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  • गहलोत सरकार की अनूठी पहल, भिखारियों को देगी रोजगार

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    जयपुर । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर गृह विभाग ने 1162 सड़क भिखारियों का सर्वेक्षण किया है, जिसके बाद राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) द्वारा एक विशेष कौशल कार्यक्रम तैयार किया गया है। आरएसएलडीसी के अनुसार, कुल सर्वेक्षण में से 898 ने कौशल हासिल करने और एक नए स्तर से जीवन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है।
    वहीं प्रदेश में 7 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार है, लेकिन गहलोत सरकार सिर्फ डेढ़ लाख युवाओं को ही बेरोजगारी भत्ता दे रही है। साथ ही कई सरकारी नौकरियों की भर्तियां अटकी हुई है।
    आरएसएलडीसी के चैयरमेन डॉ नीरज के पवन ने बताया कि नई नीति के अनुसार, हमने चयनित उम्मीदवारों को उनकी पसंद के कौशल में प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है, परिणामस्वरूप उन्हें नामित आरएसएलडीसी केंद्रों पर प्रशिक्षण और बाद में प्लेसमेंट में सहायता प्रदान की जाएगी।

    गृह विभाग के सर्वेक्षण में पता चला है कि कई भिखारियों ने कॉलेज की शिक्षा ली है, लेकिन गरीबी और अवसरों की कमी के कारण भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा । इसीलिए उन सभी को अधिक प्रयास और परामर्श प्रदान किया जा रहा है।

    आगे नीरज के पवन बताते है कि “हमारी टीम चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग के लिए मनोविज्ञान विशेषज्ञों की नियुक्ति कर रही है। क्योंकि आसान पैसे कमाने की दिनचर्या से दूर होने के लिए उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत होना जरूरी है।”

    राजस्थान सरकार ने चयनित उम्मीदवारों के लिए व्यक्तिगत रहने की लागत के साथ-साथ कौशल कार्यक्रम के दौरान एक वेतन मुहैया कराया जाएगा। जिसमें न केवल भीख मांगने वालों के लिए, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए पहल चलाई जा रही है।

    कौशल कार्यक्रम के दौरान चयनित उम्मीदवारों को एक स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। साथ में, राजस्थान सरकार द्वारा व्यक्तिगत ठहरने का खर्च भी उठाया जाएगा।

    यह गहलोत सरकार द्वारा चलाई गई एक अनूठी पहल है जिससे न केवल भीख मांगने वालों के लिए, बल्कि समाज के निम्न स्तर पर जीवनयापन करने वालों को भी सम्मान मिलेगा।

    बता दें कि जयपुर में विभिन्न इच्छुक प्रशिक्षण साझेदारों के साथ एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई है, जहां जयपुर में विभिन्न स्थानों पर 6-8 बैचों का पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया जाएगा।

  • हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज वैक्सीन के बावजूद हुए कोरोना पॉजिटिव

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    चंडीगढ़: हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है। फिलहाल अंबाला के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि 15 दिन पहले अनिल विज ने कोवैक्सीन ट्रायल में वालंटियर के तौर पर खुद को टीका लगवाया था। बावजूद इसके वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

    हरियाणा कैबिनेट में मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करते हुए कहा, “मैं कोरोना संक्रमित पाया गया हूं। मैं सिविल अस्पताल अंबाला कैंट में भर्ती हूं। जो लोग भी मेरे संपर्क में आए हैं उन्हें ये सलाह दी जाती है कि वे कोरोना की जांच कराएं।”

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विज के संक्रमित होने पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘गृहमंत्री जी, आपके कोरोना संक्रमित होने का समाचार मिला। मुझे विश्वास है कि आप अपनी दृढ़शक्ति से इस बीमारी को जल्द मात देंगे। ईश्वर से आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

    कोरोना वैक्सीन के लिए किया था वालंटियर

    बीते 20 नवंबर को विज को कोरोना की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए पहला टीका लगाया गया था। विज ने खुद ही कोरोना वैक्सीन के परीक्षण के लिए वालंटियर बनने की इच्छा जताई थी। 20 नवंबर को हरियाणा में कोवाक्सिन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया गया था। इस दौरान अनिल विज को पहला टीका लगाया गया था। विज के साथ 200 वालंटियर्स को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी।

    पीजीआई रोहतक की टीम की निगरानी में ही मंत्री विज को वैक्सीन का टीका लगाया गया। इसके बाद आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया। इससे पहले रोहतक पीजीआई की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खून का नमूना लिया। सफल ट्रायल के बाद मंत्री विज ने जीत का निशान दिखाया और सीधे चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय के लिए रवाना हो गए। मंत्री ने खुद आराम की जगह कार्यालय जाकर काम करने की इच्छा जताई थी। इस पर डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अनुमति दी थी।

    पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कहा था कि कोवैक्सीन के खतरे काफी कम हैं। अभी तक की रिसर्च में एक दो वालंटियर को हल्का बुखार व टीके के स्थान पर दर्द जैसी समस्या आई है। हमारे सभी वालंटियर स्वस्थ हैं और अभी तक किसी को कोरोना होने की रिपोर्ट भी नहीं है।

    कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

    बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के बचाव के लिए भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की दवा कोवैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है। पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल में करीब एक हजार वॉलंटियर्स को ये वैक्सीन दी गई थी।

    इस वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण भारत में 25 केंद्रों में 26,000 लोगों के साथ किया जा रहा है। ये भारत में कोविड-19 वैक्सीन के लिए आयोजित होने वाला सबसे बड़ा ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल है।

  • नया कृषि कानून: राज्यव्यापी चक्का जाम को लेकर माले कार्यकर्ता सड़क पर उतरे…

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    पटना/ आरा। सीपीआइ-माले पार्टी कार्यकर्ता शनिवार की सुबह से सड़क पर उतर गए हैं। आरा बस स्टैंड के समीप ही आरा-पटना राजमार्ग को जाम कर दिया है। सड़क जाम का नेतृत्व तरारी के भाकपा-माले विधायक सुदामा प्रसाद कर रहे है।

    तीनों कृषि कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान के सरकारी खरीद की गारंटी देने और प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लेने की  मांग कर रहे है। सड़क जाम से  वाहनों की लम्बी कतार लग गई है।

    सुबह आठ बजे से ही सड़क पर उतर गए हैं बंद समर्थक

    पूर्व से आहूत राज्यव्यापी चक्का जाम आंदोलन के तहत भाकपा -माले के कार्यकर्ता सुबह आठ बजे से ही सड़क पर उतर गए हैं। पार्टी का झंडा व बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे है। किसानों से वार्ता को दिखावा बता रहे हैं। साथ ही तीनों कृषि कानून वापस लेने,न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान के सरकारी खरीद की गारंटी देने और प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लेने की  मांग  को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे है। आंदोलन में माले विधायक सुदामा प्रसाद के अलावा पार्टी नेता क्यामुद्दीन अंसारी,दिलराज प्रीतम, अमित बंटी व गोपाल प्रसाद समेत कई कार्यकर्ता मौजूद है। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच कर जाम हटाने के प्रयास में लगी हुई है।

    धरहरा पुल से जीरो माइल तक लंबा जाम

    बस स्टैंड के पास सड़क जाम के चलते आरा-पटना राजमार्ग पर वाहनों का परिचालन शनिवार की सुबह से बंद हो गया है।धरहरा से लेकर जीरो माइल तक वाहनों की लंबी कतार लग गई है। जाम के चलते आरा-सासाराम व आरा-मोहनिया हाईवे भी प्रभावित हो गया है। लंबी दूरी की बसें भी जाम में फंसी हुई हैं।

     

  • पांच लोग दिल्ली में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, आतंकी संबंधों की जांच कर रही है पुलिस

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    नयी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आशंका है कि इनमें से कुछ लोगों के संबंध आतंकवादी संगठनों से हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो लोग पंजाब से जबकि तीन लोग कश्मीर से हैं।
    पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) प्रमोद सिंह कुशवाह ने कहा, ‘‘हमने मुठभेड़ के बाद पांच लोगों को पकड़ा है। उनके पास से हथियार एवं गोलाबारूद भी बरामद किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ के संबंध आतंकवादी संगठनों से होने की आशंका है जिसकी पुष्टि की जा रही है। मामले में जांच जारी है।

  • छत्तीसगढ़ सरकार : इन पांच ऋषि- मुनियों के नाम पर संस्कृत के विद्वानों को देगी सम्मान

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    रायपुर, छत्तीसगढ़ में यदि किसी ने संस्कृत में बेहतर काम किया है तो उन्हें पुरस्कार पाने का अवसर मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम के जरिए पुरस्कार और सम्मान दिला रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2020 में भी संस्कृत के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्वानों का सम्मान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा प्रति वर्ष पांच संस्कृत विद्वानों को सम्मानित करने की श्रृंखला वर्ष 2013 से प्रारंभ की है। महर्षि वाल्मीकि सम्मान राज्य के ऐसे विद्वान या विदुषी को प्रदान किया जाता है जिसने संस्कृत में गद्य, पद्य अथवा चंपू में नई रचना की हो।

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    छत्तीसगढ़ सरकार पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम के जरिए पुरस्कार और सम्मान दिला रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2020 में भी संस्कृत के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्वानों का सम्मान किया जाएगा।

    ऋष्यश्रृंग सम्मान राज्य के गैर सरकारी या स्वैच्छिक संस्था अथवा व्यक्ति को दिया जाता है जो संस्कृत के प्रचार-प्रसार में लगा हो। लोमश ऋषि सम्मान राज्य के ऐसे संस्कृत अध्यापक को प्रदान किया जाता है जिसने प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया हो। कौसल्या सम्मान राज्य स्तर की संस्कृति विदुषी को दिया जाता है और महर्षि वेदव्यास सम्मान संस्कृत विद्यामंडलम को व्यापक स्तर पर बौद्धिक सहयोग प्रदान करने वाले अखिल भारतीय स्तर के एक संस्कृत विद्वान को प्रदान किया जाता है।

    मिलेंगे ये सम्मान

    इसके तहत महर्षि वाल्मीकि सम्मान, ऋष्यश्रृंग सम्मान, लोमश ऋषि सम्मान, कौशल्या सम्मान और महर्षि वेदव्यास सम्मान प्रदान किया जाएगा। महर्षि वेदव्यास सम्मान में 51 हजार रुपए और शेष सम्मानों के लिए प्रत्येक विद्वान को 31 हजार रुपए की राशि के साथ शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाता है।

    संस्कृत विद्वानों के सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा 20 दिसंबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक विद्वान या संस्था अपना आवेदन सचिव छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् कार्यालय न्यू राजेन्द्र नगर पानी टंकी के पास, छत्तीसगढ़ हाथ करघा कार्यालय के सामने कार्यालयीन अवधि एवं दिवस में भेज सकते हैं।

    आवेदकों को यह जानकारी देना जरूरी

    आवेदकों को संबंधित सम्मान के लिए सम्मान का नाम एवं वर्ष, व्यक्ति या संस्था का पूर्ण परिचय पत्र व्यवहार पता सहित, संबंधित सम्मान के लिए प्रमाणित विवरण, यदि कोई पुरस्कार या सम्मान प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के संबंध में आवेदक की सहमति दो पासपोर्ट फोटोग्राफ के साथ लिफाफे पर सम्मान एवं वर्ष का उल्लेख करते हुए संस्कृत विद्यामंडलम के कार्यालय में जमा या डाक से भेज सकते हैं।

     

  • “अवसर में बदला पीएम मोदी ने आपदा को”- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

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    देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना जैसी आपदा को अवसर में बदलने का काम किया। प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर पैकेज की घोषणा की। इससे स्वास्थ्य के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को गति दी जा रही है। गरीब कल्याण पैकेज के जरिये करोड़ों जरूरतमंदों की कोरोना काल में सहायता की गई। इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि भारत ने न केवल स्वास्थ्य बल्कि आर्थिक समस्या का भी समाधान किया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा कि गरीब कल्याण पैकेज एक ऐसा कदम है, जिसे अन्य देशों को भी अपनाना चाहिए।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन दिनों उत्तराखंड दौरे पर हैं। उन्होंने रविवार को देहरादून के सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में बूथ अध्यक्ष और उससे ऊपर के पदाधिकारियों को वर्चुअल बैठक के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के सामने अमेरिका, फ्रांस, इटली व यूरोप के सभी देश असहाय दिखे। इन देशों की स्वास्थ्य सुविधाएं भारत से कहीं बेहतर हैं। अमेरिका में तो कोरोना प्रबंधन अथवा कुप्रबंधन पर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव हार गए।

    वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान आगे आकर देश का नेतृत्व किया। साहसिक कदम उठाते हुए लॉकडाउन का फैसला लिया और देश की 130 करोड़ जनता को बचा लिया। जिस दिन लॉकडाउन लागू हुआ था, उस दिन देश में कोरोना को जांच करने की क्षमता प्रतिदिन 1500 थी। प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन के दौरान देश को इसके लिए तैयार किया। आज देश की जांच करने की क्षमता प्रतिदिन 10 से 15 लाख है। पहले वेंटीलेटर बाहर से मंगाए जा रहे थे, अब देश में बनाए जा रहे हैं। पीपीई किट भी पहले बाहर से मंगाए जाते थे, आज दूसरे देशों को भेजे जा रहे हैं। 150 देशों को दवाई भेजी गई।

    प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य सेवा के साथ ही गरीबों का ध्यान रखा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज भी दिया। 1.57 लाख करोड़ रुपये इसमें खर्च किए गए। 80 करोड़ जनता को दीपावली तक राशन दिया। इस दौरान गरीबों को मुफ्त सिलिंडर देने, गरीब महिलाओं, दिव्यांगों, बजुर्गों और गरीब व विधवा महिलाओं के साथ ही किसानों के खातों में पैसे पहुंचाए गए। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब देश लॉकडाउन था तो सारी पार्टियां लॉकडाउन थीं, केवल भाजपा ने बाहर निकलकर सामाजिक कार्य किए। करोड़ों लोगों तक राशन पहुंचाया। सारी पार्टियां लॉकडाउन हैं और भगवान उन्हें लॉकडाउन ही रखे। कोई भी राजनीतिक दल बयानबाजी के अलावा कोई काम नहीं कर रहा है। विपक्षी दल अब भाजपा का विरोध करते-करते राष्ट्रीय हितों को भी दरकिनार करने लगे हैं।

     

  • मिट्टी का मोल मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जानेंगे, फसलों की पैदावार बढ़ाने में कारगर होगी जांच

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    पौड़ी। सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो आने वाले दिनों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड यानी खेतों की मिट्टी की जांच कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने में काफी कारगर साबित होगी। इसके लिए पौड़ी गढ़वाल में कृषि विभाग की ओर से ब्लॉकवार गांवों का चयन कर लिया गया है। चयनित गांवों में किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की जाएगी, जिसमें किस खेत की मिट्टी किस फसल के लिए उपयोगी साबित होगी ये पता लगाकर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएंगे। फिलवक्त विभाग की ओर से इस दिशा में ग्रामीणों को जागरुक करने की कवायद शुरु कर दिया गया है।

    विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पौड़ी जनपद में पंद्रह विकासखंड हैं। यहां के कई गांवों से पलायन भी हुआ है, जिससे काफी हद तक खेती प्रभावित हुई है। कृषि विभाग के मुताबिक मौजूदा समय में जनपद में 84 हजार 19 जोत हैं। इन सब को देखते हुए विभाग ने जनपद में ब्लॉकवार गांवों का चयन किया है। यहां विभागीय कार्मिक किसानों के खेतों से परीक्षण के लिए मिट्टी के नमूने लेंगे। इसके अलावा किसान खुद भी विभाग के माध्यम से अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण करा सकेंगे। कृषि विभाग ने जनपद में ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कार्मिक तैनात किए गए हैं, जो किसानों को मिट्टी की महत्ता के बारे में गोष्ठी आयोजित कर जागरुक भी करेंगे। फिलवक्त विभाग की ओर से इस दिशा में श्रीनगर लैब में परीक्षण का कार्य शुरु कर दिया गया है।

    ब्लॉकवार चयनित गांव की संख्या

    पौड़ी-30, कोट-25, कल्जीखाल- 20, पाबौ- 27, खिर्सू-20, थैलीसैंण-40, एकेश्वर-20, पोखड़ा- 20, जयहरीखाल-30, बीरोंखाल-40, नैनीडांडा- 30, रिखणीखाल- 20, दुगड्डा- 40, द्वारीखाल-30, यमकेश्वर- 20

    क्या है मृदा स्वास्थ्य कार्ड

    पौड़ी के मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि पहले लैब से मिट्टी की जांच होगी। फिर एक कार्ड तैयार होगा, जो किसान को दिया जाएगा। इसे मृदा स्वास्थ्य कार्ड कहा जाता है। इसमें यह उल्लेख होगा कि किस खेत की मिट्टी में कितनी उर्वरा शक्ति है और इसमें किसान कौन सी फसल को उगाकर कृषि उत्पादों को बढ़ावा दे सकता है। कृषि विभाग की ओर से जनपद के पंद्रह ब्लॉकों में 412 गांवों का चयन मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए किया गया है। मृदा स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर इन दिनों चयनित गांवों में तिथिवार गोष्ठियां आयोजित कर उन्हें मिट्टी की महत्ता और परीक्षण के माध्यम से फसल उत्पाद बढ़ाने के बारे में जानकारियां दी जा रही हैं।

     

  • उत्तराखंड में सेना भर्ती रैली 20 दिसंबर से शुरू होगी …

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    लैंसडौन(पौड़ी गढ़वाल)। सेना भर्ती कार्यालय लैंसडौन ने बीस दिसंबर से कोटद्वार में होने वाली भर्ती रैली का जिलेवार कार्यक्रम घोषित कर दिया है। भर्ती रैली में शामिल होने वाले पंजीकृत युवाओं को उनका प्रवेश पत्र ई-मेल के जरिये भेजा गया है। भर्ती रैली में कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट न लाने वाले युवा को रैली में प्रतिभाग नहीं करने दिया जाएगा।

    लैंसडौन स्थित सेना भर्ती कार्यालय के भर्ती निदेशक कर्नल विनीत वाजपेयी ने बताया की बीस दिसंबर को कोटद्वार के गबर सिंह आर्मी कैंप में उत्तरकाशी जिले की पुरोला, मोरी, राजगड़ी, डूंडा, चिन्यालीसौड़, भटवाड़ी और बड़कोट तहसील के युवा हिस्सा लेंगे। 21 दिसंबर को उत्तरकाशी के बड़कोट और रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ, जखोली और बसुकेदार तहसील की भर्ती होगी।

    22 दिसंबर को रुद्रप्रयाग जिले के रुद्रप्रयाग तहसील एवं टिहरी गढ़वाल की प्रतापनगर, टिहरी, धनौल्टी, जाखणीधार, और नरेंद्रनगर तहसील की भर्ती होगी। 24 दिसंबर को टिहरी गढ़वाल के कंडीसौण, गाजा और कीर्तिनगर और चमोली से थराली, गैरसैंण, आदिबद्री तहसील के युवा हिस्सा ले सकेंगे। 25 दिसंबर को चमोली जिले के जोशीमठ, चमोली, कर्णप्रयाग, देवाल, नारायणबगढ़, नगासू, नंद्रप्रयाग और घाट के युवा, 26 दिसंबर को चमोली की पोखरी तहसील के साथ पौड़ी जिले की जाखणीखाल, बीरोंखाल और पौड़ी तहसील के युवा रैली में शामिल होंगे।

    27 दिसंबर को लैंसडौन, सतपुली और श्रीनगर, 28 को थैलीसैंण, धूमाकोट व चौबट्टाखाल, 29 को कोटद्वार, यमकेश्वर, और चाकीसैंण तहसील के युवाओं की भर्ती होगी। 30 दिसंबर को रुड़की, हरिद्वार और भगवानपुर, 31 दिसंबर को लक्सर व देहरादून जिले की देहरादून तहसील के युवाओं के लिए भर्ती होगी। एक जनवरी को चकराता, विकासनगर, त्यूणी व दो जनवरी को ऋषिकेश, डोईवाला और कालसी के युवा रैली में भाग लेंगे।

     

  • “वजूद बचाने के लिए शामिल हो जाते है किसी भी विरोधी आंदोलन में”- रविशंकर प्रसाद

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    पटना। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन में शामिल हो रहे सभी विपक्षी दलों पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, आज हम विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, एनसीपी और उनके सहयोगी दलों के शर्मनाक दोहरे चरित्र को देश के सामने बताने आए हैं। आज जब इनका राजनीतिक वजूद खत्म हो रहा है तो अपना वजूद बचाने के लिए ये किसी भी विरोधी आंदोलन में शामिल हो जाते हैं।

  • अहम हथियार होगा विधानसभा चुनाव-2022 में इंटरनेट मीडिया- JP नड्डा

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    देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए इंटरनेट मीडिया अहम हथियार होगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा के सोशल मीडिया विभाग के कार्यकर्ताओं की बैठक में इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म का बखूबी उपयोग करने के मद्देनजर दिशा निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यकर्ताओं को परिवर्तन का वाहक भी करार दिया।

    बीजापुर गेस्ट हाउस में देर शाम हुई बैठक में नड्डा ने कहा कि भाजपा पहली पार्टी है, जिसने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया। इसका पार्टी को फायदा भी हुआ। उन्होंने यहां भी वाट्सएप गु्रप बनाने के निर्देश दिए और कहा कि इसमें आमजन को जोड़ना भी हमारा कार्य है और उन्हें अच्छे सुझावों से जोड़ना भी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया स्वयंसेवकों को हमेशा याद रखना चाहिए कि वे इस प्लेटफार्म के नेता तो हैं ही, मगर कार्यकर्ता सबसे पहले हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। यह बात प्रसारित भी होनी चाहिए। जो हमारे जन्मजात विरोधी हैं, उनकी चिंता छोड़ दें।

    उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को बुरी बातों से दूर रहना है। हमारी सोच में देश के हर वर्ग के नागरिकों के उत्तम जीवन की बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पिछले कई वर्षों से अनेक दलों के नेता अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, मगर वह अपने मार्ग से कभी नहीं हटे और देश के गरीबों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। नड्डा ने कहा कि जिन लाभार्थियों को हमारी योजनाओं का लाभ होता है, उसका वीडियो इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर साझा करना भी हमारा कार्य है। हम सब परिवर्तन के वाहक हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप जिस जगह पर हो, वहां न परिवार सहयोग करेगा और न मित्र। इसमें केवल आपका कार्य ही सहयोग करेगा।

    वंदेमातरम् वालों का चौतरफा गुणगान

    नड्डा ने उदाहरण देते हुए कि जो मुझे कहते थे कि लाल सलाम बोलो, लेकिन मैंने उन्हें हमेशा कहा कि वंदेमातरम बोलता हूं और बोलता रहूंगा। आज परिणाम सबके सामने है। लाल सलाम बोलने वाले समाप्ति की कगार पर हैं और वंदेमातरम् बोलने वाले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। विदेशों में भी वंदेमातरम् का गुणगान हो रहा है। सच्चाई को कोई डरा नहीं सकता और झूठे को कोई सच्चा नहीं कर सकता।

    कांग्रेस के चिंतन पर क्या कहूं

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने देश में 70 साल राज किया, लेकिन जितने कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने छह साल में किए हैं, कांग्रेस सपने में भी नहीं सोच सकती। अभी 11 राज्यों में हम अव्वल रहे। उसका एक ही कारण है कि हमारी योजनाओं का सभी को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपने टारगेट सेट करने हैं न कि विपक्षी दलों के। बिहार चुनाव में धारा 370 वापस लाने की बात अनेक मंचों से कही गई। इस बात को कांग्रेस नेता चिदंबरम ने पुरजोर तरीके से रखा, मगर बिहार का चुनाव परिणाम सामने है। शशि थरूर लाहौर में जाकर पाकिस्तान का गुणगान करते हैं। ऐसे में कांग्रेस के इस चिंतन पर क्या कहूं, आप सब समझते हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह मैंने तथ्य दिए, उसी तरह सोशल मीडिया विभाग के कार्यकर्ताओं को हर जगह स्पष्ट तथ्य रखने चाहिए। बैठक का संचालन प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शेखर वर्मा ने किया।