Category: state-news

  • यहां पढ़ें, नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री रावत से की मुलाकात

    [object Promise]

    देहरादून । सीएम आवास में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डाॅ राजीव कुमार ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट की। दोनो के मध्य उत्तराखण्ड से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए केंद्र की परियोजनाओं की भांति ही डिग्रेडेड फोरेस्ट लैंड पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की अनुमति दी जानी चाहिए। राज्य की परियोजनाओं में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए दोगुनी भूमि देनी होती है। जबकि केन्द्र की परियोजनाओं के लिये ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेस्ट क्लीयरेंस के लिए जरूरी औपचारिकताओं का सरलीकरण किया जाना चाहिए।

    नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इन मामलों को नीति आयोग द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित मंत्रालय से बात की जाएगी। डॉ राजीव कुमार ने कहा कि चीङ के पेड़ हमारे यहाँ की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। इन्हें धीरे-धीरे किस प्रकार स्थानीय प्रजाति के वृक्षों से रिप्लेस किया जा सकता है, इसकी योजना बनाई जानी चाहिए। इस संबंध में एफआरआई द्वारा किये गये अध्ययन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही।
    डाॅ राजीव कुमार ने राज्य में एसडीजी (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) के लिए माॅनिटरिंग सैल बनाने का सुझाव दिया। यह बताए जाने पर कि राज्य सरकार की अनेक बाह्य सहायतित परियोजनाओं के प्रस्ताव एआईआईबी व एनडीबी में लम्बित हैं, उन्होंने कहा कि इन मामलों को दिखवा लिया जाएगा।

    नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किये जाने पर भी बल दिया।

    मुख्यमंत्री ने हाल ही में जोशीमठ क्षेत्र में आई आपदा और संचालित सर्च रेस्क्यू आपरेशन व राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी भी लगातार इस पर नजर रखे हुए थे। डाॅ राजीव कुमार ने कहा कि राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम के लिये अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक का उपयोग के लिए अध्ययन कराया जाएगा।

  • लम्बी दूरी की ट्रनों में होली पर वेटिंग 60, यात्रियों को इंतजार करना पड़ेगा

    [object Promise]

    अनलाक के बाद रायपुर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग बढ़ गई, क्योंकि एक तरफ जहां होली का त्योहार है, वहीं लंबे समय से घर नहीं गए लोग अपनों से मिलने के लिए तैयारी में जुट गए हैं।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा स्पेशल ट्रेनों का संचालन तो शुरू कर दिया है, लेकिन मार्च-अप्रैल तक रेलवे मंडल से उत्तर प्रदेश, हावड़ा, मुंबई, दिल्ली और पुरी आदि स्थानों पर जाने वाले ट्रेनों में स्लीपर, थ्री टायर एसी में वेटिंग 60 से अधिक पहुंच गई है।

    हालांकि ट्रेन की संख्या कम होने के कारण वेटिंग बढ़ी है, लेकिन आने वाले दिनों में यह वेटिंग और बढ़ सकती है, क्योंकि अन्य सफर की तुलना में ट्रेन की यात्रा काफी सुखदायक रहती है, इसलिए ट्रेन में वेटिंग की स्थिति को देखते भले मौजूदा समय कई यात्री स्वयं के वाहनों से सफर करने की तैयारी कर रहे हंै।

    लंबी ट्रेनों में अधिक वेटिंग

    त्योहार के सीजन में अक्सर टिकट को लेकर मारामारी रहती है। त्योहार आते ही ज्यादातर ट्रेनों में लंबी वेटिंग रहती है, क्योंकि त्योहार में शहर से बाहर जाने वाली पब्लिक महंगे दामों पर टिकट खरीद कर यात्रा करने को मजबूर रहती है।

    ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है, जब त्योहार के समय ट्रेनों में आसानी से टिकट मिल जाए, लेकिन इस साल सौ से अधिक की वेटिंग नहीं है, ऐसे में एडवांस में बुकिंग कर चुके यात्रियों को यात्रा तिथि तक कन्फर्म टिकट भी मिल सकता है, इसलिए होली के त्योहार में बाहर जाने वाले यात्रियों को अभी मौका है कि वह टिकट की बुकिंग कर ले, जिससे आसानी से टिकट लेकर होली मनाने बाहर जा सकते हैं।

    इन ट्रेनों में स्लीपर की वेटिंग (मार्च-अप्रैल तक की स्थिति)

    • सारनाथ एक्सप्रेस – 60

    • मुंबई हावड़ा मेल -50

    • विशापट्टनम एक्सप्रेस-50

    • दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस- 25 सीट

    • हावड़ा मुंबई मेल -45

    • साउथ विहार एक्सप्रेस -30

    • बेतवा एक्सप्रेस -35

    • संपर्क क्रांति -35

  • राजस्थान: जैसलमेर में पानी में डूब रहे पोते को बचाने के लिए 55 साल के दादा ने लगाईं छलांग, दोनों की मौत

    [object Promise]

    जानकारी के अनुसार, घटना जिले के नोख क्षेत्र में बोडाना गांव की हैं। घटना के वक़्त, मृतक कुंभ सिंह (55) का पोता राहुल (11) खेत पर बने हौद/डिग्गी से पानी निकलने गया था, इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में जा गिरा। गिरने के बाद राहुल ने मदद के लिए अपने दादा को आवाज़ लगाई, इसके बाद कुम्भ सिंह ने राहुल को बचाने के लिए डिग्गी में छलांग लगा दी। लेकिन दोनों के पास समस्या थी कि, किसी को भी तैरना नहीं आता था और ऐसे में दोनों की मौत हो गई। हादसे के थोड़ी देर बाद ग्रामीणों ने मिलकर दोनों के शव बाहर निकाल दिए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। सुबह पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।

    आपको बता दें कि, जिले में नहरी क्षेत्र के लोगों ने खेतों में सिंचाई के लिए पानी की बड़ी-बड़ी करीब 15 से 20 फीट गहरी हौद/डिग्गी खुदवा रखी है। नहर चलने पर इसमें पानी भर दिया जाता है, लेकिन अब ये डिग्गियां अब हादसे का कारण बनती जा रही है। एक हफ्ते पहले भी दो महिलाओं सहित तीन लोगों की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई थी।

  • गंध और स्वाद पर तकरार, सदन में रंग

    [object Promise]

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव में रंग, गंध और स्वाद पर जमकर तकरार हुई। विपक्ष ने सरकार के काम को लेकर सवाल किया तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक-एक आरोपों का जोश और तेवर के साथ जवाब दिया।

    मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट में सरकार के काम, पुलिस की चुस्ती, शराब के परिवहन को लेकर पक्ष रखा। धान को लेकर केंद्र सरकार के अडियल रुख और केंद्रीय कर में हिस्सेदारी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने से भी पीछे नहीं हटे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में केंद्र ने जो राशि जारी की, वह कोई खैरात नहीं है। राज्य के हक को केंद्र सरकार ने दिया। अब भी 15 हजार करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ का बकाया है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को हमारी सरकार रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन लगती है। यह लक्षण तो कोरोना का होता है। कहीं दोबारा तो नहीं हो गया। अब तो उनकी स्थिति आइसोलेशन में जाने की होने वाली है। उन्होंने हंसते हुए कहा-पालिटिकली आइसोलेशन। यहां वाले मानते नहीं, दिल्ली वाले पूछते नहीं। तीखे तेवर के साथ सीएम ने कहा कि इनको स्वाद नान घोटाले में आता था।

    रंग खदानों में नजर आता था और गंध चिटफंड कंपनियों की समझ आती थी। कोरोना वैक्सीन को लेकर मुख्यमंत्री ने दमदारी से कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को अगर केंद्र सरकार मुफ्त टीका नहीं देगी तो हमारे पास पैसा है। सरकार मुफ्त में टीका लगवाएगी। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए भूपेश ने कहा कि क्या सिर्फ तीन करोड़ लोगों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, बाकी 130 करोड़ लोगों के लिए क्या प्लान है।

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि कोरोना संकट में विभाग और मंत्री ने बेहतर काम किया। कोवैक्सीन नहीं लगाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि देश के 11 राज्यों में सिर्फ एक फीसद लोगों ने वैक्सीन लगवाई। हमारे यहां महाराज साहब ने स्पष्ट बोल दिया तो बवाल हो रहा है।

    सबसे ज्यादा पत्र लिखने वाले सीएम बघेल पत्रजीवी: कौशिक

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सीएम बघेल को एक महारत हासिल है। भारत में सबसे ज्यादा पत्र लिखने वाले पत्रजीवी सीएम हैं। सरकार ने जन घोषणा पत्र को आत्मसात करने की बात कही थी, लेकिन इसे अब लागू नहीं किया जा रहा है। घोषणापत्र के क्रियान्वयन को लेकर सरकार के मंत्री अलग-अलग बात करते हैं। यह सरकार झूठ की बुनियाद पर खड़ी है। सरकार बनने से पहले कांग्रेस नेताओं ने कर्जमाफी की बात कही, बाद में मुकर गए। यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम की बात अब जनघोषणा पत्र बनाने वाले मंत्री सिंहदेव नहीं करते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण को पढ़कर ऐसा लगता है कि यह केंद्र सरकार का अभिभाषण है। यह सरकार ऐसी है कि पहले सपने दिखाती है, फिर सत्ता में आने के बाद इसे चकनाचूर कर देती है।

    इस तरह सीएम ने दिया जवाब

    धान: नेता प्रतिपक्ष कह रहे हैं कि हमने 2500 रुपये नहीं दिया, लेकिन हमने दिया। बाद में केंद्र सरकार ने बोनस देने पर रोक लगाया।

    पत्रजीवी: हमें पत्रजीवी कहा गया, अगर हमारे युवाओं, महिलाओं और किसानों के साथ अन्याय होगा, तो हम एक बार नहीं हजारों बार पत्र लिखेंगे।

    आर्थिक सर्वेक्षण सदन में पेश

    योजना आर्थिक व सांख्यिकी मंत्री अमरजीत भगत ने शुक्रवार को राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2020-21 सदन पटल पर रखा। इसमें इस वर्ष जीएसडीपी (प्रचलित भाव पर) में 1.54 फीसद की वृद्धि का अनुमान बताया गया है। वहीं, प्रति व्यक्ति आय एक लाख चार 943 रुपये रहने की जानकारी दी गई है।

  • बाघ-तेंदुए की प्यास बुझाने के लिए पांच किमी दूर से हो रही पानी की सप्लाई, फतेहपुर रेंज में

    [object Promise]

    हल्द्वानी : गर्मियों का मौसम और फायर सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में जंगल की आग के साथ वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। इस मामले में वन विभाग की फतेहपुर रेंज बेहतर काम कर रही है। डिवीजन में कुल 19 तालाब बनाए गए हैं। तराई की किसी भी रेंज में इतनी संख्या में कृत्रिम तालाब नहीं है। खास बात यह है कि हाथी, बाघ और गुलदार की प्यास बुझाने के लिए दो तालाबों में पांच किमी दूर जंगल के एक गधेरे से पाइप के जरिए पानी खींचा जाता है। जबकि 17 अन्य तालाबों में गर्मियां शुरू होते ही टैंकर से पानी जमा किया जाता है।

    तराई के जंगलों में बड़ी संख्या में वन्यजीवों का डेरा है। मगर पानी व भोजन की तलाश में अक्सर वन्यजीव आबादी क्षेत्र की और मुड़ जाते हैं। ऐसे में वन विभाग से लेकर ग्रामीणों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो जाती है। मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान महकमे को लोगों का आक्रोश भी झेलना पड़ता है। इसे देखते हुए फतेहपुर रेंज में पिछले तीन साल में तालाबों की संख्या 19 कर दी गई। दस हजार से लेकर एक लाख लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता वाले तालाब भी रेंज के जंगल में मिल जाएंगे। रेंजर केएल आर्य ने बताया कि दो बड़े तालाब हाल में बनाए गए थे। गश्ती दल इन पर नजर रखता है। अगर पानी खत्म हो जाए तो टैंकर की मदद तक ली जाती है।

  • हेमकुंड साहिब में मौजूद है सिर्फ चार फीट बर्फ, पैदल मार्ग पर नजर नहीं आ रहे बड़े हिमखंड

    [object Promise]

    जोशीमठ (चमोली)। इस साल कम बर्फबारी होने के कारण हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में काफी कम बर्फ जमी है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार गुरुद्वारा और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर जरूर बर्फ से ढके हुए हैं, लेकिन हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग पर इस बार बड़े हिमखंड नजर नहीं आ रहे।

    गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की टीम ने इसी सप्ताह हेमकुंड साहिब पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि चमोली जिले में समुद्रतल से 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग पर बीते वर्ष तक 150 फीट तक ऊंचे हिमखंड नजर आते थे। उन्हें काटकर रास्ता बनाने के लिए सेना की इंजीनियरिंग कोर के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन इस बार बहुत छोटे हिमखंड पैदल मार्ग में हैं। हेमकुंड साहिब में भी मात्र चार फीट बर्फ ही जमी हुई है। जबकि, बीते वर्षों में इस समय यहां 20 फीट से अधिक बर्फ रहती थी।

    सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट जल्द ही बैठक बुलाकर कपाट खोलने के संबंध में निर्णय लेगा। इसके बाद सेवादारों का दल जल्द हेमकुंड के लिए रवाना होगा। कहा कि पैदल मार्ग में बर्फ न होने के कारण इस बार यात्रा तैयारियों में भी दिक्कतें नहीं आने वाली। हां! इतना जरूर है कि इस बार यात्रा रूट पर पीने के पानी की किल्लत हो सकती है, क्योंकि कम बर्फबारी होने के कारण प्राकृतिक स्रोत रिचार्ज नहीं हो पाए और उन पर काफी कम पानी है।

  • केरल में RSS कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में जंतर- मंतर पर प्रदर्शन

    [object Promise]

    इस दौरान मीनाक्षी लेखी ने केरल सरकार पर इस मामले को सही से जांच न करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने केरल सरकार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि ये आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार दोषियों को सजा नहीं देती और साथ ही उन्होंने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को प्रतिबंध लगाने की बात भी कही।

    उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में हुए कई बम धमाकों में भी इन आरोपियों का हाथ है और ये कम्युनिस्टों का साथ देकर जेहादी ताकतों का साथ दे रहे हैं। लेखी ने केरल सरकार से मामले को तेजी से सही तरीके से जांच करने या केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य वेणुगोपाल, मलायाली एसोसिएशन के सचिव आरआर नैयर और प्रसन्ना पिल्लाई व भाजपा पदाधिकारी सुनील यादव शामिल रहे।
    इसके पहले, अलप्पुझा जिले में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के मामले में ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एसडीपीआई) के आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भाजपा ने आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में जिले में दिनभर की हड़ताल की थी।

    पुलिस ने बताया कि अलप्पुझा में चेर्थला के पास नगमकुलनगर इलाके में आरएसएस और एसडीपीआई के बीच हुई झड़प में संघ के कार्यकर्ता नंदू (23) की बुधवार रात मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि झड़प में आरएसएस और एसडीपीआई के कम से कम छह कार्यकर्ता घायल हुए भी थे। उन्हें अलप्पुझा एवं एर्नाकुलम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

    रिपोर्टों के अनुसार, कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक भाजपा की विजय यात्रा की शुरुआत के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केरल यात्रा के विरोध में एसडीपीआई ने हाल में एक मार्च निकाला था, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है। एसडीपीआई के कार्यक्रम के बाद से दोनों समूहों ने इलाके में विरोध मार्च निकाले।

    भाजपा ने बृहस्पतिवार को अलप्पुझा जिले में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ माकपा का इस्लामिक संगठन के साथ राजनीतिक गठबंधन होने के कारण केरल सरकार एसडीपीआई से नाता रखने वाले आरोपियों का साथ दे रही है।

  • मांगों को ठहराया जायज, उपनल कर्मियों के आंदोलन को पूर्व सैनिकों का समर्थन

    [object Promise]

    देहरादून। समान कार्य, समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत उपनल कर्मियों को पूर्व सैनिकों का भी समर्थन मिल रहा है। पूर्व सैनिकों के संगठन उपनल कर्मियों की मांगों को जायज ठहराते हुए धरनास्थल पर पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं।

    उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कुशाग्र जोशी की अध्यक्षता में सहस्रधारा रोड स्थित एकता विहार में उपनल कर्मियों का धरना रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि धरने में शामिल होकर उत्तराखंड पूर्व सैनिक और अद्र्ध सैनिक संगठन ने उनका समर्थन किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन भगत सिंह राणा ने उनकी ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उपनल कर्मियों की मांगों से अवगत कराया है।

    इसके अलावा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के पौत्र जीएस नेगी ने भी उपनल कर्मियों की मांगों का समर्थन किया है। संगठन के मुख्य संयोजक महेश भट्ट ने बताया कि रविवार को क्रमिक अनशन पर विनोद गोदियाल, दीपक चौहान, हरीश कोठारी, रोहित वर्मा, गरिमा, अनमोल, दीपक, नीरज और विनीत बैठे। उन्होंने कहा कि सात दिन बीतने के बावजूद सरकार की ओर से धरने पर बैठे कर्मियों की सुध नहीं ली गई है।

    चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी पीड़ा नहीं सुनी तो शीघ्र हजारों की संख्या में कर्मचारी धरनास्थल छोड़कर सड़कों पर उतरेंगे। इस दौरान हेमंत रावत, विद्यासागर धस्माना, हिमांशु जुयाल, मनोज चौहान, मनोज सेमवाल, दिनेश रावत, विपिन असवाल, विनय प्रसाद, मनवीर तड़याल, सोहन नेगी, कल्पना, पूनम, साधना, लक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।

    करीब 250 उपनल कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोनाकाल में तैनात किए गए लगभग 250 कर्मचारियों की सेवा समाप्त हो गई है। ये कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, पर कॉलेज प्रशासन समाधान नहीं तलाश पाया। वहीं, सोमवार से सफाईकर्मियों ने भी हड़ताल पर जाने का एलान किया है। जिससे मरीजों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। दरअसल, कोरोनाकाल में अस्पताल में उपनल और पीआरडी के माध्यम से नॄसग व अन्य स्टाफ रखा गया था। जिनकी सेवाएं अब समाप्त की जा रही हैं। सेवा समाप्त करने के विरोध में ये लोग एक हफ्ते से हड़ताल पर हैं।

    करीब 100 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त कर दी जाएंगी। अस्पताल प्रशासन इस समस्या से निजात पाने की रणनीति बना ही रहा है कि अब सफाईकॢमयों ने भी ठेका प्रथा के विरोध में आज से हड़ताल पर जाने की चेेतावनी दी है। जिससे अन्य सेवाओं के साथ ही अब सफाई व्यवस्था भी चरमरा सकती है। वहीं, प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। कर्मचारियों को समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

  • उमड़े श्रद्घालु, चित्रोत्पला गंगा महानदी की हुई महाआरती

    [object Promise]

    राज्य के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल शबरी की नगरी में महानदी के त्रिवेणी संगम तट पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष और मठ मंदिर के महंत रामसुंदरदास थे।

    माघी पूर्णिमा के अवसर पर चांपा सेवा संस्थान के द्वारा महानदी के त्रिवेणी संगम तट पर बाबा घाट में गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता थी। प्रदेश और जिले से बड़ी संख्या में लोग गंगा आरती का विहंगम दृश्य देखने के लिए घाट पर उपस्थित हुए थे। इस अवसर पर चांपा सेवा संस्थान के सदस्यों का सम्मान महंत रामसुंदरदास के द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहाकि छत्तीसगढ़ में गंगा आरती की शुरुआत शिवरीनारायण के प्रबुद्घ नागरिकों ने आज से 20 वर्ष पूर्व की थी। कुछ दिनों पूर्व चांपा के हसदेव नदी में चांपा सेवा संस्थान के द्वारा बहुत सुंदर भव्य आरती का आयोजन किया गया था जिसमें उन्हें मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था। वहां के अद्भुत नजारे को देखने के पश्चात मन में एक अच्छा विचार आया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन प्रदेश के अनेक स्थानों पर होना चाहिए। संस्थान के सदस्य पुरुषोत्तम शर्मा एवं उनके साथियों ने शिवरीनारायण में माघी पूर्णिमा के अवसर पर भव्य आरती आयोजित किए जाने की बात रखी । इस आध्यात्मिक आयोजन को लेकर पूरे नगरवासी अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में इससे भी अच्छा आयोजन हो यह हम सब का प्रयत्न रहेगा । कार्यक्रम को पूर्णेद्र तिवारी, योगेश शर्मा, निरंजन लाल अग्रवाल, सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन निर्मल दास वैष्णव तथा आभार प्रदर्शन शरद पांडे ने किया। इस अवसर पर दिनेश दुबे, त्यागी महाराज, मुख्तियार सुखरामदास, सतीश जायसवाल, कृष्ण कुमार पांडे, इंजीनियर रवि पांडे, अयोध्या प्रसाद त्रिवेदी, राइस किंग खूटे, सुबोध शुक्ला, देवा लाल सोनी, पवन सुलतानिया, पार्षद रीना तिवारी, गायत्री सोनी, शकुंतला अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, पिंटू भट्ट, निरंजन कश्यप, लक्ष्मण चौहान, शिवशंकर सोनी, सागर केशरवानी, राधेश्याम शर्मा, शरद पांडये, लाडली मोहन शर्मा, राधेश्याम सोनी, पुनीराम केसरवानी, उदयराम केंवट, एसडीएम मेनका प्रधान, तहसीलदार प्रकाश साहू, सीएमओ हितेन्द्र यादव, टीआई मोतीलाल शर्मा सहित श्रद्घालु बड़ी संख्या उपस्थित थे।

  • कांग्रेस ने बेरोजगारी के मसले पर किया बहिष्कार, राज्यपाल का अभिभाषण शुरू

    [object Promise]

    देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र आज से ग्रीष्‍मकालीन राजधानी गैरसैंण में शुरू हो गया है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के अभिभाषण के साथ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही प्रारंभ हुई। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने बेरोजगारी के मसले पर बहिष्कार किया है। इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुखयमंत्री के विभागों के प्रश्नों के उत्तर न देने पड़े इसलिए सोमवार को राज्यपाल का अभिभाषण रखा गया है। अब दोपहर बाद विधानसभा अध्यक्ष अभिभाषण का वाचन करेंगे। सदन में चार मार्च को शाम चार बजे बजट पेश किया जाएगा।

    • राज्यपाल का अभिभाषण शुरू, कांग्रेस ने बेरोजगारी के मसले पर किया बहिष्कार।
    • विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के अभिभाषण से शुरू हुई।

    कोरोना के साये में आयोजित हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में तैयारीपूरी कर ली गई हैं। सत्र में शामिल होने के लिए सभी मंत्रियों, विधायकों और कार्मिकों की कोरोना की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की गई है। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही वे सदन में प्रवेश कर सकते हैं। सभामंडप में भी सदस्यों के बैठने के लिए सुरक्षित दूरी का पालन करते हुए व्यवस्था की गई है। वित्‍तीय वर्ष 2021-22 के बजट सत्र के लिए राज्‍यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत मंत्री-विधायक गैरसैंण पहुंच चुके हैं।

    मौजूदा सरकार का यह अंतिम बजट होगा, लिहाजा इस सत्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार सुबह 11 बजे बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के अभिभाषण से होगी, जबकि दोपहर बाद विधानसभा अध्यक्ष अभिभाषण का वाचन करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत चार मार्च को शाम चार बजे सदन में बजट पेश करेंगे। कैबिनेट ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 56,900 करोड़ के बजट पर मुहर लगाई है।