देहरादून। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की नवनियुक्त कार्यसमिति की पहली ही बैठक में हंगामा हो गया। पार्टी के हरिद्वार कार्यालय को प्रशासन की ओर से तोड़े जाने का नोटिस देने के मामले में प्रदेश सचिव मशकुल कुरैशी ने प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाया तो दूसरे प्रदेश सचिव प्रदीप चौधरी भड़क गए। इस मसले पर पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी भी चौधरी के साथ हो गए। हंगामा बढ़ने पर वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा, तब बैठक संपन्न हो सकी। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
समाजवादी पार्टी के परेड ग्राउंड स्थित प्रदेश कार्यालय में कार्यसमिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद प्रदेश सचिव मशकुल कुरैशी ने अपने संबोधन में हरिद्वार कार्यालय को मिले नोटिस का मुद्दा उठा दिया।
उनका कहना था कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण सचान इस मामले में उचित कदम नहीं उठा रहे हैं। इस पर पार्टी के दूसरे प्रदेश सचिव प्रदीप चौधरी अपनी सीट से खड़े होकर मशकुल कुरैशी के बयान का विरोध करने लगे। बैठक में उपस्थित अन्य पदाधिकारी भी मशकुल कुरैशी के खिलाफ हो गए। देखते ही देखते विरोध हंगामे में बदल गया। प्रदेश अध्यक्ष सचान व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकत्र्ताओं को समझाया। इस घटनाक्रम के कारण बैठक करीब 15 मिनट तक प्रभावित रही। बैठक के बाद इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष सचान का कहना था कि विवाद जैसी कोई बात नहीं है। गलतफहमी के चलते गहमागहमी हो गई थी।
शुक्रवार को न हो बैठक
बैठक के दौरान सपा कार्यकर्त्ता फुरकान अहमद ने आगामी बैठकों का आयोजन शुक्रवार को नहीं करने की बात कही। उनका तर्क था कि शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करने जाता है। ऐसे में वह बैठक में हिस्सा नहीं ले पाता। इसके अलावा अन्य कार्यकर्त्ताओं ने पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए अपने विचार रखे।
12 पदाधिकारियों ने किया बहिष्कार
सपा की प्रदेश कार्यकारिणी के 12 सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया। प्रदेश सचिव गुलफाम अली ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष सभी कार्यकर्त्ताओं को साथ लेकर नहीं चल रहे हैं। इसलिए बैठक का बहिष्कार किया गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी पत्र लिखकर इससे अवगत कराया गया है।
22 से जन जागरण अभियान
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष सचान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सपा उत्तरप्रदेश के विकास मॉडल को उत्तराखंड लेकर आएगी। आगामी 22 नवंबर से सपा 20 मुद्दों पर प्रदेशभर में जन जागरण अभियान चलाएगी। इनमें मुख्य रूप से प्रदेश से पलायन रोकने, प्रदेश के हर परिवार को प्रति माह 200 यूनिट मुफ्त बिजली, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले प्रत्येक परिवार को छह गैस सिलेंडर मुफ्त देने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने समेत अन्य मूलभूत मुद्दों को लेकर जनता को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की जनता भाजपा और कांग्रेस के मंसूबे को समझ गई है। सपा जन-जन को जागरूक करने का काम करेगी। इस दौरान राजेंद्र चौधरी, सुभाष पंवार, आभा बर्थवाल, अमित यादव, सुरेश यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
मुंबई। रिपब्लिक टीवी के एडिडर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की जमानत पर अब से थोड़ी देर में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होगी। शनिवार को अर्नब गोस्वामी की जमानत पर सुनवाई आज तक के लिए टाल दी गई थी। अर्नबआत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के एक मामले में बुधवार को हुई गिरफ्तारी के बाद से अर्नब 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट में शुक्रवार को दूसरे दिन भी अर्नब की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दो घंटे से ज्यादा बहस चली।
याचिका में अर्नब की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद करने का अनुरोध किया गया है। अर्नब की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और आबाद पोंडा ने उन्हें तुरंत जमानत देने के लिए कई तर्क रखे। हरीश साल्वे ने कहा कि अर्नब को पुलिस अपनी हिरासत में लेने की मांग कर रही थी। लेकिन, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ([सीजेएम)] ने उसकी मांग यह कहते हुए अस्वीकार कर दी कि आरोपित की गिरफ्तारी अवैध है।
कल की सुनवाई में क्या हुआ ?
अर्नब गोस्वामी की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस ने पूछा कि क्या मजिस्ट्रेट के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी गई है, इस पर वकील हरीश साल्वे ने कहा कि मैं कुछ वजह से आदेश दिखाना चाहता हूं क्योंकि सीजेएम ने नोट किया कि मामले को फिर से खोलने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।
हरीश साल्वे ने कहा कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि आत्महत्या के लिए अर्नब जिम्मेदार था। यहीं से पूरा मामला शुरू होता है. अर्णब गोस्वामी को एक विशेषाधिकार नोटिस भी जारी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आज विधानसभा सचिव को पत्र के लिए अवमानना नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस एक ऐसे पुलिस रिमांड को पाना चाहती है, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अस्वीकार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?
सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को पत्र लिखने के मामले में महाराष्ट्र विधानसभा के सहायक सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने उनसे दो सप्ताह में यह बताने को कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए?
पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के तहत शनिवार शाम 5:30 बजे मतदान संपन्न हो चुके है। बता दे कि 15 जिलों के 78 विधानसभा क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान संपन्न हुए। इस बीच, दोपहर 3 बजे तक 45.90 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, अंतिम चरण में 78 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जा रहे हैं, जिसके लिए लोगों में उत्साह देखा जा रहा है, खासकर कई मतदान केंद्रों में महिला मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है।
दिन के 11 बजे तक 19.74 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। सबसे अधिक अररिया में 24.87 प्रतिशत मतदाता अब तक वोट डाल चुके हैं, जबकि सबसे कम दरभंगा में 13.23 फीसदी वोट डाले गए हैं।
इसके अलावा, पश्चिमी चंपाराण में 19.14 फीसदी, पूर्वी चंपारण में 20.16 प्रतिशत, सीतामढी में 19.71 प्रतिशत, मधुबनी में 20.20 प्रतिशत, सुपौल में 21.06 प्रतिशत, किशनगंज में 19.63 प्रतिशत, पूर्णिया में 20.51 प्रतिशत, कटिहार में 17.77 प्रतिशत, मधेपुरा में 18.77 प्रतिशत, सहरसा में 20.81 फीसदी, मुजफ्फरपुर में 19.82 प्रतिशत, वैशाली में 24.58 प्रतिशत तथा समस्तीपुर में 17.51 प्रतिशत वोट डाले गए हैं।
इस चरण में 2.35 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसके लिए 33,782 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
विधानसभा क्षेत्रों के अलावा वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, तीसरे चरण में 1,204 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, इनमें से 1094 पुरूष तथा 110 महिला प्रत्याशी शामिल हैं। सबसे अधिक 31 प्रत्याशी गायघाट से हैं जबकि सबसे कम नौ प्रत्याशी ढाका, त्रिवेणीगंज, जोकीहाट तथा बहादुरगंज से हैं।
इस चरण में सामान्य विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक जबकि चार विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सीमांचल क्षेत्रों में सुरक्षा के और पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
देहरादून। कांग्रेस ने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी डॉ देवेंद्र भसीन के ट्वीट में टिहरी में गाजा पट्टी का उल्लेख करने पर उन्हें निशाने पर लिया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने जवाबी ट्वीट में इतिहास के प्रोफेसर रहे डॉ देवेंद्र भसीन के ज्ञान पर सवाल खड़े कर दिए।
डॉ भसीन ने ट्वीट कर कहा था कि राज्य स्थापना दिवस पर सरकार द्वारा प्रदेश को दिए जा रहे तोहफों में देश का सबसे लंबा झूला पुल डोबरा-चांठी शामिल है, जिसका मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आठ नवंबर को लोकार्पण करेंगे। टिहरी झील पर बने इस पुल का लाभ प्रतापनगर व गाजा पट्टी के लोगों को मिलेगा जो 14 वर्ष से प्रतीक्षा में हैं। टिहरी जिले में गजा पट्टी को गाजा बताए जाने पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मध्यकालीन इतिहास के प्रोफेसर के रूप में आपने विद्यार्थियों को क्या पढ़ाया होगा, भगवान राम ही मालिक है। टिहरी में गाजा पट्टी कहां है, इस बारे में बताएं।
बहुगुणा के खिलाफ टिप्पणी का मामला तूल पकड़ा
भाजपा की एक महिला पदाधिकारी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के खिलाफ की गई कथित अशोभनीय टिप्पणी का मसला तूल पकड़ गया है। सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि बहुगुणा पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनके खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी को किसी भी दशा में जायज नहीं ठहराया जा सकता। सांसद भट्ट ने कहा कि यह प्रकरण प्रदेश भाजपा नेतृत्व के संज्ञान में है और जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उधर, सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि अशोभनीय टिप्पणी का मामला प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के संज्ञान में आ गया है। इसे प्रदेश अध्यक्ष ही देखेंगे।
भाजपा के 149 मंडलों में 13 हजार को देंगे प्रशिक्षण
भाजपा के मंडल प्रशिक्षण वर्ग का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू हो गया, जो 12 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान पार्टी की 149 मंडल इकाइयों के 13000 कार्यकर्त्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार और प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख ज्योति गैरोला ने अलग-अलग मंडलों में प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत की।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.देवेंद्र भसीन ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम चरण में चार नवंबर तक 103 मंडलों में 7000 कार्यकर्त्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि मंडल प्रशिक्षण वर्ग को लेकर पार्टीजनों में जबर्दस्त उत्साह है। इससे साफ है कि प्रदेश में भाजपा के कार्यकर्त्ता दल के प्रति पूरी तरह निष्ठावान और समर्पित हैं। प्रशिक्षित कार्यकर्त्ता अब शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक पार्टी की रीति-नीति को ले जाने के साथ ही जनसामान्य तक भी पहुंचाएंगे।
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के अंतिम चरण मतदान (Last Phase Voting) के बाद अब एग्जिट पोल (Exit Poll) का दौर है। इनमें अबकी बार किसकी सरकार की चर्चा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) व महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। आंकड़े बड़े बदलाव या हंग असेंबली (Hung Assembly) का संकेत दे रहे हैं। अगर बड़ा बदलाव होता है तो वह महागठबंधन के पक्ष में होता दिख रहा है। ऐसा हुआ तो महागठबंधन की सरकार आ सकती है। जाहिर है कि ऐसा होने पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के अगले मुख्यमंत्री (CM) बनने की संभावना है। सर्वेक्षणों के अनुसार बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सहित अन्य सभी दलों का पत्ता साफ होता दिख रहा है। हालांकि, यह भी स्पष्ट कर दें कि एग्जिट पोल मतदान के ट्रेंड का अनुमान (Prediction) भर होता है, इसका मतगणना के रिजल्ट (Counting Result) से कोई नाता नहीं है।
प्रमुख सर्वे में किसे कितनी मिलीं सीटें, जानिए
एवीपी-सी वोटर के पोल (ABP C Voter Survey) के अनुसार एनडीए को 108 से 128 के बीच सीटें आने का अनुमान है। उधर, महागठबंधन को 108 से 131 सीटें आती दिख रहीं हैं। रिपब्लिक व जन टीवी के सर्वे के अनुसार एनडीए को 91 से 117 सीटें तो महागठबंधन को 118 से 138 सीटें आतीं दिख रहीं हैं। न्यूज 24 (News 24) के सर्वे के अनुसार एनडीए को 91 से 117 तो महागठबंधन को 118 से 138 सीटें मिलती दिख रहीं हैं। इाडिया टीवे (India TV) का सर्वे एनडीए को 116 तो महागठबंधन को 120 सीटें दे रहा है।
सवाल यह कि क्या तेजस्वी बनेंगे बगले सीएम
कुल मिला कर लगभग सभी सर्वे महागठबंधन को या तो एनडीए से ऊपर या उसके बराबर दिखा रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता व महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरा (CM Face) तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) का ग्राफ अचानक ऊपर चढ़ता दिख रहा है। ऐसे में आश्चर्य नहीं कि बिहार में बड़ा बदलाव हो और तेजस्वी यादव अगले मुख्यमंत्री बन जाएं।
भोपाल। मध्य प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के नतीजे तो 10 नवंबर को आएंगे, लेकिन एग्जिट पोल से भाजपा को राहत मिली है। इसके नतीजों के अनुसार, प्रदेश में भाजपा की सरकार बरकरार रहेगी। कांग्रेस को बहुमत का आंकड़ा नहीं मिल पाएगा। एग्जिट पोल के नतीजों से भाजपा में उत्साह है तो कांग्रेस ने इसे अविश्वसनीय बताया है। एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को 16 से 18 तो कांग्रेस को 10 से 12 सीटें मिल रही हैं। अनुमान जताया गया है कि भाजपा को करीब 46 तो कांग्रेस को करीब 43 फीसद वोट मिलेंगे।
हार की भूमिका बना रहे कांग्रेसी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि शानदार सफलता प्राप्त करेंगे। कांग्रेस और कमल नाथ बौखला रहे हैं। पहले से ही हार की भूमिका बना रहे हैं। जोड़-तोड़ करने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा तो किसी के पास गई नहीं थी। कांग्रेस के मित्र ही भाजपा के पास आए थे। अब हार को स्वीकार करें।
मुझे प्रदेश की जनता पर विश्वास
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि 10 नवंबर को प्रदेश में कांग्रेस का परचम हर हाल में लहराएगा। हमने दिसंबर 2018 में भी मध्य प्रदेश-छतीसगढ़ व राजस्थान को लेकर कई एग्जिट पोल देखे थे और परिणाम इन प्रदेशों की जनता ने खुद देखा था। उन एग्जिट पोल की वास्तविकता की जनता गवाह है।
मध्य प्रदेश विधानसभा की दलीय स्थिति
भाजपा – 107
कांग्रेस – 87
बसपा – 02
सपा- 01
निर्दलीय- 04
रिक्त – 01
कुल सीट- 230
बहुमत के लिए जरूरी सीटें- 115
बता दें कि मार्च में कुल 25 कांग्रेस के विधायकों ने इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस की संख्या में कमी आ गई और यह 87 पर अटक गई। दूसरी ओर सदन में चार निर्दलीय दो बसपा और एक सपा के विधायक हैं। 25 विधायकों के इस्तीफा और तीन विधायकों के निधन के कारण 28 सीटों पर उपचुनाव कराया गया है।
देहरादून। लीजिए, देखते-देखते अपना उत्तराखंड आज 20 साल का हो गया। इस दौरान एक अंतरिम और चार निर्वाचित सरकारों को देख चुका है सूबा। नौ नवंबर, 2000 को शुरुआत भाजपा से हुई, संयोगवश आज भी भाजपा ही राज कर रही है। सियासी सेहत के नजरिए से देखें तो मौजूदा त्रिवेंद्र सरकार अब तक की सबसे स्थिर सरकार साबित हुई है। नारायण दत्त तिवारी अब तक के नौ में से अकेले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया, ज्यादातर ढाई साल में ही निबट लिए। तिवारी के बाद अब त्रिवेंद्र ही पांच साल के कार्यकाल को पूरा करने की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि एक बड़ा अंतर यह है कि तिवारी को पांच साल में कई दफा अपनी पार्टी में गुटबाजी से जूझना पड़ा, त्रिवेंद्र साढ़े तीन साल से बगैर चुनौती नेतृत्व कर रहे हैं। अब 70 में से 57 सीटों पर काबिज हैं, इतना तो हक बनता ही है।
रास नहीं आ रही रीति-नीति
साल 2016 में कांग्रेस को झटका देकर 10 विधायकों ने भाजपा का दामन थामा था, लेकिन अब इनमें से ज्यादातर खुद को असहज पा रहे हैं। दिलचस्प यह कि भाजपा ने कमिटमेंट निभाते हुए इन्हें पूरा मान दिया, सभी को विधानसभा पहुंचने का रास्ता दिखाया, टिकट दिया। एक-दो को छोड़कर बाकी पहुंच भी गए। पांच मंत्री भी बने, लेकिन इन्हें रास नहीं आ रही भाजपा की रीति-नीति। दो कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री अलग-अलग कारणों से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। अब यह बात दीगर है कि सरकार और पार्टी संगठन ने इन्हें कोई तवज्जो नहीं दी। एक कैबिनेट मंत्री का तो आलम यह है कि इनके खिलाफ स्पेशल ऑडिट का आदेश दे दिया गया। हालांकि मंत्रीजी खासे दबंग हैं, लेकिन नियम-कायदे भी तो अपनी जगह हैं। एक अन्य मंत्री, अफसर से नहीं बनी तो मामला पुलिस तक जा पहुंचा। मुख्यमंत्री ने जांच बिठाई, तब जाकर पटाक्षेप हुआ।
सियासत नहीं, विवादों के चैंपियन
सियासत का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन। हरिद्वार जिले से विधायक हैं। निर्दलीय चुनाव जीते, कांग्रेस में गए, तो भी जीत हासिल की। चार साल पहले कांग्रेस का हाथ झटक कमल पकड़ा, तब भी चुनाव जीतने में कोई दिक्कत नहीं हुई। यह सब तो ठीक, मगर ये जनाब खुद विवादों को आमंत्रण देने का शौक पाल बैठे हैं। अकसर मूंछ पर ताव देते दिखते हैं। खिलाड़ी रहे हैं तो भिडऩा सामान्य सी बात। पिछले साल एक टिप्पणी ऐसे कर दी, जो सबको नागवार गुजरी। नतीजतन, पार्टी ने छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया। हालांकि एक साल में ही वापसी का टिकट भी थमा दिया। अब अपनी ही पार्टी के कार्यकत्र्ता को फोन पर कुछ ऐसे अंदाज में समझा रहे थे कि ऑडियो वायरल होते देर न लगी। वह तो समय पर बात समझ आ गई, माफी मांग विवाद खत्म करने की पहल कर दी।
क्या चलेगी सपा की साइकिल
विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, तो सियासी पार्टियां तैयारी में जुट गई हैं। समाजवादी पार्टी ने भी नींद त्याग अपनी साइकिल की झाड़पोंछ शुरू कर दी। हाल ही में पार्टी ने प्रदेश संगठन की नई टीम का एलान किया, लेकिन इसकी पहली ही बैठक में जो बवाल हुआ, उससे साफ हो गया कि इनका कुछ नहीं होने वाला। दरअसल, सपा उत्तराखंड के अलग राज्य बनने से पहले अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय इस क्षेत्र में भी पैर जमा चुकी थी। कई पर्वतीय जिलों से सपा के विधायक चुने गए, मगर जैसे ही उत्तराखंड अलग राज्य बना, साइकिल की हवा ही निकल गई। चार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, मगर सपा एक भी सीट आज तक जीत नहीं पाई। यह स्थिति तब है, जब दो मैदानी जिलों, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में पार्टी का ठीकठाक वोट बैंक है। यह बात दीगर है कि इस पर अब बसपा कब्जा जमाकर बैठ गई है।
जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोविड-19 महामारी से उपजी विकट स्थितियों के बावजूद कर्मचारियों के हित में दीपावली के अवसर पर तदर्थ बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। साथ ही, उन्होंने कुछ कर्मचारी साथियों की ओर से वेतन कटौती समाप्त करने की मांग को दृष्टिगत रखते हुए कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के लिए हर माह की जा रही वेतन कटौती को भी आगे से स्वैच्छिक किए जाने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।
मुख्यमंत्री की ओर से किए गए निर्णय के अनुसार कर्मचारियों को बोनस का 25 प्रतिशत हिस्सा नकद देय होगा तथा 75 प्रतिशत राशि कर्मचारी के सामान्य प्रावधायी निधि खाते (जीपीएफ) में जमा करवाई जाएगी। इसी प्रकार, एक जनवरी 2004 एवं इसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को देय तदर्थ बोनस राज्य सरकार द्वारा एक पृथक योजना तैयार कर उसमें जमा कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य के करीब 7.30 लाख से अधिक कर्मचारियों को तदर्थ बोनस दिए जाने से राजकोष पर करीब 500 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आना संभावित है।
गहलोत ने कहा कि पूर्व में अकाल, बाढ़, भूकम्प, अतिवृष्टि एवं भू-स्खलन जैसी आपदाओं के समय कर्मचारियों ने आगे बढ़कर स्वेच्छा से वेतन कटौती करवाकर योगदान दिया है। साथ ही, ऎसे समय में जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, भामाशाह, एनजीओ, प्रवासियों सहित सभी लोगों का सहयोग मिलता रहा है। मार्च में कोविड-19 का प्रकोप सामने आने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के 29 संगठनों ने सरकार को संक्रमण रोकने और पीड़ितों की सहायतार्थ वेतन से कटौती का अनुरोध किया था। बाद में मुख्य सचिव और एसीएस (वित्त) के साथ 20 अगस्त, 2020 को विभिन्न कर्मचारी संगठनों की बैठक में भी वेतन कटौती पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ कर्मचारी साथियों के वेतन कटौती समाप्त करने के अनुरोध पर आगे से यह कटौती स्वैच्छिक किए जाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं इस महामारी में जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हुए कोविड-19 का उत्कृष्ट प्रबंधन किया है। जिसकी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में जीवन और जीविका बचाना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि जैसा उत्कृष्ट प्रबंधन अब तक किया गया, वैसा ही आगे भी बना रहे। वित्तीय संसाधनों के कारण यह विपरीत रूप से प्रभावित नहीं हो, इसके लिए प्रदेश को भारत सरकार से जीएसटी क्षतिपूर्ति की पूर्ण राशि नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार वर्तमान में 5500 करोड़ रूपये का अतिरिक्त कर्ज ले रही है।
गहलोत ने कहा कि वेतन कटौती से प्राप्त राशि का उपयोग कोविड-19 से प्रभावित जरूरतमंदों की सहायता, कोरोना प्रबंधन तथा वित्तीय संसाधनों को सुदृढ़ करने में किया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर रहे करीब 55.47 लाख जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों को 10 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति और दो किलो चना प्रति परिवार निःशुल्क वितरण किया है। इसी तरह, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित गरीबों, निर्माण श्रमिकों, असहाय, रिक्शा चालक, स्ट्रीट वेण्डर आदि विभिन्न श्रेणी के 32.27 लाख परिवारों को प्रति परिवार 3500 रूपये के हिसाब से कुल 1144.39 करोड़ रूपये की नकद सहायता दी गई।
साथ ही, करीब 80 लाख पेंशनरों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत तीन माह की करीब 1950 करोड़ रूपये की पेंशन का अग्रिम भुगतान मात्र 35 दिन में ही किया गया, ताकि इस विकट कोरोनाकाल में उनकी वित्तीय तरलता बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार इस महामारी से मुकाबले एवं जरूरतमंदों की सहायता के लिए संसाधनों में किसी तरह की कमी नहीं रखेगी।
भोपाल । मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को हुए मतदान की मंगलवार को मतगणना होने वाली है। आठ बजे डाकमत पत्रों से मतगणना का दौर शुरु हो जाएगा। मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन का पालन करते हुए 19 जिला मुख्यालय पर मतगणना हेाने वाली है। उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रमोद शुक्ला ने बताया कि इस बार कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के उद्देश्य से प्रत्येक राउंड में 14-14 टेबल होंगी। राजगढ़ में एक हॉल में 14 टेबल, गुना में तीन हॉल में से एक हॉल में छह और दो हॉल में चार-चार टेबल और शेष 17 जिलों में सात-सात टेबल के दो हॉल में मतगणना की जाने वाली है।
मतगणना के लिए तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, सुबह आठ बजे डाक मतपत्रों की गणना के साथ शुरू होगी। ईवीएम मशीनों की मतगणना साढ़े अठ बजे शुरू होगी। पहले डाक मतपत्रों की मतगणना पूरी नहीं होने पर ईवीएम मशीनों की मतगणना का अंतिम राउंड रोक दिया जाता था लेकिन इस बार यह नियम हटा दिया गया है और डाक मतपत्रों एवं ईवीएम मशीनों की मतगणना लगातार चलती रहेगी।
मतगणना केन्द्र पर सैनिटाइजर की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है, एवं कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। मतगणना के पूर्व अभ्यर्थियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम खोले जा रहे है। स्ट्रांग रूम खोलने, मशीनों को निकालते समय कॉरिडोर एवं मतगणना कक्ष का लगातार सीसीटीवी कवरेज किया जा रहा है। किसी तरह की राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को आशंका न रहे इसके लिए मतगणना के पश्चात मेन्डेटेरी वीवीपैट की गणना में रैंडमली चयनित पांच-पांच वीवीपैट की स्लिप की भी गणना कर सत्यापन किया जाएगा।
राज्य में कुल 355 उम्मीदवार मैदान में है। इस बार भाजपा और कांग्रेस के अलावा बसपा ने सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे। उसके अलावा सपा ने भी 14 क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार तय किए थे।
पटना, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बड़ी बात कही है। आयोग के मुताबिक 4 सीटों पर जीत-हार का अंतर महज 200 वोट हैं। जबकि 24 सीटों पर जीत-हार का अंतर 1000 वोट हैं। 32 सीट पर 2000 वोटों का अंतर है। 48 सीटों पर जीत-हार का फासला सिर्फ 3000 वाेट है। उप निर्वाचन अधिकारी आशीष कुंद्रा ने बताया कि अबतक आधे से अधिक सीटों पर मतगणना कार्य पूर्णता की ओर है। कुल 4 करोड़ मतों में से 2.7 करोड़ वोटों की गिनती कर ली गई है। रात तक सभी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी है। बिहार चुनाव में एनडीए के अच्छे प्रदर्शन पर दोनों नेताओं ने मंगलवार को बातचीत की। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उदय नारायण चौधरी को हराया।
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बिहार विधानसभा चुनाव में पक्ष में नतीजे आते ही भाजपा की बैठक पटना में सुशील मोदी के आवास पर हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी उदय नारायण चौधरी को हराया।
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे जारी किए जा रहे हैं। अबतक घोषित सीटों में से एनडीए को 91, महागठबंधन को 85 और बसपा व दूसरे दलों को 8 सीटें मिली है। इस तरह एनडीए ने कुल 120 सीटों पर बढ़त हासिल है। जबकि महागठबंधन प्रत्याशी 115 सीटों पर अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं। अन्य के खाते में 8 सीटें जाती हुई दिख रही हैं। इस बीच कई दिग्गज चुनाव हार गए हैं। लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय परसा से चुनाव हार गए हैं। वे जदयू के टिकट पर चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। इधर नीतीश सरकार के मंत्री सुरेश शर्मा मुजफ्फरपुर से चुनाव हार गए हैं। मतगणना के पल-पल के अपडेट्स के लिए बने रहें हमारे साथ…
LIVE Bihar Chunav Result 2020
7:00 PM: नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे सुशील मोदी
बिहार के नीतीश कुमार से मिलने भाजपा नेता भूपेंद्र यादव और सुशील मोदी पहुंचे हैं। बिहार चुनाव में एनडीए की बढ़त को लेकर यहां नेताओं ने चर्चा की। माना जा रहा है कि एनडीए नेताओं ने आगे की रणनीति पर मंथन किया। नीतीश के सीएम आवास पर हलचल बढ़ गई है।
6:10 PM: लालू यादव के दोनों बेटे तेजस्वी-तेज प्रताप जीते
लालू के समधी और तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय के पिता चंद्रिका राय परसा से चुनाव हार गए हैं। वे जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इधर समस्तीपुर के हसनपुर सीट से तेज प्रताप यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 8600 वोटों से आगे चल रहे हैं। लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से बढ़त बनाए हुए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। अबतक घोषित की गई 68 सीटों में 40 एनडीए, 27 महागठबंधन और एक सीट बसपा के खाते में गई है। भाजपा-जदयू गठबंधन अभी 103 सीटों पर आगे चल रहा है। जबकि राजद-कांग्रेस-वाममोर्चा का महागठबंधन 97 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दैनिक जागरण संवाददाता के अनुसार 100 से अधिक सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। यहां थोड़ी देर बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
#BiharElection2020: Election Commission declares results for 14 out of the total 243 seats-BJP wins 6; RJD, JD(U) & Vikassheel Insaan Party 2 each, Congress & AIMIM 1 each
NDA leading on 123 seats Mahagathbandhan on 112 seats AIMIM on 5 seats BSP on 1 seat Independents on 2 pic.twitter.com/OpIqszX6gB
5:50 PM: कैमूर चुनाव रिजल्ट : 3 सीटों पर राजद की जीत पक्की
कैमूर में तीन विधानसभा सीट पर राजद की जीत पक्की मानी जा रही है। चैनपुर विधानसभा में अभी काउंटिंग चल रही है। जिसमें बसपा के प्रत्याशी मोहम्मद जमा खां आगे हैं। रामगढ़ से राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह भी जीत के करीब है। अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। जबकि भभुआ और मोहनिया में राजद प्रत्याशियों की जीत कंफर्म हो चुकी है। लेकिन अभी प्रमाण पत्र नहीं मिला है।
As far as Bihar is concerned, on the whole 7737 scheduled rounds were there, of which 4858 have been completed. 119 constituencies have done more than half of the work which was there for counting: Deputy Election Commissioner, Ashish Kundra#BiharElectionResultspic.twitter.com/h3KfpiOpY5
5:30 PM: सीतामढ़ी चुनाव रिजल्ट: भाजपा की ऐतिहासिक जीत, सभी चार सीटें अपने नाम की
सीतामढ़ी में भाजपा की बल्ले-बल्ले। उसने चारों सीटों पर जीत दर्ज कराई है। सबसे पहली जीत उसको सीतामढ़ी में मिली। उसके बाद बथनाहा, परिहार व रीगा भी जीत गई। जबकि, जदयू को अभी एक सीट पर जीत मिली है। तीन पर फैसला आना शेष है। परिहार से भाजपा की गायत्री देवी लगातार दूसरी बार विजयी हुई हैं। उन्होंने अपने निकटतम राजद प्रयाशी रितू कुमार को शिकस्त दी है। वहीं रीगा में भाजपा के मोती लाल प्रसाद ने सीटिंग विधायक अमित कुमार को पराजित कर दिया है। बथनाहा में भाजपा के अनिल कुमार पहली बार में ही विधायक बन गए हैं। एनडीए के लिए यह बड़ी जीत है। जदयू ने रुन्नीसैदपुर में जीत दर्ज कराई है। बाजपट्टी, सुरसंड व बेलसंड में अभी रस्साकश्काी चल रही है।
5:20 PM: राघोपुर चुनाव रिजल्ट : लालू के बेटे तेजस्वी यादव की जीत तय
हाजीपुर से भाजपा के अवधेश सिंह, लालगंज से भाजपा के संजय सिंह, पातेपुर से भाजपा के लखेंद्र पासवान, वैशाली से जदयू के सिद्धार्थ पटेल, राघोपुर से राजद के तेजस्वी यादव और महुआ से राजद के मुकेश रौशन की जीत लगभग तय हो गई है। महनार और राजापाकर में वोटों की गिनती जारी है।
5:00 PM: अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की बातचीत
बिहार विधानसभा चुनाव में दमदार प्रदर्शन के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी है। मंगलवार को शाह ने नीतीश से फोन पर बातचीत की और चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं की सराहना की।
4:30 PM: एनडीए ने अबतक जीती 45 सीटें, 80 पर बढ़त
बिहार में फिर से नीतीशे कुमार… बिहार चुनावों में एनडीए की बढ़त के साथ ही भाजपा में जश्न का माहौल है। दरभंगा के केवटी से राजद के कद्दावर नेता अब्दुल बारी सिद्दकी चुनाव हार गए हैं। उन्हें भाजपा के मुरारी झा ने हराया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई वाली एनडीए बिहार चुनावों में जीत की ओर बढ़ रही है। वहीं भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। राजद सुप्रीमो लालू यादव रांची के रिम्स में लॉन में बैठकर धूप सेंक रहे हैं। जबकि उनके करीबी भोला यादव चुनाव नतीजों में पीछे चल रहे हैं। लालू के छोटे बेजे तेजस्वी यादव बिहार में राघोपुर सीट से आगे चल रहे हैं।
#BiharElection2020: JD(U) wins two seats and leads on 42 seats as EC declares results of the assembly polls.
NDA leading on 129 seats Mahagathbandhan on 103 seats BSP on 2 seats AIMIM on 4 seats LJP on 2 seats Independents on 3 seats https://t.co/dVxpvgGvqa
3:50 PM: दरभंगा चुनाव रिजल्ट : एनडीए ने लहराया परचम
दरभंगा की दस सीटों में से तीन पर भाजपा, दो पर जदयू व दो पर वीआइपी की जीत। एक पर राजद का रहा कब्जा। केवटी से अब्दुल बारी सिद्दीकी हारे। दो सीटों पर एनडीए के प्रत्याशी लगातार आगे चल रहे हैं। दरभंगा सीट से भाजपा के संजय सरावगी चुनाव जीत गए हैं।
3:20 PM: हसनपुर चुनाव रिजल्ट: लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप आगे
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव हसनपुर सीट से आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा बांकीपुर सीट से पीछे चल रहे हैं। दानापुर से राजद के रीतलाल यादव आगे चल रहे हैं। बाहुबली अनंत सिंह मोकामा सीट से आगे चल रहे हैं। पप्पू यादव मधेपुरा में पीछे चल रहे हैं। राजद के अब्दुल बारी सिद्दकी चुनाव हार गए हैं। नीतीश सरकार के मंत्री जय कुमार सिंह और संतोष कुमार निराला अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे चल रहे हैं।
#BiharElectionResults: EC declares first result of polls- RJD’s Lalit Yadav wins Darbhanga Rural
NDA leading on 129 – BJP 73, JDU 49, VIP 5, HAM 2
Mahagathbandhan ahead on 103 – RJD 64 (1 seat won) Congress 20, Left 18
3:00 PM: सुपौल चुनाव रिजल्ट : जदयू के बिजेंद्र यादव ने आठवीं बार मारी बाजी
सुपौल विधानसभा की सीट प्रदेश राजनीति में हाॅट सीट मानी जाती है। इस क्षेत्र का नेतृत्व विगत तीस वर्षों से लगातार विजेंद्र प्रसाद यादव के हाथ में रहा है। सात चुनाव जीतने के बाद उन्होंने आठवीं बार बाजी मारी है। उन्होंने साबित कर दिया कि मतदाताओं ने उन्हें सिर आंखों पर बिठाया। 1990 में वे पहली बार विधायक चुने गए। अब तक हर चुनाव इन्हें जीत का सेहरा मिलता रहा। इस चुनाव वे आठवीं बार वे अपना भाग्य आजमा रहे थे। टक्कर आमने-सामने का था। महागठबंधन की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी मिन्नतुल्लाह रहमानी उर्फ मिन्नत रहमानी चुनाव मैदान में डटे हैं। हालांकि इस सीट पर लोजपा ने भी अपना प्रत्याशी खड़ा किया है। जिससे शुरुआती क्षणों में मुकाबले को त्रिकोणात्मक बनाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थिति आमने-सामने पर आकर ही खड़ी हो गई। इस क्षेत्र से कुल 11 प्रत्याशी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे थे।