Category: state-news

  • बंगाली सुरूर छाया बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह की टीम पर

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    कोलकाता। भाजपा के कद्दावर नेता अमित शाह की टीम बंगाल पर इन दिनों बंगाली सुरूर छाया हुआ है। इसकी वजह और कुछ नहीं सिर्फ बंगाल फतह है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के जिन 13 वरिष्ठ नेताओं को बंगाल विधानसभा चुनाव में अहम जिम्मेदारी दी गई है वे सभी बंगाल की संस्कृति, भाषा, खानपान आदि से पूरी तरह रूबरू हो रहे हैं।

    दरअसल बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह तृणमूल कांग्रेस लगातार बंगाली व गैर बंगाली मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमलावर बनी हुई है वहीं भगवा भी बंगाल की संस्कृति के जरिए उस पर पलटवार करने के लिए कमर कस ली है। सियासी जानकारों का कहना है कि पिछले लोकसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा को मिली शानदार सफलता के बावजूद 2021 के विधानसभा चुनाव में बंगाली भावना भी एक बड़ा कारक हो सकती है। बंगाली भाषा, संस्कृति, त्योहार सूबे की सियासत में गहराई से शामिल है। भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले शाह भी इसे अच्छी तरह समझ रहे हैं।

    ये नेता बंगाल की संस्कृति, भाषा से हो रहे हैं रूबरू

    बंगाल में जमीनी स्तर पर पैठ बनाने के लिए भाजपा ने पांच संगठन महासचिवों तथा आठ मंत्रियों को मैदान में उतारा है। आरएसएस से भाजपा में आए इन महासचिवों को माइक्रो मैनेजमेंट में माहिर माना जाता है। इनमें सुनील बंसल, भीखूभाई दलसानिया, रवींद्र राजू , पवन राणा व रत्नाकर शामिल हैं। इसके अलावा आठ मंत्रियों संजीव बालियान, गजेंद्र सिंह शेखावत, नित्यानंद राय, अर्जुन मुंडा, नरोत्तम मिश्रा, मनसुख मांडविया, केशव प्रसाद मौर्य और प्रह्लाद सिंह पटेल को भी बंगाल के सभी हिस्सों में प्रचार के लिए भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि शाह के निर्देश पर ये सभी नेता बांग्ला सीखने के साथ बंगाली संस्कृति, खानपान की आदतें भी डाल रहे हैं जो आने वाले दिनों में इन्हें आम लोगों के बीच इसकी सख्त जरूरत पड़ेगी।

    बंगाल फतह के लिए भाजपा को बंगाली भावना पर देना होगा ध्यान

    जादवपुर विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सहायक प्रोफेसर इमोन कल्याण लाहिरी का कहना है कि बंगाल फतह के लिए भाजपा को बंगाली भावना पर ध्यान देना ही होगा। तभी बंगाल के बंगालियों के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ सकती है। हालांकि इसके साथ त्रिपुरा की कामयाबी से पार्टी को सूबे में बंगाली विरासत हासिल करने में मदद मिलेगी। यही वजह है कि पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने भी विश्वभारती विश्वविद्यालय के समारोह में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कुछ कविताएं बांग्ला में पढ़ी थीं। दशहरा के दौरान भी भाजपा की ओर से आयोजित विजया सम्मिलनी के मौके पर भोजन की फेहरिस्त में बंगाली व्यंजनों की भरमार थी। इसके अलावा बंगाली थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।

     

  • आंध्रप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश बने अरूप कुमार गोस्वामी, शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

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    अमरावती। न्यायमूर्ति अरुप कुमार गोस्वामी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “राज्यपाल बिस्वा बुशन हरिचंदन ने तुम्मलापल्ली कलाक्षेत्रम में शपथ ली।”

    गोस्वामी को सिक्किम हाईकोर्ट से आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया है।

    शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने भाग लिया। इसके साथ ही राज्य के मंत्री, विधायक, सांसद, कानूनी बिरादरी के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

  • बिहार में तैयारी पूरी कोरोना टीकाकरण की, 65 हजार टीकाकर्मी चिन्हित

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    पटना। बिहार में कोरोना टीकाकरण को लेकर राजधानी से लेकर राज्य के प्रखंडों और गांवों तक में तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा पूरी तकनीकी मदद मिल रही है। इस बीच, टीका (वैक्सीन) को सुरक्षित रखने के लिए प्रखंडों तक में व्यवस्था की गई है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि, “राज्य में कोविड जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए जिला स्तर तक शीत श्रृखंला उपकरण (कोल्ड चेन इक्वीपमेंट) का उपयोग किया जाएगा।”

    पांडेय ने बताया कि, “कोविड वैक्सीन के रख-रखाव के लिए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त संसाधन का आवंटन किया है, जिसमें 539 डीप फ्रीजर, 432 आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर, 8 वॉक कूलर और 2 वॉक फ्रीजर शामिल हैं। इसमें से 423 आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर जिलों को आवंटित कर दिए गए हैं।”

    पांडेय ने राज्य में कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की पूरी तैयारी होने का दावा करते हुए कहा कि, “प्रथम चरण में कोविड पोर्टल पर स्वास्थ्यकर्मियों (सरकारी व गैर सरकारी) लाभार्थियों का निबंधन किया जा चुका है। टीकाकरण के लिए 65 हजार टीकाकर्मी चिह्न्ति किये गये हैं, जिनकी सेवा ली जा सकेगी।”

    उन्होंने कहा, “टीकाकरण के लिए स्थल का निर्धारण मतदान केंद्रों के आधार पर किया गया है। प्रत्येक सत्र स्थल पर तीन कक्ष होंगे। इन सत्र स्थलों की राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। वैक्सीन के रख-रखाव के लिए राज्य के सभी शीत श्रृंखला संधारण केंद्रों की मॉनिटरिंग की जा रही है।”

    पांडेय ने बताया कि, “वैक्सीन के रख-रखाव के लिए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में कोल्ड-चेन हैंडलर को प्रशिक्षित किया गया है और जिला स्तर पर भी वैक्सीन व कोल्ड चेन प्रबंधकों की तैनाती की गई है। वैक्सीनेशन के बाद किसी प्रकार के दिक्कत आने पर सभी सत्र स्थलों पर नोडल पदाधिकारी को चिह्न्ति किया जा चुका है।”

    कोविड 19 वैक्सीन के रख-रखाव के लिए मुख्यालय से जिला स्तर पर सबसे ज्यादा आवश्यकता आइस लांइड रेफ्रिजरेटर की होती है, जिसमें दो से आठ डिग्री तापमान पर रखा जाएगा।

    उन्होंने बताया कि, “टीकाकरण के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसके द्वारा 100 लोगों को टीका दिया जायेगा। जो लोग पहले से कोविड पोर्टल पर निबंधित हंै, उन्हीं 4 लाख 42 हजार 195 लाभार्थियों को टीका दिया जाएगा। अभी राज्य स्तर पर एक टीकौषधि भंडार, क्षेत्रीय स्तर पर 10, जिला स्तर पर 38 और प्रखंड स्तर पर 630 टीकौषधि भंडार की व्यवस्था की गई है।”

  • अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की पुलिस मुख्यालय पहुंच नीतीश ने की समीक्षा

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    पटना। विपक्षी दलों द्वारा राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठाए जाने के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गंभीर नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को एकबार फिर पुलिस मुख्यालय पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि, “हमने पहले ही कहा था कि अब यहां आते रहेंगे।”

    उन्होंने कहा कि बुधवार को मुख्य रूप से दो मुख्य मुद्दों अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) और बिहार सैन्य बल (बीएमपी) पर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि इनमें अगर संसाधन की कमी है या इनको सशक्त बनाने के लिए जो भी जरूरी है, उसका प्रस्ताव भेजने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने एकबार फिर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा उसे किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच समय पर पूरी हो, यह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीआईडी में कर्मियों और अधिकारियों की कमी को दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सीआईडी में दाखिल होनेवाले मामलों की जांच भी तय समय में पूरी होनी चाहिए।

    नीतीश कुमार ने कहा कि क्राइम क्यों और कहां हो रहा है, हर चीजों को बारीकी से देखने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि विपक्ष बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है।

  • एक और विस्फोटक पोस्ट पूर्व सीएम हरीश रावत का…उत्तराखंड कांग्रेस में सामूहिकता को लेकर उठाया सवाल

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    नैनीताल : उत्तराखंड कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इस संदर्भ को लेकर एक और पोस्ट कर पार्टी के अंदरूनी कलह को बढ़ा दिया है। हरदा के इस पोस्ट के बाद नेतृत्व को लेकर पार्टी के अंदर चल रहा अंतरकलह अब अौर गहराने की संभावना है। हरदा ने साफ सवाल उठाया है कि अचानक से सामूहिकता की याद कैसे आ रही है। संठनात्मक ढांचें में बदलाव के लिए जब सामूहिता का पालन नहीं हुआ, पार्टी के अधिकारिक पोस्टरों से मेरा चेहरा और नाम हटाया गया, यहां तक कि पार्टी के कार्यक्रमों में मुझे मंचों पर स्थान देने को लेकर संशय बना रहा तब तो सामूहिकता की याद नहीं आई। फिर अब यह स्थिति क्यों बनी है? हरदा के इस पोस्ट के बाद अब पार्टी का अंदरूनी कलह बढ़ना तय है। हरदा के इस पोस्ट के के बाद कमेंट को पोस्ट करने वालों की बाढ़ आ गई है। नीचे शब्दश: उनका आज का पोस्ट दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित होने को लेकर संकोच कैसा? यदि मेरे सम्मान में यह संकोच है तो मैंने स्वयं अपनी तरफ से यह विनती कर ली है कि जिसे भी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया जायेगा मैं, उसके पीछे खड़ा रहूंगा। रणनीति के दृष्टिकोण से भी आवश्यक है कि हम भाजपा द्वारा राज्यों में जीत के लिये अपनाये जा रहे फार्मूले का कोई स्थानीय तोड़ निकालें। स्थानीय तोड़ यही हो सकता है कि भाजपा का चेहरा बनाम कांग्रेस का चेहरा, चुनाव में लोगों के सामने रखा जाय ताकि लोग स्थानीय सवालों के तुलनात्मक आधार पर निर्णय करें। मेरा मानना है कि ऐसा करने से चुनाव में हम अच्छा कर पाएंगे, फिर सामूहिकता की अचानक याद क्यों? जो व्यक्ति किसी भी निर्णय में, इतना बड़ा संगठनात्मक ढांचा है पार्टी का, उस ढांचे में कुछ लोगों की संस्तुति करने के लिए भी मुझे AICC का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, उस समय सामूहिकता का पालन नहीं हुआ है और मैंने उस पर कभी आवाज नहीं उठाई है, पार्टी के अधिकारिक पोस्टरों में मेरा नाम और चेहरा स्थान नहीं पा पाया, मैंने उस पर भी कभी कोई सवाल खड़ा नहीं किया! यहां तक की मुझे कभी-कभी मंचों पर स्थान मिलने को लेकर संदेह रहता है तो मैं, अपने साथ अपना मोड़ा लेकर के चलता हूं ताकि पार्टी के सामने कोई असमंजस न आये तो आज भी मैंने केवल असमंजस को हटाया है, तो ये दनादन क्यों?

     

  • ईश्वरीय निमंत्रण है कुंभ मेला- महंत जसविंदर सिंह

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    भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा पर्व कुंभ नजदीक है। इसे दिव्य और भव्य बनाने को अखाड़े अपनी तैयारियों में जुटे हैं। 11 मार्च महाशिवरात्रि पर पहला शाही स्नान होगा। शास्त्रों की मान्यता है कि कुंभ स्नान से पापों का क्षय होता है। व्यक्ति को सहस्त्र गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कुंभ मेला ईश्वरीय निमंत्रण है, जिसे स्वीकार कर करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार आगमन करते हैं और अपने जीवन को सफल बनाते हैं।

    पतित पावनी मां गंगा में स्नान कर स्वयं को पुण्य का भागी बनाएं। प्रत्येक कुंभ मेले की तरह आसन्न कुंभ मेला भी संत महापुरुषों के आशीर्वाद से सकुशल संपन्न होगा। क्षीर सागर में शेषनाग की रस्सी से किए गए समुद्र मंथन से निकले अमृत को हुए देवताओं और असुरों में हुए संग्राम के दौरान धरती लोक पर जहां भी अमृत की बूंदें गिरी वहां पर देवताओं के आदेश से कुंभ का आयोजन आरंभ हुआ। इस कारण ही कुंभ धरती लोक के साथ साथ देव लोक में भी आस्था का महापर्व है। अमृत की बूंदें हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में गिरी थी। इसलिए इन चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है।

    मनुष्य को यदि परमात्मा की प्राप्ति करनी है और अपने जीवन को भवसागर से पार लगाना है तो कुंभ मेले के दौरान पतित पावनी मां गंगा में स्नान कर स्वयं को पुण्य का भागी बनाएं। कोविड के साए बीच भले कुंभ हो रहा है लेकिन यह अपने परंपरागत स्वरूप में ही होगा।

     

  • इंडिगो प्रबंधक रुपेश कुमार की पटना में गोली मारकर हत्या, एसआईटी गठित

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    पटना। बिहार की राजधानी पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में पटना हवाई अड्डे पर इंडिगो एयरलाइंस कंपनी के स्टेशन प्रबंधक रुपेश कुमार सिंह (40 वर्ष) की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुिलस ने हत्यारे को पकड़ने के लिए जांच टीम गठित कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सिंह मंगलवार की रात अपने पुनाईचक स्थित कुसुमविला अपार्टमेंट में प्रवेश कर ही रहे थे कि अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोली चला दी। आनन फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पतालों में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक घटना के वक्त अपार्टमेंट का सीसीटीवी बंद था। रुपेश को छह गोली लगी है। इधर, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने बताया कि अब तक हत्या के कारणों का पता नही चल सका है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है।

    इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रुपेश कुमार सिंह का शव सारण जिले में उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है। पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संजय सिंह ने भी बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल में तेज तर्रार थाना प्रभारियों को रखा गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी को खंगाल रही है।

  • नाइक वेंटिलेटर से हटाए गए, हालत स्थित: गोवा सीएम

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    पणजी। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें अब वेंटिलेटर से हटा लिया गया है। उन्हें तेज प्रवाह के साथ ऑक्सीजन दी जा रही है। यह जानकारी गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को दी। सावंत ने यह भी कहा कि उत्तरी गोवा के सांसद के स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं और उन्हें आगे के इलाज के लिए राष्ट्रीय राजधानी में स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं है।

    गोवा मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार को उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “उन्हें वेंटिलेटर से स्थानांतरित कर दिया गया है और उन्हें अभी तेज प्रवाह के साथ ऑक्सीजन दी जा रही है।”

    इससे पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की 3 सदस्यीय टीम ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नाइक की जांच की थी। मुख्यमंत्री ने बताया, “आज सुबह एम्स के 3 डॉक्टरों ने श्रीपाद भाऊ की जांच की। उनके सभी पैरामीटर स्थिर हैं। वे बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। लेकिन बड़े ट्रॉमा को देखते हुए उनकी लगातार निगरानी करनी होगी।”

    यह पूछे जाने पर कि क्या आगे के इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा, इस पर सावंत ने कहा, “एम्स की टीम ने कहा है कि उन्हें इलाज के लिए स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं है।”

    बता दें कि सोमवार की रात कर्नाटक के येल्लापुर में एक कार एक्सीडेंट नाइक की पत्नी विजया और उनके निजी सचिव दीपक घुमे की मौत हो गई थी। कार के ड्राइवर और केंद्रीय मंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी गोवा के अस्पताल में भर्ती हैं।

  • अब ममता ने पद छीना सुवेंदु के सांसद पिता शिशिर अधिकारी से, हटाया DSDA के चेयरमैन पद से

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    कोलकाता। सुवेंदु के भाजपा में शामिल होने के बाद अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का शायद अधिकारी परिवार पर भरोसा नहीं रहा। यही वजह है कि पहले सौमेंदु को प्रशासक के पद से हटाया और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और सुवेंदु के पिता शिशिर अधिकारी को दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण (डीएसडीए) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। एक आधिकारिक अधिसूचना में यह जानकारी सामने आई है। अधिकारी के स्थान पर विधायक अखिल गिरि जो पहले इस प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे उन्हें चेयरमैन बना दिया गया है। गिरि तृणमूल कांग्रेस में अधिकारी के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। गिरि ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने डीएसडीए के अध्यक्ष के रूप में कुछ नहीं किया, इसलिए उन्हें हटा दिया गया।

    तृणमूल ने शिशिर अधिकारी को बताया अक्षम

    शिशिर अधिकारी इस वक्त पूर्व मेदिनीपुर जिले के तृणमूल अध्यक्ष भी हैं। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अधिकारी एजेंसी के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कहा,’शिशिर दा एक अनुभवी नेता हैं। शायद वह अस्वस्थ हैं। लेकिन हमें उस समय पीड़ा हुई जब उन्होंने अपने बेटों सुवेंदु और सौमेंदु के खिलाफ कोई शब्द नहीं बोला, जो भाजपा में जाने के बाद लगातार तृणमूल पर हमला कर रहे हैं।’ उधर राज्य नगर विकास विभाग ने कांथी नगर पालिका के प्रशासक बोर्ड को भंग कर दिया है।

    तमलुक नपा के प्रशासक भी बदला

    दूसरी ओर कांथी के बाद तमलुक नगर पालिका के प्रशासक पद से अधिकारी परिवार के करीबी माने जाने वाले रवींद्रनाथ सेन को भी हटा दिया गया है। सोमवार को राज्य के शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की। यह कहा गया है कि दीपेंद्र नारायण रॉय अब से तमलुक नपा के प्रशासक होंगे। पूर्व पार्षद सह-समन्वयक चंदन प्रधान, सुब्रत रॉय, शक्तिपद भट्टाचार्य, पृथ्वी नंदी, स्निग्धा मिश्रा और चित्त माइति शासी निकाय के सदस्य होंगे। वार्ड 11 के समन्वयक बिस्वजीत दत्त कुछ दिनों पहले भाजपा में शामिल हो गए थे उनके स्थान पर वकील चित्त माइति को उनके स्थान पर शासी निकाय में शामिल किया गया है।

    तमलुक, कांथी और एगरा नगरपालिकाओं में निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल पिछले मई समाप्त हो चुका है। इसके बाद राज्य सरकार ने उक्त तीनों नगर पालिका में प्रशासक नियुक्त कर दिया था जो अधिकारी परिवार के करीबी थे। यहां बताना आवश्यक है कि शिशिर अधिकारी सांसद ही नहीं तृणमूल के संस्थापक सदस्यों में से एक माने जाते हैं और उनका एक और पुत्र दिव्येंदु अधिकारी भी तृणमूल से सांसद हैं।

     

  • 15 जनवरी को उत्तराखंड में कांग्रेस करेगी राजभवन का घेराव, मनाएगी किसान अधिकार दिवस

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    देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस 15 जनवरी को किसान अधिकार दिवस मनाएगी। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी राजभवन का घेराव करेंगे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशना भी साधा। प्रीतम सिंह ने कहा कि मोदी राज में देश की जनता त्रस्त है। इसलिए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ कांग्रेस लगातार लड़ाई लड़ रही है।

    राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रीतम सिंह ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ कांग्रेस लगातार लड़ाई लड़ रही है। इसी के तहत 15 जनवरी को दिन के 11 बजे कांग्रेस कार्यालय से राजभवन कूच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी राज में देश की जनता त्रस्त है। किसान, नौजवान, मजदूर, महिलाएं परेशान हैं। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से देश के संविधान के विरुद्ध निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे पूरे देश में दहशत का माहौल व्याप्त है।

    उन्होंने सभी जनपदों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक में पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, राजेंद्र शाह, याकूब सिद्दकी, पीके अग्रवाल, लक्ष्मी राणा, ताहिर अली, अजय सिंह, राजकुमार, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, प्रकाश जोशी, पुष्कर सारस्वत, रंजीत सिंह, सूर्य प्रताप राणा, प्रकाश नेगी, अरुण शर्मा, सुभाष धस्माना आदि उपस्थित रहे।