Category: state-news

  • पंचायत के नौ सदस्य गिरफ्तार राजस्थान में दो लोगों के सामाजिक बहिष्कार पर

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    जयपुर । जयपुर में सामुदायिक पंचायत में देरी से पहुंचने पर दो भाईयों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का आदेश देने और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाने वाले 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चित्तौड़ कोतवाली पुलिस स्टेशन एसएचओ तुलसीराम प्रजापति ने कहा, “इस वर्ष फरवरी में, आज्ञा का पालन नहीं करने के लिए पंचायत सदस्यों ने दो के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।”

    पुलिस ने कहा, पीड़ित कमलेश और किशनलाल ने 13 दिसंबर को इस बाबत शिकायत दर्ज कराई। दोनों ने जुर्माने की आधी राशि भी जमा कर दी है।

    चित्तौड़खेड़ा में नई अबादी के निवासी दोनों भाईयों ने यह भी दावा किया कि दोनों को सामुदायिक पंचायत सदस्यों के जूतों को अपने सिर पर एक घंटे तक रखना पड़ा, लेकिन एसएचओ ने कहा कि पुलिस जांच के दौरान इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।

  • येदियुरप्पा ने कहा- जरूरत नहीं कर्नाटक में रात के कर्फ्यू की

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    बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में रात का कर्फ्यू लगाने का सरकार के सामने कोई प्रस्ताव नहीं है। यहां संवाददाताओं से बातचीत में येदियुरप्पा ने कहा कि ब्रिटेन से आए एक यात्री से चेन्नई में कोरोनावायरस के एक नए रूप का पता चला है।
    उन्होंने कहा, “हमें अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। जो भी बाहर से आएगा, उसे एयरपोर्ट पर ही चेक किया जाएगा। कर्नाटक सरकार ने ब्रिटेन, डेनमार्क और नीदरलैंड से राज्य में आने वाले यात्रियों के लिए 14 दिन क्वारंटाइन रहना अनिवार्य किया गया है।”
    उन्होंने कहा कि यह नया कोरोनावायरस संस्करण कुछ ऐसा है जिसने राज्य और देश के लोगों को चिंतित कर दिया है, जिसके बाद यह मालूम हुआ कि ब्रिटेन से चेन्नई पहुंचे एक व्यक्ति को इससे संक्रमित पाया गया है।

  • दिग्विजय सिंह का तोमर पर तंज- वर्ष 2014 में थे समाजसेवी और अब हो गए किसान :

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    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसानों को लिखे गए आठ पेज के पत्र में खुद को किसान परिवार से बताए जाने पर सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह का कहना है कि वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र में केंद्रीय मंत्री तोमर ने खुद को समाजसेवी बताया था, मगर अब किसान बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे गए पत्र में कहा है, आपका किसानों को लिखा गया आठ पेज का पत्र पढ़ा, कृषि मंत्री होने के नाते आपके द्वारा पत्र में व्यक्त संभावनाओं को समझने का प्रयास भी किया। इस पत्र को पढ़कर लगा कि इसका मजमून आपके द्वारा तैयार नहीं किया गया है, शायद किसी और की मंशा को आपके हस्ताक्षर से भेजने के लिए मजबूर किया गया है।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा है, इस पत्र में आपने खुद को किसान परिवार का बताया है, जबकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में शपथ पत्र में चुनाव आयोग को संपत्ति का जो ब्यौरा दिया गया था उसमें आप की ओर से किसी भी तरह की कृषि भूमि न होने का उल्लेख था। चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के व्यवसाय के कॉलम में किसान नहीं बल्कि समाज सेवी होने का हवाला आपके द्वारा दिया गया था।

    तोमर द्वारा किसानों को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि अन्नदाता को कृषि सुधारों से संबंधित आश्वासन आठ पेज के पत्र के अंत में दिया गया है, वास्तव में यदि संसद में चर्चा करके कृषि संबंधी तीनों कानूनों को संसद की प्रवर समिति को सौंप दिया होता तो इस आंदोलन की नौबत नहीं आती।

  • पंजाब, हरियाणा जाकर बिहार के किसान मजूदर बन गए: RJD नेता तेजस्वी यादव

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    पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को कहा कि बिहार के किसान पंजाब, हरियाणा जाकर मजूदर बन गए। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के हाल में लाए गए कानूनों का अगर विरोध नहीं किया गया तो यहां के किसान भिखारी बन जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश में सबसे कम आय बिहार के किसानों की ही क्यों है। पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने बिहार के किसानों को किसान आंदोलन में साथ आने की अपील करते हुए कहा कि बिहार के किसानों की देश में सबसे कम आय है।

    उन्होंने कहा, “आय के मामले में बिहार के किसान नीचे पायदान पर पहुंच गए हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड में भी यहां से किसानों का आय ज्यादा है। क्या यह सच नहीं है कि महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में जो मजदूरी कर रहे हैं वह बिहार के किसान हैं। आखिर किसान मजदूर क्यों बने हैं? अगर इसका विरोध नहीं करेंगे और सड़कों पर नहीं जाएंगे, तो बिहार के किसान भिखारी हो जाएंगे।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन के बारे में कई गलत अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। किसानों को गाली तक दी जा रही है।

    तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में धान और गेहूं की अधिप्राप्ति का भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले ही मंडी समाप्त कर दी गई, आखिर इसका किसे लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि आज देश के किसी राज्य के किसानों से बिहार के किसानों की आय कम है।

    तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर ट्वीट कर सेलिब्रिटी को बधाई देने वाले प्रधनमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश किसानों की मौत पर क्यों मौन हैं?

    तेजस्वी यादव ने किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती के मौके पर कहा कि गांघी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे खड़े होकर हमने किसानों के आंदोलन में साथ देने का संकल्प लिया था और हम इस संकल्प पर आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी, राजद किसानों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

  • बनाई जाएगी नीति जमरानी बांध विस्थापितों के लिए

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    देहरादून। प्रदेश के कुमाऊं मंडल में बनने वाले जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में आने वालों के लिए प्रदेश सरकार पुनर्वास एवं पुनर्व्‍यस्‍थापन नीति बनाएगी। इस नीति के अनुसार ही डूब क्षेत्र के प्रभावित निवासियों को राहत दी जाएगी। मंगलवार को विधानसभा में भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा ने कहा कि भीमताल विधानसभा के अंतर्गत जमरानी बांध बनने जा रहा है। बांध बनने से सैकड़ों परिवारों की जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है। इस क्षेत्र के काश्तकारों की जमीन उनके नाम नहीं है। वह इसमें कब्जाधारक हैं। उन्होंने सरकार से कब्जाधारकों को मुआवजा देने के संबंध में जानकारी मांगी। इस पर सरकार की तरफ से सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना से होने वाले असर को लेकर विस्तृत अध्ययन पूर्ण किया जा चुका है। अब सरकार पुनर्वास नीति बनाएगी।

    इस पर विधायक ने सरकार ने इन कब्जाधारकों को मालिकाना हक देने की मांग सरकार से की। इस दौरान उन्होंने भीमताल बांध का मसला उठाते हुए कहा कि भीमताल झील में बने बांध को 100 साल से अधिक हो चुके हैं। बांध कमजोर हो गया है। इससे आसपास रहने वालों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सरकार से बांध की सुरक्षा करने की भी मांग की।

    ढेला व फीका नदी पर तटबंध बनाने को फिर भेजा जाएगा प्रस्ताव

    ऊधमसिंह नगर की ढेला व फीका नदियों पर तटबंध बनाने का प्रस्ताव फिर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। विधायक आदेश चौहान द्वार उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इन दोनों नदियों के किनारों में रामनगर, काशीपुर व जसपुर में बाढ़ सुरक्षा व कटाव रोकने के लिए 88.56 करोड़ रुपये की योजना बना कर स्वीकृति के लिए गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (जीएफसीसी) को भेजी गई थी। यह मामला जीएफसीसी में लंबित होने के कारण और वर्तमान जरूरत के मुताबिक इसे फिर से संशोधित किया जा रहा है।

    कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण नहीं हो पा रहा जसपुर बस अड्डे का काम

    जसपुर बस अड्डे का निर्माण अभी कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण नहीं हो पा रहा है। परिवहन निगम ने अस्थायी अव्यवस्था के तहत जसपुर में एक बस स्टाप का निर्माण किया है। यहां यात्रियों के आने व जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विधायक आदेश चौहान के सवाल का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने बताया कि इस जसपुर में बस अड्डा बनाने के लिए नगर पालिका की जमीन चिह्नित की गई है। परिवहन निगम ने माली हालात का हवाला देते हुए इस जमीन को मुफ्त देने का अनुरोध किया है। अभी भूमि का मामला कोर्ट में चल रहा है इस कारण इसे परिवहन निगम को हस्तांतरित किया जाना संभव नहीं है। इसके के चलते बस अड्डे निर्माण में देरी हो रही है।

    रानीखेत में जल्द बनेगा एआरटीओ कार्यालय

    रानीखेत में जल्द ही परिवहन विभाग का एआरटीओ कार्यालय खोला जाएगा। इसके लिए विभाग परिसर की खोज कर रहा है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कांग्रेस नेता व उप नेता प्रतिपक्ष करण माहरा के सवाल पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रामनगर व रानीखेत में एआरटीओ कार्यालय खोलने के आदेश दिए गए थे। रामनगर में काम शुरू हो चुका है। रानीखेत कार्यालय के लिए कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। रानीखेत कार्यालय अभी आरटीओ कार्यालय अल्मोड़ा से चल रहा है।

    प्रदेश के 42 में से 36 कस्बों में परिवहन निगम की सेवाएं

    प्रदेश के कुल 42 कस्बों में से 36 में परिवहन निगम अपनी सेवाएं दे रहा है। वहीं, सुदूर पर्वतीय जिलों से देहरादून, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल व दिल्ली के लिए 310 बसों का संचालन किया जा रहा है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कांग्रेस विधायक मनोज रावत के सवाल पर कहा कि अभी उत्तराखंड परिवहन निगम में छोटी बसें सीमित संख्या में हैं। इस कारण वर्तमान में पर्वतीय जिलों में नई सेवाएं देना संभव नहीं हो पा रहा है। बसें मिलने पर सुदूर कस्बों तक परिवहन निगम की बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा।

    2317 लोक कलाकारों को मानदेय

    प्रदेश सरकार कोरोनाकाल में अभी तक 2317 लोक कलाकारों को मानदेय दे चुकी है। संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया संस्कृति विभाग में 6675 लोक कलाकारों व ढोल वादक पंजीकृत हैं। पहले उन्हें एक हजार की सहायता अनुमन्य की गई थी। अब इसे बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया गया है।

    एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि प्रदेश में पंजीकृत फोटोग्राफर, ड्राइवर, विद्युत कर्मियों आदि को भी दो हजार की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। वहीं 584 रिवर गाइड एवं अन्य कर्मियों को गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के पास उपलब्ध धनराशि में से पांच-पांच हजार की सहायता की गई है।

    विपक्ष ने पूछा शिक्षा में एक क्षेत्र दुर्गम तो तकनीकी शिक्षा में वही सुगम क्यों

    प्रदेश के लोहाघाट, चंपावत, पौड़ी को शिक्षा विभाग ने दुर्गम क्षेत्र निर्धारित किया है। वहीं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन तीनों स्थानों के पॉलीटेक्निक संस्थाओं को सुगम माना है। कोटाबाग नैनीताल व भलस्वगाज हरिद्वार को दुर्गम क्षेत्र में जोड़ा गया है। कांग्रेस विधायक मनोज रावत द्वारा इसे विसंगति बताते हुए इस संबंध में तकनीकि शिक्षा मंत्री से जवाब मांगा गया। संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व निभा रहे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि इस संबंध में कोर्ट के निर्णय के अनुसार तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसका परीक्षण कराया था। यहां की सुविधाओं के हिसाब से इन्हें सुगम के रूप में परिभाषित किया गया है।

     

  • यूपी और बिहार जैसी हार मिलेगी बंगाल में: नरोत्तम मिश्रा

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    भोपाल। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह वह पीके हैं, जिन्होंने यूपी में अखिलेश यादव की साइकिल पंक्चर करवाई और बिहार में तेजस्वी की लालेटन बुझाई और अब तणमूल भी बंगाल में तिनके की तरह उड़ती दिखाई देगी। आगे उन्होंने कहा कि पीके और सीके जनता के सामने सब फीके होते हैं।
    दरअसल, प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा था कि बंगाल में भाजपा दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी। उसके जवाब में नरोत्तम ने पीके पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीके जी थोड़ा धैर्य रखिये। भाजपा की रैलियों में उमड़ रहे जनसैलाब से आपका परेशान होना स्वाभाविक है। आगे उन्होंने कहा कि भाजपा 200 से ज्यादा सीटों जीत कर सुशासन लाएगी। बता दें कि नरोत्तम बंगाल चुनाव के लिए गृह मंत्री अमित शाह की टीम में शामिल हैं। उनके पास 48 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी है। वह मध्य प्रदेश के साथ-साथ बंगाल में भी काफी एक्टिव हैं।
    बताते चलें कि पिछले लोकसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा के 18 सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर की कंपनी  I-Pac को हायर किया है। भाजपा में शामिल होने वाले तृणमूल कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं ने प्रशांत किशोर की कार्यशैली की आलोचना की थी।
    गौरतलब है कि इससे पहले नरोत्तम ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि राज्य में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की सरकार सबसे भ्रष्ट थी। कई रिपोर्टों में यह बात कही गई है। उन्होंने यह बातें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही थी। राज्य में नक्सलियों के प्रभाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उनके कार्यकाल के दौरान नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है।

  • कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताया- गोवा जिला पंचायत चुनाव नौकरियों का वादा और आप के वोट काटने से हारे

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    पणजी । कांग्रेस ने गोवा जिला पंचायत चुनाव में करारी हार के बाद इसके पीछे के कारणों को जानने का प्रयास किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआईसीसी नेता दिनेश गुंडु राव को बताया कि सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से किए गए सरकारी नौकरियों के वादे और आम आदमी पार्टी की वजह से वोट बंटने के कारण कांग्रेस को जिला पंचायत चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। जिला पंचायत चुनाव में पार्टी को हुए नुकसान के कारणों का आकलन करने के लिए राव गोवा के दौरे पर हैं। राव से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के तीन बार के विधायक एलेक्सो रेजिनाल्डो ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को नुकसान के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, लेकिन सरकारी नौकरियों के वादों को भी सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, जो कि चुनाव में कांग्रेस की हार के कारणों में से एक है।
    रेजिनाल्डो ने दावा किया कि प्रमोद सावंत सरकार के पक्ष में नतीजे आने का एक कारण यह भी है कि नौकरियों का वादा किया गया था। इसके अलावा सरकार ने महीनों पहले इन भुगतानों पर रोक लगाने के बाद चुनाव से ठीक सरकारी खैरात और भत्ते जारी किए।
    राव पार्टी के गोवा मामलों के प्रभारी, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के सचिव हैं।
    मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने जिला पंचायत चुनावों से ठीक एक महीने पहले नवंबर में 10,000 सरकारी नौकरियों के एक बोनस की घोषणा की थी, जिसके लिए भर्तियां जनवरी 2021 में शुरू होंगी।
    12 दिसंबर के जिला पंचायत चुनावों में कांग्रेस ने जिन 38 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें से उसे केवल चार सीटों पर जीत हासिल हो सकी। गोवा में आम आदमी पार्टी (आप) ने दक्षिण गोवा में मामूली लाभ अर्जित किया।
    हालांकि आप 2017 के विधानसभा चुनावों में एक भी सीट जीतने में विफल रही, लेकिन उसके उम्मीदवारों ने अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करके कई सीटों पर कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया।
    उत्तर गोवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय भीके के अनुसार, आप फैक्टर ने कांग्रेस के प्रदर्शन को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि आप के मैदान में उतरने से कांग्रेस पर असर पड़ा। विजय ने आप को वोट कटवा पार्टी करार देते हुए कहा कि वे वोट काटने के लिए ही गोवा की राजनीति में हैं और इस तरह से वह भाजपा की मदद कर रहे हैं।

  • किसानों से मोबाइल टावरों को नुकसान न पहुंचाने की पंजाब सीएम ने की अपील

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    चंडीगढ़। पंजाब भर के विभिन्न मोबाइल टावरों को बिजली की आपूर्ति बंद करने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को किसानों से अपील की कि वे इस तरह की कार्रवाइयों से जनता को असुविधा न पहुंचाएं। इसके साथ ही सिंह ने किसानों से संयम बरतने को भी कहा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि उसी संयम को जारी रखें, जैसा कि वह पिछले कई महीनों से अपने आंदोलन में दिखा रहे हैं।

    यह बताते हुए कि कोविड महामारी के बीच लोगों के लिए दूरसंचार कनेक्टिविटी और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, सिंह ने किसानों से दिल्ली सीमा पर अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान वही अनुशासन और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह किया, जो वे इससे पहले भी राज्य में उनके आंदोलन के दौरान दिखाते आ रहे हैं।

    पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि दूरसंचार कनेक्टिविटी को बाधित करने और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के तकनीशियनों के साथ अभ्रदता जैसे काम करके आप कानून को अपने हाथ में न लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई पंजाब और उसके भविष्य के हित में नहीं है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग ‘काले’ कृषि कानूनों के खिलाफ उनकी लड़ाई में किसानों के साथ खड़े हैं और वह आगे भी खड़े रहेंगे। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे सुनिश्चित करें कि न्याय के लिए उनकी यह लड़ाई राज्य के लोगों को होने वाली किसी भी समस्या का कारण न बने।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में किसानों द्वारा मोबाइल टावरों के लिए बिजली की आपूर्ति को रोकने के कारण दूरसंचार सेवाओं का जबरदस्त व्यवधान न केवल छात्रों की पढ़ाई और भविष्य की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, जो पूरी तरह से ऑनलाइन शिक्षा पर निर्भर हैं, बल्कि महामारी के कारण घर से काम करने वाले लोगों के दैनिक जीवन में भी बाधा डाल रहा है।

    सिंह ने किसानों को सचेत करते हुए कहा कि दूरसंचार सेवाओं के बाधित होने से राज्य में पहले से ही बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर और भी गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने पंजाब के नागरिकों को कोई असुविधा न पहुंचाते हुए किसानों को उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

    अमरिंदर सिंह ने कहा कि लंबे समय तक आर्थिक संकट, जो राज्य में दूरसंचार सेवा व्यवधान के परिणामस्वरूप बढ़ेगा, उसका कृषि क्षेत्र और कृषक समुदाय पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव सभी वर्गों के लिए हानिकारक होगा।

  • मंजूरी दी कांग्रेस नेतृत्व ने बंगाल में वाममोर्चा के साथ गठबंधन को….

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    कोलकाता। बंगाल में आगामी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वाममोर्चा गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर चौधरी ने गुरुवार को ट्वीट किया कि आज कांग्रेस आलाकमान ने बंगाल के विधानसभा चुनाव में माकपा नीत वाममोर्चा के साथ चुनावी गठबंधन को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।

    बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव को लेकर बीत दिनों अधीर ने कहा था कि बंगाल में ममता बनर्जी और भाजपा दोनों को रोकने के लिए वाममोर्चा और कांग्रेस में गठबंधन होना ही चाहिए। ऐसे में गुरुवार को कांग्रेस आलाकमान ने वामपंथी दलों के साथ चुनावी गठबंधन को औपचारिक मंजूरी दे दी। इससे पहले माकपा पोलित ब्यूरो से लेकर केंद्रीय कमेटी तक ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर सहमति दे चुकी है।

    बताते चलें कि वर्ष 2016 विधानसभा चुनाव में भी वाममोर्चा व कांग्रेस के बीच सीट समझौता हुआ था। उसी समय भी प्रदेश कांग्रेस की कमान अधीर चौधरी ही संभाले थे। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में काफी कोशिशों के बावजूद दोनों दलों के बीच गठबंधन नहीं हो सका था। बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा ने भी यहां चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार भाजपा ने राज्य में मुख्य विपक्षी दल बन चुका है।

    पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 42 में से 18 लोकसभा सीटें जीती थीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात्र 28 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली थी, जबकि 2019 में 128 विधानसभा सीटों पर पार्टी आगे रही। उधर, साल 2014 में 214 क्षेत्रों में बढ़त हासिल करने वाली टीएमसी 2019 में 158 क्षेत्रों में ही आगे रही।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार बंगाल पर रणनीति बना रहे हैं। 20 दिसंबर को बंगाल दौरे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर जिस तरह तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने हमला किया और जो भी हिंसा हो रही है उसका जवाब  भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से देगी। भाजपा 200 से अधिक सीटें जीतेगी और बंगाल की मिट्टी से ही अगला मुख्यमंत्री होगा।

     

  • गुरुदेव के साथ देश के संघीय ढांचे का किया अपमान- JP नड्डा

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    कोलकाता। विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल नहीं होने को लेकर सियासी रार बढ़ती जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसको लेकर ममता पर करारा वार किया है। उन्होंने कहा कि विश्वभारती विश्वविद्यालय दुनिया भर में बंगाल की पहचान है। परंतु सिर्फ़ राजनीतिक विद्वेष के कारण ममता बनर्जी इसमें शामिल नही हुई। उन्होंने अपने अहम के लिए आज गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर और देश के संघीय ढांचे का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि वो बार-बार संघीय ढांचे की दुहाई देती है किंतु हर मौके पर संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करती हैं।

    नड्डा ने एक के एक ट्वीट कर कहा कि विश्वभारती विश्वविद्यालय दुनिया भर में बंगाल की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी विश्वभारती के शताब्दी समारोह से जुड़े। परंतु सिर्फ़ राजनीतिक विद्वेष के कारण ममता बनर्जी इसमें शामिल नही हुई। उन्होंने अपने अहम के लिए आज गुरुदेव और देश के संघीय ढांचे का अपमान किया है।

    दूसरे ट्वीट में नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी जिस द्वेष, अहंकार, झूठ और अत्याचार के पथ पर हैं, वह गुरुदेव रवींद्रनाथ और स्वामी विवेकानंद की संस्कृति नहीं, वह सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संस्कृति नहीं, वह बंगाल की संस्कृति नहीं। यह ममता और तृणमूल कांग्रेस की संस्कृति है, जो बंगाल को बार-बार शर्मसार करती है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और बंगाल की संस्कृति, साहित्य और दर्शन में गहरी आस्था है। उन्होंने बंगाल को हमेशा अनुकरणीय और देश को दिशा देने वाला माना है। अब बंगाल ममता के अहंकार को तार-तार करेगा और भाजपा को सोनार बंगाल बनाने का मौका देगा।

    नड्डा ने कहा कि ईर्ष्या, राजनीतिक विद्वेष व प्रतिद्वंदिता के चलते ममता बनर्जी ने विश्वभारती के शताब्दी समारोह का बहिष्कार किया। उन्होंने बंगाल की संस्कृति व गुरुदेव टैगोर के गौरव को धूमिल किया। वो बार-बार संघीय ढांचे की दुहाई देती है किंतु हर मौक़े पर संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करती हैं।

    गौरतलब है कि बंगाल के शांतिनिकेतन स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी विश्वविद्यालय से निकला संदेश आज पूरे विश्व तक पहुंचा रहा है। बताते चलें कि भाजपा द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद ममता ने दावा किया कि विश्वभारती के शताब्दी समारोह के लिए उन्हें कोई आमंत्रण नहीं दिया गया था। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से एक पत्र सार्वजनिक किया गया जिसमें 4 दिसंबर को ही कुलपति की ओर से ममता को शताब्दी समारोह के लिए आमंत्रण पत्र भेजा गया था।