Category: state-news

  • गहलोत ने भाजपा पर किया तंज, कहा- लव जिहाद शब्द देश को बांटने के लिए गढ़ा गया

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    जयपुर । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लव जिहाद को लेकर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि यह शब्द उसने देश को बांटने व सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है। गहलोत ने इस बारे में एक ट्वीट में लिखा कि लव जिहाद शब्द भाजपा ने देश को बांटने व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है। शादी विवाह व्यक्तिगत आजादी का मामला है जिस पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह किसी भी अदालत में टिक नहीं पाएगा। प्रेम में जिहाद का कोई स्थान नहीं है। गहलोत का यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनके अनुसार उत्तर प्रदेश की सरकार लव जिहाद को लेकर सख्त कानून बनाने की तैयारी में है।

    इसी बारे में एक और ट्वीट में गहलोत ने लिखा है, ‘वे देश में ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां वयस्कों की आपसी सहमति राज्य सरकार की दया पर निर्भर होगी। शादी विवाह व्यक्तिगत निर्णय होता है और वे इस पर लगाम लगा रहे हैं जो कि व्यक्तिगत आजादी छीनने जैसा ही है।’ गहलोत ने कहा कि यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने, सामाजिक तनाव बढ़ाने वाले वाला नजर आ रहा है और यह सरकार द्वारा नागरिकों से किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं करने के संवैधानिक प्रावधानों के प्रतिकूल है।

  • इस सीजन चारों धाम के दर्शन किए 3.11 लाख श्रद्धालुओं ने

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    गोपेश्वर(चमोली)। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही हिमालय की चारधाम यात्र ने भी विराम ले लिया। कोरोना संक्रमण के चलते हालांकि इस बार यात्रा विलंब से शुरू हुई, लेकिन बरसात के बाद उसने काफी गति पकड़ ली। मध्य अक्टूबर के बाद तो बदरी-केदार धाम में तीन से चार हजार यात्री रोजाना पहुंचने लगे थे। यही वजह रही कि कपाट बंद होने तक चारों धाम में यात्रियों की संख्या तीन लाख 11 हजार 549 पहुंच गई।

    गुरुवार को बदरीनाथ धाम के साथ ही भविष्य बदरी धाम और द्वितीय केदार मध्यमेश्वर धाम के कपाट भी बंद हो गए। इससे पूर्व, अन्नकूट पर्व पर 15 नवंबर को गंगोत्री धाम और भैयादूज पर्व पर 16 नवंबर को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। इसके अलावा गत 17 अक्टूबर को चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम और गत चार नवंबर को तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद हो चुके थे। जबकि, हिमालय के पांचवें धाम कहे जाने वाले हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा के साथ ही लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी बीते दस अक्टूबर को बंद कर दिए गए थे।

    बदरीनाथ

    बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी की अगुआई में आज भगवान नारायण के बालसखा उद्धवजी और देवताओं के खजांची कुबेरजी की डोली और आदि शंकराचार्य की गद्दी यात्र पांडुकेश्वर स्थित योग-ध्यान बदरी मंदिर के लिए रवाना होगी। उद्धवजी व कुबेरजी शीतकाल में यहीं निवास करते हैं। जबकि, रावल, धर्माधिकारी, वेदपाठी व श्रद्धालु आदि शंकराचार्य की गद्दी के साथ 21 नवंबर को जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर पहुंचेंगे। शीतकाल में यहीं गद्दी की पूजा होती है।

    भविष्य बदरी और वंशीनारायण मंदिर के कपाट भी बंद

    सुभाईं गांव स्थित भविष्य बदरी धाम के कपाट भी बदरीनाथ धाम के साथ दोपहर 3.35 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी ने बताया कि परंपरा के अनुसार भविष्य बदरी धाम के कपाट बदरीनाथ धाम के साथ ही खोले और बंद किए जाते हैं।उधर, भगवान वंशीनारायण मंदिर के कपाट भी दोपहर बाद 3.35 बजे बंद किए गए।

    मध्यमेश्वर के कपाट बंद

    पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर धाम के कपाट भी सुबह सात बजे शीतकाल के लिए बंद हो गए। कपाट बंदी की प्रक्रिया सुबह चार बजे विशेष पूजाओं के साथ शुरू हुई। मुख्य पुजारी टी.गंगाधर लिंग ने स्वयंभू शिवलिंग को शीतकाल के लिए समाधि दी। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी, वेदपाठी, पुजारी उपस्थित थे।

     

  • MP विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर ने लव जिहाद पर कहा-कितने सीता को हम रूबिया बनने देंगे

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    भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्‍वर शर्मा ने कहा कि लव जिहाद से कहीं न कहीं पाकिस्‍तान और ISI के एजेंट जुड़े हुए हैं। पाकिस्‍तान और ISI के एजेंट ही सीता को रुबिया बनाने का षड्यंत्र रचते हैं। कब तक हम सीता को रुबिया बनने देंगे और मरने देंगे? इसके साथ ही शर्मा ने लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने के लिए मध्‍य प्रदेश सरकार की सराहना की।

    रामेश्‍वर शर्मा (Rameshwar Sharma) ने यह भी सवाल किया कि नरगिस और सुनील दत्त जैसा सच्चा प्यार यदि मौजूदा वक्‍त में कहीं नजर आए तो मुझे दिखाइये। ऐसी कितनी नरगिस सुनील दत्त के साथ ब्याही गई बताइए। मध्यप्रदेश सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने का एक बेहतरीन फैसला लिया है। इस अपराध में 10 साल के कैद का प्रावधान होना चाहिए। पाकिस्तान और आईएसआई एजेंट सीता को रुबिया में बदलने की साजिश कर रहे हैं…

    प्रोटेम स्पीकर शर्मा ने सवाल किया, हम कब तक सीता को रुबिया बनने देंगे, कब तक हम सीता को मरने देंगे? भारत और मध्य प्रदेश को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। इसलिए अब सख्त कानून बनेगा जिससे अपराधी डरेंगे।

    इसके साथ ही मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष) रामेश्वर शर्मा उक्‍त कानून में दस साल तक की सजा का प्रविधान करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि लव जिहाद में शामिल लोग बेटियों को बहला-फुसलाकर या अपनी पहचान बदलकर फंसाते हैं, उनके साथ दुष्कर्म करते हैं और बाद में मौत के घाट उतार देते हैं। लव जिहाद को लव बताने वालों को लेकर प्रोटेम स्पीकर ने स्पष्ट किया कि जिसके घर की बेटी इस साजिश का शिकार होती है उनसे इसका दर्द समझना चाहिए।

    शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में मांग की है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की बहन-बेटियों को बहला-फुसलाकर धर्मातरण किया जाता है और शादी की जाती है तब उनको आरक्षण से मिलने वाली सुविधाएं प्रतिबंधित की जानी चाहिए। उन्होंने बिहार से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए लिखा है कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में जमानत दिए जाने के संबंध में उदारतापूर्वक रवैया अपनाने के निर्देश हैं।

    शर्मा ने कहा है कि 10 साल से कम दंडनीय अपराधों में आरोपित को 60 दिनों में जमानत देने का प्रावधान है जबकि अन्य गंभीर अपराधों में यह अवधि 90 दिन की है। लव जिहाद में सजा 10 वर्ष की जाए तो अपराधियों में भय बैठेगा और उन्हें जल्द जमानत नहीं मिलेगी। ऐसा किए जाने से इस कानून की मंशा भी पूरी हो सकेगी।

    मालूम हो कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को कहा था कि राज्य सरकार अगले विधानसभा सत्र में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सख्‍त कानून लाएगी जिसमें पांच साल के सश्रम कारावास का प्रावधान होगा।

    मिश्रा ने बताया था कि लव जिहाद के बढ़ते मामलों को लेकर कई राज्‍य सरकारें भी ऐसे कानून पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार भी कड़ा कानून लाने जा रही है। लव जिहाद के खिलाफ लाया जाने वाला कानून गैर-जमानती अपराध होगा। उल्‍लेखनीय है कि कर्नाटक और हरियाणा जैसे राज्‍य भी लव जिहाद को लेकर ऐसा ही कानून लाए जाने की बातें कह चुके हैं।

  • उत्तराखंड में मशरूम की खेती से 20 हजार बेरोजगारों को जोड़ने का लक्ष्य…

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    देहरादून। प्रदेश सरकार कोरोना काल के दौरान अन्य राज्यों से घर लौटे प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री मशरूम विकास योजना शुरू करने जा रही है। इसका मकसद 20 हजार युवाओं को मशरूम की खेती से जोड़ना है। इसके अलावा सरकार औद्योगिक भांग की खेती के लिए भी नियमावली बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।

    कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने गुरुवार को विधानसभा में विभागीय अधिकारियों के साथ औद्योगिक भांग और मशरूम की खेती के संबंध में विचार विमर्श किया। बैठक के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में मशरूम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इससे नौजवानों को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है। नौजवानों की बेरोजगारी दूर कर उन्हें आर्थिकी से जोड़कर पलायन करने से रोका जा सकता है।

    हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत कई ऐसी योजनाएं हैं, जो स्वरोजगार के लिए बनाई गई हैं। इसमें अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए अभी तक इसमें मिलने वाली छूट को और बढ़ाने पर विचार चल रही है। भांग की खेती पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में इसकी अपार संभावनाएं हैं। उत्पादक इसके लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं।

    किसान भी इसकी खेती शुरू करना चाहते हैं। इस पर लंबे समय से चर्चा तो हो रही है लेकिन इसकी कोई नियमावली न होने के कारण इस दिशा में बहुत अधिक काम नहीं हो पाया है। अब विभाग को इसकी नियमावली बनाने को कहा गया है कि किस तरह से भांग की खेती शुरू की जा सके। इससे राज्य के साथ ही किसानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।

     

  • आज है खरना, जानें छठ पूजा के दूसरे दिन क्या है इसका महत्व

    Chhat Puja 2020 Kharna Date: छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय होता है। उसके बाद दूसरा दिन खरना होता है। हिन्दी पंचाग के अनुसार, छठ पूजा का खरना कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है। खरना को लोहंडा भी कहा जाता है। इसका छठ पूजा में विशेष महत्व होता है। खरना के दिन छठ पूजा के लिए विशेष प्रसाद बनाया जाता है। खरना के दिन भर व्रत रखा जाता है और रात प्रसाद स्वरुप खीर ग्रहण किया जाता है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष खरना कब है और इसका क्या महत्व है?

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    छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय होता है। उसके बाद दूसरा दिन खरना होता है। हिन्दी पंचाग के अनुसार छठ पूजा का खरना कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है।

    छठ पूजा 2020: 20 नवंबर, दिन शुक्रवार को

    नहाय-खाय 2020: 18 नवंबर, दिन बुधवार को

    छठ पूजा का दूसरा दिन: खरना या लोहंडा

    नहाय-खाय के बाद खरना छठ पूजा का मुख्य पड़ाव है। इस साल खरना 19 नवंबर दिन गुरुवार को है। खरना या लोहंडा के दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 47 मिनट पर होगा, वहीं सूर्यास्त शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।

    क्या है खरना

    छठ पूजा का व्रत रखने वाला व्यक्ति खरना के पूरे दिन व्रत रखता है। उसके बाद रात को खीर खाता है और फिर सूर्योदय के अर्घ्य देकर पारण करने तक ना कुछ खाता है और न ही जल ग्रहण करता है। खरना एक प्रकार से शारीरिक और मानसिक शुद्धि की प्रक्रिया है। इसमें रात में भोजन के बाद अगले 36 घंटे का कठिन व्रत रखा जाता है।

    खरना के दिन छठ पूजा का प्रसाद

    खरना के दिन छठ पूजा का प्रसाद बनाया जाता है। इसमें गुड़ और चावल का खीर बनाया जाता है, साथ ही पूड़ियां, खजूर, ठेकुआ आदि बनाया जाता है। पूजा के लिए मौसमी फल और कुछ सब्जियों का भी प्रयोग होता है। व्रत रखने वाला व्यक्ति इस प्रसाद को छठी मैया को अर्पित करता है। खरना के दिन प्रसाद ग्रहण कर वह व्रत प्रारंभ करता है। छठ पूजा का प्रसाद बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि चूल्हे में आग के लिए केवल आम की लकड़ियों का ही प्रयोग हो।

     

     

  • सरकार से हरी झंडी मुंडोली-डांगूठा मोटर मार्ग को, 65 किमी कम होगी सड़क की दूरी

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    चकराता(देहरादून)। दशकों से सड़क निर्माण की राह देख रहे सीमांत क्षेत्रवासियों की मांग पूरी हो गई। सुदूरवर्ती क्षेत्र में बसे सैकडों ग्रामीणों की समस्या दूर करने को सरकार ने प्रस्तावित मुंडोली-डांगूठा मोटर मार्ग के निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी। पहले चरण में होने वाले नौ किमी सड़क निर्माण को शासन ने करीब तीस लाख बजट स्वीकृत किया है। इस मार्ग के बनने से कथियान से चकराता के बीच की दूरी घटकर 65 किमी कम हो जाएगी। सड़क बनने से जौनसार-बावर के तीन दर्जन से अधिक गांवों के सैकडों किसान-बागवानों और स्थानीय जनता को आवाजाही में आसानी रहेगी।

    जौनसार-बावर में पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले चकराता-मुंडोली-डांगूठा मोटर मार्ग बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। चकराता वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा से होकर गुजरने वाले इस मार्ग के कुछ हिस्से में निर्माण कार्य ब्रिटिशकालीन समय में किया गया था। चकराता के पास जंगलायत चौकी से खडंबा होकर मुंडोली के लिए पहले से बने 39 किमी लंबे वन विभाग के मुंडाली-चकराता मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहुत कम होती है। मुंडोली से आगे डांगूठा के बीच नौ किमी हिस्से में कोई सड़क नहीं होने से यहां सिर्फ वन विभाग और वन विकास निगम के वाहनों का संचालन होता है। सीमांत शिलगांव, बावर, कुनैन, लखौ खत व जौनसार से जुड़े तीन दर्जन से अधिक गांवों व तोक-मजरों में रह रहे सैकडों ग्रामीणों के लिए यह मार्ग सबसे नजदीक पड़ता है। स्थानीय ग्रामीण पिछले कई वर्षों से प्रस्तावित मुंडाली-डांगूठा मोटर मार्ग बनाने की मांग कर रहे हैं।

    केंद्र औ राज्य सरकार से गुहार लगाने के बाद पटियूड़ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता फतेह सिंह चौहान, महावीर सिंह, रतन सिंह आदि ने कुछ समय पहले वरिष्ठ भाजपा नेता और निदेशक एप्पल फेडरेशन उत्तराखंड प्रताप सिंह रावत से मुलाकात कर उन्हें समस्या बताई। निदेशक प्रताप रावत ने ग्रामीण जनता की इस समस्या को मुख्यमंत्री के सामने प्रमुखता से रखा। शासन स्तर पर लगातार पैरवी करने से उनकी मेहनत रंग लाई। ग्रामीण जनता की मांग पर सरकार ने प्रस्तावित मुंडाली-डांगूठा मार्ग निर्माण को हरी झंडी दे दी। मामले में सचिव उत्तराखंड शासन रमेश कुमार सुधांशु के निर्देशन में अनु सचिव दिनेश कुमार पुनेठा ने इस संबंध में प्रमुख अभियंता लोनिवि को आदेश जारी किए है। शासन ने पहले चरण में होने वाले नौ किमी लंबे प्रस्तावित मुंडाली-डांगूठा मोटर मार्ग के निर्माण कार्य को 29.97 लाख बजट स्वीकृत किया है।

    निदेशक एप्पल फेडरेशन उत्तराखंड प्रताप रावत ने कहा इस मार्ग के बनने से सीमांत क्षेत्र के सैकडों ग्रामीण किसान व बागवानों को अपनी कृषि और अन्य सामान गांव से बाजार-मंडी लाने ले जाने में आसानी रहेगी। सड़क बनने से सैकडों स्थानीय जनता को चकराता आने-जाने के लिए 65 किमी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में बड़ी सुविधा और आसानी रहेगी। सड़क निर्माण को शासन स्तर से मंजूरी मिलने पर क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई।

    65 किमी कम होगी सड़क की दूरी

    सीएम की घोषणा में शामिल प्रस्तावित मुंडोली-डांगूठा मोटर मार्ग बनने से चकराता की दूरी 65 कम हो जाएगी। चकराता ब्लॉक से जुड़े सबसे अंतिम छोर में बसे कथियान और शिलगांव क्षेत्र की सड़क दूरी 125 किमी है। स्थानीय ग्रामीण जनता को चकराता से कथियान-शिलगांव पहुंचने के लिए वाया त्यूणी होकर 125 से लेकर 140 किमी का लंबा सफर तय करना पड़ता है। प्रस्तावित उक्त मार्ग के बनने से यह दूरी घटकर 48 से 60 किमी रह जाएगी। इससे कथियान और शिलगांव क्षेत्र के सैकडों ग्रामीणों को चकराता आने-जाने के लिए 60 से 85 किमी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

    इस मार्ग के बनने से कथियान, डांगूठा, पटियूड़, भूनाड़, ऐठान, छजाड़, हरटाड़, बगूर, डिरनाड़, ओवरासेर, भूठ, फनार, किस्तुड़, खादरा, सारनी, सैंज-कुनैन, पुरटाड़, बनियाना, खाटुवा समेत आसपास के तीन दर्जन से अधिक गांवों को आवाजाही में काफी आसानी रहेगी। सड़क बनने से सीमांत क्षेत्र के किसान और बागवान अपनी कृषि बड़ी आसानी से बाजार-मंडी ले जा सकेंगे। इससे उन्हें पहले मुकाबले गाड़ी भाड़ा कम देना पड़ेगा और घंटों का सफर कम समय में आसानी से पूरा जाएगा।

     

  • दाई-दीदी क्लीनिक का मुख्यमंत्री बघेल ने किया शुभारंभ

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    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के जन्म दिवस पर महिलाओं के लिए क्लीनिक दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए 03 स्पेशल मोबाइल दाई-दीदी क्लीनिक को अपने निवास से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने मोबाइल क्लीनिक के भीतर जाकर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया और अपने ब्लड प्रेशर की जांच भी करायी। इस दाई-दीदी स्पेशल क्लीनिक में डॉक्टर सहित सभी चिकित्सकीय स्टाफ महिलाएं होंगी और केवल महिलाओं का ही निःशुल्क इलाज किया जाएगा।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि दाई-दीदी क्लीनिक देश में अपनी तरह का पहला क्लीनिक है, जो केवल महिलाओं का इलाज करेगा। वर्तमान में इसे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर निगम क्षेत्र में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है और आगे इसका विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकोच के कारण महिलाएं अपनी बीमारी को खुलकर नहीं बता पाती हैं। इस कारण उनकी बीमारी का सही उपचार नहीं हो पाता। अब दाई-दीदी क्लीनिक में महिला चिकित्सक और महिला स्टाफ होने से वे निःसंकोच अपना समुचित इलाज करा सकेंगी। इसमें महिलाओं को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्हें अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से इस क्लीनिक का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की है।

    इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राज्य गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक, महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती अलरमेल मंगई डी., रायपुर कलेक्टर भारतीदासन, नगर निगम कमिश्नर रायपुर, डॉक्टर, नर्स  सहित उपस्थित थे।

    गौरतलब है कि दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शहरों में स्थित आंगनबाड़ी के निकट पूर्व निर्धारित दिवसों में यह क्लीनिक स्लम क्षेत्र में लगाया जाएगा। इस क्लीनिक के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बच्चों आदि के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न हितग्राहीमूलक परियोजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

    जनरल क्लीनिक में महिलाओं के लिए पृथक जांच कक्ष और काउंसलर नहीं होने से महिलाएं परिवार नियोजन के साधन, कॉपर-टी निवेशन, आपातकालीन पिल्स की उपलब्धता, गर्भनिरोधक गोलियां, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, परिवार नियोजन परामर्श, एसटीडी परामर्श में शर्म का अनुभव करती है। इस महिला क्लीनिक में डेडीकेटेड महिला स्टाफ होने से अब इस प्रकार के परामर्श निःसंकोच ले सकेंगी।

  • श्रद्धालुओं की भीड़ से व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतें बदरीनाथ धाम में

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    बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ से व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतें हो रही हैं। रात्रि को सात हजार से अधिक यात्रियों के बदरीनाथ धाम में पहुंचने से यात्रियों को वाहनों में ही रात गुजारनी पड़ी, जबकि बदरीनाथ धाम में पांच हजार से कम यात्रियों की ही रहने की व्यवस्था है। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि रात्रि को 6800 यात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि होटल धर्मशालाएं बंद होने से यात्रियों को दिक्कतें होनी स्वाभाविक थी।

    धाम में रात्रि तक श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। बदरीनाथ धाम में सीमित होटल व धर्मशालाएं खुली होने के चलते यात्रियों को दिक्कतें हुई। यात्री वाहन में ही बैठकर रात्रि गुजारने के लिए मजबूर हुए। बुजुर्गों व बच्चों को इससे खासी दिककतें हुई। बदरीनाथ धाम में बर्फ जमी होने के चलते ठंड भी बढ़ी है। श्रद्धालु कई जगह व्यापारियों द्वारा जलाए गए अलाव सेकते भी नजर आए। हालांकि, तड़के से बदरीनाथ दर्शनों के लिए कतार लगनी शुरू हो गई थी, जो अभी भी जारी है।

    बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के उत्सव में शामिल होने के लिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बदरीनाथ पहुंचने की उम्मीद है। बदरीनाथ धाम में सुबह से ही यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई है।

    बदरीनाथ मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही कतार लगी है। कपाट बंद होने के कार्यक्रम दोपहर बाद शुरू होने हैं। धार्मिक रस्मों के साथ शाम 3 बजकर 35 मिनट पर शीतकाल के लिए भगवान बदरीविशाल के कपाट बंद होने हैं। कपाट खुलने के बाद बीते दिन तक एक लाख 40 हजार से अधिक यात्री बदरीनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं।

  • बिहार सरकार में पूर्व DY. CM सुशील कुमार मोदी और संजय झा को मिली नई जिम्मेदारी

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    पटना। पूर्व डिप्‍टी सीएम सुशील कुमार मोदी के बिहार की नई एनडीए सरकार में शामिल नहीं होने के बाद से माना जा रहा था कि उन्‍हें संगठन और सरकार में भी कोई अहम जिम्‍मेदारी मिल सकती है। सीएम नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा भी था कि मैं सुशील जी को मिस करुंगा। अब सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ ही  पूर्व जल संसाधन मंत्री संजय झा को विधान भवन में ठिकाना मुहैया करा दिया है।

    अहम है दोनों समितियां

    विधान परिषद के दोनों वरिष्ठ सदस्यों को अलग अलग समितियों का अध्यक्ष बनाया गया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री  सुशील मोदी को आचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पूर्व मंत्री संजय झा को याचिका समिति की जिम्मेदारी दी गई है। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। दोनों समितियां विधान परिषद की स्थाई है और महत्वपूर्ण समितियां है।

    विधान सभा सत्र के दौरान विधानमंडल के किसी सदस्‍य या अधिकारियों के खिलाफ भी काम में किसी प्रकार की लापरवाही की शिकायत पर आचार समिति के अध्‍यक्ष पर कार्रवाई की जिम्‍मेदारी  होती है।

    नीतीश भी बनाए गए थे अध्‍यक्ष

    बता दें कि जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद आचार समिति के अध्यक्ष  नीतीश कुमार बनाए गए थे।  इससे पहले आचार समिति के अध्यक्ष  पूर्व शिक्षा मंत्री पीके शाही और विधान परिषद के पूर्व वरिष्ठ सदस्य रामबचन राय रह चुके हैं।  अवधेश नारायण सिंह के इस पहल से दोनों वरिष्ठ नेताओं को विधान भवन में अस्थाई रूप से बैठने का ठिकाना मिल गया है।

     

  • सरकार की कोरोना संक्रमण रोकने के ल‍िए व्‍यवस्‍था को कांग्रेस ने बताया नाकाफी….

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    देहरादून। कांग्रेस ने देश में फिर बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। साथ ही राज्य सरकार पर कोरोना संक्रमण को नियंत्रित न कर पाने का आरोप लगाया। राज्य में अब तक की गई व्यवस्थाओं को कांग्रेस ने नाकाफी बताया है।

    राजपुर रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से देश की राजधानी दिल्ली समेत अनेक राज्यों में ठंड बढऩे के साथ ही कोरोना संक्रमण के मामले अचानक बढऩे लगे हैं, उसे देखते हुए राज्य की कोई तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। जबकि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन संक्रमित मरीजों व मौत के मामले भी सामने आ रहे हैं। धस्माना ने कहा कि राज्य में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 70 हजार पहुंच गया है और मरने वालों की संख्या भी 1100 पार हो चुकी है। सरकार इससे पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रही है। सरकार ने कोरोना के मामले में जनता को उनके हाल पर छोड़ा है, जो चिंता का विषय है।

    मसूरी में स्थापित होगी अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा

    देहरादून: मसूरी में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही यहां पार्क और सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जाएंगे। बुधवार को मसूरी विधायक गणेश जोशी शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने कौशिक के समक्ष मसूरी विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं और योजनाओं को रखा।

    विधायक जोशी ने कहा कि मसूरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवन निर्माण एवं वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू नहीं होने से पात्र आवास सुविधा से वंचित हैं। जोशी ने कहा कि पूर्व में की गई घोषणा के तहत मसूरी में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अटल का मसूरी से विशेष लगाव था, वह कई बार मसूरी आए थे। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने विधायक जोशी को आश्वस्त किया कि जल्द ही एमडीडीए के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं वन टाइम सेटलमेंट योजना को भी अतिशीघ्र लागू किया जाएगा।