Category: state-news

  • क्यों महत्वपूर्ण हुए पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए नेताजी?

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    नई दिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के माध्यम से भाजपा पश्चिम बंगाल की जनता की भावनाओं से जुड़ने की कवायद में जुटी है। जयंती वर्ष के तहत पूरे साल तक कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा। केंद्र की मोदी सरकार ने 23 जनवरी से सालभर तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने के लिए बकायदा एक उच्चस्तरीय समित बनाई है।

    आयोजनों के केंद्रबिंदु में चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के होने के कारण सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भाजपा पर हमलावर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि चुनाव नजदीक आते देख भाजपा ‘नेताजी की भक्त’ बन गई है। माना जा रहा है कि दोनों दलों के बीच बंगाल की राजनीतिक लड़ाई अब नेताजी की विरासत पर भी छिड़ गई है। नेताजी की जयंती को चुनाव से जोड़ने की बातों को भाजपा सिरे से खारिज करती है। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने कहा कि नेताजी जी की 125वीं जयंती मनाने को लेकर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाने वाले लोग राजनीति से प्रेरित हैं।

    आखिर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पहली बार जोर-शोर से मनाने के पीछे भाजपा की क्या रणनीति है? राजनीतिक विश्लेषक इसके पीछे मार्च-अप्रैल में होने जा रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को वजह मानते हैं। बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। बंगाल के वह गौरव माने जाते हैं। माना जा रहा है कि बंगाली गौरव के प्रतीक नेताजी की जयंती के जरिए भाजपा बंगाल की जनता को यह बताने की कोशिश में लगी है कि वह बंगाली अस्मिता की संरक्षक है। जब से ममता बनर्जी ने भाजपा नेताओं को बाहरी बताना शुरू किया है, तब से पार्टी ने बंगाल से जुड़े महापुरुषों को लेकर कार्यक्रमों का सिलसिला और तेज कर दिया है। यह भी गौर करने वाली बात है कि दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व भारती यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में रवींद्रनाथ टैगोर की जमकर तारीफ करते हुए उनका बंगाल कनेक्शन भी बताया था।

    भाजपा का कहना है कि बंगाली गौरव के प्रतीक नेताजी देश की स्वाधीनता की लड़ाई को भारत से लेकर यूरोप की धरती तक लड़े, उन्हें वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे। ऐसे में भाजपा नेताजी को उचित सम्मान देने की दिशा में 125वीं जयंती वर्ष का आयोजन करने में जुटी है।

    पहली बार बड़े आयोजन पर प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने आईएएनएस से कहा, कौन कहता है कि भाजपा पहली बार नेताजी से प्रेम दिखा रही है? यह भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ही थी, जिसने नेताजी के लापता होने के रहस्यों को उजागर करने के लिए मुखर्जी कमीशन का गठन किया था। जब 2014 में दोबारा केंद्र में जब भाजपा की सरकार आई तो प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नेताजी से जुड़ीं फाइलों को सार्वजनिक करने की पहल हुई। नेताजी के परिवार के साथ लाल किले पर झंडा फहराकर उन्हें सम्मान दिया गया।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय नेता बताते हुए कहा कि वह भारत की आजादी की लड़ाई को देश से विदेश तक लेकर गए। दूसरे देशों को भारत की मदद के लिए राजी करने में सफल रहे। देश के महापुरुषों को उचित सम्मान देकर उनकी विरासत और सिद्धांतों को आगे बढ़ाना भाजपा की विशेषता है।

    रितेश तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने नेताजी ही नहीं, बल्कि पिछले साल से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष को भी धूमधाम से मनाने की पहल की। सरदार पटेल की भी जयंती पार्टी बहुत उत्साह से मनाती है। महापुरुष एक दल के नहीं सबके हैं।

    पश्चिम बंगाल के चुनावी मौसम में नेताजी जयंती के माध्यम से भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस जनता की भावनाओं को भुनाने की कोशिशों में जुटीं हैं। दोनों दलों की ओर से बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी चल रही।

    केंद्र सरकार ने जहां प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 125वीं जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है, वहीं टीएमसी की ममता बनर्जी सरकार ने भी पलटवार करते हुए नोबल विजेता अमर्त्य सेन के नेतृत्व में ऐसी ही एक कमेटी गठित की है।

    भाजपा 23 जनवरी को नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाएगी। बंगाल में भाजपा गांव से लेकर शहरों तक सभाएं करेगी। उधर, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने नेताजी की जयंती को ‘देश नायक दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।

  • दिल्ली मॉडल पर विकास करेगी आम आदमी पार्टी उत्‍तराखंड का

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    विकासनगर: आम आदमी पार्टी के कार्यकर्त्‍ताओं ने लांघा चौक पर चाय पर चर्चा कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों से राज्य के विकास को लेकर मंथन किया। आप कार्यकत्र्ताओं ने उन्हें दिल्ली के विकास का मॉडल बताया और उनसे राय भी ली। इस दौरान उन्होंने आप की सरकार बनने पर उत्तराखंड में दिल्ली की तर्ज पर योजनाओं को संचालित करने की बात भी कही।

    सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक अनंतराम चौहान व आम आदमी पार्टी की विकासनगर प्रभारी डिंपल सिंह ने क्षेत्रवासियों को दिल्ली सरकार के कामकाज के बारे में बताया। उन्होंने कहा बिजली, पानी जैसी सुविधाएं दिल्ली के निवासियों को मुफ्त दी जा रही हैं। साथ ही शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली सरकार के कराए गए कार्य विदेशों में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के निर्माण के बाद से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मामलों में प्रदेश के निवासियों को मायूसी ही हाथ लगी है। अभी तक किसी भी क्षेत्र में प्रदेश समस्या से मुक्त नहीं हो पाया है।

    उन्होंने चर्चा के दौरान कहा यदि प्रदेश के निवासी आम आदमी पार्टी को अपना समर्थन दें तो प्रदेश की स्थिति बदल सकती है। उन्होंने कहा आम आदमी पार्टी उत्तराखंड प्रदेश का दिल्ली की तर्ज पर विकास करेगी। कार्यकत्र्ताओं ने क्षेत्रवासियों से आप के साथ आने की अपील भी की। इस दौरान विकासनगर के सह प्रभारी गुलफाम अहमद, गुरमैल ङ्क्षसह राठौर, संगठन मंत्री मनोज चौधरी, रामपाल, प्रतीक सक्सैना, राहुल भट्ट आदि उपस्थित रहे।

     

  • महिला के साथ रोडवेज कर्मचारी ने अश्लील हरकत की, पुलिस दोनों पक्षों में समझौता करने में जुटी

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    देहरादून। दून आइएसबीटी पर रोडवेज कमर्चारियों द्वारा एक रेस्टोरेंट संचालक महिला के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। महिला ने आरोपित कर्मचारियों का विरोध करते हुए उन्हेंं थप्पड़ भी मारे। इसका वीडियो भी वायरल हो गया। महिला ने आरोपित कर्मचारियों के विरुद्ध आइएसबीटी पुलिस चौकी में तहरीर दी थी, लेकिन रोडवेज कर्मचारियों के दवाब में महिला ने समझौता कर लिया। आरोपित कर्मचारी रोडवेज इम्पलाइज यूनियन के पदाधिकारी बताए जा रहे।

    घटना शनिवार देर रात की है। पुलिस चौकी में दी तहरीर में महिला ने बताया कि वह विधवा है। उसके साथ दो बच्चे और एक रिश्तेदार युवती भी रहते हैं। सभी लोग आइएसबीटी पर ही गुजर-बसर करते हैं। आरोप है कि शनिवार देर रात रोडवेज का एक कर्मचारी उनके रेस्टॉरेंट पर आया और बदसलूकी करने लगा। महिला के विरोध करने पर एक और कर्मचारी वहां आ गया और छेड़छाड़ की। आरोप है कि दोनों कर्मचारी नशे में धुत थे।

    इनमें एक रोडवेज का समयपाल बताया जा रहा, जो रोडवेज इम्पलाइज यूनियन का पदाधिकारी भी है। दोनों आरोपित कर्मचारी महिला को घसीटने लगे और उस पर संबंध बनाने का दबाव भी बनाया। महिला ने शोर मचाया तो भीड़ एकत्र हो गई और किसी तरह महिला को उनके चंगुल से छुड़ाया। मामला पुलिस चौकी तक पहुंच गया, लेकिन तहरीर के बावजूद पुलिस ने 24 घंटे तक मुकदमा दर्ज नहीं किया।

    आरोप है कि पुलिस रोडवेज कर्मचारियों के दबाव में मामले में समझौता कराने में जुटी रही। आखिरकार दबाव में महिला ने रविवार रात समझौता कर लिया। बताया जा रहा कि इम्पलाइज यूनियन के नेताओं ने रविवार सुबह से पुलिस चौकी में डेरा डाला हुआ था। रोडवेज महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। उसके आधार पर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

  • उत्तराखंड के कदम पिरूल प्रोजेक्ट पर बढ़े, इससे बिजली उत्पादन हुआ प्रारंभ

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    देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट पिरूल (चीड़ की पत्तियों) से बिजली उत्पादन प्रारंभ हो गया है। पहले चरण में आवंटित 21 परियोजनाओं में से सात की स्थापना की जा चुकी है। इनसे बिजली उत्पादन शुरू कर उत्तराखंड ऊर्जा निगम के ग्रिड में भेजी जा रही है। पिरूल से बिजली उत्पादन की योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार का जरिया बन ही रही है, साथ में पर्यावरण संरक्षण में इसकी अहम भूमिका है। खासतौर पर जंगलों में पिरुल की वजह से लगने वाली आग में अब कमी आ सकेगी। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में जंगलों में लगने वाली आग का बड़ा कारण पिरुल ही है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यावरण को बचाने में इस योजना की अहमियत देखते हुए इसे मुहिम के तौर पर शुरू करने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2018 में प्रदेश में पिरुल नीति लागू की जा चुकी है।

    दरअसल, माना जाता है कि उत्तराखंड में फैले 4 लाख हेक्टेयर वन में 16.36 फीसद चीड़ के वन हैं। पिरूल आधारित बिजली उत्पादन संयंत्रों को स्थानीय निवासियों को आवंटित किया जाता है। इससे उत्पादित बिजली को ऊर्जा निगम आगामी 20 वर्षों तक 7.54 की दर पर खरीदने का अनुबंध किया जाता है। ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बताया कि उक्त योजना के तहत वर्तमान में पहले चरण में 21, दूसरे चरण में 17 व तीसरे चरण में 24 समेत कुल 62 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं।

    इनमें अल्मोड़ा में 17, नैनीताल में 10, पिथौरागढ़ में आठ, चंपावत में तीन, पौड़ी में चार, उत्तरकाशी में नौ, चमोली में चार, टिहरी में एक, रुद्रप्रयाग में एक और बागेश्वर में पांच परियोजनाओं का आवंटन हुआ है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि पहले चरण की 21 परियोजनाओं में सात की स्थापना पूरी हो चुकी है। इनसे मिल रही बिजली ऊर्जा निगम के ग्रिड में दी जा रही है। उक्त योजना से बिजली में प्रदेश आत्मनिर्भर होगा, साथ में करीब 325 व्यक्तियों को स्वरोजगार मिलेगा।

     

  • आज एक दिन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालेंगी सृष्टि गोस्वामी, साढ़े चार घंटे तक होगा बहुत कुछ खास

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    देहरादून। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आज हरिद्वार की सृष्टि गोस्वामी एक दिन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालेंगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सृष्टि देहरादून स्थित विधानसभा भवन में करीब दर्जनभर विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। इसके अलावा कई और कार्यक्रम भी तय हैं। सृष्टि दोपहर 12 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मुख्यमंत्री का दायित्व निभाएंगी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र रावत भी वहीं मौजूद रहेंगे।

    यह रहेगा मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल 

    सृष्टि गोस्वामी विधानसभा भवन में दोपहर 12 से तीन बजे तक समीक्षा बैठक करेंगी। दोपहर बाद तीन बजे बालिका निकेतन का निरीक्षण करेंगी। यहीं बालिकाओं के साथ दोपहर का भोजन होगा। शाम साढ़े चार बजे हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेंगी।

    इन विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद

    प्रमुख अभियंता-लोक निर्माण विभाग, मुख्य कार्यकारी अधिकारी-पर्यटन विकास परिषद, निदेशक उरेड़ा ऊर्जा पार्क, प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, सचिव राजधानी सामान्य प्रशासन, निदेशक ग्राम्य विकास विभाग, जिलाधिकारी देहरादून, महानिदेशक उद्योग निदेशालय, पुलिस महानिदेशक।

    प्रोफाइल पर एक नजर 

    • नाम- सृष्टि गोस्वामी
    • गांव- दौलतपुर(हरिद्वार)
    • पिता- प्रवीण पुरी
    • मां- सुधा
    • एजुकेशन- बीएससी(एग्रीकल्चर)।
    • वर्ष 2019- थाइलैंड में  गर्ल्स इंटरनेशनल लीडरशिप में किया भारत का प्रतिनिधित्व।

  • सुरक्षा बढ़ाई गई गुरुग्राम में गणतंत्र दिवस से पहले

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    गुरुग्राम । गुरुग्राम पुलिस ने गणतंत्र दिवस से पहले कई सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जो गुरुग्राम के सेक्टर -38 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मनाया जाएगा। विभाग के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस बल के साथ 40 से अधिक इंस्पेक्टर कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) सहित लगभग 4,000 पुलिसकर्मी हैं, जो शहर में आवश्यक सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं।

    इसके अलावा, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सभी क्राइम ब्रांच इन-चार्ज, इंटेलिजेंस विंग और सभी ट्रैफिक पुलिस इन-चार्ज को भी तैनात किया गया है।

    एक सुरक्षा ग्रिड जिसमें तीन पुलिस कर्मी होते हैं, वे आयोजन स्थल के अंदर और बाहर पहरे पर रहेंगे।

    स्टेडियम में और उसके आसपास लगभग 1,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा, जो उत्सव के दौरान मंत्रियों, नौकरशाहों और आम लोगों की उपस्थिति देखेंगे। साथ ही, पीसीआर राइडर्स पूरे शहर में गश्त करेंगे।

    इसके अलावा, विशेष पुलिस बलों में काउंटर असॉल्ट, पुलिस राइडर्स, पुलिस पीसीआर, क्रेन, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस पुलिस टीमों को भी तैनात किया गया है, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं।

    पुलिस आयुक्त केके राव ने कहा, “सीमा प्रवेश बिंदुओं के माध्यम से आसपास के जिलों और राज्यों से शहर में प्रवेश करने वाले सभी वाणिज्यिक और निजी वाहनों की गहन जांच होगी। रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों, बस स्टैंड, बाजारों, मॉल और सीमा क्षेत्रों में विशेष चेकिंग ड्राइव शुरू की गई हैं।”

  • गुरुग्राम के 30 सामाजिक संगठन गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली में लेंगे हिस्सा

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    गुरुग्राम। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने घोषणा की कि गुरुग्राम के 30 से अधिक सामाजिक संगठन शहर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होंगे। एसकेएम के अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह ने कहा, “ऐतिहासिक दिवस पर यह एक ‘ऐतिहासिक’ ट्रैक्टर परेड होगी। राष्ट्रीय ध्वज के साथ सैकड़ों ट्रैक्टर गुरुग्राम में ट्रैक्टर परेड का हिस्सा होंगे।”

    जिन संगठनों के ट्रैक्टर रैली का हिस्सा बनने की संभावना है, उनमें जिला बार एसोसिएशन, बार काउंसिल ऑफ पंजाब और हरियाणा चंडीगढ़, सर छोटूराम एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी, सर्व खाप झारसा, एआईटीयूसी, सीआईटीयू, आईएनटीयूसी, एचएमएस, रिक्को यूनियन, मारुति यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा शामिल हैं।

  • न्यायालय से हुए दोष दोषमुक्त कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत

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    रुद्रप्रयाग। कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को अपर जिला जज की अदालत ने वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दोषमुक्त कर दिया है। सोमवार को जिला न्यायालय रुद्रप्रयाग में कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत पेश हुए। सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला जज नंदन सिंह राणा की अदालत ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में दोषमुक्त किया।

    कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के अधिवक्ता केपी खन्ना ने बताया कि डॉ. रावत ने न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया। विदित हो कि विधानसभा चुनाव 2012 में रुद्रप्रयाग विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ने वाले डॉ. हरक सिंह रावत को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में दोषी पाया गया था।

    बीते वर्ष 10 नवंबर को जिला कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद अहमद वाहिद ने आईपीसी की धारा 143 के मामले में दोषी पाते हुए तीन माह की जेल और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी, जबकि धारा 147 और 353 में दोषमुक्त कर दिया था। डा. रावत ने सजा के विरूद्ध बीते वर्ष 4 दिसंबर 2020 को अपर जिला जज की अदालत में याचिका दायर की थी। जिसके तहत सुनवाई पूरी होने के बाद कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के पक्ष में फैसला आया है।

     

  • आज से शुरू बंगाल विधानसभा का विशेष सत्र, नए कृषि कानून के खिलाफ ममता सरकार विधानसभा में पारित करेगी प्रस्ताव

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    कोलकाता। बंगाल की ममता सरकार आगामी दो दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान 28 जनवरी को केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध और तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित करेगी। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि विधानसभा का सत्र 27 जनवरी से शुरू होगा और 28 को नियम 169 के तहत नए कृषि कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि जिस पर ढाई घंटे तक चर्चा की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सोमवार को अपने कक्ष में इस विशेष सत्र को लेकर सवर्दलीय बैठक बुलाई थी। राज्य सरकार चाहती थी कि कांग्रेस और वाममोर्चा भी इसका समर्थन करे ताकि संयुक्त प्रस्ताव लाया जा सके। परंतु, सरकार के प्रयास को कांग्रेस व वाममोर्चा ने यह कह कर विफल कर दिया कि वे नियम 185 के प्रस्ताव लाना चाहते थे।

    चटर्जी ने कहा कि वे नियम 185 के तहत एक ही प्रस्ताव लाना चाहते थे। दो अलग-अलग नियमों के तहत एक ही मुद्दे पर दो प्रस्ताव लाने का क्या मतलब है? जब सरकार ने एक प्रस्ताव पेश किया है, तो उम्मीद है कि इसे स्वीकार किया जाएगा।

    विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अब्दुल मन्नान ने कहा कि ममता सरकार के पास केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि राज्य प्रशासन ने भी कुछ साल पहले इसी तरह के कानून पारित किए थे।

    जब तक ममता सरकार उन कानूनों को वापस नहीं लेती है, जो कुछ साल पहले पारित हो चुके है, सेंट्रल के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने का कोई मतलब नहीं है। हमने जो प्रस्ताव दिया है उस पर सरकार अमल करे। वाममोर्चा और कांग्रेस ने हालांकि कहा कि वे चर्चा में हिस्सा लेंगे और सदन में अपने विचार रखेंगे। भाजपा विधायक दल के नेता मनोज टिग्गा ने कहा कि उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का विरोध करेगी। प्रस्ताव के अलावा, कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना और जीएसटी से संबंधित मुद्दों से संबंधित दो विधेयक पेश किए जाएंगे।

     

  • राज्यपाल कलराज मिश्र ने 72वें गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय समारोह में फहराया राष्ट्रीय ध्वज

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    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने देश के 72 वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को यहां सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राज्यपाल श्री मिश्र ने इसके उपरान्त परेड का निरीक्षण किया और राज्य स्तरीय समारोह के साक्षी बने अतिथियों और जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया।

    राज्यपाल मिश्र ने सलामी गारद द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. सी.पी. जोशी भी उपस्थित थे।
    गणतंत्र दिवस के भव्य समारोह में हाडीरानी महिला बटालियन, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, एसडीआरएफ, जीआरपी, चैदहवीं बटालियन आरएसी, बाॅर्डर होमगार्ड, अरबन होमगार्ड, कारागृह आदि की बटालियन ने परेड में हिस्सा लिया। परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा की प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री रंजिता शर्मा ने किया।

    गणतंत्र दिवस के आयोजन में हल्की सर्दी ओर गुनगुनी धूप में लोककलाकारों, विद्यालयी बच्चों और पुलिस बैंड द्वारा चित्ताकर्षक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मन मोहने वाली थी। स्टेडियम में जब मांगणियार कलाकारों का प्रवेश हुआ तो पूरा माहौल जैसे लोक संस्कृति से सराबोर हो गया। इन कलाकारों ने चंग की थाप के साथ गैर नृत्य, चरी नृत्य, घूमर आदि की मनोहारी प्रस्तुतियों से गणतंत्र दिवस को उत्सवधर्मी बनाते हुए उपस्थितजनों की भागीदारी भी जैसे अपने में समाहित कर ली। लोककलाकारों द्वारा प्रख्यात रंग निर्देशक भानु भारती के निर्देशन में राजस्थान की नृत्य और गायन की परम्पराओं को स्टेडियम में जीवंत किया गया। राजस्थानी मांड, वंदे मातरम्, पधारो म्हारे देश, धरती धोरां री आदि प्रस्तुतियां समारोह को गौरव प्रदान कर रही थीं।

    राजस्थान पुलिस के जवानों ने मोटर साइकिल एवं घुड़सवारी के अद्भुत करतब दिखा कर शौर्य, साहस एवं संतुलन की मिसाल पेश की। बैंड मास्टर हवलदार जगजीत सिंह के नेतृत्व में सेना बैंड एवं नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सेन्ट्रल पुलिस बैंड ने देशभक्तिपूर्ण गीतों की धुनों पर समवेत स्वर में प्रस्तुतियां दी। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।