Category: state-news

  • 54% मतदान कोरोना के खतरे व नक्‍सली खौफ के बावजूद…

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    पटना। कोरोना के खतरे और नक्सलियों के डर के बावजूद पहले चरण की 71 सीटों पर मतदाताओं ने जिस उत्साह का प्रदर्शन किया, उसकी कल्‍पना भी नहीं की गई थी। नक्सली प्रभावित इलाकों में बेशक सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे, फिर भी जंगलों-पहाड़ियों से घिरे बूथों पर जाकर वोट डालना कम खतरनाक नहीं था। ऐसे में मतदाताओं के जज्बे को दाद देनी होगी कि लोकतंत्र की हिफाजत के लिए किसी अवरोध को नहीं माना। बेखौफ घरों से निकले और जमकर वोट डाले। चौतरफा खतरों के बावजूद 53.54 फीसद मतदान को कम नहीं कहा जा सकता है। यह इस मायने में भी उल्लेखनीय है कि 2010 के विधानसभा चुनाव की तुलना में अबकी ज्यादा वोट पड़े।

    मगध और शाहाबाद के की 35 सीटें थी संवेदनशील

    निर्वाचन आयोग ने पहले चरण में मगध और शाहाबाद इलाके की 71 सीटों में से 35 को संवेदनशील माना था। इनमें चार सीटें अति संवेदनशील थीं, जहां खतरे बड़े थे, मगर युवाओं और महिलाओं के हौसले उससे भी बड़े नजर आए। उत्साहित वोटरों की हिम्मत ने वोट तंत्र के जरिए सियासत में सकारात्मक बदलाव की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

    ज्यादा रही आधी आबादी और युवाओं की भागीदारी

    आधी आबादी और युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। सासाराम, औरंगाबाद और गया जिलों का मतदान प्रतिशत बता रहा है कि महिलाएं और युवा किसी से कम नहीं हैं। गांवों की बूथों पर भी आधी आबादी की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। सुबह से ही उत्साह दिख रहा था। युवाओं के जत्थे भी मतदान केंद्रों तक उमड़ रहे थे।

    आठ मंत्री मैदान में, देश भर की नजर

    पहले चरण में आठ मंत्री मैदान में थे। इसके अलावा कई वीआइपी की किस्मत भी दांव पर थी। इमामगंज में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के बीच भिड़ंत है। गया में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार एवं जहानाबाद में जदयू के कृष्णनंदन वर्मा कड़े मुकाबले में फंसे हैं। इनके अलावा जमालपुर से शैलेश कुमार, लखीसराय से विजय सिन्हा, राजपुर से संतोष निराला, बांका से रामनारायण मंडल और चैनपुर से ब्रजकिशोर बिंद भी मैदान में हैं। दिनारा में लोजपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह और जदयू के जयकुमार सिंह के बीच दिलचस्प मुकाबला है। चिराग पासवान के दावे की सच्चाई भी इसी दौर में सामने आ चुकी है।

    किसके कितने प्रत्याशी

    राजग

    • भाजपा : 29

    • जदयू : 35

    • हम : 6

    • वीआइपी : 1

    महागठबंधन

    • राजद : 42

    • कांग्रेस : 21

    • माले : 8

    लोजपा : 42

    राजद-जदयू में सबसे ज्यादा टक्कर

    • जदयू और राजद : 24 सीट

    • जदयू और कांग्रेस : 7 सीट

    • जदयू और माले : 4 सीट

    भाजपा और राजद : 14 सीट

    -भाजपा और कांग्रेस : 11 सीट

    • भाजपा और माले : 4 सीट

    • हम और राजद : 3 सीट

    • हम और कांग्रेस : 3 सीट

    • वीआइपी और राजद : 1 सीट

    यह है हैसियत

    साल 2015

    • राजद : 27

    • जदयू : 18

    • भाजपा : 13

    • कांग्रेस : 09

    • रालोसपा : 01

    • हम : 01

    • माले : 01

    • निर्दलीय : 01

    चुनाव दर चुनाव मतदान फीसद

    • 2010 : 50.39

    • 2015 : 54.68

    • 2020 : 53.54

     

  • एसपी कार्यालय में तोड़फोड़, थाने पर हमला

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    मुंगेर । बिहार के मुंगेर में दशहरे के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक की मौत के बाद गुरुवार को लोगों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा और लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा चलाई गई गोली में युवक की जान गई। आक्रोशित लोग पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आक्रोशित भीड़ गुरुवार को सड़कों पर उतर गई और वासुदेवपुर आउटपोस्ट (ओपी) तथा पूरबसराय ओपी पर पथराव किया और आग लगा दी। वासुदेवपुर ओपी में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि 150 से 200 लोगों ने अचानक थाने पर पथराव कर हमला कर दिया और आग लगा दी। उन्होंने बताया किसी तरह हम लोगोें ने जान बचाई।

    आक्रोशित लोगों ने थाने में लगे वाहनों को भी फूंक दिया। इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) आवास में जमकर तोड़फोड़ की।

    इसके बाद क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में दशहरा के मौके पर दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान लोगों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक अनुराग कुमार की मौत हो गई तथा कई लोग घायल हो गए। इसके बाद चुनाव के कारण कई राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर निशाना साधा।

    राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई के साथ ही उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से पूरे घटना की जांच की मांग की थी। उन्होंने तो इस घटना की तुलना जालियांवाला बाग से कर दी। लोजपा के चिराग पासवान ने भी इस मामले को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।

  • पटना में हुई मनोज तिवारी के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

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    पटना । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी के चुनाव प्रचार के लिए जाने के क्रम में उनके हेलीकॉप्टर में गुरुवार को तकनीकी खराबी आ जाने के कारण पटना हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैडिंग करनी पड़ी। इस क्रम में 40 मिनट तक सांसद का हेलीकॉप्टर हवा में ही मंडरता रहा। सांसद मनोज तिवारी के साथ सफर करने वाले नील बख्शी ने बताया कि ”पटना एयरपोर्ट से सुबह 10.10 बजे हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी और उसके जाने के तुरंत बाद एयर ट्रैफिक कंट्रेाल (एटीसी) के साथ नियंत्रण समाप्त हो गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर पटना हवाई अड्डे के ऊपर ही उड़ता रहा।”

    उन्होंने बताया कि 40 मिनट के बाद किसी तरह एटीसी से संपर्क हो सका तब अन्य उड़ानों को रोककर हेलीकाप्टर को सुरक्षित पटना हवाई अड्डे पर उतारा गया। सांसद तिवारी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    उन्होंने बताया कि बेतिया जाने के बाद सांसद को मोतिहारी के कल्याणपुर में एक चुनावी सभाा को संबोधित करना था। उन्होंने बताया कि अन्य एक हेलीकॉप्टर आ रहा है, सांसद उस हेलीकॉप्टर से चुनावी प्रचार के लिए रवाना होंगे।

    उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का हेलीकॉप्टर भी हवाई अड्डे के तारों और दीवारों से टकरा गया था, जिससे हेलीकॉप्टर के पंखे क्षतिग्रस्त हो गए थे।

  • टाइगर श्राफ का बायोपिक डेब्यू देश के पहले सर्वेयर नैन सिंह पर बन रही फिल्म से

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    देहरादून। तिब्बत को पैदल नापने और वहां का नक्शा तैयार करने वाले भारत के पहले सर्वेयर नैन सिंह रावत जल्द बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। हिमालय पुत्र पंडित नैन सिंह रावत की कहानी के जरिये अभिनेता टाइगर श्राफ बायोपिक डेब्यू करने जा रहे हैं। निर्देशक अहमद खान ने उन्हें फिल्म ऑफर की है। बताया जा रहा कि टाइगर को भी फिल्म की कहानी काफी पसंद आई है। 16 नवंबर से फिल्म की लोकेशन के लिए तलाश शुरू की जाएगी।

    पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने निर्देशक अहमद खान को नैन सिंह रावत के बारे में बताया था। अहमद खान को कहानी काफी पसंद आई और उन्होंने इस पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया। बताया जा रहा कि नैन सिंह के परिवार से फिल्म के राइट्स लेने की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि पहाड़ से जुड़ी शख्सियत पर बन रही इस फिल्म की अधिकांश शूटिंग भी उत्तराखंड में ही होगी।

    दुनिया को बताया तिब्बत का भूगोल 

    नैन सिंह रावत का जन्म पिथौरागढ़ जिले की मुनस्यारी तहसील के मिलम गांव में हुआ था। पिता का हाथ बंटाने के लिए नैन सिंह ने बचपन से व्यापार के लिए उनके साथ तिब्बत जाना शुरू कर दिया था। वह दुनिया के पहले ऐसे मानचित्रकार एवं सर्वेयर कहे जाते हैं, जिन्होंने दुनिया को तिब्बत का भूगोल बताया। उन्होंने दुनिया में सबसे पहले ल्हासा की समुद्रतल से ऊंचाई नापी। साथ ही ल्हासा के अक्षांश और देशांतर की भी गणना की। उनकी उपलब्धि पर डाक विभाग ने 139 साल बाद 27 जून 2004 को डाक टिकट जारी किया था।

    घूमने के शौकीन थे नैन सिंह

    ब्रिटिश भारत के दौरान अंग्रेजों ने गुप्त रूप से तिब्बत और रूस के दक्षिणी भाग के सर्वेक्षण की योजना बनाई। इस कार्य के लिए नैन सिंह का नाम सुझाया गया। अंग्रेजों ने उन्हें नाप-जोख का कार्य सौंपा। उन्हें ब्रह्मपुत्र घाटी से लेकर यारकंद इलाके तक की नाप-जोख करनी थी। इस अभियान में उनके भाई किशन सिंह रावत के अलावा पांच अन्य लोग शामिल किए गए।

    तिब्बती लामा का वेश किया था धारण 

    गुप्त रूप से होने वाले तिब्बत के सर्वे के लिए नैन सिंह ने तिब्बती लामा का वेश धारण किया। उपकरणों के अभाव में तिब्बत को नापने के लिए उन्होंने अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंनेपैरों में 33 इंच की रस्सी बांधी, ताकि उनके कदम एक निश्चित दूरी पर ही पड़ें। बताया जाता है कि इसके लिए उन्होंने देहरादून में काफी अभ्यास भी किया था। वो अपनी गणनाओं को कविताओं में याद रखते थे।

    पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि महान सर्वेयर नैन सिंह रावत की कहानी को बॉलीवुड को काफी पसंद आई। उम्मीद है कि जल्द इस पर फिल्म बनेगी और भारत की इस महान शख्सियत से देश-दुनिया के लोग रूबरू हो सकेंगे। इससे उत्तराखंड में पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

     

  • आज से खुले उत्तराखंड में सात माह बाद स्कूल, 10वीं और 12वीं की शुरू हुई कक्षाएं

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    देहरादून। करीब सात महीने बाद प्रदेश भर के स्कूल सोमवार से खुल गए हैं। पहले चरण में बोर्ड परीक्षाओं वाले 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाया गया है। स्कूल खोलने को लेकर शासन की ओर से एसओपी जारी की गई है। जिसका सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।

    रविवार को मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इसे देखते हुए स्कूलों में कोरोना संक्रमण रोकने के सभी उपायों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कक्षाओं में शारीरिक दूरी नियम का पालन भी अनिवार्य है।

    गेट पर सैनिटाइजर का उपयोग भी करना होगा। सभी स्कूलों में कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन हो, इसके लिए शिक्षा निदेशालय को निर्देशित किया जा चुका है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अभी सरकार की प्राथमिकता बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए 10वीं व 12वीं की कक्षाओं को शुरू करना है। इसके बाद छोटी कक्षाओं का शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

    स्कूल में इन बातों का रखना होगा ख्याल

    • किसी भी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्रा को बिना मास्क स्कूल में एंट्री नहीं मिलेगी।
    • विद्यालय प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
    • छात्र-छात्राओं को अभिभावक के सहमति पत्र भी साथ लाना होगा।
    • स्कूल परिसर में सुबह एवं शाम दोनों समय सैनिटाइजेशन करवाना होगा।
    • प्रबंधन को बाथरूम, कक्षा-कक्ष और विद्यालय परिसर को साफ सुथरा रखना होगा।
    • स्कूलों में प्रार्थना सभा, खेल आयोजन या अन्य सामूहिक आयोजन नहीं होंगे।
    • आवसीय स्कूलों में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ लानी होगी।

    सभी केंद्रीय विद्यालय भी खुलेंगे दो शिफ्टों में बुलाए जाएंगे छात्र

    सरकारी स्कूलों के अलावा सभी केंद्रीय विद्यालय भी खुलने जा रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय संभाग की उपायुक्त मीनाक्षी जैन ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार सभी केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे। हालांकि 10वीं और 12वीं के छात्र छात्राओं को दो अलग-अलग शिफ्ट में बुलाया जाएगा। पहली शिफ्ट में 9:00 से 11:30 के बीच दसवीं कक्षा के छात्र छात्रओं की पढ़ाई होगी। दूसरी शिफ्ट में 12:00 से 2:30 के बीच 12वीं के छात्र छात्राओं को बुलाया गया है। बताया कि एक कक्षा में हर स्कूल के क्लास रूम का साइज देखते हुए 12 से अधिकतम 18 छात्र-छात्राएं एक साथ पढ़ाई कर सकेंगे।

    ज्यादातर आवासीय स्कूल फिलहाल बंद रहेंगे

    देहरादून के ज्यादातर प्रतिष्ठित स्कूल फिलहाल बंद ही रहेंगे। आवासीय स्कूलों की बात करें तो अभी तक केवल वेल्हम ब्वायज को ही स्कूल खोलने की अनुमति मिली है। वहीं हिम ज्योति स्कूल ने भी शिक्षा विभाग को अपने स्कूल में निरीक्षण की अर्जी लगा दी है। उधर, द दून स्कूल 29 नवंबर से खुलने की घोषणा पूर्व में ही कर चुका है। प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी वाईएस चौधरी ने बताया कि अभी मात्र इन्हीं दो आवासीय स्कूलों की ओर से अर्जी दी गई थी। हिम ज्योति स्कूल में भी जल्द टीम भेज दी जाएगी। दिवसीय स्कूलों की बात करें तो सेंट जोसेफ, ब्राइटलैंड, सेंड जूड्स समेत अन्य प्रतिष्ठित स्कूल फिलहाल बंद ही रहेंगे। स्कॉलर्स होम ने आज से बोर्ड कक्षा के छात्र छात्राओं के लिए स्कूल खोलने का फैसला लिया है। स्कॉलर्स होम की चेयरमैन छाया खन्ना ने बताया कि यह एक एक्सपेरिमेंट है। अगर छात्र स्कूल आने में रुचि दिखाते हैं, तब ही स्कूल आगे भी खोला जाएगा।

     

  • SC ने लगायी रोक कमलनाथ के स्टार प्रचारक का दर्जा ख़त्म करने के EC के फैसले पर

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    नयी दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों के लिये हो रहे उपचुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्ज वापस लेने के निर्वाचन आयोग के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन पीठ से निर्वाचन आयोग के वकील ने कहा कि कमलनाथ की याचिका अब निरर्थक हो गयी है क्योंकि इन सीटों के लिये चुनाव प्रचार बंद हो गया है और वहां कल मतदान है। पीठ ने कहा, ‘‘हम इस पर रोक लगा रहे हैं।’’

    शीर्ष अदालत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का स्टारप्रचारक का दर्जा वापस लेने के निर्वाचन आयोग के 30 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। चुनाव में स्टार प्रचारकों का खर्च राजनीतिक दल वहन करता है जबकि दूसरे प्रचारकों का खर्च प्रत्याशी को वहन करना होता है। मप्र के पूर्व मुख्मयंत्री ने अपनी याचिका में निर्वाचन आयोग का आदेश निरस्त करने के साथ ही न्यायालय से अनुरोध किया है कि संविधान में प्रदत्त बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था मेंचुनाव को ध्यान में रखते हुये स्टार प्रचारकों या प्रचारकों द्वारा चुनाव के दौरान दिये जाने वाले भाषणों के बारे में उचित दिशा निर्देश बनाये जायें।

  • 94 सीटों पर कल होगी वोटिंग…

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    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 94 सीटों के लिए प्रचार का दौर रविवार की शाम थम गया। प्रचार थमने के साथ प्रत्याशियों ने डोर टू डोर जनसंपर्क तेज कर दिया है। दूसरे चरण में 17 जिलों के दो करोड़ 86 लाख 11 हजार 164 मतदाता 1463 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, तीन नवंबर को 94 सीटों पर मतदान होगा। इनमें से चार जिलों की आठ सीटों पर मतदान सुबह 7:00 बजे से प्रारंभ होकर शाम 4:00 बजे तक ही होगा। अन्य 86 सीटों पर सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मतदान होगा। जिन सीटों पर शाम 4:00 बजे मतदान खत्म होगा, उनमें मुजफ्फरपुर के मीनापुर, पारू व साहेबगंज, दरभंगा जिले की कुशेश्वरस्थान व गौाड़ाबौराम, खगडिय़ा के अलौली व बेलदौर और वैशाली जिले की राघोपुर सीट शामिल हैं।

    चार लाख वोटरों पर विशेष नजर

    दूसरे चरण की जिन सीटों पर मतदान होना है, वहां के चार लाख 1631 ऐसे वोटर चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें विविध कारणों से मतदान प्रक्रिया में शामिल होने से रोका जा सकता है। ऐसे लोगों पर आयोग की टीम की विशेष नजर रहेगी। वहीं, मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले 44 हजार 282 लोग चिह्नित किए गए हैं। इन पर भी टीम की कड़ी नजर बनी रहेगी। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इस चरण में तीन हजार 548 बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। 80 वर्ष से अधिक और पीडब्ल्यूडी (दिव्यांग) मतदाताओं की संख्या 20 हजार 240 है।

    18 हजार से अधिक बूथों पर दो-दो ईवीएम

    दूसरे चरण की 94 सीटों के लिए बनाए गए कुल 41 हजार 362 बूथों में से 18 हजार 878 पर दो-दो ईवीएम होंगी। इन विधानसभा क्षेत्रों में 16 से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इस चरण में सबसे ज्यादा मतदाता दीघा और सबसे कम मतदाता चेरिया बरियारपुर सीट पर हैं।

    अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण में पटना की नौ, पश्चिम चंपारण की तीन, पूर्वी चंपारण की छह, शिवहर की एक, सीतामढ़ी की तीन, मधुबनी की चार, दरभंगा की पांच, मुजफ्फरपुर की पांच, गोपालगंज की दह, सिवान की आठ, सारण की 10, वैशाली की छह, समस्तीपुर की पांच, बेगूसराय की सात, खगडिय़ा की चार, भागलपुर की पांच व नालंदा की सात सीटों पर मतदान होगा।

    दूसरे चरण का मतदान, यह भी जानिए

    • 7:00 बजे सुबह से 17 जिलों में 94 विधानसभा सीटों के लिए शुरू होगा मतदान
    • 8 सीटों पर शाम चार बजे और 86 सीटों पर शाम छह बजे तक होगा मतदान
    • 1463 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे 2 करोड़ 86 लाख 11164 मतदाता
    • 1316 पुरुष, 146 महिला व एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी हैं मैदान में
    • 01 करोड़ 50 लाख 33 हजार 34 हैं पुरुष मतदाता
    • 01 करोड़ 35 लाख 16 हजार 271 हैं महिला मतदाता
    • 980 थर्ड जेंडर मतदाता हैं दूसरे चरण में वोट डालने वाले

  • शिवराज ने किया था वादा जिसके घर चाय पीने का, उसने खाया जहर

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    बैतूल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैतूल जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनवाने वाले जिस सुभाष विश्वकर्मा के घर चाय पीने का वादा किया था, उसने कर्ज के चलते कीटनाशक पी लिया। उसकी हालत गंभीर है और अस्पताल में इलाज जारी है। बताया गया है कि जिला मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर फोरलेन के किनारे बसे ग्राम उड़दन में पीएम आवास के हितग्राही सुभाष विश्वकर्मा (26) ने पिछले दिनों ही आवास बनाया है।

    दरअसल, सुभाष को पीएम आवास बनाने के लिए महज एक लाख 20 हजार रुपये ही मिले थे, जबकि उसने मकान बनाने में कर्ज लेकर करीब तीन लाख रुपये खर्च कर दो मंजिला मकान बना लिया था। अब कर्ज देने वाले उस पर राशि वापस करने के लिए दबाव बना रहे थे, इसलिए उसने कीटनाशक पी लिया।

    पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने बताया कि ग्राम उड़दन गांव के सुभाष विश्वकर्मा ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। कर्ज की बात भी सामने आई है, जो जांच का विषय है। पीड़ित के मजिस्ट्रेट बयान होना बाकी है।

    बताया गया है कि 12 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम आवास का वर्चुअल गृह प्रवेश कराया था। उड़दन गांव में सुभाष के घर प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा लगा था। बड़े धूमधाम के साथ सुभाष व उसके परिवार का गृह प्रवेश कराया गया था।

    पुलिस अधीक्षक बैतूल सिमाला प्रसाद ने बताया कि सुभाष की पत्नी सुशीला विश्वकर्मा ने बताया कि उसके पति ने कर्ज से परेशान होकर जहर खा लिया है। मकान बनाने के लिए करीब ढाई लाख रुपये रिश्तेदारों व बैंक से कर्जा लिया था, अब वे परेशान कर रहे हैं।

    सुशीला ने संवाददाताओं से कहा है कि गृह प्रवेश के दिन तमाम बड़े अधिकारी से लेकर बहुत से लोग उनके घर आए थे। इस दौरान बताया गया था कि यह मकान कर्ज लेकर बनाया गया, जिस पर अधिकारियों ने कहा था कि कर्ज लेकर मकान बनाया है, ऐसा किसी को नहीं कहना यह बोलना की मेहनत मजदूरी कर मकान बनाया है।

    वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम.एल. त्यागी ने संवाददाताओं से कहा, “हितग्राही ने कर्ज लिया है, यह उसका व्यक्तिगत मामला है, हमें तो उसका आवास अच्छा लगा था, इसलिए उसका चयन किया गया था। हितग्राही ने कर्ज लेने की बात हमसे साझा नहीं की।”

  • सरकार के खिलाफ लामबंद अशासकीय कॉलेज शिक्षक, कर्मचारी और छात्र

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    देहरादून। उत्तराखंड के सहायता प्राप्त 18 अशासकीय महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी व करीब एक लाख छात्र सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे है। इन अशासकीय कॉलजों पर उच्च शिक्षा अधिनियम 1973 के तहत अनुदान राशि प्राप्त होती है। जिससे टीचर्स व नान टीचिंग स्टॉफ की सैलरी दी जाती है। इन कॉलेज में आज भी छात्रों को एक माह में 15 रुपये फीस पर उच्च शिक्षा दी जा रही है। अब सरकार ने इस अधिनियम में संशोधन कर अनुदान के बदले प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। कॉलेज संचालित करने के लिए छात्रों से फीस बढ़ाने को मजबूर होना पड़ेगा। जिससे शिक्षक व छात्र आक्रोशित है। शिक्षकों व कर्मचारियों ने एक संयुक्त संघर्ष मोर्चे का गठन किया है। जो अपनी चिंताओं से शासन व सरकार को अवगत करवाएगा।

    अम्ब्रेला एक्ट में सरकार की ओर से परिवर्तन किए जाने के संदर्भ में शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघर्षरत हैं। उसी क्रम में संयुक्त रूप से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अशासकीय शिक्षक संघ के सचिव डॉ. डीके त्यागी व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के संघ की तरफ से प्रदेश महासचिव गजेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त संघर्ष समिति बनाने का निर्णय लिया है। समिति ने अपने अधिकारों के रक्षा के लिए सतत संघर्षशील रहने का निश्चय किया गया है। साथ ही उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत की ओर से कहा गया है कि अशासकीय महाविद्यालयों का वेतन भुगतान जारी रहेगा, इसका बैठक में स्वागत किया, परंतु बिल को तुरंत राजभवन से वापस मंगा कर, इसे संशोधित कर भेजने की मांग भी की गई। जिसमें विलुप्त किये, खंडों को पुनः जोड़ा जाए। और संशोधन ना होने तक संघर्ष जारी रखने को निर्णय किया। समाज के विभिन्न वर्गों राजनीतिक दलों, अभिभावकों, छात्रों द्वारा मिले समर्थन का का भी आभार किया गया। शिक्षकों व शिक्षणेत्तर वर्ग के हितो को संरक्षित करने के लिए सतत संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में आगे की क्रमबद रणनीति पर भी विस्तृत रूप से चर्चा हुई।

    एसएफआइ ने किया शिक्षकों का समर्थन

    स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआइ) की राज्य कमेटी ने अशासकीय महाविधालयों का अनुदान समाप्त करने की कडे़ शब्दों में निंदा की है। संगठन ने सरकार के इस फैसले को शिक्षा विरोधी करार दिया। एसएफआइ के राज्य महामंत्री हिमांशु चौहान ने कहा कि सरकार के इस फैसले का अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। इस फैसले के परिणाम स्वरूप शिक्षकों की नौकरियों पर प्रतिकूल प्रभाव पडे़गा। सरकार को तत्काल इस जनविरोधी फैसले को वापस लेना होगा अन्यथा छात्रों को आंदोलन के सड़कों में उतरना पड़ेगा।

  • बदलते मौसम के चलते बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में हुई हल्की बर्फबारी

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    देहरादून।  उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम करवट बदलने लगा है। बीतेे रोज दोपहर बाद चार धाम में आसपास की पहाड़ि‍यों पर हिमपात हुआ। वहीं बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में भी हल्की बर्फबारी हुई। बदरीनाथ में यह सीजन की पहली बर्फबारी है, जबकि केदारनाथ में दूसरी बार बर्फ गिरी है। इससे धामों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को निचले स्थानों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    प्रदेश में पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम साफ रहा। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान में कमी आई है, लेकिन अधिकतम तापमान अब भी सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है। विभाग के अनुसार फिलहाल आने वाले दिनों में भी मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना कम ही है। रविवार को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के आसपास की पहाड़ियों पर हिमपात हुआ, वहीं गोमुख में अच्छी बर्फबारी के समाचार हैं। दूसरी ओर कुमाऊं में भी पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा और नंदा देवी चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है।