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  • गढ़ रही सपᆬलता के नए आयाम, महिलाएं हर क्षेत्र में तय कर रहीं मुकाम

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    जांजगीर-चांपा। जिले में गांवों की कमान 329 महिला सरपंच संभाल रही हैं। इतना ही नहीं जिले की 657 पंचायतों में 4600 से अधिक महिला पंच ग्राम विकास के निर्णय लेने में सहभागिता निभा रही हैं। जनपद व जिला पंचायतों में भी आधी आबादी ने अपना लोहा मनवाया है। 25 सदस्यीय जिला पंचायत में अध्यक्ष सहित 13 महिला सदस्य हैं। ये जिले के विकास की बातें जनपद व जिला पंचायत के माध्यम से सरकार तक पहुंचाती हैं और सरकार के सामने लोगों की समस्याएं भी दमदारी से रखती हैं।

    राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत राज में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया है। इससे वे न केवल अधिकारों के प्रति सजग हुई हैं, बल्कि उनकी सोच का दायरा भी बढ़ा है। चूल्हा, चौका से आगे बढ़कर महिलाओं ने चौपाल, जनपद व जिला पंचायत तक अपना परचम फहराया है। जिले के 657 ग्राम पंचायतों में से 329 में महिला सरपंच काबिज हैं। इसी तरह लगभग 278 पंचायतों में महिला उप सरपंच अपनी भूमिका निभा रही हैं। जिले के सभी पंचायतों के 9884 वार्डों में से 4943 वार्डों में विभिन्न आयु व वर्ग की महिलाएं सदस्य हैं। ये ग्राम विकास के महत्वपूर्ण पैᆬसले लेने में भूमिका अदा करती हैं। इसी तरह 9 जनपदों में 209 में 105 महिला सदस्य हैं, वहीं 25 सदस्यीय जिला पंचायत में 13 महिलाएं सदस्य हैं, शिक्षा और समाज के विकास से लोगों की सोच में अंतर आया है और महिलाएं दहलीज लांघकर कृषि, उद्योग, प्रशासन, खेल, राजनीति, कला, संस्कृति शिक्षा सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाओं में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ा है।

    9 में से सात जनपदों में महिला अध्यक्ष

    नवागढ़ में प्रीति देवी सिंह, अकलतरा में शिवानी सुशांत सिंह, बलौदा में नम्रता कन्हैया राठौर, बम्हनीडीह में आशा साहू, जैजैपुर में कुलदीप चंद्रा, मालखरौदा में लकेश्वरी देवा लहरे, डभरा में पत्रिका दयाल सोनी जनपद अध्यक्ष है। 9 में से सिपर्ᆬ दो ब्लाकों में सक्ती और पामगढ़ में ही पुरूष अध्यक्ष है।

    विधानसभा व नगरीय निकायों में भी भागीदारी

    पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक इंदू देवी बंजारे हैं। इसी तरह चार नगरपालिकाओं में से दो नगरपालिका सक्ती में सुषमा जायसवाल व अकलतरा में शांति देवी भारते अध्यक्ष हैं। और 11 नगर पंचायतों में से 6 नगर पंचायतों में शिवरीनारायण में अंजनी तिवारी, राहौद में सत्या राजेन्द्र गुप्ता, बाराद्वार में रेशमा विजय सूर्यवंशी, बलौदा में ललिता पाटले सहित अन्य दो नगर पंचायत में महिला अध्यक्ष है जबकि जिले में कुल 15 नगरीय निकाय हैं।

    कप्तान से एसडीएम तक महिलाएं

    राजनीति के अलावा प्रशासन में भी महिलाओं का दबदबा है। जिले में एसपी पारूल माथुर हैं। वहीं जिला वनमंडला अधिकारी प्रेमलता यादव तथा जिला उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष की जिम्मेदारी तजेश्वरी देवांगन निभा रही हैं। एडीएम लीना कोसम, एसडीएम मेनका प्रधान हैं। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति खोखर चखियार व जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी पायल पाण्डेय, डीएसपी के पद पर पद्मश्री तंवर, दिनेश्वरी नंद सहित विभिन्न विभागों में भी महिलाएं अपना लोहा मनवा रही हैं।

    खेती व मछलीपालन से आत्मनिर्भर बनी बसंती

    पᆬोटो : 7 जानपी 1 – बसंती बाई

    जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। उम्र के जिस पड़ाव में बसंती हैं उस पड़ाव पर कई महिलाएं अपने घरों में आराम से रहती है, लेकिन वे उन महिलाओं में से हैं, जो कुछ अलग करने का जज्बा रखती हैं। 68 वर्षीय बसंती को यही जज्बा उन्हें अन्य महिलाओं से अलग बनाती है। वे जानती हैं कि महिलाएं समाज की आधार होती हैं। इस उम्र में वे खेती बाड़ी के साथ मछली पालन कर आत्मनिर्भर हुई हैं।

    पामगढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायत हिर्री की रहने वाली बसंती बाई बताती हैं कि 6 साल पहले उनके पति नारायण प्रसाद खन्नाा की मृत्यु होने पर परिवार का भार उनके ऊपर आ गया था। 3 बेटों की जिम्मेदारी के साथ ही उन्हें अपनी खेती-किसानी भी देखनी थी। उन्होंने हौंसला बनाए रखा और अपने परिवार के साथ आत्मविश्वास के साथ खड़ी रही। यही शक्ति थी कि उन्होंने अपने खेतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से निजी डबरी निर्माण कराने की ठानी। निजी डबरी निर्माण में उनके परिवार ने भी कार्य किया। कार्य को लेकर उनके परिवार की एकता थी कि जल्द ही उनके खेत में निजी डबरी का निर्माण हो गया। जिसके एक ओर उन्हें मनरेगा से मजदूरी प्राप्त हुई तो दूसरी ओर बारिश का पानी संरक्षित करने के लिए निजी डबरी बन गई। बसंती बाई कहती हैं कि खेत बिना पानी के ही खाली पड़े रहते थे तो उनके मन में एक अजीब सी टीस बनी रहती थी, पर कहते है कि जहां चाह होती है वहीं पर राह बन जाती है। उन्होंने भी अपनी राह को बनाया और महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से हितग्राहीमूलक कार्य निजी डबरी को अपने खेत में वर्ष 2018 में पूर्ण कराया। पहली ही बारिश में डबरी में पानी भर गया, जिससे उन्होंने साल भर अपने खेतों में धान की फसल को पानी दिया। इसके साथ ही उन्होंने डबरी के किनारे सब्जी-बाड़ी एवं डबरी में मछली पालन का काम शुरू किया। उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा उन्हें आर्थिक मजबूती के रूप से मिला। आज सालाना वे 50 से 60 हजार रूपए की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण बेहतर हो रहा है।

  • हत्या की आशंका, रात को दोस्त के साथ गया युवक सुबह घर पहुंचा तो मिला भाई का शव, रेता गया था गला;

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    कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में एक युवक का घर में शव पड़ा हुआ मिला। उसका गला रेता हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या की गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान युवक के शव के पास से चाकू भी बरामद हुआ है। घटना कोटद्वार नगर निगम के अंतर्गत मोहल्ला आम पड़ाव की है।

    कोतवाली प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सोमवार सुबह मोहल्ला आम पड़ाव निवासी सनी पुत्र मनोज कुमार(28 वर्ष) अपने भाई सोनू के साथ रहता था। बीती रात सोनू अपने दोस्त के घर चला गया। सुबह जब वह घर वापस लौटा तो घर का दरवाजा खुला हुआ था और फर्श पर सनी का शव पड़ा था। समीप ही वो चाकू भी पड़ा हुआ था, जिससे सनी का गला रेता गया। पुलिस ने फिलहाल, शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख पुलिस फिर हुई सख्त, साप्ताहिक बंदी के उल्लंघन पर काटे चालान

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    देहरादून। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पुलिस एक बार फिर सख्ती के मूड में आ गई है। पुलिस ने साप्ताहिक बंदी का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और मास्क न पहनने वाले व्यक्तियों के चालान किए। रायुपर थाना पुलिस की ओर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया। एसओ दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि सहस्रधारा, महाराणा प्रताप चौक, थाना गेट, मयूर विहार व बालावाला में चलाए चेकिंग के दौरान कुल 129 चालान किए गए। वहीं, क्लेमेनटाउन थाना पुलिस की ओर से टर्नर रोड, सुभाष नगर, पोस्ट ऑफिस रोड, मोहब्बेवाला मार्केट, नई बस्ती, तिब्बती कॉलोनी में चेकिंग की गई। इस दौरान बिना मास्क घूमने वाले 30 व्यक्तियों का चालान किया गया।

    नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस की ओर से बाजार में चेकिंग अभियान चलाया गया। इंस्पेक्टर राकेश गुसाईं ने बताया कि आवश्यक सेवाओं के अलावा पांच दुकानें खुली थीं, उनका चालान कर दिया गया। इसके अलावा 43 चालान बिना मास्क व एमवी एक्ट में किए। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि साप्ताहिक बंदी के दौरान जो भी नियमों का उल्लंघन करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    शराब के नशे में घर को आग लगाने का प्रयास

    डालनवाला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शराब पीकर अपने घर को आग लगाने की कोशिश की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार शाम को सूचना मिली कि शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति घर को आग लगाने का प्रयास कर रहा है। आरोपित की पहचान गौरव के रूप में हुई है।

  • गूंजेगा हर-हर महादेव, शिवालयों में महाशिवरात्रि आज

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    जांजगीर-चांपा। महाशिवरात्रि का पर्व गुरूवार 11 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन शिवालयों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना, की जाएगी। जल व दूध से अभिषेक भी होगा। इसके लिए शिव मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं कांवरिए भी नदियों से जल भरकर मंदिर पहुंचेंगे। नवागढ़ व तुर्रीधाम में महाशिवरात्रि के दिन से मेला शुरु होगा। वहीं पीथमपुर में एक दिवसीय मेला लगेगा। हालांकि कोरोना काल के मद्देनजर आयोजन समितियों द्वारा कोरोना गाइड लाइन भी ध्यान रखा जा रहा है।

    महाशिवरात्रि पर अंचल के शिवालयों में हर-हर महादेव और ऊं नमः शिवाय गूंजेगा। इसके लिए मंदिरों में तैयारियां पूरी हो गई है। खरौद के लक्ष्मणेश्वर मंदिर, पीथमपुर के कलेश्वरनाथ मंदिर, तुर्रीधाम के शिव मंदिर, जांजगीर के सेंधवार महादेव, चंदनियापारा स्थित शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ेगी इसके लिए मंदिरों में सापᆬ- सपᆬाई व रंग रोगन कर लिया गया है। नवागढ़ के लिंगेश्वर मंदिर के पास सप्ताह भर का मेला लगेगा। इसके लिए यहां टूरिंग टाकिज, झूले, होटल व सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें लग गई है। मेले में किरीत, नेगुरडीह, मिसदा, केरा, धुरकोट, धाराशिव, अवरीद, बुड़ेना सहित आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसी तरह लक्ष्मणेश्वर मंदिर खरौद में भी सुबह से शिव भक्तों की कतार लगेगी। महाशिवरात्रि के दिन शिवरीनारायण मेले का समापन होगा, वहीं पूरी भीड़ खरौद में दिखेगी। यहां भी सुबह से रात तक श्रद्घालुओं का तांता लगेगा। सक्ती ब्लाक के तुर्रीधाम में लोग अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर से लोट मारते पहुंचते हैं और भगवान शिव का दर्शन करते हैं। तुर्रीधाम स्थित शिव मंदिर में शिव लिंग के ऊपर से हमेशा जल की धारा निकलती है, इसलिए इस गांव का नाम तुर्री पड़ा है। शिवालयों में जल चढ़ाने बड़ी संख्या में श्रद्घालु कांवर लिए बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारा के साथ नदियों से जल भरेंगे और पैदल यात्रा कर शिवलिंग में जल चढ़ाएंगे। महानदी और हसदेव नदी के संगम स्थल देवरी (केरा) से जल भरकर श्रद्घालु नवागढ़ पहुंचेगे। इसी तरह हसदेव नदी केराझरिया चांपा से जल भरकर कांवरिए पीथमपुर और नैला गौशाला के पास सिद्घमहादेव में चढ़ाएंगे। शिवरीनारायण के महानदी से जल भरकर श्रद्घालु लक्ष्मणेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।

    लक्ष्मणेश्वर में चढ़ेगा लक्ष चावल

    खरौद के लक्ष्मणेश्वर महादेव में लाख चावल चढ़ाने का विशेष महत्व है। लोग मनोकामना पूरा होने पर चावल के एक लाख दाने कपड़े की थैली में भरकर चढ़ाते हैं। इस चावल को लाख चाउर या लक्ष चावल भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि लक्ष्मणेश्वर शिवलिंग में एक लाख छिद्र हैं और यह अपने आप में अनूठा शिवलिंग है।

    जनपद पंचायत ने खींचा हाथ

    सक्ती क्षेत्र तुर्रीधाम स्थित में महाशिवरात्रि मेला कोरोनाकाल की भेंट चढ़ गया है। तुर्रीधाम में लगने वाले मेले के लिए दुकान तथा झूले लगकर लगभग तैयार हो चुके हैं, मगर जनपद पंचायत द्वारा महाशिवरात्रि पर होने वाले इस मेले को इस वर्ष नहीं करने का निर्णय लिया है। 11 मार्च से मेला लगना था ऐसे में दो दिनों पूर्व मेला नहीं होने के निर्णय से कमाने आए लोगों में निराशा देखने को मिली है। ज्ञात हो कि तुरीधाम में प्रति वर्ष मेले महाशिवरात्रि पर सप्ताह भर का मेला आयोजित किया जाता था।

    शिव परिवार की प्रतिमा होगी स्थापित

    पᆬोटो : 11 जानपी 1 – नवनिर्मित मंदिर

    गोधना (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम तुस्मा में कंजी नाला के पास शिव मंदिर का निर्माण कराया गया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर गुरूवार 11 मार्च को यहां शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंदिर का निर्माण कराने वाले ग्राम तेंदुआ निवासी तपसी राम पटेल और उनकी पत्नी देवकी बाई पटेल ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में सुबह 11 बजे भगवान शिव, पार्वती, गणेश और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा पूजा अर्चना के साथ स्थापित की जाएगी। उन्होंने श्रद्घालुओं से उपस्थिति का आग्रह किया है।

  • जननी हूं जगत की सदा मेरा सम्मान करो, नारी हूं मैं मेरा मत अपमान करो

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    पᆬोटो : 11 जानपी 3 – कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं

    महादेवी महिला साहित्य समिति ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

    चांपा । महिलाएं अपनी आत्मिक शक्ति को पहचाने तथा आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीए। हमारा व्यक्तित्व प्रखर एवं प्रतिभाशाली होना चाहिए। हमारे ही देश में ऐसे कई उदाहरण है जिन्होंने अपनी आंतरिक शक्ति को पहचान कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है। उपरोक्त विचार अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महादेवी महिला साहित्य समिति की अध्यक्ष सुशीला सोनी ने व्यक्त किया । इस अवसर पर सत्य भामा साव ने कहा कि भारतीय संस्कृति महिलाओं के प्रति काफी उदार रही है यही कारण था कि वह किसी समय ज्ञान विज्ञान , विद्या बुद्घि, राजनीति, रणनीति ,समाज और गृहस्थ के मामले मामलों में महत्वपूर्ण योगदान देती थी। अन्नापूर्णा सोनी ने कहा कि नारी शब्द देव तुल्य है इसीलिए बेटियां बहू को लक्ष्मी का स्वरूप मानते हैं। कल्याणी स्वर्णकार ने कहा कि नारी ममता की मूर्ति है, शक्ति का प्रतीक है और क्षमता की छवि है। इसीलिए उसकी माता और शक्ति के रूप में वंदना की जाती है। सरोजिनी सोनी ने कहा कि महिला की सहज पवित्रता एवं भावनात्मक क्षमता का उपयोग परिवार एवं समाज के उत्थान में किया जाना चाहिए । नीरा प्रधान ने कहा कि महिला उत्थान के लिए शिक्षा संवर्धन एवं आर्थिक स्वावलंबन बहुत आवश्यक है । कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात साक्षी कटकवार द्वारा सरस्वती वंदना एवं भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का मत करना, पुष्प नहीं बन सकते तो तुम कांटे बनकर मत रहना से हुआ। इस अवसर पर अंजलि देवांगन, रेखा केसरवानी, सुभद्रा सोनी व माधुरी शर्मा के सदस्यता ग्रहण करने पर समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। तत्पश्चात दूसरे दौर में शांता गुप्ता ने दूसरे दौर की शुरुआत इन पंक्तियों से शुरू की – नारी हूं मैं मेरा मत अपमान करो जननी हूं जगत की सदा मेरा सम्मान करो । वहीं कविता थवाईत ने सास के फिल्मी खलनायक के मिथक को तोड़ते हुए कहा यूं सास को बदनाम ना करो वह बहुत बड़ा दिल रखती है, जीवन की जमा पूंजी अपने बहू को सौंपती है। गायत्री ठाकुर ने कहा कि औरत मोहताज नहीं है किसी गुलाब की। वह खुद बागवान है इस कायनात की। सविता कोसे ने कहाकि नारी तू अवतारी है जग में सबसे न्यारी है। फूल नहीं चिंगारी है नारी तू अवतारी है। वही संजू महंत ने मौन है स्त्री निशब्द नहीं आवाज है बस बोलती नहीं। राधिका ने कहाकि कहते हैं ममता की मूरत है नारी प्रेम का हर श्रृंगार है नारी को श्रोताओं ने पसंद किया। गीता केशव सोनी, नीरा प्रधान, मधु गुप्ता, संगीता पांडेय, अल्पना सोनी, रानी शर्मा ने भी अपनी कविताओं से माहौल को खुशनुमा बनाया। कार्यक्रम का संचालन सचिव राधिका सोनी और आभार प्रदर्शन सत्यभामा साव ने किया।

  • फटाफट शादी की जिद कर दी लड़की देखने आए युवक ने, बिना लग्‍न के चट मंगनी पट ब्‍याह…

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    चतरा। झारखंड के चतरा जिले में हुई इस अनूठी शादी के हर तरफ चर्चे हैं। यहां शादी के लिए लड़की देखने पहुंचे युवक को वह इतनी पसंद आ गई कि उसने ऑन स्‍पॉट विवाह करने की जिद कर दी। इसके बाद परिजनों ने बिना लग्‍न-मुहूर्त के चट मंगनी पट ब्‍याह कराया। मामला गिद्धौर थाना क्षेत्र का है। जहां सादगी के साथ हुई इस शादी में कोई आडंबर नहीं दिखा। न बैंड-बाजे का तामझाम, न बारातियों का लाव-लश्‍कर और न ही शुभ लग्‍न और शुभ मुहूर्त। बस सात फेरे लेते ही फटाफट अंदाज में वर-वधू नवजीवन के डोर में बंधकर एक-दूजे के हो गए। यहां लड़के ने महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ को साक्षी मानकर दुल्‍हन की मांग में सिंदूर भरा। इसके बाद दूल्‍हा अपने दुल्‍हन के साथ गांव से खुशी-खुशी विदा हो गया।

    दैनिक जागरण संवाददाता ने बताया कि लड़का और लड़की के बीच विवाह पर बात आगे बढ़ी और लड़का गुरुवार को अपने लिए सुयोग्‍य कन्‍या देखने लड़की के घर पहुंचा। यहां लड़की देखते ही उसके मन को भा गई। वधू पर लट्टू दूल्‍हे ने आनन-फानन में ही शादी करने की फरमाइश कर दी। लड़के की तुरंत शादी की जिद पर अड़ जाने के बाद वर-वधू पक्ष ने उनकी मंदिर में शादी करा दी।

    इससे पहले घर-परिवार के लोगों ने लड़के को लाख समझाने की कोशिश की, लग्‍न-मुहूर्त उपयुक्‍त नहीं होने का हवाला दिया। लेकिन शादी का पूरी तरह मन बना चुका दूल्‍हा अपने इरादे से तनिक भी टस से मस नहीं हुआ। थक-हारकर परिवार वालों ने लड़का और लड़की का विवाह संपन्‍न करा दिया। लड़का राजेंद्र कुमार हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के भगहर-भंडार गांव का रहने वाला है। जबकि लउ़की गिद्धौर प्रखंड मुख्‍यालय की निवासी है।

    जानकारी के मुताबिक गिद्धौर के ब्रह्मदेव दांगी की पुत्री संजू कुमार के रिश्‍ते के लिए स्‍व. विनोद दांगी का पुत्र राजेंद्र कुमार गुरुवार को उनके घर पहुंचा। यहां लड़के को पहली नजर में लड़की जीवनसंगिनी के रूप में भा गई। उसने तत्‍काल ही परिजनों के सामने शादी की जिद कर डाली। हालांकि लड़का और लड़की के परिजन उसे अप्रैल में शुभ विवाह के लग्न में शादी करने के लिए मनाते रहे। लेकिन वह अपने इरादे से तनिक भी टस से मस नहीं हुआ। अंतत: उनकी शादी करानी पड़ी।

    बताया गया कि दूल्‍हा राजेंद्र ने सादगी के साथ शादी करने की बात की और बिना दान-दहेज के सात फेरे लिए। उसने शादी में कोई गिफ्ट लेने से भी मना कर दिया। दुल्‍हन के पिता ब्रह्मदेव दांगी ने इसके बाद गांव वालों को मौके पर राय-मशविरा के लिए बुलाया। सभी के समझाने-बुझाने का जब लड़के पर कोई असर नहीं हुआ, साथ ही लड़का बिना विवाह के घर नहीं लौटने की जिद पकड़कर बैठ गया। इसके बाद गिद्धौर के बटेश्‍वर शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के साथ दूल्‍हा और दुल्‍हन एक-दूसरे के हो गए।

  • परीक्षाएं स्‍थगित, एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय को घेरा, ऑनलाइन परीक्षा की मांग

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    रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को एनएसयूआई के छात्र छात्राओं ने जमकर हंगामा मचाया। छात्रों की मांग है ऑनलाइन परीक्षा कराई जाए। छात्रों को ऑफलाइन परीक्षा देने में दिक्कत होगी। छात्रों का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पढ़ाई नहीं हो पाई है और अब परीक्षा होने से संक्रमण फैलने का खतरा हो रहा है।

    गौरतलब है कि रविशंकर विश्वविद्यालय ने प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम आगामी आदेश तक स्थगित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है। लिहाजा यूनिवर्सिटी ने भी एग्जाम को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। अब पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

    स्नातक स्तर पर बीए, बीएससी ,बीकाम समेत अन्य पाठ्यक्रम में अब 100 की बजाय 90 अंक का प्रश्न पत्र होगा। 10 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। इस बार बदले हुए पैटर्न पर मूल्यांकन होगा। ऐसे में जो विद्यार्थी नियमित कालेज जाते हैं उनको 10 अंक का फायदा मिल सकेगा। कालेजों में अब 10 अंक आंतरिक मूल्यांकन से मिलेंगे। नई व्यवस्था आगामी सेमेस्टर परीक्षा से ही लागू हो जाएगी।

  • पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी से की शिष्‍टाचार भेंट, मुख्‍यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कही यह बात

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    देहरादून: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के बसंत विहार स्थित आवास पर जाकर उनसे शिष्टाचार भेंट की। बदरीनाथ सीट से विधायक महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए अपनी सीट छोड़ने की पेशकश की है। उन्‍होंने कहा, इससे क्षेत्र का विकास होगा। वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस बारे में कहा कि यह पार्टी नेतृत्व तय करेगा। बता दें कि तीरथ सिंह रावत वर्तमान में पौड़ी सीट से लोकसभा सदस्य हैं।

  • चर्चाओं में कहीं भी नहीं था तीरथ का नाम, उत्तराखंड में सीएम के लिए, ये थे रेस में भाजपा ने चौंकाया

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    देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में दस मार्च का दिन बेहद ही दिलचस्प रहा। नए मुख्यमंत्री के लिए उस नेता का नाम चुना गया, जो किसी भी तरह से चर्चाओं में नहीं थे और किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस नाम का एलान हो जाएगा। सूबे की राजनीति में दिग्गज नेताओं समेत चार नामों को रेस में बताया जा रहा था, लेकिन विधानमंडल दल की बैठक में सर्वसम्मति से राष्ट्रीय महासचिव और पौड़ी गढ़वाल से भाजपा सांसद तीरथ सिंह रावत के नाम पर मुहर लग गई। तो चलिए बताते हैं किन दिग्गज नेताओं को पहले रेस में सबसे आगे बताया जा रहा था।

    तीरथ सिंह रावत सीधे-सरल और बेदाग छवि के नेता के रूप में जाने जाते हैं। सियासी गलियारों में उनके नाम का सीएम पद के लिए कहीं भी जिक्र नहीं था। विधानमंडल दल की बैठक से पहले तक केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, नैनीताल से सांसद अजय भट्ट, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत का नाम जोरशोर से चर्चाओं में था, लेकिन ये सभी अटकलें तीरथ सिंह रावत के नाम के एलान के साथ ही खत्म हो गई।

    जानिए उनके बारे में जो रेस में थे आगे 

    केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक 

    केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल भी सीएम पद के लिए मजबूत दावेदार बताए जा रहे थे। पौड़ी गढ़वाल के पिनानी में जन्मे निशंक साल 1991 से साल 2012 तक पांच बार यूपी और उत्तराखंड की विधानसभा पहुंचे। साल 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश में कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित। जिसके बाद लगातार तीन बार विधायक बने। इसके बाद साल 1997 में उत्तर प्रदेश सरकार में कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में पर्वतीय विकास विभाग के मंत्री भी रहे। फिर साल 1999 में रामप्रकाश गुप्त की सरकार में संस्कृति पूर्त व धर्मस्व मंत्री। इसके अलावा 2000 में उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद प्रदेश के पहले वित्त, राजस्व, कर, पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री।

    वर्ष 2007 में उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य, भाषा तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री। साल 2009 में उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। वर्ष 2012 में डोईवाला (देहरादून) क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हए। इसके साथ ही साल 2014 में डोईवाला से इस्तीफा देकर हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। 2019 में हरिद्वार लोकसभा सीट से विजयी हुए और वर्तमान में केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    नैनीताल सांसद अजय भट्ट 

    नैनीताल सांसद अजय भट्ट भी प्रबल दावेदार बताए जा रहे थे। हालांकि, बैठक से पहले उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर बताया था। अल्मोड़ा के गांधी चौक(रानीखेत) में जन्मे भट्ट का विद्यार्थी जीवन में विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव रहा। वे 1980 से सक्रिय सदस्य हैं। 31 दिसंबर 2015 से वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। 19 मई 2012 से 15 मार्च 2017 तक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। 2001 में अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व, 1996 से 2000 तक विधायक रानीखेत का पद संभाला। इसके बाद 2002 से 2007 तक रानीखेत से दोबारा विधायक रहे। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली।

    कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज  

    पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी सीएम पद की रेस में आगे बताए जा रहे थे। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने से पहले वे केंद्र में मंत्री रहे चुके हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। महाराज आध्यात्मिक गुरु हैं और सामाजिक क्षेत्र में काफी सक्रिय रहते हैं।

    उच्च शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत 

    उच्च शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत भी सीएम पद के प्रबल दावेदारों में रहे। त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में कई अहम विभागों का जिम्मा संभालने वाले धन सिंह रावत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(अभाविप) में काफी सक्रिय रहे। भाजपा में प्रदेश महामंत्री(संगठन) समेत कई अहम दायित्वों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

    तीरथ सिंह रावत सीधे-सरल और बेदाग छवि के नेता के रूप में जाने जाते हैं। सियासी गलियारों में उनके नाम का सीएम पद के लिए कहीं भी जिक्र नहीं था। विधानमंडल दल की बैठक से पहले तक केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, नैनीताल से सांसद अजय भट्ट, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत का नाम जोरशोर से चर्चाओं में था, लेकिन ये सभी अटकलें तीरथ सिंह रावत के नाम के एलान के साथ ही खत्म हो गई।

    जानिए उनके बारे में जो रेस में थे आगे 

    केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक 

    केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल भी सीएम पद के लिए मजबूत दावेदार बताए जा रहे थे। पौड़ी गढ़वाल के पिनानी में जन्मे निशंक साल 1991 से साल 2012 तक पांच बार यूपी और उत्तराखंड की विधानसभा पहुंचे। साल 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश में कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित। जिसके बाद लगातार तीन बार विधायक बने। इसके बाद साल 1997 में उत्तर प्रदेश सरकार में कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में पर्वतीय विकास विभाग के मंत्री भी रहे। फिर साल 1999 में रामप्रकाश गुप्त की सरकार में संस्कृति पूर्त व धर्मस्व मंत्री। इसके अलावा 2000 में उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद प्रदेश के पहले वित्त, राजस्व, कर, पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री।

    वर्ष 2007 में उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य, भाषा तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री। साल 2009 में उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। वर्ष 2012 में डोईवाला (देहरादून) क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हए। इसके साथ ही साल 2014 में डोईवाला से इस्तीफा देकर हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। 2019 में हरिद्वार लोकसभा सीट से विजयी हुए और वर्तमान में केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    नैनीताल सांसद अजय भट्ट 

    नैनीताल सांसद अजय भट्ट भी प्रबल दावेदार बताए जा रहे थे। हालांकि, बैठक से पहले उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर बताया था। अल्मोड़ा के गांधी चौक(रानीखेत) में जन्मे भट्ट का विद्यार्थी जीवन में विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव रहा। वे 1980 से सक्रिय सदस्य हैं। 31 दिसंबर 2015 से वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। 19 मई 2012 से 15 मार्च 2017 तक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। 2001 में अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व, 1996 से 2000 तक विधायक रानीखेत का पद संभाला। इसके बाद 2002 से 2007 तक रानीखेत से दोबारा विधायक रहे। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली।

    कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज  

    पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी सीएम पद की रेस में आगे बताए जा रहे थे। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने से पहले वे केंद्र में मंत्री रहे चुके हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। महाराज आध्यात्मिक गुरु हैं और सामाजिक क्षेत्र में काफी सक्रिय रहते हैं।

    उच्च शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत 

    उच्च शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत भी सीएम पद के प्रबल दावेदारों में रहे। त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में कई अहम विभागों का जिम्मा संभालने वाले धन सिंह रावत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(अभाविप) में काफी सक्रिय रहे। भाजपा में प्रदेश महामंत्री(संगठन) समेत कई अहम दायित्वों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

  • गूंजा ओम नमः शिवाय, शिव मंदिरों में उमड़ी आस्था

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    जांजगीर-चांपा। महाशिवरात्रि पर आज सुबह से ही शिवालयों में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में बोल बम और ऊं नमः शिवायः गूंज उठा। पीथमपुर के कलेश्वरनाथ, नवागढ़ के लिंगेश्वर महादेव और सेंधवार महादेव व नहर किनारे स्थित शिवमंदिर जांजगीर में श्रद्घालुओं ने दूध और जल से महादेव का अभिषेक कर पूजा अर्चना की व आशीर्वाद लिया। देर शाम तक शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही।

    कलेश्वरनाथ मंदिर पीथमपुर में आज एक दिवसीय मेला लगा। यहां दूर दराज से श्रद्घालु सुबह से कलेश्वर महादेव का दर्शन पाने पहुंचे थे। सुबह 4 बजे शिवजी का जल व दूध से अभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती की गई। इसके बाद कांवरियों के साथ श्रद्घालुओं ने हसदेव नदी पर स्नान किया और जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित किया। शाम 5 बजे भी पूजा अर्चना के साथ महाआरती की गई। इस दौरान मंदिर के बाहर होटल, मनिहारी, सौंदर्य प्रसाधन तथा अन्य चीजों की दुकानें लगी थी। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। मंदिर परिसर में भंडारा का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया। यहां जांजगीर, चांपा, बिरगहनी, पिसौद, गौद, सुकली, पेण्ड्री सहित दूर दराज के श्रद्घालुओं ने मत्था टेका। इसी तरह जांजगीर के सेंधवार महादेव की पूजा अर्चना करने श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। नगर के बाहर तालाब किनारे बने मंदिर में देर शाम तक श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्घालुओं ने महादेव का अभिषेक कर मत्था टेका। यहां श्रद्घालुओं के आवागमन के लिए मार्ग निर्माण व पेयजल की व्यवस्था नपा द्वारा की गई थी। वहीं नगर के श्रद्घालु व्यवस्था बनाने अपना सहयोग दे रहे थे। पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। लिंगेश्वर महादेव नवागढ़ में भी श्रद्घालु उमड़ पड़े। देवरी संगम तथा अन्य कई स्थानों से कांवरिये यहां जल लेकर पहुंचे और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। आज से यहां का मेला भी शुरु हुआ, जो 15 दिनों तक चलेगा। इसी तरह किरीत, नहर किनारे स्थित शिव मंदिर और नैला स्थित शिव मंदिर व भीमा तालाब के पास स्थित सिद्घेश्वर महादेव मंदिर में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी और श्रद्घालुओं ने महादेव की पूजा अर्चना की। बोलबम और ओम नमः शिवायः से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था।

    पᆬूल, बेलपत्रों की पूछपरख

    महाशिवरात्रि पर आज पᆬूल, बेलपत्र, आंक, धतूरा, नारियल, दूध आदि की कापᆬी पूछपरख रही। शिव मंदिरों के सामने कई लोगों ने पᆬूल पान व नारियल अगरबत्ती की दुकानें लगाई और पूजन सामग्री बेची।

    जगह-जगह भण्डारा का आयोजन

    महाशिवरात्रि पर जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों के शिव मंदिर परिसर के पास विभिन्ना संगठन, संस्थाओं द्वारा मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्घालुओं को खीर-पूडी का प्रसाद वितरित किया गया। जिला मुख्यालय के प्रसिद्घ सेधंवार पार स्थित सिद्घेश्वर महादेव मंदिर शिव भक्तों द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्घालुओं को खीर पूड़ी का वितरण किया जा रहा था। इसी तरह चाम्पा, सिवनी, जर्वे, नवागढ़, पीथमपुर, शिवरीनारायण, अकलतरा सहित अन्य जगहों पर भण्डारा का आयोजन किया गया।

    लक्ष्मणेश्वर मंदिर में उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़

    खरौद । छत्तीसगढ़ की कांशी के नाम से विख्यात भगवान लक्ष्मणेश्वर महादेव की नगरी में श्रद्घालुओं का दिन भर तांता लगा रहा। श्रद्घालुओं ने भगवान लक्ष्मणेश्वर शिवलिंग की पूजा अर्चना कर मनोकामना पूरा होने के लिए एक लाख चावल भी चढ़ाया । महाशिवरात्रि पर हर हर महादेव शिव मंदिर पर सुबह से शिव भक्तों की कतार लगी रही एवं अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए लोट मारते दर्शन करने पहुंचे महानदी का जल भरकर श्रद्घालु लक्ष्मणेश्वर मन्दिर में जलाभिषेक किया । महाशिवरात्रि के दिन मेला जैसा माहौल रहा । दूर दूर से आये भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया । सामाजिक व धार्मिक आस्था रखने वालो ने सभी भक्त जनों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। शरबत, हलवा, संतरा आदि वितरण किया।

    तुर्रीधाम में लगा मेला

    सक्ती। महाशिवरात्रि पर्व नगर में धूमधाम से मनाया गया। नगर स्थित शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना के लिए जुटी देखी गई। नगर के शनि मंदिर के सामने स्थित शिवमंदिर एवं पैठू तालाब पार में स्थित शिव मंदिर में लोगों ने श्रद्धा के साथ कतार में लग कर दुग्ध व जलाभिषेक कर एवं कनेर पᆬूल सहित मौसमी पᆬल आर्पित कर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर अपने एवं परिवार के लिए कुशल मंगल की कामना की। वहीं तुर्रीधाम में लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान शिव की पूजा अर्चना की। तुर्रीधाम मार्ग में बड़ी संख्या में लोट मारते श्रद्घालु मंदिर पहुंचे।

    दिनभर चला पूजा पाठ

    बाराद्वार। महाशिवरात्रि पर आज बाराद्वार के शिवमंदिरों में भीड़ रही। श्रद्घालुओं ने सुबह से ही मंदिर पहुंचकर दूध और जल से अभिषेक किया। मंदिर में सुबह से ही श्रद्घालुओं की चहल-पहल शुरू हो गई थी। लोग स्नान कर पᆬूल, बेलपत्र व नारियल लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक किया। लोगों ने श्रद्घापूर्वक पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद किया। शाम तब लोगों की मंदिरों में आवाजाही रही। इसी तरह अकलसरा, खम्हरिया, ठूठी व दर्राभांठा में भी लोगों ने शिवालयों में भगवान शंकर का अभिषेक किया।

    विस अध्यक्ष महंत ने पीथमपुर व तुर्रीधाम में की पूजा अर्चना

    पᆬोटोः 11 जानपी 15 – पूजा करते डा. चरणदास महंत

    जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने महाशिवरात्रि के अवसर पर पीथमपुर और तुर्रीधाम स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की और राज्य की जनता की सुख समृद्घि, शांतिमय जीवन के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर नगर पालिका जांजगीर नैला अध्यक्ष भगवानदास गढेवाल , एसपी पारूल माथुर, एसडीएम जांजगीर मेनका प्रधान, शशिकांता राठौर, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, दिनेश शर्मा, इंजी रवि पांडेय, गोपाल थवाईत, विवेक सिसोदिया, रामविलास राठौर, लोचन साव, देवेश सिंह, राधेलाल थवाईत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।