Category: state-news

  • अब ये मामला आया सामने, कलायत के व्यापारियों में कुख्यात बिन्नी पंडित गैंग का खौफ

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    कैथल। राजौंद में दोहरे हत्याकांड के आरोपित कुख्यात बिन्नी पंडित के बदमाशों की दहशत से कलायत के व्यापारियों में खौफ है। 16 फरवरी को 15 लाख रुपये की रंगदारी नहीं देने पर एक रेडिमेड शोरूम के संचालक पर इस गिरोह के सदस्यों ने फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद बिन्नी सहित कई बदमाश पुलिस की गिरफ्त में हैं। इनके पकड़े जाने के बाद एक और व्यक्ति सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दी है कि उनसे भी 13 फरवरी को बिन्नी पंडित का नाम लेकर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस थाना कलायत में यह केस दर्ज किया गया है।

    इसमें शहरनिवासी कृष्ण सिंह ने कहा कि वह बस स्टैंड कलायत के सामने स्थित कृष्णा अस्पताल का मालिक है। 13 फरवरी को शाम करीब साढ़े सात बजे उसके पास किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने उससे 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी और कहा कि यह पैसे बिन्नी पंडित ने मांगे हैं। पैसे नहीं देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।

    जान का बताया खतरा

    शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने अपने स्तर पर फोन करने वाले की पड़ताल की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगाया। इसलिए उसे पुलिस में शिकायत देने में देरी हुई, क्योंकि उसने सोचा कि पहले वह अपने तरीके से पता लगाएगा। साथ ही इन दिनों वह अपने भतीजे की शादी में भी व्यस्त था। शिकायत में उसने कहा कि उसे फोन करने वाले से जान-माल का खतरा है। इसलिए उसका पता लगाकर कार्रवाई की जाए। कृष्ण सिंह की शिकायत पर थाना कलायत में बिन्नी पंडित के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

    16 फरवरी को भी की थी फायरिंग

    बता दें कि 16 फरवरी को कलायत में ही एक रेडिमेड शोरूम संचालक पर 15 लाख रुपये की रंगदारी नहीं देने के चलते फायरिंग की गई थी। उसने बताया था कि वह दुकान पर बैठा था, तक कुछ बदमाश आए और उस पर गाेलियां चला दीं। इस हमले में वह बाल-बाल बच गया था। इस हमले में जेल में बंद बिन्नी पंडित पर रंगदारी मांगने और नहीं देने पर जानलेवा हमले करने का आरोप लगाया गया था। बिन्नी पंडित तब कैथल की जेल में बंद था। उस पर राजौंद में एक बिजली कर्मी सहित दो लोगों की हत्या के आरोप हैं और उसका मामला अदालत में विचाराधीन है। पुलिस ने रेडिमेड शोरूम संचालक पर हमले के आरोप में प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। उल्लेखनीय है कि इस मामले में रेडिमेड शोरूम संचालक की बजाय कलायत थाना के एक पुलिस कर्मी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था।

  • अब कण्व नगरी के नाम से जाना जाएगा कोटद्वार, सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दी मंजूरी

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    देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नगर निगम कोटद्वार का नाम परिवर्तित कर कण्व ऋषि के नाम पर कण्व नगरी कोटद्वार रखने की स्वीकृति प्रदान की है। अब नगर निगम कोटद्वार कण्व नगरी कोटद्वार के नाम से जाना जाएगा।

    महर्षि कण्व की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम कोटद्वार शहर से करीब 14 किलोमीटर के फासले पर स्थित है। इसलिए कोटद्वार शहर की पहचान महर्षि कण्व के नाम से भी है। इसे लेकर समय-समय पर कोटद्वार का नाम बदलने की मांग उठती रही, जिसे अब सीएम त्रिवेंद्र रावत की सहमति भी मिल गई है। यानी कोटद्वार को अब कण्व नगरी कोटद्वार के नाम से जाना जाएगा।

    पहले कलालघाटी का भी बदला गया नाम 

    पौड़ी गढ़वाल जिले के प्रवेश द्वार कोटद्वार स्थित कलालघाटी का भी नाम बदला गया है। उसे अब कण्वघाटी के नाम से जानी जा रहा है। कोटद्वार नगर निगम ने कलालघाटी का नाम बदलकर कण्वघाटी करने के शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिसपर पिछले साल दिसंबर में मुहर लगाई थी।

  • 10 साल कारावास, पीडि़ता को निर्भया फंड से एक लाख देने के निर्देश, जीजा को साली से दुष्कर्म पर

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    हल्द्वानी : हल्‍द्वानी के मानपुर उत्तर क्षेत्र में रहने वाली किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो अर्चना सागर ने जीजा को दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीडि़ता को निर्भया फंड से एक लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पत्र लिखा गया है।

    शासकीय अधिवक्ता नवीन जोशी ने बताया कि मानपुर उत्तर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 23 जून 2018 को हल्द्वानी कोतवाली में दामाद के विरुद्ध शिकायती पत्र दिया था। महिला का कहना था कि 27 मई 2018 को मुरादाबाद में रहने वाला दामाद घर पर आया था। घरवालों की गैर मौजूदगी में दामाद ने उसकी 12 साल की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इसके साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

    घटना के बाद से किशोरी गुमसुम रहने लगी। 23 जून को भाभी के घर आने पर किशोरी ने आपबीती बताई। इसके बाद पीडि़ता की मां तक मामला पहुंचा। पुलिस ने आरोपित दामाद के विरुद्ध धारा 376, 506 व 5एन/6 पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। कुछ दिन बाद आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

    शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह न्यायालय में पेश किए गए। गुरुवार को कोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए जीजा को नाबालिग साली से दुष्कर्म का दोषी ठहरया और धारा 5एन/6 पाक्सो अधिनियम में 10 साल कैद व 20 हजार अर्थदंड, धारा 506 में तीन साल कैद व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

  • सरकार का पुतला फूंका, कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई के विरोध में

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    ऋषिकेश। देश में बढ़ते पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों के साथ बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने चंद्रभागा पुल के निकट केंद्र और राज्य सरकार का पुतला फूंक कर अपना विरोध प्रकट किया। गुरुवार को चंद्रभागा पुल के निकट कांग्रेस के आमंत्रित प्रदेश सदस्य जयपाल जाटव के नेतृत्व में कार्यकर्त्ताओं ने बढ़ती महंगाई के साथ पेट्रोलियम पदार्थों में भारी मूल्य वृद्धि के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र व राज्य सरकार का पुतला दहन किया।

    जयपाल जाटव ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आमजन का जीना दूभर हो गया है। यहां तक कि पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि के कारण रसोई का भी बजट बिगड़ गया है। जिसके कारण आमजन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के विरोध में आ गया है। उनका कहना था कि यदि इसी प्रकार महंगाई बढ़ती रही तो देश की जनता केंद्र और राज्य से सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने महंगाई पर नियंत्रण किए जाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों को वापस लिए जाने की मांग भी की। पुतला दहन करने वालों में अशोक विश्वकर्मा, अखिलेश राजभर, कुमकुम साहनी, रमेश राम, शकल सहानी, भीम साहनी, संतोष कश्यप, मनसा देवी, पूनम देवी, कुसुम देवी, सीमा राजभर, अवधेश राजभर, टिंकू राजभर, मुन्ना शाह सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

    तीन साल से नहीं बढ़ाया गन्ना मूल्य

    उत्तराखंड क्रांति दल नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि तीन सालों से लगातार गन्ने का मूल्य नही बढ़ाए जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। डोईवाला में उक्रांद कार्यकर्ताओं की बैठक में सेमवाल ने कहा कि विगत तीन सालों में पेट्रोल, डीजल आदि आदि के दामों में मूल्य वृद्धि होने से किसानों के लिए खेती आज महंगी होती जा रही है। लेकिन उनकी उपज के दाम नहीं बढ़ाए जा रहे हैं जिससे उनको आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है। उक्रांद नेता वीरेंद्र थापा ने कहा कि सरकार गन्ने की सीरे से शराब बना रही है और उससे मोटा पैसा कमा रही है। लेकिन किसान को समय से उसके गन्ने का भुगतान तक नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बैठक में जेएस गुसाईं, प्रमोद डोभाल आदि उपस्थित थे।

  • एक लाख ठगे, देहरादून में ऐसे लिया था झांसे में, सैन्यकर्मी बन महिला ट्रेवल एजेंट से

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    देहरादून। एक शातिर ने खुद को सैन्यकर्मी बताकर कार बुक करवाने के नाम पर महिला ट्रेवल एजेंट से एक लाख रुपये ठग लिए। महिला की शिकायत पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, शक्ति कॉलोनी न्यू कैंट रोड निवासी सोनिका ट्रेवल एजेंट हैं। बीती 12 जनवरी को उन्हें एक शख्स का फोन आया। उसने खुद को सैन्यकर्मी बताया और कहा कि परिवार समेत देहरादून घूमने के लिए आ रहा है, इसलिए कार बुक करवानी है। शातिर ने किराये का भुगतान ऑनलाइन करने की बात कही। इसके बाद उसने महिला को एक क्यूआर कोड भेजा। जिसे स्कैन करने के कुछ देर बाद महिला के बैंक खाते से एक लाख रुपये कट गए।

    खाते को यूपीआइ से जोड़ने के नाम पर लगाई 1.41 लाख की चपत

    बैंक खाते को यूपीआइ से जोड़ने के लिए मदद मांगना एक किशोर को भारी पड़ गया। ठग ने उसके बैंक खाते से एक लाख 41 हजार रुपये उड़ा दिए। नेशविला रोड निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनके बेटे का पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में खाता है। उसने इस खाते को यूपीआइ से जोड़ने के लिए 11 फरवरी को इंटरनेट के माध्यम से पीएनबी की कस्टमर केयर सर्विस का नंबर ढूंढा। इस नंबर पर किशोर ने फोन किया तो जिस शख्स से उसकी बात हुई, उसने बैंक खाते की पूरी जानकारी हासिल कर 15 मिनट के लिए मोबाइल बंद करने को कहा। किशोर ने ऐसा ही किया। मोबाइल ऑन करने पर बैंक खाते से रुपये निकाले जाने के संदेश देखकर उसके होश उड़ गए। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने के चक्कर में गंवाए सात लाख

    मोबाइल नंबर चालू रखने के लिए उसे आधार से लिंक करने की बात कह साइबर ठग ने युवक के बैंक खाते से सात लाख नौ हजार रुपये निकाल लिए। साइबर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में पीड़ित ने बताया, उसके मोबाइल पर एक संदेश आया था कि आधार से लिंक नहीं होने के कारण आपका नंबर 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने के लिए संदेश में एक नंबर भी दिया गया। पीड़ित ने उस नंबर पर फोन किया तो संबंधित ने बैंक खाते की जानकारी मांगी। खाते की जानकारी देते ही उसने रुपये निकाल लिए।

  • मामले में की जांच गर्भवती नाबालिग ने एसटीएच में तोड़ा दम, आनर किलिंग के तहत होगी

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    हल्द्वानी : गर्भवती नाबालिग ने सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जहर खाने का कारण बताकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आनर किलिंग के एंगल से भी मामले को देखा जा रहा है।

    अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण की 17 वर्षीय नाबालिग को बीती 18 फरवरी को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती किया गया था। साथ आए स्वजनों ने बताया कि नाबालिग अविवाहित है और उसने जहर खा लिया है। जहर खाने के बारे में जब पुलिस ने पूछताछ की तो स्वजनों ने बताया कि वह गर्भवती भी है। जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी।

    ऐसे में उसने जहरीला पदार्थ गटक लिया है। एसटीएच में उसकी जान बचाने के लिए 15 दिन से इलाज किया जा रहा था। गुरुवार को नाबालिग ने दम तोड़ दिया। मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया है। सीओ हल्द्वानी भूपेंद्र सिंह धौनी ने बताया कि गर्भवती नाबालिग के दम तोडऩे के मामले में जांच की जाएगी। आनर किलिंग के एंगल से भी पुलिस मामले को परखेगी।

  • रोडवेज को 126 करोड़ की ‘संजीवनी’, वित्तीय संकट से जूझ रहे उत्तराखंड में

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    देहरादून। कोरोना काल के बाद से कर्मचारियों को वेतन दे पाने में विफल और वित्तीय संकट से जूझ रहे रोडवेज को सरकार ने बजट में 126 करोड़ रुपये की ‘संजीवनी’ प्रदान की है। पिछले बजट में सरकार ने 110 करोड़ रुपये का प्रविधान किया था, जिसे इस वर्ष बढ़ाया गया है। पर्वतीय मार्गों पर संचालन से घाटे की मद में की जाने वाली मदद को सरकार ने 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 60 करोड़ रुपये कर दिया है। राज्य में बस अड्डों के निर्माण के लिए 26 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। पर्वतीय मद में धनराशि बढ़ाने पर रोडवेज के कर्मचारियों ने सरकार का आभार जताया है।

    चुनावी वर्ष में सरकार ने लोक-लुभावन बजट में समस्त संतुलन साधने की कोशिश की है। भले रोडवेज का करीब 250 करोड़ रुपये सालाना घाटा पूरी तरह दूर न हो पाए मगर राज्य सरकार ने घाटा आधा करने का प्रयास जरूर किया है। बसों की खरीद को लिए गए ऋण का सालाना 10 करोड़ रुपये का ब्याज सरकार चुकाती रहेगी। बीते कुछ वर्षों से रोडवेज कर्मचारियों और सरकार के बीच सबसे बड़ा विवाद सरकार द्वारा मुफ्त यात्रा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजना की मद को लेकर था। सबसे ज्यादा विरोध के सुर पर्वतीय मार्गों पर बसों के संचालन से रोडवेज को होने वाले घाटे पर थे, मगर सरकार ने इस मद में धनराशि बढ़ा विरोध के सुर खत्म कर दिए हैं।

    कर्मचारी यूनियन ने सरकार से सालाना बजट में पर्वतीय मार्गों पर संचालन के घाटे का प्रतिपूर्ति में बजट 60 करोड़ रुपये करने की मांग की थी। गुरुवार को जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण में बजट प्रस्तुत किया तो सरकार ने कर्मचारियों की सुध ले मांग पूरी कर दी। न केवल कर्मचारियों की एक बड़ी मांग पूरी हुई बल्कि अब रोडवेज को पर्वतीय मार्गों पर संचालन में राहत भी मिलेगी। इस बजट में सरकार ने कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को लेकर रोडवेज को अलग से 10 करोड़ की मदद दी है एवं प्रदेश में नए बस अड्डे बनाने व पुरानों का सुधार करने के लिए 26 करोड़ की धनराशि दी है, जिससे बस अड्डों के विस्तार और सुधार की उम्मीद जगी है।

    रोडवेज के लिए बजट

    मद, धनराशि

    पर्वतीय घाटा, 60 करोड़

    मुफ्त यात्रा योनजाएं, 20 करोड़

    बस पर ऋण, 10 करोड़

    स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, 10 करोड़

    अन्य बस अड्डे, 10 करोड़

    हल्द्वानी आइएसबीटी, 10 करोड़

    रामगनर बस अड्डा, 3 करोड़

    अल्मोड़ा बस अड्डा, 2 करोड़

    नरेंद्रनगर बस अड्डा, 1 करोड़

    कर्मचारियों में खुशी की लहर 

    बजट से पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन बढऩे की उम्मीद जगी है। इससे कर्मचारी भी संतुष्ट नजर आ रहे। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार चौधरी ने पर्वतीय घाटा मदद के लिए मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव एवं परिवहन सचिव व रोडवेज प्रबंध निदेशक को धन्यवाद दिया है। चौधरी ने कहा कि सरकार को अब रोडवेज की परिसंपत्ति के मामले भी सुलझाने चाहिए।

    यदि परिसंपत्ति के बंटवारे में उत्तर प्रदेश से धनराशि मिलती है तो रोडवेज का पूरा घाटा दूर हो जाएगा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री दिनेश पंत ने पर्वतीय मार्गों पर दी गई मदद को रोडवेज के लिए संजीवनी बताया। इस दौरान परिषद के प्रवक्ता विपिन बिजल्वाण ने कहा कि परिषद पर्वतीय घाटे की मद में राशि बढ़ाने की मांग कर रही थी। सरकार ने मांग पूरी कर दी।

  • आने वाले समय में, देश में नौवें स्थान पर होगा सुधार, उत्तराखंड स्टार्टअप के मामले में

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    देहरादून। स्टार्टअप के मामले में उत्तराखंड देश में नौवें पायदान पर है। इस रैंकिंग में उद्योग निदेशालय आने वाले समय में और सुधार करेगा। इसके लिए युवाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित किया जाएगा। यह बातें शुक्रवार को उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने कहीं। वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की उत्तराखंड राज्य परिषद के वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।

    वेबिनार का विषय ‘उत्तराखंड बिजनेस समिट’ रखा गया था। इसमें उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने स्टार्टअप में राज्य की प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि अभी तक 100 स्टार्टअप राज्य में पंजीकृत हैं। उद्यमिता को बढ़ाना देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य का 71 फीसद क्षेत्र वन भूभाग के अंतर्गत आता है। ऐसे में रोजगार के लिए पहाड़ी जिलों से होने वाले पलायन को रोकना चुनौती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार के अलावा पूंजीपतियों और उद्योगपतियों की भी जिम्मेदारी है कि वह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएं।

    सीआइआइ उत्तराखंड राज्य परिषद के पूर्व चेयरमैन राकेश ओबराय ने कहा कि सीआइआइ स्टार्टअप प्रमोशन के लिए सरकार के साथ खड़ा है। संगठन उद्यमिता को अवसर में बदलने के लिए प्रयासरत है। उद्योगपति विनोद शर्मा ने भी स्टार्टअप को बढ़ावा देने को लेकर विचार रखे। वेबिनार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड स्माल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) की निदेशक डॉ. पूनम सिन्हा ने भी उद्यमिता पर विचार रखे।

  • आरोपित जेठ ने थाने में किया सरेंडर, संपत्ति विवाद में मां-बेटी की घर में घुसकर हत्या

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    रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के ग्राम अछोली में मां-बेटी की हत्या का मामला सामने आया है। संपत्ति विवाद में घर में घुसकर हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद आरोपित जेठ ने उरला पुलिस के सामने अपने आप को सरेंडर कर दिया

    उरला पुलिस थाना प्रभारी अमित तिवारी से मिली जानकारी के अनुसार संपत्ति विवाद के चलते घर मे घुसकर हत्या की गई है। छोटे भाई की पत्नी और उसकी मां की फावड़े से मारकर हत्या की गई है। आरोपित जेठ उत्तम टंडन ने मौके पर पहुंची पुलिस के सामने सरेंडर किया है। फिलहाल उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। विवाद के कारणों के बारे में गांव वालों से पूछताछ की जा रही है।

    आरोपित उत्तम उर्फ भगवान दास टंडन ने अपने छोटे भाई की पत्नी और मां की हत्या की है। यह वारदात शनिवार सुबह आठ बजे की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मरने वाले का नाम कमला टंडन और सुनीता टंडन बताया जा रहा है।

    टीआई ने बताया की सुबह सुनीता अपने खेत में फावड़ा लेकर काम कर रही थी,तभी वहां पर आरोपित जेठ ने आकर अपना खेत बताते हुए विवाद करना शुरु कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि महिला के हाथ से फावड़ा छिनकर उसी से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बेटी पर हमला होते देखकर तिल्दा नेवरा से आई उसकी मां कमला बाई बचाने आई तो आरोपित ने उस पर भी हमला कर दिया। इस हमले में मौके पर ही मां बेटी की मौत हो गई।

  • आप भी जानिए अब नक्सलियों के पास डायरेक्शनल बम, इस जुगाड़ लांचर के बारे में

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    रांची। पश्चिमी सिंहभूम के टोकलो थाना क्षेत्र स्थित लांजी जंगल में सुरक्षा बलों के खिलाफ नक्सलियों ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया, उसे डायरेक्शनल बम बताया गया है। यह एक तरह का जुगाड़ लांचर है, जिसे चलाने के लिए मानव बल की जरूरत नहीं। लैंड माइंस की तरह ही दूर बैठे तार की मदद से नक्सली इसका संचालन कर सकते हैं। इसकी खासियत है कि इसे सिर्फ जमीन में ही नहीं लगाया जा सकता है, बल्कि पेड़ों और पहाड़ों पर भी लगाया जा सकता है।

    नक्सलियों ने इस घातक बम को सुरक्षा बलों के खिलाफ तैयार कर रखा है। पुलिस को उम्मीद है कि नक्सलियों के पास भारी संख्या में ऐसे हथियार आ गए हैं, जिससे वे सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने में उपयोग कर सकते हैं। इस डायरेक्शनल बम की मारक क्षमता 350 से 400 मीटर तक बताई जा रही है। राज्य में पहली बार नक्सलियों ने इस बम का इस्तेमाल किया और पहले ही प्रयास में राज्य के तीन होनहार जवानों की शहादत ले ली और कइयों को जख्मी कर दिया।

    इसमें लांचर की तरह ही एक पाइपनुमा संरचना होती है, जिसमें एक तरफ का हिस्सा बंद रहता है। सबसे पहले पाइप में हाई एक्सप्लोसिव भरा होता है। उसमें रॉड के गोलीनुमा छोटे-छोटे टुकड़े सैकड़ों की संख्या में रहते हैं। विस्फोटक के पास एक दो तार के बराबर छेद होता है, जहां तार लगा होता है। इस देसी लांचर को दूर किसी पेड़, पहाड़ पर लगाकर अपराधी-नक्सली कहीं दूर चला जाता है। जैसे ही सुरक्षा बल उस पेड़ या पहाड़ के नजदीक पहुंचते हैं, वह अपराधी-नक्सली तार को बैट्री की मदद से स्पार्क कर देता है और विस्फोटक में आग लगते ही ब्लास्ट होता है। उसमें पड़े सभी रॉड के टुकड़े खाली दिशा में तेजी से निकलते हैं और उनके रास्ते में जो मिलता है, उसे छेदते हुए पार हो जाते हैं।

    खनन में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पहुंचते रहे हैं नक्सलियों तक

    नक्सलियों तक विस्फोटक पहुंचाने में पत्थर, कोयला, बाक्साइट व आयरन ओर की खदानें मदद कर रही हैं। खनन में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक ही नक्सलियों तक पहुंचते रहे हैं। इसका खुलासा पूर्व में गिरफ्तार नक्सलियों ने भी किया है। पूर्व में नक्सलियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में विस्फोटकों का जखीरा भी मिलता रहा है। पत्थर के धंधेबाज, कोयला माफिया नक्सलियों को विस्फोटक उपलब्ध कराने में मदद करते रहे हैं।

    नक्सल विरोधी अभियान में लगे जवानों-पदाधिकारियों के लिए जारी किया गाइडलाइंस

    झारखंड पुलिस मुख्यालय ने चाईबासा की घटना के बाद सभी जिलों के एसएसपी-एसपी और नक्सल विरोधी अभियान में लगे जवानों-पदाधिकारियों के लिए गाइडलाइंस जारी किया है। झारखंड पुलिस के एडीजी अभियान नवीन कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में इस्तेमाल से पहले ही इस तरह के बम की बरामदगी हुई थी, जिसे निष्क्रिय किया गया था। राज्य में यह पहली बार है जब डायरेक्शनल बम का घातक प्रहार सुरक्षा बलों पर हुआ है। अब ऐसे बमों से बचाव व कारगर अभियान कैसे चले, इससे संबंधित दिशा-निर्देश सभी जिलों को जारी कर दिया गया है। एडीजी ने बताया कि चाईबासा की घटना में शामिल नक्सली चिह्नित हो चुके हैं। गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है