Category: state-news

  • राजभवन में 13-14 मार्च को होगी पुष्प प्रदर्शनी, दो घंटे बच्चों के लिए रहेंगे आरक्षित

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    देहरादून। राजभवन में इस वर्ष पुष्प प्रदर्शनी ‘बसंतोत्सव’ का आयोजन 13 व 14 मार्च को किया जाएगा। पुष्प प्रदर्शनी में दो घंटे बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसमें कोरोना रोकथाम से जुड़ी सभी सावधानियां रखी जाएंगी। गत वर्ष कोरोना के कारण प्रदर्शनी का आयोजन नहीं हो पाया था। गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुष्प प्रदर्शनी के आयोजन की तिथि तय की गई। निर्णय लिया गया कि पुष्प प्रदर्शनी में प्रदेश की विशिष्ट वनस्पति अथवा जैव प्रजाति पर पोस्टल कवर भी जारी किया जाएगा।

    राज्यपाल ने कहा कि प्रदर्शनी पुष्प उत्पादकों के लिए अधिक उपयोगी बनाई जाए। इंडोर प्लांट, हर्बल एवं एरोमेटिक प्लांट की नई प्रजातियां प्रदर्शित की जाएं। उन्होंने संस्कृति विभाग को उत्तराखंड की लोक कला एवं संस्कृति पर आधारित गुणवत्ता युक्त कार्यक्रम निर्धारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। बैठक में सचिव उद्यान हरबंश चुघ, अपर सचिव राज्यपाल जितेंद्र सोनकर, निदेशक उद्यान डॉ. एचएस बवेजा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    दे रही ऐपण कला को प्रोत्साहन

    राज्य ब्यूरो, देहरादून प्रदेश सरकार उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर इस दिशा में अहम पहल की। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बालिकाओं से मिल चुके हैं।

    भट्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। उन्होंने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अधिकारियों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री कई बालिकाओं से मुलाकात कर चुके हैं, जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

  • राजभवन में 13-14 मार्च को होगी पुष्प प्रदर्शनी, दो घंटे बच्चों के लिए रहेंगे आरक्षित

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    देहरादून। राजभवन में इस वर्ष पुष्प प्रदर्शनी ‘बसंतोत्सव’ का आयोजन 13 व 14 मार्च को किया जाएगा। पुष्प प्रदर्शनी में दो घंटे बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसमें कोरोना रोकथाम से जुड़ी सभी सावधानियां रखी जाएंगी। गत वर्ष कोरोना के कारण प्रदर्शनी का आयोजन नहीं हो पाया था। गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुष्प प्रदर्शनी के आयोजन की तिथि तय की गई। निर्णय लिया गया कि पुष्प प्रदर्शनी में प्रदेश की विशिष्ट वनस्पति अथवा जैव प्रजाति पर पोस्टल कवर भी जारी किया जाएगा।

    राज्यपाल ने कहा कि प्रदर्शनी पुष्प उत्पादकों के लिए अधिक उपयोगी बनाई जाए। इंडोर प्लांट, हर्बल एवं एरोमेटिक प्लांट की नई प्रजातियां प्रदर्शित की जाएं। उन्होंने संस्कृति विभाग को उत्तराखंड की लोक कला एवं संस्कृति पर आधारित गुणवत्ता युक्त कार्यक्रम निर्धारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। बैठक में सचिव उद्यान हरबंश चुघ, अपर सचिव राज्यपाल जितेंद्र सोनकर, निदेशक उद्यान डॉ. एचएस बवेजा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    दे रही ऐपण कला को प्रोत्साहन

    राज्य ब्यूरो, देहरादून प्रदेश सरकार उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर इस दिशा में अहम पहल की। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बालिकाओं से मिल चुके हैं।

    भट्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। उन्होंने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अधिकारियों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री कई बालिकाओं से मुलाकात कर चुके हैं, जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

  • पारे ने ‘पिघलाए’ सभी रिकॉर्ड, दून में अधिकतम तापमान पहुंचा 31 डिग्री के पार

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     देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार चौंका रहा है। पिछले साल जहां अप्रैल में भी गर्मी का अहसास नहीं हुआ था। वहीं, इस दफा सूरज अभी से आंखें तरेर रहा है। फरवरी में ही दुपहरी जेठ जैसी तप रही है। दून और पंतनगर में तो गुरुवार को पारे ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

    दून में जहां अधिकतम तापमान 31.3 रिकॉर्ड किया गया, वहीं ऊधमसिंह नगर में पारे ने 30 का आंकड़ा छू लिया। दोनों ही जगह फरवरी में यह अधिकतम तापमान का आल टाइम रिकॉर्ड है। इससे पहले देहरादून में फरवरी में सबसे ज्यादा तापमान वर्ष 2006 में रिकॉर्ड हुआ था। तब यह 31.2 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, ऊधमसिंह नगर में इससे पहले 2012 में फरवरी में अधिकतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। इस दफा ऊधमसिंह नगर ने फिर इस आंकड़े को छू लिया। चटख धूप का असर पर्वतीय जिलों में भी दिखाई दे रहा है। यहां भी पारे में इजाफा होने लगा है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से आठ डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया है।

    वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शुक्रवार से अगले तीन दिन तक उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून और टिहरी के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि या हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। अगले दो दिन तापमान में वृद्धि का क्रम बना रहेगा। तीन दिन बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।

    कम बारिश और पश्चिमी विक्षोभ ने बदला मौसम

    उत्तराखंड में मानसून में कम बारिश होने के बाद पोस्ट मानसून में मेघों के बरसने की उम्मीद थी। लेकिन, इस बार शीतकाल में बारिश बेहद कम हुई। जनवरी और फरवरी की ही बात करें तो इन दोनों महीनों में सामान्य से 48 फीसद कम बारिश हुई है। आमतौर पर प्रदेश में इन दो माह में 76.6 मिलीमीटर बारिश होती है, मगर इस बार महज 39.6 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई। कई जिले ऐसे भी हैं, जहां 60 फीसद से भी कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक बीते दो माह में पश्चिमी विक्षोभ कई बार उत्तराखंड में दस्तक नहीं दे सका। जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान की ओर इसका प्रवाह अधिक रहा।

    दून में पिछले 15 वर्ष में फरवरी का सर्वाधिक अधिकतम तापमान

    तिथि, अधिकतम तापमान

    25 फरवरी 2021, 31.3

    13 फरवरी 2020, 29.2

    22 फरवरी 2019, 26.6

    23 फरवरी 2018, 29.5

    28 फरवरी 2017, 28.4

    20 फरवरी 2016, 28.5

    24 फरवरी 2015, 23.2

    26 फरवरी 2014, 25.4

    26 फरवरी 2013, 25.9

    23 फरवरी 2012, 27.4

    05 फरवरी 2011, 27.5

    18 फरवरी 2010, 26.8

    24 फरवरी 2009, 25.5

    21 फरवरी 2008, 26.4

    15 फरवरी 2007, 28.5

    25 फरवरी 2006, 31.2

    (तापमान डिग्री सेल्सियस में है।)

  • पांच रुपये का पिज्जा मंगाया, कट गए 60 हजार रुपये, अनजान लिंक पर किया था भुगतान

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     हल्द्वानी : अनजान लिंक या वेबसाइट पर जाकर आनलाइन भुगतान करना महंगा पड़ सकता है। जिसमें यूपीआइ या बैंक डिटेल आसानी से चोरी हो जाती है। इसी तरह से आनलाइन पिज्जा आर्डर करने पर ठगों ने महिला के खाते से 60 हजार रुपये उड़ा लिए। परेशान महिला थाने के चक्कर काट रही है।

    सीएमटी कालोनी डहरिया निवासी कमला जोशी ने बीते मंगलवार को एक नामी कंपनी का पिज्जा आर्डर करना चाहा। जिसके लिए इंटरनेट पर मौजूद आनलाइन नंबर पर बात की। बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि सबसे पहले पांच रुपये भेजकर आनलाइन बुकिंग करें। पांच रुपये की बुकिंग करते ही पांच मिनट के अंदर अलग-अलग किस्तों में महिला के खाते से 60 हजार की रकम उड़ा ली गई। पीडि़त महिला का आरोप है कि ट्रांजेक्शन से पहले उसके पास किसी तरह की ओटीपी भी नहीं आई। खाते से रकम कटने का मैसेज देख महिला को धोखाधड़ी का पता चला। कोतवाली एसएसआइ मंगल सिंह नेगी ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    फर्जी खाता खोलकर ले लिया 53 हजार का लोन

    रुद्रपुर : विधवानी मार्केट निवासी व्यक्ति के नाम पर नोएडा में फर्जी खाता खोलकर 53100 रुपये का बाइक के लिए लोन ले लिया गया। इस मामले में नोएडा पुलिस को शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुआ। इससे परेशान पीड़ित ने न्यायालय में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।

    कोर्ट को सौंपे प्रार्थना पत्र में विधवानी बाजार निवासी दीपक तनेजा ने कहा था कि उसका एचडीएफसी बैंक में लोन खाता है। जिसमें वह कई बार लोन ले चुका है और उसका भुगतान भी कर चुका है। तीन जनवरी 2020 को उसने लोन के लिए आवेदन किया था। इस दौरान पता चला कि उसके नाम से किसी ने फर्जी तरीके से लोन लिया है। इसकी पुष्टि के लिए उसने बैंक में जाकर पूछताछ की। इस दौरान उसे पता चला कि एचडीएफसी बैंक की नोएडा शाखा में दोपहिया वाहन के लिए उसके नाम पर 53100 रुपये का लोन लिया गया है। जो उसके सिबिल खाते में दिख रही है। यही नहीं उसमें दर्ज नंबर भी किसी और का है। बैंक ने भी ब्याज जोड़कर 1.89 लाख रुपये कर दिया है। इसकी शिकायत उसने नोएडा, उत्तर प्रदेश पुलिस से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इधर, कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को पुलिस ने अज्ञात पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। कोतवाल एनएन पंत ने बताया कि जांच की जा रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • आमंत्रित करने की तैयारी हरिद्वार कुंभ में पीएम नरेंद्र मोदी को

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    हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरिद्वार कुंभ में बुलाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से मिले संकेत के बाद इसे लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। हालांकि कुंभ मेला अधिष्ठान की ओर से इसकी अधिकारिक पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं। वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरिद्वार आने का निमंत्रण पहले ही दे चुका है। परिषद का कहना है कि प्रधानमंत्री के हरिद्वार आगमन पर परिषद उनका भव्य स्वागत करेगी। 12 से 15 अप्रैल या फिर 21-22 अप्रैल की तिथि को प्रधानमंत्री के कुंभ के दौरान हरिद्वार आगमन के लिए मुफीद माना जा रहा है।

    कुंभ मेला अधिष्ठान के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के आने की संभावनाओं के मद्देनजर कुंभ के लिए नीलधारा गंगा किनारे बनाए जा रहे मीडिया सेंटर की व्यवस्थाओं को उस अनुरुप तैयार किया जा रहा है। ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कोई कार्यक्रम का आयोजन करना पड़ा तो कोई व्यवहारिक दिक्कत पेश न आए। मीडिया सेंटर के आसपास तैयार किए जा रहे स्विस कॉटेज आदि का निर्माण भी सुरक्षा आवश्यकताओं व व्यवस्थाओं के मद्देनजर कराया जा रहा है।

    कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुंभ के दौरान हरिद्वार आने के कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं। शासन स्तर से कोई पहल हो रही हो तो इसकी भी उन्हें कोई जानकारी नहीं। मीडिया सेंटर को कुंभ के दौरान विशिष्ट और अति विशिष्ट व्यक्तियों का मीडिया से साक्षात्कार सहित अन्य विशिष्ट कार्यक्रम होने की संभावनाओं के मद्देनजर तैयार किया जा रहा है।

    उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि परिषद पहले ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री को कुंभ में आने का निमंत्रण दे चुकी है। ऐसे में अगर राज्य सरकार की ओर से भी इस किस्म की पहल की जा रही है कि तो अखाड़ा परिषद इसका स्वागत करता है।

  • तेज रफ्तार कार ने दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर बाइक सवार युवक को मारी टक्कर, मौत

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    रुड़की। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मंगलौर के पास एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार चिंटू घायल हो गया, जिसे सिविल अस्पताल रुड़की भेजा गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में चिंटू के रिश्तेदार अतर सिंह निवासी ढंडेरा ने मंगलौर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है, जिसमें बताया है कि जिस कार से हादसा हुआ था उसकी नंबर प्लेट भी मौके पर ही गिर गई थी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत बोले, वनों की आग रोकने को हों प्रभावी प्रयास

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    देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वनों की आग को रोकने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए विशेष प्रयास करने के भी निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में कैंपा की बैठक हुई।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में स्वयं सेवा संस्थाओं, वन पंचायतों तथा इको डेवलपमेंट कमेटी के माध्यम से वन प्रहरियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन रक्षक चौकियों, रेस्क्यू सेंटर के निर्माण तथा अन्य अवस्थापना सुविधाओं के निमार्ण कार्यों में तेजी लाने के लिए आरइएस तथा आरडब्लूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया जाए। उन्होंने हाथियों के आवागमन के रास्तों पर विद्युत तारों को अंडर ग्राउंड करने अथवा उनकी ऊंचाई बढ़ाए जाने पर जोर दिया ताकि बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं से उनका बचाव हो सके।

    उन्होंने कहा कि कैंपा के तहत सृजित कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार सृजन को प्रभावी पहल की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जलसंरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं वन संपत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने बुग्यालों के संवद्र्धन के लिए कायर नेट और पिरुल चेकडैम के साथ ही भीमल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की भी बात कही। उन्होंने वन्य पशुओं की सुरक्षा के लिए सोलर फैंसिंग को कारगर बताते हुए कहा कि इसके लिए आमजन को भी जागरूक किए जाने की जरूरत है।

    वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कैंपा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेएस सुहाग ने बताया कि कैंपा के तहत इस वर्ष के लिए 225 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए कैंपा के तहत 675 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रविधान किया गया है। बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी व प्रमुख सचिव आनंद वद्र्धन भी उपस्थित थे।

  • हैंगिंग ग्लेशियर टूटने से माहभर पहले उभरी थी दरार, नासा ने सेटेलाइट चित्र जारी कर स्थिति की स्पष्ट

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    देहरादून। विभिन्न सेटेलाइट चित्रों के अध्ययन के माध्यम से हमारी विभिन्न वैज्ञानिक एजेंसी यह पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि ऋषिगंगा कमैचमेंट क्षेत्र से निकली जलप्रलय का कारण हैंगिंग ग्लेशियर बना था। यह ग्लेशियर रौंथी पर्वत था और इसके चट्टान के साथ टूटकर गिर जाने से जलप्रलय आई। अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने सेटेलाइट चित्रों के अध्ययन से बताया है कि आपदा की शुरुआत 20 जनवरी को हो चुकी थी। क्योंकि 20 जनवरी के सेटेलाइट चित्र में रौंथी पर्वत पर दरार उभर गई थी। इसी चट्टान पर वह हैंगिंग ग्लेशियर था, जो टूट गया था।

    नासा की अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने ‘ए डेडली डेबरीस फ्लो इन इंडिया’ नाम से एक रिपोर्ट भी प्रकाशित की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सेटेलाइट चित्रों के अध्ययन से पता चला है कि रौंथी पर्वत पर पहले दरार उभरी। वहीं, इस पर्वत पर पहले से ही हैंगिंग ग्लेशियर का भार था। किन्हीं कारणों से दरार बढ़ती चली गई और चट्टान इतनी कमजोर हो गई कि हैंगिंग ग्लेशियर का भार सहन नहीं कर पाई। जब चट्टान गिरी तो उसके साथ हैगिंग ग्लेशियर भी टूटकर गिर गया। नासा की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 21 फरवरी को भी रौंथी पर्वत का सेटेलाइट चित्र लिया गया है। दोनों चित्रों से स्पष्ट होता है कि दरार ही चट्टान व ग्लेशियर के टूटने की वजह बनी। अब ताजा चित्र में रौंथी पर्वत के भूस्खलन जोन में मलबे के निशान बाकी हैं।

    इस पर्वत पर हैंगिंग ग्लेशियर करीब 5600 मीटर की ऊंचाई पर था और इसकी लंबाई लगभग आधा किलोमीटर थी। ग्लेशियर 82 से 85 डिग्री का कोण लेकर नीचे की तरफ लटका हुआ था। इसी के चलते टूटने के बाद चट्टान व ग्लेशियर ने तीव्र गति पकड़ ली थी। जो कि रौंथी गदेरे में 11 किलोमीटर की दूरी तय कर 3800 मीटर की ऊंचाई पर ऋषिगंगा नदी में जा गिरा। यहां पर बर्फ व मलबा जमा हो गए और एक कृत्रिम झील का निर्माण हो गया। सात फरवरी की सुबह भारी दबाव के चलते यह झील टूट गई और मलबे सहित निचले क्षेत्रों में तबाही बरपाते हुए आगे बढ़ती चली गई।

    सेटेलाइट निगरानी है अहम

    जलप्रलय के बाद उत्तराखंड, देश व दुनिया की तमाम वैज्ञानिक एजेंसियों ने घटना की पड़ताल की और वास्तविक कारण भी खोज निकाले। फिर भी एक सवाल अब भी बाकी है कि क्या कुछ ऐसा नहीं हो सकता कि आपदा से पहले ही उसके संकेत मिल जाएं। विशेषज्ञों का मत है कि यदि ग्लेशियरों की निगरानी सेटेलाइट के माध्यम से तेज की जाए तो उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हो रहे असमान्य बदलावों को भांपा जा सकता है। बहुत संभव है कि समय रहते किसी तरह की चेतावनी जारी कर निचले क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरती जा सकती है।

  • शासन और सचिवालय संघ आमने-सामने शपथ ग्रहण को लेकर

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    देहरादून। सचिवालय संघ के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर संघ और शासन आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को संघ के शपथ ग्रहण में न मुख्य अतिथि पहुंचे और विशिष्ट अतिथि ही। संघ ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए इसकी भर्त्‍सना की है। वहीं, शासन ने संघ के चुनाव में प्रक्रिया का पालन न होने की बात कहते हुए संघ को कारण बताओ नोटिस भेजा है। शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित संघ का शपथ ग्रहण समारोह था। संघ का आरोप है कि दोपहर साढ़े बारह बजे से होने वाले समारोह के दौरान जब साउंड सिस्टम शुरू हुआ तो इसे बंद करा दिया गाय। इस बीच समारोह में भाग लेने आ रहे मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी आधे रास्ते से वापस लौट गए, जबकि विशिष्ट अतिथि मुख्य सचिव ओमप्रकाश व अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी भी समारोह में नहीं पहुंचे।

    हालांकि, बाद में बिना साउंड सिस्टम के ही सचिवालय सेवा के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त सचिव जेएल शर्मा ने संघ की नई कार्यकारिणी को शपथ ग्रहण कराई। इस मौके पर यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में संघ का शपथ ग्रहण अपनी ही सेवा के वरिष्ठतम अधिकारी से कराया जाएगा। किसी भी राजनेता से हमेशा के लिए दूरी बना ली जाएगी।

    संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी एवं महासचिव विमल जोशी ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अख्तियार करने का आरोप लगाते हुए इसकी भर्त्‍सना की। उन्होंने कहा कि सचिवालय सेवा के हितों के संरक्षण के लिए पुरजोर पैरवी की जाएगी। उन्होंने सभी कार्मिकों से एकजुट रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सचिवालय परिसर सचिवालय कार्मिकों का है। इसमें मान्यता प्राप्त संगठन सचिवालय संघ द्वारा आयोजित किए जाने वाले संघ के कार्यों के लिए किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

    उधर, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से सचिवालय संघ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि संघ के 22 जनवरी को हुए चुनाव में एक प्रत्याशी ने निर्वाचन प्रक्रिया में नियमों का पालन न होने का आरोप लगाया है। इस संबंध में अपर सचिव प्रताप सिंह शाह की अध्यक्षता में 11 फरवरी को जांच कमेटी गठित कर दी गई थी। यह कमेटी 14 दिन के भीतर अपनी आख्या उपलब्ध कराएगी। इसे देखते हुए 12 फरवरी को ही संघ को शपथ ग्रहण समारोह स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके 26 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इसकी अनुमति भी सचिवालय प्रशासन से नहीं ली गई थी। संघ को तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

  • पैसे लेकर दोस्तों से पत्नी के बनवाए जबरन संबंध, महिला ने ससुर व पति पर लगाए गंभीर आरोप

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    रामनगर : रुपयों के लिए एक पति ने दोस्तों से अपनी पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनवाए। विरोध किया तो शराब पीकर उसे बंद कमरे में पीटा गया। ससुर ने भी शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। शोषण से तंग आकर पत्नी दिल्ली चली गई तो पति ने उसके पिता को ही घर जाकर पीट दिया। यह आरोप शुक्रवार को जनपद अल्मोड़ा से रामनगर पहुंची पीडि़ता ने महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमिता लोहनी के समक्ष लगाए।

    अल्मोड़ा के सल्ट ब्लाक निवासी महिला ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2006 में गांव में ही हुई थी। महिला का आरोप है कि जब वह गर्भवती थी तो उसके ससुर ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। पति को बताया तो उल्टा उस पर ही आरोप लगा दिए। शादी के दो साल बाद पति उसे चंडीगढ़ ले गया। जहां वह एक प्राइवेट फर्म में काम करता था। महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति अपने दोस्तों को एक दिन घर लाया। रुपयों के लिए दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए उस पर दबाव बनाने लगा।

    शराब पीकर जबरन पति व दोस्तों ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पति रुपयों के लिए उस पर ऐसा करने के लिए कहता था। पिछले साल अगस्त में पति उसे सल्ट ले आया। वह अपने भाई के साथ दिल्ली चली गई। दिल्ली से बुलाने के लिए पति ने उसके पिता को पीट दिया। लोहनी ने बताया कि सल्ट जाकर महिला की ओर से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जांच होगी तो जो भी सत्यता होगी वह सामने आ जाएगी।