Category: state-news

  • इंडिगो एयरलाइंस अधिकारी रूपेश की हत्या ‘रोडरेज’ में हुई थी : पटना पुलिस

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    पटना। पटना हवाईअड्डे पर तैनात इंडिगो एयरलाइंस कंपनी के स्टेशन प्रबंधक रूपेश कुमार सिंह की हत्या रोडरेज के कारण हुई थी। इस हत्याकांड का खुालासा करते हुए पटना पुलिस ने बुधवार को कहा कि इस मामले में रितुराज को गिरफ्तार किया गया है, जिसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) उपेंद्र शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में दावा करते हुए कहा कि, “रूपेश की हत्या रोडरेज को लेकर हुई थी। रूपेश की हत्या 12 जनवरी की शाम 6.58 बजे हुई थी।”

    उन्होंने कहा कि, “पटना के ही रहने वाले रितुराज को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में रितुराज के तीन और साथियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।”

    उन्होंने बताया कि नवंबर महीने में रूपेश की गाड़ी ने रितुराज की बाइक में लोजपा कार्यालय के सामने टक्कर मारी थी, जिसके बाद रितुराज बदला लेने की फिराक में था। पुलिस का दावा है कि इसके पहले भी रितुराज ने रूपेश की हत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका था।

    पुलिस ने गिरफ्तार रितुराज को पत्रकारों के सामने भी लाया। रितुराज ने पत्रकारों के सामने भी अपना अपराध कबूूल किया।

    शर्मा ने हालाांकि यह भी कहा कि रितुराज का अब तक कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। वह मोटरसाइकल की चोरी करता था। उन्होंने कहा कि दो बाइक पर सवार होकर चार अपराधी रूपेश की कार का पीछा करते हुए पहुंचे थे और उनके अपार्टमेंट के सामने की गोली मार दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद रितुराज रांची भाग गया था।

    इस मामले में जांच के लिए एक एसआईटी गठित की गई थी। इसके अलावा पटना पुलिस की एक और टीम को भी जांच में लगाया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में 50 से अधिक लोगों से व्यक्तिगत तौर पर पूछताछ की गई। करीब 200 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, 2000 मोबाइल नंबरों की डिटेल की जांच की गई।

    उल्लेखनीय है कि पुलिस इस माामले को ठेका विवाद से जोड़कर जांच कर रही थी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस इस मामले में सभी कोणों से जांच की है, जिसमें तकनीक का भी सहारा लिया गया है।

    पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में पटना हवाई अड्डे के इंडिगो एयरलाइंस कंपनी के स्टेशन प्रबंधक रुपेश कुमार सिंह (40 वर्ष) की 12 जनवरी को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सिंह पुनाईचक स्थित कुसुमविला अपार्टमेंट में प्रवेश कर ही रहे थे कि अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोली चला दी।

  • सांप्रदायिक भावना भड़काने का शरजील उस्मानी के खिलाफ केस दर्ज

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    पुणे। एक राजनीतिक उठापटक के बीच, महाराष्ट्र पुलिस ने छात्र नेता शरजील उस्मानी के खिलाफ विवादास्पद हिंदू-विरोधी बयान, अन्य टिप्पणियों और सांप्रदायिक भावना भड़काने के लिए मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। बुधवार सुबह स्वारगेट पुलिस स्टेशन ने मंगलवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के सचिव, एडवोकेट प्रदीप गावड़े की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की।

    30 जनवरी को यहां आयोजित एल्गार परिषद में बोलते हुए, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक पूर्व छात्र नेता उस्मानी ने कुछ टिप्पणी की थी, जिसके बार में शिकायतकर्ता ने कहा कि हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है।

    उस्मानी ने अन्य बातों के अलावा कहा, “आज का हिंदू समाज हिंदुस्तान में बुरी तरह सड़ चुका है।”

    इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति के साथ शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद स्वारगेट पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की, जो सांप्रदायिक घृणा फैलाने से संबंधित है।

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस (विधानसभा) और प्रवीण दरेकर (परिषद) ने मांग करते हुए कहा कि उस्मानी पर उनके बयानों के लिए राजद्रोह के आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

    भाजपा ने एक अल्टीमेटम में चेतावनी भी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर उस्मानी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।

    राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने भी उस्मानी के बयान पर नाराजगी जताई, जबकि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आश्वासन दिया था कि अगर छात्र नेता के बयानों में कुछ भी आपत्तिजनक पाया गया, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

    उस्मानी को इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2019 में सीएए-एनआरसी आंदोलन के दौरान एएमयू परिसर के बाहर हुई झड़पों में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था।

  • 4 राज्यों के बीजेपी ने बनाए चुनाव प्रभारी, तोमर को असम, किशन रेड्डी को तमिलनाडु का जिम्मा

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    नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी ने इस साल होने जा रहे चार राज्यों के चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए कुल 6 केंद्रीय मंत्रियों, एक उपमुख्यमंत्री और एक राष्ट्रीय प्रवक्ता को जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने मंगलवार को बताया कि, “असम विधानसभा चुनाव के लिए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को प्रभारी और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह को सह प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी को तमिलनाडु का प्रभारी और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ वीके सिंह को सह प्रभारी बनाया गया है। केरल विधानसभा चुनाव की कमान संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंपी गई है, जबकि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर अश्वथ नारायण को पार्टी ने सह प्रभारी बनाया है। ”

    केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पुडुचेरी विधानसभा चुनाव प्रभारी बनाया गया है। जबकि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखर पुदुचेरी के सह प्रभारी होंगे। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं।

  • सीबीआई की सुशांत मामले में चुप्पी पर सवाल उठाना है तो हाईकोर्ट जाएं : सुप्रीम कोर्ट

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    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच पर सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्यम के साथ ही प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता पुनीत कौर ढांडा की ओर से वकील विनीत ढांडा के माध्यम से दायर याचिका को खारिज कर दिया।

    पीठ ने कहा, “हम इस याचिका पर विचार नहीं करने जा रहे हैं। आप हाईकोर्ट जाएं।”

    पुनीत ढांडा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि चार महीने पहले शीर्ष अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह अभिनेता की मौत के मामले में जांच करे, लेकिन तब से अब तक कुछ नहीं हुआ है।

    अधिवक्ता विनीत ढांडा के माध्यम से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने 19 अगस्त, 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

    याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी पर विश्वास जताया और अभिनेता की अप्राकृतिक मौत के मामले में उसे जांच का निर्देश दिया, क्योंकि उनकी मृत्यु ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और यहां तक कि भारत के अलावा विदेशों में भी उनके प्रशंसकों को इससे बड़ा झटका लगा।

    याचिका में कहा गया है कि इस अदालत ने 19 अगस्त, 2020 को सीबीआई जांच के लिए एक आदेश पारित किया और लगभग चार महीने बीत जाने के बावजूद सीबीआई अभी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कारण जानने के लिए उनके प्रशंसकों, शुभचिंतकों को आज भी इंतजार है।

    याचिकाकर्ता ने दलील दी कि शीर्ष अदालत को जांच को अंतहीन रूप से चलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि सीबीआई को सुशांत की मौत के संबंध में जांच की प्रगति में एक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही दो महीने की अवधि में इसकी जांच पूरी की जाए।

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीबीआई वर्तमान मामले में जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही है और मामले की जांच के निष्कर्ष में देरी हुई है।

  • स्टेज टूटा जींद जिले में महापंचायत के दौरान, लेकिन राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

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    जींद। हरियाणा के जींद में बुधवार को आयोजित किसान महापंचायत के दौरान मंच गिरने की घटना सामने आई। हालांकि बीकेयू नेता राकेश टिकैत और किसान संगठन के अन्य नेता इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। एक वीडियो में मंच गिरने की घटना को देखा जा सकता है।

    ‘महापंचायत’ का आयोजन कंडेला गांव के स्पोर्ट्स स्टेडियम में किया गया था। हरियाणा के खाप नेताओं ने इसका आयोजन किया था, जिसका उद्देश्य चल रहे किसान विरोध प्रदर्शन के भविष्य चर्चा करना था।

    ‘महापंचायत’ के आयोजक कंडेला ‘खाप’ के अध्यक्ष टेक राम ने कहा कि कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के अलावा, प्रस्ताव में मांग की गई है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि किसानों को उनकी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिले और गणतंत्र दिवस हिंसा के सिलसिले में किसानों केखिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।

    इसके साथ ही मांग की गई है कि किसानों के कर्ज को माफ किया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।

  • पॉलिटिकल इवेंट में तब्दील हो गया किसान प्रदर्शन: हरियाणा के मंत्री

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    गुरुग्राम। हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को कहा कि नए कृषि कानून के खिलाफ विरोध अब एक राजनीतिक कार्यक्रम में तब्दील हो गया है, क्योंकि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर अब नेताओं ने आंदोलन में शामिल होना शुरू कर दिया है। मंत्री ने गुरुग्राम में कोविड टीकाकरण अभियान की शुरूआत करते हुए कहा, “किसानों के विरोध प्रदर्शन को अब एक राजनीतिक कार्यक्रम में तब्दील कर दिया गया है। सभी को अपने हित में विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से।”

    विज ने ‘आंदोलन के पीछे की राजनीति’ की ओर इशारा करते हुए आश्वासन दिया कि हरियाणा सरकार इस मुद्दे पर किसान संगठनों से बात करने को तैयार है।

    उन्होंने कहा, “बातचीत के जरिए ही मामले को सुलझाया जा सकता है।”

    मंत्री ने प्रदर्शनकारी किसानों से प्रेरित समूहों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और गलत सूचना से दूर रहने का भी आग्रह किया।

    उन्होंने किसानों से राज्य भर में शनिवार को अपने सड़क जाम करने के कार्यक्रमों को रद्द करने का आग्रह किया, क्योंकि यात्रियों को इससे कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

    किसानों के आंदोलन में पंजाबी गायक-सह-कार्यकर्ता की भागीदारी पर इशारा करते हुए, विज ने कहा, “अगर सिद्धू ने कहा है कि राजनीतिक दल उनके संपर्क में हैं, तो यह संभव है कि वे उनसे मिले हों।”

    मंत्री ने कहा, “कुछ लोगों की विचारधारा है, जो पर्दे के पीछे से हमारे किसानों को गुमराह कर रहे हैं, मैं कहना चाहूंगा कि किसानों को आगे आना चाहिए और मामले को सुलझाना चाहिए।”

  • तमिलनाडु में तीसरे मोर्चे का विजयकांत के बेटे ने दिया संकेत

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    चेन्नई। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना की ओर इशारा करते हुए डीएमडीके नेता विजयकांत के बेटे विजय प्रभाकरन ने कहा कि उनके पिता तीसरा मोर्चा बनाने के लिए काफी बोल्ड (स्पष्ट) हैं। उन्होंने कहा, अगर लोग बदलाव चाहते हैं और तीसरे मोर्चे का समर्थन करते हैं, तो हम निश्चित रूप से जीतेंगे।

    त्रिची में पत्रकारों से बात करते हुए, प्रभाकरन ने ऐसा इशारा दिया कि सत्तारूढ़ अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के साथ अपना गठबंधन जारी रखने को लेकर वह वचनबद्ध नहीं हैं। उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के साथ गठबंधन से भी इनकार नहीं किया और कहा कि पार्टी लोगों के कल्याण के बारे में चिंतित किसी भी दल से हाथ मिला सकती है।

    प्रभाकरन से सवाल पूछा गया कि क्या पूर्व पार्टी महासचिव वी.के. शशिकला को जेल से रिहा करने पर सत्तारूढ़ दल में फैले भ्रम के बावजूद डीएमडीके एआईएडीएमके के साथ गठबंधन जारी रखेगा। इस पर उन्होंने कहा, गठबंधन का फैसला समय करेगा।

    उन्होंने कहा कि शशिकला का अभी चेन्नई लौटना बाकी है और वह अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगी और अन्य मुद्दों पर गौर करेंगी। प्रभाकरन ने कहा, हम शशिकला मैडम का समर्थन करते हैं, क्योंकि एक महिला के तौर पर उन्होंने सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हालांकि उन्हें अभी खुद को एक नेता के रूप में साबित करना है।

    प्रभाकरन की टिप्पणी से कुछ दिन पहले ही उनकी मां और डीएमडीके कोषाध्यक्ष प्रेमलता विजयकांत ने कहा था कि पार्टी एआईएडीएमके गठबंधन में बनी रहेगी। हालांकि उन्होंने गठबंधन में सीट बंटवारे में देरी को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी।

    उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि एक महिला के तौर पर उन्हें शशिकला से सहानुभूति है। प्रेमलता ने कहा कि आप सभी की तरह मैं भी इंतजार कर रही हूं कि एआईएडीएमके में कोई बदलाव होगा या नहीं, लेकिन एआईएडीएमके नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि शशिकला पार्टी में शामिल नहीं होंगी।

    डीएमडीके ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि पार्टी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई थी।

  • सज और संवर रहा है कुंभ के लिए हरिद्वार

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    हरिद्वार। कुंभ के लिए धर्मनगरी हरिद्वार को कई तरह से सजाया और संवारा जा रहा है। एक और यहां पर एलईडी और प्रसाद लाइट के जरिए पुलों पर रंगीन रोशनी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ चौराहों और गंगा घाटों को विभिन्न कलाकृतियों और चित्रों के माध्यम से सजीव किया जा रहा है। कोशिश है कि हरिद्वार आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को अध्यात्म का अलौकिक एहसास हो। पूरे कुंभ मेला क्षेत्र में धर्म और संस्कृति की गंगा बहे और चारों और सनातन हिंदू संस्कृति के शिखर पर्व महाकुंभ का डंका बजे। इसे लेकर कहीं राम पथ का निर्माण हो रहा है, तो कहीं आस्था पथ का। कहीं धर्म अध्यात्म की गंगा बहायी जा रही है तो कहीं तो कहीं म्यूरल के माध्यम से गंगा अवतरण की कहानी बयां की जा रही है। आइए चित्रों के माध्यम से देखते हैं कि हरिद्वार में कुंभ को लेकर क्या कुछ हो रहा है।

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    हरिद्वार कुंभ मेला अधिष्ठान भवन

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    कुंभ मेला क्षेत्र के प्रमुख भवनों की दीवारों पर सनातन हिंदू धर्म परंपरा को प्रदर्शित करते उकेरे जा रहे हैं चित्र।

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    रंगीन रोशनी से नहाया राज्य अतिथि गृह डाम कोठी।

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    चंडी घाट पर गंगा किनारे आकार ले रहा आस्था पथ।

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    निरंजनी अखाड़ा तुलसी चौक पर म्यूरल के माध्यम से प्रदर्शित शिव की महिमा।

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    श्रद्धालुओं को हरिद्वार कुंभ का ईश्वरीय निमंत्रण देता बोर्ड।

  • 2 प्लेसमेंट एजेंसियों के मालिक को एनआईए ने किया गिरफ्तार

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    नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को दो प्लेसमेंट एजेंसियों के मालिक शिव शंकर गंझू को गिरफ्तार किया, जो उनके भाई और कुख्यात मानव तस्करी गिरोह के सरगना पन्नालाल महतो द्वारा चलाए जा रहे थे। एनआईए के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि एजेंसी ने झारखंड मानव तस्करी मामले की जांच के सिलसिले में खूंटी जिले के निवासी गंझू को गिरफ्तार किया।

    अधिकारी ने कहा कि गंझू दो प्लेसमेंट एजेंसियों – लक्ष्मी प्लेसमेंट सर्विस और बिरसा सिक्योरिटी एंड प्लेसमेंट का मालिक है, जिसे झारखंड और दिल्ली में उसके भाई महतो मानव तस्करी रैकेट के किंगपिन द्वारा संचालित किया जा रहा था।

    महतो को इस मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था और एनआईए ने पिछले साल मार्च में मामला दर्ज किया था।

  • टीएमसी पर नहीं पड़ेगा बागियों के बीजेपी में जाने से फर्क, कचरा साफ हुआ : तृणमूल कांग्रेस

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    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच सुवेंदु अधिकारी सहित कई बड़े नेताओं और विधायकों के टूटकर भाजपा में जाने पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने बड़ा बयान दिया है। पार्टी ने कहा है कि जो विधायक भाजपा में गए हैं, उनका अपना कोई जनाधार नहीं हैं और वे अपने दम पर चुनाव नहीं जीत सके। उनके जाने से तृणमूल कांग्रेस की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लालच में नेताओं के साथ छोड़ने से तृणमूल कांग्रेस में कचरे की सफाई हुई है। पार्टी का साथ छोड़ने वालों की जगह नए चेहरों को मौका मिलेगा।

    पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य और वर्तमान में राष्ट्रीय प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, “भाजपा ने लालच और भय दिखाकर हमारी पार्टी के कुछ नेताओं को तोड़ा है। टीएमसी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों का भी डर दिखाया गया। जाने वाले को तो कोई रोक नहीं सकता। नाराज नेताओं के जाने से तृणमूल कांग्रेस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। जो नेता गए हैं, वो अपने दम पर चुनाव नहीं जीत सकते। ममता बनर्जी के चेहरे पर सभी विधायक बने थे। अगर बागी नेताओं में दम होता तो वे बीजेपी में जाने की जगह निर्दल चुनाव लड़ने का साहस दिखाते। कौन अपना है और कौन पराया, इसकी पहचान हो गई है।”

    तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में भाजपा भले ही बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन बंगाल चुनाव में जनता ममता दीदी की इस बार हैट्रिक लगवाकर ही दम लेगी। राज्य में दो करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्य साथी कार्ड बन चुके हैं। ऐसे में भाजपा के लोग सिर्फ हवा में ढोल पीट रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह की ओर से भाजपा को दो सौ सीटें जीतने के दावे पर विवेक गुप्ता ने कहा, “गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बड़े-बड़े दावे किए थे, नतीजे में बीजेपी को कितनी सीटें मिलीं, यह सबको पता है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चेहरे पर जनता वोट करेगी। बंगाल की सभी 294 सीटों पर ममता बनर्जी खड़ी हैं।”

    बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकने में ममता बनर्जी सरकार के विफल होने के सवाल पर तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने कहा कि, “कानून-व्यवस्था बेशक राज्य का विषय है और ममता बनर्जी की सरकार इसे दुरुस्त करने के लिए लगातार काम कर रही है। हर दुर्घटना या अपराध से सभी को तकलीफ होती है। जब घटनाएं होती हैं तो पुलिस पेट्रोलिंग व अन्य तरीकों से अपराध कम करने की कोशिश होती है। अगर भाजपा को पश्चिम बंगाल की चिंता है तो उसे दिल्ली में इजरायल दूतावास के पास हुए बम विस्फोट को भी देखना चाहिए। घटनाएं किसी को बताकर नहीं आतीं।”

    तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने दिसंबर में पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले की घटना को लेकर दावा किया कि गिरफ्तार हुआ व्यक्ति बीजेपी का कार्यकर्ता है। विवेक गुप्ता ने कहा कि भाजपा अभी से हार के कारणों की तलाश करने लगी है। इसके लिए पश्चिम बंगाल में हिंसा का नैरेटिव बनाया जा रहा है। जबकि एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि हकीकत विपरीत है।