Category: state-news

  • 2022 तक बनेगा गोवा में मोपा हवाईअड्डा, 54 हजार पेड़ काटे गए : मुख्यमंत्री

    [object Promise]

    पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि मोपा ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा बनाने के लिए 54,000 से अधिक पेड़ काटे गए हैं। निर्माण का पहला चरण अगले साल पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने बुधवार को एक लिखित जवाब में विधानसभा को बताया कि लगभग 20 फीसदी काम अब तक पूरा हो चुका है। यह हवाईअड्डा उत्तरी गोवा में मोपा पठार पर बन रहा है।

    सावंत ने कहा, “मोपा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पहले चरण में 2022 में चालू होने की उम्मीद है। 12 दिसंबर, 2020 तक भौतिक प्रगति 19.59 प्रतिशत है।”

    उन्होंने कहा, “हवाईअड्डे की साइट पर काटे गए पेड़ों की संख्या 54,176 है, और प्रत्यारोपित किए गए पेड़ों की संख्या 500 है।”

    पहले चरण को 3 सितंबर, 2020 तक चालू किया जाना था, लेकिन ग्रीन एक्टिविस्ट द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरणीय मुकदमेबाजी के कारण देरी हुई, जिसने साइट पर पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप लगाया था। एयरपोर्ट का निर्माण जीएमआर एयरपोर्ट्स और गोवा सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत हो रहा है।

    पहले चरण का काम पूरा होने के बाद इस हवाईअड्डे से 45 लाख यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है और चौथे चरण का काम पूरा होने पर इसकी पैक्स हैंडलिंग क्षमता 1.30 करोड़ होने की उम्मीद है।

  • कैटरीना ने बताया की वह अपना जीवन कैसे जीना चाहती हैं

    [object Promise]

    मुंबई। कैटरीना कैफ ने खुलासा किया कि वह कैसे अपना जीवन जीना चाहती हैं। अभिनेत्री का कहना है कि वह अपने संघर्षो को साझा करना चाहती हैं, इसलिए जब दूसरे संघर्ष करते हैं तो उन्हें पता होता है कि वे अकेले नहीं हैं। कैटरीना ने इंस्टाग्राम पर दो तस्वीरें शेयर कीं, जहां उन्हें एक अच्छे आउटफीट में हवा में छलांग लगाते हुए देखा जा सकता है।

    शेयर तस्वीर को उन्होंने कैप्शन देते हुए लिखा, “मेरी विरासत या मैं अपने जीवन को कैसे आजमाना और जीना चाहती हूं। डर का सामना करने का साहस। समाज में एक कलाकार के रूप में योगदान देना। और मैं अपने आप से हर रोज पूछती हूं ‘हाउ कैन आई गो बैक’। एक ब्यूटी ब्रांड बनाएं, जो सभी महिलाओं के साथ जश्न मनाती है और गूंजती है। मेरे संघर्षों को साझा करें, इसलिए जब उन्हें दूसरों के संघर्ष के बारे में पता लगेगा, तो वे खुद को अकेला महसूस नहीं करेंगे।

    अभिनेत्री ने हाल ही में हॉरर कॉमेडी फोन भूत की शूटिंग शुरू की थी। गुरमीत सिंह द्वारा निर्देशित, फिल्म के सह-कलाकार सिद्धांत चतुर्वेदी और ईशान खट्टर हैं।

    वह अगली बार रोहित शेट्टी की पुलिस एक्शन ड्रामा फिल्म सौर्यवंशी में नजर आएंगे, जिसमें अक्षय कुमार होंगे।

  • किसानों की ट्रेक्टर रैली में हुई हिंसा के लिए राहुल गाँधी जिम्मेदार हैं : : जावडेकर

    [object Promise]

    नई दिल्ली। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कांग्रेस और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि हिंसा की निंदा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। लालकिले पर हुई घटना को लेकर उन्होंने कहा कि देश तिरंगे का अपमान नहीं भूलेगा।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक तरह से कभी-कभी लगता है कि ये लोग जो चुनाव में पराजित हुए हैं, वो सब इकट्ठा होकर देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

    सूचना एवं प्रसारण मंत्री जावडेकर ने बुधवार को भाजपा मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, कल हुए दिल्ली दंगों की निंदा करना पर्याप्त नहीं है, जिसने भी इसे प्रेरित किया, उसे दंडित किया जाना चाहिए। भारत तिरंगे का अपमान नहीं भूलेगा। कांग्रेस ने लगातार इन किसानों के विरोध प्रदर्शन को हवा दी है।

    उन्होंने कहा, राहुल गांधी लगातार केवल समर्थन ही नहीं कर रहे थे, बल्कि उकसा भी रहे थे। सीएए को लेकर ऐसा ही किया था। सड़क पर आने को वो उकसाते हैं और दूसरे दिन से सड़क पर आंदोलन शुरू होता है। कांग्रेस की सरकार ने जानबूझ कर किसानों को उकसाया, कल के यूथ कांग्रेस और कांग्रेस से संबंधित संस्थाओं के ट्वीट भी प्रमाण हैं।

    जावडेकर ने कहा कि कांग्रेस हताश और निराश है, चुनाव में हार रहे हैं, कम्युनिस्टों की भी वही हालत है। इसलिए पश्चिम बंगाल में नई दोस्ती का रिश्ता ढूंढ रहे हैं। कांग्रेस किसी भी तरह से देश में अशांति फैलाना चाहती है। लगातार भाजपा और विशेषकर मोदी जी की लोकप्रियता और सफलता लगातार बढ़ रही है। कांग्रेस और कम्युनिस्टों की घट रही है। उनको चिंता परिवार राज की है, जिसको लोगों ने नकार दिया है।

    उन्होंने किसान आंदोलन को सुलझाने के लिए सरकार के प्रयासों को लेकर कहा कि सरकार 11 राउंड वार्ता कर चुकी है। साल-डेढ़ साल कानून रोकने, स्थगित करने की भी तैयारी दिखाई है। चर्चा के लिए बुलाया, हर बिंदु पर चर्चा करके दिखाइए कि किसानों का कौन सा अधिकार इन कानूनों से कम हुआ है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एमएसपी, मंडी, मालिकाना हक को कोई दिक्कत नहीं पहुंची है, सब जारी रहेगा, ये मालूम है इनको। इन कानूनों से किसान को विकल्प देने का प्रयास है। ये कांग्रेस भी समझती है, लेकिन समझौता होने नहीं देना चाहती है।

  • मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा, जदयू में बिहार में मतभेद कायम!

    [object Promise]

    पटना। बिहार में तमाम कयासों के बीच अब तक नीतीश कुमार मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है। नीतीश की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बने दो महीने से ज्यादा गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर घटक दलों में बात नहीं बन पाई है।

    पहले कहा जा रहा था कि खरमास गुजरने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा, लेकिन खरमास गए भी करीब 15 दिन गुजर गए। इधर, सूत्रों का कहना है कि सत्ता के दो प्रमुख केंद्र भाजपा और जदयू में विभागों को लेकर पेंच फंसा है। हालांकि दोनों दल के नेता किसी भी मतभेद से इनकार कर रहे हैं।

    वैसे, अभी तक जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, उसमें अब इस महीने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना नहीं के बराबर लगती है, हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सबकुछ तय हो गया तो मंत्रिमंडल विस्तार कभी भी हो सकता है।

    जदयू मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा को जिम्मेदार बताती रही है। जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह कहते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहीं कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के पहले ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा।

    इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल भी कहते हैं कि मंत्रिमंडल को लेकर कोई विवाद नहीं है। कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। उन्होंने कहा कि राजग में किसी बात को लेकर विवाद नहीं है, सरकार ठीक से चल रही है।

    उधर, हालांकि लाख टके के सवाल है कि अगर राजग के घटक दलों में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई विवाद ही नहीं तो मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्यों हो रही है?

    सूत्रों का कहना है कि जदयू में भी बाहर से आए विधायकों को मंत्री बनाने को लेकर अंदर ही अंदर विरोध पनपा है। जदयू के कई विधायक बहुजन समाज पार्टी से जदयू में आए जमां खां को मंत्री बनाने के पक्ष में नहीं है। इधर, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के बिहार के सभी पांच विधायकों ने गुरुवार को नीतीश कुमार से मुलाकात की है, जिसके बाद से ही कयासों का दौर प्रारंभ हो गया है।

    बिहार में मुख्यमंत्री को छोडकर 13 मंत्री हैं, जिसके सहारे सरकार चल रही है। बिहार में 23 और मंत्री बनाए जा सकते हैं।

    बिहार विधानसभा चुनाव में राजग को बहुमत मिलने के बाद 16 नवंबर को 14 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसमें से एक मेवालाल चौधरी का इस्तीफा हो चुका है।

    फिलहाल सूत्रों का भी कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में बंटवारा अब केवल भाजपा और जदयू के बीच ही होना है। बिहार सरकार में चार दल शामिल हैं, जिसमें से हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) तथा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को एक-एक मंत्री पद मिल चुका है।

    बहरहाल, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजग के घटक दल भले ही मतभेद नहीं होने की बात कर रहे हों लेकिन अब तक मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होना राजग में सबकुछ ठीक नहीं होने का संकेत तो दे ही रहा है।

  • सिंघू बॉर्डर पर किसान आन्दोलन में हुई हिंसा के बाद 44 लोग गिरफ्तार

    [object Promise]

    नई दिल्‍ली,गाजियाबाद, सोनीपत।  किसानों का आंदोलन में एक बार फिर शुक्रवार को बवाल गया। 26 जनवरी की घटना अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि सिंघु बॉर्डर पर फिर एक बार पुलिसकर्मी पर तलवार चलाने की घटना से किसान आंदोलन को सवालों के घेरे में ला दिया है। हालांकि, इधर गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा फिर से बढ़ने लगा है। इसके कारण पुलिस को पीछे हटना पड़ा है। 

    सिंघु बॉर्डर का हाल

    किसान आंदोलन के बीच सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को बवाल हो गया। स्थानीय लोगों और किसानों के बीच पत्थरबाजी हुई। इस दौरान अलीपुर एसएचओ पर तलवार से हमला भी हुआ। इस मामले में पुलिस ने 44 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें अलीपुर एसएचओ को तलवार मारने का आरोपी भी शामिल है। वहीं, कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास विफल हो गया है। गाजीपुर से लेकर सिंघु बार्डर तक जितने षड्यंत्र रचे गए, सभी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए किसान दोगुनी मजबूती के साथ आंदोलन से जुड़ गया है। किसान नेताओं ने शुक्रवार शाम को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऐलान किया कि 30 जनवरी को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन सभी किसान नेता भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने देशभर के किसान नेताओं ने इस भूख हड़ताल में शामिल होने की अपील की है।

    सी.आर.एम क्या है? इसका प्रयोग क्यों करें? सेल्सफोर्स सी.आर.एम् के प्रयोग से कंपनियों की बिक्री में 38% वृद्धि हुई है। जानें कैसे।
     

    कुंडली बार्डर पर प्रेसवार्ता

    कुंडली बार्डर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. दर्शनपाल, बलबीर सिंह राजेवाल, अमरजीत सिंह, शिवकुमार कक्का, जगजीत सिंह डल्लेवाल, युद्धबीर सिंह आदि ने संयुक्त रूप से कहा कि भाकियू नेता राकेश टिकैत ने जिस मजबूती के साथ सरकार के हथकंडे का मुकाबला किया, उसका नतीजा सरकार ने देख लिया होगा। पहले से कई गुना ज्यादा किसान वहां एकत्रित हो गए हैं और यही हाल कुंडली बार्डर का भी है। इसलिए सरकार को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए और जिद छोड़कर तीनों कृषि कानूनों वापस लेना चाहिए। 

     

    इंटरनेट बंद करना सरकार की बौखलाहट 

    किसान नेता डा. दर्शनापाल ने कहा कि इंटरनेट बंद कर देना सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है। इस तरह की ओछी हरकत से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। इसका असर यह है कि हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा मोहाली, लुधियाना से भी भारी संख्या में किसान बार्डर पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल इंटरनेट सेवा बहाल करे, अन्यथा इसके खिलाफ भी किसान आंदोलन से गुरेज नहीं करेंगे। गाजीपुर बार्डर पर राजनीति पार्टियों के लोगों के आने के सवाल पर युद्धवीर सिंह ने कहा कि सभी राजनीतिक दल का अपना एजेंडा होता है, लेकिन उन्हें हमलोग नहीं बुलाते हैं और न ही उन्हें मंच देते हैं।

    भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव ने छोड़ा संगठन

    भारतीय किसान यूनियन (भानु) के किसान आंदोलन से अलग कर लेने के बाद राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप पांडेय ने संगठन से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आंदोलन से अलग होने को राष्ट्रीय अध्यक्ष का कायरता पूर्ण निर्णय बताया है। गांव गढ़ी में समर्थकों और किसानों के साथ बैठक कर कुलदीप पांडेय ने कहा कि आज किसानों के आंदोलन को ताकत की जरूरत है, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने स्वयं आंदोलन से अलग कर कायरता पूर्ण निर्णय लिया है। राकेश टिकैत ने किसानों की लड़ाई जारी रखी है, वह किसान पुत्र हैं। कुलदीप पांडेय ने कहा कि वह जल्द ही अलग किसान संगठन तैयार करेंगे और अपने समर्थकों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने बताया कि वीडियो काल कर राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने निर्णय की जानकारी दे दी है।

  • सीबीआई ने पंजाब, हरियाणा में एफसीआई के 20 गोदामों में ली तलाशी

    [object Promise]

    नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों पर पंजाब और हरियाणा में 20 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की कई टीमें पंजाब और हरियाणा में एफसीआई के गोदामों में बड़ी संख्या में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद 20 स्थानों पर तलाशी ले रही है।

    तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध के बीच सीबीआई ने ये कार्रवाई की है। किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • नेपाल सीमा पर गिरफ्तार मानव हड्डी तस्कर, कई मानव खोपड़ियां बरामद

    [object Promise]

    सीतामढ़ी। भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के सीतामढ़ी जिला के मेजरगंज थाना क्षेत्र से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक मानव हड्डी तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से मानव शरीर की हड्डियों के साथ कई खोपड़ियां बरामद की गई हैं। बाद में एसएसबी की टीम ने इस तस्कर को मेजरगंज थाना पुलिस को सौंप दिया। मेजरगंज के थाना प्रभारी राजदेव प्रसाद यादव ने शुक्रवार को बताया कि बसबिट्टा में तैनात एसएसबी जवानों ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के समीप से एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के बैग से मानव शरीर की हड्डियों के साथ कई खोपड़ी बरामद की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नेपाल के मलंगवा थाना क्षेत्र के सुदामा गांव निवासी राम स्वार्थ महतो के रूप में की गई है।

    पुलिस से पूछताछ के दौरान महतो ने स्वीकार किया कि वह पटना गांधी सेतु के नीचे से पटना के ही एक व्यक्ति के सहयोग से नदी किनारे हड्डी एकत्रित कर नेपाल ले जा रहा था, जिसे वह नेपाल के काठमांडू में एक व्यापारी के हाथों बेचता है। गिरफ्तार व्यक्ति का कहना है कि इन हड्डियों का बांसुरी व बीन बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

    पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम ²ष्टया बरामद हड्डी मानव का ही लगता है। हड्डियों की पहचान के लिए इसे फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है।

  • RSS नेता ने की पाकिस्तान से फिर मंगलुरु के उल्लाल की तुलना

    [object Promise]

    मंगलुरु। आरएसएस के वयोवृद्ध नेता कल्लादक प्रभाकर भट ने एक बार फिर कर्नाटक के मंगलुरु के उल्लाल शहर की तुलना पाकिस्तान से कर चर्चा में आए। उन्होंने कहा, उल्लाल विधानसभा क्षेत्र मंगलुरु में एक मिनी पाकिस्तान बन गया है। जब तक इस क्षेत्र में हिंदू लोग मुसलमानों से ऊपर नहीं उठेंगे, तब तक वे बहुसंख्यक हिंदुओं पर हावी रहेंगे।

    आरएसएस नेता ने उल्लाल विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से आग्रह किया कि वे हमेशा मुस्लिम विधायक चुनने के बजाय हिंदू विधायक को चुना करें।

    परिसीमन की कवायद के बाद उल्लाल विधानसभा क्षेत्र का नाम मंगलौर निर्वाचन क्षेत्र रखा गया, जिसका प्रतिनिधित्व कर्नाटक के पूर्व मंत्री यू.टी. खादर कर रहे हैं, जो लगातार चार बार कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व उनके दिवंगत पिता यू.टी. फरीद भी करते रहे हैं। वह 1972 के बाद से चार बार कांग्रेस के टिकट पर जीते।

    मंगलुरु और उडुपी जिले की 20 सीटों में से मंगलुरु (उल्लाल) एकमात्र ऐसी सीट है, जिसे बरकरार रखने में कांग्रेस सफल रही है।

    मीडिया से बात करते हुए भट ने कहा कि सिर्फ पाकिस्तान में मुसलमान अपने समुदाय के लोगों को ही चुनते हैं और यहां तक कि हिंदू बहुल सीटों पर भी वे ही जीत जाते हैं।

    उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से भारत में ऐसा नहीं होता है। यहां तक कि जहां हिंदू ज्यादा हैं, वहां भी अन्य समुदायों के नेता जीत जाते हैं।

    पिछले साल नवंबर में भट ने उल्लाल की तुलना पाकिस्तान से कर विवाद खड़ा कर दिया था। तब उन्होंने राज्य के हिंदुओं से आग्रह किया था कि वे हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए और अधिक बच्चे पैदा करें और राज्य में कहीं भी छोटा पाकिस्तान न बनाने दें।

  • गाजीपुर बॉर्डर से हटने लगे टेंट, किसान आन्दोलनकारियों की संख्या में कमी आई

    गाजीपुर बॉर्डर। कृषि कानूनों को लेकर बीते दो महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है, लेकिन गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद बॉर्डर पर किसानों की संख्या में कमी आई है। गाजीपुर बॉर्डर पर जहां पहले सैंकड़ों किसान मौजूद थे, वहीं गुरुवार सुबह यहां न के बराबर ही किसान दिखाई दिए। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों द्वारा लगाए गए टेंट उखड़ने लगे हैं, आंदोलनकारी किसान भी ट्रैक्टर लेकर वापस अपने-अपने गंतव्य स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

    बॉर्डर पर किसान द्वारा चलाया जा रहा लंगर भी बंद हो चुका है, हालांकि अब कुछ ही किसान लंगर सेवा जारी रखे हुए हैं।

    हालांकि किसान नेताओं के बीच मतभेद सामने आने के बाद से ही आंदोलनकारियों की संख्या में कमी देखी जा रही है।

    सिंघु, टिकरी, गाजीपुर बॉर्डर किसानों के विरोध स्थलों का मुख्य केंद्र रहे हैं। गणतंत्र दिवस के दिन तय समय से पहले ही किसानों ने ट्रैक्टर परेड शुरू कर दी थी। देखते ही देखते परेड ने हिंसा का रूप ले लिया और जगह जगह तोड़ फोड़ शुरू हो गई और किसान दिल्ली की सीमाओं में प्रवेश करने लगे।

    रास्ते में आने वाली हर चीज किसानों की तरफ से तोड़ी गई, वहीं आईटीओ और लाल किले पर पहुंचे प्रदर्शनकारी किसान सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर से थे। जहां सबसे ज्यादा हिंसा देखी गई।

    गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा में करीब 400 पुलिसकर्मी घायल हुए वहीं एक किसान की ट्रैक्टर पलटने से मृत्यु भी हो गई।

  • मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सदैव दून पोर्टल किया लांच, सेवाएं की शुरू

    [object Promise]

    देहरादून: स्मार्ट सिटी कंपनी की मेगा परियोजना इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘सदैव दून ‘ की सेवाएं शुक्रवार से शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क्लिक कर सदैव दून पोर्टल को लांच किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा देहरादून को आदर्श स्मार्ट सिटी बनाएंगे। प्रदेश के अन्य शहर ही नहीं देश के अन्य शहर देहरादून को मिसाल के तौर पर देखें यह प्रयास किया जा रहा है।

    दून में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव व आबादी को देखते हुए स्मार्ट सिटी के तहत व्यवस्थाएं बनानी बेहद जरूरी है। स्मार्ट सिटी के सीईओ डॉ. श्रीवास्तव ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के फंक्शन, लाभ और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही ट्रैफिक नियंत्रण को पुलिस, बिजली की लाइनों के लिए ऊर्जा निगम, पेयजल व्यवस्था के लिए जल संस्थान को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। देहरादून स्मार्ट सिटी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक सदैव दून की कुछ सेवाएं पूर्व में शुरू कर दी गई थी। इसके तहत शहर के तमाम सीसीटीवी कैमरों का संचालन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से किया जा रहा है। स्मार्ट ट्रैफिक लाइट व सिग्नल भी संचालित किए जा रहे हैं।

    ट्रैफिक सिग्नल पर लगे कैमरों की मदद से ओवरस्पीडिंग आदि पर चालान भी किए जाने लगे हैं। अब बारी है सदैव दून की सभी सेवाओं को संचालित करने की। खास बात यह भी है कि जिले के सभी प्रमुख विभागों की सेवाओं को एकीकृत रूप में स्मार्ट सिटी के संबंधित पोर्टल से संचालित किया जाएगा। इस दौरान राज्यमंत्री धन सिंह रावत, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, स्मार्ट सिटी के सीईओ डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।