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  • लोग वाहनों को धक्का लगाने को मजबूर, चंडीगढ़ नगर निगम के पेट्रोल पंप पर नहीं मिलता पेट्रोल

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    चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए वर्ष 2020 में दो पेट्रोल पंप खोले। लेकिन यह पेट्रोल पंप लोगों को लिए परेशानी बने हुए हैं। क्योंकि यहां पट्रोल और डीजल भरवाने आने वाले वाहन चालकों को कभी कबार खाली हाथ लौटना पड़ता है। क्योंकि यह पेट्रोल पंप ईंधन न होने के कारण बंद रहते हैं।

    उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने शहर में दो पेट्रोल पंप खोले हैं, जिनमें एक पेट्रोल पंप सेक्टर-51 तो दूसरा रामदरबार चौक के साथ औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में है। रामदरबार चौक के साथ खुला हुआ पेट्रोल पंप मोहाली के जीरकपुर से आठ किलोमीटर की दूरी पर एकमात्र पेट्रोल पंप है। लेकिन नगर निगम के पेट्रोल पंप पर ईंधन न मिलने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है।

    मोहाली के मुकाबले चंडीगढ़ में पेट्रोल सस्ता

    इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में खुले यह पेट्रोल पंप नेशनल हाईवे पर स्थित है। जिस पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इस पेट्रोल पंप से आगे पंजाब शुरू हो जाता है। पंजाब में पेट्रोल चंडीगढ़ के मुकाबले महंगा है। इसलिए ज्यादातर लोग यहां पेट्रोल डलवाने पहुंचते हैं। लेकिन यहां पेट्रोल न मिलने पर लोगों को परेशान होने के साथ मायूस भी होना पड़ता है।

    सीएनजी, इलेक्ट्रिकल चार्जिंग तो दूर, पेट्रोल ही नहीं मिलता

    23 सितंबर 2020 को नगर निगम ने इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के साथ समझौता किया था। उस समय नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा था कि गुणवता के साथ बनाए रखने के साथ भरोसा भी बनाकर रखेंगे। इसके साथ ही घोषणा हुई थी कि पेट्रोल पंप पर सीएनजी, इलेक्ट्रिक चार्जिंग सुविधा भी होगी। लेकिन वर्तमान में इस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल ही नहीं मिल रहा है।

  • जसविंदर कौर ने अंतिम सांस तक किया संघर्ष कैलाश नगर में काल बन कर आए पति से जान बचाने के लिए

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    लुधियाना। कैलाश नगर में काल बन कर आए पति से जान बचाने के लिए जसविंदर कौर अंतिम सांस तक संघर्ष करती रही। रसोई से लेकर बरामदे और मुख्य गेट तक गिरे खून के निशान उसके साथ हुई जद्दोजहद की कहानी बयां कर रहे थे। अंत में शराब के नशे में हैवान बन चुके रमेश के सामने उसकी हिम्मत भी जवाब दे गई।

    आरोपित बुधवार रात को ही नया चाकू खरीदकर लाया था। शराब के नशे में उसने पत्नी को बोल दिया कि आज उसकी जिंदगी की यह अंतिम रात होगी। जसविंदर रात को ही पीछे की गली में रहने वाले अपने भाई बलवीर सिंह के घर चली गई और सारी बात बताई। भाई ने रात का उसे वहीं रोक लिया। वीरवार सुबह जसविंदर को लगा कि पति ने शायद शराब के नशे में रात को मारने की बात कह दी होगी। अब वह भूखा होगा। उसके लिए खाना बनाने के लिए वह घर चली गई। जब वह घर पहुंची तो रमेश उस समय भी शराब पी रहा था। रसोई में खड़ी पत्नी को देखते ही उसने चाकू उठाया ताबड़तोड़ वार कर दिए।

    जब पैसे मिलते तो पी लेता था शराब

    एसीपी गुरबिंदर सिंह का कहना है रमेश पहले से ही शराबी और कामचोर रहा है। जब कभी उसे ड्राइवर का काम मिल जाता था तो उन पैसों से वह शराब पी लेता था। अगर काम करवाने के बाद उसे कोई शराब पिला देता था तो वह इसी में मान जाता है।

    लोगों के घर में काम करती थी जसविंदर :

    घर चलाने और बच्चों का पेट भरने के लिए जसविंदर कौर लोगों के घरों में काम करती थी। पति को इसमें भी आपत्ति थी। वह पूछता था कि उसके पास पैसे कहां से आ रहे हैं। कई बार शराब पीकर वह पैसे भी छीन लेता था। बेटी की शादी के बाद छोटा बेटा दुबई चला गया। डेढ़ महीने से परिवार में विवाद गहरा गया था। बड़े बेटे हैप्पी से घर छोड़कर जाने के बाद रमेश रोज पत्नी को पीटता था।

  • प्रशासन की नहीं दिख रही तैयारी, बढ़ रहे संक्रमित

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    जांजगीर-चांपा। जिले में कोरोना अनियंत्रित हो गया है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही हालात खराब हो रहे हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या अब 21 हजार पहुंच गई है। ऐसे में कोरोना संक्रमण अब स्वास्थ्य विभाग से नहीं संभल रही है। जिस हिसाब से मरीजों की संख्या बढ़ रही है उस हिसाब से बेड की व्यवस्था विभाग के पास नहीं है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 8 सौ के ऊपर है। जबकि मरीजों को रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास एक्सक्लूजिव कोविड अस्पताल के 80 बिस्तर के अलावा कोई दूसरी व्यवस्था नहीं है। पिछली बार जिला पंचायत से लगे हुए आकांक्षा हास्टल, दिव्यांग स्कूल सहित जिलेभर में 11 कोविड केयर सेंटर बनाए गए थे जहां मरीजों को रखकर उनका इलाज किया जा रहा था। हालांकि जब से मरीजों को होम आइसोलेशन में रखने की छूट दी गई है इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की समस्या कम हो गई है।

    कोरोना संक्रमण से अब जिले का कोई भी ब्लाक अछूता नहीं रह गया है। जिले के सभी 9 ब्लाक में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। जिले में पिछले साल मई, जून और जुलाई तीन महीने में गिने-चुने मरीज मिल रहे थे। इसके बाद अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह से जो रोजाना 40 से 50 मरीज मिलने का सिलसिला शुरू हुआ है वह सितंबर, अक्टूबर और नबंबर तक 150 से 300 मरीज मिलने तक जारी था। इस साल भी शुरूआत के तीन महीने जनवरी, पᆬरवरी और मार्च तक हालात सुधर गए थे। बमुश्किल से 5 से 10 मरीज मिल रहे थे लेकिन मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले सप्ताह में कोरोना का संक्रमण के बढ़ने का सिलसिला ऐसे शुरू हुआ कि अब एक दिन में 100 से लेकर 150 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। मंगलवार को जिले में 163 संक्रमित पाए गए । जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 21 हजार के करीब पहुंच गई है। जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या भी 863 पहुंच गई है। जबकि इससे पहले एक्टिव केस 100 से भी कम हो गए थे। लगातार मिल रहे मरीजों की संख्या ने कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वाराकी गई सारी तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। कोरोना संक्रमण अब स्वास्थ्य विभाग से नहीं संभल पा रही है। मरीजों को रखने के लिए विभाग के पास पर्याप्त जगह ही नहीं है। अब जब मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो आनन 7 पᆬानन में जगह की तलाश कर कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं। लेकिन अभी भी विभाग के पास मरीजों को रखने के लिए पर्याप्त बेड और कोविड केयर सेंटर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के पास गंभीर मरीजों के लिए 250 आक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था है। इसके अलावा आकांक्षा सेंटर को पिᆬर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विभाग के पास बेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को मजबूरी में होम आइसोलेशन में रहना पड़ रहा है।

    कोविड अस्पताल में 61 मरीज भर्ती

    जिला अस्पताल के नवीन भवन में करीब 50 लाख रूपए से अधिक खर्च कर 80 बिस्तरों वाला एक्सक्लूजिव कोविड अस्पताल को सुविधा बनाया गया है। राहत की बात यह है कि कोविड अस्पताल के सभी 80 बिस्तर को आक्सीजन युक्त बना दिया गया है। यहां वर्तमान में 61 मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कोविड अस्पताल में गंभीर मरीजों की इलाज के लिए आईसीयू के साथ ही 9 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। वहीं संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए डिलीवरी रूम तैयार किया गया है।

    एक्सक्लूजिव कोविड अस्पताल में आपरेशन थियेटर नहीं

    जिले में कोरोना संक्रमण से सभी वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे हैं। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लाखों रूपए खर्च कर बनाए गए एक्सक्लूजिव कोविड केयर सेंटर आपरेशन थियेटर का निर्माण अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में यदि किसी मरीज का आपरेशन करने की नौबत आ जाती है तो उसे बिलासपुर रायपुर या पिᆬर रायगढ़ रिपᆬर करना पड़ता है।

    ” जिले के सभी प्राइवेट अस्पतालों और जिला अस्पताल सहित 250 बिस्तर आक्सीजन युक्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मरीजों की इलाज के लिए वर्तमान में डाक्टर, स्वास्थ्यकर्मी सहित अन्य सभी सुविधाएं पर्याप्त है और नए केयर सेंटर बनाए जाएंगे। जिला पंचायत के आकांक्षा परिसर को भी व्यवस्थित कर लिया गया है। आवश्यकतानुसार स्टापᆬ व संसाधन की व्यवस्था की जाएगी।

    गजेन्द्र सिंह ठाकुर

    सीईओ जिला पंचायत एवं प्रभारी कोविड-19

    अस्थाई कोविड़ अस्पताल को शुरू करने विधायक ने की मांग

    पᆬोटोः 7 जानपी 10 – विधायक सौरभ सिंह

    बलौदा । (नईदुनिया न्यूज)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विधायक सौरभ सिंह ने अस्थाई कोविड़ अस्पताल को शुरू करने कलेक्टर को पत्र लिखा है। बलौदा क्षेत्र में प्रतिदिन कोरोना के नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जिसके कारण कई कोरोना संक्रमित मरीजो के पास होम आसोलेशन में सुविधा का अभाव है । लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से लोगो मे भी कोरोना का भय सताने लगा है।जिसको ध्यान में रखते हुए विधायक सौरभ सिंह ने कलेक्टर को पत्र लिखकर अकलतरा विधानसभा सहित अन्य ब्लाक में कोविड़ का हॉस्पिटल संचालित था, जो आज बंद है, उसे शीघ्र शुरू किया जाए। जिससे जनहित में लोगों का समय में सुरक्षा किया जा सके।

  • पुलिस ने जारी की फोटो, सावधान… ट्राईसिटी में महिला चोर गैंग सक्रिय; घरों में नौकरी के बहाने कर रही वारदात

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    मोहाली। मोहाली जिला पुलिस ने ट्राईसिटी के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। महिलाओं का एक गिरोह लोगों के घरों से सोने-चांदी के गहने और नकदी पर हाथ साफ कर रहा है। महिलाएं लोगों के घरों में काम करने के बहाने पहले नौकरी लेती हैं। इसके बाद मौका पाकर सामान चोरी करके फरार हो जाती हैं।

    इसको लेकर सीआइए स्टाफ मोहाली की ओर से एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। साथ ही इस गिरोह की दो शातिर महिलाओं की तस्वीरें भी जारी की हैं। वहीं, लोगों को हिदायत दी गई है कि घरों में किसी भी महिला या नौकर को काम पर रखने से पहले उनकी पूरी तरह पड़ताल जरूर करें। उनके पते और पहचान के कागजात में आधार कार्ड जरूर देखें। इन कागजात की एक फोटो कॉपी अपने रिकॉर्ड में जरूर रखें। वहीं, इस तरह की वारदात में शामिल शातिर महिलाओं के बारे में जानकारी मिलने पर इसकी सूचना सीआइए स्टाफ की ओर से जारी किए गए दो हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 99887-82500 या 98763-52608 पर जरूर दें। इन नंबरों पर कॉल करते ही पुलिस आपकी मदद के लिए पहुंच जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं का यह गिरोह कोरोना काल में सक्रिय हुआ है। यह महिला गिरोह पूूरी रणनीति से इलाके में जाता है और उन इलाकों में वारदात करता है। जहां पर अधिकतर रिहायशी सोसायटीज हैं और इनमें कामकाजी परिवार ज्यादा रहते हैं। अपनी सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारियों को ऐसी शातिर महिलाओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक जरूर करें। साथ सोसायटी में काम करने आने वाले किसी भी व्यक्ति या महिला की पूरी जानकारी जुटाएं। इनका पूरा नाम, लोकल पता, फोटो, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड जरूर चेक करें। इनकी पूरी पड़ताल करने के बाद ही उन्हें सोसायटी में अंदर जाने दिया जाए

  • पीआर-7 रोड बनने तक ट्रैफिक जाम से नहीं मिलेगी निजात, जीरकपुर बाईपास की प्लानिंग कागजों तक सीमित

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    जीरकपुर/मोहाली। जीरकपुर शहर के बाहर से ही पंचकूला की ओर आने-जाने वालों के लिए बाईपास बनाने की मांग लोगों की ओर से की जा रही है। हालांकि ये मांग पिछले कई सालों से की जा रही है। लेकिन इसके बावजूद इसे पूरा नहीं किया जा रहा। जीरकपुर निवासियों का कहना है कि 2005 में बाईपास बनाने की प्लानिंग की गई थी।

    रोड नेटवर्क के लिए बनी कमेटी के सदस्य रह चुके प्रेम सिंह ढकोली ने कहा कि इस प्लानिंग पर काम होना जरूरी है। जीरकपुर शहर के बीच ट्रैफिक जाम की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस परेशानी को दूर करने के लिए मोहाली से पंचकूला के बीच पीआर-7 रोड का निर्माण किया जा रहा है। पीआर-7 रोड मोहाली से जीरकपुर होकर पंचकूला तक 11 किलोमीटर लंबा है, जो जीरकपुर के बाहरी हिस्से में अंबाला हाईवे तक बना है। अंबाला हाईवे से पीरमुछल्ला तक करीब चार किलोमीटर का रोड अभी बनना है।

    मोहाली से जीरकपुर तक इस रोड का निर्माण गमाडा ने किया। अब इसके आगे इस रोड को पूरा करने का काम एनएचएआइ को सौंपा गया है। एनएचएआइ इस काम को कब पूरा करेगा, इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं है। चार किलोमीटर रोड बनाने के लिए लैंड एक्विजिशन का काम भी अधूरा है। इसलिए यह बाईपास फिलहाल पब्लिक के काम नहीं आ रहा है। जीरकपुर के ट्रैफिक जाम को अगर किसी तरह से कम किया जा सकता है, तो वह है डेराबस्सी से वाया ढकौली होकर पंचकूला के बीच की रोड। यह रोड पूरी तरह से कनेक्ट है लेकिन तंग है। इसलिए इसको बाईपास का दर्जा देने के लिए इसकी वाइडनिंग की जरूरत है। यह काम कम समय में भी हो जाएगा और पीआर-7 रोड बनने तक इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है।

    ध्यान रहे कि 2014 के बाद ओल्ड अंबाला रोड से लेकर मुबारकपुर और आगे डेराबस्सी तक नया रूट बनाया गया। नगला के आगे घग्गर पुल पर कॉज-वे बना। यह रूट पंचकूला से डेराबस्सी के बीच वाया ढकोली आवाजाही का सबसे आसान और कम समय में पहुंचने का रास्ता है। पर इसे बाईपास के तौर पर चौड़ा नहीं किया गया। कई जगहों पर यह रास्ता सिंगल लेन है। पिछले सालों में जीरकपुर नगर पषिद के दायरे में आने वाले इस रूट की कई सड़कों को चौड़ा भी किया गया। डेराबस्सी से जीरकपुर के बीच इस रोड का कुछ भाग पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आता है। कुछ जीरकपुर नगर परिषद के अंतर्गत आता है।

    2005 में बाईपास को लेकर मंजूरी मिली थी। लेकिन बाईपास बनाने को लेकर न सिर्फ मीटिंग हुई, बल्कि ढकोली से मुबारकपुर के बीच कनेक्टिविटी जोड़ने के लिए एक रोड बनाने की प्लानिंग को भी मंजूरी दी गई। बाद में यह रोड ढकोली-मुबारकपुर के तौर पर बनी। इस पर घग्गर नदी के ऊपर कॉज-वे बना।

    नगर परिषद के म्यूनिसिंपल इंजीनियर मुकेश राय ने कहा कि ढकोली-मुबारकपुर रोड के काफी हिस्से की वाइडनिंग का काम पीडब्ल्यूडी विभाग ने किया है। इस पर बाईपास बनाने को लेकर जीरकपुर नगर परिषद सरकार के समक्ष प्रस्ताव रख सकती है। एमसी एरिया में आने वाली रोड्स की वाइडनिंग हम कर रहे हैं।

  • जानें- क्या है नियम, बैंगलुरू से जयपुर की फ्लाइट में पैदा हुए बच्चे का नहीं बन पा रहा जन्म प्रमाण पत्र

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    जयपुर। पिछले माह 17 मार्च को इंडिगो की फ्लाइट में आसमान में जन्म लेने वाले बच्चे के परिजनों को उसका जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। 22 दिन के इस बच्चे का जन्म बैंगलुरू से जयपुर आने वाली फ्लाइट में हुआ था। उस समय उसकी मां को प्रसव पीड़ा हुई ताे फ्लाइट में मौजूद एक महिला चिकित्सक ने अन्य क्रू मेंबर्स की मदद से प्रसव कराया।

    महिला चिकित्सक ने क्रू मेंबर्स की मदद से कराया था प्रसव

    दरअसल, अजमेर जिले के जालिया रूपवास गांव निवासी भैरूसिंह अपनी पत्नी ललिता बैंगलुरू में रहता है। वह वहां ऑटो रिक्शा चलाता है। भैरूसिंह को 16 मार्च को सूचना मिली कि उसके पिता की गांव में तबीयत काफी खराब है। इस पर उसने जयपुर तक पहुंचने के लिए इंडिगो एयरलाइंस का तत्काल टिकट बुक करवाया। इसी दौरान महिला के पेट में आठ माह का गर्भ था। लेकिन पिता की तबीयत खराब होने के कारण वे फ्लाइट में बैठ गए। फ्लाइट में बैठने से पहले जांच कराई तो चिकित्सकों ने कहा अभी प्रसव होने में समय है, यात्रा की जा सकती है। इस पर वे फ्लाइट में जयपुर आने के लिए बैठ गए। लेकिन फ्लाइट में ही ललिता को प्रसव पीड़ा होने लगी। उसके साथ यात्रा कर रही एक महिला चिकित्सक ने क्रू मेंबर्स की मदद से प्रसव करवाया।

    जन्म प्रमाण पत्र के लिए 22 दिन से धक्के खा रहा पिता

    जयपुर पहुंचने पर ललिता व उसके बच्चे को अस्पताल में दिखाया गया, जहां उन्हे पूरी तरह स्वस्थ बताया तो वे गांव चले गए। आठवीं कक्षा पास भैरूसिंह की पीड़ा अब यह है कि वह अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना चाहता है। लेकिन गांव के सरपंच से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि जब बच्चे का जन्म यहां हुआ ही नहीं तो हम प्रमाण पत्र कैसे बना दें। इसका प्रमाण पत्र जयपुर में बनेगा। जयपुर हवाई अड्डे पर वह पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहा है। वह कभी हवाई अड्डा प्रशासन के पास, तो कभी इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों के पास जाता है। 22 दिन से परिवार बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भैरू सिंह धक्के खा रहा, लेकिन अब तक उन्हें कोई समाधान नहीं मिला है। इस बारे में हवाई अड्डा प्राधिकरण के निदेशक ने अधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

    क्या कहते हैं जानकार

    वैसे जानकारों का कहना है कि यदि किसी बच्चे का जन्म फ्लाइट में हुआ है तो उसका जन्म प्रमाण पत्र वहीं बनेगा जहां वह लैंड होगी। इस लिहाज से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जयपुर में बनना चाहिए।

  • रात में ट्रैवल से पहले करें यह काम, शादी कार्यक्रम के लिए लेनी होगी मंजूरी

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    चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को कम करने के लिए शहर में सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। वहीं, नाइट कर्फ्यू के दौरान लोगों को इन खास बातों का खास ध्यान रखना होगा।

    ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन ने नाइट कर्फ्यू पास जारी करने के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी कर दिया है। जिस व्यक्ति को पास की जरूरत है वह कंट्रोल रूम के नंबर 0172-2700076 पर कॉल कर अपनी जानकारी देकर पास जारी करा सकते हैं। इस नंबर पर कॉल करने के बाद ही कर्फ्यू पास जारी होगा।

    डीसी ऑफिस की तरफ से इस कंट्रोल रूम को ऑपरेट किया जाएगा। वहीं कहीं भी ट्रैवल करने के लिए पास की जरूरत रहेगी। साथ ही कहां से कहां जाना है इसकी वेरिफिकेशन भी आवश्यक होगी। यह देखने के बाद ही अधिकारी पास जारी करेंगे। आवश्यक और दूसरे सामान से जुड़े वाहनों को चंडीगढ़ और दूसरे राज्यों में आवाजाही की मंजूरी रहेगी। इन पर कोई रोक नहीं रहेगी।

    रात की शादी तय है तो मंजूरी ऐसे मिलेगी

    नाइट कर्फ्यू में बड़ी दिक्कत उन लोगों के लिए खड़ी हो गई है जिनकी आने वाले दिनों में रात को शादी है। 13 अप्रैल से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इसके साथ ही शादियों के कार्यक्रम भी हैं। बहुत सी शादियां पहले से तय हैं। जिन्होंने रात के समय शादी कार्यक्रम निर्धारित कर रखे हैं। उन्हें एरिया एसडीएम से इसकी मंजूरी लेनी होगी। एसडीएम से मंजूरी मिलती है तो आदेशानुसार इनडोर वेन्यू है तो वेन्यू के 50 फीसद या 100 गेस्ट ही बुलाए जा सकते हैं। वहीं अगर आउटडोर वेन्यू है तो इसका 50 फीसद या 200 गेस्ट शामिल होंगे।

    रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर पैसेंजर को मंजूरी

    रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और इंटर स्टेट बस टर्मिनस (आइएसबीटी) आने जाने वाले पैसेंजर को भी नाइट कर्फ्यू में छूट दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है कि क्योंकि कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू नहीं है या होने के बाद भी ट्रैवल की मंजूरी है तो ऐसे पैसेंजर को चंडीगढ़ पहुंचने पर दिक्कत न हो इसलिए मंजूरी दी गई है। हालांकि ऑटो, टैक्सी इस दौरान उपलब्ध नहीं होगा। इसके लिए खुद व्यवस्था करनी होगी। साथ ही जो रात को ट्रैवल कर कहीं जाना चाहते हैं ऐसे पैसेंजर को भी तीनों जगह जाने की मंजूरी रहेगी।

  • कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर राजसमंद सांसद दीया कुमारी को डराने-धमकाने की कोशिश का आरोप

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    जयपुर। भाजपा चुनाव सम्पर्क विभाग के प्रदेश प्रमुख नाहर सिंह माहेश्वरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त कृष्ण कुणाल को पत्र लिखकर शिकायत की कि राजसमंद सांसद दीया कुमारी को कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके होटल पर पहुँचकर भयभीत किये जाने का काम किया जा रहा है। सांसद द्वारा पुलिस को सूचित करने के बावजूद भी पुलिस ने असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार नहीं किया और उन्हें भगाने का प्रयास किया। शिकायती पत्र के साथ घटनास्थल के वीडियो फुटेज भी आयोग को उपलब्ध करवाये।

    नाहर सिंह माहेश्वरी ने पत्र में लिखा कि हमारी चुनाव आयोग से मांग है कि दीया कुमारी को सुरक्षा मुहैया करवाने एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही कर असामाजिक तत्वों को तुरन्त गिरफ्तार करे।

  • राजस्थान से ठगी, जामताड़ा से ट्रेनिंग

     

     

    देहरादून। उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राजस्थान के बीकानेर से दो अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने इसी मार्च में देहरादून निवासी एक व्यक्ति से साढ़े 16 लाख रुपये ठग लिए थे। बताया जा रहा है कि दोनों शातिरों ने साइबर ठगी की ट्रेनिंग झारखंड के जामताड़ा में ली थी।

     

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि मार्च 2021 में देहरादून निवासी गोपाल कृष्ण शर्मा ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में गोपाल ने बताया था कि उन्हें किसी व्यक्ति ने फोन कर उनका बीएसएनएल का मोबाइल नंबर ब्लॉक होने की जानकारी दी। इसके बाद शातिर ने मोबाइल नंबर चालू करने का झांसा देकर गोपाल से उनके मोबाइल पर क्विक सपोर्ट नाम की एप डाउनलोड कराई। यह एप डाउनलोड करने के कुछ देर बाद गोपाल के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से नौ लाख रुपये, पंजाब नेशनल बैंक के खाते से तीन लाख रुपये, आइसीआइसीआइ बैंक के खाते से साढ़े तीन लाख रुपये और एक्सिस बैंक के खाते से एक लाख रुपये निकल गए।

     

    जांच में सामने आया कि गोपाल के बैंक खातों से रुपये अरविंद राज पुरोहित और धीरज पंचारिया दोनों निवासी नोखा बीकानेर (राजस्थान) ने उड़ाए हैं। गुरुवार को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने ठगी की रकम सामान खरीदने और पेट्रोल फिलिंग स्टेशन में इस्तेमाल की है।

     

    फर्नीचर की दुकान में करता था काम, लॉकडाउन में बन गया साइबर ठग

     

    एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अरविंद पहले मुंबई में एक फर्नीचर की दुकान में काम करता था। बीते वर्ष लॉकडाउन में वह अपने घर बीकानेर चला गया। वहां उसकी दोस्ती धीरज से हुई। दोनों ने जल्द अमीर बनने के लालच में झारखंड के जामताड़ा में दो साइबर ठगों से फोन के माध्यम से दोस्ती की और फिर उससे साइबर ठगी के गुर सीखे। दोनों आरोपित फोन कर विभिन्न तरीकों से व्यक्तियों को झांसे में लेते थे। इसके बाद उनसे मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कराकर मोबाइल हैक करते और पीड़ितों के बैंक खातों की डिटेल निकालकर उनसे अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर कर लेते।

     

    महंगे शौक हैं आरोपितों के, कई राज्यों में की धोखाधड़ी

     

    अरविंद और धीरज के शौक काफी महंगे हैं। पूछताछ में पता चला कि अरविंद ने कुछ समय पहले ही एक लाख 30 हजार रुपये कीमत का आइफोन खरीदा था। वहीं, धीरज ने गोल्ड लोन की किस्त चुकाई। एसएसपी ने बताया कि दोनों शातिरों ने दिल्ली, तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी की है। इन तीन राज्यों की पुलिस भी उन्हें तलाश रही थी। अरविंद दो साल पहले मुंबई में भी किसी मामले में जेल जा चुका है।

  • कोरोना वैक्सीन की पंजाब के मुख्यमंत्री ने दूसरी खुराक ली

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    चंडीगढ़ । पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कोरोनावायरस वैक्सीन की दूसरी खुराक ली। उन्होंने सभी पात्र लोगों से फिर से अपील की कि वे स्वयं की सुरक्षा और अपने परिवार और समाज के लिए टीकाकरण करवाने के लिए आगे आएं।

    एक दिन पहले, मुख्यमंत्री ने अभिनेता सोनू सूद को राज्य सरकार के कोविड टीकाकरण कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की थी।

    अमरिंदर ने कहा था, “वैक्सीन लेने के लिए लोगों को प्रेरित और प्रभावित करने के लिए सोनू सूद से अधिक उपयुक्त व्यक्ति और कोई नहीं है।

    उन्होंने कहा था, “पंजाब में लोगों के बीच बहुत झिझक है। उनके बीच सोनू की लोकप्रियता, और हजारों प्रवासियों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने में उनकी अनुकरणीय योगदान लोगों को प्रभावित करेगा।”