Category: state-news

  • गुरुग्राम से गिरफ्तार पांच करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला, पुलिस से बचने को बदलता रहता था ठिकाना

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    देहरादून। देहरादून में भूमि दिलाने के नाम पर पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपित को राजपुर थाना पुलिस ने गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपित पहले भी धोखाधड़ी के अन्य मामलों में जेल जा चुका है। फिलहाल, आरोपित शख्स को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

    राजपुर थानाध्यक्ष राकेश शाह ने बताया कि अनिल भाटी मूल निवासी गुरुग्राम हाल निवासी नेचर विला, लालतप्पड़ ने नौ जून 2019 को थाने में तहरीर दी थी कि आरोपित मोहनलाल ने उन्हें मसूरी रोड स्थित ढाकपट्टी में भूमि दिखाई थी। दोनों के बीच सौदा 12 करोड़ में तय हुआ था। मोहनलाल ने पांच करोड़ रुपये चेक और कैश के रूप में ले लिए। कुछ समय बाद जब अनिल भाटी भूमि का निरीक्षण करने गए तो पता लगा कि जो भूमि मोहनलाल ने दिखाई वह किसी और की थी। मोहनलाल ने अपनी गलती मानते हुए पांच करोड़ रुपये के दो चेक दिए, जो खाते में पैसे न होने के कारण वापस हो गए।

    थानाध्यक्ष ने बताया कि नौ जून 2019 को मोहनलाल निवासी हाउसिंग बोर्ड एक्सटेंशन, गुरुग्राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपित की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस से बचने के लिए मोहनलाल लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। उसने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए। सूचना के आधार पर पुलिस ने गुरुवार की शाम आरोपित को लक्ष्मी बाजार, विजय पार्क, गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। मोहनलाल पहले भी धोखाधड़ी के अन्य मामलों में जेल जा चुका है। आरोपित को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

    धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत करें कार्रवाई 

    ऑनलाइन, भूमि, किटी व चिट फंड धोखाधड़ी करने वाले आरोपितों के खिलाफ दून पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने धोखाधड़ी व ठगी के मुकदमों की समीक्षा करते हुए सभी सीओ को अपराधों के शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन आरोपितों के खिलाफ एक से अधिक मुकदमे दर्ज होंगे, उनके खिलाफ तुरंत गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करें।

    डीआइजी ने निर्देश दिए कि सभी सीओ अपने-अपने सर्किल के थानों में धोखाधड़ी के अंतर्गत दर्ज मुकदमों की अपराधवार साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। अभियानों के अनावरण एवं ठगी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए सर्किलवार टीमों का गठन करेंगे। उन्होंने कहा कि एसपी सिटी व ग्रामीण धोखाधड़ी से संबंधित अपराधों की सर्किलवार पाक्षिक रूप से समीक्षा करेंगे। प्रत्येक अपराध के अनावरण के लिए पूरे प्रयास किए जाएं। वह स्वयं सभी अपराधों की दोबारा समीक्षा करेंगे।

     

  • बेरोजगारी के मुद्दे पर उत्तराखंड क्रांति दल करेगा हल्ला बोल, 17 को घेरेंगे सीएम आवास

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    ऋषिकेश। उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया। पार्टी ने 17 दिसंबर को बेरोजगारी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया। उनका कहना है कि दोनों दलों ने प्रदेश में समय-समय पर लूट खसोट की है।

    शनिवार को देहरादून मार्ग स्थित होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष और संरक्षक त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने 20 वर्ष हो चुके हैं, रोजगार के मुद्दे को लेकर जिस राज्य की परिकल्पना की थी वह धरी की धरी रह गई। जिससे राज्य का युवा हताश है। रोजी रोटी के लिए युवा राज्य से बाहर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा व कांग्रेस ने प्रदेश में लूट-खसूट कर युवाओं के भविष्य के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जल जंगल व संसाधनों पर राज्यवासियों का हक है, उक्रांद इसकी बंदरबांट नहीं होने देगा। उन्होंने सरकारी विभागों में सीधी भर्ती करके राज्य के मूल निवासियों को नौकरी देने की मांग की।

    जयप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि सिडकुल व अन्य भर्तियों में स्थानीय युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार देने की मांग की। उन्होंने कहा इस पर सरकार गंभीरता पूर्वक विचार करें। केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस ने बारी बारी से राज्य को लूटने का काम किया है। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सनी भट्ट, केंद्रीय उपाध्यक्ष लताफत हुसैन, प्रताप कुंवर, राजेन्द्र प्रधान, शकुंतला रावत आदि उपस्थित थे।

     

  • संवाद की दिखी कमी शासन व उच्च शिक्षा निदेशालय में…

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    देहरादून : कोरोनाकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों को लेकर सरकार की उदासीनता कहीं छात्रों पर भारी न पड़ जाए। वैश्विक कोरोना महामारी के कारण करीब साढ़े महीने बाद 15 दिसंबर से प्रदेश सरकार ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को खोलने का निर्णय लिया और उसी दिन उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी ने राजकीय महाविद्यालयों में शीतकालीन अवकाश की अधिसूचना जारी कर दी।

    शिक्षाविदों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण करीब साढ़े आठ महीने प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय, सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय व निजी कॉलेज बंद रहे। एक से दो घंटे कुछ संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई हुई। बाकी समय शिक्षक खाली ही रहे। ऐसे में उच्च शिक्षा निदेशालय इस बार शीतकालीन अवकाश को या तो टाल सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहाड़ों के राजकीय महाविद्यालयों में चार जनवरी से चार फरवरी तक एक महीने और मैदानी क्षेत्र के कॉलेजों में 11 जनवरी से 20 दिनों के लिए शीतकालीन अवकाश रहेगा। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लगभग चौपट रही। जबकि सभी शिक्षकों करे इस अवधि में पूरा वेतन प्राप्त हुआ। इसलिए छात्र हित में अवकाश के बजाए पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाती तो बेहतर होता। प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं राज्य व देश का भविष्य हैं।

    इन्हीं छात्रों में से कुछ वैज्ञानी, डाक्टर, इंजीनियर, सैन्य अधिकारी या शिक्षाविद बन सकते हैं। कई दशकों बाद पहली बार कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपने जद में ले रखा है ऐसे समय शिक्षा व आर्थिक विकास की गति को यदि पटरी पर लाना है तो समाज के हर व्यक्ति को अपनी ओर से कुछ अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की।

     

  • हरियाणा सीमा पर रोका गया आरएलपी संयोजक बेनीवाल और राजस्थान के किसानों को

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    जयपुर। हरियाणा पुलिस ने नागौर के सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल को उस समय अपनी सीमाओं पर रोक दिया, जब वह राजस्थान के किसानों के एक काफिले के साथ दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे। बेनीवाल और उनके साथ मौजूद किसान दिल्ली से लगती हरियाणा और उत्तर प्रदेश की विभिन्न सीमाओं पर केंद्र की ओर से लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए दिल्ली जा रहे थे।
    राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के संयोजक बेनीवाल शनिवार दोपहर जयपुर से निकले और इसके बाद उन्होंने अपनी योजना के अनुसार, हरियाणा की सीमा पर पहुंचने से पहले राजस्थान के कोटपूतली में एक विशाल सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह संसद सत्र में भाग लेने से वंचित रह गए, क्योंकि जब यह विधेयक पेश किए गए थे तो उन्हें गलत तरीके से कोविड-19 पॉजिटिव घोषित किया गया था।
    उन्होंने कहा, “जब यह विधेयक संसद में पेश किया गया था, तो मुझे संसद सत्र में भाग लेने से वंचित किया गया, क्योंकि मुझे जानबूझकर कोविड-19 पॉजिटिव घोषित किया गया था। हालांकि मैं मीडिया के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी विधेयकों का विरोध कर रहा हूं। मैं तब से किसानों के साथ खड़ा हूं।”
    बेनीवाल ने कहा, “जब प्रधानमंत्री मोदी, जो धैर्य, ²ढ़ संकल्प और साहसी व्यक्ति हैं और जो अनुच्छेद-370 को खत्म कर सकते हैं, तो वे किसानों की बात भी सुन सकते हैं। मैंने उन्हें यह संदेश दिया कि उन्हें उन किसानों की बात सुननी चाहिए, जिन्होंने उन्हें वोट दिया है, वरना 2024 की राह मुश्किल हो जाएगी। राजग के सहयोगी के रूप में, मैंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा, जिसमें मैंने कहा है कि अगर किसानों की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो मैं राजग के साथ अपने गठबंधन पर पुनर्विचार करूंगा।”
    इस बीच, किसानों ने अलवर के शाहजहांपुर में धरना दिया, जहां से हरियाणा की सीमा शुरू होती है। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि उन्हें बॉर्डर पार करने दिया जाए, ताकि वे दिल्ली में अन्य किसानों के साथ खड़े हो सकें।
    इस दौरान किसान ‘विवादास्पद’ कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए नारे लगाते भी देखे गए।

  • भाजपा सपने देख रही तिरुपति के साथ आंध्र में सफल होने के

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    अमरावती। आंध्र प्रदेश में बड़ी उम्मीदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दक्षिणी राज्य तिरुपति से अपनी राजनीतिक विजय शुरू करना चाहती है।

    भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और सह-प्रभारी सुनील देवधर ने दावा किया, “आंध्र प्रदेश में भगवा पार्टी का पहला पड़ाव तिरुपति है। तेलंगाना में शानदार प्रदर्शन के बाद, अब तिरुपति के लोग भाजपा के प्रति अपना झुकाव दिखा रहे हैं।”

    सत्तारूढ़ युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के मौजूदा सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद का हाल ही में कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया जिससे राष्ट्रीय पार्टी को लंबी दौड़ के लिए तेलुगू राजनीतिक गलियारे को आजमाने का मौका मिला है।

    मंदिर शहर की सीट ने खुद को भाजपा के लिए एक अप्रत्याशित अवसर के रूप में प्रस्तुत किया, क्योंकि तिरुपति में ससंदीय सीट पर जीतना एक बड़ी बात होगी।

    पार्टी ने तिरुपति में अपनी राज्य कार्यकारिणी की बैठक की, जिसकी शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम से हुई।

    पार्टी में कई नियुक्तियों के बाद यह पार्टी की पहली राज्य कार्यकारी बैठक थी।

    आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सोमू वीरराजू ने कहा, “यह राज्य की पहली कार्यकारी बैठक थी। हमने राज्य की वर्तमान और भविष्य की राजनीति जैसे कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।”

    बैठक के बाद, भाजपा ने तिरुपति में एक रैली की, जिसमें वीरराजू के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ तिरुपति के आम लोग भी शामिल हुए।

    उन्होंने कहा, “भ्रष्ट परिवार दलों को रौंदने का उत्सह दिखाने के लिए तिरुपति के लोगों को मेरा विशेष आभार।”

    यहां पारिवारिक दलों से मतलब वाईएसआरसीपी और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) से है ।

    1980 के दशक की शुरुआत से, आंध्र प्रदेश में मुख्य रूप से दो दलों कांग्रेस और तेदेपा की सरकार रही है।

    तेदेपा के साथ-साथ कांग्रेस के अपना आधार खो देने के बाद वाईएसआरसीपी योग्य राजनीतिक ताकतों में से एक के रूप में उभरी है।

    अब यह वह जगह है जहां भाजपा आंध्र प्रदेश में भविष्य में बड़े पैमाने पर अपना छाप छोड़ने की ख्वाहिशमंद है।

    अगर हम मानते हैं कि वाईएसआरसीपी ने कांग्रेस का स्थान ले लिया है और तेदेपा का मूल आधार बरकरार है, तो यह देखा जाना बाकी है कि भाजपा कहां तक जाना चाहती है, क्योंकि परंपरागत रूप से दो-दलीय राज्य में ज्यादा राजनीतिक अवसर उपलब्ध नहीं हैं, हालांकि वामपंथी दल और अन्य मौजूद हैं, मगर इनका अधिक प्रभाव नहीं है।

    हालांकि, भाजपा को अभिनेता-राजनेता पवन कल्याण की स्थानीय सहयोगी पार्टी जनसेना से बहुत उम्मीदें हैं, जिसका राजनीतिक गलियारे में बहुत अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है।

    एक जुझारू अभियान के बाद जिसमें कल्याण ने खुद को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया, कल्याण ने 2019 के चुनावों में उन दोनों सीटों को खो दिया जिससे वह लड़े।

    कुछ राजनीतिक पंडितों का कहना है कि भाजपा तिरुपति में कल्याण की छवि से लाभान्वित हो सकती है, क्योंकि जाति का फैक्टर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिस बारे में कई लोगों का मानना है कि इसने 2009 के चुनावों में चिरंजीवी को जीत में मदद की थी हालांकि वह अपने गृह जिले पलाकोलू में हार गए, जहां से उनके ससुराल वाले और अधिकांश रिश्तेदार हैं।

    राष्ट्रीय पार्टी के पास अभी भी अपनी रणनीति पर विचार करने का समय है, क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा अभी तिरुपति उपचुनाव शेड्यूल निर्धारित करना बाकी है।

    ईसाई आबादी का एक बड़ा हिस्सा और मुस्लिम मतदाता आधार भी है, जिसे अभी तक भाजपा द्वारा लुभाया नहीं गया है।

  • अम्मा मिनी क्लीनिक योजना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने की शुरू

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    चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने सोमवार को एआईएडीएमके की अम्मा मिनी क्लीनिक योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य में नियोजित 2,000 क्लीनिकों में से 630 का एक साथ उद्घाटन किया। क्लीनिकों का संचालन एक डॉक्टर, एक नर्स और एक सहायक द्वारा किया जाएगा। ये सुबह और शाम चार घंटे के लिए खुले रहेंगे।

    पलानीस्वामी ने पहले कहा था कि सरकार की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग पांच से छह क्लीनिक खोलने की है।

  • मुसीबत बन रहा घना कोहरा जानें- अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम

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    देहरादून। उत्तराखंड में अगले दो दिन मैदानी इलाकों में घना कोहरा और पहाड़ियों से चलने वाली सर्द हवाएं परेशानी बढ़ाएंगी। राज्य मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिन मैदानों में कोहरा छाया रहेगा, जबकि पर्वतीय इलाकों में पाला ठंड में इजाफा कर सकता है। राज्य में तापमान घटने के भी आसार हैं। बता दें कि पिछले दिनों ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है। जगह-जगह अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रदेश में भले मौसम शुष्क बना रहा हो, लेकिन सर्द हवाओं ने काफी परेशान किया। पिछले दिनों चारधाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी से ठिठुरन और भी बढ़ गई है। हालांकि बीते दिन धूप खिलने से लोगों को काफी हद तक राहत मिली, लेकिन शाम होते ही फिर मौसम सर्द हो गया। दून घाटी समेत कई क्षेत्रों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। इससे वाहनों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं।

    अलाव जलाने के दिए निर्देश 

    बढ़ती ठंड को देखते हुए सभी जिलों के जिलाधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। जगह-जगह अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं।  रुद्रप्रयाग के डीएम मनुज गोयल ने उप जिलाधिकारियों सहित नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों के साथ ही राहगीरों को राहत मिल सके। जिलाधिकारी मनुज गोयल ने प्रतिदिन अलाव की फोटो और अलाव न जलाने का कारण भी कंट्रोल रूम में दर्ज करने के आदेश दिए हैं, ताकि कोई कोताही न हो।

    चाय की चुस्कियां के साथ  रात्रि गश्त कर रहे पुलिसकर्मी

    दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए रात्रि गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए गर्म चाय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। श्रीनगर कोतवाल मनोज रतूड़ी की पहल पर यह अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। अद्र्धरात्रि के बाद श्रीनगर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों को पुलिस का वाहन से गरमागरम चाय उपलब्ध कराई जाती है। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने कहा कि उन्होंने शीत लहर के चलते पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति यह पहल की है। इससे पुलिस कर्मियों में रात्रि गश्त के प्रति सजगता आएगी और रात्रि गश्त भी प्रभावी होगा। इस अभियान का जिम्मा कोतवाली में तैनात रहने वाले नाइट ऑफिसर पर रहता है।

     

  • डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला बोले- कृषि मंत्री और गृह मंत्री किसानों की मांग पर चर्चा…

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    चंडीगढ़। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने किसान आंदोलन को लेकर कहा है कि कृषि मंत्री और गृह मंत्री लगातार किसानों की मांग के ऊपर चर्चा कर रहे हैं। हमें उम्मीद है जल्द ही किसानों के आंदोलन पर निर्णय आएगा। समाधान चर्चा से निकलेगा अड़ने से नहीं।

    जो छोटे मामलों पर बातें अटकी है उसपर केंद्र भी झुकने को तैयार है मगर किसान संगठन के लोग किसानी का फायदा देखते हुए, अपनी ओर से जरूर एक कदम वापस लें। जो गतिरोध बन गया है उससे किसानी का नुकसान न करें किसानी का फायदा करें।

  • गुरुनानक टेकरी पंचायत हुआ भोपाल की ईदगाह हिल्स पंचायत का नाम

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    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के ईदगाह हिल्स का नाम बदलने की चल रही कवायद के बीच सिंधी पंचायत ने अपना नाम बदल लिया है। अब ईदगाह हिल्स सिंधी पंचायत का नाम गुरुनानक टेकरी पंचायत कर दिया गया है। ज्ञात हो कि विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ईदगाह हिल्स का नाम गुरुनानक टेकरी करने की मांग की थी। उनका कहना था कि यहां पांच सौ साल पहले गुरुनानक आए थे इसलिए इसका नाम गुरुनानक टेकरी होना चाहिए। सिंधी पचांयत ने तब भी शर्मा की मांग का समर्थन किया था।

    सिंधी पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से नाम बदलने का फैसला लिया गया और तय किया गया कि अब नाम गुरुनानक टेकरी पंचायत होगा। पंचायत ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने मकान पर ईदगाह हिल्स नहीं बल्कि नाम के साथ गुरुनानक टेकरी लिखें।

    रामेश्वर शर्मा ने ईदगाह हिल्स के अलावा होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम करने की भी वकालत की थी। वहीं इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर के खजराना का नाम बदलकर गणेष कॉलोनी या गणेष नगर करने की मांग उठाई थी। इसी तरह कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इंदौर का नाम देवी अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखे जाने की मांग की थी।

  • खुद खतरे की जद में गांव का विकास व किसानों को आत्‍मनिर्भर बनाने वाला भवन…

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    गरमपानी (नैनीताल) : अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास निधि (आइफैड) के तहत जलागम विभाग को लाखों करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तथा काश्तकारों को आत्मनिर्भर बनाना। पर हालात एकदम उलट हैं  आए दिन जलागम विभाग में एक के बाद एक घोटाले उजागर हो रहे हैं। बेतालघाट ब्लॉक के बसगांव क्षेत्र में बने दस लाख रुपये की लागत से बने भवन की हालत गुणवत्ता की हकीकत बयां कर रहा है। जलागम विभाग के कार्यालय के लिए बेतालघाट ब्लॉक की सिमलखा यूनिट को अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास निधि के तहत करीब दस लाख रूपये अवमुक्त हुए। मकसद था गांव में जलागम कार्यालय का निर्माण ताकि कार्यालय में बैठकर विभागीय कार्य निपटाए जा सके साथ ही किसानों के लिए भी योजनाएं तैयार की जाए। सिमलखा यूनिट की निगरानी में जोर-शोर से कार्य भी शुरु किया गया। पर एक वर्ष भी नहीं गुजरा है कि नवनिर्मित लाखों रुपये के भवन में भ्रष्टाचार की दरारें गहरी होती जा रही है।

    भवन के चारों ओर झाड़ियां उग चुकी है। नए भवन के दरवाजों के समीप गहरी होती दरारें बड़े खतरे की ओर इशारा कर रही है। सुरक्षा दीवार तक ध्वस्त हो चुकी है। जिससे गुणवत्ता की हकीकत उजागर हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलागम विभाग सरकारी बजट की धड़ल्ले से बर्बादी कर रहा है। मिलीभगत से सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है। आलम यह है कि उद्घाटन के बावजूद कार्यालय में ताला लगा हुआ है। जलागम के कर्मी समीपवर्ती पंचायत घर में बैठकर कार्य कर रहे हैं। रातीघाट बेतालघाट मोटर मार्ग पर बसगांव के समीप बने भवन को जाने वाला रास्ता भी खस्ताहाल है। लाखो रुपये खर्च होने के बावजूद रास्ता तक दुरुस्त नहीं किया गया है। क्षेत्रवासियों ने मामले में उच्च स्तरीय जांच की भी मांग उठाई है।

    विभाग के यूनिट अधिकारी जगदीश पंत का कहना है कि जलागम विभाग ने पैसा दिया है। ग्राम पंचायत के माध्यम से निर्माण करवाया गया। भुगतान हो चुका है। यदि भवन में दिक्कत आई है तो ग्राम पंचायत से ही दुरुस्त करवाया जाएगा। सिमलखा की ग्राम प्रधान लक्ष्‍मी देवी ने बताया कि मेरे कार्यकाल से पहले बना है। हमने कोई निर्माण नहीं कराया। निरीक्षण किया जाएगा। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।