Category: state-news

  • 4 जिलों के 6 केंद्रों में कोविड-19 वैक्सीन ड्राई रन शुरू

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    तिरुवनंतपुरम। कोविड टीकाकरण प्रक्रिया के लिए केरल के तिरुवनंतपुरम, इडुक्की, पलक्कड़ और वायनाड जिलों में ड्राई रन शुरू हो गया है। 4 जिलों में कुल मिलाकर 6 केंद्र में ये ड्राई रन हो रहे हैं, इनमें से 3 केन्द्र तिरुवनंतपुरम में हैं और बाकी 3 जिलों में एक-एक केन्द्र हैं। तिरुवनंतपुरम में ये केंद्र पूजनडू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पेरोरकादा में जिला अस्पताल और निजी क्षेत्र से किम्स अस्पताल में बनाए गए हैं।

    इसके अलावा पलक्कड़ जिले के नेनमारा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में, वायनाड के कुरकुनमूल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वायनाड और इडुक्की जिले में वजाहथोप में भी ड्राई रन चल रहे हैं।

    प्रत्येक केंद्र पर 25 स्वास्थ्य कार्यकर्ता वास्तविक वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। टीकाकरण का डेटाबेस कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (कोविन) नाम के एक डिजिटल प्लेटफॉर्म में इकट्ठा किया जाएगा।

    राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने मीडिया को बताया कि “ड्राई रन एक तरह का मॉक रन है कि कैसे टीका लिया जाना है और डोज के पहले और बाद के सभी उपाय में प्रशासित किए जाने वाले सभी उपाय क्या हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में वितरण और कोल्ड स्टोरेज सिस्टम सही है। हम टीकों के वितरण के लिए केंद्र सरकार से एक-दो दिनों के भीतर सूचना आने की उम्मीद कर रहे हैं।

    उन्होंने आगे कहा, “जैसे ही इसकी घोषणा होती है और राज्य को वैक्सीन उपलब्ध कराए जाते हैं, हम काम शुरू कर देंगे क्योंकि राज्य टीकाकरण कराने के लिए तैयार है।”

    मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य को हाल ही में 20 बड़े आइस-लाइनेड रेफ्रिजरेटर, 1,800 वैक्सीन कैरियर्स, 100 कोल्ड बॉक्स और 12,000 आइस पैक मिले हैं। एक बार उपयोग में आने वाली 14 लाख सीरिंज भी अभी मिलनी हैं।

    ड्राई रन के दौरान तिरुवनंतपुरम के जिला कलेक्टर नवजोत खोसा, वट्टियोरकोवु के विधायक वी.के. प्रशोत और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों पेरारकादा के जिला अस्पताल में मौजूद थे।

  • प्रस्ताव लाए राज्य सरकार कृषि कानूनों के खिलाफ: स्टालिन

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    चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी से केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित करने के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह किया। पलानीस्वामी को लिखे पत्र में, तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि पंजाब विधानसभा के बाद, केरल विधानसभा ने भी गुरुवार को इसी तरह का प्रस्ताव पारित किया है।

    तीनों कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को देखते हुए स्टालिन ने इसे समय की आवश्यकता बताया।

    उन्होंने कहा कि तमिलनाडु किसानों का ऋण माफ करने और उन्हें मुफ्त बिजली देने वाला पहला राज्य है। इसलिए अब राज्य को किसानों द्वारा उनके कठिन समय में खड़ा होना चाहिए।

    पलानीस्वामी तीन कृषि कानूनों के मुखर समर्थक हैं और दावा किया है कि ये किसानों के लिए फायदेमंद हैं।

  • आत्महत्या की महिला ने, प्रेमी गिरफ्तार

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    गुरुग्राम। गुरुग्राम में एक 25 वर्षीय ब्यूटीशियन ने अपने प्रेमी द्वार शादी से इनकार किए जाने के बाद कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। महिला को 24 दिसंबर को मृत पाया गया था, जिसके बाद 31 दिसंबर को उसके परिजनों ने उसके प्रेमी पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया और मामला दर्ज करवाया।

    मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की पूनम (25) के रूप में हुई।

    पुलिस के मुताबिक, महिला पिछले एक साल से शहर के सैलून में काम कर रही थी। छह महीने पहले उसकी मुलाकात कुलदीप से हुई और दोनों दोस्त बन गए। लड़की के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके प्रेमी ने उसके साथ शादी करने से इनकार करके उसके साथ धोखा किया।

    परिवार के एक सदस्य ने पुलिस को बताया, “उस आदमी ने वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा। उसने हमें दीवाली पर सूचित किया था कि कुलदीप अब उससे शादी करने से इंकार कर रहा है। वह तब से बहुत परेशान थी। तब से कुलदीप ने भी उसके फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया था। कुलदीप ने उसे ऐसा कदम उठाने के लिए उकसाया है। ”

    सेक्टर 29 पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर अमन कुमार ने बताया, “जिस व्यक्ति के साथ वह रिश्ते में थी, उसने उसके साथ शादी करने से इंकार कर दिया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला ने ऐसा कदम उसके संबंध में खटास के कारण उठाया।”

  • छत्तीसगढ़ : एम्स में मरीज कर रहे आत्महत्या, 5 महीने में 3 मौत

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    रायपुर, एम्स में शुक्रवार-शनिवार की रात सर्जरी विभाग में भर्ती कैंसर के एक मरीज ने दूसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। पांच महीने में एम्स में तीन मरीज बिल्डिंग से कूदकर जान दे चुके हैं। इसमें से पहले दो कोरोना मरीज थे। एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव जिले के ग्राम किरगी निवासी भोजकुमार (23) को पेट दर्द से परेशान होने की वजह से नौ दिसंबर, 2020 को सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उसे कैंसर का रोगी पाया गया। 28 दिसंबर, 2020 को इसका ऑपरेशन किया गया।

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    बताया गया कि पांच महीने में एम्स में तीन मरीज बिल्डिंग से कूदकर जान दे चुके हैं। इसमें से पहले दो कोरोना मरीज थे। शुक्रवार रात को सर्जरी विभाग में भर्ती कैंसर के एक मरीज ने दूसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी।

    प्रबंधन ने बताया कि मरीज को बीमारी की वजह से तनाव में देखते हुए मनोचिकित्सकों ने उसकी जांचकर दवाएं भी शुरू की थीं। दो जनवरी की रात करीब 1:30 बजे उसने वार्ड ए-ब्लाक की दूसरी मंजिल के वार्ड नंबर-2 से स्टूल की मदद से छलांग लगा दी। रात में ही मरीज के वार्ड में न होने पर उसकी खोजबीन शुरू की गई। उसी दौरान नीचे के गार्ड ने बताया कि किसी की लाश पड़ी हुई है। मरीज को तुरंत एम्स के ट्रामा एंड इमरजेंसी में ले जाया गया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम कर स्वजनों को सौंप दिया गया है।

  • कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती गहलोत और पायलट कैंप के बीच सामंजस्य बिठाना

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    नई दिल्ली। कांग्रेस ने गोविंद सिंह डोटासरा को प्रदेश पार्टी प्रमुख नियुक्त किया था लेकिन अभी तक कमेटी की घोषणा नहीं की गई है। दोतासरा ने सचिन पायलट का स्थान लिया था, जिन्होंने पिछले साल गहलोत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था।

    सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन सभी हितधारकों से मिल रहे हैं ताकि दोनों खेमों में से कोई भी अलग-थलग महसूस ना करे।

    राजस्थान में, सचिन पायलट द्वारा विद्रोह का बैनर उठाए जाने के बाद पार्टी ने पिछले साल एक बड़ा आंतरिक संकट देखा। हालांकि, एक समझौते के बाद पायलट वापस आ गए। लेकिन, राज्य में कांग्रेस की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है।

    सूत्रों ने कहा कि सचिन पायलट चाहते हैं कि उनके वफादारों को पार्टी के विभिन्न पदों के साथ-साथ कैबिनेट में भी जगह दी जाय, खासकर रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह को। ये दोनों गहलोत के खिलाफ विद्रोह करने वाले 18 विधायकों में शामिल थे। दोनों को राज्य मंत्री के पद से हटा दिया गया था।

    लेकिन जब पायलट की पार्टी में वापसी हुई, फिर भी कांग्रेस अपना घर बचाने में जुटी हुई है।

    राज्य के नेताओं के बीच मतभेद के कारण पार्टी ग्रामीण चुनाव हार गई, हालांकि, शहरी स्थानीय चुनावों में इसका प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा।

    19 दिसंबर को कांग्रेस की अंतरिम प्रमुख सोनिया गांधी द्वारा बुलायी गयी बैठक में भाग लेने आए गहलोत ने पार्टी नेताओं से मुलाकात की, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा अभी तक सुलझा नहीं है।

    ग्रामीण चुनाव में हार के लिए गहलोत ने कोविड-19 को जिम्मेदार ठहराया था। जिला परिषद और पंचायत चुनावों में, परिणाम हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं थे और पिछले नौ महीनों से हमारी सरकार कोविड प्रबंधन में जुटी हुई थी और हमारी प्राथमिकता लोगों के जीवन और आजीविका को बचाए रखने की थी।

    शहरी निकाय चुनावों में वापसी करने के बाद गहलोत के चेहरे पर खुशी लौटी, हालांकि, कांग्रेस आलाकमान किसी भी गुट नजदीकी दिखाना नहीं चाहती है।

  • काले हनुमानजी के राज्यपाल ने किए दर्शन

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    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंगलवार को चांदी की टकसाल स्थित काले हनुमान जी के मंदिर में पहुंच कर परिवार सहित दर्शन किए।

    राज्यपाल मिश्र ने मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद आरती की। उन्होंने हनुमानजी से देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हुए कोरोना महामारी से पूरी तरह से देश को मुक्त करने की भी प्रार्थना की। उन्होंने सभी के स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सुबीर कुमार एवं प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्दराम जायसवाल भी मौजूद थे।

  • मीट, मछली, पोल्ट्री उत्पाद बेचने पर रोक देहरा, ज्वाली, फतेहपुर, इंदौरा में मीट, मछली, पोल्ट्री उत्पाद बेचने पर रोक देहरा, ज्वाली, फतेहपुर, इंदौरा में

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    धर्मशाला । बर्ड फ्लू की आशंका के चलते कांगड़ा जिला के देहरा, ज्वाली, इंदौरा फतेहपुर में मीट, मछली तथा पोल्ट्री उत्पाद बेचने पर पूर्णतय प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही पौंग बांध के एक किलोमीटर की परिधि को अलर्ट जोन घोषित किया गया है जबकि नौ किलोमीटर क्षेत्र को निगरानी जोन में रखा गया है। यह जानकारी उपायुक्त राकेश प्रजापति ने डीसी कार्यालय में वन्य प्राणी विभाग तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक आवश्यक बैठक में दी।
    उन्होंने कहा कि पौंग डैम एवं उससे सटे क्षेत्र में पशुओें को छोड़ने तथा खेतीबाड़ी इत्यादि गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने पर पचास हजार का जुर्माना अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि ज्वाली, देहरा, इंदौरा, फतेहपुर उपमंडलों के निजी पोल्ट्री संचालक तथा मीट विक्रेता भी पशुओं तथा पक्षियों इत्यादि को बाहरी क्षेत्रों में भी नहीं बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पोल्ट्री फार्म में कोई भी मुर्गे इत्यादि में भी बीमारी कि किसी तरह के लक्षण पाए जाएं तो निशुल्क नंबर 1077 पर डायल करने सूचना दें।

    उन्होंने कहा कि पौंग बांध में पक्षियों की निरंतर मौत के कारण ही क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि गत एक सप्ताह में 1700 के करीब माइग्रेटरी बर्ल्ड्स की मौत हो चुकी है तथा प्रारंभिक तौर पर पालमपुर में इन पक्षियों के सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे जिसमें फ्लू की तरह के लक्षण पाए गए हैं तथा अब सेंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं जिसकी रिपोर्ट शीघ्र आएगी। उपायुक्त ने कहा कि देहरा, ज्वाली, इंदौरा, फतेहपुर में पोल्ट्री उत्पादों के सेंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं जाएं तथा प्रशासन के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि वन्य प्राणी विभाग को रेपिड रिसपोंस टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं इसके साथ ही वन विभाग को स्थिति की निरंतर निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

  • उद्धव सरकार गिर सकती है औरंगाबाद का नाम बदलने पर : आठवले

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    मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार की ओर से औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की तैयारी पर मचे घमासान के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि औरंगाबाद का नाम बदलने पर महाराष्ट्र की शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा गठबंधन की सरकार गिर सकती है। महाराष्ट्र के शहर औरंगाबाद का नाम बादल कर संभाजीनगर करने की शिवसेना की कोशिशों का कांग्रेस ने भी विरोध किया है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने कहा कि राज्य में जल्द ही भाजपा के साथ उनकी पार्टी की सरकार बनेगी।

    आठवले ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे सरकार को औरंगाबाद का नाम बदलने के विवाद में न पड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलने की कोशिशों का उनकी पार्टी विरोध करती है।

    आठवले ने उम्मीद जताई कि राज्य में जल्द ही भाजपा-आरपीआई की सरकार बनेगी। उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2022 में होने वाले बीएमसी चुनाव में भाजपा और आरपीआई गठबंधन की जीत होगी। मेयर भाजपा से बनेगा।

  • अभय चौटाला ने कहा- किसान कहें तो विधायक पद से इस्तीफा देने को तैयार

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    गुरुग्राम। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के महासचिव अभय सिंह चौटाला एलेनाबाद से विधायक हैं। उन्होंने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों के विरोध के समर्थन में अगर किसान संगठन ऐसा मांगते हैं तो वह हरियाणा विधान सभा से इस्तीफा देने से नहीं हिचकेंगे। चौटाला ने यहां राजीव चौक के पास एक मैदान में विरोध पर बैठे किसानों से मुलाकात की और उनके साथ एकजुटता का इजहार किया।

    प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इनेलो हरियाणा के साथ-साथ पूरे देश में किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करेगी।

    भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़कर किसानों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए।

    एलेनाबाद विधायक ने कहा कि वह सात जनवरी को ट्रैक्टर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सिंघु सीमा पर जाएंगे और किसानों की मांगों के समर्थन में धरने पर बैठेंगे।

    चौटाला ने जिला गुरुग्राम के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट किसान मोर्चा-गुरुग्राम को समर्थन देने के लिए हर दिन विरोध स्थल पर आने के निर्देश दिए।

    चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों के किसी भी मोर्चे में शामिल होने के लिए तैयार है और कृषि कानूनों को वापस लेने तक पूरा समर्थन देगी।

  • पहले नहीं लगवाएंगे शिवराज कोरोना वैक्सीन

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    भोपाल। कोरोना वैक्सीन को देश में मंजूरी मिल गई है और मध्यप्रदेश में इस वैक्सीन को लगाने की तैयारियां भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पहले वे वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। वैक्सीन का लाभ प्राथमिकता वाले समूहों को सबसे पहले मिलेगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कलेक्टर्स और कमिश्नर से कॉफ्रेंस में कहा कि सभी जिले नागरिकों को कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारियां करें। सबसे पहले प्राथमिकता वाले समूह टीके लगवाएंगे।

    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उन्होंने तय किया है कि वे पहले टीका नहीं लगवाएंगे। प्राथमिकता समूह को पहले इसका लाभ मिलना चाहिए।

    चौहान ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले के प्रशिक्षण के बाद आगे की प्रक्रिया को गति प्रदान करना है। टीकाकरण की व्यवस्था को लागू करने के लिए जिला स्तर के अमले को सक्रिय होना है।