Category: state-news

  • नियमित ट्रेनों को स्पेशल में बदल कर रेलवे काट रहा यात्रियों की जेब

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    जमशेदपुर  लॉकडाउन के दौरान प्रभावित हुआ रेल यातायात फिर से स्पेशल व पूजा स्पेशल के नाम पर पटरी पर लौटने लगा है। रेलवे ने पहले स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। यात्रियों की संख्या में इजाफा को देखते हुए रेलवे ने पूजा स्पेशल का परिचालन शुरू कर दिया।

    यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा होने के कारण टिकटों की बुकिंग वेटिंग चल रही है। इसको देखते हुए रेलवे ने पूजा स्पेशल व स्पेशल ट्रेनों की संख्या में और इजाफा करने का निर्णय लिया है। लेकिन नियमित ट्रेनों के परिचालन पर रेलवे विचार भी नहीं कर रही है। ट्रेनों का परिचालन बंद होने से रेलवे को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए यात्रियों की जेब पर भार डालने में रेलवे ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। यही वजह है कि नियमित ट्रेन राजधानी, पुरुषोत्तम, मेल, स्टील एक्सप्रेस का परिचालन करने की बजाए उन ट्रेनों के रैक पर ही स्पेशल व पूजा स्पेशल के नाम पर ट्रेनों को पटरियों पर दौड़ाया जा रहा है।

    नहीं है ज्‍यादा अंतर

    नियमित व स्पेशल ट्रेनों में सिर्फ शून्य का ही अंतर है। पुराने ट्रेन नंबरों के आगे रेलवे ने सिर्फ शून्य लगा कर उसे स्पेशल बना दिया है और किराए में करीब 20-30  फीसद का इजाफा कर दिया है। टाटा से हावड़ा जाने वाली पूजा स्पेशल के चेयर कार (इसी) का किराया पहले 1060 रुपये था उसे बढ़ाकर 1375 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह पूजा स्पेशल के नाम पर किराए में इजाफा किया गया है। चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम मनीष कुमार पाठक ने बताया कि यूटीएस टिकट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सिर्फ  रिजर्वेशन चार्ज ही अतिरिक्त टिकटों पर जोड़ा जा रहा है।  किराए में बढ़ोतरी की कोई अधिसूचना मंडल को नहीं  है। अगर फिर भी तीन सौ रुपये से ज्यादा का टिकटों में इजाफा हुआ है तो पुराना व नए किराए को देखने के  बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

    वहीं स्टेशन, वही मार्ग, वही रैक फिर किराया क्यों ज्यादा

    साकची से आदित्य कुमार ने बताया कि नियमित ट्रेनों का परिचालन बंद कर उसी मार्ग पर व नियमित ट्रेनों के  रैक पर ही स्पेशल व पूजा स्पेशल के नाम पर रेलवे ट्रेनों का परिचालन कर रही है। नियमित ट्रेनों का जिन- जिन स्टेशनों में स्टापेज था, जो समय सारिणी थी, सब कुछ वही है लेकिन किराया बढ़ गया। रेलवे की इस मनमानी के कारण यात्रियों की जेब कट रही है। यात्रियों का कहना है कि जब रेलवे स्पेशल व पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर सकती है तो नियमित ट्रेनों का परिचालन क्यों नहीं कर सकती है। जब नियमित ट्रेनों का परिचालन रेलवे कर सकती है तो स्पेशल व पूजा स्पेशल की क्या जरूरत है।

    इन ट्रेनों का किराया एक नजर में

    टाटा-हावड़ा स्पेशल

    क्लास                       पहले (स्टीलएक्स.)               अब

    चेयर कार (इसी)         1060 रुपये                          1375 रुपये

    एसी चेयर कार (सीसी) 445  रुपये                           555 रुपये

    सेकेंड सीटिंग (टूएस)    125   रुपये                           135 रुपये

    टाटा-अहमदाबाद एक्सप्रेस

    क्लास                   पहले               अब

    सेकेंड एसी :        2,780 रुपये     2805 रुपये

    थर्ड एसी  :        1930 रुपये        1945 रुपये

    स्लीपर    :        740 रुपये           745 रुपये

    टाटा-यशवंतपुर साप्ताहिक

    क्लास               पहले                  अब

    सेकेंड एसी         2860 रुपये         3280 रुपये

    थर्ड एसी            1980 रुपये         2350 रुपये

    स्लीपर :             760   रुपये         935 रुपये

     

  • राजनाथ सिंह चीन से तनाव के बीच एलएसी पहुंचे…

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    कोलकाता। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने पूर्वोत्तर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। सिंह ने दशहरे के मौके पर एलएसी के पास नाथुला दर्रे पर सैनिकों के साथ शस्त्र पूजन किया। गौरतलब है कि चीन से तनातनी के बीच रक्षा मंत्री का यह दौरा बेहद ही महत्वपूर्ण है।

    दार्जिलिंग में सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत हमेशा अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, हमने हमेशा उसी के लिए प्रयास किया है। लेकिन हमारे जवानों को समय-समय पर अपनी सीमाओं, अखंडता और सार्वभौमिकता की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान करना पड़ा है। इस बार गलवान घाटी में बिहार रेजिमेंट के हमारे 20 जवानों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए खुद को बलिदान कर दिया … आपकी वजह से देश और उसकी सीमाएं सुरक्षित हैं।

    पूर्वोत्तर के दो दिवसीय दौरे पर दार्जिलिंग पहुंचे राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने

    माना जा रहा है कि उनके दौरे से सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा।सिंह और जनरल नरवने शनिवार देर शाम सुकना सैन्य शिविर पहुंचे। दोनों दाíजलिंग और सिक्किम की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। रविवार सुबह रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख विशेष विमान से सिक्किम के लिए रवाना होंगे और वहां एलएसी से लगे अग्रिम क्षेत्रों (फारवर्ड एरिया) का दौरा करेंगे। इस दौरान सैनिकों से बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्री सिंह दशहरे के मौके पर रविवार को एलएसी के पास नाथुला दर्रे पर सैनिकों के साथ शस्त्र पूजन भी करेंगे। रक्षा मंत्री यहां पर सैनिकों से मुलाकात कर उन्हें संबोधित भी करेंगे।

  • बहुत ही निराली है यहां पर मां के चमत्कारिक दरबार की महिमा

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    ये मंदिर राजस्थान की ईडाणा माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां पर मां के चमत्कारिक दरबार की महिमा बहुत ही निराली है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। वैसे तो आपने बहुत सारे चमत्कारिक स्थलों के बारें में सुना होगा, लेकिन इसकी दास्तां बिल्कुल ही अलग और चौंकाने वाली है। ये स्थान उदयपुर शहर से 60 कि.मी. दूर अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। मां का ये दरबार बिल्कुल खुले एक चौक में स्थित है। आपको बता दें इस मंदिर का नाम ईडाणा उदयपुर मेवल की महारानी के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

     

    इस मंदिर में भक्तों की खास आस्था है, क्योंकि यहां मान्यता है कि लकवा से ग्रसित रोगी यहां मां के दरबार में आकर ठीक हो जाते हैं। इस मंदिर की हैरान करने वाली बात है ये है कि यहां स्थित देवी मां की प्रतिमा से हर महीने में दो से तीन बार अग्नि प्रजवल्लित होती है। इस अग्नि स्नान से मां की सम्पूर्ण चढ़ाई गयी चुनरियां, धागे भस्म हो जाते हैं और इसे देखने के लिए मां के दरबार में भक्तों का मेला लगा रहता है। लेकिन अगर बात करें इस अग्नि की तो आज तक कोई भी इस बात का पता नहीं लगा पाया कि ये अग्नि कैसे जलती है।

     

    ईडाणा माता मंदिर में अग्नि स्नान का पता लगते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है। मंदिर के पुजारी के अनुसार ईडाणा माता पर अधिक भार होने पर माता स्वयं ज्वालादेवी का रूप धारण कर लेती हैं। ये अग्नि धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करती है और इसकी लपटें 10 से 20 फीट तक पहुंच जाती है। लेकिन इस अग्नि के पीछे खास बात ये भी है कि आज तक श्रृंगार के अलावा किसी अन्य चीज को कोई आंच तक नहीं आती।

    भक्त इसे देवी का अग्नि स्नान कहते हैं और इसी अग्नि स्नान के कारण यहां मां का मंदिर नहीं बन पाया। ऐसा मान्यता है कि जो भी भक्त इस अग्नि के दर्शन करता है, उसकी हर इच्छा पूरी होती है। यहां भक्त अपनी इच्छा पूर्ण होने पर त्रिशूल चढ़ाने आते है और साथ ही जिन लोगों के संतान नहीं होती वो दम्पत्ति यहां झुला चढ़ाने आते हैं। खासकर इस मंदिर के प्रति लोगों का विश्वास है कि लकवा से ग्रसित रोगी मां के दरबार में आकर स्वस्थ हो जाते हैं।

  • जब चलने लगीं मतदान के बीच बम-गोलियां

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    पटना/ औरंगाबाद। आज मतदान की प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण और स्वच्छ हो गई है। मगर बिहार में दो दशक पूर्व ऐसा समय भी था जब चुनावों में हिंसा का बोलबाला था। बूथ लूट के साथ गोलीबारी की घटनाएं खूब होती थीं।

    दबंगों ने कहा महिलाओं का वोट हम ही डालते

    औरंगाबाद के सेवानिवृत्त शिक्षक ललन सिंह चुनाव आते ही ऐसे ही एक वाकये को याद करने लग जाते हैं। वे कहते हैं कि तब मतदान कराना बहुत ही कठिन काम हुआ करता था। एक बार वे मजिस्ट्रेट बनकर नवीनगर में चुनाव कराने गए थे। सबकुछ सुचारू चल रहा था। मतदान के लिए लोग कतार में खड़े थे। दबे-कुचले और पिछड़ों को की कौन कहे, महिलाओं को भी वोट देने नहीं दिया जा रहा था। कुछ दबंगों ने साफ कहा कि महिलाएं हमारे यहां की वोट नहीं करतीं। हम खुद ही उनका वोट डाल देते हैं। अभी यह संवाद हो ही रहा था कि पास ही बरगद के पेड़ के पीछे से बमबारी शुरू हो गई। यह देख वहां मौजूद पोलिंग पार्टी और अफसर कांपने लगे। पुलिसवालों ने किसी तरह बम चलाने वाले एक अपराधी को पकड़ा।

    800 में से मात्र 280-290 लोगों ने किया मतदान

    घटना के बाद तत्कालीन डीएम और एसपी पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर अपराह्न तीन बजे ही पोलिंग बंद करा दी गई। वहां कुल 800 मतदाता थे लेकिन केवल 280-290 लोगों ने ही मतदान किया।

    मतदान जरूर करें

    वे कहते हैं, अब परिवेश बदल गया है। कलस्टर बन जाने के कारण मतदान कराने वाली टीम को काफी सुविधा हो रही है। पहले सीधे बूथ पर ही जाना पड़ता था, इसलिए एक दिन पहले जाकर रात में किसी तरह गुजारा करना पड़ता था। नतीजा, आसपास के प्रभावी लोग दबाव बनाते थे। अब कलस्टर पर ठहरने के कारण बूथ पर सीधे सुबह 7:00 बजे पोलिंग पार्टी पहुंच जाती है। इस कारण कई तरह की असुविधा अब नहीं होती। अब मतदान में हिंसा भी न के बराबर होती है। ऐसे में लोगों को बढ़-चढ़कर मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए।

     

  • चिराग ने BJP को लेकर कही बड़ी बात….

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    पटना।  लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्‍यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर बिहार को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए सात निश्‍चय (Saat Nischay) कार्यक्रम को भ्रष्‍टाचार का अड्डा बताया है। यह भ्रष्‍टाचार किसी अधिकारी ने किया हो या मुख्‍यमंत्री ने स्‍वयं किया हो, एलजेपी की सरकार बनते ही इसकी जांच कराई जाएगी। चिराग ने सीतामढ़ी में माता सीता का मंदिर (Mother Sita Temple) बनवाने का भी वादा किया। उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेकर भी बड़ी बात कही। बोले कि जिस तरीके से बीजेपी गठबंधन के प्रति ईमानदार है, वैसे ही नीतीश को भी होना चाहिए।

    बोले: सरकार बनी तो कराएंगे सात निश्‍चय घोटाला की जांच

    बिहार के बक्‍सर स्थित डुमरांव में जनसभा को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का सात निश्‍चय कार्यक्रम में भारी घोटाला हुआ है। यह कायक्रम भ्रष्‍टाचार का अड्डा बन गया है। एजेपी की सरकार बनी तो इस भ्रष्‍टाचार की जांच करा दाेषियों को सजा दिलाई जाएगी। यह भ्रष्‍टाचार किसी अधिकारी ने किया हो या खुद मुख्‍यमंत्री ने, कोई दोषी नहीं बचेगा।

    मुख्यमंत्री पर ट्वीट के माध्‍यम से फिर साधा निशाना

    चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ट्वीट के माध्‍यम से भी निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नीतीश कुमार को बीजेपी के साथियों का शुक्रगुजार होना चाहिए, जिन्‍होंने गठबंधन के लिए ईमानदारी का पूरे पन्ने का विज्ञापन और प्रमाणपत्र दिया है। जिस तरीके बीजेपी गठबंधन के प्रति ईमानदार है, वैसे ही नीतीश को भी होना चाहिए।

    सीतामढ़ी में माता सीता मंदिर का वादा दुहराया

    चिराग पासवान ने सीतामढ़ी में सीमा मंदिर के निर्माण का वादा भी फिर दुहराया है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है कि सिया बिन राम अधूरे हैं, इसलिए भगवान राम का मंदिर बनने के साथ सीतामढ़ी में माता सीता के मंदिर भव्य मंदिर का निर्माण कराएंगे। माता सीता नारी सशक्‍तीकरण व नारी स्वाभिमान की प्रतीक हैं।

    एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने कहा कि माता सीता के साथ-साथ बिहार में भगवान महावीर, गौतम बुद्ध, गुरु गोविंद सिंह व कई सूफ़ी संतों जैसे महान दिव्य शक्तियों का वास रहा है। इन सब महान स्थानों को विशेष सर्किट से जोड़ा जाएगा। उन्‍होंने लिखा है कि धार्मिक पर्यटन से लोगों की आस्था भी जुड़ी हुई है और इससे बिहार का राजस्व भी बढ़ेगा। इसलिए बिहार फर्स्‍ट बिहारी फर्स्‍ट विज़न डॉक्युमेंट में धार्मिक पर्यटन पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

    नीतीश पर हमला, बीजेपी के साथ का राग

    विदित हो कि चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्‍व को अस्‍वीकार करते हुए अपनी पार्टी को राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग कर लिया है। बिहार चुनाव के दौरान वे हर दिन नीतीश कुमार पर हमले कर रहे हैं। हालांकि, वे यह भी कह रहे हें कि उनका समर्थन बीजेपी के साथ है।

     

  • साजिश बिहार चुनाव को दहलाने की! बूथ के करीब दो IED बरामद

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    औरंगाबाद । बिहार में एक ओर जहां प्रथम चरण का मतदान जारी है वहीं नक्सल प्रभावित औरंगाबाद जिले के ढिबरा में बुधवार को पुलिस ने एक पुलिया के नीचे से दो आईईडी (केन बम) बरामद किए हैं। ढिबरा के थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मिली सूचना के आधार पर एक पुलिया के नीचे से दो आईईडी बम बरामद किए गए है, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। उन्होंने आशंका जताई की नक्सली किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आईईडी छिपाकर रखे हुए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    उल्लेखनीय है कि मंगलवार को गया जिले के इमामगंज नक्सलियों का बिछाया गया दो आईईडी मिला था। सीआरपीएफ ने इसे डियूज कर दिया गया था। पहले से आशंका थी कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र नक्सली गड़बड़ी करने की कोशिश करेंगे। आईईडी बरामद होने के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों अलर्ट जारी कर दिया गया है।

    बिहार में बुधवार को 71 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हो रहा है।

  • स्मृति ईरानी चुनावी रैली में बोली- लक्ष्मी ‘लालटेन’ और ‘हाथ’ पकड़कर नहीं, ‘कमल’ पर बैठकर आती हैं

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    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अब सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। इसी क्रम में चुनावी रैलियों में भाग लेने पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी जहां विरोधियों पर निशाना साधा वहीं केंद्र सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यो को भी गिनाया। ईरानी शनिवार को पटना और गोपालंगज में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बोलीं, “जब कोई व्यक्ति लक्ष्मी के सामने सिर झुकाता है तो पाता है कि लक्ष्मी जब घर आती हैं, तब हाथ पकड़ कर नहीं आती हैं और लालटेन लेकर नहीं आती हैं। लक्ष्मी जब आती हैं तब कमल पर बैठकर आती हैं।”

    उन्होंने राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद पर कटाक्ष करते हुए कहा, “बिहार के स्वाभिमानी नागरिक जब भगवान से याचना करते हैं कि या मां भगवती से आशीर्वाद मांगते हैं, तो कहते हैं कि मेरे बाजुओं में इतना बल दे कि मैं भी मेहनत से दो वक्त की इज्जत की रोटी कमा सकूं। बिहार का स्वभिमानी व्यक्ति कभी नहीं कहता है कि हे भगवान मुझे मौका दे कि मैं भी चारा घोटाले में पैसा कमा सकूं।”

    ईरानी ने कहा कि आपने 15 साल विनाश करने वाली सरकार को देखा है और उसके बाद 15 साल से लगातार विकास कर रही सरकार को भी देख रहे हैं।

    उन्होंने विकास की यह निरंतरता बनाए रखने के लिए राजग को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि बिहार एलइडी युग में हैं, फिर से लालटेन युग को अपने यहां प्रवेश न करने दें।

    केंद्रीय मंत्री ने महागठबंधन को आड़े हाथों लेते एक तरफ लालटेन पर निशाना साधा, तो वहीं दूसरी ओर राममंदिर के बहाने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश रोजाना विकास के नये-नये आयाम बना रहा है। प्रधानमंत्री ने गरीब महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए, गैस सिलेंडर दिए वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को इलाज की सुविधा दी।

  • शिवराज का कमल नाथ पर तंज, कहा- अगर कोई रोता है तो…

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    भोपाल। मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और कमल नाथ के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है। एक बार फिर शिवराज चौहान ने कमल नाथ पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री रोता है और कहता है कि पैसा नहीं है, तो क्या वह मुख्यमंत्री बने रहने के लायक है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसा नेता होता है जो लोगों को परेशानियों से निकालता है।

    कमल नाथ को घेरते हुए मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि 74 साल की उम्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने मंत्री के खिलाफ एक अभद्र टिप्पणी की है। राहुल गांधी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और वह माफी मांग रहे हैं, लेकिन कमल नाथ ने कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगे।

    नारियल वाले बयान पर शिवराज चौहान ने किया पलटवार

    वहीं, एक दिन पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के नारियल वाले बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जमकर पलटवार किया है। मुरैना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा था कि ढेला भरका तुमने (कमल नाथ) काम नहीं किया। हम मुरैना में मेडिकल कॉलेज खोलेंगे तो नारियल फोड़ेंगे कि नहीं फोड़ेंगे। हम चंबल का पानी लाएंगे तो नारियल फोड़ेंगे कि नहीं फोड़ेंगे। हम बिठौरा में कॉलेज खोलेंगे तो नारियल फोड़ेंगे कि नहीं फोड़ेंगे। हम यहां की बिजली की लाइन बदलवाएंगे तो नारियल फोड़ेंगे कि नहीं फोड़ेंगे। तुमने कुछ किया ही नहीं, तुम्हारी तो किस्मत ही फूटी थी तो तुम नारियल कहां से फोड़ोगे।

    वहीं, दूसरी ओर मध्य प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री एवं दिमनी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी गिर्राज डंडौतिया के खिलाफ शनिवार देर शाम दिमनी थाने में एफआइआर दर्ज की गई। डंडौतिया ने चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का सिर काटने और लाश ले जाने की बात कही थी। इसके बाद से मध्य प्रदेश की चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई।

     

  • तेजस्वी ने उठाए सवाल 10 लाख नौकरियों के वादे पर…

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    पटना। तेजस्‍वी ने बिहार में 10 लाख नौकरियां देने के वादे पर सवाल खड़े किए हैं। यह जान कर आप चौंक गए हो तो जान लीजिए कि जो आप सोंच रहे हैं, वो बात नहीं है। दरअसल, ये भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्‍वी सूर्या (Tejasvi Surya) हैं, न कि राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav)। दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चेहरा तेजस्‍वी सूर्या अपने विवादित बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। एक बार उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का विरोध करने वाले को एंटी इंडियन (Anti Indian) करार दे दिया था।

    राजनीतिक बेरोजगारी दूर करने के लिए दे रहे झूठे बयान

    तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) ने आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव पर कड़ा हमला बोला है। उन्‍होंने कहा है कि वे अपनी राजनीतिक बेरोजगारी दूर करने के लिए ऐसे झूठे बयान दे रहे हैं। डेहरी विधानसभा क्षेत्र के जमुहार में लालू-राबड़ी शासन पर हमला करते हुए उन्‍होंने कहा कि पहले जब काम करने का मौका मिला तो कांड करने में लग गए और अब राजनीतिक बेरोजगारी के दौर में इस बेरोजगारी को दूर करने के लिए झूठे वादे कर रहे हैं। तेजस्वी सूर्या ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए आगे कहा कि जिन्‍होंने अपने जीवन में एक दिन भी ईमानदारी का रोजगार कर कुछ नहीं कमाया, उन्‍हें रोजगार पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

    तेजस्‍वी यादव ने किया है 10 लाख नौकरियां देने का वादा

    विदित हो कि तेजस्वी यादव ने बिहार में महागठबंधन (Mahagathbandhan) की सरकार बनने पर कैबिनेट की पहली बैठक (First Cabinet Meeting) में ही 10 लाख रोजगार देने का वादा किया है। उनकी इस घोषणा के बाद बिहार चुनाव में रोजगार बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। 10 लाख नौकरियों के वादे को लेकर तेजस्‍वी विरोधियों के लगातार निशाने पर भी हैं। हालांकि, तेजस्‍वी अपनी हर जनसभा में 10 लाख लोगों को नौकरियां देने का वादा कर रहे हैं।

    बीजेपी में भविष्‍य का चेहरा माने जाते हैं तेजस्‍वी सूर्या

    मूल रूप से कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले के रहने वाले तेजस्‍वी सूर्या पेशे से कर्नाटक हाईकोर्ट में वकील हैं। तेजस्वी सूर्या को उनके जोरदार भाषणों ने बीजेपी का हीरो बनाया है। वे बीजेपी में भविष्य की राजनीति का चेहरा माने जाते हैं। दक्षिण भारत में वे पार्टी के चेहारा हैं। तेजस्वी सूर्या की तारीफ प्रधानमंत्री मोदी कर चुके हैं। एक बार उन्‍होंने कहा था कि यदि आप नरेंद्र मोदी के साथ हैं तो इंडिया के साथ हैं। यदि आप उनके साथ नहीं तो आप एंटी इंडियन हैं।

     

  • हेलिकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी के कारण RJD नेता तेजस्वी यादव फोन के जरिए करेंगे रैलियों को संबोधित

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    पटना। बिहार चुनाव मतदान में कुछ ही दिन बाकी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्हें रविवार को कई रैलियां करनी थीं, लेकिन हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के कारण से आज की बची हुईं रैलियों को वह मोबाइल फोन के जरिये संबोधित करेंगे।