Category: state-news

  • अश्लील वीडियो दिखाकर देहरादून में बच्ची के साथ छेड़छाड़

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    देहरादून। बच्ची को अश्लील वीडियो दिखाकर उसके साथ छेड़छाड़ करने के मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने एक नामजद व चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोतवाली प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि गुरुवार रात को क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई कि तीन महीने पहले उनकी पत्नी तीन साल के बेटे के बाल कटवाने पास में ही नाई के पास गई थी। इस दौरान उनकी 10 साल की बच्ची भी साथ में थी। महिला ने अपनी बेटी से कहा कि जब भाई के बाल कट जाएं तो उसे साथ लेकर आ जाना।

    इसके बाद महिला घर आ गई। कुछ दिन पहले महिला ने बेटी से कहा कि भाई के बाल कटवाकर आजा तो बेटी ने नाई के पास जाने से इन्कार कर दिया। जब बेटी से दुकान में न जाने का कारण पूछा गया तो बेटी ने बताया कि नाई ने उसे अश्लील वीडियो दिखाई और इसके बाद उसके साथ छेड़छाड़ भी की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बच्ची के पिता जब नाई के पास बात करने गए तो आरोपित ने अपने चार भाइयों के साथ उनकी पिटाई कर दी। आरोपित ने धमकी दी कि यह बात किसी को बताई तो वह जान से मार देंगे।

    240 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार

    स्पेशल टास्क फोर्स की एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स ने दो स्मैक तस्करों को लालतप्पड़ से गिरफ्तार करते हुए उनसे 240 ग्राम स्मैक बरामद की है। आरोपितों की पहचान इस्तखार निवासी ग्राम जबरावाला मारखमग्रांट डोईवाला व खातून निवासी कुड़कावाला डोईवाला के रूप में हुई है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बीते नौ मार्च को 577 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों तस्करों ने बताया था कि इस्तखार व खातून भी उनके साथ स्मैक तस्करी का काम करते हैं। पुलिस ने आरोपितों की तलाश कर शुक्रवार को दोनों को गिरफ्तार किया।

  • होगा पूरा फोकस शहरी इलाकों में, दहशत कोरोना को लेकर

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    बिलासपुर। रविवार को एक साथ जिले में 69 कोरोना संक्रमित मिलने से एक बार फिर वायरस को लेकर लोगों में दहशत कायम हो गया है। आम जनता डरी हुई है तो अधिकारी सकते में आ गए हैं। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की आपात बैठक लेकर कोरोना नियंत्रण की रणनीति में आंशिक बदलाव करते हुए शहरी इलाकों पर फोकस करने का निर्णय लिया गया है।

    स्वास्थ्य विभाग पहले से ही चेतावनी देते आ रहा था कि दूसरे शहरों में बढ़ रहे संक्रमण का असर अपने जिले में भी पड़ सकता है, इसलिए मौजूदा स्थिति में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना बेहद जरूरी है, लेकिन लोगों ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और बेपरवाही से गाइडलाइन को दरकिनार किया।

    वहीं अब उसका दुष्प्रभाव बढ़ते संक्रमण के रूप में मिल रहा है। जिससे एक बार फिर कोरोना का डर लोगों में दिखने लगा है। कोरोना नियंत्रण के लिए अब पूरा ध्यान शहर पर केंद्रित करने का निर्णय लिया गया, क्योंकि रोजाना मिलने वाले मामलों में 90 प्रतिशत से ज्यादा मामले शहर से आ रहे हैं।

    बीते रविवार को मिले 69 में 61 शहर के रहने वाले हैं। इसको देखते हुए संवेदनशील मोहल्लों में कर्मियों को सक्रिय कर दिया गया है, जिनका काम बीमारों को खोज कर उनकी जांच व उपचार करना होगा। इसी तरह कोरोना सैंपलिंग को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को खोज कर निकाला जा सके।

    इसके अलावा जिलेवासियों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए अनावश्यक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। सीएमएचओ डाक्टर प्रमोद महाजन के मुताबिक यदि इस दौरान लोग लापरवाही करेगे तो स्तिथि बिगड़ सकती है।

  • चार आरोपी 19 लाख रुपये के 53 स्मार्टफोन चुराने वाले  गिरफ्तार

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    गुरुग्राम । गुरुग्राम पुलिस ने एक ई-कॉमर्स कंपनी के ट्रक से 19 लाख रुपये के 53 स्मार्टफोन चुराने के आरोप में एक कंपनी ट्रक चालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के केशव कुमार, कपिल कुमार, लोकेश और यूपी के बदायूं जिले के अमित कुमार के रूप में हुई है।

    गुरुवार को इंस्पेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में मानेसर क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश दी थी।

    एसीपी(क्राइम) प्रीत पाल सांगवान ने कहा, “सभी आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। एक आरोपी अमित कुमार ड्राइवर के रूप में काम करता था और वह कपिल कुमार के साथ फोन के माध्यम से सामान के बारकोड और सीलिंग / पैकिंग संबंधी जानकारी साझा करता था। बाद में, सभी अपराधी चलते ट्रक में बारकोड और सीलिंग को बदलते थे ताकि कोई भी उन्हें जीपीएस से ट्रैक न कर सके।”

    साथ ही बताया, “केशव ट्रक से साथ अपनी स्कॉर्पियो कार में यात्रा करता था और बाद में अपराधी पूरी खेप को अपनी गाड़ी से उसकी गाड़ी में शिफ्ट कर देते थे और मौके से भाग जाते थे। केशव और कपिल ट्रक ड्राइवरों के रूप में कई गोदामों में भी काम कर चुके हैं।”

    पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में उनके ठिकाने से 19 लाख रुपये की कीमत की एक स्कॉर्पियो कार भी बरामद की है।

    पुलिस के मुताबिक, एक लॉजिस्टिक फर्म में सुपरवाइजर मनु शर्मा ने फरुखनगर पुलिस स्टेशन में 7 मार्च को 19 लाख रुपये के स्मार्टफोन चुराने की शिकायत दर्ज कराई थी।

  • प्रदर्शन कर रैली निकाली कर्मचारियों ने , निजीकरण के विरोध में आज और कल बैंक कर्मियों की हड़ताल

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     देहरादून। अखिल भारतीय स्तर के घटक बैंक संगठनों के 15 व 16 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल के आह्वाहन पर उत्तराखंड में भी राष्ट्रीयकृत बैंकर्स भी हड़ताल में शामिल है। जिसका चलते राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताले लटके हुए हैं। सोमवार को एस्‍लेहाल चौक पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फेडरेशन आफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू ) के बैनर तले बैंक कर्मचारी प्रदर्शन कर रहें हैं।

    बैंकों की नौ यूनियन इस हड़ताल में शामिल हो रही हैं। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंक इस हड़ताल से प्रभावित रहेंगे। हड़ताल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में है। बैंकों की हड़ताल में स्केल-1 से लेकर स्केल–5 तक के अधिकारी-यूनियनों के सभी अधिकारी हर बार की तरह इस बार भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।

    यूएफबीयू के उत्तराखंड संयोजक समदर्शी बड़थ्वाल ने बताया कि सरकार की ओर से बैंकों के निजीकरण करने संबंधी फैसले का यूएफबीयू समूचे देश में विरोध कर रही है। हड़ताल के दोनों ही दिन देहरादून में सुबह 10 बजे से सेंट्रल बैंक की एस्लेहाल शाखा से शहर में जुलूस निकाला जाएगा। ये जुलूस एस्लेहाल से गांधी पार्क, कुमार स्वीट शॉप से होते हुए घंटाघर से वापस होकर इसी मार्ग से पुन एस्लेहाल पहुंचकर समाप्त होगा। कर्मचारियों से काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा गया है।

    वहीं, आल इंडिया नेशनलाइज्ड बैंक ऑफिसर्स फ़ैडरेशन के बैनर तले केनरा बैंक, मुख्य शाखा राजपुर रोड से गाँधी पार्क देहारादून तक शांतिपूर्ण रैली निकाली और सभी अधिकारीयों ने नारे लगा कर सरकार की निजीकरण की नीति का विरोध जताया। फेडरेशन के राज्य सचिव इंद्र सिंह परमार ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बजट में सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण की घोषणा की है, जो आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से देश के लिए घातक है। यहा फैसला आम आदमी तक सस्ती एवं सुलभ वित्तीय सेवाओं को पहुंचने में बाधा उत्पन करेगा। राष्ट्रीय बैंको ने पिछले 50 वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में एक लाख से अधिक शाखाएं खोली हैं और देश वासियों की सेवा में निरंतर प्रयासरत हैं।

    वहीं रुड़की में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन की ओर से सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के फैसले के खिलाफ सोमवार को शहर के बीटी गंज स्थित पीएनबी शाखा में   कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बैंक कर्मचारी नेता वीके गुप्ता, मन्नू मकीन ने कहा कि सरकार सभी पब्लिक सेक्टर को बेचने में लगी हैं। सरकार कर्मचारी विरोधी नीति अपना रही है। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही कहा कि सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बाइक रैली भी शहर में निकाली जाएगी। साथ ही निजी बैंकों को भी बंद कराया जाएगा।

  • रिपोर्ट पेश हाई कोर्ट में, मांगी अनुमति गर्भपात कराने नाबालिग ने

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    बिलासपुर। दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई नाबालिग के गर्भपात कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। सिम्स की मेडिकल रिपोर्ट व परिस्थितियों को देखकर हाई कोर्ट इस मामले में अपना निर्णय सुनाएगी।

    बेमेतरा जिले की रहने वाली नाबालिग के साथ गांव के एक युवक ने दुष्कर्म किया था। इस बीच नाबालिग बीमार हो गई। स्वजनों ने उसकी जांच कराई तब पता चला कि नाबालिग गर्भवती है। नाबालिग ने हाई कोर्ट में गुहार लगाई है। कोर्ट से पीड़ित ने टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी अधिनियम की धारा तीन व नियम नौ के अनुरूप दुष्कर्म पीड़ित को गर्भपात कराने की अनुमति देने की मांग की है।

    10 मार्च को पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान मंे लिया है। जस्टिस संजय के अग्रवाल ने सिम्स के डीन को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से पीड़ित की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस पर पीड़ित की जांच के बाद शुक्रवार को डीन डा. तृप्ति नागरिया ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। साथ ही कोर्ट से मार्गदर्शन मांगा गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही गर्भपात कराने को लेकर फैसला दिया जाएगा।

    आज होगी सुनवाई

    नाबालिग के गर्भपात कराने के कामले में सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके पहले सिम्स की डीन डा. तृप्ति नागरिया मेडिकल रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंप दी है। इसके टीम के सदस्यों ने नाबालिग की जांच की थी। इसके बाद ही रिपोर्ट सौंपी गई है। इसके आधार पर ही हाई कोर्ट के जस्टिस अपना फैसला सुनाएंग।

  • विरोध प्रदर्शन रहा फ्लॉप रेलवे स्टेशन पर, पुलिस रही तैनात

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    संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रेलवे स्टेशन पर विरोध दिवस मनाने की घोषणा के चलते दिनभर भट्टू रेलवे स्टेशन पर पुलिस तैनात रही। डीएसपी अजायब सिंह व थाना प्रभारी ओमप्रकाश चुघ ने रेलवे स्टेशन पर कई बार निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। लेकिन स्टेशन पर ट्रेड यूनियन का प्रदर्शन न होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। यहां पर कोई प्रदर्शनकारी नहीं पहुंचे। बढ़ती महंगाई व सरकार की निजीकरण नीति के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में ट्रेड यूनियन ने किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों को रेलवे स्टेशन पर एकत्रित होकर विरोध दिवस मनाने का आह्वान किया था। जिसके चलते सोमवार को रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन किया जाना तय था। थाना प्रभारी ओमप्रकाश चुघ ने बताया कि पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे स्टेशन पर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर रखी थी। लेकिन सांय तक कोई प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन पर नहीं पहुंचे। किसान सभा आज फूंकेगी विधायक का पुतला

    अखिल भारतीय किसान सभा मंगलवार को विधायक दुड़ाराम का पुलता फूंकेगी। यह जानकारी देते हुए कामरेड विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विधायक दुडाऱाम ने सरकार का समर्थन कर किसानों के साथ विश्वास घात किया है। जिसके विरोध स्वरूप किसान सभा मंगलवार को भट्टूकलां मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष विधायक का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि किसान समर्थक होने का दावा करने वाले विधायक ने किसानों की आवाज को दर किनार कर सरकार का समर्थन किया है। अब किसान विधायक की इस दोगली नीति को समझ चुके है। जिसके चलते विधायक का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

  • अनियंत्रित ट्रक ने ठोका सड़क किनारे खड़े ग्रामीणों को, एक की मौत

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    सक्ती।  खेत देखने के बाद सड़क किनारे खड़े ग्रामीणों की ओर सक्ती ओर जा रहे ट्रक ने ठोकर मार दी और खेत में जाकर पलट गया। इस दुर्घटना से एक ग्रामीण मौत हो गई, जबकि दूसरे को उपचार के लिए रिपᆬर कर दिया। गया। इसकी जानकारी मिलते ही ब़ड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर चक्काजाम करने का प्रयास किया, मगर अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए।

    पुलिस के अनुसार सक्ती थाना अंतर्गत जोंगरा निवासी भुवन जायसवाल अपने जीजा गिरधारी लाल जायसवाल के साथ बाइक क्रमांक 11 एएल 2488 बजाज प्लेटिना से आज सुबह खेत देखने गए थे। यहां से खेत देखकर दोनों अपनी बाइक से घर वापस लौट रहे थे। वापस लौटते समय सुबह लगभग साढ़े 7 बजे मसनियाकला मार्ग पर बबूल के पेड़ के नीचे अपनी साइड पर कुछ देर के लिए रूके। इसी दौरान सुबह लगभग साढ़े 7 बजे सक्ती की ओर जा रहे ट्रक क्रमांक सीजी 13 एल 7181 अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे दोनों ग्रामीणों को ठोकर मार दी और दूर जाकर खेत में पलट गया। इस दुर्घटना से प्लेटिना बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि सड़क किनारे खड़े भुवन लाल जायसवाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पास खड़े गिरधारी जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती पहुंचाया गया, मगर उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे रिपᆬर कर दिया गया। इसी तरह दुर्घटना में ट्रक चालक को भी चोटें आई। दुर्घटना के बाद प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपित ट्रक चालक के खिलापᆬ भादवि की धारा 279, 337, 304 ए के तहत जुर्म दर्ज किया है।

  • बीएमसी ने बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स के विरोध में की घेराबंदी

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    भुवनेश्वर,-१२/०३/२०२१-(बिसवारंजन मिश्रा न्यूज़ )–  होल्डिंग टैक्स संग्रह की प्रक्रिया और अधिकारी तकनीक का उपयोग करके प्रत्येक भवन के विशिष्ट कर निर्धारण को पारदर्शी या अनुवाद करने के लिए तैयार नहीं हैं। हैदराबाद, चेन्नई जैसे प्रत्येक प्रमुख शहरों में किराए की दरों की विभिन्न सूचियां, किस संस्था के लिए कितनी हैं, कितनी पुरानी हैं, किस आधार पर हैं, और उनकी नगर पालिका वेबसाइट पर कितनी छूट उपलब्ध है,

    इसके लिए साजिश रची गई है। लूट और भ्रष्टाचार कांड। कोई पारदर्शिता या तकनीक नहीं है; ओडिशा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट -2003 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिसकी तैयारी के बिना टैक्स जमा करने के बोझ के कारण मध्य वर्ग और आम जनता की नींद से जाग गई। अधिनियम की धारा 205 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि धारा 215 के तहत गठित निगम मूल्यांकन समिति भूमि के वर्गीकरण और वार्षिक मूल्य का निर्धारण करेगी। श्री सिंह ने सवाल किया कि कौन सी समिति कभी मूल्यवान थी, कौन इसका सदस्य और अध्यक्ष था। कोई पारदर्शिता या तकनीक नहीं है; बिना तैयारी के होल्डिंग टैक्स लगाने का फैसला हास्यास्पद है। जीजेआईए टैक्स की तरह, बीएमसी अधिकारी राजधानी के लोगों पर वित्तीय बोझ डालकर पूंजी पर होल्डिंग टैक्स बढ़ाने की साजिश कर रहे हैं। बीएमसी प्रशासन और राज्य सरकार से बार-बार अपील करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला अध्यक्ष श्री बाबू सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर बीएमसी अधिकारियों और प्रशासन ने अगले 10 दिनों में इस तरह के एकतरफा फैसले को वापस नहीं लिया, तो जिला भाजपा भुवनेश्वर के सभी वार्डों में आंदोलन करेगी। धारा 209 के अनुसार, भूमि और भवन की लागत को अंतिम रूप दिया जा सकता है क्योंकि भूमि और भवन के वर्गीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।नोटिस आ गया है। “यह बस तब हमारे ध्यान में आया। धारा 2016 (1) के अनुसार, भूस्वामियों के साथ प्रत्येक भवन का आकलन एक इकाई के रूप में किया जाना है, जिसका आकलन नहीं किया गया है। “लोग करों का भुगतान करेंगे, लेकिन यह बीएमसी को तय करना है कि इसके साथ क्या करना है।” समितियों, जिसमें क्षेत्रों और घरों के बिना, सर्वेक्षण के उपयोग के आधार पर कर की दर निर्धारित की जानी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि सूची को सार्वजनिक किए बिना होल्डिंग टैक्स एकत्र करना कहां तक उचित था, श्री सिंह ने कहा कि संशोधित भूमि मूल्य मानदंडों के अनुसार संपत्ति कर एकत्र करने के लिए सर्वेक्षण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बढ़े हुए कर के विरोध में आज भुवनेश्वर के मौसी मां चौक से जिलाध्यक्ष श्री सिंह के नेतृत्व में एक विशाल जुलूस निकाला गया। , संतोष जेना, फिरोज खान, शशिप्रभा रथ, अंजन नाथ, दामोदर बेहरा, यतींद्र मोहंती, विजय कुमार राउत, त्रिपाठी सहित कई जिला अधिकारियों ने प्रमुख रूप से भाग लिया।

  • विभागों का वितरण आज हो सकता है, पोर्टफोलियो को लेकर लंबा होता जा रहा होमवर्क

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    देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की 11 सदस्यीय मंत्री परिषद द्वारा शपथ ग्रहण कर लिए जाने के बाद अब मंत्रियों को बांटे जाने वाले विभागों को लेकर होमवर्क लंबा होता जा रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दो दिन से चल रही कसरत अंतिम मुकाम पर है। अनुभव, वरिष्ठता, योग्यता और क्षमता की कसौटी पर परख के आधार पर विभागों का बंटवारा किया जाएगा। संभव है कि सोमवार दोपहर तक मंत्रियों को विभागों का वितरण कर दिया जाए।

    प्रदेश की भाजपा सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च को शपथ ग्रहण की थी, जबकि उनकी मंत्री परिषद के 11 सदस्यों ने शुक्रवार को। इनमें आठ कैबिनेट मंत्री और तीन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं। मंत्री परिषद में जगह पाए मंत्रियों में सात पिछली त्रिवेंद्र सरकार में भी मंत्री थे। मंत्रियों के पोर्टफोलियो को लेकर शनिवार से होमवर्क शुरू हो गया, मगर अभी तक विभागों का बटवारा नहीं किया जा सका है। ऐसे में मंत्रियों का इंतजार भी बढ़ता जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों को विभागों के बटवारे के संबंध में सभी पहलुओं पर गौर किया गया। वजह यह कि तीरथ सरकार के पास कामकाज के लिए सालभर से भी कम वक्त है और चुनौतियां अधिक। साथ ही अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस सबको देखते हुए मंत्रियों को विभागों का वितरण हर कसौटी पर परख के आधार पर करने पर जोर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि पोर्टफोलियो को लेकर कसरत अब करीब-करीब पूरी हो चुकी है।

    उधर, मंत्रियों के पोर्टफोलियो के सिलसिले में कयासबाजी भी दौर चल रहा है। माना जा रहा कि त्रिवेंद्र सरकार में मंत्री रहे मंत्रियों के पिछले अनुभव को तरजीह देने के साथ ही उन्हें कुछ नए विभाग भी आवंटित किए जा सकते हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें इस पर टिक गई हैं कि मुख्यमंत्री अपने पास कौन-कौन से विभाग रखते हैं और किस-किसका वितरण अपने सहयोगियों को करते हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि पोर्टफोलियो वितरण को लेकर कसरत लगभग पूरी कर ली गई है। जल्द ही सभी मंत्रियों को विभागों का वितरण कर दिया जाएगा।