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  • कांग्रेस के 2 विधायक, बीपीएफ के 1 नेता असम में भाजपा में शामिल

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    गुवाहाटी । असम में कांग्रेस के दो विधायक और बोडो संगठन के एक वरिष्ठ नेता विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले, मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। असम के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री और गोलाघाट की कांग्रेस विधायक अजंता निओग, कांग्रेस के लखीपुर विधायक राजदीप गोवाला और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के नेता बोलेंद्र मुशाहेरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रणजीत कुमार दास और मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में सत्ताधारी दल में शामिल हो गए।

    मुशाहेरी बीपीएफ के पूर्व विधायक हैं, जोकि 2016 से भाजपा के सहयोगी है। वहीं गोवाला विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष रहे हैं।

    दो विधायकों के पार्टी छोड़ने और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और पूर्व स्पीकर प्रणब गोगोई के निधन के साथ ही कांग्रेस की विधानसभा में विधायकों की संख्या घटकर 20 रह गई है।

    शनिवार और रविवार को गुवाहाटी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान निओग और गोवाला ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने निओग को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दल से निष्कासित कर दिया था।

    राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं का बाहर होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है।

    भाजपा में शामिल होने के बाद, निओग ने कहा, “कांग्रेस एक ‘नेताहीन और दिशाहीन’ संगठन है जो एक प्राइवेट लिमिटेड पार्टी की तरह काम करती है।”

    उन्होंने असम में मुस्लिम बहुल पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ कांग्रेस के जुड़ाव की भी निंदा की।

    नए भाजपा सदस्यों का स्वागत करते हुए, सरमा ने कहा, “असम के दो प्रसिद्ध और कुशल राजनेता भाजपा में शामिल हुए हैं और हम उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वे पार्टी के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे।”

    सरमा भाजपा के नेतृत्व वाले कांग्रेस-विरोधी गठबंधन, नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक हैं।

  • मोहन भागवत ने कहा- कोरोना महामारी का भारत ने मजबूती से किया सामना

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    तिरुवनंतपुरम । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत ने मजबूती से कोरोनावायरस महामारी का सामना किया है, इसलिए हम इस महामारी से उबर पाने में सक्षम हुए हैं। आरएसएस प्रमुख ने कोझिकोड में ‘केसरी भवन’ का उद्घाटन करते हुए कहा, “अगर विश्वास और आस्था है, तो किसी भी संकट से लड़ा जा सकता है और आरएसएस ने कई अवसरों पर यह साबित किया है।”
    उन्होंने कहा कि लोगों को जहां तक हो सकेसमाज का समर्थन करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज कोरोना चुनौती का सामना करने के लिए उठ खड़ा हुआ और इस पर काबू पाया।

    भागवत ने कहा कि मलयालम में आरएसएस के मुखपत्र केसरी ने जो स्तर हासिल किया, वह संगठन से जुड़े कई लोगों के बलिदान और कड़ी मेहनत का नतीजा है।

    केसरी भवन, आरएसएस के मलयालम मुखपत्र ‘केसरी’ के मुख्यालय के रूप में कार्य करेगा।

    भागवत बुधवार को यहां राजभवन में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात करेंगे और आरएसएस के राज्य पदाधिकारियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। वह 31 दिसंबर को नागपुर के लिए रवाना होंगे।

  • संरक्षित की जानी चाहिए लिव-इन जोड़ों की स्वतंत्रता : हाइकोर्ट

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    चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट न्यायालय ने कहा है कि लिव-इन जोड़ों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए, भले ही उनमें से किसी एक की उम्र विवाह योग्य न हुई हो। न्यायमूर्ति अलका सरीन की सिंगल-जज बेंच ने कहा कि जोड़े के एक साथ रहने के अधिकार को तब तक अस्वीकार नहीं किया जा सकता, जब तक कि वे कानून की सीमाओं के भीतर हैं।

    उन्होंने कहा, “समाज यह निर्धारित नहीं कर सकता है कि किसी व्यक्ति को अपने जीवन को कैसे जीना चाहिए।”

    न्यायमूर्ति ने कहा, “संविधान प्रत्येक व्यक्ति को जीवन के अधिकार की गारंटी देता है। किसी को अपने साथी को चुनने की स्वतंत्रता जीवन के अधिकार का एक महत्वपूर्ण पहलू है।”

    न्यायमूर्ति सरीन ने कहा कि मौजूदा मामले में, लड़की के माता-पिता यह तय नहीं कर सकते कि वह वयस्क होने के बाद से कैसे और किसके साथ जीवन बिताएगी। माता-पिता बच्चे को अपनी शर्तो पर जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

    उन्होंने पुलिस को जोड़े द्वारा पेश प्रोटेक्शन याचिका पर निर्णय लेने और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

    अदालत ने कहा कि न्यूनतम विवाह योग्य आयु की प्राप्ति जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए बाधा नहीं है।

    अदालत एक जोड़े की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि युवती के परिवार द्वारा रिश्ते को लेकर उन्हें परेशान किया जा रहा था और उन्हें धमकाया जा रहा था।

    दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं, लेकिन लिव-इन रिलेशनशिप में रहना पसंद किया, क्योंकि लड़के की उम्र अभी विवाह योग्य नहीं हुई थी।

    हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा रखा, जिसे हादिया मामले के रूप में जाना जाता है, यह रेखांकित करने के लिए कि प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के तहत जीवन के अधिकार की गारंटी दी गई है, एक साथी की पसंद का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

  • ममता बनर्जी का BJP पर वार, कहा- कुछ विधायकों को खरीद सकती है भाजपा, तृणमूल कांग्रेस को नहीं :

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    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस 2021 में विधानसभा चुनाव जीतेगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, “आप कुछ विधायकों को खरीद सकते हैं, लेकिन आप तृणमूल कांग्रेस को नहीं खरीद सकते हैं। जनता पर पार्टी छोड़ कर जाने वालों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि लोग हमारे साथ हैं।”

    ममता ने मेगा रोडशो आयोजित करने से पहले बोलपुर के जंबुनी मैदान में एक पार्टी की बैठक की।

    उसने कहा कि बाहरी लोग बंगाल में आ रहे हैं और रवींद्रनाथ टैगोर और नजरुल इस्लाम के जीवन दर्शन का अपमान कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा, “बंगाल की संस्कृति को नष्ट करने के लिए षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। मैं वास्तव में बुरा महसूस करती हूं, जब मैं विश्व भारती में सांप्रदायिक राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखती हूं।”

    उन्होंने कहा, “ये लोग बंगाली ऑइकन के बारे में नहीं जानते हैं, फिर भी उन पर टिप्पणी कर रहे हैं। भाजपा के अखिल भारतीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म शांति निकेतन में हुआ था। यह गुरुदेव का अपमान है, क्योंकि रवींद्रनाथ ने अपने जन्म के 60 साल बाद शांति निकेतन की स्थापना की थी।”

    तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग महात्मा गांधी और देश के अन्य प्रतीकों का सम्मान नहीं करते हैं, वे ‘सोनार बांग्ला’ की बात कर रहे हैं।

  • सुशील मोदी ने कहा- किसानों ने फिर दिया बिहार में विपक्ष को झटका, मार्च विफल

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    पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को वामपंथी दल समर्थित अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसानों के ‘राजभवन मार्च’ को विफल करार देते हुए कहा कि किसानों ने एक महीने में दूसरी बार विपक्ष को करारा झटका दिया। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के किसान राजग सरकार के काम से संतुष्ट हैं, इसलिए कृषि कानूनों के विरुद्ध भारत बंद और राजभवन मार्च जैसे हथकंडे विफल रहे। किसानों ने एक महीने में दूसरी बार विपक्ष को करारा झटका दिया।

    उन्होंने अपने अंदाज में कहा, “सोफा लगाकर ट्रैक्टर पर बैठने और मुरेठा बांध लेने से हर कोई किसान नहीं हो जाता।”

    उन्होंने कहा कि 15 साल तक राजद सरकार की पालकी ढोने वाले वामपंथी नेता किसानों को मुंह दिखाने लायक नहीं हैं। वे पिछली विधानसभा में तीन सीट पर सिमट गए थे।

    मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम से बिहार के गांवों तक किसानों की बर्बादी के गुनहगार वामपंथी दल आंदोलन के नाटक से किसानों के हमदर्द दिखना चाहते हैं।

    उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “यह कितना बड़ा छल है कि किसानों को सीमित बाजार और बंधे हुए दाम से आजादी देने वाले नए कृषि कानूनों के खिलाफ वे लोग पटना में मार्च निकाल रहे थे, जिनके लोग विश्वविद्यालयों में चीख-चीख कर आजादी देने के नारे लगाते हैं। वे बताएं कि वे अन्नदाता को बिचौलियों-आढ़तियों से आजादी क्यों नहीं दिलाना चाहते?”

  • Jharkhand: चाईबासा के शिक्षक की जुगत आई काम , बेकार बोतल फूंक रहे पौधों में जान

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    चाईबासा, जासं। पर्यावरण सुरक्षा के साथ पौधों को बचाने का नायाब तरीका एक शिक्षक ने ईजाद किया है। मंझारी प्रखंड के राजाबासा गांव में एक शिक्षक ने बेकार हो चुके हजारों पानी की बोतलों को काट कर उसे टपक विधि से पौधों में पानी देने का एक तरीका खोज निकाला है। इससे पौधे को हर समय जरूरत के हिसाब से पानी मिलता रहता है। इसका फायदा भी दिखाई देने लगा है। लगातार पानी मिलने से पौधे तेजी से बढ़ भी रहे हैं।

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    शिक्षक तरुण गोराई ने कहा कि लोग पीने के बाद पानी का बोतल फेंक देते हैं। जगह-जगह वह फेंका हुआ दिखाई देता है। प्लास्टिक का बोतल जल्दी गलता भी नहीं है। यह जमीन को बेकार कर देता है।

    इस संबंध में शिक्षक तरुण गोराई ने कहा कि लोग पानी पीने के बाद बोतल फेंक देते हैं। जगह-जगह बोतल फेंका हुआ दिखाई देता है। प्लास्टिक का बोतल जल्दी गलता भी नहीं है, साथ ही यह जमीन को बेकार भी बना देता है। इस पर हमने एक प्‍लान बनाया। इसमें बेकार प्लास्टिक की बोतलों को जमा किए। उन बोतलों के पेंदा को काटकर थोड़ा छोड़ दिया।

    इसके बाद उसे उलटा कर ढ़क्कन को थोड़ा खोल दिए। इससे पानी बहुत कम मात्रा में लगातार टपक कर गिरती है। एक बोतल में पानी सुबह में डालने पर वह दिन भर एक-एक बूंद के हिसाब से गिरता रहता है। किसी पौधे के सामने एक लकड़ी गाड़ कर उसमें बोतल को बांध देते हैं। बोतल से पानी लगातार उस पौधा को दिन भर मिलता रहता है। साथ ही पानी की बर्बादी भी नहीं होती है।

    उन्होंने कहा कि पौधे में एक बार जितना भी पानी डालें, कुछ देर में सब सूख जाता है। जबकि एक बोतल पानी लगातार पौधों को पानी भी देता रहता है और पानी की बर्बादी भी नहीं होती है। एक प्रयोग के तहत 2000 सहजन का पौधा लगा कर उसमें टपक विधि से बोतल बांध दिए हैं। इसका फायदा भी दिख रहा है। पौधा लगातार बढ़ने लगा है।

    प्लास्टिक की बेकार बोतलों से लिया जा रहा काम

    शिक्षक तरुण गोराई ने कहा कि प्लास्टिक की बेकार बोतलों को जमा कर उनसे काम लिया जा रहा है। इससे पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी और एग्रिकल्चर प्रेमियों को फायदा भी मिलेगा। बेकार बोतलें हर जगह उपलब्ध हैं। बस उसे जमा करने में कुछ मेहनत लगता है। उस बेकार बोतलों से बड़ा काम लिया जा सकता है। इसलिए इसका शुरुआत किए हैं। चाईबासा-भरभरिया मुख्य सड़क के किनारे इतने सारे बोतलों को उलटा लटका देख कर कई लोग कौतूहलवश रुक जाते हैं। यह एक छोटा सा प्रयास है। दूसरे लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। खास कर गर्मी के दिनों में पौधों को पानी देने का यह अच्छा तरीका है।

  • माफियाराज : सख्त हुए सीएम शिवराज के तेवर, अब तंग होने लगी मध्य प्रदेश की जमीन

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    भोपाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह बयान इन दिनों खूब चर्चा में है। आमतौर पर प्यार-दुलार, मान-मनुहार के लिए पहचाने जाने वाले मामा के तेवर आखिर इतने सख्त क्यों हो गए? इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए मध्य प्रदेश का पुराना रिकार्ड देखना पड़ेगा। चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस..दोनों के ही शासनकाल में यहां तरह-तरह के माफियाओं ने पैर जमाया।

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    ग्वालियर-चंबल अंचल में भू-माफिया के साथ ही अवैध रेत पत्थर मिलावटी तेल और दूध माफिया सक्रिय हैं। उन पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। भिंड-मुरैना में मिलावटी दूध-घी का इतना बड़ा नेटवर्क है कि कार्रवाई एसटीएफ को सौंपना पड़ी है।

    दरअसल, शिवराज सिंह के सख्त होने की पृष्ठभूमि में बीते वर्षो में सामने आई गड़बड़ियां हैं। प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर सहित पूरा मालवा-निमाड़ लंबे समय से माफियाओं के कब्जे में रहा। धीरे-धीरे हर बड़े शहर में जमीन पर कब्जा और उन पर मकान तान देने के मामले सामने आने लगे। महाकौशल में रेत माफियाओं का बोलबाला रहा। गरीबों को वितरित किए जाने वाले राशन का अमानक स्तर, उज्जैन में जहरीली शराब से लोगों की मौत, ग्वालियर में हाल ही में प्लाज्मा कांड, दूध-मावा जैसी रोजमर्रा की खाद्य सामग्रियों में मिलावट से प्रदेश की काफी बदनामी हुई। चंबल-भिंड इलाका नकली घी और मिलावटी दूध के लिए कुख्यात हो गया है। रही सही कसर ड्रग माफियाओं ने पूरी कर दी। इसमें दो मत नहीं है कि यह सबकुछ राजनीतिक गलियारों तक पहुंच रखने वाले माफियाओं के जरिये ही हुआ। शुरू में तो यह सबको रास आया लेकिन धीरे-धीरे प्रदेश को लीलने लगा। विधानसभा चुनाव में इसकी आंच शिवराज सिंह चौहान को भी ङोलनी पड़ी थी। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इंदौर में भूमाफिया जीतू सोनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे प्रदेश में मुहिम छेड़ दी थी। अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में उन्होंने माफियाराज पर अंकुश का नारा देते हुए भाजपा सरकार को भी घेरने की कोशिश की। कांग्रेस की सरकार गिरते ही जैसे ही शिवराज सिंह ने सत्ता संभाली, तो उन पर सबकी नजर थी कि वे माफियाओं के खिलाफ जंग जारी रखेंगे या नहीं? अच्छी बात यह है कि उन्होंने कार्रवाई और तेज कर दी। इस बयान से यह संकेत तो दे दिया कि अब माफियाओं के लिए मध्य प्रदेश की जमीन तंग होती जा रही है।

    भूमाफिया के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई नकली माल बनाने वालों तक जारी

    अंचल के बड़े शहरों जैसे इंदौर, उज्जैन और रतलाम में सबसे ज्यादा अपराध जमीन को लेकर होते हैं। कई बड़े भूमाफिया ने लोगों से पैसा लेकर प्लॉट नहीं दिए। सैकड़ों लोग अपने खून-पसीने की कमाई गंवा चुके हैं। हालांकि कई बड़े भू माफिया के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने शिकंजा भी कसा और इंदौर में बॉबी छाबड़ा, अरुण डागरिया, चंपू अजमेरा सहित कई भू माफिया को सलाखों के पीछे धकेला। गृह निर्माण संस्थाएं बनाकर लोगों को प्लाट-मकान देने के नाम पर भी यहां जमकर ठगी हुई। भू माफिया पर लगाम कसने के बावजूद पूरी रकम चुकाने और रजिस्ट्री करवाने के बाद भी कई लोगों को अब तक अपना प्लाट-मकान नसीब नहीं हुआ है। अंचल में मिलावट माफिया भी सक्रिय है। प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर में दूध, मसाले, में मिलावट करने का काम भी खूब होता है। इनके खिलाफ भी अभियान चलाते हुए 10 से ज्यादा मिलावट माफिया पर प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की है। हाल ही में घटिया चिप्स बनाने वाली एक फैक्ट्री ढहा दी गई।

     

    ड्रग माफिया: कई लाइसेंस निरस्त

    बीते चार-पांच वर्षो में इंदौर में पब संस्कृति बढ़ी और इससे जुड़े माफिया भी सक्रिय हो गए। हाल ही में इंदौर पुलिस ने बड़े ड्रग सप्लाई गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसकी महिला सरगना को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह जिम में युवाओं को दवाओं के बहाने ड्रग की लत लगाता और उन्हें अपने जाल में फंसा लेता था। इसी तरह पब और बार में भी यह गिरोह सक्रिय रहता था। प्रशासन ने इस गिरोह से जुड़े होने की वजह से शहर के आधा दर्जन से अधिक पब और बार के लाइसेंस निलंबित किए हैं। लगातार गिरफ्तारियां जारी हैं। उज्जैन संभाग के मंदसौर और नीमच में अफीम की खेती भी बड़ी मात्र में होती है। यहां से तस्करी की शिकायतें भी मिलती रहती हैं।

     

    48 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन मुक्त करवाई, अवैध रेत खनन पर भी लगाया शिकंजा

    अंचल में भू-माफिया व अवैध रेत खनन माफिया प्रशासन के निशाने पर हैं। जबलपुर में भू- माफिया के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई करके अवैध निर्माण हटाए हैं। प्रशासन का दावा है कि बीते दिनों 48 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की सरकारी जमीन माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई है। नरसिंहपुर, बालाघाट, पन्ना, रीवा, सतना, उमरिया, शहडोल, मंडला, और कटनी जिले में अवैध रेत खनन को लेकर कार्रवाई हुई। इनमें करीब पांच करोड़ 35 लाख रुपये की अवैध रेत पकड़ी गई। इसके अलावा दमोह के तेंदुखेड़ा में बड़ी संख्या में जंगल से करोड़ों रुपये की लकड़ी काटने के मामले की जांच चल रही है।

    मिलावटी दूध

    चंबल में भिंड और मुरैना क्षेत्र में नित नए तरीकों से मिलावटी दूध बनाने के लिए कुख्यात हो चुका है। हालांकि पिछले कुछ माह से यहां लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ से लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय हुई है। मिलावटी व नकली दूध बनाने वाले और मिलावटी दूध का केमिकल बेचने वाले दुकानदारों से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी। हालांकि ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी में कुछ भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है।

    तेल माफिया

    मुरैना में 35 से ज्यादा सरसों तेल फैक्टियां हैं, इनमें से अधिकांश में पाम आयल या राइस ब्रॉन आयल के टैंकर रात के अंधेरे में आते हैं और यही सस्ता पाम आयल-राइस ब्रान आयल इन फैक्टियों में सरसों के तेल में तब्दील हो जाता है। अधिकांश तेल कारोबारी किसी न किसी राजनीतिक संगठन के पदाधिकारी बन गए हैं, इसलिए इनके खिलाफ प्रशासन सख्त भी हो जाता है।

    रेत माफिया

    चंबल और सिंध नदी में हर जगह रेत माफिया सक्रिय है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया जहां भी नदियों का प्रवाह है घाटों को माफिया छलनी करने में लगा है। श्योपुर में रेत की एक भी वैध खदान नहीं है। लगातार होती कार्रवाई से इसकी पुष्टि होती है।

    पत्थर माफिया

    भिंड, शिवपुरी, श्योपुर जिलों में पत्थर माफिया का जोर रहता है। कई खदानें बिना अनुमति के चल रही हैं। ऐसे माफिया पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को विशेष अभियान चलाना पड़ता है। छोटी-मोटी पुलिस टीम तो अकसर माफिया के ही निशाने पर आ जाती है।

    नरोत्तम मिश्र, गृहमंत्री, मध्य प्रदेश

    शिवराज सरकार किसी को मिलावट और गुंडागर्दी नहीं करने देगी। माफिया के खिलाफ प्रदेश में अभियान लगातार जारी रहेगा। मिलावट कर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर नकेल के लिए सरकार दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक-2020 ला रही है। इसमें मिलावट करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास का प्रविधान करने जा रही है।

    शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

    आजकल अपन खतरनाक मूड में हैं, गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं, फारम (फॉर्म) में है मामा। मसल्स पावर (बाहुबल), रसूख का इस्तेमाल करके कहीं अवैध कब्जा कर लिया, कहीं भवन तान दिया, कहीं ड्रग माफिया.. सुन लो रे मध्य प्रदेश छोड़ देना, नहीं तो जमीन में दस फीट गाड़ दूंगा, कहीं भी पता नहीं चलेगा।

  • नहीं लगेगा चंडीगढ़ में नए साल की पूर्व संध्या पर कर्फ्यू

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    चंडीगढ़ । चंडीगढ़ में कोरोनावायरस मामलों में गिरावट देखने को मिली है, जिसके चलते प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि नए साल की पूर्व संध्या पर कर्फ्यू सहित कोई भी अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक वी.पी. सिंह बदनोर ने प्रधान सचिव, स्वास्थ्य, पुलिस महानिदेशक और उपायुक्त के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया।

    हालांकि, उन्होंने डीजीपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोरोनावायरस के मौजूदा हालत को देखते हुए होटल और रेस्तरां खोलने और बंद करने के प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए।

    हालांकि, एहतियाती उपाय के रूप में प्रशासक ने निवासियों से सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की, और नए साल की पूर्व संध्या पर 1 बजे तक अपने घरों को लौटने की अपील की।

    इस बीच, अब तक शहर में ब्रिटेन में पाए गए कोरोना के नए प्रकार के नहीं मिले हैं।

  • पैन इंडिया कैटेगरी में जेजेएस-2019 ने जीता टॉप बी-सिटी (बी2सी) शो अवार्ड

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    जयपुर। जयपुर ज्वैलरी शो (जेजेएस) 2019 को मंगलवार को वर्चुअली आयोजित 5वें एग्जीबिशन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह में पैन इंडिया कैटेगरी में टॉप बी-सिटी (बी2सी) शो का विजेता घोषित किया गया। इसके तहत वर्ष 2019 में नियोजित सभी एग्जीबिशन की कुल 38 श्रेणियां थीं। इस अवार्ड समारोह का आयोजन एग्जीबिशन शोकेस मैग्जीन द्वारा किया गया था।

    जेजेएस चेयरमैनविमल चंद सुराणा ने एग्जीबिशन शोकेस टीम और जूरी मैमबर्स को धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी एग्जीबिटर्स और विजिटर्स का भी शो की सफलता के लिए उनकी भागीदारी एवं योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

    उल्लेखनीय है कि जेजेएस को ‘दिसंबर शो’ के रूप में भी जाना जाता है। यह शो देश में सबसे अधिक प्रतिष्ठित जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोजिशन में से एक बन गया है। इस शो में एक ही छत के नीचे रफ स्टोन्स से लेकर तैयार आभूषण सब मिलते हैं। जेजेएस के गत कुछ संस्करणों में उपभोक्ता की पसंद अतिरिक्त नए रुझान प्रदर्शित करने में अपनी विशेष पहचान बनाई है। एक ‘कम्पलीट शो’ के रूप में जेजेएस में जेम एवं ज्वैलरी उद्योग के लेटेस्ट फैशन भी प्रदर्शित किये जाते हैं।

  • बिहार में बड़े पैमाने पर तबादला आईएएस, आईपीएस अधिकारियों का, चंचल कुमार को सामान्य प्रशासन का प्रभार

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    पटना। वर्ष के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर की रात बिहार प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया गया। 38 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का तबादला किया गया, जबकि कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। इसमें 12 जिले के जिलाधिकारी शामिल हैं।

    चंचल कुमार को सामान्य प्रशासन का प्रभार

    गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी से सामान्य प्रशासन और बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के मिशन निदेशक समेत कई अतिरिक्त प्रभार ले लिए गए हैं। उनके पास मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन के अलावा अब निगरानी विभाग का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह को निगरानी विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य सचिव के प्रभार में रहेंगे। उन्हें बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के मिशन निदेशक समेत कई जिम्मेदारियां दी गई हैं।