Category: state-news

  • हंगामे के बीच विजय कुमार सिन्हा बिहार विधानसभा के नए स्पीकर चुने गए

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    पटना । बिहार में सत्तारूढ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विजय कुमार सिन्हा को बिहार विधानसभा का अध्यक्ष चुन लिया गया है। राजग के प्रत्याशी सिन्हा के पक्ष में 126 मत आए जबकि उनके विपक्ष में 114 मत आए।

    महागठबंधन ने सीवान के विधायक अवध बिहारी चौधरी को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया था।

    बिहार विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कार्यवाही प्रारंभ होने के बाद अध्यक्ष पद को लेकर पहले ध्वनिमत से चुनाव कराने की बात कही, तब विपक्ष के सदस्यों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति को लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस क्रम में वे वेल में आ गए। इस हंगामे के बीच प्रोटेम स्पीकर बार-बार सदस्यों को अपने सीट पर जाने का आग्रह करते रहे।

    विपक्ष का कहना था कि मुख्यमंत्री इस सदन के सदस्य नहीं हैं, इस कारण मतदान के दौरान नहीं रह सकते हैं। हालांकि प्रोटेम स्पीकर इसे नियम के मुताबिक बताते हुए कहा कि ये मुख्यमंत्री हैं, सदन में उपस्थित रह सकते हैं, लेकिन मतदान में शामिल नहीं होंगे।

    इसके बाद भी जब विपक्ष का हंगामा शांत नहीं हुआ तब प्रोटेम स्पीकर ने पांच मिनट के लिए विधानसभा स्थगित कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के बाद मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। मत विभाजन की प्रक्रिया के बाद प्रोटेम स्पीकर ने विजय कुमार सिन्हा के पक्ष में 126 मत तथा विपक्ष में 114 मत की बात की घोषणा करते हुए उन्हें निर्वाचित घोषित कर दिया।

  • 28 दिसंबर से शुरू मप्र विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र

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    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर में होगा। यह सत्र तीन दिवसीय होगा और 28 से 30 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विधानसभाध्यक्ष के निर्वाचन के साथ नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सरकार के प्रस्ताव पर विधानसभा का सत्र बुलाने की अनुमति दे दी है। यह सत्र 28 से 30 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विधानसभाध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष का चुनाव हेागा और हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में निर्वाचित 28 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी।

    सूत्रों का कहना है कि इस सत्र में मध्य प्रदेश धर्म स्वातं˜य विधेयक-2020 पर भी चर्चा हो सकती है। धर्मांतरण और लव जिहाद को रोकने के लिए लाने का सरकार पहले ही ऐलान कर चुकी है और उसी क्रम में कानून बनाने की बात चल रही है। इसके अलावा बजट का अनुपूरक अनुमान सदन में पेश किया जा सकता है।

  • विधानसभा अध्यक्ष पद पर महागठबंधन ने भी उतारा प्रत्याशी

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    पटना । बिहार विधानसभा अध्यक्ष को लेकर विपक्षी दलों के महागठबंधन ने भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है। महागठबंधन ने इसके लिए सीवान के विधायक अवध बिहारी चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद यह तय हो गया है कि विधानसभा अध्यक्ष को लेकर इस बार चुनाव होगा। राजद के विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को यहां कहा कि महागठबंधन की ओर से अवध बिहारी चौधरी ने स्पीकर पद के लिए नामांकन भर दिया है।

    उन्होंने चौधरी की जीत का दावा करते हुए कहा कि बिहार में विधानसभा में अध्यक्ष का पद अहम और जिम्मेदारी वाला पद होता है, जो पक्ष और विपक्ष को साथ लेकर चल सके, सबकी बातें सुने। इसके लिए अनुभव का होना बहुत जरूरी है।

    एआईएमआईएम के समर्थन देने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे सभी विधायकों से अपील करेंगे कि वे अनुभवी को अध्यक्ष चुनने के लिए वोट दें। उन्होंने कहा कि चौधरी पहली बार 1985 में विधायक बने थे और अब तक पांच बार विधायक रहे हैं।

    इधर, प्रत्याशी बनने के बाद चौधरी ने कहा कि महागठबंधन ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने विधायकों को विश्वास जताते हुए कहा कि वे अध्यक्ष बनने के बाद पूरे नियम से और बिना भेदभाव के सदन चलाने का काम करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष के लिए बुधवार को चुनाव होना है।

  • शिवसेना MLA प्रताप सरनाईक के घर और दफ्तर पर ED ने मारा छापा

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    शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के घर और दफ्तर पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है।यह छापेमारी किस मामले में की जा रही है इसे लेकर अभी कोई जानकारी नहीं मिल पायी है। बता दें कि शिवसेना विधायक प्रताप नाईक अक्‍सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। ताजा मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय राज्‍य के सुरक्षा प्रदाताओं, शीर्ष समूह के प्रवर्तकों और कुछ राजनेताओं समेत उनसे संबंधित सदस्यों के परिसरों पर खोज कर रहा है। मुंबई और ठाणे के 10 स्थानों पर ये छापेमारी चल रही है।

    ठाणे के ओवला-मजीवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक इससे पहले भी चर्चा में रहे थे। प्रताप सरनाईक कंगना रनौट पर मुंबई की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की तुलना करने के मामले में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था, उन्होंने कहा था कि कंगना ने अपने ट्वीट में महाराष्ट्र और मुंबई की छवि को “खराब” किया है। सांसद संजय राउत ने कंगना को आगाह करते हुए कहा था कि अगर वह यहां आती है तो हमारी बहादुर महिलाएं उसे थप्पड़ मारे बिना नहीं छोड़ेंगी।

  • अहमद पटेल सभी कांग्रेसियों के लिए हर राजनैतिक मर्ज़ की दवा: दिग्विजय

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    भोपाल । कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि वह सभी कांग्रेसियों के लिए हर राजनैतिक मर्ज़ की दवा थे। कांग्रेस के वरिष्ठ रणनीतिकार पटेल (71) का गुरुग्राम के एक अस्पताल में बुधवार सुबह निधन हो गया। वह कोविड-19 से पीड़ित थे। दिग्विजय ने ट्वीट किया, ‘‘अहमद पटेल नहीं रहे। एक अभिन्न मित्र, विश्वसनीय साथी चला गया। हम दोनों सन 1977 से साथ रहे। वे लोकसभा में पहुँचे, मैं विधान सभा में। हम सभी कांग्रेसियों के लिए वे हर राजनैतिक मर्ज़ की दवा थे। मृदुभाषी, व्यवहार कुशल और सदैव मुस्कुराते रहना उनकी पहचान थी।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी कितना ही गुस्सा हो जाए, उनमें यह क्षमता थी कि वे उसे संतुष्ट करके ही भेजते थे। मीडिया से दूर, पर कांग्रेस के हर फैसले में शामिल। कड़वी बात भी बेहद मीठे शब्दों में कहना उनसे सीख सकता था। कांग्रेस पार्टी उनका योगदान कभी भी नहीं भुला सकती। अहमद भाई अमर रहें।‘’

    दिग्विजय ने आगे लिखा, ‘‘अहमद भाई बहुत ही धार्मिक व्यक्ति थे और कहीं पर भी रहें, नमाज़ पढ़ने से कभी नहीं चूकते थे। आज देवउठनी एकादशी भी है जिसका सनातन धर्म में बहुत महत्व है। अल्ला उन्हें जन्नतउल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाएँ। आमीन।

  • फोनकर मंत्री पद का लालच दे रहे लालू प्रसाद NDA के विधायकों को: सुशील मोदी

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    पटना । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद पर जेल से ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों को फोन कर मंत्री पद का लालच देने का आरोप लगाया है। मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से मंगलवार की शाम ट्वीट करते हुए लिखा, “लालू प्रसाद यादव रांची से राजग के विधायकों को (8051216302) मोबाइल नंबर से फोन कर उन्हें मंत्री पद का लालच दे रहे हैं। जब मैंने उस नंबर पर फोन किया तो स्वयं लालू यादव ने फोन उठाया। मैंने उनसे कहा कि इस तरह की गंदी हरकतें जेल से मत कीजिए, इसमें आप कामयाब नहीं होंगे।”

    उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद विधानसभा में राजग और महागठबंधन के विधायकों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं है। राजग के पास जहां 125 विधायक हैं, वहीं महागठबंधन के पास 110 सीटें हैं।

    गौरतलब है कि लालू प्रसाद चारा घोटाले के मामले में रांची की जेल में सजा काट रहे हैं। फिलहाल वे स्वास्थ्य कारणों से रिम्स में भर्ती हैं

  • माफियाओं पर शिवराज सरकार की टेढ़ी नजर, कांग्रेस हमलावर

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    भोपाल । मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार की अवैध अतिक्रमण करने वाले और माफियाओं पर नजर टेढ़ी है और यही कारण है कि राज्य के कई हिस्सों में ताकतवर लोगों की इमारतों को ढहा दिया गया है। इस मुहिम के चलते सरकार पर पक्षपात के आरोप भी लगने लगे हैं।

    राज्य में उपचुनाव के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर तल्ख हैं और वे अतिक्रमणकारियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर सरकार के सख्त होने का संदेश देना चाह रहे हैं। उसी के तहत इंदौर, जबलपुर ग्वालियर के साथ अन्य स्थानों पर भी बुलडोजर चल रहा है।

    राज्य में पहली बड़ी कार्रवाई इंदौर में गोम्मटगिरी क्षेत्र में बने कंप्यूटर बाबा के आश्रम पर हुई थी। बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर बनाए गए आश्रम को न केवल ढहा दिया गया था बल्कि कंप्यूटर बाबा और उनके साथियों को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद कंप्यूटर बाबा के करीबी रमेश तोमर के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया। इतना ही नहीं नगर निगम के दस्ते ने खजराना क्षेत्र के चार सूचीबद्ध गुंडों के अवैध अतिक्रमण को ढहा दिया।

    इसके अलावा जबलपुर में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव रहे गजेंद्र सिंह सोनकर के भान तलैया स्थित कार्यालय और आलीशान बंगले के एक हिस्से को भी नगर निगम ने तोड़ दिया। गजेंद्र उर्फ गज्जू के घर पर पुलिस ने दबिश दी थी तो जुआ पकड़ा गया था और पुलिस ने साढ़े सात लाख रुपये भी जब्त किए थे।

    इसी तरह ग्वालियर में भी पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस नेता अशोक सिंह के परिजनों द्वारा संचालित मैरिज गार्डन के एक हिस्से को गिरा दिया, जिसका कांग्रेस ने सड़क पर उतर कर विरोध किया था।

    मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों गृह विभाग को निर्देश दिए थे कि प्रदेश में किसी भी प्रकार के माफिया तथा जनता के साथ धोखाधड़ी करने वाली चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। किसी को भी बख्शा न जाएं। ताकि बदमाशों के मन में खौफ होना और अपराधी तत्वों के विरूद्ध निरंतर कार्रवाई हो।

    कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं। ग्वालियर की कार्रवाई पर तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने तंज कसा है और ग्वालियर कलेक्टर की इस कार्रवाई को काबिल-ए-भारत रत्न करार दिया है।

  • कोरोना वायरस के टीके संबंधी पूरी तैयारियां रखने के गहलोत ने अभी से दिए निर्देश

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    जयपुर । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में कोरोना वायरस के टीके के आने के बाद उसके भंडारण एवं वितरण संबंधी अभी से पूरी तैयारियां रखने के निर्देश दिए। उन्होंने टीके के भंडारण, उसकी आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था तथा प्राथमिकता क्रम आदि बिंदुओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चूंकि चिकित्साकर्मी सबसे अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा हैं, अतः उन्हें टीका लगाने संबंधी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा जाए। गहलोत ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संक्रमण खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहा है और जरा सी लापरवाही खुद के साथ ही दूसरों के लिये भी जानलेवा हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जनहित में कड़े फैसले लिये हैं। आमजन, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों को समझना होगा कि प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सामाजिक दूरी समेत सभी प्रोटोकॉल के संबंध में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों की पालन सभी के हित में है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश के आठ जिला मुख्यालयों पर नगरीय क्षेत्र में रात में कर्फ्यू तथा शाम सात बजे के बाद बाजार बन्द कराने, विवाह समारोह में 100 से अधिक लोगों के एकत्र होने तथा मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना बढ़ाने जैसे फैसले जीवन की रक्षा के लिए जरूरी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को इस बात का एहसास है कि प्रदेश में संक्रमण के बढ़ने के पीछे त्यौहारी सीजन के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़, बढ़ती सर्दी, वैवाहिक कार्यक्रमों में अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति के साथ-साथ नगरीय-निकाय तथा पंचायत चुनावों के प्रचार में सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं होना भी है। उन्होंने कहा कि न्यायिक बाध्यता तथा संवैधानिक प्रावधानों के कारण सरकार ने निकाय एवं पंचायत चुनाव कराए।

  • बारात में हो रही थी घुड़चढ़ी, नाचने को लेकर झड़प में 4 घायल

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    मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरनगर में एक बारात में नाचने को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हो गई जिसमें एक महिला सहित 4 लोग घायल हो गए. घटना गुरुवार को मुजफ्फरनगर जिले के मुबारकपुर गांव में घटी.

    मंसूरपुर स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) कुशलपाल सिंह के अनुसार, मुसीबत तब शुरू हुई जब हरदीप और सुरेंदर, जो कथित रूप से नशे की हालत में थे, में ‘घुडचड़ी’ की रस्म के दौरान नाचने को लेकर झगड़ा हो गया.

    एसएचओ ने कहा कि जल्द ही दोनों गुटों के और लोग इसमें शामिल हो गए, जिससे हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें डंडों और तेज धार वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया.

    पुलिस ने कहा कि हरदीप, सुरेंद्र, सोनू और काजल घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मामले की जांच की जा रही है.

  • जमानत टली लालू यादव की, अब 11 दिसंबर को होगी सुनवाई

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    पटना । चारा घोटाला में सजायाफ्ता दोषी व राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। अब इस मामले में फैसला 11 दिसंबर को आएगा । गौरतलब है कि शुक्रवार को रांची हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली थी, लेकिन आखिरी समय में लालू प्रसाद यादव की याचिक पर सुनवाई टल गई। गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव ने झारखंड के दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत याचिका लगाई है। यदि हाईकोर्ट से उन्‍हें दुमका कोषागार के मामले में अब 11 दिसंबर को जमानत मिल जाती है तो वे जेल से बाहर सकते हैं।

    गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव को झारखंड में दर्ज चारा घोटाला के पांच मामलों में से चार मामले में CBI की विशेष अदालत ने सजा दे दी चुकी है। अब इन मामलों की अपील रांची हाईकोर्ट में लंबित है, जबकि डोरंडा कोषागार से संबंधित अंतिम पांचवे मामले में अभी CBI कोर्ट में सुनवाई जारी है।

    सीबीआई मुबाबिक लालू को चार मामले में अलग-अलग सजा हुई है, लेकिन CBI कोर्ट ने अपने आदेश में लालू को सभी सजा एक साथ चलाने का आदेश नहीं दिया है। यही कारण है कि लालू की सभी सजा एक साथ नहीं चल सकती है।

    सीआरपीसी के प्रावधानों के मुताबिक किसी व्यक्ति को एक से अधिक मामलों में दोषी करार देकर सजा सुनाई जाती है और कोर्ट सभी सजा एक साथ चलाने का आदेश नहीं देती है, तो उस व्यक्ति की एक सजा की अवधि समाप्त होने के बाद ही उसकी दूसरी सजा शुरू होगी। ऐसे में लालू यादव को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है।