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  • अंगदान करके चार नई जिंदगियां दे गया बस्सी का 14 वर्षीय विशाल

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    जयपुर। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने अंगदान को सबसे बड़ा दान बताया और कहा कि एक व्यक्ति अंगदान कर कई लोगों की जिंदगियां बचा सकता है।

    डॉ शर्मा ने सवाई मानसिंह अस्पताल के चिकित्सकों को अंगदान के लिए प्रेरित करने और 14 वर्षीय विशाल के परिजनों को अंगदान करने के लिए आभार जताया।

    गौरतलब है कि सोमवार को सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर में बस्सी के 14 वर्षीय बच्चे के अंगदान के बाद उन अंगों से 4 लोगों को जिंदगी दी गई।

    सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व सोटो के चेयरमैन डॉ सुधीर भंडारी ने बताया कि राज्य में कार्यरत स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन की टीम डॉ. अमरजीत मेहता, डॉ मनीष शर्मा, डॉ अजीत सिंह व रोशन बहादुर तथा सवाई मानसिंह असप्ताल के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स के अथक प्रयासों से विशाल के परिवारजन को अंगदान के लिए प्रेरित किया गया।

    इस अवसर पर डॉ सुधीर भंडारी ने अंगों के प्रत्यारोपण के लिए ट्रांसप्लांट सर्जन्स का भी आभार प्रकट किया, जिन्होंने देर रात तक अंगों का प्रत्यारोपण किया। उन्होंने बताया कि दोनों किडनीयो को सवाई मानसिंह चिकित्सालय, लिवर को महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर में प्रत्यारोपित किया गया, वहीं हार्ट व लंग्स का राजस्थान में कोई भी मरीज ना होने के कारण ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के द्वारा हार्ट व लंग्स का आवंटन राजस्थान से बाहर नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन, भारत सरकार की सहायता से किया गया। हार्ट व लंग्स दोनों ही चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में 46 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हार्ट व लंग्स को 1 फरवरी 2021 को देर रात 3 बजे ग्रीन कॉरिडोर की सहायता से सवाई मानसिंह अस्पताल से एयरपोर्ट पंहुंचाने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस की सहायता ली।

    14 वर्षीय बस्सी, जयपुर निवासी विशाल 26 जनवरी 2021को बस्सी जयपुर में अपने तीन दोस्तों के साथ बाईक से कहीं जा रहा था जहां आगे चल रही बस के ड्राईवर ने अचानक ब्रेक लगा दिये जिससे बाईक असंतुलित होकर बस से टकरा गई तथा हेलमेट ना पहनने की वजह से विशाल गंभीर रूप से घायल हो जहां उसे सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 31 जनवरी को हालत नाजुक होने के कारण परीक्षण किए गए और विशाल को ब्रेन डैथ घोषित कर दिया गया। परिवार के सदस्यों की समझाइश के बाद 2 फरवरी 2021 को विशाल के परिवारजन द्वारा अंगों का दान करने का पुण्य फैसला लिया।

    विशाल ने 14 वर्ष की छोटी सी उम्र में भी अपनी मृत्यु के बाद भी 4 लोगों को जीवन देकर राजस्थान के अंगदान इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम दर्ज करवा लिया।

  • कांग्रेस- शिरोमणि अकाली दल कार्यकर्ता सुखबीर बादल के काफिले पर हमले के बाद भिड़े

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    चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आरोप लगाया है कि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल पर मंगलवार को हमला किया गया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि गोलीबारी में पार्टी के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। पार्टी का कहना है कि पुलिस समर्थित हमलावरों का नेतृत्व कांग्रेस विधायक के भाई ने किया। यह घटना फाजिल्का जिले के जलालाबाद शहर की है। पार्टी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है, इसलिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को इस्तीफे दे देना चाहिए।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि चार व्यक्ति घायल हो गए हैं, लेकिन उन्होंने उनकी पहचान और पार्टी का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

    उन्होंने कहा कि गोलियां चलाई गईं, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि गोलीबारी किसने और किस पर की।

    शिअद के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने यहां एक बयान में कहा, “ऐसा लगता है कि शिअद अध्यक्ष पर जानलेवा हमला एक सुनियोजित प्रयास था और जलालाबाद पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती, क्योंकि इसने हमलावरों को फरार होने की अनुमति दे दी।”

    उन्होंने कहा, “पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की देखरेख में इस हमले की उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इस जघन्य अपराध को सरकारी तंत्र का संरक्षण मिला हुआ है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। अपराधियों का बोलबाला हो गया है। मुख्यमंत्री ने अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

    शिअद नेता ने मुख्यमंत्री पर राज्य की शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होने का आरोप लगाते हुए कहा, “उन्हें तुरंत अपना त्यागपत्र दे देना चाहिए।”

    चीमा ने कहा कि आज की घटना राज्य में चल रहे जंगल कानून को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें माफिया और कांग्रेसियों के नेतृत्व में अपराधियों ने सरकारी तंत्र पर कब्जा कर लिया है।

    चीमा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री न केवल इन माफियाओं के सामने लाचार हैं, बल्कि उन्होंने राज्य की पुलिस को भी निर्देश दिया है कि वे उनके खिलाफ कार्रवाई न करें।

    शिअद नेता ने कथित तौर पर कांग्रेस विधायक रामिंदर आवला के पुत्र के नेतृत्व में गुंडों द्वारा की गई गोलीबारी की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि तीन अकाली कार्यकर्ताओं को गोली लगी है।

    चीमा ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि इन परिस्थितियों में नगर निकायों के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते।

    उन्होंने कहा, “राज्य चुनाव आयोग भी भ्रष्ट कांग्रेसी तत्वों पर लगाम लगाने में पूरी तरह से विफल रहा है।”

    शिअद ने राज्य में अर्धसैनिक बलों की तत्काल तैनाती की मांग की और कहा कि पंजाब पुलिस पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता। इस मामले में कोताही बरतने वाले फिरोजपुर के एसएसपी और अन्य सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

  • राजद के 3 विधायक मिले बिहार के उपमुख्यमंत्री से, सियासी पारा चढ़ा

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    पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता तारकिशोर प्रसाद से मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तीन विधायकों के मिलने के बाद राज्य का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। उपमुख्यमंत्री प्रसाद मंगलवार को जनता के दरबार में लोगों से मिल रहे थे, तभी राजद के तीन विधायक उनसे मिलने पहुंच गए। नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चा के बीच विपक्षी दलों के विधायकों के मिलने के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि राजद के विधायक इस मुलाकात के राजनीतिक मायने नहीं निकालने की बात कर रहे हैं।

    राजद के विधायक विभा देवी, चंद्रशेखर और राम विशुन सिंह मंगलवार को उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की। राजद के विधायकों के मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री ने तीनों विधायक से मुलाकात पर किसी भी राजनीति को खारिज कर दिया है।

    उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि जो भी भाजपा की नीति से प्रभावित होकर आना चाहेगा उसका स्वागत है। उन्होंने कहा राजद नेता किसी राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि निजी कारणों से मिलने आये थे। इसमें राजनीतिक खिचड़ी नहीं पकाई जानी चाहिए। सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हैं कोई कभी भी आ सकता है।

    इधर, राजद के विधायक चंद्रशेखर ने भी राजनीतिक मुलाकात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री व्यवहारिक व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई कुछ अलग सोच रहा है, तो वह दिन में सपने देखने जैसा है।

    उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही एआईएमआईएम के पांच विधायक तथा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक जमां खां जदयू में शामिल हो चुके हैं।

  • ‘जगी आस दिल्ली दरबार’ में हाजिरी के बाद जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की !

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    पटना। बिहार में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब संशय के बादल छंटने के आसार हैं। बिहार भाजपा के दिग्गज नेताओं के दिल्ली दरबार में बुलाहट और उसके बाद चली चर्चा के बाद अब तस्वीर साफ होने के संकेत मिलने लगे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव कई बार बिहार का दौरा कर चुके हैं, लेकिन बात नहीं बनी थी। इस बीच, जदयू मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने का ठीकरा भाजपा पर फोड़ती रही।

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सहमति नहीं बनने से परेशान भाजपा आलाकमान ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली दरबार में हाजरी लगाने का आदेश दिया। इसके बाद सूत्र बताते हैं कि एक-दो दिनों में भाजपा कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं की सूची मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंच जाएगी।

    पार्टी नेताओं के मुताबिक, सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बिहार भाजपा नेताओं के साथ लंबी बैठक की। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल, सुशील कुमार मोदी सहित कई नेत शामिल हुए।

    सूत्रों का कहना है कि पार्टी के सभी नेताओं ने मंत्रिमंडल में शमिल होने वाले नेताओं को लेकर अपनी राय आलाकमान के सामने रख दी है। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि बहुत जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा।

    भाजपा के एक नेता कहते हैं कि बैठक में मंत्रिमंडल में सभी वगरे का समान तरीके से प्रतिनिधित्व करने को लेकर राय बनी है। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुभवी और युवा नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह देगी। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब कोई देरी की बात नहीं होनी चाहिए।

    मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी को लेकर विपक्षी दल लगातार सत्ता पक्ष पर निशाना साध रहे हैं।

  • बॉलीवुड ड्रग एंगल : सुशांत के दोस्त से एनसीबी ने की पूछताछ, ऋषिकेश पवार को किया तलब

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    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बॉलीवुड-ड्रग्स माफिया लिंक एंगल की जांच को आगे बढ़ाते हुए, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को एक सहायक निर्देशक से पूछताछ की, जो दिवंगत अभिनेता का दोस्त था। एनसीबी ने पूछताछ के लिए ऋषिकेश पवार को तलब किया, जिसका नाम पहली बार सितंबर 2020 में जांच के दौरान सामने आया था।

    एजेंसी ने पवार के आवास पर धावा बोला और कुछ गैजेट्स जब्त कर लिए और अब ड्रग्स नेक्सस में उनकी भूमिका के बारे में उनसे पूछताछ की जा रही है।

    सुशांत की प्रेमिका अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को भी ड्रग्स एगंल जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं।

    14 जून, 2020 को सुशांत बांद्रा की एक पॉश बिल्डिंग में किराए के अपने फ्लैट में फांसी के फंदे से लटके हुए पाए थे। इसके बाद इस मामले की बॉलीवुड के साथ ही राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बनी रही है।

    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सुशांत की मौत, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) वित्तीय मामले और और एनसीबी मादक पदार्थों के एंगल से जांच कर रही हैं।

    सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी के शीर्ष मंत्री और शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के नेता बार-बार मांग करते रहे हैं कि सीबीआई को सार्वजनिक हित में सुशांत की मौत की जांच के निष्कर्षों को प्रकट करना चाहिए।

    हालांकि सीबीआई और ईडी की ओर से उनकी जांच के संबंध में कुछ निकलकर सामने नहीं आया है, लेकिन एनसीबी ने पिछले छह महीनों में कई बॉलीवुड हस्तियों से पूछताछ करने के अलावा छापे भी मारे हैं। एजेंसी ने ड्रग्स की बरामदगी और कई दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

  • सर्वदलीय बैठक हुई पंजाब में, प्रस्ताव में कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग

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    चंडीगढ़। दो महीने से अधिक समय से किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर संकट के समाधान में केंद्र द्वारा ‘पर्याप्त देरी’ को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के राजनीतिक दलों ने मंगलवार को तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की। बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया, “संकट के समाधान में केंद्र द्वारा ‘अनुचित देरी’ के चलते न केवल शांतिपूर्ण आंदोलनकारी और उनके परिवार पीड़ित हैं, बल्कि कई किसानों और कृषि मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिससे उन्हें अपूरणीय क्षति हुई और देश के लोगों को दुख पहुंचा है।”

    पार्टियों ने भारत सरकार से उन किसानों की शिकायतों का निवारण करने का आग्रह किया।

    बैठक में ‘दिल्ली में प्रायोजित हिंसा’ की निंदा करते हुए, फैसला लिया गया कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगा और किसानों के आंदोलन पर चिंता के अन्य मामलों के साथ-साथ इस मुद्दे को उठाएगा।

    इस मुद्दे पर राज्य के दलों के बीच आम सहमति बनाने के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह द्वारा बैठक बुलाई गई। बैठक में 26 जनवरी को लालकिले पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की लापरवाही की उचित न्यायिक जांच की मांग की गई।

    सभी राजनीतिक दलों (बैठक का बहिष्कार करने वाली भाजपा को छोड़कर) के प्रतिनिधियों ने पंजाब से 32 सहित 40 किसान यूनियनों के समूह द्वारा की गई कार्रवाई और स्थिति की सराहना की।

    आम आदमी पार्टी (आप) के प्रतिनिधि दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसानों की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस की तैनाती की अपनी मांग को लेकर वॉकआउट कर गए, फिर भी प्रस्ताव पारित हो गया। मुख्यमंत्री ने आप ेकी मांग को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया।

    बैठक के अंत में आप नेताओं द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर अमरिंदर सिंह ने पूछा, “हम राज्यों के लिए अधिक संघीय शक्तियों के बारे में बात करते हैं, फिर हम यह कैसे कर सकते हैं?”

    उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “अगर हिमाचल प्रदेश और हरियाणा पुलिस पंजाब में आती है तो आप क्या करेंगे?”

    प्रस्ताव में केंद्र से न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसानों का वैधानिक अधिकार बनाने का भी आह्वान किया गया और भारतीय खाद्य निगम व अन्य एजेंसियों के माध्यम से केंद्र द्वारा खाद्यान्नों की खरीद जारी रखने की मांग की।

    बैठक में प्रस्तावित नए बिजली (संशोधन) अधिनियम, 2020 को वापस लेने के लिए केंद्र से आग्रह करते हुए नए पर्यावरण संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2020 को वापस लेने की भी मांग की गई।

    संकल्प में किसानों के संघर्ष में योगदान देने के लिए उत्तर प्रदेश के किसान नेता राकेश टिकैत की सराहना की गई। साथ ही, पंजाब के किसानों को समर्थन देने के लिए हरियाणा के किसानों का आभार भी जताया गया।

  • महिला दिवस के दिन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती शुरू करने जा रही हैं नशा मुक्ति अभियान

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    मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती अब नशा मुक्ति के लिए महिला दिवस आठ मार्च से अभियान शुरू करने जा रही हैं. ये अभियान किस तरह से काम करेगा इसका स्वरुप क्या होगा, इसका खुालासा अभी नहीं हुआ है.

    उमा भारती ने ट्वीट कर कहा है कि, “नशा मुक्ति अभियान के लिए मुझे मेरी सहयोगी मिल गई है. ‘खुशबू’ नाम की यह युवती मध्यप्रदेश की है और खुशबू उत्तराखंड में मेरे गंगा प्रवास में शामिल होने आयी थी. मैंने उसमें निष्ठा और साहस दोनों देखा, तभी उसी समय उसका नाम ‘गंगा भारती’ हो गया था।”

    इससे पहले उमा भारती ने पिछले दिनों ही शराब बंदी की मांग करते हुए एक के बाद एक कुल आठ ट्वीट किए थे और अपराध का बड़ा कारण शराब को बताया था।

    शराब बंदी से राजस्व को हुई क्षति कहीं से भी हो सकती है पूरी

    उमा भारती ने शराबबंदी को लेकर पिछले दिनों एक बाद एक आठ ट्वीट किये थे, उन्होंने लिखा था कि शराबबंदी कहीं से भी घाटे का सौदा नहीं है, शराब बंदी से राजस्व को हुई क्षति को कहीं से भी पूरा किया जा सकता है. पर शराब के नशे में बलात्कार, हत्याएं, दुर्घटनाएं छोटी बालिकाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं भयावह हैं, जो देश और समाज के लिए कलंक हैं’. उन्होने अगले ट्ववीट में लिखा कि राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने का दबाव रहता है, लेकिन बिहार में भाजपा की जीत यह साबित करती है कि शराब बंदी के कारण ही महिलाओं ने एक तरफा वोट नीतीश कुमार जी को दिये हैं.

  • कोविड टीकाकरण का दूसरा चरण गुरुग्राम में आज से होगा शुरू

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    गुरुग्राम। गुरुग्राम में कोरोनावायरस टीकाकरण का दूसरा चरण आज से शुरू होगा, जिसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स वैक्सीन प्राप्त करेंगे। गुरुग्राम के सिविल सर्जन वीरेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि दूसरे चरण में लगभग 18,000 फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा, जिनमें पुलिस कर्मी, नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के वर्कर्स और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं। 11 टीकाकरण केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक टीका लगाया जाएगा।

    अधिकारियों ने कहा कि गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने अपने पहले चरण के सफल कार्यान्वयन के दौरान बुधवार तक लगभग 23,000 स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया है।

    राजस्व विभाग के कर्मचारियों को गुरुग्राम मिनी सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय में टीका लगाया जाएगा।

    सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को ‘कोवीशिल्ड’ वैक्सीन दी जाएगी।

    गुरुवार को दूसरे टीकाकरण चरण के पहले दिन 11 केंद्रों को 100-100 व्यक्तियों को टीके प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

  • कांग्रेस और भाजपा को चेताया राजस्थान के वागड़-मेवाड़ में हुए स्थानीय निकाय चुनावों ने

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    जयपुर । वागड़-मेवाड़ में हुए स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चन्द कटारिया को मिलीजुली और विधानसभा अध्यक्ष समर्थकों को राजसमंद में ज़ोरदार सफलता मिलीं हैं ,वहीं डूंगरपुर में भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन सिंह, सागवाडा में जिला काँग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोडनिया और सलुंबर में काँग्रेस के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा का क़द बढ़ा है।

    स्वच्छता के लिए देश दुनिया में मशहूर हुए डूंगरपुर में इस बार नगर परिषद चुनाव का नेतृत्व भाजपा के राज्यसभा सांसद और डूंगरपुर राजपरिवार के महाराज कुँवर हर्ष वर्धन सिंह ने किया और बहुत ही सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने उदय बिलास महल में विभिन्न समाजों की कई बैठकें आयोजित कर शहरवासियों को अपने स्वर्गीय दादाजी राजस्थान विधानसभा में वर्षों प्रतिपक्ष के नेता रहें और तत्कालीन स्वतन्त्र पार्टी के दिग्गज नेता डूंगरपुर महारावल लक्षमण सिंह के युग की याद ताज़ा करवा दी।

    टिकट वितरण से भाजपा के कतिपय स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराज़गी से उपजी स्थिति को भी उन्होंने कुशलता से सम्भाला और भाजपा जिला अध्यक्ष प्रभु पण्ड्या और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ सभी को विश्वास में लेकर चुनाव रणनीति बनाई।इसी वजह से भाजपा ने डूंगरपुर में चालीस में से सत्ताईस वार्डों में विजयी रह कर सातवीं बार अपना बोर्ड बनाने में कामयाब पाई है। डूंगरपुर शहर में पिछलीं बार निवर्तमान अध्यक्ष के के गुप्ता के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान के लिए किए गए कार्यों और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नगर का नाम रोशन होने का सम्बंधी योगदान पर भी जनता ने अपनी मुहर लगाई ।

    हर्ष वर्धन सिंह ने राजनीति में अपना परिपक्व रूप प्रदर्शित करते हुए चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ ही इस बार अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित डूंगरपुर नगर परिषद चेयरमेन के लिए भाजपा की ओर से वार्ड नम्बर 39 से विजयी अमृत लाल कलासुआ के नाम की भी पार्टी जिला अध्यक्ष प्रभु पण्ड्या से घोषणा करवा दी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद हर्ष वर्धन सिंह ने शहर वासियों के जेहन में भाजपा द्वारा नगर के विकास के लिए किए गए कार्यों को स्थापित करने में सफलता हासिल की।

    पूर्व सांसद ताराचन्द भगोरा के भरसक प्रयासों के बावजूद इन चुनावों में डूंगरपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। राज्य में कांग्रेस की सरकार होने का लाभ नहीं दिलवा पाने के लिए स्थानीय विधायक गणेश घोघरा की छवि पर भी प्रतिकूल असर हुआ है।बीटीपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तरह नगर में भी कुछ सीटें जीत दक्षिण राजस्थान की राजनीति में दोनों प्रमुख पार्टियों को अपने इरादों का संकेत दिया हैं।
    इधर जिले के दूसरे सबसे बड़े क़स्बे सागवाडा में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दिनेश खोडनिया ने अपने सगे भाई और चेयरमेन प्रत्याशी नरेन्द्र खोडनिया सहित नगर के 35 वार्डों में से बाईस वार्डों में कांग्रेस को भारी जीत दिलवाईं। खोडनिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नज़दीक बताए जाते हैं। उन्होंने अपने गृह नगर सागवाडा में तो पार्टी का बोर्ड बनवा दिया लेकिन वे डूंगरपुर में पार्टी को ऐसी जीत नही दिलवा पायें।सागवाडा में बीजेपी को मिली हार से वर्तमान सांसद कनकमल कटारा की सांख को धक्का लगा है।

    वहीं वागड़ के गुजरात और मध्य प्रदेश से सटे बाँसवाड़ा ज़िले की कुशलगढ़ नगरपालिका में भाजपा द्वारा बाज़ी मार लेने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।यहाँ कांग्रेस निर्दलियों से भी पिछड़ गई।प्रदेश के सीमावर्ती कुशलगढ़ से लगें दो प्रदेशों गुजरात और मध्य प्रदेश में अभी भाजपा की सरकारें है जिसका असर कुशलगढ़ पर हुआ,ऐसा बताया जा रहा है। कुशलगढ़ कभी दिग्गज समाजवादी नेता मामाजी बालेश्वर दयाल के जनता दल (एस )का गढ़ था।इन दिनों बाँसवाड़ा जिले में सत्ताधारी कांग्रेस के पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीय का वर्चस्व हैं।इस हार से उनकी प्रतिष्ठा पर असर हुआ है।
    मेवाड़ में उदयपुर से जुड़े आदिवासी क्षेत्र प्रतापगढ़ नगरपरिषद में भी काँग्रेस को बड़ा झटका लगा और वहाँ भाजपा का बोर्ड चुना गया है। दूसरी ओर चित्तोड़गढ जिले की बेगू और छोटी सादड़ी नगरपालिकाओं में कांग्रेस का बॉर्ड बनने से सत्ताधारी दल की सांख कुछ बच सकी है।
    बीजेपी को उदयपुर संभाग में सबसे बड़ा झटका राजसमन्द में हुई पराजय से लगा है। वहाँ की लोकप्रिय विधायक पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी के असामयिक निधन के बाद हुए चुनाव में यह हार मिलना मेवाड़ में भाजपा के दिग्गज एवं विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता तथा स्थानीय सांसद दिया कुमारी के ख़ेमे के लिए चिंता का विषय है। बताया जाता है कि निकटवर्ती देश की सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थली नाथद्वारा के विधायक और राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.सी पी जोशी की रणनीति यहाँ सफल रहीं है वहीं उदयपुर जिले के सलुंबर कस्बे में भी भाजपा को इस बार पराजय देखनी पड़ी है। यहाँ कांग्रेस को मिली जीत से पूर्व सांसद रघुवीर मीणा का क़द बढ़ा है।

    भाजपा को जिले की वल्लभनगर विधानसभा के भिंडर कस्बे में भी पूर्व गृह मंत्री दिवंगत गुलाब सिंह शक्तावत के बेटे और स्थानीय विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के असामयिक निधन के तत्काल बाद हुए नगरपालिका चुनाव में गुलाब चंद कटारिया के घोर विरोधी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के निकट माने जाने वाले भाजपा छोड़ जनता सेना बनाने वाले क्षेत्र के दिग्गज नेता रणधीर सिंह भिंडर को मिलीं विजय ने निकट भविष्य में होने वाले उप चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस को चेता दिया है। हालाँकि फ़तहनगर नगरपालिका में भाजपा को मिली विजय से उसे कुछ सकुन ज़रूर मिला है।

    उल्लेखनीय है कि निकट भविष्य में राज्य में विधायकों के निधन से रिक्त हुई चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं जिनमें दो विधानसभा क्षेत्र वल्लभनगर और राजसमन्द उदयपुर संभाग में है।

  • सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत चमोली में इस दुर्गम घाटी में पहुंचे

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    गोपेश्वर। ‘सरकार जनता के द्वार’ के सिद्धांत को सार्थक करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बुधवार को सीमांत जनपद चमोली की एक ऐसी घाटी में पहुंचे, जहां देश की आजादी के बाद से अब तक प्रदेश के किसी भी मुख्यमंत्री ने आना मुनासिब नहीं समझा। दुर्मी नाम की इस दुर्गम घाटी की जनता ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया था। बीते 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर ऐतिहासिक दुर्मी ताल (तालाब) के पुनर्निर्माण की घोषणा किए जाने के एवज में जनता ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का सम्मान किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दुर्मी-निजमुला घाटी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने समेत बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं से संबंधित लगभग एक दर्जन घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ की महिलाओं के सिर से घास का बोझ हटाने की योजना बना रही है, इस योजना को अमल में लाने के लिये आगामी बजट में धनराशि की घोषणा की जाएगी। इस योजना को अगले पांच वर्ष में पूरी तरह धरातल पर उतार दिया जाएगा।

    दरअसल, दुर्मी घाटी में 14 ग्राम पंचायत शामिल हैं। घाटी की जनसंख्या लगभग 8000 है। विकास और बुनियादी सुविधाओं की दृष्टि से इस घाटी में अभी बहुत कुछ होना बाकी है। यहां की जनता पिछले कई वर्षों से सन 1970 की बाढ़ में टूट चुके दुर्मी ताल की मांग कर रही है। जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहले ही कर चुके हैं। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र भट्ट, भाजपा के जिलाध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री रिपुदमन सिंह रावत, जिला सहकारी बैंक चमोली के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।