Category: state-news

  • 11वीं में दाखिले के लिए तीसरी अलॉटमेंट लिस्ट कुछ देर में होगी जारी

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    Maharashtra महाराष्ट्र स्कूल एजुकेशन और स्पोर्ट्स डिर्पाटमेंट (School Education and Sports Department, Maharashtra) राज्य के स्कूलों में 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए फर्स्ट-ईयर जूनियर कॉलेज (एफवाईजेसी) की तीसरी अलॉटमेंट लिस्ट आज यानी कि 15 दिसंबर, 2020 को बस कुछ देर में जारी की जाएगी। विभाग 3 अलॉटमेंट लिस्ट स्कूल शिक्षा और खेल विभाग, महाराष्ट्र की आधिकारिक साइट 11thadmw.org पर जारी करेगा। ऐसे में जो भी स्टूडेंट्स इस लिस्ट का इंतजार कर रहे थे, वे कुछ देर में ही लिस्ट चेक कर पाएंगे। विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, सूची सुबह 11 बजे जारी की जाएगी। स्टूडेंट्स को लिस्ट की जांच करने के लिए अपने अकाउंट में लॉगइन करना होगा। स्टूडेंट्स ध्यान दें कि लिस्ट में सेलेक्ट होने वाले छात्र-छात्राओं को 15 दिसंबर से 18 दिसंबर, 2020 तक आवंटित जूनियर कॉलेज में प्रवेश लेना होगा। FYJC Round 3 अलॉटमेंट लिस्ट चेक करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फाॅलो कर सकते हैं।

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    स्कूल एजुकेशन और स्पोर्ट्स डिर्पाटमेंट महाराष्ट्र (School Education and Sports Department Maharashtra) 11वीं कक्षा में दाखिले के लिए FYJC 3rd मेरिट लिस्ट आज यानी कि 15 दिसंबर 2020 को जारी करेगा। ज्यादा जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं 11thadmw.org पर विजिट कर सकते हैं।

    Maharashtra FYJC 3rd Merit List 2020: रिजल्ट ऐसे करें चेक

    तीसरी अलॉटमेंट लिस्ट चेक करने के लिए सबसे पहले छात्र-छात्राएं स्कूल शिक्षा और खेल विभाग की आधिकारिक साइट 11thadmission.org.in पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर उपलब्ध FYJC राउंड 3 आवंटन सूची पर क्लिक करें। अब एक नया पेज खुलेगा, जहां उम्मीदवारों को सूची की जांच करने के लिए अपने अकाउंट में लॉगइन करना होगा। एक बार जांचने के बाद, पेज डाउनलोड करें। इसके बाद आगे की आवश्यकता के लिए उसी की हार्ड कॉपी रखें।

    इसके अलावा स्टूडेंट्स ध्यान दें कि जिन्होंने जूनियर कॉलेज में सेंट्रल कोटे के तहत दाखिला लिया है, उन्हें अपने दाखिले की पुष्टि खुद करनी होगी। इसके अलावा स्पेशल राउंड के लिए (प्रबंधन, अल्पसंख्यक कोटा की सीटें) लिस्ट 20 दिसंबर, 2020 को प्रदर्शित की जाएंगी। इसके अलावा दाखिले से जुड़ी जयदा जानकारी के लिए स्टूडेंट्स स्कूल महाराष्ट्र शिक्षा और खेल विभाग की आधिकारिक साइट पर जा सकते हैं।

  • सचिवालय कूच किया सर्वजन स्वराज पार्टी ने, जानिए क्या हैं पार्टी की प्रमुख मांगें

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    देहरादून। सर्वजन स्वराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य की परिसंपत्तियों की वापसी समेत 13 मांगों को लेकर सोमवार को सचिवालय कूच किया। हालांकि, सचिवालय से पहले ही पुलिस-प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इसपर कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।

    सुबह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेश्वर भट्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ता रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल में एकत्र हुए और वहां से रैली के रूप में सचिवालय के लिए कूच किया। सचिवालय के गेट से कुछ दूर पहले पुलिस ने उन्हें बेरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इसपर कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

    यह हैं पार्टी की प्रमुख मांगें

    -राज्य की परिसंपत्तिया हमें जल्द से जल्द वापस मिलें।

    -नए कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए।

    -राज्य की नजूल भूमि और मलिन बस्तियों में रहने वालों को उसका मालिकाना हक मिले।

    -कोरोनाकाल के दौरान छह महीने का बिजली-पानी का बिल माफ किया जाए।

    -राज्य में ओला-उबर टैक्सी कंपनी को प्रतिबंधित किया जाए।

    21 को दिव्यांग करेंगे चक्काजाम

    नंदा देवी निर्धन दिव्यांग कल्याण एसोसिएशन के सदस्य विभिन्न मांगों को लेकर चक्काजाम करेंगे। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि लंबे समय से दिव्यांगों को वेंडिंग जोन में दुकान उपलब्ध करवाने और दिव्यांग पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए सचिवालय कूच भी किया गया, लेकिन सरकार दिव्यांगों की सुनने को तैयार नहीं। ऐसे में अब 21 दिसंबर को चक्काजाम और सब्जी मंडी बंद करवाकर विरोध जताया जाएगा।

     

  • 26 साल तक घिसनी पड़ी एड़ियां NRI को यहां अपनी जमीन पर कब्जे के लिए , DM ने विभाग की गलती को सुधारा

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    देहरादून। राजस्व विभाग के कार्मिक सही ढंग से काम करें तो इंचभर भूमि भी अवैध तरीके से कब्जे में नहीं ली जा सकती। यह अलग बात है कि हकीकत में ऐसा हो नहीं पाता। इसीलिए देहरादून में जमीनों के विवाद दिनों-दिन न सिर्फ बढ़ते जा रहे हैं, बल्कि वर्षों बीतने के बाद भी उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा। ऐसे ही एक मामले में एनआरआइ (गैर अनिवासी भारतीय) व्यक्ति को अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए 26 साल तक एड़ियां रगड़नी पड़ीं। वह तो शुक्र है कि अब तक के जिलाधिकारियों से इतर वर्तमान जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और अपने ही विभाग की गलतियों को दूर करने की जहमत उठाई।

    एनआरआइ गौरव कुमार ने वर्ष 1984 में ग्राम किशनपुर में 0.0820 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। फसली वर्ष 1400 में जब भूमि का बंदोबस्त (सेटेलमेंट) किया गया तो पुराना खसरा नंबर 239, नया खसरा नंबर 142ख बन गया। इसके साथ ही बंदोबस्त विभाग के अधिकारियों ने इस भूमि को बंजर में दर्ज कर दिया। इस त्रुटि से इसी खसरा नंबर (नया नंबर 139क) में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज की भूमि को गौरव कुमार की भूमि बताया जाने लगा। कॉलेज की भूमि पर नगर निगम का स्वामित्व है, लिहाजा निगम ने आपत्ति दाखिल कर दी।

    प्रकरण जिला प्रशासन से होता हुआ हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2009 में जांच टीम गठित की गई। जांच में बंदोबस्त विभाग की त्रुटि पकड़ी गई और साफ हो गया कि नगर निगम और गौरव कुमार की भूमि अलग-अलग हैं। तब से लेकर अब तक सात जिलाधिकारी आए और चले गए, मगर विवाद का समाधान नहीं हुआ। अब वर्तमान जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने सभी दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट का गहनता से अध्ययन कर स्थिति स्पष्ट कर दी। नगर निगम ने भी यह पुष्टि कर दी कि उनकी भूमि पर इंटर कॉलेज का ही कब्जा है।

    राजस्व वादों का तेजी से होगा निपटारा

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण की कोशिश की जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्यम से राजस्व कार्मिकों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। अगर राजस्व कार्मिक अधिक पेशेवर ढंग से काम करें तो तमाम वादों का न्यायालय से पहले ही निस्तारण किया जा सकता है।

     

  • प्रायोगिक कक्षाओं की 1 जनवरी से कॉलेजों में शुरुआत

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    भोपाल| मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रायोगिक कक्षाएं नए साल यानि एक जनवरी से शुरु होंगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में लिया गया। कोरोना के संक्रमण के कारण अभी महाविद्यालयों में अध्यापन गतिविधियां बंद हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान महाविद्यालयों में एक जनवरी, 2021 से प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए तीन-तीन दिन के लिये बैच निर्धारित कर कक्षाएं शुरू की जाएं।

    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यतानुरूप महाविद्यालयों का युक्ति-युक्तकरण व्यवस्थित ढंग से किया जाए। इसी तरह एकल संकाय वाले महाविद्यालयों का बहुसंकायी महाविद्यालयों में उन्नयन आवश्यकतानुसार किया जाए। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को महाविद्यालयों में उपलब्ध सीट के अनुसार प्रवेश दिया जाये।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि 200 शासकीय महाविद्यालयों का इन्फ्रास्ट्रक्च र विकसित करने की कार्यवाही शुरू की जाये, जिससे विद्यार्थियों को वर्चुअल लनिर्ंग एवं स्मार्ट क्लास-रूम जैसी सुविधाएं मिल सके। 100 से कम विद्यार्थी की संख्या वाले 51 शासकीय महाविद्यालयों को निकटस्थ बड़े महाविद्यालयों में विलय करने पर विचार किया जाएगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि 73 प्रतिशत विद्यार्थी शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेशरत हैं। इस वर्ष चार लाख 37 हजार विद्यार्थियों ने स्नातक एवं एक लाख 30 हजार विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश लिया है।

  • 60 फीसद तक बुक इन प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के होटल, Christmas और New Year सेलिब्रेशन को पूरी तरह तैयार

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    मसूरी(देहरादून)। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पहाड़ों की रानी मसूरी के होटल संचालकों में नववर्ष और क्रिसमस के जश्न को लेकर उम्मीदें जगने लगी हैं। शहर के प्रमुख होटल में करीब 60 फीसद तक एडवांस बुकिंग हो चुकी है। होटल संचालकों के अनुसार इसके अलावा पिछले दिनों की तुलना में पूछताछ भी बढ़ी है। सैलानी ऑक्यूपेंसी को लेकर फोन कर रहे हैं।

    उत्तराखंड के बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच आशंका जताई जा रही थी कि इस बार मसूरी में क्रिसमस और नववर्ष का जश्न फीका रह सकता है। होटल संचालक सरकार की गाइडलाइन को लेकर भी बेचैन थे। इसके तहत राज्य की सीमाओं पर बाहर आने वालों के रैंडम टेस्ट कराए जा रहे हैं। हालांकि, होटल संचालक इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन उन्हें लग रहा था कि इससे पर्यटकों की तादाद में कमी आ सकती है।

    मसूरी होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वामी रामकुमार गोयल के अनुसार एडवांस बुकिंग उम्मीद से ज्यादा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह गति पकड़ेगी। गोयल बताते हैं कि वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या उम्मीद जगाने वाली है। अगर हिमपात हुआ तो मसूरी में रौनक और बढ़ेगी।

    होटल रमादा के महाप्रबंधक हर्षमणि सेमवाल बताते हैं कि उनके यहां क्रिसमस और नववर्ष के लिए 50 प्रतिशत तक बुकिंग हो चुकी हैं। वह बताते हैं पर्यटक फोन से पूछताछ भी कर रहे हैं। होटल जेपी रेजीडेंसी मनोर के वाइस प्रेसीडेंट अनिल शर्मा के अनुसार क्रिसमस के लिए उनके यहां अच्छी बुकिंग है, लेकिन नये साल की पूर्व संध्या के लिए अभी पंद्रह से बीस फीसद बुकिंग ही हुई है। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप साहनी ने बताया कि होटलों में जश्न के दौरान कोविड की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा।

     

  • अखिलेश यादव ने की घोषणा, सपा देगी बंगाल में ममता बनर्जी को समर्थन…

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    आगमगढ़। बिहार के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल को समर्थन देने के बाद अब समाजवादी पार्टी ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ के दो दिन के दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी 2022 में सरकार बनाएगी। 2022 में हम छोटे दलों के साथ गठबंधन करेंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे।

    अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी काम का भाजपा ने उद्घाटन किया है। अब तो हमारा समय आने वाला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने नफरत फैलाने का काम शुरू कर दिया है। हम तो पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की सरकार चाहते हैं। हम वहां पर ममता बनर्जी को समर्थन देंगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को नफरत फैलाने के साथ साजिश व षडयंत्र करने के साथ धोखा करने वाली पार्टी बताया। अखिलेश यादव ने भाजपा झूठ बोलने के अलावा करनेहम आजमगढ़ की सड़क पर जहाज उतार कर दिखाएंगे। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सवाल उठाए।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री दुर्गा के घर एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने भाजपा सरकार को किसान बिल, किसानों की फसल के समर्थन मूल्य, विकास के मुद्दे व कानून व्यवस्था पर खूब कोसा। गन्ना मूल्य भुगतान पर ऑनलाइन पर्ची के मुद्दे पर भी उन्होंने घेरा और कहा कि किस किसान के घर पर छाई है वह जरा बताएं हमें। सपा किसानों का पूरा समर्थन कर रही है इस कारण उत्पीडऩ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा हमेशा किसानों की पार्टी रही है इसलिए किसानों के आंदोलन में उनके साथ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।

    वही कोविड-19 की रोकथाम को लेकर वैक्सीन के मैनेजमेंट पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा तमाम देशों में पूरी तैयारियां कर ली गई है लेकिन यहां पर अभी कुछ नहीं तैयारी की गई है। केवल हवा हवाई बातें बनाई जा रही है। वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति है। भाजपा खुद गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही है। हैदराबाद का चुनाव हो या बिहार के चुनाव भाजपा सरकार भीड़ इकट्ठा करने में लगी रही।

    आजमगढ़ में हवाई पट्टी चार किमी की होने के बाद भी भाजपा पर उसको पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा वाले जानते हैं कि यहां का विकास होगा तो सपाई ही यहां उतरेंगे। वही पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर कहा कि उन्होंने इसका शिलान्यास किया था, लेकिन इसके बाद भी झूठ बता कर प्रधानमंत्री से शिलान्यास कराया गया। एक नामी कंपनी को ठेका दिया गया था जिसने भाजपा के ही सरकार की पहल पर स्टैचू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया लेकिन उसको हटा दिया गया। प्रदेश में मानवाधिकार उल्लंघन हिरासत में मौत समेत कानून व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कई सवाल खड़ा किए इसके अलावा जमीन की पैमाइश व मुख्यमंत्री के आवास का नक्शा न पास होने को लेकर भी सवाल खड़े किए।

     

  • पुलिस कर रही बिहार के कटिहार में हिरासत में लिए गए 4 विदेशियों से पूछताछ…

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    कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के नगर थाना क्षेत्र से पुलिस चार विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। ये सभी यहां एक भाड़े के मकान में रहते थे। कटिहार के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्र चौधरी मुहल्ले में एक भाड़े के मकान में रह रहे चार संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    सूत्रों के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों के तार पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ये सभी लोग पिछले छह महीने से यहां रह रहे हैं। पुलिस के अनुसार इनके पास से विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है, हालांकि पुलिस के अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।

    इधर, कटिहार के पुलिस उपाधीक्षक अमरकांत झा ने बताया कि इनके पास से कुछ संदिग्ध लेन ेदेन की रसीद मिली हैं, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने हालांकि गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इनके भारत आने और रहने से संबंधित कागजातों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अन्य लोगों के इनके संपर्क को खंगालने की पुलिस कोशिश कर रही है। इसकी सूचना अन्य जांच एजेंसियों को भी दे दी गई है।

  • हालत गंभीर कोरोना पॉजिटिव हरियाणा के मंत्री अनिल विज की, मेदांता में भर्ती

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    नई दिल्ली। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, जो इस समय कोविड-19 के संक्रमण से जूझ रहे हैं, उन्हें गंभीर हालत में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंत्री मेदांता में आंतरिक चिकित्सा विभाग की वरिष्ठ निदेशक डॉ. सुशीला कटारिया के नेतृत्व में इलाज करा रहे हैं, सूत्रों ने बताया कि मंत्री फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित हैं।

    हालांकि अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

    विज को रोहतक के हरियाणा सरकार के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआईएमएस) से शाम को मेदांता में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार को उन्हें भर्ती कराया गया था और उन्हें कंवलेसेंट प्लाज्मा थेरेपी मिली थी। संस्थान ने बताया था कि विज को द्विपक्षीय वायरल निमोनिया के साथ मॉडरेट कोविड-19 था।

    सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि उनके परिवार ने उन्हें पीजीआईएमएस से गुरुग्राम में एक निजी सुविधा में शिफ्ट करने पर जोर दिया, जिसके बाद वहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं आया।

    इससे पहले उसका इलाज अंबाला जिले के सिविल अस्पताल में चल रहा था।

    मंत्री विज ने पिछले महीने हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ की दो खुराक में से एक खुराक ली थी। उन्होंने अपने 3 चरणों के परीक्षण में स्वयंसेवक बनने की पेशकश की थी। उन्होंने 5 दिसंबर को कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे।

    विज को अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में 20 नवंबर को खुराक दिलाई गई थी।

  • आत्मनिर्भर बनाकर होगा विकास, बिहार सरकार वादों को पूरा करने पर बढ़ी

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    पटना। बिहार में नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार पिछले महीने संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के प्रयास में जुट गई है। सरकार ने प्रदेश के सभी नागरिकों को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

    बिहार में पिछले महीने संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा, जदयू, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और वीआईपी गठबंधन की सरकार ने सत्ता में आने पर मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाने का वादा किया था। चुनाव के दौरान राजग में शामिल घटक दलों ने अपने-अपने घोषणा पत्रों को जारी करते हुए अलग-अलग वादे किए थे।

    भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 20 लाख लोगों को रोजगार देने का भी वादा किया था जबकि जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सात निश्चय पार्ट 2 को प्रारंभ करने की घोषणा की थी।

    नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में 20 लाख सरकारी और निजी नौकरी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

    उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव ने 10 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जिसके कारण माना गया था कि युवाओं का आकर्षण राजद की ओर बढा था। माना जाता है कि राजद के जवाब में ही भाजपा ने 20 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था।

    भाजपा के प्रवक्ता मनोज शर्मा कहते हैं कि नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली सरकार चुनावी वादे को सरजमीं पर उतारने के प्रयास में जुट गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के शपथ ग्रहण के एक महीने के अंदर ही चुनावी वादों को पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है।

    उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सरकार ने बिहार को आत्मनिर्भर बनाने का खाका तैयार कर इस पर अमल करना शुरू कर दिया है और लोगों के दरवाजे तक विकास पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा संकल्प पत्र के जरिए चुनावी मैदान में उतरती है और उसी संकल्प के जरिए आगे भी बढ़ती है।

    मंत्रिमंडल की बैठक में महिला सशक्तीकरण को लेकर भी कई निर्णय लिए गए हैं। अविवाहित स्नातक लड़कियों को बिहार सरकार 50 हजार रुपए देगी और जिन लड़कियों ने स्कूल की पढ़ाई पूरी की है उन्हें 25 हजार रुपए दिए जाएंगे।

    इसके अलावा महिलाओं के लिए एक और स्कीम लाई जाएगी जिसके तहत उन्हें पांच लाख का कर्ज ब्याज मुक्त दिया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में अगले पांच सालों में भाजपा के आत्मनिर्भर बिहार और जदयू के सात निश्चय पार्ट 2 को उतारने के रूप में देखा जा रहा है।

    जदयू का दावा है कि सात निश्चय पार्ट 2 से न केवल अगले पांच साल में राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी बल्कि विकास के नए आयाम भी दिखेंगे।

    वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि सात निश्चय पार्ट 2 में युवा शक्ति को बिहार के प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को उच्च शिक्षा की सुविधा देने, जिले में मेगा स्किल सेंटर खोलने, शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता में वृद्घि करने तक की व्यवस्था दी गई है। महिलाओं को सशक्त बनाकर सक्षम बनाने के प्रयास किए जाऐंगे तथा हर खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।

    बहरहाल, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार चुनावी वादों को पूरा करने के लिए जहां आगे कदम बढ़ा रही है वहीं सात निश्चय पार्ट 2 और आत्मनिर्भर बिहार बनाने के जरिए राज्य के विकास को भी रास्ता ढूंढ रही है।

  • छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल कांग्रेस आलाकमान चाहे तो पद छोड़ने को तैयार

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    नई दिल्ली/रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 17 दिसंबर को अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर लेंगे। इस बीच राज्य के नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं। दरअसल भूपेश बघेल के छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री नियुक्त होने के बाद ऐसे दावे सामने आए थे कि कांग्रेस आलाकमान ने बघेल और टी. एस. सिंहदेव को ढाई-ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री नियुक्त करने का फैसला किया है। मीडिया के एक धड़े में इस फार्मूले की एक बार फिर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने यह प्रतिक्रिया दी है।

    मुख्यमंत्री ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि अगर पार्टी हाईकमान ने कहा तो वह इस्तीफा दे देंगे।

    फार्मूले के बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा, “मैं अभी आपको बता रहा हूं कि अगर पार्टी आलाकमान आदेश देता है, तो मैं तुरंत पद छोड़ दूंगा।”

    पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल पूरा करने के बाद सिंह देव खेमा नेतृत्व परिवर्तन के लिए दबाव डाल सकता है।

    सिंह देव ने पहले कहा था कि सब कुछ कांग्रेस आलाकमान की इच्छा पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा था, “ऐसे उदाहरण हैं जब मुख्यमंत्री का कार्यकाल सिर्फ दो दिनों के लिए रहा है, जबकि कुछ ने 15 साल पूरे कर लिए हैं।”

    छत्तीसगढ़ सरकार के गठन के दौरान, पार्टी आलाकमान ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनाना चाहता था, लेकिन कुछ मतभेदों को देखते हुए बघेल को मौका दिया गया। उस समय के सूत्रों ने कहा कि यह 2.5 साल का एक फार्मूला है, जिसके बाद नेतृत्व बदल जाएगा और सिंह देव मुख्यमंत्री बन जाएंगे। लेकिन उस समय कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। तब से, बघेल ने अपने कल्याणकारी कार्यो के माध्यम से पार्टी नेतृत्व की नजरों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। हालांकि वह 2019 के आम चुनावों में पार्टी के लिए अधिक सीटों को सुरक्षित करने में विफल रहे।

    अगर कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन के लिए जाती है, तो उसे राजस्थान पर भी विचार करना होगा, जहां सचिन पायलट पार्टी की अनदेखी के बाद नाखुश हैं और यहां तक कि कांग्रेस के खिलाफ बगावत भी कर चुके हैं।

    ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में विद्रोह के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, लेकिन छत्तीसगढ़ में स्पष्ट बहुमत दिए जाने से वहां की सरकार को कोई खतरा नहीं है।