Category: state-news

  • 200 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे सत्ता में आए तो: हरीश रावत

    [object Promise]

    देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत विधानसभा चुनाव आते देख लुभावने वायदों पर दांव खेलना मुनासिब समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में लौटी तो 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देंगे। इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फार्मूले को अपनाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को 25 लीटर शुद्ध पीने का पानी भी 2024-25 तक मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

    यही नहीं, उनके वायदों को लेकर हमला करने वालों पर तंज कसते हुए उन्होंने गुलजार की पंक्तियां कहीं। उन्होंने कहा, मचल कर जब भी आंखों में ढलक जाते हैं दो आंसू, सुना है झरनों को बड़ी तकलीफ होती है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने दल बदलुओं की वापसी को लेकर पार्टी हाईकमान के आदेश का उल्लेख करने वाले पार्टी नेताओं को फिर निशाने पर लिया। उन्होंने पूछा कि क्या दलबदलुओं ने कांग्रेस में अर्जी लगाई है। फिर इस प्रसंग में बार-बार हाईकमान का उल्लेख क्यों किया जा रहा है।

     

  • शपथ ली जीतनराम मांझी ने प्रोटेम स्‍पीकर की, 23 से 27 तक चलेगा पहला सत्र

    [object Promise]

    पटना। Bihar Assembly Session बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के बाद नवगठित बिहार विधानमंडल के पहले सत्र की घोषणा कर दी गई है। नवगठित विधानसभा (Bihar Assembly) का सत्र 23 से शुरू होकर 27 नवंबर तक चलेगा। जबकि, विधानपरिषद (Bihar Legislative Council) का दो दिनों का सत्र 26 व 27 नवम्बर को होगा। इस सत्र के दौरान 25 नवंबर को नए विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) काे चुना जाएगा। इसके पहले जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने गुरुवार को प्रोटेम स्‍पीकर (Protem Speaker) पद की शपथ (Oath) ली।

    सदन के वरिष्ठतम सदस्य को बनाया जाता प्रोटेम स्‍पीकर

    नई विधानसभा का कामकाज नियमित स्‍पीकर के निर्वाचन तक चलाने के लिए प्रोटेम स्‍पीकर की नियुक्ति की जाती है। विधानसभा में वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्‍पीकर बनाने की परंपरा है। नई विधानसभा में जीतनराम मांझी सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। वे गया के इमामगंज से विधायक भी हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई नई कैबिनेट की पहली बैठक में उन्‍हें प्रोटेम स्‍पीकर बनाने का फसला लिया गया था।

    जीतन राम मांझी आज लेंगे प्रोटेम स्‍पीकर पद की शपथ

    प्रोटेम स्‍पीकर नए विधायकों को शपथ दिलाते हैं। वे नियमित स्‍पीकर के निर्वाचन तक सदन का कामकाज चलाते हैं। इसके लिए राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी को नियुक्‍त किया है। उन्‍हें गुरुवार को 11:30 बजे राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में पद की शपथ दिलाई।

    23 से 27 नवंबर तक चलेगा नई विधानसभा का पहला सत्र

    नई विधानसभा का पहला सत्र 23 नवंबर से 27 नवंबर तक चलेगा। विधान परिषद का सत्र 26 व 27 नवम्बर को चलेगा। 26 और 27 नवंबर को विधान परिषद का सत्र भी चलेगा। विधानसभा में प्रोटेम स्‍पीकर 23 और 24 नवंबर को नवनिर्वाचित विधायकों काे शपथ दिलाएंगे। फिर, 25 नवंबर को विधानसभा के सदस्‍य नियमित स्‍पीकर का निर्वाचन करेंगे। सत्र के दौरान 26 नवंबर को राज्यपाल का अभिभाषण तथा 27 नवंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद और सरकार के जवाब का दिन रहेगा।

     

  • आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की

    [object Promise]

    देहरादून। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र आनंद ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर मेहरबानी दिखा रही है। राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सिडकुल) की ओर से उत्तर प्रदेश की ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों को काम देने से एक बार फिर सरकार और अधिकारियों के बीच का गतिरोध सामने आया है। इससे यह भी साफ है कि मुख्यमंत्री अफसरशाही पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है।

    रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि एक विभाग स्थानीय ठेकेदारों और एजेंसियों को दरकिनार करके उत्तरप्रदेश की ब्लैकलिस्टेड निर्माण एजेंसियों को काम दे रहा है, यह स्थानीय एजेंसियों के साथ धोखा है। पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर सवाल यह उठता है कि क्यों सरकार की ओर से इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए कोई रणनीति नहीं बनाई जाती। एक तरफ सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रही है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जोशी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग खुद अपने रेस्क्यू के इंतजार में है। गंगोत्री ग्लेशियर पर उच्च न्यायालय की टिप्पणी से ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। अगर सरकार ने इसी तरह से आंखे बंद रखी तो उत्तराखंड को केदारनाथ जैसी ही आपदा का सामना करना पड़ सकता है।

    अमित जोशी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने गंगोत्री ग्लेशियर में कूड़े से बन रही झील को लेकर एक जनहित याचिका में आपदा सचिव को कोर्ट की अवमानना करने व पद और सरकारी नौकरी के अयोग्य बताया है। कोर्ट की इस टिप्पणी से प्रदेश के आपदा प्रबंधन का हाल साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विधायक, मंत्रियों के बीच समन्वय की कमी तो जनता पहले कई बार देख चुकी है, लेकिन अब अधिकारियों और सरकार के बीच समन्वय भी जनता देख रही है। उन्होंने नमामि गंगा परियोजना के नाम पर तंज कसते हुए कहा कि इस परियोजना पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाये जा रहे हैं, लेकिन जिस गंगा के लिए केंद्र व राज्य सरकार बार-बार अपनी पीठ थपथपा रही हैं, आज उसी मां गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री ग्लेशियर को लेकर लापरवाही पर कोर्ट को टिप्पणी करनी पड़ रही है।

     

  • सम्मान होगा विश्वविद्यालय टॉपरों का

    [object Promise]

    देहरादून। प्रदेश में उत्तराखंड बोर्ड के मेधावियों की तर्ज पर अब उच्च शिक्षा में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर विश्वविद्यालय टॉपरों का सम्मान सरकार करेगी। कला, विज्ञान और वाणिज्य, तीनों संकायों के टॉपरों के लिए पुरस्कार राशि तय की गई है। त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने नई पहल के रूप में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र पुरस्कार योजना पर मुहर लगाई। वहीं कोरोना वायरस संक्रमण में तेजी को देखते हुए प्रदेश में डिग्री कॉलेज और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को खोलने का फैसला अभी टाल दिया गया है।

    मंत्रिमंडल ने अन्य महत्वपूर्ण फैसले में पति के साथ पत्नी का नाम भू-अभिलेखों में दर्ज करने पर सहमति जताई। महिलाओं को भूमिधरी अधिकार देने के नियमों को अंतिम रूप देने को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार शाम सचिवालय में हुई। बैठक में 13 प्रस्तावों में से 11 पर मुहर लगी, जबकि दो वापस किए गए। कैबिनेट मंत्री एवं शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने मंत्रिमंडल के फैसलों को ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री मेधावी छात्र पुरस्कार योजना संचालित होगी। उच्च शिक्षा में अच्छे अंक लाने की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सरकार उक्त कदम उठा रही है। तीन संकायों कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातकोत्तर व स्नातक स्तर पर विश्वविद्यालय टॉप करने वाले मेधावियों के लिए पुरस्कार राशि तय की गई है।

    स्नातकोत्तर स्तर पर सर्वाधिक अंक पाने वाले को पहले पुरस्कार के रूप में 75 हजार रुपये, दूसरे स्थान के लिए 60 हजार रुपये और तीसरे स्थान के लिए 30 हजार रुपये बतौर पुरस्कार दिए जाएंगे। स्नातक स्तर पर पहले पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपये, दूसरे पुरस्कार के लिए 30 हजार रुपये और तीसरे पुरस्कार के लिए 15 हजार रुपये की राशि तय की गई है। उन्होंने बताया कि दो राज्य विश्वविद्यालयों, श्रीदेव सुमन और कुमाऊं के टॉपर पुरस्कार के हकदार होंगे। ये पुरस्कार हर साल दिए जाएंगे।मंत्रिमंडल ने प्रदेश में उच्च व तकनीकी शिक्षण संस्थान खोलने को हरी झंडी नहीं दिखाई। दीपावली त्योहार के बाद प्रदूषण बढऩे के साथ तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। इस बारे में निर्णय अब अगली बैठक में लिया जाएगा। कॉलेज व तकनीकी संस्थान एक दिसंबर से खोलने के संकेत दिए गए हैं।

    इन प्रस्‍ताओं पर लगी मुहर 

    • आवास नीति 2018 में संशोधन किया गया, नियमावली में कुछ नए बिंदु जोड़े गए, ईडब्‍यूएस में बनने वाले मकानों में मानक बदले गए।
    •  मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हुआ अपर सचिव राधा रतूड़ी सदस्य, लॉ सेक्रेट्री भी सदस्य होंगे, महिलाओं को भूमिधरी अधिकार कैसे मिले उसके लिए कमेटी बनी, यह कमेटी अपनी रिपोर्ट अगली कैबिनेट में प्रस्तुत करेगी।
    •  श्रम विभाग में हुआ निर्णय, श्रम विभाग में दो फीसद अतिरिक्त उधार की केंद्र से व्यवस्था मिली। रिवरफ्रंट डेवलपमेंट के अंतर्गत एमडीडीए की भूमि नगर निगम को वापस दी गई। कैबिनेट ने मंजूरी दी, यह जमीन देहरादून के ब्राह्मण  वाला में मौजूद है।
    •  पीएसी में पुलिस कर्मियों की नियमावली में हुए संशोधन।
    •  मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना शुरू की गई, कैबिनेट ने दी गई मंजूरी, प्रदेश के राजकीय डिग्री कॉलेज में यह योजना,ग्रेजुएशन के लिए 50 हजार ,30 हजार और 15 हजार, पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए 75 हजार 60 हजार और 30 हजार।
    • प्रदेश में डिग्री कॉलेज खोलने के लिए निर्णय रूका अब अगली कैबिनेट के में आएगा प्रस्ताव, कोविड-19 के कारण फिलहाल अभी प्रदेश में डिग्री कॉलेज नहीं खुलेंगे।
    •  उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में 2019 में व्यवस्था बदली, केंद्र से मिले निर्देशों को राज्य में किया गया स्वीकार।
    • देघाट ब्लॉक में केंद्रीय विद्यालय के लिए 113 हेक्टर जमीन निशुल्क देगी राज्य सरकार।
    • लोक सेवा आयोग का 19वां प्रतिवेदन को मंजूरी दी गई।
    •  प्राविधिक शिक्षा परिषद के माध्यम से अब स्टाफ नर्सों की भर्ती।

    विधानसभा की रिक्त सीट को लेकर मचा घमासान  

    विधानसभा की सल्ट सीट से विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के निधन के कारण यह सीट रिक्त हो गई है। विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी। विधायक जीना का 12 नवंबर का देहांत हो गया था।

    वित्त ने विभागवार पदों की सूचना 20 तक मांगी

    अगले वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य के बजट को बनाने का काम वित्त ने प्रारंभ कर दिया है। वित्त सचिव अमित नेगी ने सभी विभागों से 20 नवंबर तक पदों की सूचना मांगी है। सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को जारी आदेश में एक अप्रैल, 2020 की स्थिति के मुताबिक उक्त जानकारी बजट कार्यालय को देने को कहा गया है। वित्त सचिव ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएगी। किसी और माध्यम से सूचना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

     

  • 21वीं सदी में दुनिया की आशाएं और अपेक्षाएं भारत से हैं: पीएम मोदी

    [object Promise]

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी (PDPU), गांधीनगर के आठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने इस दीक्षांत समारोह में वीडियो कॉन्फेरेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने वर्चुअल रूप से पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय में मोनोक्रिस्टलाइन सोलर फोटो वोल्टाइक पैनल के 45 मेगावाट के उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्टूडेंट्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज, आप ऐसे समय में उद्योग में प्रवेश कर रहे हैं, जब महामारी के कारण दुनिया के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। इस समय, उद्यमिता और रोजगार के विकास के कई अवसर हैं।

    [object Promise]
    PDPU Eighth Convocation 2020 प्रधानमंत्री ने इस दीक्षांत समारोह में वीडियो कॉन्फेरेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। पीएम ने कल ट्वीट कर जानकारी साझा की थी। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा था कि 21 नवंबर को सुबह 11 बजे मैं पीडीपीयू गांधीनगर के दीक्षांत समारोह को संबोधित करूंगा।

    बता दें कि प्रधानमंत्री ने कल ट्वीट कर जानकारी साझा की थी। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा था कि 21 नवंबर को सुबह 11 बजे, मैं पीडीपीयू, गांधीनगर के दीक्षांत समारोह को संबोधित करूंगा। प्रधानमंत्री ने आज वर्चुअल रूप से पीडीपीयू में अनुसंधान, नवाचार और सीखने को बढ़ावा देने वाले विभिन्न केंद्रों उद्घाटन किया।

  • शिवराज सिंह चौहान ने गुपकार गठबंधन को बताया, पाकिस्तान और चीन का ‘गुप्तचर’

    [object Promise]

    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर में बने ‘गुपकर गठबंधन’पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वास्तव में यह ‘गुप्तचर संगठन’ है जिसके लोग पाकिस्तान और चीन के लिए जासूसी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन ‘देश विरोधी गठबंधन’है, क्योंकि इसमें शामिल जितने नेता हैं, वे सब राष्ट्र विरोधी बयान देते हैं। चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस इस ‘‘देश विरोधी गुपकर गठबंधन’’ के साथ खड़ी है। वहीं, मध्यप्रदेश कांग्रेस ने कहा कि चौहान राज्य में फैले कोरोना वायरस को रोकने में अपनी सरकार की विफलता को छिपाने के लिए गुपकर गठबंधन पर विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म किये जाने पर इसकी बहाली की मांग को लेकर नेशनल कांफ्रेंस एवं पीडीपी सहित जम्मू-कश्मीर के कुछ प्रमुख क्षेत्रीय दलों ने ‘गुपकार गठबंधन’ का गठन किया है। चौहान ने आरोप लगाया कि रोशनी कानून की आड़ में इस गुपकर संगठन के नेताओं ने जम्मू कश्मीर में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन हड़प ली।’’ चौहान ने कहा, ‘‘यह नेशनल कॉन्फ्रेंस हो या पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) हो, इनके बच्चे तो विदेशों में पढ़ रहे हैं। ये कश्मीरी बेटे-बेटियों के हाथ में पत्थर थमाते रहे हैं। इन्होंने विलासितापूर्ण जीवन जिया। कश्मीर को लूटने की आजादी इनको थी। इन्होंने जम्मू कश्मीर को अंधेरे में धकेला। आज ये सब इकट्ठे होकर देशद्रोह की बोल रहे हैं और कांग्रेस भी इनके साथ-साथ खड़ी हुई है।’’

    पूर्व में भाजपा के पीडीपी के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी राष्ट्र विरोधी दृष्टिकोण वालों के साथ भाजपा कभी नहीं रहेगी और इसलिए हम उस गठबंधन से उस समय उस सरकार की नीति के कारण बाहर हो गए थे।’’ गौरतलब है कि पिछले सप्ताह कांग्रेस ने कहा था कि वह ‘गुपकर गठबंधन’ में शामिल नहीं हुए हैं। चौहान ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधा। चौहान ने कहा, ‘‘पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सत्ता जल्दी प्राप्त करने की चाह में देश के विभाजन को स्वीकार किया था। देश का विभाजन करवाया। वह नेहरू थे जिन्होंने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करवाया, वो नेहरू ही थे जिन्होंने एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान की व्यवस्था करके कश्मीर को भारत से समरस नहीं होने दिया था, वो नेहरू थे जिन्होंने कश्मीर के मामले को जो हमारे देश का आंतरिक मामला था, उसे संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाकर जनमत संग्रह तक की बात की थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उस अलगाववादी मानसिकता से कांग्रेस आज भी नहीं उभरी है।’’ चौहान ने कहा, ‘‘आज मैं कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी से सवाल पूछना चाहता हूं कि जम्मू कश्मीर में जो गुपकर गठबंधन बना है, आज सारा देश यह जानना चाहता है कि धारा 370 की समाप्ति का विरोध करने वालों और आतंकवाद को बढ़ावा देकर जम्मू-कश्मीर की फिज़ा में ज़हर घोलने वालों के साथ हाथ में हाथ डालकर कांग्रेस पार्टी क्यों खड़ी है?।’’ चौहान ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने 11 अक्टूबर को एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि वे लोग अनुच्छेद 370 की बहाली चीन की मदद से करेंगे। वहीं, 23 अक्टूबर को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती बोलती हैं कि वह उस वक्त तक तिरंगा नहीं उठाएंगी और न ही किसी को उठाने देंगी, जब तक कि उन्हें कश्मीर का झंडा वापस नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वह नेता हैं जिन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने को असंवैधानिक कहा था और देश की सुरक्षा को खतरा बता दिया था। यह कांग्रेस पहली बार नहीं कह रही है। चौहान ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘यहां के एक और नेता हैं जो अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन से जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करवाएंगे। कांग्रेस बताए कि क्या कुछ और सुनना बाकी रह गया है।’’ उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस गुपकार गठबंधन के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव भी लड़ रही है। चौहान ने कहा, ‘‘वास्तव में कांग्रेस हमेशा से इन देशद्रोही ताकतों का साथ देती रही है। यहां तक कि कांग्रेस नेता पी चिदंबरम खुलेआम कह रहे हैं, गुलाम नबी आजाद कह रहे हैं कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 फिर से बहाल होनी चाहिए।’’ चौहान ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस से सवाल पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस का अनुच्छेद 370 के बारे में दृष्टिकोण क्या है? मैडम सोनिया गांधी को स्पष्ट करना चाहिए। अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाने के पक्ष में वह दोमुंही बातें क्यों कर रहे हैं? आतंकवादियों के साथ उनके रिश्ते क्या हैं? बटला हाउस एनकाउंटर के बाद क्यों सोनिया गांधी रात भर आंसू बहाती रहीं? क्यों दिग्विजय सिंह आतंकवादियों के साथ खड़े हुए?’’ चौहान ने कहा,‘‘ गुपकर गठबंधन’ बनाने का कारण ‘‘अब्दुल्लाओं, मुफ्तियों और एक गांधी परिवार की लूट की दुकान अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद बंद हो गई थी। इसलिए यह इनकी एकजुटता का कारण है। अब ये फिर से जम्मू-कश्मीर की हवा में ज़हर घोलने का प्रयास कर रहे हैं।’’ चौहान ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर खुली हवा में सांस ले रहा है। जिन गलियों में कभी खून के निशान दिखते थे, वहां प्राकृतिक सौंदर्य की महक आने लगी है।

  • उत्तराखंड आएंगे पांच दिसंबर को BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा, तीन दिन के दौरे में लेंगे 13 बैठकें

    [object Promise]

    देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का उत्तराखंड दौरा फाइनल हो गया है। प्रदेश भाजपा को मिले कार्यक्रम के अनुसार नड्डा पांच दिसंबर को देहरादून पहुचेंगे। तीन दिवसीय प्रवास के दौरान वह 13 बैठकें लेंगे। उनका प्रबुद्धजनों के सम्मेलन में शिरकत करने का कार्यक्रम भी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व तैयारियों में जुट गया है। इस सिलसिले में 22 नवंबर को टोली बैठक भी बुलाई गई है।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने हाल में राज्यों का दौरा करने का निश्चय किया था। इसी कड़ी में वह दिसंबर में उत्तराखंड आ रहे हैं। पूर्व में ये तय हुआ था कि वह दिसंबर के पहले पखवाड़े में यहां आएंगे, लेकिन तिथि तय नहीं हो पा रही थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार अब तिथि तय हो गई हैं और केंद्रीय कार्यालय से प्रस्तावित कार्यक्रम भी मिल गया है।

    इसके तहत नड्डा पांच दिसंबर को देहरादून पहुंचेंगे और सात दिसंबर को दिल्ली लौटेंगे। सूत्रों ने बताया कि उत्तराखंड प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश कार्यकारिणी के साथ बड़ी बैठक लेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों, मोर्चों और विभाग संयोजकों के साथ भी अलग से बैठक करेंगे। वह बूथ और मंडल इकाइयों का निरीक्षण करने के साथ ही पार्टीजनों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।

    इसके अलावा प्रबुद्धजनों से रायशुमारी भी करेंगे। उधर, राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के मद्देनजर प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 22 नवंबर को टोली बैठक बुलाई है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, महामंत्री संगठन, दोनों महामंत्री आदि मौजूद रहेंगे। भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने इसकी पुष्टि की।

     

  • 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार वरिष्ठ आरएएस अधिकारी

    [object Promise]

    जयपुर । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों (एसीबी) ने वरिष्ठ आरएएस अधिकारी प्रेमाराम परमार को शनिवार सुबह पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी टीम आरोपित से पूछताछ करने के साथ ही आवास पर सर्च कर रही है।

    एसीबी के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि वरिष्ठ आरएएस अधिकारी प्रेमाराम परमार बीकानेर में उप निवेशन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद से अक्टूबर माह में सेवानिवृत हुआ था। जिसे नहरी भूमि आवंटन के एवज में 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते बाड़मेर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है।

    रिश्वत देने वाले दलाल नजीर खां निवासी पोकरण जैसलमेर को भी एसीबी टीम ने पकड़ा है। करीब 1 माह पूर्व एसीबी को जानकारी मिली कि प्रेमाराम परमार अतिरिक्त आयुक्त नहरी भूमि आवंटन में सेवानिवृति से तुरन्त पहले पौंग बांध विस्थापितों, भूतपूर्व सैनिकों, महाजन फील्ड फायरिंग रेन्ज के विस्थापितों व भूमिहीन किसानों के नाम पर दलालों के मार्फत भूमि आवंटन कर भारी रिश्वत राशि ले रहा है।

    संदिग्ध अधिकारी पर एसीबी ने निगरानी शुरू की। शुक्रवार देर रात बाड़मेर स्थित आवास पर प्रेमाराम को दलाल नजीर खां 5 लाख रुपए की रिश्वत देन आया। एसीबी टीम ने कार्रवाई कर रिश्वत देने-लेने के आरोप में दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में प्रेमाराम के पास अकूत सम्पति होने के प्रमाण और करीब 20 लाख रुपए नकद मिले है। प्रेमाराम के जयपुर स्थित आवास पर सर्च मेें 8 लाख रुपए नकद, सम्पति के दस्तावेज, जोधपुर आवास से 7 लाख 72 हजार रुपए नकद व 15 लाख रुपए के गहने, जमीन जायदाद के दस्तावेज, एल.एण्ड.टी. कम्पनी में शेयर के दस्तावेज व बाड़मेर आवास से करीब 3 लाख रुपए (5 लाख रुपए रिश्वत के अलावा) व करीब 20 लाख रुपए के आभूषण आदि मिले है।

    जोधपुर आवास पर सर्च के दौरान बड़ी तादात में विदेशी व महंगी शराब की बोतलें भी मिली है। जिस पर थाना बोरानाडा जोधपुर में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जालोर स्थित 36 बीघा फार्म हाऊस के दस्तावेज मिले है और अन्य कई अचल सम्पतियों की जानकारी मिली है। अकूत सम्पति मिलने से आय से अधिक सम्पति का प्रकरण ओर दर्ज होने की संभावना है।

    महंगे भाव में बेचते थे जमीन – अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन ने बताया कि दलाल नजीर खां की ओर से विस्थापितों को बहुत ही कम रुपए देकर उनके नाम से उपनिवेशन विभाग की मिलीभगत से अच्छी जमीन आवंटित करवाकर अपने नाम व अन्य के नाम रजिस्टी करवाई जाती। जिसके बाद उसे आगे महंगे भाव में बेची जाती थी, जो विस्थापित इनके माध्यम से जमीन आवंटित नहीं करवाता था, उसे बेकार की बंजर जमीन देरी से आवंटित की जाती थी। एसीबी की ओर से प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।

  • त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हरिद्वार में खिसक सकते हैं आगे, जानिए वजह

    [object Promise]

    देहरादून। हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (ग्राम, क्षेत्र व जिला) आगे खिसक सकते हैं। जिले में एक नगर निकाय के उच्चीकरण के अलावा चार नए नगर निकायों के गठन के मद्देनजर चल रही कसरत को देखते हुए फिलहाल क्षेत्र व जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का काम रोक दिया गया है। माना जा रहा कि नए निकायों के गठन एवं उच्चीकरण में करीब एक माह का वक्त लग सकता है। ऐसे में जिले में पंचायत चुनाव अगले साल मार्च से आगे खिसकने की संभावना प्रबल हो गई है।

    हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले वर्ष होने हैं। वहां की 306 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 31 मार्च 2021 को खत्म हो रहा है, जबकि छह क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायत का कार्यकाल अप्रैल पहले हफ्ते में। इसे देखते हुए पंचायतीराज विभाग की ओर से चुनाव के मद्देनजर हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन शुरू किया गया।

    ग्राम पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नौ नवंबर से क्षेत्र व जिला पंचायतों का परिसीमन प्रस्तावित था। इस बीच छह नवंबर को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य में नौ नगर निकायों के गठन के साथ ही कुछ निकायों के उच्चीकरण का फैसला लिया गया। इसके तहत हरिद्वार जिले में नगर पंचायत भगवानपुर का उच्चीकरण किया जाना है, जबकि इमलीखेड़ा, रामपुर, पाडलीगुर्जर व ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव है।

    जाहिर है नए निकायों के गठन और उच्चीकरण में कुछ गांवों को इनमें शामिल किया जा सकता है। इस सबको देखते हुए पंचायतीराज विभाग ने हरिद्वार जिले में क्षेत्र व जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का काम फिलहाल रोक दिया है। बताया गया कि शहरी विकास विभाग ने जिले में नए निकायों के गठन और उच्चीकरण के मामलों में कम से कम एक माह का वक्त लगने की संभावना जताई है। जाहिर है कि इससे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन के साथ ही अन्य प्रक्रियाएं भी आगे खिसकेंगी। ऐसे में पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर हो पाएंगे, इसमें संदेह है।

    पंचायतीराज एक्ट के मुताबिक पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन पहले चुनाव कराने आवश्यक हैं। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में इसे आगे भी खिसकाया जा सकता है। हरिद्वार में जो परिस्थितियां बन रही हैं, वे इस तरफ इशारा कर रही हैं कि मार्च-अप्रैल में पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद वहां प्रशासक बैठाए जा सकते हैं। यानी, चुनाव अपै्रल के बाद होंगे। हालांकि, चुनाव कब होंगे, इसका फैसला सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को करना है, जिन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

     

  • केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, उत्तराखंड में बढ़ी ठिठुरन

    [object Promise]

    देहरादून। उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख होने लगे हैं। केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात से ही बर्फबारी का दौर जारी है। वहीं, उत्तरकाशी के हर्षिल सुक्की, धराली, ओसला गंगाड और जानकीचट्टी में बारिश हो रही है। दून समेत आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सर्द हवाएं चलने से शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है, जबकि न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बादल छाए रहे। बर्फीली हवा ने पहाड़ों में ठिठुरन बढ़ा दी है। कुमाऊं के अल्मोड़ा और मुक्तेश्वर प्रदेश में सबसे ठंडे रहे। दोनों शहरों में न्यूनतम तापमान क्रमश: 1.6 और 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    पहाड़ों में बदलते मौसम का असर मैदानों में भी महसूस किया जा रहा है। मैदानों में भी पारे ने गोता लगाया है। ऊधमसिंहनगर में पारा 3.9 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं हरिद्वार में यह 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इतना ही नहीं देहरादून और मसूरी में भी पारा सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। विशेषकर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की संभावना है।

    ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश 

    रविवार की शाम को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय सहित तहसील मुख्यालयों में मौसम बदला और आसमान में बादल छाए, जबकि गोमुख सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई। मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। यहां अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।