Category: state-news

  • अमित शाह शुक्रवार रात दो दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे बंगाल, ठाकुरनगर क्षेत्र में रैली को करेंगे संबोधित

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    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस साल चुनाव है। इसको लेकर काफी गहमागहमी भी है। इसी के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार रात कोलकाता पहुंच रहे हैं। अमित शाह के इस हाई-प्रोफाइल बंगाल दौरे के दौरान प्रदेश की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों से कई नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे पर अमित शाह लगभग 11 बजे पहुंचेंगे।

    शाह की बंगाल की पिछली यात्रा के दौरान, तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व राज्य परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी 19 दिसंबर को भाजपा में शामिल हो गए थे।

    शाह शनिवार को नादिया जिले के मायापुर में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) का दौरा करने वाले हैं। वह उत्तर 24-परगना के ठाकुरनगर क्षेत्र में एक रैली को भी संबोधित करेंगे। यहां मतुआ समुदाय का वर्चस्व है।

    31 जनवरी को शाह कोलकाता में भारत सेवाश्रम संघ का दौरा करेंगे और हावड़ा जिले के डुमुरजला स्टेडियम में रैली करेंगे जहां कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने की उम्मीद है।

  • दो प्रतिशत की कमी राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट में

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    जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में पेट्रोल एवं डीजल पर लगने वाले वैट की दर में 2 प्रतिशत की कमी कर पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों से लोगों को बड़ी राहत दी है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने तथा राजस्व में आई कमी के बावजूद मुख्यमंत्री ने आमजन के हित में यह महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इससे आमजन के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट एवं अन्य व्यवसाय को भी काफी राहत मिलेगी। वैट की दरों में कमी से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष राजस्व में अनुमानतः एक हजार करोड़ रूपए की कमी आयेगी।
    गहलोत ने कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम लंबे समय तक न्यूनतम स्तर पर होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम उच्चतम स्तर पर होने से महंगाई बढ़ रही है और आमजन को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा वर्तमान में पेट्रोल पर 32 रुपये 98 पैसे प्रति लीटर तथा डीजल पर 31 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लिया जा रहा है, जो अत्यधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा बेसिक एक्साइज ड्यूटी राज्यों को दिये जाने वाले डिविजिएबल पूल का हिस्सा होती है। जिसे लगातार कम करते हुये पेट्रोल पर 9.48 रुपये से 2.98 रुपये तथा डीजल पर 11.33 रुपये से 4.83 रुपये किया जा चुका है। जिससे राजस्थान सहित सभी राज्यों को राजस्व की भारी हानि हो रही है।

    गहलोत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा एडिशनल एक्साईज ड्यूटी को लगातार बढ़ाते हुये पेट्रोल एवं डीजल पर 8 रुपये से 18 रुपये प्रति लीटर तथा स्पेशल एक्साईज ड्यूटी को बढ़ाकर पेट्रोल पर 7 रुपये से 12 रुपये एवं डीजल पर शून्य से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति लीटर किया जा चुका है। भारत सरकार की इस नीति के कारण राज्यों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही आमजन को महंगे पेट्रोल-डीजल की मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो पहल की है, केन्द्र सरकार भी उसका अनुसरण करते हुये पेट्रोल एवं डीजल पर केन्द्रीय करों में कमी कर लोगों को राहत दे।

  • उत्तराखंड में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा, प्राधिकरणों पर बैकफुट पर आई सरकार

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    देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि चुनावी वर्ष को देखते हुए प्रदेश सरकार को जिला विकास प्राधिकरणों को खत्म करने का फैसला लेना पड़ा। बगैर सोचे-समझे फैसले का नतीजा है कि सरकार बैकफुट पर आने को मजबूर हुई।

    प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में प्रीतम सिंह ने कहा कि पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में जिला विकास प्राधिकरण बनाने के सरकार के फैसले का लोग विरोध कर रहे थे। कांग्रेस ने इसे दो-तीन मर्तबा विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर इस मामले में समिति का गठन किया गया।

    अब समिति की सिफारिशों की आड़ लेकर मुख्यमंत्री ने प्राधिकरणों को खत्म करने की बात कही है। हालांकि, अभी तक सरकार ने आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उत्तराखंड को बोनस देना चाहिए। केंद्रीय बजट में इसके लिए प्रविधान किया जाना चाहिए। उत्तराखंड देश को पर्यावरणीय सेवाएं दे रहा है। पर्यावरण संरक्षण अकेले उत्तराखंड की जिम्मेदारी नहीं है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 62 दिनों से शांतिप्रिय तरीके से आंदोलनरत किसानों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चंद पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनी हुई है। इस वजह से कृषि कानूनों को रद नहीं करने पर अड़ी है। 26 जनवरी के घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा- सरासर गलत किसानों के खिलाफ लुकआउट नोटिस

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    चंडीगढ़ । पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने को ‘बिल्कुल गलत’ करार देते हुए गुरुवार को कहा कि किसानों को फ्लाइट रिस्क के खतरे के रूप में देखना न केवल अतार्किक है, बल्कि यह निंदनीय भी है। सिह ने सवाल दागते हुए कहा, “वे कहां भाग जाएंगे?” सिंह ने कहा कि उनमें से अधिकांश छोटे किसान हैं, जिनके पास जोतने के लिए कम जमीन है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ये तो छोटे भूमि धारक हैं, ये विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी और मेहुल चोकसी जैसे बड़े व्यापारी नहीं हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में अरबों रुपये लूटकर भाग गए थे।

    अमरिंदर सिंह ने केंद्र से आग्रह किया कि वह दिल्ली पुलिस को तुरंत लुकआउट नोटिस वापस लेने का निर्देश दिया जाए।

    मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के दौरान हुई हिंसा के लिए दर्ज की गई प्राथमिकी में किसान नेताओं को नामजद करने पर दिल्ली पुलिस पर सवाल भी उठाया। सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत न होने के बावजूद उन पर मामले दर्ज किए गए हैं।

    पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सभी किसान नेताओं को एक तितर-बितर हुए समूह या कुछ असामाजिक तत्वों की करतूत के लिए कैसे दोषी ठहरा सकते हैं, जिन्होंने लाल किले और राष्ट्रीय राजधानी के अन्य हिस्सों में हिंसा भड़काई।”

    सिंह ने किसान नेताओं की तरफदारी करते हुए कहा कि उनमें से एक भी व्यक्ति को कथित तौर पर कोई भड़काऊ भाषण देने या किसी भी भड़काऊ काम में लिप्त नहीं पाया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पुलिस के पास इन नेताओं में से किसी के हिंसा में शामिल होने का कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

    अमरिंदर सिंह ने केंद्र से 26 जनवरी की घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि असली दोषियों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

  • गाज़ियाबाद में यूपी गेट पर धरना स्थल खली करने के लिए ला प्रशासन ने दिया अल्टीमेटम, भारी मात्र में पुलिस तैनात की गई

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    नई दिल्ली तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर यूपी गेट पर जमा किसानों को हटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने किसानों को यूपी गेट से धरना स्थल खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी गेट से धरना स्थल आज या रात में ही खाली कराया जा सकता है। डीएम अजय शंकर पांडेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं।

    बताया जा रहा है कि मेरठ रेंज से भारी फोर्स यहां आ चुकी है। लखनऊ से सीधे संकेत दिए गए हैं कि किसानों को यहां से हटाया जाए। वहीं यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था), प्रशांत कुमार ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कुछ किसान संगठनों ने स्वेच्छा से चिल्ला बॉर्डर,दलित प्रेरणा स्थल से आंदोलन वापस ले लिया। बागपत में लोगों को समझाने के बाद उन्होंने रात में धरना खत्म कर दिया। यूपी गेट पर अभी कुछ लोग हैं, उनकी संख्या काफी कम हुई है।

    एडीजी जोन, आईजी रेंज सहित कई अधिकारियो की मीटिंग हुई है। इसी कड़ी में यूपी गेट पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से पूछताछ करने के लिए गाजीपुर थाने की पुलिस भी पहुंची है। इस बीच दिल्ली पुलिस भी सक्रिय हो गई है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के टेंट पर नोटिस लगाया गया है।

    यूपी गेट पर पुलिस सरगर्मी तेज, किसान नेता के कैंप कार्यालय पर नोटिस चस्पा

    वहीं, कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट किसान आंदोलन स्थल पर पुलिस सरगर्मी देर रात से तेज हो गई हैं। किसान नेता जगतार सिंह बाजवा के कैंप कार्यालय पर दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें गणतंत्र दिवस परेड मैं रेड को लेकर ट्रैक्टर परेड में हुए उपद्रव के लिए उनसे तीन दिन में जवाब मांगा गया है। उनसे पूछा गया है। क्यों न उनके खिलाफ इस मामले में कानूनी कार्यवाही की जाए। पुलिस प्रशासन की तरफ से लगातार किसान नेताओं पर कसे जा रहे शिकंजे को लेकर भाकियू नेता राकेश टिकैत व अन्य किसान नेताओं की यूपी गेट पर बैठक चल रही है। काफी देर से किसान नेता आंदोलन पुलिस प्रशासनिक कार्यवाही को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। आंदोलन स्थल पर किसानों में मायूसी है, लेकिन मंच से वक्ता उनमें जोश फूंकने की कोशिश में जुटे हैं। आंदोलन से लौट गए किसानों के बारे में कहा जा रहा है कि वह गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के लिए यहां आए थे और वह फिर से वापस लौट आएंगे।

    पानी की सप्लाई रोकी, रात काटी थी बिजली

    किसान कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर धरनारत हैं गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए उपद्रव के बाद पुलिस प्रशासन की सख्ती बढ़ गई है बुधवार रात आंदोलन स्थल की बिजली काट दी गई, देर रात हालांकि सप्लाई बहाल की गई। गुरुवार को यहां पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। नगर निगम के टैंकर व अधिकांश शौचालय भी यहां से हटा लिए गए हैं। पानी न मिलने पर मौजूद किसान परेशान दिखाई दे रहे हैं।

  • लोजपा पर जदयू के तल्ख तेवर बरकरार, आसान नहीं राजग में रहना

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    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) द्वारा राजग खासकर जनता दल (युनाइटेड) के प्रत्याशियों के खिलाफ प्रत्याशी उतारे जाने से नाराज हुई जदयू आज भी लोजपा के खिलाफ तल्ख तेवर अपनाए हुए है। इस बीच, हाल ही में राजग की बैठक में लोजपा को बुलाए जाने के बाद जदयू नेताओं के तल्खी के बाद स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल जदयू के साथ लोजपा का राजग में रहना आसान नहीं है।

    जदयू ने सीधे-सीधे इस बात को मुद्दा बना लिया है कि चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के कारण चुनाव में राजग को कम सीटें मिलीं। ऐसे में लोजपा को किसी भी परिस्थिति में राजग में नहीं रखा जा सकता है।

    गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग की पार्टी लोजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर निशाना साधा था और कड़ी टिप्पाणी की थी।

    जदयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी कहते हैं कि लोजपा ने विधानसभा चुनाव में राजग के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम किया था, इससे न सिर्फ जद(यू) को नुकसान पहुंचा था, बल्कि यह भाजपा और दो अन्य सहयोगी दलों के भी खिलाफ गया था। इससे राजग को भारी नुकसान पहुंचा था।

    उन्होंने तो यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री भी बिहार के दौरे पर कहा था कि राजग में जदयू, भाजपा और अन्य दो छोटे दल हैं। ऐसे में लोजपा को राजग का अंग नहीं माना जा सकता है।

    इधर, राजग में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा भी लोजपा को राजग का अंग नहीं मानते। हम के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि लोजपा के कारण राजग को कम सीटें मिली हैं। ऐसे में उसे कैसे राजग का अंग माना जा सकता है।

    बहरहाल, जदयू के तल्ख तेवर के बाद यह माना जा रहा है कि लोजपा के लिए राजग में जदयू के रहते आगे की राह आसान नहीं है। भाजपा को भी दोनों दलों के एक साथ रखना परेशानी खड़ी कर दी है। अब देखना है कि भाजपा के नेता जदयू के तल्ख तेवर के बाद क्या रूख अपनाते हैं।

  • BSP विधायक रामबाई 10वीं की परीक्षा में हुईं फेल

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    रामबाई ने दिसंबर में राज्य ओपन बोर्ड द्वारा आयोजित 10 वीं की परीक्षा दी थी। ओपन बोर्ड उन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करता है जो कई साल पहले अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं और बोर्ड परीक्षा देना चाहते हैं।

    इसके तहत रामबाई ने भी 10 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दी। परिणाम आ गया है और रामबाई विज्ञान में एक नंबर के साथ फेल हो गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामबाई का कहना है कि उन्हें एक विषय में पास होने के लिए आवश्यक संख्या से एक नंबर कम मिला है, सरकार की तरफ से पांच नंबर ग्रेस देने का प्रावधान है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो वे फिर से परीक्षा देंगी।

  • तेजस्वी यादव का केंद्र पर वार- आम बजट ‘बजट’ नहीं बल्कि बेचने की तैयारी

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    पटना। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में पेश के किए गए बजट को बजट नहीं बल्कि देश का सेल बताया। केंद्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रि या व्यक्त कते हुए राजद नेता तेजस्वी ने कहा कि आम बजट देश निर्माण के लिए नहीं बल्कि यह बजट देश को बेचने के लिए है।

    उन्होंने कहा, “पहले ही रेलवे, एयर इंडिया, भारत पेट्रोलियम को बेचा गया, अब जितनी संपत्तियां, प्रतिष्ठान हैं, उनको इस बजट से बेचने की तैयारी है।”

    उन्होंने कहा कि इस बजट में कुछ लोगांे का ध्यान रखा गया है। आम आदमी की कमर तोड़ दी गई है। उन्होंने कहा कि बजट में बिहार के लिए कोई चर्चा नहीं की गई है। बजट में न तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात की गई है न ही पैकेज की बात की गई है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा कि वे बताएं कि बिहार में बजट के लिए क्या मिला है। उन्होंने कहा कि बजट में न केवल रोजगार की चर्चा, न इंफ्रास्ट्ररक्च र की चर्चा की गई है।

    तेजस्वी ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की चर्चा करते हुए कहा कि जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे तब यहां राजग की सरकार थी, तब भी बिना पक्षपात के बिहार में रेल कारखाने दिए गए, लेकिन आज क्या हो रहा है।

    पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होना है, वहां के लिए बजट में अवश्य चर्चा की गई है, लेकिन यह सिर्फ घोषणाएं हैं, इसपर काम नहीं होना है।

  • महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण जागरूकता अभियान का जयपुर पुलिस कमिश्नर ने किया आगाज

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    जयपुर। पुलिस कमिश्नरेट के सामने से महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण जागरूकता अभियान का आगाज कर निर्भयास्क्वॉड, महिला एवं पुलिसकर्मियों की वाहन रैली को सोमवार को पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा से संबंधित पोस्टर का भी विमोचन किया।

    पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि सभ्य समाज के लिये जरूरी है कि उसमें रहने वाली महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय, अत्याचार, अपराध एवं शोषण नहीं होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक समाज व सरकार प्रयास करती है। महिलाओं एवं बालिकाओं को कार्यस्थलपर, सार्वजनिक स्थान पर, घर के बाहर आते-जाते समय कई बार असम्मानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

    पुलिस कमिश्नर ने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा हर जिले में महिला विरोधी अपराध विशेष अनुसंधान इकाईयाँ भी बनाई गयी है जो अपराधों पर निगाह रखेगी एवं जाँच करेगी। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लोगों में जागरूकता लाना जरूरी है।

    लोगों में यह जागरूकता हो कि हमें महिलाओं की गरिमा एवं सम्मान की रक्षा करनी है। महिलायें कहीं भी रहें स्वयं को सुरक्षित महसूस करें। इसके लिए यह अभियान शुरू किया गया है। पन्द्रह दिन तक चलने वाले इस अभियान में और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।

    निर्भयास्क्वॉड एवं समस्त पुलिस उपायुक्त अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को आगे बढायेंगे ताकि अभियान की समाप्ति के बाद एक बेहतर और सकारात्मक नतीजा सामने आ सके।

    अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (द्वितीय) राहुल प्रकाश ने अभियान की रूपरेखा के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा शुरू किये गये ‘‘ आवाज ’’ कार्यक्रम के तहत इस अभियान की शुरूआत की गई है इसका उद्देश्य युवाओं को महिलाओं के प्रतिसम्मान की भावना के लिये प्रेरित करना है। यह अभियान आज 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा।

    पुलिस उपायुक्त (मेट्रो) ऋचा तोमर के नेतृत्व में वाहन रैली में निर्भयाटीम ने स्लोगन लिखी पट्टिकाओं के माध्यम से महिला सुरक्षा से संबंधित जागरूकता का संदेश दिया। यह वाहन रैली कमिश्नरेट से प्रारम्भ होकर चौंमूहाउस सर्किल, स्टेच्यूसर्किल, अम्बेडकरसर्किल, रामबागसर्किल, जेडीए सर्किल होती हुई अल्बर्ट हॉल पर विसर्जित हुई।

    कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रथम) अजयपाल लाम्बा,पुलिस उपायुक्त जयपुर(पूर्व) अभिजीत सिंह, (पश्चिम) प्रदीपमोहन शर्मा, (उत्तर) परिस देशमुख, (क्राईम) दिगंत आनन्द,(मुख्यालय) डॉ0 अमृतादुहन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हनुमान प्रसाद, रिजर्व पुलिस लाईन आलोक सिंघल, (पुलिस परामर्श एवं पासपोर्ट) सुनीता मीना एवं नारायणा मल्टी-स्पेषियलिटी हॉस्पिटल की जोनल क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ0 माला ऐरन सहित पुलिस के अधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

  • कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार में 12वीं की परीक्षा शुरू

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    पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करते हुए सोमवार से प्रारंभ हो गई। इस परीक्षा के लिए राज्यभर में कुल 1,473 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा में राज्यभर से 13 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं, इसमें छात्रों की कुल संख्या 7,03,693 है।

    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि 12वीं की परीक्षा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी जूता-मोजा पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि सोमवार को पहली पाली सुबह 9.30 बजे से शुरू हो चुकी है। इसके लिए 10 मिनट पहले तक ही छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाना था। इसे देखते हुए छात्र-छात्रा सुबह आठ बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क की जांच के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी।

    आनंद किशोर का कहना है कि इंटर की परीक्षा कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण कराने के लिए समुचित तैयारी की गई है। हर जिले में जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शांतिपूर्ण कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए समुचित प्रयास करें। परीक्षा केंद्र के आंतरिक कार्यों की संचालन के लिए केंद्राधीक्षक नियुक्त किए गए हैं।

    बिहार बोर्ड ने पूर्व की तरह इस बार भी छात्रों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय दिया है। साथ ही बोर्ड ने परीक्षार्थियों को यह भी निर्देश दिया है कि शिक्षक को कॉपी सौंपने के बाद ही परीक्षा कक्ष से बाहर जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र के पैटर्न इस साल बदले गए हैं। 100 अंक वाले विषय में 50 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए विकल्प दिए गए हैं।