसे कमाकर इस जिले को ये धूल और प्रदूषण ही दे रहे। संकट के समय में जब इनके सहयोग की जरूरत है तब ये आंख-कान बंद करके बैठे हैं।
    इनकी आत्मा मर चुकी है, इनका व्यवहार घोर निराशाजनक और विरोध योग्य है।”