Category: state-news

  • मानेसर में नया नगर निगम बनाएगी हरियाणा सरकार

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    गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने बुधवार को गुरुग्राम जिले के मानेसर में एक नए नगर निगम (एमसी) का गठन करने का फैसला किया, जिसमें 29 निकटवर्ती गांव शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

    मानेसर नगर निगम में मानेसर (ग्रामीण एवं शहरी), कासन, खोह, नाहरपुर कासन, नवादा, फतेहपुर, ढाणा, बास कूसला, बास हरिया, कांकरोला, भांगरोला, ढोरका, वजीरपुर, बढ़ा, सिकंदरपुर रामपुर (गांव शिकोहपुर की राजस्व संपदा में स्थित), शिकोहपुर, नखड़ोला, बार-गुर्जर, नौरंगपुर, मेवका, हयातपुर, सहरावन, नैनवाल, कुकड़ोला, झुंड सराय (वीरान), झुंड सराय (आबाद), फाजलवास, गोपालपुर और गढ़ी-हरसरू गांवों को शामिल किया है।

    इन 29 गांवों को शामिल करने के बाद ही मानेसर नगर निगम तीन लाख की न्यूनतम आबादी के तय मानदंडों को पूरा करेगा। वर्तमान सीमाओं के अनुसार इस नए निगम का कुल क्षेत्रफल 124.32 वर्ग किलोमीटर होगा।

  • दून-मसूरी की स्कूटर से सैर करते थे अटल जी, पढ़िए पूरी खबर

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    देहरादून। सरल व्यक्तित्व और ओजस्वी कंठ वाले अविस्मरणीय अटल। उत्तराखंड को अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में लाने में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अटल जी ही थे, जिन्होंने उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया। वाजपेयी सरकार में ही उत्तराखंड देश का 27वां राज्य बना। इसके साथ ही उन्होंने राज्य को औद्योगिक पैकेज की सौगात भी दी थी। अटल जी का यूं तो संपूर्ण उत्तराखंड से गहरा नाता रहा, मगर उन्हें दून और मसूरी से खास लगाव था। पहाड़ों की रानी मसूरी उन्हें बहुत आकर्षित करती थी। उनका एक साधारण व्यक्ति की तरह यहां स्कूटर पर घूमना आज भी दूनवासियों के जेहन में ताजा है।

    अटल जी को जब भी अवसर मिलता था, वह मसूरी आते और यहां की शांत वादियों में आत्ममंथन करते। देहरादून में उनके पारिवारिक मित्र स्व. नरेंद्र स्वरूप मित्तल रहते थे। वाजपेयी जब भी दून आते, उनके पास खासा वक्त गुजारते। आज भी मित्तल परिवार के पास तस्वीरों के रूप में उनकी यादें मौजूद हैं। नरेंद्र स्वरूप मित्तल के पुत्र एïवं भाजपा नेता पुनीत मित्तल ने उनके साथ बिताए दिनों को स्मरण करते हुए बताया कि अटल जी जब भी देहरादून आते थे, उन्हीं के घर रुकते थे।

    खुद उठाते थे अपना ब्रीफकेस

    अटल जी में सरलता ऐसी थी कि वह अपने सामान का छोटा-सा ब्रीफकेस भी खुद उठाते थे। ट्रेन से आते-जाते थे। उनके ब्रीफकेस में एक धोती-कुर्ता, अंतर्वस्त्र, रुमाल और टूथब्रश होता था। जमीन से जुड़े हुए अटल जी दून की सड़कों पर नरेंद्र स्वरूप मित्तल के साथ 1975 मॉडल के स्कूटर पर सैर करते थे। कई दफा अटल जी नरेंद्र मित्तल के साथ स्कूटर पर ही मसूरी चले जाया करते थे। बाद में जब नरेंद्र स्वरूप मित्तल ने फिएट कार ले ली तो वह अटल जी को उसमें घुमाया करते थे।

    मैंगो शेक और मूंग दाल थी पसंद

    पुनीत मित्तल ने बताया कि अटल जी को मैंगो शेक और मूंग की दाल बेहद पसंद थी। वह हंसमुख स्वभाव के थे और नियमित रूप से सभी अखबार पढ़ते थे। अटल जी जब दून आते थे तो नरेंद्र स्वरूप उनके लिए 15-16 अखबार रोजाना मंगाया करते थे। दून के बाद वह मसूरी जाया करते थे और हफ्ते-दो हफ्ते यहां रहकर वापस दिल्ली लौट जाते थे।

    शादी में पहुंचे थे अटल जी

    पुनीत मित्तल की 12 फरवरी 1993 को शादी हुई तो उसमें भी अटल जी दून आए। पुनीत ने बताया कि उनके स्मरण में कम से कम 50 मर्तबा अटल जी उनके घर आए होंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद अटल जी जब परिवर्तन रैली में देहरादून आए थे तो उन्होंने पूरे मित्तल परिवार के साथ नाश्ता भी किया था।

    फरवरी 2007 में आखिरी यात्रा 

    अटल जी ने देहरादून का आखिरी दौरा 19 फरवरी 2007 को किया था। उस वक्त 21 फरवरी को उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव होने थे। वह 19 फरवरी को प्रचार के अंतिम दिन यहां पहुंचे थे। भाजपा नेता बलजीत सिंह सोनी ने बताया कि उस दिन एयरपोर्ट पर वह अटल जी को व्हील चेयर पर हवाई जहाज तक ले गए थे। इससे पूर्व अटल जी नौ सितंबर 2006 को दून में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे थे। सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित यह बैठक सात से नौ सितंबर तक चली थी। इसमें लालकृष्ण आडवाणी, एम. वेंकैया नायडू, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, नरेंद्र मोदी (तब गुजरात के मुख्यमंत्री) और राजनाथ सिंह जैसे भाजपा के तमाम बड़े नेता पहले दिन ही दून पहुंच गए थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की वजह से अटल जी अंतिम दिन इस बैठक का हिस्सा बने। उन्हें चलने में काफी दिक्कत हो रही थी। भाजपा नेता बलजीत सिंह सोनी ने बताया कि पार्टी के सभी नेता चाहते थे कि अटल जी परेड मैदान में उसी शाम होने वाली जनसभा को संबोधित करें, लेकिन अटल जी की स्थिति मंच पर चढ़ पाने की नहीं थी। लिहाजा, वह जनसभा में नहीं गए। होटल में कार्यकारिणी की बैठक में कुछ देर के लिए शामिल हुए और थोड़े आराम के बाद लौट गए।

     

  • उत्‍तराखंड में कौशल विकास योजना की रफ्तार थामी कोरोना ने

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    देहरादून। प्रदेश में इस वर्ष कौशल विकास योजना की रफ्तार कोरोना के कारण बेहद धीमी रही है। बीते वर्ष जहां 15 हजार से अधिक युवाओं को इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया था, इस वर्ष यह संख्या मात्र 4450 पर सिमट कर रह गई है।

    प्रदेश में बीते कुछ वर्षों से सरकार ने कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है। इसका मकसद युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना है। दरअसल, प्रदेश में तेजी से हो रहे पलायन के कारणों की जब पड़ताल की गई, तब यह बात सामने आई कि रोजगार के कारण युवा तेजी से गांव छोड़ रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस करना शुरू किया। इस समय प्रदेश में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड वर्क फोर्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।

    इन योजनाओं में 2022 तक राज्य के एक लाख युवाओं को उन ट्रेडों में पारंगत किया जाना है, जिनमें उनकी रुचि है। इसके लिए करीब 31 ट्रेड में 577 पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं, जहां विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से युवाओं के कौशल में वृद्धि की जा रही है। इस साल कोरोना ने इस योजना पर खासा असर डाला है, जिससे इसके वर्ष 2022 तक एक लाख युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लक्ष्य को झटका लगा है।

    प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पर नजर

    • जिला——प्रशिक्षण(2019)- प्रशिक्षण(2020)
    • अल्मोड़ा——1428—————-289
    • बागेश्वर——-117—————-188
    • चमोली——–84——————–99
    • चंपावत——–287—————-140
    • देहरादून——–3181————–371
    • हरिद्वार——-1879————–618
    • नैनीताल——-2865————-770
    • पौड़ी————875—————311
    • पिथौरागढ़—–367—————-81
    • टि.गढ़वाल—–838—————89
    • यूएस नगर—-3059————1409
    • उत्तरकाशी—-261—————-85
    • योग———–15241——–4450

  • आर्केस्‍ट्रा में डांसर बना दिया , लड़की को घरेलू काम के लिए ले गए दलाल, दिल्‍ली में बिकने से बचीं 2 युवतियां

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    रांची, तस्करी कर दिल्ली ले जाई जा रही है एक किशोरी और एक महिला को रांची रेलवे स्टेशन से आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते टीम ने तस्करों के चंगुल से मुक्त करा लिया है मुक्त कराई गई किशोरी लातेहार की और महिला उड़ीसा की रहने वाली है। किशोरी और महिला को दिल्ली ले जा रही मांडर के गुजारी गांव की महिला सुनीता उड़ान ने बताया कि तस्कर उसे प्रति किशोरी ₹7000 देते हैं। यह रकम उसे दिल्ली में तब दी जाती है जब वह किशोरी को तस्करों तक पहुंचा देती है। आरपीएफ ने किशोरी और महिला को आगे की कार्रवाई के लिए रांची कोतवाली के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।

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    दिल्ली ले जाई जा रही 2 युवतियों को रांची रेलवे स्टेशन से आरपीएफ ने तस्करों के चंगुल से मुक्त करा लिया। आमगाछी की रहने वाली लड़की को एक साल पहले घरेलू काम के लिए कहकर छपरा ले गए। वहां उसे आर्केस्ट्रा में डांस करने के लिए भर्ती कर दिया गया।

    आरपीएफ कंट्रोल रूम किशोरी के भाई ने फोन कर बताया कि उसकी बहन को एक महिला बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जा रही है। उसे राजधानी एक्सप्रेस से ले जाने की योजना है। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते टीम उपनिरीक्षक सुनीता तिर्की, महिला कांस्टेबल ललिता कुमारी और महिला नीतू महतो के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच गई। इसके अलावा एसटीएफ और आरपीएफ के अन्य जवान भी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। इस चेकिंग अभियान में एक महिला और किशोरी के साथ मांडर के गुरगुजारी गांव की महिला को पकड़ लिया गया। किशोरी ने बताया कि मांडर के गुरगुजारी गांव की महिला सुनीता उराईन दोनों को लेकर दिल्ली जा रही थी। उसे बताया गया था कि दिल्ली में वह काम दिला देगी।

    रांची जनशताब्दी स्पेशल ट्रेन से उतरी किशोरी को आरपीएफ ने किया चाइल्डलाइन के हवाले

    पटना रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन से उतरी 16 वर्षीय किशोरी को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया है। यह किशोरी रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर अकेली बैठी हुई थी। किशोरी पटना रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस से उतरी थी। पूछताछ पर किशोरी ने बताया कि वह साहिबगंज के आमगाछी की रहने वाली हैं। एक साल पहले वह घरेलू काम के लिए कहकर छपरा ले जाई गई थी। वहां उसे आर्केस्ट्रा में डांस करने के लिए भर्ती कर दिया गया और जबरन उससे डांस कराया जा रहा था। इसलिए वह किसी तरह बचकर भाग आई है।

  • गृहमंत्री अमित शाह ने असम में विभिन्न विकास परियोजनाओं की रखी आधारशिला

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    गुवाहाटी। गृह मंत्री अमित शाह ने असम में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा, पूर्वी भारत में कभी आंदोलन और हिंसा हुआ करती थी। अलग-अलग समूह हाथ में हथियार लिये दिखते थे, आज वो सारे मुख्यधारा के साथ जुड़े दिखते हैं। एक बहुत बड़े परिवर्तन की शुरुआत नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हुई है।

    मुझे आज बहुत आनंद है कि श्रीमंत शंकरदेव का जो जन्मस्थान था, वो घुसपैठियों ने कब्जाया हुआ था। उसे खाली करके आज शंकर देव की महान स्मृति को चीर काल तक स्थायी करने का काम हेमंत बिस्वा शर्मा और हमारे मुख्यमंत्री जी करने जा रहे हैं।

    मोदी जी ने पूर्वाेत्तर के विकास को केंद्र में रखकर 6 साल तक सरकार चलाई है, आगे भी हमारी सरकार पूर्वाेत्तर की सेवा करती रहेगी। 5 साल में कभी-कभी कोई प्रधानमंत्री पूर्वाेत्तर आ जाए तो आए जाए, मोदी जी ने 6 साल में 30 बार पूर्वाेत्तर का दौरा किया और हर बार तोहफा लेकर आए।

  • ओडिशा विफल केंद्र को किसानों की सूची सौंपने में : प्रधान

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    भुवनेश्वर। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि ओडिशा सरकार की ओर से पीएम-किसान योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र किसानों की सूची अभी तक केंद्र को सौंपी जानी बाकी है। प्रधान ने जगतसिंहपुर जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के बैंक खातों में सीधे सहायता भेज रहे हैं, मगर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार अभी तक पात्र किसानों की सूची नहीं भेज पाई है।

    बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत नौ करोड़ से अधिक किसान परिवारों को शुक्रवार को 18,000 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए।

    मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों को कालिया योजना के तहत सहायता भेजने में विफल रही है।

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ओडिशा को बड़ी धनराशि दे रही है, मगर इसे रोका जा रहा है।

    प्रधान ने कहा, “मोदी सरकार में किसानों के हाथ मजबूत हुए हैं। पिछले छह वर्षों में ओडिशा में किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं के माध्यम से कुल 60,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।”

    इस दौरान प्रधान ने नए कृषि कानूनों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।

    उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों को लेकर फैली आशंकाएं और संदेह पूरी तरह से निराधार हैं।

  • गुरुग्राम में कोरोना वैक्सीन 35 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को उपलब्ध होगी

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    गुरुग्राम। जिला स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वैक्सीन जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों के लगभग 35,000 स्वास्थ्यकर्मियों के लिए उपलब्ध होगी। इसके साथ सरकारी सुविधाओं के अलावा, जिले भर के निजी अस्पतालों में कोविड-19 वैक्सीन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

    गुरुग्राम के सिविल सर्जन वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को इम्यूनाइजेशन फॉलो इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) समिति की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि, बिंदू यादव, सभी निजी अस्पतालों के अधिकारी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

    कोविड-19 टीकाकरण प्रक्रिया का विस्तार करते हुए, डिप्टी सिविल सर्जन एम.पी. सिंह ने कहा कि कोविड -19 टीकाकरण अभियान जनवरी तक जिले में शुरू हो सकता है।

    सिंह ने कहा, “इसके लिए, हाल ही में मिनी सचिवालय में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें वैक्सीन देने की प्रक्रिया और उससे जुड़ी तैयारियों के बारे में बताया गया था। शुरूआत में यह टीका चरणबद्ध तरीके से कोरोना योद्धाओं को दिया जाएगा। यह टीका सबसे पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा।”

  • बजरंग दल : राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी बोले, राम मंदिर धन संग्रह अभियान में संघ परिवार के 50 लाख स्‍वयंसेवक जुटेंगे

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    रांची, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी ने कहा है कि राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह हेतु 15 जनवरी से 27 फरवरी तक पूरे देश में अभियान चलेगा। इस अभियान में देश भर से संघ परिवार के 50 लाख कार्यकर्ता जुटेंगे। इसके लिए लगभग 10 लाख टोलियां बनाई गई है। 44 दिनों में 5 लाख 23 हजार गांवों के 13 करोड़ परिवारों के 65 करोड़ लोगों से संपर्क किया जाएगा। वह रांची में शनिवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।

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    सोहन सोलंकी ने कहा कि जनवरी 2024 में अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। देश के 523000 गांवों के 13 करोड़ परिवारों के 65 करोड़ लोगों से 44 दिनों में संपर्क करके इतिहास रचा जाएगा।

    सोहन सोलंकी ने कहा कि देश-विदेश के करोड़ों हिंदुओं को अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर का इंतजार है। सभी लोग इसमें सहयोग करने के लिए तैयार हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तय किया है कि हम सरकार से इसमें कोई आर्थिक सहयोग नहीं लेंगे। ऐसे कई पूंजीपति हैं जिन्होंने कहा है कि हम मंदिर का बजट पूरा कर सकते हैं। संगठन ने निर्णय लिया कि हम गांव- गांव जाएंगे, जन-जन तक जाएंगे। हर हिंदू का सहयोग राम मंदिर निर्माण के लिए लेंगे।

    दूसरे धर्म के जो राम भक्त हैं, अगर वे सहयोग करना चाहते हैं तो उनकी भी मदद लेंगे। कहा कि विश्व के इतिहास का यह सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान होगा। वास्तव में इस अभियान के माध्यम से राम जन्‍म भूमि पर बनने वाले पवित्र राम मंदिर के बाद रामराज्य यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने संभावना जताई कि जनवरी 2024 में मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा और मंदिर के शिखर पर भव्य भगवा ध्वज फहराने लगेगा। उस वर्ष विश्व हिंदू परिषद के 60 वर्ष पूरे हो जाएंगे।

  • बिहार में सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाया, ‘कोई काम नहीं-वेतन नहीं’ सिद्धांत लागू

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    पटना। बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर अब सरकार सख्त हो गई है। सरकार अब पीजी छात्रों के कार्य बहिष्कार की अवधि में उनके स्टाइपेंड से ‘नो वर्क-नो पे’ के सिद्घांत के आधार पर कटौती करने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के करीब 1,000 जूनियर डॉक्टर तीन दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

    इधर, सरकार अब इस हड़ताल को लेकर सख्त हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कौशल किशोर ने शुक्रवार को सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के प्राचार्य और अधीक्षकों को आदेश जारी कर कहा है कि पीजी छात्रों के कार्य बहिष्कार की अवधि में उनके स्टाइपेंड से ‘नो वर्क-नो पे’ के सिद्घांत के आधार पर कटौती की जाए।

    आदेश में लिखा गया है कि यदि किसी पीजी छात्र द्वारा ओपीडी, ऑपरेशन, इमरजेंसी इत्यादि किसी भी अनिवार्य चिकित्सीय सेवा को बाधित किया जाता है, तो उनके विरूद्घ वांछित कानूनी कार्रवाई की जाए।

    जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से राज्य के सभी नौ सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज इलाज के अभाव में लौट रहे हैं, कई ऑपरेशन की तिथि टाल दी गई है।

    पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल उनकी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने ही जेडीए को भरोसा दिलाया था कि प्रत्येक तीन वर्ष पर उनकी स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जाएगी।

    इस आदेश के अनुसार, इस साल के जनवरी महीने में ही स्टाइपेंड में वृद्घि हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक वृद्घि नहीं हुई।

  • संजय राउत ने कहा- एमवीए सरकार गिराने में मदद के लिए भाजपा के नेता दबाव डाल रहे

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    मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को एक सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल से भारतीय जनता पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उन पर दबाव बना रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार को गिराने में उनकी मदद करें। राउत ने कहा, “कुछ वरिष्ठ नेता मुझे एमवीए को समर्थन जारी नहीं रखने के लिए मनाने के प्रयास के लिए मुझसे लगातार मिल रहे हैं, क्योंकि उन्होंने इसे गिराने की पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने मुझे अपनी बात साबित करने के लिए 22 राकांपा और शिवसेना विधायकों की सूची भी दिखाई।”

    हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा द्वारा शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को भंग करने के सभी प्रयासों और धमकियों के बावजूद सरकार नहीं गिरेगी।

    राउत ने कहा, “यह एक राजनीतिक युद्ध है और हम इसे केवल राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।”

    राउत अपनी पत्नी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

    राउत ने कहा, “मुझसे ‘पंगा’ मत लो। मैं स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे का शिवसैनिक हूं। मैं आप सभी को बेनकाब करूंगा। मेरे पास 120 भाजपा नेताओं (घोटालों) की सूची है, जिनकी जांच ईडी पांच सालों तक कर सकती है। उन्हें नीरव मोदी या विजय माल्या की तरह विदेश भागना पड़ेगा।”