Category: state-news

  • 1 लापता, जंगल गए 4 दोस्तों की मौत, गढ़वाल से दुखद खबर

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    नई टिहरी: भिलंगना ब्लाक के कुंडी गांव के समीपवर्ती जंगल में शिकार करने गए सात दोस्तों में से चार की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। इनमें एक के शरीर पर गोली के निशान मिले हैं। तीन अन्य की जहरीले पदार्थ खाने से मौत होना बताया गया। एक अन्य युवक का अभी कुछ पता नहीं चल पाया। जबकि उनके दो साथी युवक रात गांव लौट आए। फिलहाल, मृतकों के स्वजन की तरफ से राजस्व पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।

    घटना टिहरी जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर कुंडी गांव की है। यहां के सात युवक आपस में दोस्त हैं। शनिवार को उन्होंने जंगल में शिकार करने की योजना बनाई। शाम करीब सात बजे वे शिकार की तलाश में गांव के नजदीक के जंगल में गए थे, लेकिन रात तक घर नहीं लौटे। रात 10 बजे बाद स्वजन उनकी तलाश में जुटे। वे कुछ दूरी तक जंगल में भी गए, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

    इस बीच, जंगल गए सात युवकों में से दो युवक राहुल (20) और सुमित (18) रात करीब तीन बजे गांव लौट आए। इन युवकों ने गांव वालों को बताया कि वह सभी खवाड़ा गांव निवासी रज्जी के साथ शिकार करने निकले थे। पहले वह रज्जी की छानी (गौशाला) में गए। रज्जी ने वहां बंदूक रखी हुई थी। यहां से वह शिकार की तलाश में आगे बढ़े, रात करीब आठ बजे रास्ते में राजीव अचानक फिसल कर गिर गया। इसी दरम्यान बंदूक से फायर हो गया, जो संतोष को लगा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे वह डर गए। इसके बाद वे सभी संतोष का शव लेकर दो किलोमीटर दून रज्जी की छानी में आए। छानी से लगा उसका सेब का बागीचा भी है।

    राहुल और सुमित ने बताया कि इसके बाद रज्जी छानी में अनाज सुरक्षित रखने के लिए रखा कीटनाशक लेकर आया। उन दोनों को कम उम्र और घर के इकलौते होने का हवाला देकर उसने गांव वापस भेज दिया और कहा कि इसके बाद वह चारों जहर खाकर जान दे देंगे। युवकों की बात सुनकर रात में ही गांव के लोग जंगल की तरफ बढ़े। उन्हें छानी के बाहर संतोष मृत मिला, उसके शरीर पर गोली के निशान थे। कुछ ही दूरी पर पंकज ङ्क्षसह (23) और अर्जुन पंवार (23) के शव पड़े मिले। उनके मुंह से झाग निकला हुआ था। पास में सोबन ङ्क्षसह (24) बेहोश पड़ा था, जबकि रज्जी का कुछ पता नहीं चला।

    घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर राजस्व पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से बेहोश संतोष को निकटवर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर पहुंचाया गया, जहां सुबह पांच बजे उसने भी दम तोड़ दिया। उसके मुंह से भी झाग निकल रहा था। तीनों की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होना बताया जा रहा है। सातवें युवक रज्जी की खोजबीन की जा रही है। उसकी बंदूक भी नहीं मिली। एसडीएम ङ्क्षफचाराम चौहान ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस न होना सामने आया है। अगर किसी पक्ष की तहरीर नहीं आती है तो प्रशासन खुद रज्जी के खिलाफ अवैध हथियार के इस्तेमाल और हत्या का मुकदमा दर्ज करेगा। उन्होंने बताया कि गांव लौटे युवकों की बताई कहानी के अलावा कुछ और पहलुओं से भी मामले की जांच कराई जा रही है। फिलहाल रंजिश या कोई विवाद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

    बिना सिम का मोबाइल मिला

    एसडीएम ने बताया कि घटनास्थल यानी छानी के पास बगैर सिम का एक टूटा हुआ मोबाइल मिला है। यह रज्जी का होने को अनुमान है। इसकी जांच की जा रही है।

  • हफ्तेभर के भीतर शुरू चमोली जिले की नीती घाटी में टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा 

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    देहरादून। भारत-चीन सीमा से सटे चमोली जिले की नीती घाटी में टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा हफ्तेभर के भीतर शुरू होने के आसार हैं। देश के अंतिम गांव नीती के नजदीक टिम्मरसैंण नामक पहाड़ी पर स्थित गुफा में भी अमरनाथ की तरह बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है। इनर लाइन की बंदिशों से मुक्त होने के बाद अब प्रशासन टिम्मरसैंण यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। चमोली जिला प्रशासन के मुताबिक टिम्मरसैंण को जोडऩे वाले मार्ग को बीआरओ ने क्लीयर कर दिया है। अब बांपा में पोस्ट स्थापित कर वहां चिकित्सक व एंबुलेंस की व्यवस्था की जानी है। उधर, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि टिम्मरसैंण यात्रा में चमोली जिला प्रशासन को शासन द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।

     

    जोशीमठ से करीब 82 किलोमीटर दूर नीती गांव के नजदीक है टिम्मरसैंण महादेव अर्थात बाबा बर्फानी की गुफा। यहां आकार लेने वाले शिवलिंग की ऊंचाई आठ फीट तक होती है, लेकिन देश के अन्य हिस्सों के लोग इस स्थली से अनभिज्ञ ही थे। हालांकि, स्थानीय निवासी टिम्मरसैंण में पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन इनर लाइन की बंदिशों के कारण दूसरे क्षेत्रों के व्यक्तियों को यहां आने की इजाजत नहीं थी। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र होने के कारण इसे इनर लाइन के दायरे में रखा गया था। इस बीच सरकार ने टिम्मरसैंण को धार्मिक व साहसिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के मद्देनजर केंद्र सरकार में दस्तक दी। परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में टिम्मरसैंण महादेव को इनर लाइन से बाहर कर दिया था। यानी अब कोई भी व्यक्ति बाबा बर्फानी के दर्शनार्थ वहां जा सकता है।

     

    इस सफलता के बाद सरकार ने अमरनाथ की तरह टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया। अब इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के मुताबिक बीआरओ ने टिम्मरसैंण को जोड़ने वाले मार्ग से बर्फ हटाने के साथ ही सड़क को दुरुस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब यात्रा के मद्देनजर प्रशासन और पर्यटन विभाग की टीम रेकी के लिए टिम्मरसैंण भेजी जाएगी। साथ ही बांपा में पोस्ट की स्थापना और वहां चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ के ठहरने के इंतजाम किए जाने हैं।

     

    जिलाधिकारी भदौरिया ने कहा कि टिम्मरसैंण उच्च हिमालयी क्षेत्र है। इसलिए स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रियों को टिम्मरसैंण भेजा जाएगा। एक-दो रोज में प्रतिदिन भेजे जाने वाले यात्रियों की संख्या का भी निर्धारण कर दिया जाएगा। प्रयास ये है कि सप्ताहभर के भीतर टिम्मरसैंण यात्रा शुरू करा दी जाए।

  • असम चुनाव: चुनाव आयोग के 48 घंटे के अभियान प्रतिबंध के खिलाफ हिमंत बिस्वा सरमा ने गौहाटी एचसी का रुख किया

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    “आयोग … उसे अप्रैल में तत्काल प्रभाव से 48 घंटे तक चलने वाले चुनावों के संबंध में मीडिया, (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) में किसी भी सार्वजनिक सभाओं, सार्वजनिक जुलूसों, सार्वजनिक रैलियों, रोड शो, साक्षात्कारों और सार्वजनिक उक्तियों को रखने से रोक देता है। 02 (शुक्रवार), “चुनाव आयोग का आदेश पढ़ा।

  • पॉजिटिव हजार पार, ट्राईसिटी में कोरोना से 5 की मौत

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    चंडीगढ़। चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण के चलते लगातार मौत दर में वृद्धि हो रही है। सेहत विभाग के अनुसार शुक्रवार को 58 साल के व्यक्ति की मौत हो गई, जो खुड्डा अलिशेर का रहने वाला था। जिसका पीजीआइ में इलाज चल रहा था। व्यक्ति को डायबीटिज, हाइपरटेंशन और किडनी की बीमारी थी। अब तक संक्रमण से 381 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 287 नए कोरोना पॉजिटिव केस दर्ज किए गए हैं। इनमें 169 पुरुष और 118 महिलाएं कोरोना संक्रमित पाई गईं। अब तक 27, 543 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।

    मोहाली में कोरोना विस्फोट: 496 केस

    जिले में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों पर रोक नहीं लग पा रही है। शुक्रवार को जिले में कोरोना के 496 पॉजिटिव केस सामने आए। वहीं कोरोना से चार लोगों की मौत हो गई। अच्छी बात यह रही कि 298 लोगों ने कोरोना को मात दी। सबसे ज्यादा कोरोना के मामले मोहाली अर्बन एरिया में आए हैं। मोहाली अर्बन में 299 कोरोना के मामले सामने आए। अब जिले में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 27521 हो गई है, जबकि 23667 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। जिले में एक्टिव कोरोना के मामले 3414 हैं। अब तक कोरोना से 440 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन की ओर से पहले ही चेताया जा चुका है कि अगर कोरोना के मामलों में इसी तरह से बढ़ोतरी होती रही तो आगामी सप्ताह में लोगों को ओर कड़े नियमों का पालन करना होगा।

    पंचकूला: 296 नए केस

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को 296 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। अब तक जिले में 18019 मरीज कोरोना की चपेट मे आ चुके हैं। इनमें पंचकूला के 13371 मरीज हैं। सीएमओ डा. जसजीत कौर ने बताया कि 197 हेल्थ केयर वर्कर अभी तक कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। पंचकूला में अब तक 12,179 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं और 1038 मामले एक्टिव हैं। इसके अलावा 219564 व्यक्तियों के आरटीपीसीआर रैपिड एंटीजन सैंपल लिए गए हैं। जिले में अब तक 154 लोग काल का ग्रास बन चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अपील की है कि वह कोरोना गाइडलाइन का पालन करें, ताकि कोरोना को हरा सकें।

    139 मरीज हुए स्वस्थ

    सेहत विभाग के अनुसार 139 मरीजों के स्वास्थ होने पर उन्हें घर भेज दिया है। अब तक 24,064 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। 161 लोगों के कोरोना सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट शनिवार दोपहर तक आएगी।

    44 सेंटरों में 2,938 लोगों को लगाई वैक्सीन

    शहर में 44 वैक्सीनेशन सेंटर पर 2,938 लोगों का टीकाकरण हुआ। अब तक 84,096 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें 60 साल से अधिक के 32,899 लोगों ने पहली डोज लगवाई। वहीं, 422 सीनियर सिटीजन वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा चुके हैं। अब तक 15,799 हेल्थ केयर वर्कर वैक्सीन की पहली डोज और 6,857 वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा चुके हैं। 15,230 फ्रंटलाइन वर्कर वैक्सीन की पहली डोज और 5,038 दूसरी डोज लगवा चुके हैं, जबकि 45 से 60 साल की उम्र के बीच के 7,694 और 157 लोग दूसरी डोज लगवा चुके हैं।

  • अंसारी की बुलेट प्रूफ एंबुलेंस पर बाहुबली मुख्तार नया खुला जानें कहां तैयार की गई थी

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    जालंधर। बाहुबली से विधायक का सफर तय करने वाले यूपी के मऊ से पांच बार विधायक रहे मुख्यार अंसारी कि मोहाली कोर्ट में पेशी के लिए इस्तेमाल की जा रही बुलेट प्रूफ एंबुलेंस चंडीगढ़ में नहीं बल्कि पंजाब में बनाई गई थी। एंबुलेंस को लेकर पंजाब सरकार व पुलिस बचाव का रुख अख्तियार करने में लगी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसकी जानकारी जुटा ली है कि एंबुलेंस को 2013 में पंजाब में बुलेट प्रूफ किया गया था। एंबुलेंस को बुलेट प्रूफ तैयार करने के लिए मुख्यार के खासमखास उद्योगपति ने अहम भूमिका निभाई थी। उक्त उद्योगपति का फैब्रीकेशन का बड़ा कारोबार है।

     

    चंडीगढ़ में नहीं पंजाब में एंबुलेंस को बनाया गया था बुलेट प्रूफ

     

    मुख्तार को लेकर बुलेट प्रूफ एंबुलेंस पर मचे बवाल के बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के सदर थाने की पुलिस ने भाजपा की नेता डॉ. अलका राय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह केस बाराबंकी एआरटीओ की शिकायत पर दर्ज किया गया है। यूपी 41 एटी 7171 नंबर की यह एंबुलेंस साल 2013 में बाराबंकी से रजिस्टर की गई थी। इस एंबुलेंस को मऊ के संजीवनी अस्पताल के नाम पर रजिस्टर किया गया था। इस पर संजीवनी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डा एसएन राय के साइन भी है।

     

    मुख्तार के गांव के पास ही है डॉक्टर का गांव

     

    एंबुलेंस को लेकर मचे घमासान के बीच जिस डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है वह मऊ जिले के चांदपुर गांव की रहने वाली हैं यह चांदपुर गांव मुख्तार अंसारी के गांव यूसुफपुर से महज सात किलोमीटर की दूरी पर है। अपने बयानों में बीजेपी के नेता डॉ अलका राय ने मुख्तार अंसारी से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया है।

     

    मोहाली में एंबुलेंस को बनाया गया था बुलेट प्रूफ

     

    सूत्रों की माने तो मुख्तार की एंबुलेंस चंडीगढ़ नहीं बल्कि मोहाली में बुलेट प्रूफ की गई थी। जिसे साल 2013 मैं मोहाली की एक फैक्ट्री में बुलेट प्रूफ किया गया था। फिलहाल यूपी पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि इस एंबुलेंस को कहां बुलेट प्रूफ किया गया था। वहीं यूपी सरकार के प्रवक्ता और मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि मुख्तार की एंबुलेंस मामूली एंबुलेंस नहीं बल्कि उसका चलता फिरता है किला थी।

     

    यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल का कहना है कि यह एंबुलेंस पूरी तरह से बुलेट प्रूफ थी। जिसमें मुख्तार के गुर्गे हथियारों के साथ हर समय मौजूद रहते थे जिस एंबुलेंस में सारी सुख सुविधाओं के साथ सेटेलाइट फोन की भी व्यवस्था थी जिसे मऊ के मोहम्मदाबाद का रहने वाला सलीम चलाता था। सलीम के एक भाई प्रिंस का पुलिस ने पहले ही एनकाउंटर कर दिया था

     

    डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ बड़ा एक्शन

     

    मुख्तार अंसारी को मुहैया कराई गई एंबुलेंस मामले में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस संबंध में बाराबंकी की नगर कोतवाली में एआरटीओ की तहरीर पर धोखाधड़ी समेत दूसरी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि मामले में परिवहन कार्यालय और बाकी विभागों से एंबुलेंस के विषय में सूचना इकट्ठे की गई। इसमें सामने आया कि वाहन को रजिस्टर कराने के लिए जिन कागजातों का इस्तेमाल किया गया था वह सभी फर्जी हैं। यह डॉक्यूमेंट जिस पते के थे वह पता भी पुलिस को नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने बाराबंकी आरटीओ की शिकायत पर डॉ अलका राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

     

    मुख्तार ने दिया था गाड़ी का पैसा

     

    मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया। उस एंबुलेंस को साल 2013 से ही मुख्तार इस्तेमाल में ला रहा था। इस एंबुलेंस को बीजेपी नेता डॉ अलका राय के अस्पताल के नाम से ही साल 2013 में रजिस्टर्ड किया गया था। इस दौरान बाद में कागजातों को ट्रांसफर करने की बात भी कही गई थी लेकिन किन्हीं कारणों से यह कागजात ट्रांसफर नहीं हो पाया।

     

    जेल और मुख्तार के बंगले के बाहर खड़ी रहती थी एंबुलेंस

     

    यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने इस मामले में खुलासा करते हुए कहा कि मुख्तार के यूपी के जेल में रहने के दौरान एंबुलेंस जेल के बाहर खड़ी रहती थी। इसमें मुख्तार के गुर्गे भी रहते थे। इस एंबुलेंस का ड्राइवर सलीम खान मुख्तार का बेहद करीबी बताया जाता है। सलीम का बड़ा भाई प्रिंस खान पूर्वांचल के कुख्यात अपराधियों में से एक था और उसका पुलिस एनकाउंटर कर दिया था। आखरी बार एंबुलेंस यूपी कि लखनऊ में डालीगंज स्थित मुख्तार अंसारी के बंगले के बाहर देखी गई थी। उस दौरान मुख्तार अंसारी लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती थे।

     

    सिर्फ एंबुलेंस ही नहीं मुख्तार के पास है बुलेट प्रूफ गाड़ियों का काफिला

     

    यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी के पास सिर्फ यह बुलेट प्रूफ एंबुलेंस ही नही बल्कि मुख्तार के काफिले में चलने वाली कई गाड़ियां बुलेट प्रूफ है। सूत्रों की मानें तो साल 2008 और 2009 के बीच मुख्तार ने एक टाटा सफारी और एक पजेरो स्पोर्ट गाड़ी को भी बुलेट प्रूफ बनवाया था।

     

    पुलिस की कहानी में हैं कई पेंच

     

    एंबुलेंस को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच पुलिस अब तक यह पता नहीं कर पाई है की इस एंबुलेंस को कहां और किस कंपनी में बुलेट प्रूफ कराया गया था। लेकिन, इस कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो जो भी कंपनी गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाती है वह इन गाड़ियों के शीशे पर अपना मार्क लगाती है। अब मुख्तार के पेशी के दौरान मचे इस बवाल में यह भी जांच का विषय है कि इस एंबुलेंस के शीशे पर किसी कंपनी का हॉल मार्क है या नहीं।

  • हाईवे पर किसान आंदोलन के बीच रुका पक्का निर्माण, प्लाइबोर्ड से भी बन रहे तंबू

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    बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच नेशनल हाइवे पर अब प्लाइबोर्ड से भी तंबू बन रहे हैं। बाईपास पर सड़क के बीचोंबीच प्लाई से कामरानुमा तंबू बनाए जा रहे हैं। पक्का निर्माण फिलहाल रुक गया है। पिछले दिनों इस मामले में पुलिस-प्रशासन की ओर से सख्ती दिखाई गई थी। साथ ही एफआइआर भी दर्ज हुई थी। उससे पहले निर्माण चल रहा था, मगर पुलिस-प्रशासन ने अब आंदोलन स्थल पर नजर टिका रखी है।

    किसान संयुक्त मोर्चा के नेता भी कई बार पक्का निर्माण न करने की अपील कर चुके हैं। पुराने जो भी पक्के निर्माण और बोरवेल हैं, उनको हटाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की कोशिश है कि अब और कोई पक्का निर्माण न हो। आंदाेलनकारियों का तर्क है कि जब आंदोलन खत्म होगा तो वे सभी तरह के तंबुओं को खुद ही  हटाएंगे।

    इस बीच एक तरफ आंदोलनकारियों की नजर पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर है तो दूसरी तरफ मई के पहले पखवाड़े में दिल्ली कूच का भी किसानों ने एलान कर रखा है। आंदोलनकारी नेता पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा के खिलाफ प्रचार कर चुके हैं। मगर परिणाम उनकी अपेक्षा के अनुरूप आएंगे या नहीं यह अभी साफ नहीं है।

    5 को एफसीआइ कार्यालयों का होगा घेराव

    आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 5 अप्रैल को एफसीआइ के कार्यालयों के घेराव की भी तैयारी है । इसके लिए किसानों ने कमर कस रखी है। किसान नेताओं का कहना है कि सभी गतिविधियों को सफल बनाया जाएगा।

  • जिला अस्‍पताल में किया आइसोलेट किया गया, देह व्यापार में गिरफ्तार की गई महिला निकली कोरोना पाजिटिव

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    रुद्रपुर : देह व्यापार में पीडि़ता के बयानों के आधार पर प्रकाश में आई गिरफ्तार भूरारानी निवासी महिला कोरोना पाजिटिव मिली है। इसका पता चलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बाद में पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में आइसोलेट कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक कुछ माह पहले पुलिस ने किशोरी से देह व्यापार कराए जाने का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पुलिस ने हल्द्वानी के एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही नाबालिग पीडि़ता से पूछताछ की थी, जिसमें आरोपित की पत्नी का नाम भी सामने आया था। इस पर पुलिस ने शुक्रवार को महिला दरोगा नीमा बोहरा के नेतृत्व में उसे भूरारानी रोड से गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद पुलिस ने उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही ट्रूनेट जांच भी कराई। कोतवाल एनएन पंत ने बताया कि जांच में महिला कोरोना पॉजिटिव निकली। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव महिला को जिला अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। उसके संपर्क में आए पुलिस कर्मियों के साथ ही अन्य लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। सभी का कोविड टेस्ट कराया जाएगा।

  • नौकरी जाने से है परेशान, चंडीगढ़ में DEO आफिस की छत पर पूर्व कर्मचारी ने किया आत्मदाह का प्रयास

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    चंडीगढ़। चंडीगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी सेक्टर-19 के कार्यालय में उस समय हडकंप मच गया जब नौकरी से निकाले हुए फोर्थ क्लास कर्मचारी धनी राम ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। उसे समय रहते अन्य कर्मचारियों ने बचा लिया। धनी राम की नियुक्ति वर्ष 2011 में डीसी रेट पर गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर-53 में की गई थी। इसके चार साल बाद उसे कांट्रेक्ट पर गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर-42 भेजा गया। उसे पिछले दिनों नौकरी से निकाल दिया गया था। करीब पांच महीने बेरोजगार रहने के बाद उसकी नियुक्ति गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-46 में की गई लेकिन एक महीना काम करवाकर बिना सैलरी से उसे वहां से भी निकाल दिया गया। इससे परेशान होकर धनी राम ने सेक्टर-19 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी दफ्तर की छत पर चढ़कर आत्मदाह का प्रयास किया।

    धनी राम द्वारा आत्मदाह करने के मामले पर जब जिला शिक्षा अधिकारी नीना कालिया से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया। डीईओ के अनुसार इस संबंध में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ही कॉमेंट कर सकते है।

    यह है मामला-

    चंडीगढ़ शिक्षा विभाग फोर्थ क्लास कर्मचारियों के लिए जेम पोर्ट्रल के जरिए कांट्रेक्टर नियुक्त करता है। इस बार का कांट्रेक्ट अमन सिक्योरिटी कांट्रेक्टर को दिया गया। कांट्रेक्टर बदलने के बाद लगातार कर्मचारियों ने कॉट्रेक्टर के खिलाफ शिकायतें की कि काम पर बने रहने के लिए उनसे मोटे पैसे की डिमांड की जा रही है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के फोर्थ क्लास कर्मचारियों की सौ से ज्यादा शिकायतें अमन कांट्रेक्टर के खिलाफ शिक्षा विभाग से लेकर प्रशासन के आला अधिकारियों को दी गई है लेकिन कांट्रेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    यह है नियम

    कांट्रेक्टर की नियुक्ति जेम पोर्ट्रल के जरिए होती है। इसमें क्लियर है कि यदि काम पर बने रहने के लिए कोई कांट्रेक्टर पैसे मांगता है तो विभाग पहले इंक्वायरी शुरू करेगा और इंक्वायरी पूरी होने के बाद दोषी कांट्रेक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जाता है। बावजूद इसके चंडीगढ़ शिक्षा विभाग कांट्रेक्टर के खिलाफ इंक्वायरी ही शुरू करने में नाकाम रहा है।

  • नगर निगम से ही मिली सूचना, पार्षदों के आरोप निकले झूठे

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    देहरादून। शहर में मोहल्ला स्वच्छता समिति में नियुक्ति और वेतन हड़पने के मामले में पार्षदों के आरोप 24 घंटे के भीतर ही झूठे साबित हुए। वह आरोप लगा रहे थे कि नगर निगम ने किसी व्यक्ति को स्वच्छता समिति से जुड़ी सूचना नहीं दी है, जबकि सूचना लेने वाले शख्स ने निगम की ओर से दी गई सूचना की प्रति उपलब्ध करा दी। इसमें सभी 100 वार्डो में स्वच्छता समिति के तहत कार्य करने वाले कर्मचारियों के नाम-पते शामिल हैं। सूचना मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से 24 मार्च को उपलब्ध कराई गई थी।

    मोहल्ला स्वच्छता समिति में पार्षदों पर फर्जी कर्मचारियों की नियुक्ति और उनका वेतन हड़पने का आरोप है। कौलागढ़ क्षेत्र निवासी सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी ने शनिवार को इस मामले में नगर निगम में प्रदर्शन कर जांच की मांग की थी। जोशी ने दावा किया था कि सूचना के अधिकार के तहत उन्होंने समितियों की जानकारी मांगी थी। जिसमें कईं वार्ड ऐसे हैं, जिनमें फर्जी नाम दर्ज किए हुए हैं।

    आरोप है कि सूची में ऐसे व्यक्तियों को कर्मचारी बताया गया है, जो सफाई का कार्य करते ही नहीं और दूसरा व्यापार या नौकरी करते हैं। आरोप है कि स्वच्छकारों के लिए आरक्षित नियुक्ति में पार्षदों ने मनमानी कर स्वर्ण जाति के अपने स्वजन, रिश्तेदार या परिचित को समिति में कर्मचारी नियुक्त किया हुआ है। जिससे न सिर्फ वार्डों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही, बल्कि नगर निगम को आर्थिक चोट भी पहुंच रही। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने समस्त स्वच्छता समिति की जांच के आदेश जारी कर दिए थे। समिति में नियुक्त कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन कराए जाने की प्रक्रिया भी चल रही।

    इसी बीच सोमवार को भाजपा व कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर महापौर सुनील उनियाल गामा से मुलाकात की थी। उनका आरोप था कि विनोद जोशी निगम की छवि को धूमिल कर रहा है और निगम ने किसी भी तरह की सूचना उसे नहीं दी है। पार्षदों ने फर्जी सूचना प्रसारित करने का आरोप लगाकर विनोद जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। महापौर गामा ने मामले में जांच के बाद निर्णय लेने की बात कही थी। इसी दौरान मंगलवार शाम विनोद जोशी ने वह सूचना उपलब्ध करा दी, जो नगर निगम से मिली थी और मांग उठाई कि उन पार्षदों के खिलाफ मुकदमा होने चाहिए, जो उन्हें झूठा बता रहे थे।

  • जिलों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी, फिर ली मौसम ने करवट उत्तराखंड में

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    देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदली है। दून समेत ज्यादातर इलाकों में दोपहर बाद बादलों ने डेरा डाला और तेज हवाएं चलने लगीं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन में पर्वतीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है। जबकि, मैदानों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती है। इसको लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि, बारिश की संभावना से उत्तराखंड के जंगलों की आग बुझने की भी उम्मीद जगी है।

    उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बने रहने के बाद सोमवार को मौसम के मिजाज में कुछ परिवर्तन देखने को मिला। दोपहर में चटख धूप खिलने से भीषण गर्मी महसूस की गई, लेकिन शाम होते-होते बादलों की आंखमिचौनी के बीच चली तेज हवाओं ने कुछ राहत प्रदान की। हालांकि, देर शाम तक प्रदेश में कहीं भी बारिश कोई सूचना नहीं थी। जबकि, प्रदेश में बड़े पैमाने पर धधक रहे वनों के लिहाज से बारिश की आस लगाई जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश-ओलावृष्टि के आसार हैं। इसके बाद बुधवार को उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में ओलावृष्टि हो सकती है। जबकि, कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी कर एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक मंगलवार को ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में दस्तक दे सकता है।

    विभिन्न शहरों का तापमान

    • शहर———अधिकतम—–न्यूनतम
    • देहरादून——–36.4———19.6
    • उत्तरकाशी——27.6———13.5
    • मसूरी———–24.5———13.0
    • टिहरी———–25.2———15.6
    • हरिद्वार——–37.7———15.2
    • जोशीमठ——–25.2———11.2
    • पिथौरागढ़——27.4———09.4
    • अल्मोड़ा———30.1———10.1
    • मुक्तेश्वर——–26.5———11.1
    • नैनीताल———23.0———11.0
    • यूएसनगर——–34.6———14.4
    • चम्पावत——–25.0———12.0